भाषा
Language
परिभाषा
भाषा एक माध्यम है , जिसके द्वािा लोग
आपस में ववचाि ववनिमय किते हैं।
भाषा के भेद :
भाषा के मुख्यता दो रूप होते हैं।
मौखिक
(Verbal)
बोलकि अपिे ववचाि को
प्रकट कििे को मौखिक
भाषा कहते हैं।
ललखित
(Written)
ललिकि बात को प्रकट
कििे को ललखित भाषा
कहते हैं।
ललवप
(Script)
भाषा के ललििे के ववधि को
ललवप कहते हैं।
व्याकिण
भाषा को शुद्ि रूप से बोलिे औि ललििे
के ललए भाषा के नियमों की िािकािी होिा
चाहहए। इि नियमों को सीििे वाले शास्त्र
को व्याकिण कहते हैं।
साहहत्य
(literature)
ककसी भाषा के वाधचक औि
ललखित रूप को साहहत्य कह
सकते हैं।
साहहत्य दो तिह के होते हैं।
पद्य
पद्य में हम अपिे
ववचाि कववता के
रूप में प्रकट किते
हैं।
गद्य
गद्य में हम अपिे
ववचाि
कहािी,निबंि,िाटक
आहद के रूप में प्रकट
किते हैं।
िन्यवाद

Bhasha

  • 1.
  • 2.
    परिभाषा भाषा एक माध्यमहै , जिसके द्वािा लोग आपस में ववचाि ववनिमय किते हैं।
  • 3.
    भाषा के भेद: भाषा के मुख्यता दो रूप होते हैं। मौखिक (Verbal) बोलकि अपिे ववचाि को प्रकट कििे को मौखिक भाषा कहते हैं। ललखित (Written) ललिकि बात को प्रकट कििे को ललखित भाषा कहते हैं।
  • 4.
    ललवप (Script) भाषा के ललििेके ववधि को ललवप कहते हैं।
  • 5.
    व्याकिण भाषा को शुद्िरूप से बोलिे औि ललििे के ललए भाषा के नियमों की िािकािी होिा चाहहए। इि नियमों को सीििे वाले शास्त्र को व्याकिण कहते हैं।
  • 6.
    साहहत्य (literature) ककसी भाषा केवाधचक औि ललखित रूप को साहहत्य कह सकते हैं।
  • 7.
    साहहत्य दो तिहके होते हैं। पद्य पद्य में हम अपिे ववचाि कववता के रूप में प्रकट किते हैं। गद्य गद्य में हम अपिे ववचाि कहािी,निबंि,िाटक आहद के रूप में प्रकट किते हैं।
  • 8.