BA IV Sem
प्रागैतिहासिक अर्थव्यवस्र्ा
प्राची ववराग िोनटक्क
े
प्रागैतिहासिक काल ववभाजन
पुरापाषाण
काल
मध्य
पाषाण काल
नव पाषाण
काल
पुरापाषाण काल
• प्रतिनूिन काल
• मानव का उदय
• आग का आववष्कार
• पाषाण उपकरणों का प्रर्म
प्रयोग
• घुमंिू प्रवृवि
• शैल चचत्र कला
• पुनः िीन उपकालों में ववभािजि
निम्ि
पुरापाषाण काल
मध्य
पुरापाषाण काल
उच्च पुरापाषाण
काल
Reconstruction illustration of 400,000-year-old shelter from Terra Amata, France
पुरापाषाणकालीन अर्थव्यवस्र्ा
• स्त्रोि : शैलचचत्र, पाषाण उपकरण यर्ा हस्ि क
ु ठार,
ववदारक, खुरचनी, ब्लैड बेधक, मत्सस्य भाला इत्सयादद
• आखेटक-िंग्राहक अर्थव्यवस्र्ा / जीवन यापन शैली
• उपकरण तनमाथण : मुख्य व्यविाय?
• आधार : भोज्य िामग्री प्रािति
• तनिचचि कायथ वगथ का अभाव
• अतनिचचि कायथ ववभाजन
• Olorgesailie: ववसशष्ट सशकार पर आधाररि
अर्थव्यवस्र्ा
पुरापाषाणकालीन अर्थव्यवस्र्ा
• पुरापाषाण काल िे िंबंचधि जीवन यापन शैली : प्रमाणों का अभाव
• वानस्पतिक-जैववक अवशेषों का क्षरण : पयाथवरण + मृदा
• पशु जीवाचम : नमथदा, गोदावरी, बेलन,िोन इत्सयादद नदी घादटयों िे
• जंगली भैि, जंगली बैल, जंगली हार्ी, जंगली घोड़ा,दहरण, गैंडा, दरयाई
घोडा इत्सयादद
• मगरमच्छ, मछली, कछ
ु आ, इत्सयादद
• सशकार प्रववचध : पीछा कर कर, जाल बबछा कर, खाई/दलदल की िरफ दौड़ा
कर,बड़े जानवरों द्वारा मारे गए जानवरों को छीन कर इत्सयादद
• लकड़ी क
े उपकरणों क
े प्रमाण : क्षरण
• वानस्पतिक खाद्य पदार्थ : फल, क
ं द-मूल, बीज,पिे इत्सयादद
• नृ जािीय अध्ययन : चेंचू , गोंड जनजाति = िंग्रहण
• हूूँिगी + भीमबेटका : जंगली खाद्य पदार्ों की अत्सयचधक उपलब्धिा
मध्यपाषाण काल
• नूिन काल
• पयाथवरणीय पररविथन
• बड़े पशु ववलुति
• ववववध पशु-वन प्रजातियाूँ
• तनत्सय सशकार की आवचयकिा
• झीलों का तनमाथण
• नवीन उपकरण :लघुआशम
• जनिंख्या वृद्चध
• शैलचचत्र कला
• शवाधान
Microlithic Tools
मध्यपाषाण अर्थव्यवस्र्ा
• स्त्रोि : उपकरण, शैलचचत्र, पशुओं
की हड्डडयाूँ, वानस्पतिक अवशेष
• बहुआयामी अर्थव्यवस्र्ा
• मछली पालन , चचडड़या क
े सशकार
पर आधाररि
• मधु िंग्रहण, चूहे पकड़ना
• उपकरण तनमाथण
• श्रम ववभाजन
मध्यपाषाण अर्थव्यवस्र्ा: पुरािाित्सवक प्रमाण
• भीमबेटका : शैल चचत्रों में मधु िंग्रहण, सशकार का अंकन।
• मध्य गंगा घाटी : उपकरण हेिु पत्सर्रों का अभाव = ववंध्य क्षेत्र िे
पाषाण आपूतिथ = िंपक
थ
• मध्य गंगा घाटी : उपकरण तनमाथण हेिु क्रोड का समिव्यतयिा िे उपयोग
• मध्य गंगा घाटी : अचधक मांि युक्ि हड्डी क
े टुकड़ों अत्सयंि कम मात्रा
में प्राति
• मध्य गंगा घाटी : शवधानों मे ववसशष्ट भेंट = उच्च वगथ ??
• ि. चट्टोपाध्याय : इन टुकड़ों का प्रयोग बदलौन हेिु = खाद्य पदार्थ क
े
बदले पाषाण ?
• महादहा : ववसशष्ट सशकार पर आधाररि अर्थव्यवस्र्ा = दहरण + शूकर
नव पाषाण काल
• स्र्ायी तनवाि
• कृ वष
• पशुपालन
• नवीन उपकरण
प्रकार
• चाक का आववष्कार
• मृदभांड तनमाथण
नव पाषाण कालीन
अर्थव्यवस्र्ा
• स्त्रोि : उपकरण प्रकार यर्ा क
ु ल्हाड़ी,
हसिया, सिलबट्टे इत्सयादद, पशु एवं
वानस्पतिक अवशेष
• अचधशेष अर्थव्यवस्र्ा
• ववसशष्ट व्यविायों का उदय
• स्र्ायी तनवाि = िंपवि की अवधारणा
/ भू आचधपत्सय
• व्यापाररक िंबंध
नव पाषाणणक कृ वष
• मध्य गंगा घाटी : double crop
• कोलडीहवा + महगड़ा : मृदभांड क
े
ठीकरों पर धान क
े दाने,भूिी,पुआल क
े
काबथनीकृ ि अवशेष
• महागड़ा : झरबेर, आंवला
• चचराूँद : धान, मूंग, जौ, गेंहू, मिूर
• झूिी : बाजरा, धान, मूंग, जौ, गेंहू,
मिूर, मटर, तिल, आंवला, बेर, अंगूर
• टोकवा : गेंहू, धान, चना, तिल, दलहन,
मटर, तयाज, िरबूज
• बुजथहोम : गेंहू, बाजरा, दलहन
• मेहरगढ़ : कपाि
• टेक्कलकोट्टा + पय्यमपल्ली : चना,
मूंग,क
ु लर्ी, रागी
मनका तनमाथण
• लहुरादेवा : िेलखड़ी क
े मनक
े , दहमालय एवं ववंध्य
िे आया एक पाषाण का टुकड़ा
• टोकवा : बिाल्ट का प्रयोग उपकरण तनमाथण हेिु।
बिाल्ट ववंध्य िे लाया गया
• िाराडीह : पाषाण क
े मनक
े
• िेनुवार : पाषाण + मृण क
े मनक
े
• चचराूँद : पाषाण क
े मनक
े
• बुजथहोम : कानेसलयन + अगेट क
े 950 मनक
े
उपकरण व्यविाय
• पाषाण उपकरण : क
ु ल्हाडड़याूँ, बिुले,
छेनी, हर्ोड़े, सिल-लोढ़े, गोफन पाषाण, ब्लैड
• अिस्र् उपकरण : बेधक, बाणाग्र, िुई, हर्ोड़े,
छेनी, क
ु दाल, चचमटा
• चचराूँद : बहु आयामी अर्थव्यवस्र्ा
• तनराई उपकरण + बिुला/हल : कृ वष उपकरण
• िुई : सिलाई
• चमड़ा काटने का उपकरण
• हड्डी की : बुनाई
• कछ
ु ए की हड्डी : चूड़ी तनमाथण
• उपकरण बनाने क
े उपकरण
पशुपालन
• मध्य गंगा घाटी : जंगली पशुओं का प्रतिशि मध्य
पाषाण काल की िुलना मे घाट कर मात्र 6.5 %
• कोलडीहवा, टोकवा, महगड़ा : पालिू मवेसशयों की
हड्डडयाूँ
• वपखलीहल : शैलचचत्र में क
ु क
ु दमान बैल का अंकन +
क
ु क
ु दमान बैल की मृणमूतिथयाूँ
• बुजथहोम : क
ु िा
• उिनूर : पशुबाड़े में पशुओं क
े खुर क
े तनशान
• महगड़ा : पशुओं क
े बाड़े मे मवेसशयों और भेड़
बकररयों क
े खुरों क
े तनशान
व्यविाय : मृदभांड तनमाथण
• हस्ि तनसमथि
• चाक तनसमथि
• उत्सकीणथ, चचबत्रि एवं चचपकवा अलंकरण
• डोरी /रज्जु छाप मृदभांड
• खुरदुरे मृदभांड
• चमकाए लाल/काले/धूिर मृदभांड
• धूिर मृदभांड
• कृ ष्ण-लोदहि मृदभांड
• तछछले-गहरे कटोरे, टोंटीदार कटोरे, घड़े,
िचिररयाूँ, हंडडयाूँ इत्सयादद
व्यापाररक िंबंध
• लहुरादेवा : दहमालय एवं ववंध्य िे आया एक पाषाण का
टुकड़ा
• टोकवा : उपकरण तनमाथण हेिु बिाल्ट ववंध्य िे लाया गया
• बुजथहोम : कानेसलयाूँ क
े मनक
े = सिंधु घाटी िे िंपक
थ ??
• मेहरगढ़ : फ़िरोज़ा (turquoise) क
े मनक
े िुक
थ समतनस्िान िे,
शंख-िीपी अरब िागर िे, नीलमणण बदकशां िे, तछद्र युक्ि
िीिा का लौक
े ट
• बुजथहोम : क
ु िे का शवाधान + आयिाकार तछदद्रि चाक
ू =
चीनी िंपक
थ

Prehistoric economy

  • 1.
    BA IV Sem प्रागैतिहासिकअर्थव्यवस्र्ा प्राची ववराग िोनटक्क े
  • 3.
  • 4.
    पुरापाषाण काल • प्रतिनूिनकाल • मानव का उदय • आग का आववष्कार • पाषाण उपकरणों का प्रर्म प्रयोग • घुमंिू प्रवृवि • शैल चचत्र कला • पुनः िीन उपकालों में ववभािजि निम्ि पुरापाषाण काल मध्य पुरापाषाण काल उच्च पुरापाषाण काल
  • 7.
    Reconstruction illustration of400,000-year-old shelter from Terra Amata, France
  • 8.
    पुरापाषाणकालीन अर्थव्यवस्र्ा • स्त्रोि: शैलचचत्र, पाषाण उपकरण यर्ा हस्ि क ु ठार, ववदारक, खुरचनी, ब्लैड बेधक, मत्सस्य भाला इत्सयादद • आखेटक-िंग्राहक अर्थव्यवस्र्ा / जीवन यापन शैली • उपकरण तनमाथण : मुख्य व्यविाय? • आधार : भोज्य िामग्री प्रािति • तनिचचि कायथ वगथ का अभाव • अतनिचचि कायथ ववभाजन • Olorgesailie: ववसशष्ट सशकार पर आधाररि अर्थव्यवस्र्ा
  • 9.
    पुरापाषाणकालीन अर्थव्यवस्र्ा • पुरापाषाणकाल िे िंबंचधि जीवन यापन शैली : प्रमाणों का अभाव • वानस्पतिक-जैववक अवशेषों का क्षरण : पयाथवरण + मृदा • पशु जीवाचम : नमथदा, गोदावरी, बेलन,िोन इत्सयादद नदी घादटयों िे • जंगली भैि, जंगली बैल, जंगली हार्ी, जंगली घोड़ा,दहरण, गैंडा, दरयाई घोडा इत्सयादद • मगरमच्छ, मछली, कछ ु आ, इत्सयादद • सशकार प्रववचध : पीछा कर कर, जाल बबछा कर, खाई/दलदल की िरफ दौड़ा कर,बड़े जानवरों द्वारा मारे गए जानवरों को छीन कर इत्सयादद • लकड़ी क े उपकरणों क े प्रमाण : क्षरण • वानस्पतिक खाद्य पदार्थ : फल, क ं द-मूल, बीज,पिे इत्सयादद • नृ जािीय अध्ययन : चेंचू , गोंड जनजाति = िंग्रहण • हूूँिगी + भीमबेटका : जंगली खाद्य पदार्ों की अत्सयचधक उपलब्धिा
  • 11.
    मध्यपाषाण काल • नूिनकाल • पयाथवरणीय पररविथन • बड़े पशु ववलुति • ववववध पशु-वन प्रजातियाूँ • तनत्सय सशकार की आवचयकिा • झीलों का तनमाथण • नवीन उपकरण :लघुआशम • जनिंख्या वृद्चध • शैलचचत्र कला • शवाधान
  • 12.
  • 15.
    मध्यपाषाण अर्थव्यवस्र्ा • स्त्रोि: उपकरण, शैलचचत्र, पशुओं की हड्डडयाूँ, वानस्पतिक अवशेष • बहुआयामी अर्थव्यवस्र्ा • मछली पालन , चचडड़या क े सशकार पर आधाररि • मधु िंग्रहण, चूहे पकड़ना • उपकरण तनमाथण • श्रम ववभाजन
  • 16.
    मध्यपाषाण अर्थव्यवस्र्ा: पुरािाित्सवकप्रमाण • भीमबेटका : शैल चचत्रों में मधु िंग्रहण, सशकार का अंकन। • मध्य गंगा घाटी : उपकरण हेिु पत्सर्रों का अभाव = ववंध्य क्षेत्र िे पाषाण आपूतिथ = िंपक थ • मध्य गंगा घाटी : उपकरण तनमाथण हेिु क्रोड का समिव्यतयिा िे उपयोग • मध्य गंगा घाटी : अचधक मांि युक्ि हड्डी क े टुकड़ों अत्सयंि कम मात्रा में प्राति • मध्य गंगा घाटी : शवधानों मे ववसशष्ट भेंट = उच्च वगथ ?? • ि. चट्टोपाध्याय : इन टुकड़ों का प्रयोग बदलौन हेिु = खाद्य पदार्थ क े बदले पाषाण ? • महादहा : ववसशष्ट सशकार पर आधाररि अर्थव्यवस्र्ा = दहरण + शूकर
  • 17.
    नव पाषाण काल •स्र्ायी तनवाि • कृ वष • पशुपालन • नवीन उपकरण प्रकार • चाक का आववष्कार • मृदभांड तनमाथण
  • 18.
    नव पाषाण कालीन अर्थव्यवस्र्ा •स्त्रोि : उपकरण प्रकार यर्ा क ु ल्हाड़ी, हसिया, सिलबट्टे इत्सयादद, पशु एवं वानस्पतिक अवशेष • अचधशेष अर्थव्यवस्र्ा • ववसशष्ट व्यविायों का उदय • स्र्ायी तनवाि = िंपवि की अवधारणा / भू आचधपत्सय • व्यापाररक िंबंध
  • 19.
    नव पाषाणणक कृवष • मध्य गंगा घाटी : double crop • कोलडीहवा + महगड़ा : मृदभांड क े ठीकरों पर धान क े दाने,भूिी,पुआल क े काबथनीकृ ि अवशेष • महागड़ा : झरबेर, आंवला • चचराूँद : धान, मूंग, जौ, गेंहू, मिूर • झूिी : बाजरा, धान, मूंग, जौ, गेंहू, मिूर, मटर, तिल, आंवला, बेर, अंगूर • टोकवा : गेंहू, धान, चना, तिल, दलहन, मटर, तयाज, िरबूज • बुजथहोम : गेंहू, बाजरा, दलहन • मेहरगढ़ : कपाि • टेक्कलकोट्टा + पय्यमपल्ली : चना, मूंग,क ु लर्ी, रागी
  • 20.
    मनका तनमाथण • लहुरादेवा: िेलखड़ी क े मनक े , दहमालय एवं ववंध्य िे आया एक पाषाण का टुकड़ा • टोकवा : बिाल्ट का प्रयोग उपकरण तनमाथण हेिु। बिाल्ट ववंध्य िे लाया गया • िाराडीह : पाषाण क े मनक े • िेनुवार : पाषाण + मृण क े मनक े • चचराूँद : पाषाण क े मनक े • बुजथहोम : कानेसलयन + अगेट क े 950 मनक े
  • 21.
    उपकरण व्यविाय • पाषाणउपकरण : क ु ल्हाडड़याूँ, बिुले, छेनी, हर्ोड़े, सिल-लोढ़े, गोफन पाषाण, ब्लैड • अिस्र् उपकरण : बेधक, बाणाग्र, िुई, हर्ोड़े, छेनी, क ु दाल, चचमटा • चचराूँद : बहु आयामी अर्थव्यवस्र्ा • तनराई उपकरण + बिुला/हल : कृ वष उपकरण • िुई : सिलाई • चमड़ा काटने का उपकरण • हड्डी की : बुनाई • कछ ु ए की हड्डी : चूड़ी तनमाथण • उपकरण बनाने क े उपकरण
  • 23.
    पशुपालन • मध्य गंगाघाटी : जंगली पशुओं का प्रतिशि मध्य पाषाण काल की िुलना मे घाट कर मात्र 6.5 % • कोलडीहवा, टोकवा, महगड़ा : पालिू मवेसशयों की हड्डडयाूँ • वपखलीहल : शैलचचत्र में क ु क ु दमान बैल का अंकन + क ु क ु दमान बैल की मृणमूतिथयाूँ • बुजथहोम : क ु िा • उिनूर : पशुबाड़े में पशुओं क े खुर क े तनशान • महगड़ा : पशुओं क े बाड़े मे मवेसशयों और भेड़ बकररयों क े खुरों क े तनशान
  • 24.
    व्यविाय : मृदभांडतनमाथण • हस्ि तनसमथि • चाक तनसमथि • उत्सकीणथ, चचबत्रि एवं चचपकवा अलंकरण • डोरी /रज्जु छाप मृदभांड • खुरदुरे मृदभांड • चमकाए लाल/काले/धूिर मृदभांड • धूिर मृदभांड • कृ ष्ण-लोदहि मृदभांड • तछछले-गहरे कटोरे, टोंटीदार कटोरे, घड़े, िचिररयाूँ, हंडडयाूँ इत्सयादद
  • 25.
    व्यापाररक िंबंध • लहुरादेवा: दहमालय एवं ववंध्य िे आया एक पाषाण का टुकड़ा • टोकवा : उपकरण तनमाथण हेिु बिाल्ट ववंध्य िे लाया गया • बुजथहोम : कानेसलयाूँ क े मनक े = सिंधु घाटी िे िंपक थ ?? • मेहरगढ़ : फ़िरोज़ा (turquoise) क े मनक े िुक थ समतनस्िान िे, शंख-िीपी अरब िागर िे, नीलमणण बदकशां िे, तछद्र युक्ि िीिा का लौक े ट • बुजथहोम : क ु िे का शवाधान + आयिाकार तछदद्रि चाक ू = चीनी िंपक थ