निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए. ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केन्द्रों में विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
1. दूध में वसा की जाँच की क्षमता व जॉच की विशुध्दता को बढाना दूध के अन्य घटकों जैसे-सॉलिड नॉट फैट (एन एन एफ) का प्रतिशत, पानी का प्रतिशत आदि अन्य घटकों की जांच करना.
2. ऑटोमेशन के द्वारा समिति/दूध एकत्रीकरण केन्द्र के स्टाफ को घटना और मैन्युअल रजिस्टर न रखकर, परिचालनों को किफायती बनाना.
3. पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से दूध उत्पादकों का विश्वास जीतना और इस तरह दूध की अधिप्राप्ति बढाना.
इ) संभावित क्षेत्र सहकारी और निजी क्षेत्र में ज्यादातर दूध प्रसंस्करण संयंत्रों ने अपने अधिप्राप्ति नेटवर्क में ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केन्द्रों को प्रारंभ कर दिया है. उन समितियों /दुग्ध एकत्रीकरण केन्द्रों में. इन स्टेशनों के लिए वित्तपोषण किया जा सकता है, जहाँ प्रतिदिन दूध की अधिप्राप्ति 350 लीटर से अधिक है.
(ई) लाभार्थी / ये इकाइयाँ को ऑपरेटिव मिल्क युनियन की मिल्क को ऑपरेटिव समितियों अथवा निजी डेयरी के दुग्ध एकत्रीकरण केन्द्रों द्वारा स्थापित की जा सकती हैं. विकल्पत: व्यक्तियों को संगठित क्षेत्र के साथ गठबंधन करके इन स्टेशनों को स्थापित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता हैं.