इस भागती दौड़ती जिंदगी से दूर हम सब फिर से उस बचपन में जाना चाहते है, वो बचकाना बातें करना चाहते है, वो बेपरवाह हंसी फिर से हँसना चाहते है, कभी कभी डांस केवल खुद के लिए करना चाहते है | वो बचपन के छोटे छोटे ख़ज़ाने: बर्फ का गोला, नारंगी की पच्चीस पैसे वाली गोलियां, वो लॉलीपॉप, और भी ऐसा ही बहुत कुछ जो हमें बचपन में ले जाता है | ये छोटे छोटे ख़ज़ाने आज भी कई महँगी चीजों से ज्यादा खुशियां बिखेर देते है |