Introduction Skill
पाठ प्रस्तावना का अथथ
 शिक्षक पाठ प्रस्तुतीकरण से पूर्व छात्रों का ध्यान आकशषवत करने, रुशि उत्पन्न करने,
शिज्ञासा उत्पन्न करने, अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने, पूर्व ज्ञान कर टटरलने क
े
शलए, पूर्व ज्ञान का नर्ीन ज्ञान से सोंबोंध स्थाशपत करने क
े शलए िर भी कक्षा क
े अोंतगवत
शियाकलाप करता है उसे पाठ प्रस्तार्ना कहते हैं।
 पाठ प्रस्तार्ना कौिल का समुशित रूप से प्रयरग करक
े शिक्षक शिक्षण अशधगम की
पररस्स्थशतयाों तैयार करता है शिसक
े फलस्वरुप छात् नर्ीन पाठ क
े अशधगम में रुशि
लेते हैं।
प्रस्तावना की आवश्यकता
एवं महत्व
 छात्रों कर सीखने क
े शलए तैयार करना
 छात्रों में प्रकरण क
े प्रशत उत्साह, रूशि, प्रेरणा एर्ों शिज्ञासा शर्कशसत करना
 शर्षय र्स्तु क
े प्रशत ध्यान क
ें शित करने क
े शलए
 अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने क
े शलए
 पूर्व ज्ञान कर नर्ीन ज्ञान से िरड़ने क
े शलए
 छात्रों कर सीखने क
े प्रशत प्रेररत करने क
े शलए
 छात् सहभाशगता समुशित मात्ा में प्राप्त करने क
े शलए
प्रस्तावना क
ै से करनी
चाहहए?
 प्रस्तार्ना की भाषा सरल एर्ों स्पष्ट हरनी िाशहए।।
 प्रस्तार्ना क
े प्रश्रों का आकार सोंशक्षप्त हरना िाशहए
 प्रस्तार्ना पूर्वज्ञान से नर्ीन ज्ञान की ओर अग्रसर हरनी िाशहए।
 प्रस्ताशर्त प्रश् क
े उत्तर से अगले प्रश् का गठन हरना िाशहए।
 प्रस्तार्ना क
े प्रश् भी शि-अथी नहीों हरने िाशहए।
 प्रस्तार्ना छात् क
े पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हरनी िाशहए।
 प्रस्तार्ना क
े प्रश् रुशिकर एर्ों नुकीले हरनी िाशहए।
 प्रस्तार्ना क
े प्रश्रों की सोंख्या सीशमत रखनी िाशहए।
 प्रस्तार्ना क
े अोंशतम प्रश् क
े उत्तर से िीषवक का भार् स्पष्ट हरना
िाशहए
प्रस्तावना कौशल क
े अवयव
 कथनरों एर्ों प्रश्रों का पूर्वव ज्ञान से सोंबोंध।
 कथनरों एर्ों प्रश्रों का मूल पाठ से सोंबोंध।
 कथनरों एर्ों प्रश्रों में श्ृोंखलाबद्ध सोंबोंध।
 पाठ क
े उद्देश्रों, पाठ की प्रक
ृ शत क
े अनुसार उपकरणरों, साधनरों एर्ों शियाओों का ियन।
 उपयुक्त एर्ों समुशित अर्शध शर्स्तार।
 छात्रों की रुशि एर्ों शिज्ञासा का र्धवन।
 अनुक
ू ल छात् प्रशतशिया।
 अध्यापक में उत्साह एर्ों सिगता।
 स्पष्ट एर्ों प्रभार्िाली उद्देश् कथन।
प्रस्तावना कौशल की हनरीक्षण/
मूल्ांकन सूची
अवयव (Component) हमलान हचन्ह रेह ंग स्क
े ल
नगण्य न्यूनतम अहधकतम
शिक्षक ने छात्रों क
े पूर्व ज्ञान का प्रयरग शकया। 0 1,2,3 4,5,6
प्रश् श्ोंखलाबद्द थे। 0 1,2,3 4,5,6
प्रश्रों कर मूल पाठ से िरड़ा गया। 0 1,2,3 4,5,6
समुशित साधनरों एर्ों उपकरणरों का प्रयरग शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6
प्रस्तार्ना क
े प्रश् पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हैं। 0 1,2,3 4,5,6
प्रस्तार्ना अर्शध का शर्स्तार समुशित था। 0 1,2,3 4,5,6
छात्रों कर अशभप्रेररत शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6
शिक्षक छात्रों का ध्यान आकशषवत कर सका। 0 1,2,3 4,5,6
शिक्षक ने उत्साह पूर्वक प्रस्तार्ना प्रस्तुत की। 0 1,2,3 4,5,6
अभ्याहसत हशक्षण कौशल- प्रस्तावना
कक्षा-8 हदनांक-...........
हवषय- हहंदी (गद्य)
प्रकरण- महात्मा गांधी हवरहचत सत्य और अहहंसा
कौशल क
े अभ्यास
हेतु पाठ्यवस्तु
हशक्षक हियाएं छात्र हियाएं अभ्याहसत
कौशल क
े घ क
१- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा देि शकसक
े
अधीन था ?
उत्तर- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा
देि अोंग्रेिरों क
े अधीन था
२- हमारा देि कब स्वतोंत् हुआ ? उत्तर- हमारा देि १५ अगस्त १९४७
कर स्वतोंत् हुआ
३- स्वतोंत्ता शदलाने में शकन-शकन महापुरुषरों
ने अपना यरगदान शदया ?
उत्तर- महात्मा गाोंधी, िोंििेखर
आिाद, भगत शसोंह आशद
४- महात्मा गाोंधी शकसक
े पुिारी थे? महात्मा गाोंधी सत्य और अशहोंसा क
े
पुिारी थे
५- सत्य-अशहोंसा से आप क्या समझते हैं ? समस्यात्मक
उद्देश्य कथन - .............तर छात्रों आि हम महात्मा गांधी द्वारा हवरहचत “सत्य और अहहंसा” क
े शर्षय में शर्स्तृत
अध्यययन करेंगे !
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  • 1.
  • 2.
    पाठ प्रस्तावना काअथथ  शिक्षक पाठ प्रस्तुतीकरण से पूर्व छात्रों का ध्यान आकशषवत करने, रुशि उत्पन्न करने, शिज्ञासा उत्पन्न करने, अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने, पूर्व ज्ञान कर टटरलने क े शलए, पूर्व ज्ञान का नर्ीन ज्ञान से सोंबोंध स्थाशपत करने क े शलए िर भी कक्षा क े अोंतगवत शियाकलाप करता है उसे पाठ प्रस्तार्ना कहते हैं।  पाठ प्रस्तार्ना कौिल का समुशित रूप से प्रयरग करक े शिक्षक शिक्षण अशधगम की पररस्स्थशतयाों तैयार करता है शिसक े फलस्वरुप छात् नर्ीन पाठ क े अशधगम में रुशि लेते हैं।
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    प्रस्तावना की आवश्यकता एवंमहत्व  छात्रों कर सीखने क े शलए तैयार करना  छात्रों में प्रकरण क े प्रशत उत्साह, रूशि, प्रेरणा एर्ों शिज्ञासा शर्कशसत करना  शर्षय र्स्तु क े प्रशत ध्यान क ें शित करने क े शलए  अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने क े शलए  पूर्व ज्ञान कर नर्ीन ज्ञान से िरड़ने क े शलए  छात्रों कर सीखने क े प्रशत प्रेररत करने क े शलए  छात् सहभाशगता समुशित मात्ा में प्राप्त करने क े शलए
  • 4.
    प्रस्तावना क ै सेकरनी चाहहए?  प्रस्तार्ना की भाषा सरल एर्ों स्पष्ट हरनी िाशहए।।  प्रस्तार्ना क े प्रश्रों का आकार सोंशक्षप्त हरना िाशहए  प्रस्तार्ना पूर्वज्ञान से नर्ीन ज्ञान की ओर अग्रसर हरनी िाशहए।  प्रस्ताशर्त प्रश् क े उत्तर से अगले प्रश् का गठन हरना िाशहए।  प्रस्तार्ना क े प्रश् भी शि-अथी नहीों हरने िाशहए।  प्रस्तार्ना छात् क े पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हरनी िाशहए।  प्रस्तार्ना क े प्रश् रुशिकर एर्ों नुकीले हरनी िाशहए।  प्रस्तार्ना क े प्रश्रों की सोंख्या सीशमत रखनी िाशहए।  प्रस्तार्ना क े अोंशतम प्रश् क े उत्तर से िीषवक का भार् स्पष्ट हरना िाशहए
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    प्रस्तावना कौशल क ेअवयव  कथनरों एर्ों प्रश्रों का पूर्वव ज्ञान से सोंबोंध।  कथनरों एर्ों प्रश्रों का मूल पाठ से सोंबोंध।  कथनरों एर्ों प्रश्रों में श्ृोंखलाबद्ध सोंबोंध।  पाठ क े उद्देश्रों, पाठ की प्रक ृ शत क े अनुसार उपकरणरों, साधनरों एर्ों शियाओों का ियन।  उपयुक्त एर्ों समुशित अर्शध शर्स्तार।  छात्रों की रुशि एर्ों शिज्ञासा का र्धवन।  अनुक ू ल छात् प्रशतशिया।  अध्यापक में उत्साह एर्ों सिगता।  स्पष्ट एर्ों प्रभार्िाली उद्देश् कथन।
  • 6.
    प्रस्तावना कौशल कीहनरीक्षण/ मूल्ांकन सूची अवयव (Component) हमलान हचन्ह रेह ंग स्क े ल नगण्य न्यूनतम अहधकतम शिक्षक ने छात्रों क े पूर्व ज्ञान का प्रयरग शकया। 0 1,2,3 4,5,6 प्रश् श्ोंखलाबद्द थे। 0 1,2,3 4,5,6 प्रश्रों कर मूल पाठ से िरड़ा गया। 0 1,2,3 4,5,6 समुशित साधनरों एर्ों उपकरणरों का प्रयरग शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6 प्रस्तार्ना क े प्रश् पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हैं। 0 1,2,3 4,5,6 प्रस्तार्ना अर्शध का शर्स्तार समुशित था। 0 1,2,3 4,5,6 छात्रों कर अशभप्रेररत शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6 शिक्षक छात्रों का ध्यान आकशषवत कर सका। 0 1,2,3 4,5,6 शिक्षक ने उत्साह पूर्वक प्रस्तार्ना प्रस्तुत की। 0 1,2,3 4,5,6
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    अभ्याहसत हशक्षण कौशल-प्रस्तावना कक्षा-8 हदनांक-........... हवषय- हहंदी (गद्य) प्रकरण- महात्मा गांधी हवरहचत सत्य और अहहंसा कौशल क े अभ्यास हेतु पाठ्यवस्तु हशक्षक हियाएं छात्र हियाएं अभ्याहसत कौशल क े घ क १- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा देि शकसक े अधीन था ? उत्तर- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा देि अोंग्रेिरों क े अधीन था २- हमारा देि कब स्वतोंत् हुआ ? उत्तर- हमारा देि १५ अगस्त १९४७ कर स्वतोंत् हुआ ३- स्वतोंत्ता शदलाने में शकन-शकन महापुरुषरों ने अपना यरगदान शदया ? उत्तर- महात्मा गाोंधी, िोंििेखर आिाद, भगत शसोंह आशद ४- महात्मा गाोंधी शकसक े पुिारी थे? महात्मा गाोंधी सत्य और अशहोंसा क े पुिारी थे ५- सत्य-अशहोंसा से आप क्या समझते हैं ? समस्यात्मक उद्देश्य कथन - .............तर छात्रों आि हम महात्मा गांधी द्वारा हवरहचत “सत्य और अहहंसा” क े शर्षय में शर्स्तृत अध्यययन करेंगे !
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