हिंदी भाषा एवं सूचना प्रौद्योगिकी
अगित कुिार झा
जेआरपी (तकनीकी)
राष्ट्रीय परीक्षण सेवा-भारत
भारतीय भाषा संस्थान, िैसूर
Jhaamit036@gmail.com
भारतीय सगवधान की 8वीं अनुसूची िें कुल 22 भाषाओं को शागिल
ककया िया िंै, गजसिें हिंदी भी एक भाषा िंै । हिंदी गवश्व िें सबसे दूसरी ज्यादा
बोली जाने वाली भाषा िंै । भारत सरकार ने इसे 14 गसतंबर 1949 को राजभाषा
के रूप िें स्वीकार ककया । हिंदी भारत की राजभाषा िंोने के साथ-साथ भारत िें
सबसे अगधक बोली और सिझी जाने वाली भाषा िंै । 2011 के भागषक जनिणना
के अनुसार हिंदी बोलने वालों की कुल संख्या 52,83,47,193 िंै । हिंदी के लिभि
55 से ज्यादा बोगलयााँ िंै । हिंदी इंडो-आयय भाषा पररवार की एक भाषा िंै । इसकी
गलगप देवनािरी िंै । इस भाषा का जननी संस्कृत भाषा को िाना जाता िंै ।
वतयिान युि सूचना प्रौद्योगिकी का युि िंै । सिय के साथ इसका
गवकास एवं व्यापकता बढती जा रिंी िंै । 1980 के पश्चात् भारत िें सूचना क्ांगत
आई । चूाँकक कंप्यूटर का गवकास अिेररका िें हुआ इसगलए शुरुआत िें कंप्यूटर पर
सभी काि लिभि अंग्रेजी भाषा िें िंी हुआ करता था । कंप्यूटर का कीबोडय भी
ASCII कोड पर आधाररत था, जो केवल रोिन गलगप एवं कुछ गवशेष कुंजी को
सिर्थथत करता था । लेककन भारत िें सूचना क्ांगत आने के बाद कंप्यूटर िें हिंदी एवं
अन्य भारतीय भाषाओं िें भी कायय के गलए सुगवधा प्रदान की िई । लेककन
शुरूआती कदनों िें यिं ISCII पर आधाररत प्रणाली थी । इस प्रणाली के साथ
सिस्या यिं थी कक यिं प्रणाली केवल हिंदी एवं कुछ अन्य भारतीय भाषाओं को
सिर्थथत करता था । जब ISCII िें ककसी फाइल का गनिायण ककया जाता था तो इसे
किंी भेजने के साथ िंिें उस फाइल के साथ उसका फॉन्ट फाइल भी भेजना जरूरी
िंोता था । लेककन यूगनकोड के आ जाने के पश्चात् यिं फ़ायदा हुआ कक अिर ककसी
फाइल को यूगनकोड िें गलखा जाता िंै तो उस फाइल को िंि किंी भी खोल सकते िंै
।
यूनीकोड अंग्रेज़ी के दो शब्दों, यूनीवसयल (जािगतक) एवं कोड (कूट
संख्या) से िरित एक नया शब्द िंै । अतः यूनीकोड का ितलब एक 'गवशेष कूट
संख्या' से िंै । यूनीकोड को व्यापक रूप से गवश्वव्यापी सूचना आदान-प्रदान के
िानक के रूप िें आज स्वीकार ककया जा चुका िंै ।
प्रश्न यिं उिता िंै कक यूनीकोड के प्रयोि से क्या लाभ िंैं ? इसके लाभ
के रूप िें िंि किं सकते िंै कक यूगनकोड के आ जाने से फॉन्ट िें एकरूपता आ िई ।
गवगभन्न तरिं के अस्की फ़ॉन््स से छुटकारा गिल िया । यूगनकोड के प्रयोि िंोने से
हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं िें ई-िेल, चैट आकद आसानी से कर सकते िंैं । अब
कायायलयों के सभी कायय कंप्यूटर पर हिंदी िें आसानी से िंोते िंैं । हिंदी िें बनी
फाइलों का आसानी से आदान-प्रदान कर सकते िंैं । हिंदी की-वडय को िूिल या
ककसी अन्य सचय इंजन िें सचय कर सकते िंैं । कंप्यूटर उपयोक्ताओं के गलए जो
बहुभाषी टेक्स्ट (पाि) पर काि करते िंै, व्यापाररयों, भाषागवदों,
अनुसंधानकर्त्ायओं, वैज्ञागनकों, िगणतज्ञों और तकनीगशयनों के गलए यूनीकोड िानक
बहुत लाभप्रद िंै । यूनीकोड िानक (स्टैंडडय) प्रत्येक कैरेक्टर को एक गवलक्षण
संख्यात्िक िान और नाि देता िंै । यिं अंतरराष्ट्रीय िानक िंै । इससे हिंदी तथा
अन्य भारतीय भाषाओं िें कंप्यूटर पर अाँग्रेज़ी की तरिं िंी सरलता से और
शतप्रगतशत शुद्धता से कायय ककया जा सकता िंै । पिंले जिंााँ इंटरनेट पर अंग्रेजी िें
ज्यादा सािग्री उपलब्ध थी हिंदी िें इंटरनेट पर बहुत कि सािग्री उपलब्ध थी उस
गस्थगत िें अभी सुधार आया िंै अब इंटरनेट पर हिंदी िें भी सािग्री बड़े पैिाने पर
आसानी से उपलब्ध िंै । लेककन अभी भी इसिें गवकास की जरुरत िंै । इसके गलए
िंि सब को आिे आना िंोिा एवं अच्छी जानकाररयों को हिंदी िें अगधक-से-अगधक
उपलब्ध कराना िंोिा ।
सूचना क्ांगत के आ जाने के बाद आज जीवन के िंर क्षेत्र िें कंप्यूटर का
प्रयोि िंोने लिा िंै । सूचना प्रौद्योगिकी के उफान के बाद आज लोि कंप्यूटर के
अलावे लोि टैबलेट एवं स्िाटय फोन की िदद से भी इंटरनेट एवं अन्य एप्लीकेशन
का प्रयोि करते िंै । आज लिभि सभी सरकारी एवं गनजी संस्थान िें कंप्यूटर का
प्रयोि िंो रिंा िंै । कायायलय िें कंप्यूटर पर कायय करने के गलए आज यिं जरूरी िंो
िया िंै कक विंााँ के कियचारी एवं अगधकाररयों को कंप्यूटर की बेगसक जानकरी के
साथ-साथ कंप्यूटर पर हिंदी िें ककस प्रकार कायय ककया जाए इसका भी प्रगशक्षण
कदया जाए । इसी उद्देश्य को पूरा करने के गलए राजभाषा गवभाि, िृिं िंत्रालय,
भारत सरकार के द्वारा सिय-सिय पर काययशाला का आयोजन ककया जा रिंा िंै ।
िंि सभी जानते िंै कक कंप्यूटर केवल गद्वधारी नंबर सिझता िंै शुन्य
(0) एवं एक (1) । यिंााँ शुन्य का अथय िंै गसग्नल की अनुपगस्थगत एवं एक (1) का
अथय िंै गसग्नल की उपगस्थगत । गवगभन्न प्रकार के प्रोग्राहिि भाषा का प्रयोि करके
कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर का गनिायण ककया जा रिंा िंै । आजकल यिं सॉफ्टवेयर उच्च
स्तरीय प्रोग्राहिि भाषा िें सॉफ्टवेयर का गनिायण ककया जा रिंा िंै । कम्पाइलर एवं
इंटरप्रेटर एक अनुवादक िंै गजसकी िदद से उच्च स्तरीय भाषा को िशीनी भाषा िें
बदला जाता िंै ।
िानव िशीन अंतसंबंध स्थागपत करने के गलए आज प्राकृगतक भाषा
संसाधन का प्रयोि ककया जा रिंा िंै ।
वतयिान िें कंप्यूटर पर यूनीकोड आधाररत हिंदी टंकण (टाइहपि) िंेतु
िुख्यतः तीन गवगधयााँ बहु-प्रचगलत िंैं :- रेहिग्टन टंकण शैली, इन-गस्क्प्ट टंकण
शैली एवं फोनेरटक इंगग्लश आधाररत टंकण शैली । इन तीनों प्रकार की टंकण शैली
(गवगध - Method) की अपनी-अपनी टंकण करने की एक गवधा िंै और प्रत्येक के
गलए अपना-अपना एक की-बोडय लेआउट (Keyboard Layout or Overlay) भी
िंै । कीबोडय लेआउट का अथय िंोता िंै कीबोडय िें कौन-सा की पर कौन सा वणय िंै ।
टाइपर-राइटर लेआउट - इसे प्रायः रेहिग्टन टाइप-राइटर के नाि से
भी जाना जाता िंै । इसका लेआउट हिंदी टाइप-राइटर (टाइहपि िशीन) पर
आधाररत िंै । यिं काफ़ी पुराना और बहु-प्रचगलत लेआउट िंै । यिं लेआउट उन
लोिों के गलए उपयोिी िंै जो कंप्यूटर पर आने से पूवय िंी इस लेआउट पर टाइहपि
सीखे िंैं या पिंले से िंी इस पर टाइहपि करने के आदी िंैं ।
रेहिग्टन टंकण शैली :- टंकण शैली से यिंााँ अगभप्राय यिं िंै कक हिंदी
शब्द टंकण (टाइहपि) करने के गलए टंकणकताय ककस क्ि िें कुंगजयों का उपयोि
करता िंै । रेहिग्टन की टंकण शैली का गसद्धांत इस प्रकार से िंै (The way you
see, the way you type) अथायत् "गजस तरिं से आपको पाि कदखता िंै, उसी
तरिं से (उसी वणय क्ि िें) आप टाइप करते िंैं" । जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै
तो वणय कुंगजयों का टंकण क्ि इस प्रकार से िंोिा:- अ + ग + ि + त
डी.ओ.इ. फोनेरटक - इसे इन-गस्क्प्ट लेआउट भी किंते िंैं । इस
लेआउट का िानकीकरण भारत सरकार के इलेक्रॉगनक्स गवभाि DOE
(Department of Electronics) द्वारा ककया िया तथा "ब्यूरो ऑफ इगडडयन
स्टैंडर्डसय" (BIS) द्वारा इसे राष्ट्रीय िानक घोगषत ककया िया । इस लेआउट की
सबसे बड़ी गवशेषता यिं िंै कक यिं सभी भारतीय भाषाओं के वणों के गलए प्रयुक्त
कुंगजयों िें सिरूपता रखता िंै अथायत् कुंजीपटल की कुंजी 'k' सभी भारतीय
भाषाओं के गलए वणय 'क' की कुंजी रिंेिी ।
इन-गस्क्प्ट टंकण शैली - इन-गस्क्प्ट टंकण शैली का गसद्धांत इस प्रकार
से िंै (The way you pronounce, the way you type) अथायत् "गजस तरिं से
आप पाि का उच्चारण करते िंैं, उसी तरिं से (उसी वणय क्ि िें) आप टाइप करते िंैं"
। जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै तो वणय कुंगजयों का टंकण क्ि इस प्रकार से
िंोिा:- अ + ि + ग + त
फोनेरटक इंगग्लश- इसे रोिनाइज्ड लेआउट किंते िंैं । इसका
ध्वन्यात्िक गलप्यंतरण आधाररत की-बोडय लेआउट कंप्यूटर का वास्तगवक की-बोडय
लेआउट (QWERTY) िंी िंै । ध्वन्यात्िक गलप्यंतरण (फोनेरटक रााँसगलरेशन)
िशीनी गलप्यंतरण की एक गवगध िंै । यिं एक गलप्यंतरण गवगध िंै, गजससे कक हिंदी
आकद भारतीय गलगपयों को आपस िें तथा रोिन िें बदला जाता िंै । इसकी कोई
िानक गलप्यंतरण स्कीि निंीं िंोती । अलि-अलि टूल िें अलि-अलि स्कीि प्रयोि
िंोती िंै ।
फोनेरटक इंगग्लश ( रोिनाइज्ड ) आधाररत टंकण शैली - इस टंकण
शैली िें प्रयोक्ता हिंदी (अथवा कोई इंगडक) टेक्स्ट को रोिन गलगप िें टाइप करता िंै
तथा यिं ररयल टाइि िें सिकक्ष देवनािरी (अथवा इंगडक गलगप) िें ध्वन्यात्िक
रूप से पररवर्थतत िंो जाता िंै । इस प्रकार का स्वचागलत पररवतयन ध्वन्यात्िक
टेक्स्ट एगडटर, वडय प्रोसेसर तथा सॉफ्टवेयर प्लिइन के द्वारा ककया जाता िंै । परंतु
सवयश्रेष्ठ तरीका फोनेरटक आइ॰एि॰इ॰ का प्रयोि िंै, गजसकी सिंायता से टेक्स्ट
ककसी भी एगप्लकेशन िें सीधे िंी गलखा जा सकता िंै ।
लेककन इस टंकण शैली िें कायय करने के गलए प्रयोिकताय को अाँग्रेज़ी का
अच्छा-खासा ज्ञान िंोना आवश्यक िंै । यिं कंप्यूटर के उन प्रयोिकतायओं के गलए
बेिंतर िंै, जो पिंले से िंी अाँग्रेज़ी की टाइहपि जानते िंैं और हिंदी टाइप करना
चािंते िंैं । जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै तो रोिन वणय कुंगजयों का टंकण क्ि
इस प्रकार से िंोिाः-
amit
फोनेरटक इंगग्लश टूल : -
कुछ प्रिुख फोनेरटक टूल गनम्न िंै :
िूिल इनपुट टूल – िूिल इनपुट टूल िूिल कंपनी के द्वारा गवकगसत
ककया िया एक टूल िंै यिं ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों रूप िें प्रयोि ककया
जाता िंै । यिं हिंदी एवं इसके अलावा 80 अन्य भाषाओं को सिर्थथत करता िंै
अथायत इतने भाषाओं िें आप टाइप कर सकते िंै ।
िाइक्ोसॉफ्ट इनपुट टूल
उपयुक्त गवगधयों के अलावा भी एक गवगध Wx-Notation गवगध िंै
हिंदी टाइहपि का गजसिें हिंदी के प्रत्येक वणय के गलए एक नोटेशन बना कदया िया
िंै इस नोटेशन की िदद से कोई प्रयोिकताय हिंदी िें टाइहपि कर सकता िंै । इस
गवगध का प्रयोि िुख्यतः गलनक्स ऑपरेटटि गसस्टि िें हिंदी िें टाइप करने के गलए
ककया जाता िंै ।

Hindi Language and Information Technology

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    हिंदी भाषा एवंसूचना प्रौद्योगिकी अगित कुिार झा जेआरपी (तकनीकी) राष्ट्रीय परीक्षण सेवा-भारत भारतीय भाषा संस्थान, िैसूर Jhaamit036@gmail.com भारतीय सगवधान की 8वीं अनुसूची िें कुल 22 भाषाओं को शागिल ककया िया िंै, गजसिें हिंदी भी एक भाषा िंै । हिंदी गवश्व िें सबसे दूसरी ज्यादा बोली जाने वाली भाषा िंै । भारत सरकार ने इसे 14 गसतंबर 1949 को राजभाषा के रूप िें स्वीकार ककया । हिंदी भारत की राजभाषा िंोने के साथ-साथ भारत िें सबसे अगधक बोली और सिझी जाने वाली भाषा िंै । 2011 के भागषक जनिणना के अनुसार हिंदी बोलने वालों की कुल संख्या 52,83,47,193 िंै । हिंदी के लिभि 55 से ज्यादा बोगलयााँ िंै । हिंदी इंडो-आयय भाषा पररवार की एक भाषा िंै । इसकी गलगप देवनािरी िंै । इस भाषा का जननी संस्कृत भाषा को िाना जाता िंै । वतयिान युि सूचना प्रौद्योगिकी का युि िंै । सिय के साथ इसका गवकास एवं व्यापकता बढती जा रिंी िंै । 1980 के पश्चात् भारत िें सूचना क्ांगत आई । चूाँकक कंप्यूटर का गवकास अिेररका िें हुआ इसगलए शुरुआत िें कंप्यूटर पर सभी काि लिभि अंग्रेजी भाषा िें िंी हुआ करता था । कंप्यूटर का कीबोडय भी ASCII कोड पर आधाररत था, जो केवल रोिन गलगप एवं कुछ गवशेष कुंजी को सिर्थथत करता था । लेककन भारत िें सूचना क्ांगत आने के बाद कंप्यूटर िें हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं िें भी कायय के गलए सुगवधा प्रदान की िई । लेककन शुरूआती कदनों िें यिं ISCII पर आधाररत प्रणाली थी । इस प्रणाली के साथ सिस्या यिं थी कक यिं प्रणाली केवल हिंदी एवं कुछ अन्य भारतीय भाषाओं को सिर्थथत करता था । जब ISCII िें ककसी फाइल का गनिायण ककया जाता था तो इसे किंी भेजने के साथ िंिें उस फाइल के साथ उसका फॉन्ट फाइल भी भेजना जरूरी िंोता था । लेककन यूगनकोड के आ जाने के पश्चात् यिं फ़ायदा हुआ कक अिर ककसी
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    फाइल को यूगनकोडिें गलखा जाता िंै तो उस फाइल को िंि किंी भी खोल सकते िंै । यूनीकोड अंग्रेज़ी के दो शब्दों, यूनीवसयल (जािगतक) एवं कोड (कूट संख्या) से िरित एक नया शब्द िंै । अतः यूनीकोड का ितलब एक 'गवशेष कूट संख्या' से िंै । यूनीकोड को व्यापक रूप से गवश्वव्यापी सूचना आदान-प्रदान के िानक के रूप िें आज स्वीकार ककया जा चुका िंै । प्रश्न यिं उिता िंै कक यूनीकोड के प्रयोि से क्या लाभ िंैं ? इसके लाभ के रूप िें िंि किं सकते िंै कक यूगनकोड के आ जाने से फॉन्ट िें एकरूपता आ िई । गवगभन्न तरिं के अस्की फ़ॉन््स से छुटकारा गिल िया । यूगनकोड के प्रयोि िंोने से हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं िें ई-िेल, चैट आकद आसानी से कर सकते िंैं । अब कायायलयों के सभी कायय कंप्यूटर पर हिंदी िें आसानी से िंोते िंैं । हिंदी िें बनी फाइलों का आसानी से आदान-प्रदान कर सकते िंैं । हिंदी की-वडय को िूिल या ककसी अन्य सचय इंजन िें सचय कर सकते िंैं । कंप्यूटर उपयोक्ताओं के गलए जो बहुभाषी टेक्स्ट (पाि) पर काि करते िंै, व्यापाररयों, भाषागवदों, अनुसंधानकर्त्ायओं, वैज्ञागनकों, िगणतज्ञों और तकनीगशयनों के गलए यूनीकोड िानक बहुत लाभप्रद िंै । यूनीकोड िानक (स्टैंडडय) प्रत्येक कैरेक्टर को एक गवलक्षण संख्यात्िक िान और नाि देता िंै । यिं अंतरराष्ट्रीय िानक िंै । इससे हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं िें कंप्यूटर पर अाँग्रेज़ी की तरिं िंी सरलता से और शतप्रगतशत शुद्धता से कायय ककया जा सकता िंै । पिंले जिंााँ इंटरनेट पर अंग्रेजी िें ज्यादा सािग्री उपलब्ध थी हिंदी िें इंटरनेट पर बहुत कि सािग्री उपलब्ध थी उस गस्थगत िें अभी सुधार आया िंै अब इंटरनेट पर हिंदी िें भी सािग्री बड़े पैिाने पर आसानी से उपलब्ध िंै । लेककन अभी भी इसिें गवकास की जरुरत िंै । इसके गलए िंि सब को आिे आना िंोिा एवं अच्छी जानकाररयों को हिंदी िें अगधक-से-अगधक उपलब्ध कराना िंोिा । सूचना क्ांगत के आ जाने के बाद आज जीवन के िंर क्षेत्र िें कंप्यूटर का प्रयोि िंोने लिा िंै । सूचना प्रौद्योगिकी के उफान के बाद आज लोि कंप्यूटर के अलावे लोि टैबलेट एवं स्िाटय फोन की िदद से भी इंटरनेट एवं अन्य एप्लीकेशन का प्रयोि करते िंै । आज लिभि सभी सरकारी एवं गनजी संस्थान िें कंप्यूटर का प्रयोि िंो रिंा िंै । कायायलय िें कंप्यूटर पर कायय करने के गलए आज यिं जरूरी िंो
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    िया िंै ककविंााँ के कियचारी एवं अगधकाररयों को कंप्यूटर की बेगसक जानकरी के साथ-साथ कंप्यूटर पर हिंदी िें ककस प्रकार कायय ककया जाए इसका भी प्रगशक्षण कदया जाए । इसी उद्देश्य को पूरा करने के गलए राजभाषा गवभाि, िृिं िंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा सिय-सिय पर काययशाला का आयोजन ककया जा रिंा िंै । िंि सभी जानते िंै कक कंप्यूटर केवल गद्वधारी नंबर सिझता िंै शुन्य (0) एवं एक (1) । यिंााँ शुन्य का अथय िंै गसग्नल की अनुपगस्थगत एवं एक (1) का अथय िंै गसग्नल की उपगस्थगत । गवगभन्न प्रकार के प्रोग्राहिि भाषा का प्रयोि करके कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर का गनिायण ककया जा रिंा िंै । आजकल यिं सॉफ्टवेयर उच्च स्तरीय प्रोग्राहिि भाषा िें सॉफ्टवेयर का गनिायण ककया जा रिंा िंै । कम्पाइलर एवं इंटरप्रेटर एक अनुवादक िंै गजसकी िदद से उच्च स्तरीय भाषा को िशीनी भाषा िें बदला जाता िंै । िानव िशीन अंतसंबंध स्थागपत करने के गलए आज प्राकृगतक भाषा संसाधन का प्रयोि ककया जा रिंा िंै । वतयिान िें कंप्यूटर पर यूनीकोड आधाररत हिंदी टंकण (टाइहपि) िंेतु िुख्यतः तीन गवगधयााँ बहु-प्रचगलत िंैं :- रेहिग्टन टंकण शैली, इन-गस्क्प्ट टंकण शैली एवं फोनेरटक इंगग्लश आधाररत टंकण शैली । इन तीनों प्रकार की टंकण शैली (गवगध - Method) की अपनी-अपनी टंकण करने की एक गवधा िंै और प्रत्येक के गलए अपना-अपना एक की-बोडय लेआउट (Keyboard Layout or Overlay) भी िंै । कीबोडय लेआउट का अथय िंोता िंै कीबोडय िें कौन-सा की पर कौन सा वणय िंै । टाइपर-राइटर लेआउट - इसे प्रायः रेहिग्टन टाइप-राइटर के नाि से भी जाना जाता िंै । इसका लेआउट हिंदी टाइप-राइटर (टाइहपि िशीन) पर आधाररत िंै । यिं काफ़ी पुराना और बहु-प्रचगलत लेआउट िंै । यिं लेआउट उन लोिों के गलए उपयोिी िंै जो कंप्यूटर पर आने से पूवय िंी इस लेआउट पर टाइहपि सीखे िंैं या पिंले से िंी इस पर टाइहपि करने के आदी िंैं । रेहिग्टन टंकण शैली :- टंकण शैली से यिंााँ अगभप्राय यिं िंै कक हिंदी शब्द टंकण (टाइहपि) करने के गलए टंकणकताय ककस क्ि िें कुंगजयों का उपयोि करता िंै । रेहिग्टन की टंकण शैली का गसद्धांत इस प्रकार से िंै (The way you see, the way you type) अथायत् "गजस तरिं से आपको पाि कदखता िंै, उसी
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    तरिं से (उसीवणय क्ि िें) आप टाइप करते िंैं" । जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै तो वणय कुंगजयों का टंकण क्ि इस प्रकार से िंोिा:- अ + ग + ि + त डी.ओ.इ. फोनेरटक - इसे इन-गस्क्प्ट लेआउट भी किंते िंैं । इस लेआउट का िानकीकरण भारत सरकार के इलेक्रॉगनक्स गवभाि DOE (Department of Electronics) द्वारा ककया िया तथा "ब्यूरो ऑफ इगडडयन स्टैंडर्डसय" (BIS) द्वारा इसे राष्ट्रीय िानक घोगषत ककया िया । इस लेआउट की सबसे बड़ी गवशेषता यिं िंै कक यिं सभी भारतीय भाषाओं के वणों के गलए प्रयुक्त कुंगजयों िें सिरूपता रखता िंै अथायत् कुंजीपटल की कुंजी 'k' सभी भारतीय भाषाओं के गलए वणय 'क' की कुंजी रिंेिी । इन-गस्क्प्ट टंकण शैली - इन-गस्क्प्ट टंकण शैली का गसद्धांत इस प्रकार से िंै (The way you pronounce, the way you type) अथायत् "गजस तरिं से आप पाि का उच्चारण करते िंैं, उसी तरिं से (उसी वणय क्ि िें) आप टाइप करते िंैं" । जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै तो वणय कुंगजयों का टंकण क्ि इस प्रकार से िंोिा:- अ + ि + ग + त फोनेरटक इंगग्लश- इसे रोिनाइज्ड लेआउट किंते िंैं । इसका ध्वन्यात्िक गलप्यंतरण आधाररत की-बोडय लेआउट कंप्यूटर का वास्तगवक की-बोडय लेआउट (QWERTY) िंी िंै । ध्वन्यात्िक गलप्यंतरण (फोनेरटक रााँसगलरेशन) िशीनी गलप्यंतरण की एक गवगध िंै । यिं एक गलप्यंतरण गवगध िंै, गजससे कक हिंदी आकद भारतीय गलगपयों को आपस िें तथा रोिन िें बदला जाता िंै । इसकी कोई िानक गलप्यंतरण स्कीि निंीं िंोती । अलि-अलि टूल िें अलि-अलि स्कीि प्रयोि िंोती िंै । फोनेरटक इंगग्लश ( रोिनाइज्ड ) आधाररत टंकण शैली - इस टंकण शैली िें प्रयोक्ता हिंदी (अथवा कोई इंगडक) टेक्स्ट को रोिन गलगप िें टाइप करता िंै तथा यिं ररयल टाइि िें सिकक्ष देवनािरी (अथवा इंगडक गलगप) िें ध्वन्यात्िक रूप से पररवर्थतत िंो जाता िंै । इस प्रकार का स्वचागलत पररवतयन ध्वन्यात्िक टेक्स्ट एगडटर, वडय प्रोसेसर तथा सॉफ्टवेयर प्लिइन के द्वारा ककया जाता िंै । परंतु सवयश्रेष्ठ तरीका फोनेरटक आइ॰एि॰इ॰ का प्रयोि िंै, गजसकी सिंायता से टेक्स्ट ककसी भी एगप्लकेशन िें सीधे िंी गलखा जा सकता िंै ।
  • 5.
    लेककन इस टंकणशैली िें कायय करने के गलए प्रयोिकताय को अाँग्रेज़ी का अच्छा-खासा ज्ञान िंोना आवश्यक िंै । यिं कंप्यूटर के उन प्रयोिकतायओं के गलए बेिंतर िंै, जो पिंले से िंी अाँग्रेज़ी की टाइहपि जानते िंैं और हिंदी टाइप करना चािंते िंैं । जैसे कक आपको 'अगित' गलखना िंै तो रोिन वणय कुंगजयों का टंकण क्ि इस प्रकार से िंोिाः- amit फोनेरटक इंगग्लश टूल : - कुछ प्रिुख फोनेरटक टूल गनम्न िंै : िूिल इनपुट टूल – िूिल इनपुट टूल िूिल कंपनी के द्वारा गवकगसत ककया िया एक टूल िंै यिं ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों रूप िें प्रयोि ककया जाता िंै । यिं हिंदी एवं इसके अलावा 80 अन्य भाषाओं को सिर्थथत करता िंै अथायत इतने भाषाओं िें आप टाइप कर सकते िंै । िाइक्ोसॉफ्ट इनपुट टूल उपयुक्त गवगधयों के अलावा भी एक गवगध Wx-Notation गवगध िंै हिंदी टाइहपि का गजसिें हिंदी के प्रत्येक वणय के गलए एक नोटेशन बना कदया िया िंै इस नोटेशन की िदद से कोई प्रयोिकताय हिंदी िें टाइहपि कर सकता िंै । इस गवगध का प्रयोि िुख्यतः गलनक्स ऑपरेटटि गसस्टि िें हिंदी िें टाइप करने के गलए ककया जाता िंै ।