मनोविज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यांकन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। बिना मूल्यांकन के शिक्षा तथा मनोविज्ञान ही नहीं अपितु मनुष्य का समग्र जीवन ही व्यर्थ है। मूल्यांकन निरंतर तथा विस्तृत रूप से चलने वाली प्रक्रिया है। जिसमे किसी मापन की उपयोगिता के सम्बन्ध में निर्णय लिया जाता है अथवा मापन का परिणामों को मूल्य प्रदान किया जाता है। मूल्यांकन के अंतर्गत किसी वस्तु, घटना, या व्यक्ति से सम्बंधित किसी पक्ष का मूल्य निर्धारित किया जाता है। अत मूल्यांकन द्वारा परिमाणात्मक तथा गुणात्मक दोनों प्रकार की सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
मूल्यांकन= मापन (परिमाणात्मक सूचना) + मूल्य निर्धारण (गुणात्मक सूचना)
का समापन तब होता है जब आकलन के पश्चात् अधिगम में सुधार हेतु प्रयत्न किये जाते हैं।