जब हम ब चे थे जो हम बड़े होने
ना | बड़े लोग जो चाहे वो कर सकते
ना कोई उ ह पढ़ने को कहता है |
हम वो पावर (जो चाहे सो करने क
िज मेदा रयां आती है उसक बहुत
हमारा बचपन, हमार मासू मयत ,
अब जब हम उस ब डपन म है तो
बचपन चाहते है शायद ऐसे कु छ श द
सावन, वो कागज क क ती ......" |
हम सब फर से उस बचपन म जाना
फर से हँसना चाहते है, कभी कभी
छोटे ख़ज़ाने: बफ का गोला, नारंगी
बहुत कु छ जो हम बचपन म ले जाता
खु शयां बखेर देते है |
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एक दन बचपन का
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क ज द थी| हम लगता था क बड़ा हो जाना कतना
सकते है , जहाँ चाहे वहां जा सकते है, ना कोई उ ह
| और ऐसे ह कतने अन गनत क पे रज़न हम अ सर
क ) चाहते थे, पर हम पूर तरह अन भ थे क पावर
बड़ी क मत होती है और वो क मत है शायद हमारा
, और भी शायद बहुत कु छ |
शायद बहुत महँगी सी लगती है ये पावर और अब
श द म "ये दौलत भी ले लो ....... मुझको लौट
......" |
जाना चाहते है, वो बचकाना बात करना चाहते है, वो
कभी डांस के वल खुद के लए करना चाहते है | वो बचपन
नारंगी क प चीस पैसे वाल गो लयां, वो लॉल पॉप, और
जाता है | ये छोटे छोटे ख़ज़ाने आज भी कई महँगी चीज
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कतना अ छा है
डांट सकता है,
अ सर करते थे |
पावर के साथ जो
हमारा अ हड़पन,
हम वा पस वो
दो बचपन का
वो बेपरवाह हंसी
बचपन के छोटे
और भी ऐसा ह
चीज से यादा
या आपने कभी सोचा है क ब चे
य क हर कोई उनका यान रखता
य क उनक िजद पूर क जाती
य क उनके ऊपर िज मेदा रयां
जवाब ये है क
- वो खुद से बात कम करते है
- वो आसानी से हस देते है और
- वो अपने मन म बुरे व त को
- उनका दमाग क पे रज़न से दूर
- वो ईगो से दूर रहते है
- उनके पास जवाब से यादा सवाल
- वो नेह दखाने म हचकते नह ं
आप सोच रहे ह गे क अब वापस
लए नह ं तो कु छ व त के लए तो
तैयार है ?
नोट 1: अगर आप माता- पता है
जायेगा य क आपको भी ब च
जैसा देखना, आपके ब च के लए
नोट 2: आप खुश है क आप फर
जा रहे है पर पूर तरह से नह ं | आपको
बनाना, ना ता तैयार करना, कपडे
कं ह सच है क हम हमारा बचपन पूर
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इतने खुश कै से रहते है?
रखता है ................ नह ं
जाती है ........... नह ं
िज मेदा रयां नह ं होती .......... नह ं
और आसानी से रो देते है
संजो के नह ं रखते
दूर रहता है
सवाल होते है या यूँ कहे उ ह सीखने म झझक नह ं
नह ं है
ब चा बना भी बचपना करने जैसा है | पर ये बचपन
तो कया ह जा सकता है | तो या आप भी बचपना
और आपके छोटे-छोटे ब चे है तो बचपन पाना थोड़ा
के साथ ब चा बनने का बहाना मल जायेगा और
भी सर ाइज होगा |
फर से ब चे बंनने जा रहे है तो थोड़ा कए | आप ब चा
आपको कु छ काम तो खुद ह करने ह गे | जैसे खुद
मशीन म डालना | बुरा लगता है ये सब सुन कर
पूर तरह वा पस नह ं पा सकते
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नह ं होती
बचपन हमेशा के
बचपना करने के लए
थोड़ा आसान हो
और आपको ब चे
ब चा बनने तो
खुद के लए चाय
कर, पर कं ह ना
नोट 3: एक दन, बचपन के नाम
सकते, य क, आपको याद होगा
था |
तो या कया जा सकता है दन को
1. आपका हो वो दन: आपको बचपन
बराबर िज मेदा रयां हो या आप छु ी
2. उठे कु छ देर से: सुबह ज द उठने
देखा जाए तो हर तरह क भागम भाग
दन तो लेट उठने क ल ज़र ब च
3. अपने पसंद दा काटून दे खये:
आसान तर का या होगा ? टॉम एंड
काटून करै टर या फर आज के दौर
4. लॉल पॉप: आज आप इतने स म
चॉ लेट वो मज़ा नह ं दे सकती, जो
और साथ ह साथ अपने भाई बहनो
कु छ मज़े के पल लॉल पॉप म |
5. बचपन क क वताय: बचपन क
उस व त इन क वताओं को याद करना
ख़ुशी से भर देती है | साथ ह आज
क बचपन म हमने कभी इस चीज
फर इससे हम या सीखने को मल
6. बचपन के खेल: जब हम ब च
याद आ जाती है | वो छु पा-छु पी, झूले
जाने या या, जो हम आज भी
जाए | वो भी ये सोचे बना क लोग
7. ाइंग बुक और वो रंग: या आप
बहुत मदद करते है और जीवन म उ साह
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पर, आप पूरा व त ब तर पर लेटे- लेटे, ट वी देख
क बचपन म एक जगह टक कर बैठना ह सबसे
को बचपन भरा बनाने के लए :
बचपन जीने के लए ऐसा दन चुनना होगा िजस दन
छु ी पर हो ता क आप अपने बचपन को पूर तरह जी
उठने क भागम भाग, आगे के काम नपटाने क भागम
भाग से मु त होता है बचपन | कम से कम, कू ल
ब च के पास होती ह है तो य ना हम भी इसका आनंद
बचपन को याद करना हो, तो काटून क गुदगुदाती
एंड जेर , डक टे स, मोगल , गायब आया, और ना जाने
दौर के काटून को देख कर भी नया बचपन िजया जा
स म है क महँगी से महँगी चॉ लेट खर द सकते है
जो वो चंद पय वाल लॉल पॉप को घंटो तक चूसने
बहनो को देर तक बची लॉल पॉप से चढ़ाने म आता था
क उन क वताओं को याद करने का मज़ा सच म नराला
करना बहुत मुि कल हुआ करता था पर आज भी वो
आज भी जब आप उन क वताओं को पढ़गे, सुनेगे या देखगे
चीज पर यान ह नह ं दया क वो हम य पढ़ाई
मल रहा है तो तैयार हो जाइये वो सीखने को जो अब
ब च को खेलता हुआ देखते है तो हम भी हमारे बचपन
झूले जोर जोर से झूलना, फसल प ी पर उलटे चढ़ना
खु शय से भर देता है तो य ना उन पल को
लोग या सोचगे |
आप जानते है क ड ेशन और नेगे ट वट को दूर करने
उ साह को बनाये रखते है | तो य ना लाइफ टाइल
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कर नह ं बता
सबसे मुि कल होता
आप पर न के
जी सके |
भागम भाग, वैसे
कू ल क छु ी वाले
आनंद ले |
गुदगुदाती दु नयां से
जाने कतने ह
सकता है |
है पर कोई भी
चूसने म आता था
था | तो ढूँ ढये
नराला होता है |
वो क वताय हम
देखगे तो पाएंगे
जा रह है या
भी बाक है |
बचपन के खेल क
चढ़ना, और भी ना
फर से िजया
करने म कलस
टाइल और होम
डेकॉर के कलस से बाहर नकल कर
और म दावे से कह सकती हूँ क अगर
फर से वो सीनर ज़ ज र बनाएंगे िजसमे
सबके बीच म आपक सु दर सी झोपडी
को, उन रंग को फर से जीने के लए
8. साइ कल पर घूमता जहान: या
घूमाना याद है ? तब वो एक घंटे तक
घुमाने क चाह रह जाना, बचपने
साइ कल से जुड़ा कोई क सा ना
आपके दो फायदे है, एक : आप बचपन
9. फू टते गु बारे: वशेष तौर पर ये
क थीम पाट मे ला ट मे बलून फोड़ना
10. कॉ म स: या आपको आज
नागराज | मेरा फ़े वरेट कॉ मक कै रे टर
अपना फे वरेट कॉ मक कै रे टर का
कॉ म स पढ़ कर बचपन को याद कर
11. पंचतं क कहा नयां: पंचतं
ऐसी बहुत सी कहा नयां है जो दाद
देती है | मे दावे से कह सकती हूँ
य ना कहा नय के अंत के साथ साथ
12. बनाये बुलबुले: शायद ह कोई
बुलबुल को बनाने के पीछे हम सब
होने तक बस एक ह को शश मे
को शश मे जी ल िजये बचपन, चाहे
बचपन जीने के बहुत से तर के है पर
िज दा रहे | तो ये आपक चॉइस
ब चे को िज दा रखे और आपको खुश
क तरह िजए और अपने जीवन मे
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कर फर से उस के च बुक और रंग क दु नयां म खो
अगर आप को वो लक के च बुक और कलर दए जाए
िजसमे वो पहा ड़यां, उड़ते पंछ , झरने से बहता पानी
झोपडी और पास म ह आपका खेत | तो तैयार है आप
लए |
या आपको अब भी वो गम क छु य मे, कराये पे
तक लगातार साइ कल घुमाना, और फर भी आ खर
बचपने को और अमीर से भर देता है | शायद ह कोई
हो तो आइये फर से साइ कल से जुड़े नए क से
बचपन को फर से जी पाएंगे | दो : आपक सेहत दु त
ये काम मुझे बहुत ह पसंद है , वो भी इतना क म
फोड़ना नह ं भूलती और ये चीज मुझमे अंदर तक ख़ुशी
आज भी याद है : चाचा चौधर , पंक , ब लू, सुपर
कै रे टर था - बांके लाल | जब भी कोई कॉ म स क बात
नाम अपने आप जुबान पे आ जाता है तो युओं
कर लया जाए |
क कहा नयां, व म बेताल, अकबर बीरबल, संघासन
दाद नानी क कहा नय क और अपने बचपन क
क आप उनमे से अ धकतर कहा नय का अंत भूल
साथ अपना बचपन भी ढूंढ लया जाए |
होगा िजसने बचपन मे साबुन के पानी से बुलबुले
सब कु छ भूल जाया करते थे | हम वो बुलबुल के पानी
लगे रहते थे क बड़े से बड़ा बुलबुल बनाये | तो
चाहे कु छ पल के लए ह सह |
पर के वल एक शत के साथ, वो ये क हमारे अंदर का
है क आप हमेशा छोटा-छोटा कु छ ऐसा कर जो आपके
खुश रखे, या फर मह ने मे या साल मे एक दन
वो मासू मयत बनाये रखे |
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खो जाय जाये |
जाए तो आप
पानी और इन
आप उन ल ह
पे ल साइ कल
आ खर मे थोड़ा और
कोई हो िजसका
बनाये | इसम
दु त रहेगी |
म अपनी बे टय
ख़ुशी भर देती है|
सुपर कमांडो ुव,
बात करता है तो
युओं ना फर से
संघासन ब तीसी
याद िज़ंदा कर
भूल गए ह गे, तो
ना बनाये हो |
पानी के ख़तम
तो फर से उसी
का ब चा हमेशा
आपके अंदर के
पूर तरह ब चे
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म ती है िजसे याद करके , िजसे अपना कर अपने बचपन को
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एक दिन बचपन का

  • 1.
    जब हम बचे थे जो हम बड़े होने ना | बड़े लोग जो चाहे वो कर सकते ना कोई उ ह पढ़ने को कहता है | हम वो पावर (जो चाहे सो करने क िज मेदा रयां आती है उसक बहुत हमारा बचपन, हमार मासू मयत , अब जब हम उस ब डपन म है तो बचपन चाहते है शायद ऐसे कु छ श द सावन, वो कागज क क ती ......" | हम सब फर से उस बचपन म जाना फर से हँसना चाहते है, कभी कभी छोटे ख़ज़ाने: बफ का गोला, नारंगी बहुत कु छ जो हम बचपन म ले जाता खु शयां बखेर देते है | www.DreamPinch.com Anshu dreampinch@gmail.com एक दन बचपन का Image courtesy: www.pixabay.com क ज द थी| हम लगता था क बड़ा हो जाना कतना सकते है , जहाँ चाहे वहां जा सकते है, ना कोई उ ह | और ऐसे ह कतने अन गनत क पे रज़न हम अ सर क ) चाहते थे, पर हम पूर तरह अन भ थे क पावर बड़ी क मत होती है और वो क मत है शायद हमारा , और भी शायद बहुत कु छ | शायद बहुत महँगी सी लगती है ये पावर और अब श द म "ये दौलत भी ले लो ....... मुझको लौट ......" | जाना चाहते है, वो बचकाना बात करना चाहते है, वो कभी डांस के वल खुद के लए करना चाहते है | वो बचपन नारंगी क प चीस पैसे वाल गो लयां, वो लॉल पॉप, और जाता है | ये छोटे छोटे ख़ज़ाने आज भी कई महँगी चीज www.DreamPinch.com कतना अ छा है डांट सकता है, अ सर करते थे | पावर के साथ जो हमारा अ हड़पन, हम वा पस वो दो बचपन का वो बेपरवाह हंसी बचपन के छोटे और भी ऐसा ह चीज से यादा
  • 2.
    या आपने कभीसोचा है क ब चे य क हर कोई उनका यान रखता य क उनक िजद पूर क जाती य क उनके ऊपर िज मेदा रयां जवाब ये है क - वो खुद से बात कम करते है - वो आसानी से हस देते है और - वो अपने मन म बुरे व त को - उनका दमाग क पे रज़न से दूर - वो ईगो से दूर रहते है - उनके पास जवाब से यादा सवाल - वो नेह दखाने म हचकते नह ं आप सोच रहे ह गे क अब वापस लए नह ं तो कु छ व त के लए तो तैयार है ? नोट 1: अगर आप माता- पता है जायेगा य क आपको भी ब च जैसा देखना, आपके ब च के लए नोट 2: आप खुश है क आप फर जा रहे है पर पूर तरह से नह ं | आपको बनाना, ना ता तैयार करना, कपडे कं ह सच है क हम हमारा बचपन पूर www.DreamPinch.com Anshu dreampinch@gmail.com इतने खुश कै से रहते है? रखता है ................ नह ं जाती है ........... नह ं िज मेदा रयां नह ं होती .......... नह ं और आसानी से रो देते है संजो के नह ं रखते दूर रहता है सवाल होते है या यूँ कहे उ ह सीखने म झझक नह ं नह ं है ब चा बना भी बचपना करने जैसा है | पर ये बचपन तो कया ह जा सकता है | तो या आप भी बचपना और आपके छोटे-छोटे ब चे है तो बचपन पाना थोड़ा के साथ ब चा बनने का बहाना मल जायेगा और भी सर ाइज होगा | फर से ब चे बंनने जा रहे है तो थोड़ा कए | आप ब चा आपको कु छ काम तो खुद ह करने ह गे | जैसे खुद मशीन म डालना | बुरा लगता है ये सब सुन कर पूर तरह वा पस नह ं पा सकते www.DreamPinch.com नह ं होती बचपन हमेशा के बचपना करने के लए थोड़ा आसान हो और आपको ब चे ब चा बनने तो खुद के लए चाय कर, पर कं ह ना
  • 3.
    नोट 3: एकदन, बचपन के नाम सकते, य क, आपको याद होगा था | तो या कया जा सकता है दन को 1. आपका हो वो दन: आपको बचपन बराबर िज मेदा रयां हो या आप छु ी 2. उठे कु छ देर से: सुबह ज द उठने देखा जाए तो हर तरह क भागम भाग दन तो लेट उठने क ल ज़र ब च 3. अपने पसंद दा काटून दे खये: आसान तर का या होगा ? टॉम एंड काटून करै टर या फर आज के दौर 4. लॉल पॉप: आज आप इतने स म चॉ लेट वो मज़ा नह ं दे सकती, जो और साथ ह साथ अपने भाई बहनो कु छ मज़े के पल लॉल पॉप म | 5. बचपन क क वताय: बचपन क उस व त इन क वताओं को याद करना ख़ुशी से भर देती है | साथ ह आज क बचपन म हमने कभी इस चीज फर इससे हम या सीखने को मल 6. बचपन के खेल: जब हम ब च याद आ जाती है | वो छु पा-छु पी, झूले जाने या या, जो हम आज भी जाए | वो भी ये सोचे बना क लोग 7. ाइंग बुक और वो रंग: या आप बहुत मदद करते है और जीवन म उ साह www.DreamPinch.com Anshu dreampinch@gmail.com पर, आप पूरा व त ब तर पर लेटे- लेटे, ट वी देख क बचपन म एक जगह टक कर बैठना ह सबसे को बचपन भरा बनाने के लए : बचपन जीने के लए ऐसा दन चुनना होगा िजस दन छु ी पर हो ता क आप अपने बचपन को पूर तरह जी उठने क भागम भाग, आगे के काम नपटाने क भागम भाग से मु त होता है बचपन | कम से कम, कू ल ब च के पास होती ह है तो य ना हम भी इसका आनंद बचपन को याद करना हो, तो काटून क गुदगुदाती एंड जेर , डक टे स, मोगल , गायब आया, और ना जाने दौर के काटून को देख कर भी नया बचपन िजया जा स म है क महँगी से महँगी चॉ लेट खर द सकते है जो वो चंद पय वाल लॉल पॉप को घंटो तक चूसने बहनो को देर तक बची लॉल पॉप से चढ़ाने म आता था क उन क वताओं को याद करने का मज़ा सच म नराला करना बहुत मुि कल हुआ करता था पर आज भी वो आज भी जब आप उन क वताओं को पढ़गे, सुनेगे या देखगे चीज पर यान ह नह ं दया क वो हम य पढ़ाई मल रहा है तो तैयार हो जाइये वो सीखने को जो अब ब च को खेलता हुआ देखते है तो हम भी हमारे बचपन झूले जोर जोर से झूलना, फसल प ी पर उलटे चढ़ना खु शय से भर देता है तो य ना उन पल को लोग या सोचगे | आप जानते है क ड ेशन और नेगे ट वट को दूर करने उ साह को बनाये रखते है | तो य ना लाइफ टाइल www.DreamPinch.com कर नह ं बता सबसे मुि कल होता आप पर न के जी सके | भागम भाग, वैसे कू ल क छु ी वाले आनंद ले | गुदगुदाती दु नयां से जाने कतने ह सकता है | है पर कोई भी चूसने म आता था था | तो ढूँ ढये नराला होता है | वो क वताय हम देखगे तो पाएंगे जा रह है या भी बाक है | बचपन के खेल क चढ़ना, और भी ना फर से िजया करने म कलस टाइल और होम
  • 4.
    डेकॉर के कलससे बाहर नकल कर और म दावे से कह सकती हूँ क अगर फर से वो सीनर ज़ ज र बनाएंगे िजसमे सबके बीच म आपक सु दर सी झोपडी को, उन रंग को फर से जीने के लए 8. साइ कल पर घूमता जहान: या घूमाना याद है ? तब वो एक घंटे तक घुमाने क चाह रह जाना, बचपने साइ कल से जुड़ा कोई क सा ना आपके दो फायदे है, एक : आप बचपन 9. फू टते गु बारे: वशेष तौर पर ये क थीम पाट मे ला ट मे बलून फोड़ना 10. कॉ म स: या आपको आज नागराज | मेरा फ़े वरेट कॉ मक कै रे टर अपना फे वरेट कॉ मक कै रे टर का कॉ म स पढ़ कर बचपन को याद कर 11. पंचतं क कहा नयां: पंचतं ऐसी बहुत सी कहा नयां है जो दाद देती है | मे दावे से कह सकती हूँ य ना कहा नय के अंत के साथ साथ 12. बनाये बुलबुले: शायद ह कोई बुलबुल को बनाने के पीछे हम सब होने तक बस एक ह को शश मे को शश मे जी ल िजये बचपन, चाहे बचपन जीने के बहुत से तर के है पर िज दा रहे | तो ये आपक चॉइस ब चे को िज दा रखे और आपको खुश क तरह िजए और अपने जीवन मे www.DreamPinch.com Anshu dreampinch@gmail.com कर फर से उस के च बुक और रंग क दु नयां म खो अगर आप को वो लक के च बुक और कलर दए जाए िजसमे वो पहा ड़यां, उड़ते पंछ , झरने से बहता पानी झोपडी और पास म ह आपका खेत | तो तैयार है आप लए | या आपको अब भी वो गम क छु य मे, कराये पे तक लगातार साइ कल घुमाना, और फर भी आ खर बचपने को और अमीर से भर देता है | शायद ह कोई हो तो आइये फर से साइ कल से जुड़े नए क से बचपन को फर से जी पाएंगे | दो : आपक सेहत दु त ये काम मुझे बहुत ह पसंद है , वो भी इतना क म फोड़ना नह ं भूलती और ये चीज मुझमे अंदर तक ख़ुशी आज भी याद है : चाचा चौधर , पंक , ब लू, सुपर कै रे टर था - बांके लाल | जब भी कोई कॉ म स क बात नाम अपने आप जुबान पे आ जाता है तो युओं कर लया जाए | क कहा नयां, व म बेताल, अकबर बीरबल, संघासन दाद नानी क कहा नय क और अपने बचपन क क आप उनमे से अ धकतर कहा नय का अंत भूल साथ अपना बचपन भी ढूंढ लया जाए | होगा िजसने बचपन मे साबुन के पानी से बुलबुले सब कु छ भूल जाया करते थे | हम वो बुलबुल के पानी लगे रहते थे क बड़े से बड़ा बुलबुल बनाये | तो चाहे कु छ पल के लए ह सह | पर के वल एक शत के साथ, वो ये क हमारे अंदर का है क आप हमेशा छोटा-छोटा कु छ ऐसा कर जो आपके खुश रखे, या फर मह ने मे या साल मे एक दन वो मासू मयत बनाये रखे | www.DreamPinch.com खो जाय जाये | जाए तो आप पानी और इन आप उन ल ह पे ल साइ कल आ खर मे थोड़ा और कोई हो िजसका बनाये | इसम दु त रहेगी | म अपनी बे टय ख़ुशी भर देती है| सुपर कमांडो ुव, बात करता है तो युओं ना फर से संघासन ब तीसी याद िज़ंदा कर भूल गए ह गे, तो ना बनाये हो | पानी के ख़तम तो फर से उसी का ब चा हमेशा आपके अंदर के पूर तरह ब चे
  • 5.
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