निर्देनिका
गौतम बुद्ध:
• गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के
पनकट लुम्बिनी नेिाल में हुआ था |
• पजसके बाद इनका लालन-िालन
इनकी मौसी और राजा की दू सरी
ित्नी रानी गौतमी ने की और इस
बालक का नाम पसद्धाथथ रख पदया|
• पसद्धाथथ की शादी मात्र 16 साल की आयु में
राजकु मारी यशोधरा के साथ हुई थीीं |
• इस शादी से एक बालक का जन्म हुआ था,
पजसका नाम राहुल रखा था |
• उनका मन घर और मोह माया की दुपनया में नहीीं
लगा और वन की ओर चले जाने का पनश्चय पकया|
• वैशाखी िूपणथमा के पदन पसद्धाथथ
वटवृक्ष के नीचे ध्यानिूवथक अिने
ध्यान में बैठे थे, उसी रात को ध्यान
लगाने िर पसद्धाथथ की एक
साधना सफल हो गयी थीीं|
• भगवान बुद्ध ने लोगो को उिदेश
पदया-
* ध्यान और अींत-दृष्टी
* मध्य मागथ का अनुसरण
* चार आयथ सत्य
* अष्टाींग रास्तें
 बौद्ध धमथ के 8 गुना िथ का प्रस्ताव रखा
हैं |
• चोट लगने िर ददथ होगा और कष्ट
पवकल्प हैं |
• आि तक रास्ते िर नहीीं चल सकते जब
तक आि खुद अिना रास्ता नहीीं बना
लेते |
 हमारे पवचारोीं द्वारा ही हमारी बढाई की जाती
हैं. हम वही बनते हैं जैसा हम सोचते हैं |
 जब आिको कोई फू ल िसींद आता हैं तो
आि उसे तोड़ लेते हो लेपकन जब आि
पकसी फू ल से प्यार करते हो तो आि उसे हर
रोज िानी देते हो |
 बूींद-बूींद से िानी का घड़ा भरता है
Gautam budhh

Gautam budhh

  • 1.
  • 2.
  • 4.
    • गौतम बुद्धका जन्म कपिलवस्तु के पनकट लुम्बिनी नेिाल में हुआ था | • पजसके बाद इनका लालन-िालन इनकी मौसी और राजा की दू सरी ित्नी रानी गौतमी ने की और इस बालक का नाम पसद्धाथथ रख पदया|
  • 5.
    • पसद्धाथथ कीशादी मात्र 16 साल की आयु में राजकु मारी यशोधरा के साथ हुई थीीं | • इस शादी से एक बालक का जन्म हुआ था, पजसका नाम राहुल रखा था | • उनका मन घर और मोह माया की दुपनया में नहीीं लगा और वन की ओर चले जाने का पनश्चय पकया|
  • 6.
    • वैशाखी िूपणथमाके पदन पसद्धाथथ वटवृक्ष के नीचे ध्यानिूवथक अिने ध्यान में बैठे थे, उसी रात को ध्यान लगाने िर पसद्धाथथ की एक साधना सफल हो गयी थीीं|
  • 7.
    • भगवान बुद्धने लोगो को उिदेश पदया- * ध्यान और अींत-दृष्टी * मध्य मागथ का अनुसरण * चार आयथ सत्य * अष्टाींग रास्तें
  • 8.
     बौद्ध धमथके 8 गुना िथ का प्रस्ताव रखा हैं | • चोट लगने िर ददथ होगा और कष्ट पवकल्प हैं | • आि तक रास्ते िर नहीीं चल सकते जब तक आि खुद अिना रास्ता नहीीं बना लेते |
  • 9.
     हमारे पवचारोींद्वारा ही हमारी बढाई की जाती हैं. हम वही बनते हैं जैसा हम सोचते हैं |  जब आिको कोई फू ल िसींद आता हैं तो आि उसे तोड़ लेते हो लेपकन जब आि पकसी फू ल से प्यार करते हो तो आि उसे हर रोज िानी देते हो |  बूींद-बूींद से िानी का घड़ा भरता है