पाठ प्रस्तावना काअथथ
शिक्षक पाठ प्रस्तुतीकरण से पूर्व छात्रों का ध्यान आकशषवत करने, रुशि उत्पन्न करने,
शिज्ञासा उत्पन्न करने, अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने, पूर्व ज्ञान कर टटरलने क
े
शलए, पूर्व ज्ञान का नर्ीन ज्ञान से सोंबोंध स्थाशपत करने क
े शलए िर भी कक्षा क
े अोंतगवत
शियाकलाप करता है उसे पाठ प्रस्तार्ना कहते हैं।
पाठ प्रस्तार्ना कौिल का समुशित रूप से प्रयरग करक
े शिक्षक शिक्षण अशधगम की
पररस्स्थशतयाों तैयार करता है शिसक
े फलस्वरुप छात् नर्ीन पाठ क
े अशधगम में रुशि
लेते हैं।
3.
प्रस्तावना की आवश्यकता
एवंमहत्व
छात्रों कर सीखने क
े शलए तैयार करना
छात्रों में प्रकरण क
े प्रशत उत्साह, रूशि, प्रेरणा एर्ों शिज्ञासा शर्कशसत करना
शर्षय र्स्तु क
े प्रशत ध्यान क
ें शित करने क
े शलए
अशनयोंशत्त मन कर शनयोंशत्त करने क
े शलए
पूर्व ज्ञान कर नर्ीन ज्ञान से िरड़ने क
े शलए
छात्रों कर सीखने क
े प्रशत प्रेररत करने क
े शलए
छात् सहभाशगता समुशित मात्ा में प्राप्त करने क
े शलए
4.
प्रस्तावना क
ै सेकरनी
चाहहए?
प्रस्तार्ना की भाषा सरल एर्ों स्पष्ट हरनी िाशहए।।
प्रस्तार्ना क
े प्रश्रों का आकार सोंशक्षप्त हरना िाशहए
प्रस्तार्ना पूर्वज्ञान से नर्ीन ज्ञान की ओर अग्रसर हरनी िाशहए।
प्रस्ताशर्त प्रश् क
े उत्तर से अगले प्रश् का गठन हरना िाशहए।
प्रस्तार्ना क
े प्रश् भी शि-अथी नहीों हरने िाशहए।
प्रस्तार्ना छात् क
े पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हरनी िाशहए।
प्रस्तार्ना क
े प्रश् रुशिकर एर्ों नुकीले हरनी िाशहए।
प्रस्तार्ना क
े प्रश्रों की सोंख्या सीशमत रखनी िाशहए।
प्रस्तार्ना क
े अोंशतम प्रश् क
े उत्तर से िीषवक का भार् स्पष्ट हरना
िाशहए
5.
प्रस्तावना कौशल क
ेअवयव
कथनरों एर्ों प्रश्रों का पूर्वव ज्ञान से सोंबोंध।
कथनरों एर्ों प्रश्रों का मूल पाठ से सोंबोंध।
कथनरों एर्ों प्रश्रों में श्ृोंखलाबद्ध सोंबोंध।
पाठ क
े उद्देश्रों, पाठ की प्रक
ृ शत क
े अनुसार उपकरणरों, साधनरों एर्ों शियाओों का ियन।
उपयुक्त एर्ों समुशित अर्शध शर्स्तार।
छात्रों की रुशि एर्ों शिज्ञासा का र्धवन।
अनुक
ू ल छात् प्रशतशिया।
अध्यापक में उत्साह एर्ों सिगता।
स्पष्ट एर्ों प्रभार्िाली उद्देश् कथन।
6.
प्रस्तावना कौशल कीहनरीक्षण/
मूल्ांकन सूची
अवयव (Component) हमलान हचन्ह रेह ंग स्क
े ल
नगण्य न्यूनतम अहधकतम
शिक्षक ने छात्रों क
े पूर्व ज्ञान का प्रयरग शकया। 0 1,2,3 4,5,6
प्रश् श्ोंखलाबद्द थे। 0 1,2,3 4,5,6
प्रश्रों कर मूल पाठ से िरड़ा गया। 0 1,2,3 4,5,6
समुशित साधनरों एर्ों उपकरणरों का प्रयरग शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6
प्रस्तार्ना क
े प्रश् पूर्व ज्ञान से सोंबोंशधत हैं। 0 1,2,3 4,5,6
प्रस्तार्ना अर्शध का शर्स्तार समुशित था। 0 1,2,3 4,5,6
छात्रों कर अशभप्रेररत शकया गया। 0 1,2,3 4,5,6
शिक्षक छात्रों का ध्यान आकशषवत कर सका। 0 1,2,3 4,5,6
शिक्षक ने उत्साह पूर्वक प्रस्तार्ना प्रस्तुत की। 0 1,2,3 4,5,6
7.
अभ्याहसत हशक्षण कौशल-प्रस्तावना
कक्षा-8 हदनांक-...........
हवषय- हहंदी (गद्य)
प्रकरण- महात्मा गांधी हवरहचत सत्य और अहहंसा
कौशल क
े अभ्यास
हेतु पाठ्यवस्तु
हशक्षक हियाएं छात्र हियाएं अभ्याहसत
कौशल क
े घ क
१- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा देि शकसक
े
अधीन था ?
उत्तर- स्वतोंत्ता प्रास्प्त से पूर्व हमारा
देि अोंग्रेिरों क
े अधीन था
२- हमारा देि कब स्वतोंत् हुआ ? उत्तर- हमारा देि १५ अगस्त १९४७
कर स्वतोंत् हुआ
३- स्वतोंत्ता शदलाने में शकन-शकन महापुरुषरों
ने अपना यरगदान शदया ?
उत्तर- महात्मा गाोंधी, िोंििेखर
आिाद, भगत शसोंह आशद
४- महात्मा गाोंधी शकसक
े पुिारी थे? महात्मा गाोंधी सत्य और अशहोंसा क
े
पुिारी थे
५- सत्य-अशहोंसा से आप क्या समझते हैं ? समस्यात्मक
उद्देश्य कथन - .............तर छात्रों आि हम महात्मा गांधी द्वारा हवरहचत “सत्य और अहहंसा” क
े शर्षय में शर्स्तृत
अध्यययन करेंगे !