विषय:हिन्दी भाषा
भाषा की परिभाषा
•भाषा “भाष्” धातु से बनी है जिसका अर्थ
है बोलना या कहना|
•भाषा विचार विननमय का साधन है|
•मानि भािों की अभभव्यजतत का माध्यम
है भाषा|
भाषा उच्चािण अियिों से उच्चरित यादृच्च्िक
ध्िनि प्रतीकों की िि व्यिस्था िै,च्ििके द्िािा
एक समाि के लोग आपस में भािों औि विचािों
का आदाि-प्रदाि किते िैं |
भाषा विद्िान स्िीट
ने भलखा है- भाषा
ध्िननयों द्िारा मानि
के भािों की
अभभव्यजतत है|
स्ितंत्रता पूिथ और उपरांत हहन्दी भाषा
हिन्दी का इनतिास काफी पुिािा िै
आि से किीबि 800 िषष पिले से हिन्दी का प्रयोग िाज्य प्रशासि कायों के ललए
ककया िाता था
पृथ्िीिाि चौिाि,मुिम्मद गिििी आहद के शासि काल से िी हिन्दी को काफी
प्रचाि लमला
अग्रेज़ों के आगमि से हिन्दी का प्रचाि कम िोिे लगा
अंग्रेज़ों िे अंग्रेज़ी को अधिक मित्ि हदया
गांिी िैसे िेताओं िे इसका वििोि ककया
हिन्दी को सिषप्रथम िाष्ट्रभाषा के रूप मे विख्यात मिाठी विद्िाि श्री पैठ िे
अपिी पुस्तक “िाष्ट्रभाषा”मे घोवषत ककया था|
अहिंदी भाषा विद्िािों का भी साहियोग हिन्दी भाषा के विकास मे ििा|
 िाििाम मोिि िॉय,सुभाषचन्र बॉस,गुििात के दयािन्द सिस्िती,बलगंगादि
नतलक,तलमलिाडु के िाष्ट्रकवि सुब्र्िमण्यम भािती आहद िे हिन्दी के पक्ष मे
अपिी आिाज़ बुलंद की
अंग्रेज़ों िे भी हिन्दी की काफी प्रशंसा की, उिके अिुसाि
संस्कृ त मााँ,हिन्दी गृिणी औि अंग्रेज़ी िौकिािी िै|
ग्रीयसेि के अिुसाि “भाित की सच्ची आत्मा का ज्ञाि हिन्दी
के द्िािा िी िो सकता िै|”
स्ितंत्रता प्राच्तत के बाद हिन्दी की ख्यानत सीमाए भेद
गयी, हिन्दी आि विश्ि की सबसे बड़ी संख्या में बोलिे
औि समझिे िालों की भाषा बि चुकी िै|चीिी भाषा को
दूसिा औि अंग्रेज़ी को तीसिा स्थाि िै |
विश्ि के 150 विश्िविद्यालयों मे हिन्दी पढ़ी औि पढ़ाई
िाती िै
भाषा के विलभन्ि रूप
•मात्रभाषा
•िाष्ट्रभाषा
•िािभाषा
•संपकष भाषा
िाष्ट्रभाषा
िह भाषा िो समग्र राष्ट्र के भलए संपकथ स्र्ावपत करने का कायथ करता
है|
आि राष्ट्र भाषा के रूप मे खड़ीबोली हहन्दी को यह गौरिपूर्थ पद प्राप्त
है|
इसका प्रयोग रािकीय कायों तर्ा सािथिननक कायों के भलए ककया िाता
है|
भाित में हिन्दी को िाष्ट्रभाषा का पद प्रातत िै|
भाित को स्ितन्त्रता प्रातत कििे में हिन्दी का मित्िपूणष योग ििा|
देश को एक सूत्र में बाििे के ललए सतकष ििा |
िाष्ट्रवपता िे इसे भाित माता की चमचमाती बबंदी किा िै |
िािभाषा
िि भाषा िो सिकािी काम-काि के ललए प्रयोग ककया िाता िै|
शासि व्यिस्था औि ििता के बीच आपसी तालमेल एिं संपकष स्थावपत
कििे का कायष किता िै|
िषष 1949 ई मे हिन्दी को िािभाषा घोवषत की गयी|
इसका प्रयोग के न्रीय स्ति औि प्रादेलशक स्ति मे ककया िाता िै|
स्ितन्त्रता के बाद अिुच्िेद 343 (1) के अिुसाि हिन्दी को संघ की िािभाषा
माि ललया गया िै, लेककि उसे पूणष रूप मे लघु कििे के ललए 15 िषष की अिधि
िखी गयी|
िािभाषा के रूप मे हिन्दी का प्रयोग विलभन्ि मंत्रालयों,सिकािी
दफ़्तिों,बैको,न्यायालयों मे ककया िाता िै|
भूतपूिष प्रिािमंत्री िािीि गांिी का कििा था की “भाित मे बिुत सी भाषाएं बोली
िाती िै,लेककि हिन्दी को सबसे अधिक ज़्यादा लोग समझते औि बोलते
िै|इसललए हिन्दी को िािभाषा के रूप मे चुिा गया िै|”
मात्रभाषा
• मात्रभाषा का अथष िै,मााँ से सीखी िुई भाषा
• यि उत्तिभाित एिं मध्य भाित के
अधिकाधिक भागों की भाषा िै
• मात्रभाषा के माध्यम से दे िािेिाली लशक्षा
अधिक प्रभािकािी िोती िैं
• यि िमािे धचंति का सािि िै,मिि का
माध्यम िै
• एक बच्चे की सबसे पिली लशक्षा उिकी
मात्रभाषा के माध्यम से िी िोिी चाहिए|
1. हिमाचल प्रदेश
2. उत्तिाखंड
3. हदल्ली
4. िरियाणा
5. िािस्थाि
6. उत्तिप्रदेश
7. मध्यप्रदेश
8. ित्तीसगढ़
9. झािखण्ड
10.बबिाि
“मिुष्ट्य के मािलसक विकास के
ललए मात्रभाषा उतिी िी
आिश्यक िै,च्ितिा कक बच्चे के
शािीरिक विकास के ललए माता
का दूि|.....उसके मािलसक
विकास के ललए उसके ऊपि
मात्रभाषा के अनतरिक्त कोई
दूसिी भाषा लादिा मैं मात्रभाषा
के विरुद्ि पाप समझता िूाँ|”
द्वितीय भाषा के रूप में हिन्दी
• हिंदीति प्रदेशों में हिन्दी का पाठ-पाठि मात्रभाषा के बाद द्वितीय
भाषा के रूप में ककया िाता िैं|
• डॉ.तािाचंद के अध्यक्ष में स्ितंत्रता प्राच्तत के बाद एक सलमनत
नियुक्त िुई च्िसमे सीनियि बेलसक स्ति पि मात्रभाषा के
अनतरिक्त संघीय भाषा के अनििायषता पि लसफ़ारिश की गयी इसे
द्विभाषा सूत्र किा िाता िै|
• अक्टूबि 1952 ई में डॉ.लक्ष्मण स्िामी मुदललयाि अध्यक्षता में
मुदललयाि आयोग संघहटत िुआ च्िसमे माध्यलमक स्ति पि हिंदीति
प्रदेशों में हिन्दी भाषा के अध्ययि पि प्रमुखता दी गयी|
• आि िाज्यसिकािों के अिीिस्त सिकािी स्कू लों
में हिन्दी को उसकी पूिी प्रािान्यता के साथ
पढ़ाया िाता िै|
• इि स्कू लों में हिन्दी भाषा पढ़िे के ललए मात्र
िफ्ते में 5 पीरियड हदया िाता िै|
• अहिन्दी प्रदेशों में हिन्दी पढ़िे का प्रमुख लक्ष्य
िाच्ष्ट्रय एकता को स्थावपत कििा ििा िै|
• हिन्दी को मात्रभाषा के बाद सबसे अधिक मित्ि हदया िाता िै|
• स्ितंत्रता संग्राम के फलस्िरूप हिन्दी का प्रचाि के िल में िोिे लगा|
• सिकािी स्कू लों में मात्रभाषा के बाद सभी मान्यताओं के साथ
हिन्दी पढ़ाया िाता िै|
• सुगुमा िैसे पिीक्षाओं द्िािा बच्चों के हिन्दी के ज्ञाि को पिखा िा
ििा िैं|
• हिन्दी प्रचाि सभा,दक्षक्षण भाित हिन्दी प्रचाि सभा आहद हिन्दी के
प्रचाि एिं प्रसाि के ललए आि भी कायषित िै|
संक्षेप मे िम कि सकते िै की हिन्दी
के विकास से िी देश का भविष्ट्य
उज्िल िोगा| हिन्दी के विकास से िी
देश मे सच्धि आएगी, देश त्िरित
गनत से विकास के क्षेत्र मे प्रगनत
किेगा औि देश का आत्मसम्माि
बढ़ेगा|
िन्यश्री सी पी

हिन्दी भाषा एवं उसका विकास

  • 2.
  • 3.
    भाषा की परिभाषा •भाषा“भाष्” धातु से बनी है जिसका अर्थ है बोलना या कहना| •भाषा विचार विननमय का साधन है| •मानि भािों की अभभव्यजतत का माध्यम है भाषा|
  • 4.
    भाषा उच्चािण अियिोंसे उच्चरित यादृच्च्िक ध्िनि प्रतीकों की िि व्यिस्था िै,च्ििके द्िािा एक समाि के लोग आपस में भािों औि विचािों का आदाि-प्रदाि किते िैं |
  • 5.
    भाषा विद्िान स्िीट नेभलखा है- भाषा ध्िननयों द्िारा मानि के भािों की अभभव्यजतत है|
  • 6.
    स्ितंत्रता पूिथ औरउपरांत हहन्दी भाषा हिन्दी का इनतिास काफी पुिािा िै आि से किीबि 800 िषष पिले से हिन्दी का प्रयोग िाज्य प्रशासि कायों के ललए ककया िाता था पृथ्िीिाि चौिाि,मुिम्मद गिििी आहद के शासि काल से िी हिन्दी को काफी प्रचाि लमला अग्रेज़ों के आगमि से हिन्दी का प्रचाि कम िोिे लगा अंग्रेज़ों िे अंग्रेज़ी को अधिक मित्ि हदया गांिी िैसे िेताओं िे इसका वििोि ककया हिन्दी को सिषप्रथम िाष्ट्रभाषा के रूप मे विख्यात मिाठी विद्िाि श्री पैठ िे अपिी पुस्तक “िाष्ट्रभाषा”मे घोवषत ककया था| अहिंदी भाषा विद्िािों का भी साहियोग हिन्दी भाषा के विकास मे ििा|  िाििाम मोिि िॉय,सुभाषचन्र बॉस,गुििात के दयािन्द सिस्िती,बलगंगादि नतलक,तलमलिाडु के िाष्ट्रकवि सुब्र्िमण्यम भािती आहद िे हिन्दी के पक्ष मे अपिी आिाज़ बुलंद की
  • 7.
    अंग्रेज़ों िे भीहिन्दी की काफी प्रशंसा की, उिके अिुसाि संस्कृ त मााँ,हिन्दी गृिणी औि अंग्रेज़ी िौकिािी िै| ग्रीयसेि के अिुसाि “भाित की सच्ची आत्मा का ज्ञाि हिन्दी के द्िािा िी िो सकता िै|” स्ितंत्रता प्राच्तत के बाद हिन्दी की ख्यानत सीमाए भेद गयी, हिन्दी आि विश्ि की सबसे बड़ी संख्या में बोलिे औि समझिे िालों की भाषा बि चुकी िै|चीिी भाषा को दूसिा औि अंग्रेज़ी को तीसिा स्थाि िै | विश्ि के 150 विश्िविद्यालयों मे हिन्दी पढ़ी औि पढ़ाई िाती िै
  • 8.
    भाषा के विलभन्िरूप •मात्रभाषा •िाष्ट्रभाषा •िािभाषा •संपकष भाषा
  • 9.
    िाष्ट्रभाषा िह भाषा िोसमग्र राष्ट्र के भलए संपकथ स्र्ावपत करने का कायथ करता है| आि राष्ट्र भाषा के रूप मे खड़ीबोली हहन्दी को यह गौरिपूर्थ पद प्राप्त है| इसका प्रयोग रािकीय कायों तर्ा सािथिननक कायों के भलए ककया िाता है|
  • 10.
    भाित में हिन्दीको िाष्ट्रभाषा का पद प्रातत िै| भाित को स्ितन्त्रता प्रातत कििे में हिन्दी का मित्िपूणष योग ििा| देश को एक सूत्र में बाििे के ललए सतकष ििा | िाष्ट्रवपता िे इसे भाित माता की चमचमाती बबंदी किा िै |
  • 12.
    िािभाषा िि भाषा िोसिकािी काम-काि के ललए प्रयोग ककया िाता िै| शासि व्यिस्था औि ििता के बीच आपसी तालमेल एिं संपकष स्थावपत कििे का कायष किता िै| िषष 1949 ई मे हिन्दी को िािभाषा घोवषत की गयी| इसका प्रयोग के न्रीय स्ति औि प्रादेलशक स्ति मे ककया िाता िै|
  • 13.
    स्ितन्त्रता के बादअिुच्िेद 343 (1) के अिुसाि हिन्दी को संघ की िािभाषा माि ललया गया िै, लेककि उसे पूणष रूप मे लघु कििे के ललए 15 िषष की अिधि िखी गयी| िािभाषा के रूप मे हिन्दी का प्रयोग विलभन्ि मंत्रालयों,सिकािी दफ़्तिों,बैको,न्यायालयों मे ककया िाता िै| भूतपूिष प्रिािमंत्री िािीि गांिी का कििा था की “भाित मे बिुत सी भाषाएं बोली िाती िै,लेककि हिन्दी को सबसे अधिक ज़्यादा लोग समझते औि बोलते िै|इसललए हिन्दी को िािभाषा के रूप मे चुिा गया िै|”
  • 14.
    मात्रभाषा • मात्रभाषा काअथष िै,मााँ से सीखी िुई भाषा • यि उत्तिभाित एिं मध्य भाित के अधिकाधिक भागों की भाषा िै • मात्रभाषा के माध्यम से दे िािेिाली लशक्षा अधिक प्रभािकािी िोती िैं • यि िमािे धचंति का सािि िै,मिि का माध्यम िै • एक बच्चे की सबसे पिली लशक्षा उिकी मात्रभाषा के माध्यम से िी िोिी चाहिए|
  • 15.
    1. हिमाचल प्रदेश 2.उत्तिाखंड 3. हदल्ली 4. िरियाणा 5. िािस्थाि 6. उत्तिप्रदेश 7. मध्यप्रदेश 8. ित्तीसगढ़ 9. झािखण्ड 10.बबिाि
  • 16.
    “मिुष्ट्य के मािलसकविकास के ललए मात्रभाषा उतिी िी आिश्यक िै,च्ितिा कक बच्चे के शािीरिक विकास के ललए माता का दूि|.....उसके मािलसक विकास के ललए उसके ऊपि मात्रभाषा के अनतरिक्त कोई दूसिी भाषा लादिा मैं मात्रभाषा के विरुद्ि पाप समझता िूाँ|”
  • 18.
    द्वितीय भाषा केरूप में हिन्दी • हिंदीति प्रदेशों में हिन्दी का पाठ-पाठि मात्रभाषा के बाद द्वितीय भाषा के रूप में ककया िाता िैं| • डॉ.तािाचंद के अध्यक्ष में स्ितंत्रता प्राच्तत के बाद एक सलमनत नियुक्त िुई च्िसमे सीनियि बेलसक स्ति पि मात्रभाषा के अनतरिक्त संघीय भाषा के अनििायषता पि लसफ़ारिश की गयी इसे द्विभाषा सूत्र किा िाता िै| • अक्टूबि 1952 ई में डॉ.लक्ष्मण स्िामी मुदललयाि अध्यक्षता में मुदललयाि आयोग संघहटत िुआ च्िसमे माध्यलमक स्ति पि हिंदीति प्रदेशों में हिन्दी भाषा के अध्ययि पि प्रमुखता दी गयी|
  • 19.
    • आि िाज्यसिकािोंके अिीिस्त सिकािी स्कू लों में हिन्दी को उसकी पूिी प्रािान्यता के साथ पढ़ाया िाता िै| • इि स्कू लों में हिन्दी भाषा पढ़िे के ललए मात्र िफ्ते में 5 पीरियड हदया िाता िै| • अहिन्दी प्रदेशों में हिन्दी पढ़िे का प्रमुख लक्ष्य िाच्ष्ट्रय एकता को स्थावपत कििा ििा िै|
  • 20.
    • हिन्दी कोमात्रभाषा के बाद सबसे अधिक मित्ि हदया िाता िै| • स्ितंत्रता संग्राम के फलस्िरूप हिन्दी का प्रचाि के िल में िोिे लगा| • सिकािी स्कू लों में मात्रभाषा के बाद सभी मान्यताओं के साथ हिन्दी पढ़ाया िाता िै| • सुगुमा िैसे पिीक्षाओं द्िािा बच्चों के हिन्दी के ज्ञाि को पिखा िा ििा िैं| • हिन्दी प्रचाि सभा,दक्षक्षण भाित हिन्दी प्रचाि सभा आहद हिन्दी के प्रचाि एिं प्रसाि के ललए आि भी कायषित िै|
  • 21.
    संक्षेप मे िमकि सकते िै की हिन्दी के विकास से िी देश का भविष्ट्य उज्िल िोगा| हिन्दी के विकास से िी देश मे सच्धि आएगी, देश त्िरित गनत से विकास के क्षेत्र मे प्रगनत किेगा औि देश का आत्मसम्माि बढ़ेगा|
  • 22.