सक्षम भारत के लिए शिक्षा परीक्षा एवं मूल्यांकन (Examination, Evaluation and Education for a Stronger Nation)
1.
समर्थ भारत केलिए लिक्षा, परीक्षा
एवं मूल्ांकन
आिोक कुमार लमश्र
स्वतंत्र भारत के लिक्षा आ्ोगों की अनुिंसाएं, क्रि्ान्व्न और प्रासंलगकता
राष्ट्री् संलवमिथ
लविम लवश्वलवद्याि्, उज्जैन
13-14 क्रि0 2014
2.
कुछ मूिभूत प्रश्न
सक्षमभारत के लिए कैसी लिक्षा होनी चालहए क््ा हमारी
वतथमान लिक्षा पद्धलत इस ्ोग्् है?
परीक्षा क््ा अलभप्रेत है और सक्षम भारत के लनमाथण हेतु
लिक्षा पद्धलत में इसका क््ा स्वरूप होना चालहए?
परीक्षा केलन्ित लिक्षा
बनाम
लिक्षा केलन्ित परीक्षा
3.
मुिलि्ार आ्ोग (1952-53)
आंतररकमूल्ांकन पर ज््ािा जोर, वस्तुलनष्ठ प्रश्नों की अलिकता, प्राप्ांक पद्धलत के
पक्ष में नहीं।
कोठारी आ्ोग (1964)
मूल्ांकन एक सतत् प्रक्रि्ा होनी चालहए एवं इसके द्वारा छात्र की िैक्षलणक क्षमताओं
में वृलद्ध हो।
मूल्ांकन, छात्र को परीक्षाओं और इसके भ् का कारण बनने वािा न हो।
केवि लिलित परीक्षाएं न हो और इसमें प्रमालणकता, प्र्ोगात्मकता एवं वस्तुलनष्ठता
का भी समावेि हो।
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-लवलभन्न लिक्षा आ्ोगों की अनुिंसाएं
4.
राष्ट्री् लिक्षा नीलत(1986)
परीक्षाएं लसर्थ ्ाि करने पर आिाररत नहीं होनी चालहए।
प्राप्ांक के स्र्ान पर ग्रेड ंग पद्धलत
सतत् एवं व्यापक मूल्ांकन
वाह्य मूल्ांकन के स्र्ान पर आंतररक मूल्ांकन पर जोर
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-लवलभन्न लिक्षा आ्ोगों की अनुिंसाएं
5.
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-लवलभन्नलिक्षा आ्ोगों की अनुिंसाएं
राम मूर्तथ आ्ोग (1990)
लिक्षा के पहिे पांच वर्षों में कोई परीक्षा न हो िेक्रकन छात्रों
के कौिि (पढ़ना, लििना, गणना) के रेकॉ थ रिे जाएं।
परीक्षा प्रणािी में सुिार
्िपाि सलमलत (1993)
लिक्षा परीक्षा केलन्ित नहीं होनी चालहए, परीक्षा का भ्
नहीं होना चालहए, रटने पर आिाररत नहीं होना चालहए।
बच्चों पर अलभभावक एवं लिक्षक की अपेक्षाओं
भारती् ज्ञान आ्ोग (2009)
6.
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-वतथमानलस्र्लत
• औपलनवेलिक काि से लिक्षा व्यवस्र्ा को लबगाड़ने के
कुलत्सत प्र्ास
• भारत की एक स्व्ं की मौलिक लिक्षा व्यवस्र्ा होनी
चालहए लजससे समग्र भारती् लहतों की रक्षा हो सके
• परीक्षाएं चूंक्रक लिक्षा व्यवस्र्ा को क्रििा िेने का एक
महत्वपूणथ माध््म है अतः परीक्षाओं पर लविेर्ष ध््ान
क्रि्ा जाना चालहए।
7.
भर्तथहरर ने कहार्ा.. वह व्यलि जानता ही क््ा है लजसे
मात्र अपनी परंपराओं और संस्कृलत का ज्ञान हो
िुभाथग््वि आज ्ह कहना पड़ रहा है.. वह व्यलि
जानता ही क््ा है लजसे अपनी ही परंपराओं का भी ज्ञान
नहीं है।
8.
पाठ्यच्ाथ और उसकेअनुसार लििी गई पुस्तकें और उसमें लबिरी
जानकारी का परीक्षण
लिक्षा का अर्थ है परीक्षा और परीक्षा से अलभप्रेत है अंक प्रालप् और
अंततः प्रलत्ोगी परीक्षाओं की तै्ारी।
परीक्षार्र्थ्ों के लिए अनावश््क मनोवैज्ञालनक िबाव, अलभभावकों के
लिए तनाव एवं लिक्षकों एवं िैक्षलणक प्रिासन से जुड़े िोगों के लिए
एक उबाऊ प्रक्रि्ा और बोझ
ॉ0 रािाकृष्णन ने कहा र्ा क्रक “आज की लिक्षा लवद्यार्र्थ्ों को बौलद्धक
िृलि से लनिथन, हृि् से कठोर तर्ा िारीररक िृलि से बौना बनाती है।
परीक्षाओं का इसमें क्रकतना ्ोगिान है?
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-वतथमान लस्र्लत
9.
2012 में सी0बी0एस0ई0की अंग्रेजी परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न
CHENNAI: It wasn't just the eight lakh students taking the Class 12 CBSE board exams
who were affected by a particular question in the English paper. Parents and
academics gave vent to their feelings, sparking a debate on reality versus sensitivity.
The question was: "You witnessed a fire in a slum near your
colony on Saturday night. You were very much disturbed at
the pathetic sight. Write a report in 100-125 words for your
school magazine... "
In Delhi, children were asked to imagine scene of a bomb blast
in a Delhi market and write about it.
One parent said, "What is my son expected to do... write about charred
bodies and people dying? Children writing the exam are already tense, why add
negativity to it?" Many, including students, agreed. Deepa Gajendran, a Class 10
student, said, "A fire in a slum is something very sad. I felt cheap writing
about my feelings on something like that to score marks."
Source:
http://timesofindia.indiatimes.com/city/chennai/Essay-question-in-CBSE-
English-exam-sparks-debate/articleshow/12129304.cms
10.
सी0सी0ई0 आधारित प्रश्नोंके कु छ औि नमूने
A full passage and relevant questions are dedicated to Rahul Gandhi in the book titled "Together with English" (CCE Based 5).
The passage reads:
"Part of the fifth generation of India's most reverend [sic], influential and charismatic political family, Rahul Gandhi is also, like
sister Priyanka, natural at public life.
"The low-profile Rahul surprised the nation with his energy, humility and charisma when he plunged into electoral politics,
winning from Amethi on a Congress ticket.
Read more at: http://indiatoday.intoday.in/story/rahul-gandhi-english-fiction-class-5-textbook/1/296215.html
11.
केन्िी् बो थपरीक्षाओं में अंग्रेजी का बोिबािा (राजभार्षा
नीलत के आिेिों और अनुिंसाओं का स्पि उलिंघन)
सी0बी0एस0ई0 द्वारा आ्ोलजत की जाने वािी ASL और
CCE इसका प्रत््क्ष उिाहरण
लिक्षा को बाजार द्वारा लनिाथररत होने एवं अंतराथष्ट्री्
राजनीलतक एवं व्यावसाल्क लहतों द्वारा प्रभालवत होने के
प्रत््क्ष प्रमाण
लिक्षा परीक्षा मूल्ांकन-वतथमान लस्र्लत
12.
• प्रलत व्यलिसकि घरेिू उत्पाि के आिार पर लवश्व के सबसे अमीर 20
िेिों में वहां उनके राष्ट्र के भार्षा में अलभ्ांलत्रकी और व्यावसाल्क
पाठ्यिम (जैसे-प्रबंिन, प्रिासन आक्रि) लिक्षा िी जाती है।
• इन 20 िेिों में केवि 4 अंग्रेजी माध््म के िेि हैं।
वहीं िूसरी ओर
• लवश्व के सबसे गरीब 20 िेिों में 18 िेि अपनी राष्ट्री् भार्षा में
अलभ्ांलत्रकी और व्यावसाल्क पाठ्यिमों की लिक्षा नहीं िेते।
• इन 20 िेिों में उच्च लिक्षा हेतु अंग्रेजी ्ा क्रकसी लविेिी भार्षा में लिक्षा
िी जाती है।
• भारत के अंग्रेजी माध््म के संस्र्ान जैसे आइ0आइ0टी0 का िुलन्ा के
सवथश्रेष्ठ 100 संस्र्ानों में भी नहीं आते।
स्रोत-भार्षा नीलत पुस्तक
भार्षा सम्बंिी कुछ आश्च्थजनक तथ््
13.
परीक्षा से क््ाजांचे एवं इसका क््ा उद्देश्् हो
परीक्षा मात्र परीक्षण न हो..लिक्षा सुिार का एक प्रमुि माध््म बने!!
आचा्थ का आचा्थत्व जागे!
प्रलतबद्धता, प्रलतभा, पररणाम, िृलि, िृलिकोण
जीवन का उद्देश्् और लिक्षा का उद्देश्् एक होना चालहए
भारती्करण, राष्ट्री्करण तर्ा आध््ात्मीकरण
मन, बुलद्ध तर्ा आत्मा का लवकास
प्राचीनता एवं आिुलनकता का समा्ोजन
(आ नो भिाः ितवो ्न्तु लवश्वतः)
परीक्षा मूल्ांकन संबंिीकुछ संभावनाएं
• पाठ आिाररत प्रश्नों के स्र्ान पर िक्षता आिाररत प्रश्नों का समावेि।
प्रश्नपत्र तर्ा उद्देश्् व्यावहाररक जीवन से जुड़े होने चालहए।
• परीक्षा लवद्यार्र्थ्ों द्वारा लनिाथररत की जाए एवं इसका संचािन भी
लवद्यार्र्थ्ों द्वारा ही क्रक्ा जाए।
• लवद्यार्र्थ्ों की तै्ारी के अनुसार उन्हें परीक्षा िेने की छूट िी जाए
एवं बो थ/लवश्वलवद्याि्ों इस हेतु िचीिी सम् सारणी बनाएं
• लवद्यार्र्थ्ों को लिक्षा के समान अवसर लमिें और उन्हें र्िने र्ू िने
और प्रलतभा लवकास की समान और असीम संभावनाएं लमिें।
• बािक को संस्कारक्षम् वातावरण लमिे ्ह हम सबकी लजम्मेिारी है।
• ऑन िाइन परीक्षाओं का उप्ोग सम्, संसािन की बचत और
कौिि लवकास हेतु क्रक्ा जा सकता है।