पुरापाषाण काल
• प्रतिनूिनकाल
• मानव का उदय
• आग का आववष्कार
• पाषाण उपकरणों का प्रर्म
प्रयोग
• घुमंिू प्रवृवि
• शैल चचत्र कला
• पुनः िीन उपकालों में ववभािजि
निम्ि
पुरापाषाण काल
मध्य
पुरापाषाण काल
उच्च पुरापाषाण
काल
मध्यपाषाण अर्थव्यवस्र्ा: पुरािाित्सवकप्रमाण
• भीमबेटका : शैल चचत्रों में मधु िंग्रहण, सशकार का अंकन।
• मध्य गंगा घाटी : उपकरण हेिु पत्सर्रों का अभाव = ववंध्य क्षेत्र िे
पाषाण आपूतिथ = िंपक
थ
• मध्य गंगा घाटी : उपकरण तनमाथण हेिु क्रोड का समिव्यतयिा िे उपयोग
• मध्य गंगा घाटी : अचधक मांि युक्ि हड्डी क
े टुकड़ों अत्सयंि कम मात्रा
में प्राति
• मध्य गंगा घाटी : शवधानों मे ववसशष्ट भेंट = उच्च वगथ ??
• ि. चट्टोपाध्याय : इन टुकड़ों का प्रयोग बदलौन हेिु = खाद्य पदार्थ क
े
बदले पाषाण ?
• महादहा : ववसशष्ट सशकार पर आधाररि अर्थव्यवस्र्ा = दहरण + शूकर
17.
नव पाषाण काल
•स्र्ायी तनवाि
• कृ वष
• पशुपालन
• नवीन उपकरण
प्रकार
• चाक का आववष्कार
• मृदभांड तनमाथण
18.
नव पाषाण कालीन
अर्थव्यवस्र्ा
•स्त्रोि : उपकरण प्रकार यर्ा क
ु ल्हाड़ी,
हसिया, सिलबट्टे इत्सयादद, पशु एवं
वानस्पतिक अवशेष
• अचधशेष अर्थव्यवस्र्ा
• ववसशष्ट व्यविायों का उदय
• स्र्ायी तनवाि = िंपवि की अवधारणा
/ भू आचधपत्सय
• व्यापाररक िंबंध