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िवषय सूची
1. Why vote for Aam Aadmi Party? आम आदमी पाटीर् के िलए वोट क्य ?
वराज (SWARAJ)
2. Bringing an end to Corruption. भ्र टाचार का अंत
3. Devolving Power Directly to the People शासन सीधा लोग के हाथ म स पना
4. Providing Swift, Accessible Justice to the Common Man आम आदमी को शीघ्रता से और सरलता से उपल ध याय प्रदान करना
5. Ensuring Accountable, Humane Policing जवाबदेह, मानवतावादी नीित को सुिनि चत करना
6. Free and Fair Elections, Improving Representation वत त्र और िन पक्ष चुनाव, बेहतर प्रितिनिध व
िशक्षा और वा य (EDUCATION AND HEALTH)
7. Health: Universal Access to all Citizens वा य : सभी नागिरक को िव वभर म पहुँच उपल ध
8. Education for All सबके िलए िशक्षा (घर-घर मे िशक्षा)
अथर् यव था एवं पयार्वरण (ECONOMY AND ECOLOGY)
9. Facilitating Robust Economic Growth with Holistic Well-being िन छल अि त व के साथ व थ और मजबूत आिथर्क िवकास की
सुगमता
10. Creating Decent Jobs and Gainful Employment for our Youth युवाओं के िलए उ तम रोज़गार एवं उपलि धयो से युक्त आजीिवका
जुटाना
11. Simplify Rules, Create Accountable Institutions, Curb Black Economy सुगम िनयम,उ तरदािय वपूणर् सं थाएं, कपटी अथर्- यव था
का दमन
12. Promoting Honest Business, Unleashing Entrepreneurial Energy व छ वािण य एवं यापार, उ यमी उजार् को प्रवािहत करना
13. Empowering Citizens, particularly the Poor and Vulnerable नागिरक सशिक्तकरण- िवशेष प से गरीब एवं असुरिक्षत को सशक्त
बनाना
14. Reinvigorating the Rural Economy ग्रामीण अथर् यव था को ऊिजर्त करना
15. Improving Farmers’ Livelihood िकसानो की आजीिवका को बेहतर बनाना
16. Environment and Natural Resources Policy पयार्वरण एवं प्राकृ ितक संसाधन नीित
17. No Contractualisation of Jobs अनुबंधन मुक्त नौकिरयां /रोज़गार
18. Social Security for the Unorganised Sector असंगिठत क्षेत्र के िलए सामिजक सुरक्षा
19. Protecting the Common Man from Rising Prices बढती हुई कीमत से आम आदमी की रक्षा
सामािजक याय (SOCIAL JUSTICE)
20. Gender Justice िलंग भेद-भाव संबंधी याय
21. Ending Caste-based Inequalities जाितगत असमानताओं का अंत
22. Life Of Dignity to the Valmiki Community वा मीिक समुदाय को गिरमामय जीवन
23. Secularism and Communal Harmony धमर्-िनरपेक्षता एवं सांप्रदाियक मेलभाव (सामंज य, स भाव)
24. Security and Non-discrimination towards Muslims मुसलमान की सुरक्षा और उनके प्रित सद्भाव
25. Adivasis: Taking Charge of Their Own Development आिदवासी: अपने खुद के िवकास की िज़ मेदारी उठाना
26. Empowerment of Persons with Disability िवकलांग सशिक्तकरण
27. Nomadic and De-notified Tribes बंजारा एवं िवमुक्त जाितयाँ
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28. Animal Welfare पशु-क याण
खेल, सं कृ ित और मीिडया (SPORTS, CULTURE AND MEDIA)
29. Sports and Culture खेल एवं सं कृ ित
30. Media Policy मीिडया (संचार-मा यमधारक ) स ब धी नीित
रा ट्रीय सुरक्षा (NATIONAL SECURITY)
31. External Defence बा य सुरक्षा
32. Foreign Policy िवदेश नीित
33. Internal Security आतंिरक सुरक्षा
1. आम आदमी पाटीर् के िलए वोट क्य ?
भारतीय लोकतंत्र आज दोराहे पर खड़ा है . आजादी के ६५ वषर् बाद भी, अभी वराज का सपना पूरा होना शेष है . देश का लोकतंत्र एक
उबाऊ नीरसता म िसमट कर रह गया है, जो हर पाँच वषर् म होने वाले चुनाव , राजनीितज्ञ व द तरशाह के हाथ होने वाली उपेक्षा
और अपमान से जजर्र हो रहा है . राजनीितक पािटर्याँ लोग की आवाज़ को खोज पाने और सब तक पहुँचाने म सहायक होने के बजाय
एक चुनावी यंत्र बन कर रह गई ह . ये यंत्र, पहले मतदाताओं को पकड़ कर उनके आगे झूठे वायद का ‘चारा’ डालते है और बाद म
उ ह ही ‘चारा’ बना कर इ तेमाल करते ह . इसके बाद, धन को स ता म बदलने और िफर स ता से धन बनाने के काम म अगले
चुनाव आने तक िल त रहते ह . राजनीितक पािटर्याँ जनता को ‘सुशासन’ के छलावे मे रखती है लेिकन वह वाय त सरकार का िनदान
नहीं होता . वराज का मतलब मात्र अंग्रेज के शासन से मुिक्त नहीं था . वराज का मतलब है ‘अपना राज’ . लोग का अपनी
िनयित पर िनयंत्रण, अपनी कु शलक्षेम से स बंिधत मामल म िनणर्य लेने का अिधकार, स ता के उपकरण को िनिदर् ट करने का अिधकार
और शासक को उनके काय के िलए उ तरदायी ठहराने का अिधकार .
वराज का ता पयर् है – जनता वारा, जनता के िलए, जनता का शासन, न िक नेताओं और बाबुओं का शासन .
महा मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद बोस, भगत िसंह,अशफाक उ लाह, चंद्र शेखर, रामप्रसाद िबि मल, मंगल पा डे से लेकर लाख शहीद ने
देश की आजादी के िलए जान कु बार्न की . क्या उन लोग ने अपना जीवन इसिलए बिलदान िकया था िक अंग्रेज के बजाय, उनके ही
देशवासी, देश को लूटे ? उन बहादुर वतंत्रता सेनािनय ने एक ऐसे भारत की संक पना की थी िजसका उ लेख हमारे संिवधान की
आमुख (प्र तावना) म िकया गया है -
हम, भारत के लोग, भारत को एक स पूणर् प्रभु व संप न, समाजवादी, धमर् िनरपेक्ष, लोकताि त्रक गणरा य बनाने के िलए तथा उसके सम त
नागिरक को: सामािजक आिथर्क और राजनैितक याय, िवचार, अिभ यिक्त, िव वास, धमर् और उपासना की वतंत्रता, प्रित ठा और अवसर
की समता, सबम प्रा त करने के िलए, तथा उन सब म, यिक्त की गिरमा एवं रा ट्र की एकता एवं अखंडता सुिनि चत करने वाली बंधुता
बढ़ाने के िलए ढ़ संक प होकर अपनी इस संिवधान सभा म आज तारीख २६ नव बर १९४९ को एत वारा इस संिवधान को अंगीकृ त,
अिधिनयिमत और वयं को इसके िलए अिपर्त करते ह .
यह प्र तावना हमारे सपने को, आम भारतीय के सपने को विणर्त करती है . यह लोकतंत्र का, सामािजक याय का, धमर्िनरपेक्षता और
संप्रभुता संप न भारत का सपना है . संिवधान की प्र तावना एक िन पक्ष समाज का वचन देती ह . यह वतंत्रता,समानता और भाई-चारे
का वायदा है . यह वायदा आज तक पूरा नहीं हो पाया है . आज हमारा भारत तीन खतर का सामना कर रहा है : भ्र टाचार,
स प्रदायवाद और सांठ-गांठ का पूंजीवाद . ये खतरे हमारे देश की संरचना (ढाँचे) को और आम आदमी के जीवन को न ट कर रहे
ह . आज इन सम याओं के समाधान के िलए देश के लोग को एकजुट होने की ज़ रत है . ‘आम आदमी पाटीर्’ राजनीितक शिक्त को
भारत के लोग के हाथ म वािपस लाने के िलए, नीितय को आम आदमी के पक्ष म, आम आदमी के राय-मशिवरे से बनाने के िलए
किटबद्ध है िजससे आम जनता, भ्र टाचार, स प्रदायवाद और सांठ-गांठ का पूंजीवाद जैसे खतर से मोचार् ले सके .
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‘आम आदमी पाटीर्’ कोई ऎसी-वैसी पाटीर् नहीं है, यह वो पाटीर् है जो रामलीला मैदान और जंतर-मंतर के संघषर् से ज मी है . यह यहाँ
पर िसफ़र् चुनाव लडने नहीं आई है बि क यह तो खेल के िनयम बदलने आई है . यह देश की राजनीित के कु प चेहरे को बदलने आई
है . यह सरकार और जनता के स ब ध को पांतिरत करने आई है . यह यहाँ पर सच म ‘सरकार को लोग का बनाने’ आई है . यह वो
पाटीर् है, जो भारत के हर आम पु ष और मिहला के ि टकोण को, यथाथर् को, साथ लेकर आई है . यह पाटीर् वो पाटीर् नहीं है, जो कहती
है – ‘म आपकी सारी सम याएं सुलझा दूंगी’. इसका येय है – ‘ वराज’ यानी ‘आप का शासन’ मतलब िक यह शासन को आपके हाथ
म लौटाना चाहती है , िजससे आप वयं अपनी सम याओं का िनदान खोज सके , खुद उनका समाधान िनकाल सके .
वराज
2. भ्र टाचार का अंत
जनलोकपाल िबल :
जनलोकपाल एक वत त्र, सशक्त और जवाबदेह प्रशासिनक िशकायत जाँच अिधकारी/ लोकपाल के प म संकि पत िकया गया, जो
वत त्र प से,िव वसनीयता के साथ और िबना िकसी देरी के अिवल ब सरकारी कमर्चािरय के भ्र टाचार संबंधी अपराध की जाँच करे .
जब िक यू.पी.ए. सरकार ने प्रगट प से लोकपाल िबल पास िकया जो िक दंतहीन यानी अप्रभावी िबल है . जो भ्र टाचार से सबलता से
नहीं लड़ सके गा . इसिलए आ.आ.पा. एक सु ढ़ भ्र टाचार िवरोधी कानून, ‘जनलोकपाल िबल’ लाने के िलए किटबद्ध है . इस िबल म
िन निलिखत बात का प्रावधान होगा :
 के द्रीय सरकार के सभी जनािधकारी,(िजनम प्रधानमंत्री, के द्रीय मंत्री और सांसद भी शािमल ह गे) ‘लोकपाल’ वारा की जाने वाली
जांच पडताल के दायर म आयेग . के द्रीय सरकार के जनािधकािरय को अपनी संपि त की वािषर्क िरपोटर् देनी होगी . यिद संपि त
की कोई भी चीज़ घोिषत होने से रह जायेगी, तो वह ज़ त कर ली जायेगी .
 कोई भी सरकारी अिधकारी यिद भ्र टाचार का दोषी पाया गया तो, वह अपने पद से हटा िदया जायेगा और उसे कारावास की सज़ा
िमलेगी . संपि त की ‘अघोषणा’ ज़ त िकए जाने का आधार बनेगी .
 भ्र टाचार के मामल म िनधार्िरत समय सीमा म जांच-पडताल और सुनवाई होगी .
 लोकपाल को भ्र टाचार के आरोिपयो के िखलाफ़ जांच जारी करने और कानूनी कायर्वाही करने का अिधकार होगा . संगठन के पास
प्रशासिनक, राजकर संबंधी और जाँच की वाय तता होगी . सी.बी.आई पर लोकपाल का शासकीय अिधकार और िनयंत्रण होगा
िजससे िक ‘जाँच प्रशासन’ सरकार से अलग वाधीन ि थित म होगा .
 नागिरक का शासन-पत्र (चाटर्र) के द्र के सभी सरकारी कायार्लय म िदया जायेगा . इस शासन-पत्र म सरकारी अिधकािरय की
िनधार्िरत सीमा म दी जाने वाली उन अनेक प्रकार की सेवाओं का लेखा-जोखा होगा, जो वे नागिरक को दगे . िशकायत िनवारण
प्रणाली पेश की जायेगी और नागिरक का शासन-पत्र से स बंिधत िकसी भी तरह का उ लंघन दंडनीय होगा .
 ’भ्र टाचारी’ के िखलाफ़ सचेत करने वाले (मुखिबर) को पूरी सुरक्षा प्रदान की जायेगी तथा यायपूणर् यव था म योगदान हेतु उसे
पुर कृ त भी िकया जायेगा .
वराज िबल :
आ.आ.पा. वराज िबल को कानूनी प देगी जो ‘ग्राम सभा’ और ‘मौह ला सभा’ को अिधकार ह तांतिरत करेगा और इस तरह भ्र टाचार
का थानीय तर पर दमन करेगा . वराज िबल के बारे म िव तार िन निलिखत अनुभाग म उपल ध है ;
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1) सरकारी प्रिक्रया का सरलीकरण - अिधकतर सरकारी प्रिक्रयाएं अनावा यक प से जिटल ह और भ्र टाचार के अवसर प्रदान
करती ह. समूची सरकारी प्रिक्रया को सुगम बनाने का गंभीर प्रयास िकया जायेगा .
2) सूचना तकनीक का प्रयोग - हम सूचना तकनीक के प्रयोग को प्रो सािहत करेग िजससे पारदिशर्ता आए तथा सरकारी कम-काज
म भ्र टाचार घटे .
3. वराज : शासन सीधा लोग के हाथ म स पना
‘आम आदमी पाटीर्’ िसफ़र् सरकार बनाने के िलए ही नहीं,बि क मूलभूत प से शासन- यव था को पांतिरत करने के िलए चुनाव लड़
रही है . हमारी यह ढ धारणा है िक लोग को िनणर्य लेने का अिधकार होना चािहए और सीधा उ ही के वारा िक्रयाि वत होना चािहए
. हमारी ‘ वराज’ की संक पना म भारत का प्र येक नागिरक िनणर्य ले सके गा, जो उनके जीवन को प्रभािवत करेगा . लोग िनणर्य लेग
और चयिनत प्रितिनिध उनको िक्रयाि वत करेग . जीवन मे ‘ वराज’ के व न को साकार करने के िलए ज़ री है िक िनणर्य लेने के
अिधकार ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला सभा’ को िदए जाएँ . हम वराज िबल को िन निलिखत प्रावधान के साथ पािरत करायेगे :
1) प्र येक ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला-सभा’ को अपने क्षेत्र म िवकास संबंधी काय के िलए प्रितवषर् संयुक्त धनरािश दी जायेगी,
िजसे वे अपनी प्राथिमकताओं और आव यकताओं के अनुसार इ तेमाल कर सके गीं . ग्राम-सभा (या मौह ला-सभा) यह िनि चत
करेगीं िक िकस तरह और कहाँ धनरािश का सदुपयोग िकया जायेगा . जैसे उदहारण के िलए, ज़ रत की कोई खास सडक
बनवाना, िव यालय म मर मत करवाना, दवाखाना खुलवाना,वषार् जल का संचयन आिद, आिद .
2) सरकार वारा िकए गए िकसी भी काम के िलए धन रािश का भुगतान तभी िकया जायेगा, जब ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला-सभा’
िकए गए काम से संतु ट होगीं .
3) जब थानीय राशन की दुकान पर, अिनयिमतताएं और िकसी भी तरह का अनाचार पाया जाएगा तो, ‘ग्राम-सभा’ (या
मौह ला-सभा) िवतरक का लाइसस र करने के िलए और नए िवतरक को लाइसस देने के िलए अिधकृ त होगी
4) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) को जो धन-रािश आवंिटत की जायेगी, उसम से उसे अपने क्षेत्र के िलए िकसी भी तरह की
योजनाएं बनाने के िलए वाय तता होगी .
5) ग्रामीण और शहरी इलाक म लोग के सभी प्रमाण-पत्र (जैसे, ज म, मृ यु, जाित, आय प्रमाण-पत्र आिद) ‘ग्राम-सभा’ (या
मौह ला-सभा) सिचवालय म िनगर्त िकए जायेगे . इन बुिनयादी सेवाओं के िलए लोग को तहसीलदार के कायार्लय म िर वत
देने से मुिक्त िमलेगी .
6) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) को इस बारे म िनणर्य लेने का अिधकार होगा िक उनके गाँव या मौह ले म शराब की दुकान
खुले या न खुले . उ हे अपने गाँव या मौह ले म शराब की दुकान को बंद करने का भी अिधकार होगा . िकसी भी ‘ग्राम-
सभा’ (या मौह ला-सभा) के इस िनणर्य पर सहमित के िलए, कम से कम ५०% मिहलाओं की िनिदर् ट संख्या अपेिक्षत होगी .
7) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) थानीय सरकारी िव यालय और प्राथिमक वा य के द्र के काय और गितिविधय का
अनुवीक्षण और िनरीक्षण करेगीं .
8) सरकारी योजनाओं से लाभाि वत लोग जैसे - िवधवा पशन, वृद्धाव था पशन आिद,आिद की ‘ग्राम-सभा ‘ (या मौह ला-सभा)
वारा सूची बनाई जायेगी .
9) ‘ग्राम सभा’ (या मौह ला-सभा) म िनिदर् ट संख्या िसफ़र् अंक म ही नहीं होगी, बि क अिधकारहीन समुदाय की यूनतम
उपि थित पर आधािरत होगी . सामिजक याय लोकपाल सं था की रचना ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) के िनणर्य और
कायर्, वैधािनक और संवैधािनक ढांचे के अंतगर्त ह िक नहीं और वे िकसी भी समूह या समुदाय के िव द्ध भेदभाव तो नहीं
कर रही, यह सुिनि चत करेगी .
10) कु छ ही वष म जब ‘ग्राम सभा’ (या मौह ला-सभा) की कायर् प्रणाली अ छी तरह थािपत हो जायगी, तो िवधान प्रिक्रया म
उनकी भागीदारी की संभावना पर िवचार िकया जाएगा . उन िवषय की एक सूची बनाई जायेगी िजन पर ग्राम-सभाओं का
राय-मशिवरा अिनवायर् होगा . उ ह कानून बनाने की शु आत करने का अिधकार भी िदया जायेगा, िजस पर बाद म रा य
िवधान सभा और संसद िवचार करेगीं .
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4. आम आदमी को शीघ्रता और सुगमता से याय िदलाए जाने की यव था :
आ.आ.पा. यह सुिनि चत करने के िलए ढता से समिपर्त है िक आप आदमी को अिवल ब, िन पक्ष, वहन करने योग्य और जवाबदेह
याय यव था िमल . व तर्मान याियक यव था के प्रमुख मु े है - याय प्राि त का आम आदमी की पहुँच के बाहर होने का कारण है
अ)प्रिक्रया की िवषमताएं और अदालत व याियक ढांचे से आम आदमी की भौितक दूरी,
अ) फै सला सुनाने म अ यिधक देर करना,
आ) कमज़ोर अवसंरचना, िशिथल मानव संसाधन, िकराए पर लेने की मांग करने वाला यवहार, और
इ) संवेदनशीलता की कमी, संभ्रांतवादी मानिसकता तथा यायाधीश वारा आम आदमी की सम याओं को समझने का अभाव .
इस िदशा म आ.आ.पा. -
(आ.आ.पा.) ग्राम अदालत की उिचत संख्या तैयार करेगी, िजनकी प्रिक्रया बहुत सुगम और सरल होगी . जबिक २००८ के अिधिनयम ने
इस पिरक पना को प्रार भ िकया था, िक तु ग्राम अदालत असरदार याय देने वाली इकाई न बन सकी . आ.आ.पा. यह सुिनि चत
करने के िलए वचनबद्ध है िक छोटे-छोटे मुकदम, जो आम आदमी के जीवन को गित से प्रभािवत करते है, इस बात को यान म रखते
हुए - वे (ग्राम यायालय) उनके बारे म कायर्वाही करेग.
(आ.आ.पा.) प्रिक्रया (जैसे िक सी.पी.सी., सीआर.पी.सी प्रमाण अिधिनयम) अविध अिधिनयम कायर्िविधक कानून को सुगम बनायेगी -
1. रा य तर और रा ट्रीय दोन तर पर ‘ याियक िनयुिक्त आयोग’(JAC) गिठत करेगी, िजससे िनचली और उ च अदालत के
यायाधीश की िनयुिक्तय की प्रिक्रया पारदशीर् बन सके .
१) (आ.आ.पा.) इसे अिनवायर् आव यकता बनाएगी (मूलभूत ‘जनलोकपाल’ िसद्धांत के अनु प) - यायाधीश की संपि त का पूरा
खुलासा, उसकी घोषणा और अघोिषत संपि त का ज़ त िकया जाना;
२) (आ.आ.पा.) हर तर की यायपािलका के तहत ‘गितशील अदालत’ थािपत करेगी .
३) (आ.आ.पा.) पाँच वष म अदालत और याियक शिक्त की संख्या दुगुनी करेगी .
४) (आ.आ.पा.) क यूटीकरण सिहत अदालत की व तर्मान अवसंरचना की अिधक सक्षमता के िलए, उ ह बेहतर बनाएगी ..
5. मानवीय एवं उ तरदािय वपूणर् यव था की सुिनि चतता:
आज आम आदमी, ‘पुिलस’ को सुरक्षा देने वाले बल के प म नहीं, बि क दमन और उ पीडन के प म देखता है . पुिलस अपनी ि थित
िनधार्रण म, मूलभूत प से जनता-िवरोधी औपिनवेिशक सं था के प म बनी हुई है, मानो शासन पद्धित की िव तािरत और अक्सर
मनमानी करने वाली शाखा . वराज का ल य पुिलस को ‘जन-िमत्र’ बनाने के िलए मूलभूत िदशा िनदश मांगता है . इसिलए ‘पुिलस बल’
म लाए जाने वाले सुधार का ल य होना चािहए - लोग के प्रित अिधक जवाबदेह होना, यावसायीकृ त होना, राजनीितक दु पयोग से
मुक्त अिधक वाय त होना, (अनाव क) अिधकार से अलगाव,बेहतर प्रिशक्षण और खुद पुिलस के िलए काम करने के वातावरण का
मानवोिचत होना .
1. पुिलस को राजनीितक अिधशासन के दु पयोग से अलग करके , काम करने की वाय तता प्रदान करते हुए
2. पुिलस सुधार पर सुप्रीम कोटर् के फै सले का लागू िकया जाना,
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3. थानीय ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) के प्रित पुिलस की जवाबदेही, कानून और यव था को बनाये रखने के िलए अलग से
अिधकार तथा पुिलस के अलग-अलग दो ख ड म जाँच-पडताल . पुिलस की िहरासत म रखे जाने का अिधकार ख म कर
िदया जाना चािहए . हर तरह की िहरासत िसफ़र् याियक होगी और िकसी भी तरह का जवाब-तलब भी याियक िहरासत म ही
िकया जायेगा .
4. िकसी भी पुिलस अिधकारी वारा िशकायत (एफ.आई.आर.) दज़र् करने की मनाही, दंडनीय अपराध माना जायेगा .
5. पुिलस के जनता से संपकर् साधने के क्षेत्र म वीिडय य व था सुिनि चत करके , पुिलस के कायर्-संपादन म अिधक पारदिशर्ता
लाई जायेगी . जांच अिधकारी वारा आरोपी से जवाब-तलब भी वीिडय के तहत होगा .
6. पुिलस कमर्चािरय के प्रितिदन काम करने के घंटे, आठ घंट से अिधक न ह , िन पक्ष, पारदशीर्, और पहुँच के अंदर ‘िशकायत
िनवारण यव था’ का प्रबंध होगा तथा कमचार्री, मुखिबर की सुरक्षा की यव था का लाभ प्रा त कर सके गा . पुिलस कमर्चारी
का, उ च पुिलस अिधकारी के घर पर अदर्ली या पहरेदार की तरह इ तेमाल िकया जाना ख म कर िदया जाएगा . इस तरह
पुिलस कमर्चािरय की काम करने की दशाओं को बेहतर बनाया जाएगा,
7. बड़ी मात्रा म ‘पुिलस बल’ का वी.आई.पी. सुरक्षा के िलए प्रयोग का िवरोध िकया जायेगा .
8. पुिलस कमर्चारी की िनयुिक्त तरीय और पारदशीर् ढंग से की जाएगी िजससे भ्र टाचार और पक्षपात की संभावनाओं को दूर
िकया जा सके . पुिलस कमर्चारी वारा िकए गए उ तम काय के िलए पुर कार की प्रिक्रया सं थागत होगी .
6. वत त्र और िन पक्ष चुनाव, बेहतर प्रितिनिध व :
हालांिक हमारे देश म तथाकिथत वतंत्र और िन पक्ष चुनाव इन श द के नाम मात्र के अथर् म उपल ध है, राजनीितक प्रितिनिध व की
प्रणाली नागिरको को अथर्पूणर् और सारपूणर् चयन प्रदान नही करती और न ही यह राजनीितक प्रित पद्धार् के िलए बराबर का खेल खेलने
को मैदान प्रदान करती है. हम ऐसे िविवध प्रकार के दूरगामी राजनीितक सुधार की आव यकता है, जो लोकतांित्रक उ थान को गहरा कर
और साथ ही ‘ वराज’ के आदशर् (मॉडल) के तालमेल म भी हो. इसके िलए ‘आम आदमी पाटीर्’ िन निलिखत कदम उठाएगी -
1. चुनाव आयुक्त बहु-सद यीय संवैधािनक कमेटी वारा िनयुक्त िकये जाने चािहए . चुनाव आयोग को इसके वे िविवध अिधकार िदए
जाने चािहए, िज ह वह अपनी वाधीनता के िलए माँगता आ रहा है . साथ ही, िनयम बनाने का तथा आयोग को प्र यािशय
वारा िदए गए शपथ पत्र (हलफनामे) की जाँच का अिधकार िदया जाना चािहए .
2. काला धन राजनीितक पािटर्य के िलए कठोर प्रकटीकरण िनयम वारा, कर-िववरण के सख्त सू म िनरीक्षण वारा, यिक्तगत
योगदान पर अंितम सीमा और कु ल सारे यय पर ‘वा तिवक सीमा’ वारा प्रितबंिधत िकया जाना चािहए .
3. राजनीितक पािटर्य को सूचना और संचार मा यम पर समान पहुँच दी जानी चािहए . संचार मा यम की तोड़-मरोड जैसे िक उ ह
धन-रािश देकर, अपने बारे म मनचाही बाते जनता तक पहुँचवाना, असीिमत मीिडया िवज्ञापन और स ताधारी पाटीर् के प्रचार के िलए
जनता के धन का दु पयोग करने पर िनय त्रण िकया जाना चािहए .
4. राजनीितक पािटर्य का आतंिरक कायर्-संपादन यह सुिनि चत करने के िलए िनयंित्रत िकया जाना चािहए िक वे आधारभूत
प्रजातांित्रक प्रिक्रया का अनुसरण करती ह या नहीं, ‘सूचना के अिधकार’ के तहत पारदिशर्ता के िनयम अपनाती ह िक नहीं, संिवधान
वारा सं तुत लेखा-परीक्षक (ऑिडटर) से अपने खाते िनरीिक्षत करवाती ह िक नहीं.
5. चुनाव प्रणाली की प्रितिनिध वता को बेहतर बनाने के िलए, व तर्मान ‘जो यादा मत पाया वह जीता’ प्रणाली समानुपाितक
प्रितिनिध व वारा पूरक बनाई जानी चािहए .
6. ‘अ वीकृ त करने का अिधकार’ एवं ‘िफर से बुलाने का अिधकार’ के प्रावधान प्रार भ होने चािहए .
7. देश की राजनीितक प्रिक्रयाओं और गितिविधय म युवक की भागीदारी बेहतर बनाने के िलए, चुनाव लडने वाल की यूनतम आयु
सीमा २५ से २१ तक की जानी चािहए .
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वा य एवं िशक्षा :
7. वा य : सभी नागिरक को िव वभर म पहुँच उपल ध
भारत की जन- वा य यव था संकट म है . आम आदमी की अ छे िक म की वा य सुिवधाओं तक पहुँच नहीं है, और एक गंभीर
बीमारी आदमी को गंभीर आिथर्क संकट म डाल सकती है . ‘आम आदमी पाटीर्’ यह सुिनि चत करने हेतु कमर कस के प्रयासरत है .
इस देश के प्र येक नागिरक को ऊं चे िक म की वा य सुिवधाएं उपल ध होनी चािहए, चाहे वे गरीब ह या अमीर, इसके िलए
आ.आ.पा. -
1. एक एक यापक प से लागू िकया जाने वाला कानून – ‘ वा य की देखभाल का कानून’ बनायेगी िजससे सभी गरीब-अमीर
नागिरक की उ च िक म की वा य सुिवधाओं तक पहुँच हो सके . यह ‘िशक्षा के अिधकार के साथ-साथ शु िकया
जायेगा .
2. (आ.आ.पा) धनरािश, काय और कायर्कतार्ओं का थानीय सरकार के उिचत तर पर िवके द्रीकरण करके उपभोक्ताओं के प्रित
जन- वा य यव था की िज़ मेदारी और जवाबदेही को बेहतर बनाएगी .
3. (आ.आ.पा) िनि चत करेगी िक सभी ज़ री दवाईयां िनयिमत प से जन- वा य सुिवधाओं के अंतगर्त उपल ध ह , और लोग
को िन:शु क िमल . आ.आ.पा. प्रा त को थोक म ‘जेनेिरक’ दवाइय की खरीद के िलए पारदशीर् ‘प्राि त प्रणाली’ अपनाने के
िलए प्रेिरत करेगी .
4. िनजी वा य सेवाएं देने वाल की जवाबदेही को, प्राइवेट अ पताल वारा रोिगय के अिधकार , िविवध दवाओं की कीमत और
सेवाओं के मू य को िलिखत प से वा य के द्र पर लगा कर बेहतर बनायेगी . यह भी सुिनि चत करेगी िक सरकार वारा
आिथर्क सहायता प्रा त िनजी वा य सेवा के द्र, आम आदमी के प्रित अपने वचन का स मान करते हुए, उसे पूरी तरह
िनभाए .
5. ‘आयुष’ (AYUSH - आयुवद, योग एवं प्राकृ ितक िचिक सा, यूनानी, िसद्धा और हो योपैथी) और थानीय पारंपिरक वा य
िनदान, जन- वा य के िलए मह वपूणर् भूिमका िनभाये . इन औषिधय की पद्धितय म शोध हेतु बड़े जनसमुदाय का िनवेश
िकया जाए. यानी जनता इन िचिक सा पद्धितय को अिधक से अिधक अपनाए .
6. यह सुिनि चत करना िक प्राथिमक वा य के द्र पर सभी िरक्त थान भर चुके ह िक नहीं . नीचे से पहली पंिक्त म सामने
आने वाले कमर्चािरय को अ छी तरह से प्रिशिक्षत वगर् के प मे िवकिसत करके , मानव संसाधन म िनवेश करना .
.
8. सबके िलए िशक्षा :
भारत की ‘सरकारी कू ल पद्धित’ दयनीय ि थित म बनी हुई है और आम आदमी सरकारी िशक्षा के अलावा, उ तम िक म की िशक्षा को
वहन नहीं कर पाता . इस पृ ठभूिम के िव द्ध आ.आ.पा. - िजसके िलए आिखरी आदमी की ‘कु शल-क्षेम’, उसकी नीित और राजनीित के
िलए ‘कसौटी’ के समान है, समाज के सभी वग के िलए सच म यायसंगत प से पहुँच के अंदर प्रावधान को सुिनि चत करने की
अपनी प्रितबद्धता को पुि ट करती है . इसके िलए आ.आ.पा. -
1. सभी ब चो के िलए चाहे वे उसकी फीस दे पाए या न दे पाये, ऊं चे तर की िशक्षा तक ‘पहुँच का’, रा य वारा प्रावधान करायेगी .
उिचत बजट के आवंटन, प्रशासक एवं अ यापक की भतीर् और क्षमता िनिमर्ित के वारा जन-िशक्षा पद्धित को सशक्त बनायेगी .
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2. कु ल नामांकन, अनु तीणर् होने वाल छात्र की सूची, उ तम िशक्षा, िव यालय म भेदभाव का अभाव तथा आगे उ च िशक्षा तक
पहुँच की सुिवधाओं आिद को सुिनि चत करके , लडिकय , पहली पीढ़ी के िशक्षािथर्य , गरीब पिरवार और सामािजक प से िपछड़े
समुदाय के छात्र के िलए िवशेष प्रावधान उपल ध कराएगी .
3. िव यालय और अ यापक की ‘ग्राम-सभा’ या ‘मौह ला सभा’ को जवाबदेही के साथ िव यालय के प्रबंधन, स दभर् युक्त पा यक्रम
बनाने म थानीय लोगो को संलग्न करेगी,
4. संदभर् युक्त प्रासंिगक पा यक्रम, जो लोकतंत्र, धमर्िनरपेक्षता, यायसंगतता और िन पक्षता और साथ ही, भारत की अनेक सं कृ ितय
और जीवन शैिलय के लोकाचार म उतरा हुआ होगा, उसे किद्रत करेगी .
5. िशक्षा पद्धित, पिरणाम को किद्रत करने वाली होगी, न िक िनवेश (इनपुट) को . (आ.अ.पा.) िशक्षा के पिरणाम को किद्रत करने के
िलए िजला सं थान िशक्षा एवं प्रिशक्षण और रा य पिरषद शैिक्षक शोध एवं प्रिशक्षण मे सुधार लाएगी और ‘अ यापक िशक्षा
प्रणाली’ को भी पुनिनर्िमर्त करेगी .
6. (आ.अ.पा.) समुिचत क्षितपूितर् के िलए, िनरंतर प्रिशिक्षत और उ तरदािय व से काम करने वाले प्रिशिक्षत अ यापक को पयार् त
संख्या म पारदशीर् चयन प्रिक्रया वारा थायी प से िनयुक्त करेगी .
7. यावसाियक प्रिशक्षण के िलए अिधक से अिधक संख्या म तकनीिक प्रिशक्षण सं थान थािपत करेगी . तकनीिक िशक्षा प्रा त छात्र
को प्रेिरत करेगी और अवसर देगी िक वे अपना खुद का यवसाय थािपत कर .
8. िव यालय के पा यक्रम म यावसाियक और शैिक्षक िशक्षा का सम वयन िकया जायेगा . उ च िशक्षा म भी यावसाियक िडिग्रय
को समथर्न िदया जायेगा . उ ह िवकास की ओर ले जाया जाएगा . जनता वारा आिथर्क प से पोिषत उ च िशक्षा को खासतौर से,
गुणव ता को बढ़ाने पर सरकार वारा बड़ी आिथर्क सहायता िदलाई जायेगी .
9. आई.आई.टी., ऐ स, आई ए.एस.ई.आर. जैसे जनता वारा आिथर्क प से पोिषत, वैि वक तर के अनेक उ च िशक्षा सं थान यह
सुिनि चत करने के िलए थािपत कराये जायेग िक देश के प्रितभाशाली छात्र चाहे वे िकसी भी पृ ठभूिम से ह , उ च िशक्षा प्रा त
कर सक .
10. १०) (आ.आ.पा) उ च िशक्षा सं थान म स पोषण के द्र थािपत करके , उ यम के िलए ऊ च िशक्षा को रोज़गार के अवसर से
जोड़ेगी .
11. िद ली िव विव यालय म अप्रजातांित्रक तरीके से शु िकए गए चार वषीर्य नातक कायर्क्रम को पीछे खदेडेगी. .
अथर् यव था एवं पयार्वरण:
आ.आ.पा. भारत के िलए एक प्रभावशाली, यायसंगत और पयार्वरण वारा बनी रहने वाली ‘अथर् यव था’ को पोिषत करने वाले ,
संतुिलत िवकास मॉडल की पिरक पना करती है, जहाँ -
मूलभूत ज़ रते जैसे - भोजन, आवास, िशक्षा, वा य, िबजली, पानी, शौचालय तथा अ य मूलभूत सुिवधाएँ प्र येक यिक्त की
पहुँच म होगी .
िकसान संप न और समृद्ध ह गे और अपनी आजीिवका को सुरिक्षत रख सके ग .
युवाओं को जीिवका की सुिनि चतता होगी और उ ह उपलाि धपरक रोज़गार िमलेगा .
इमानदारी से भरपूर उ यम /उ योग को प्रो सािहत िकया जायेगा और वे सिक्रय बनेग .
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लोग सशक्त होगे और अपनी समुिचत साम यर् को अनुभूत कर सके ग .
कानून- यव था िबना िकसी प्रभु व के लागू होगी तथा िववाद शीघ्राितशीघ्र सुलझाये जायेग .
मानवीय और पयार्वरण स ब धी पूंजी िनरंतर समृद्ध होगी .
‘कर-पद्धित’ सरलता, िनि चतता और पारदिशर्ता पर आधािरत होगी
एक िन पक्ष नीित के तहत पयार्वरण, सहभािगतापूणर्, पारदशीर्, उ तरदािय वपूणर् सं थाओं वारा समिथर्त होगा
आ.आ.पा अपनी आिथर्क संक पना को, अपनी राजनीितक आ थाओं से सृिजत करती है, िजसकी जड़े िवके ि द्रत प्रशासन, पारदिशर्ता,
उ तरदािय व और यायसंगतता म ह . इसका िव वास है िक भारत एक िविश ट िवकास मॉडल के प म िवकिसत होकर उभरेगा, जो
भारत के नागिरको की आकांक्षाओ, इसकी जिटलताओं और मानदंडो को चुनौती देने वाला होगा . यह मॉडल िनरंतर उ तम और उ कृ ट
होता जायेगा क्य िक आ.आ.पा. भारतीय की नीित िनधार्रण प्रिक्रया एवं प्रमाण आधािरत जानकारी के बढ़ते हुए यापक प्रितिनिध व को
शािमल करने म िव वास करती है . आ.आ.पा खुले िदलो-िदमाग से पावन व िन छल ि टकोण म आ था रखती है, जो अंतदशीय और
अंतरार् ट्रीय िव तीय शासन म पर परािन ठ िवचारधारा से बंधा हुआ नहीं है . न ये वाम है और न दिक्षण, यह हर उस नए और पुराने
उ तम िवचार का समथर्न करेगी, जो भारत के िहत म होगा . इस सबके ऊपर, आ.आ.पा की आिथर्क नीित हमेशा भारतीय संिवधान के
‘रा य के नीित िनदशक िसद्धांत’ से प्रेिरत होगी .
जैसे िक आज भ्र टाचार, सांठ-गांठ का पूंजीवाद, कु -शासन, उवर्रक अथर् यव था मे िनवेश का अभाव, इन सब बुराईय के एकसाथ िमल
जाने से, इसने भारतीय अथर् यव था की वृिद्ध और िवकास को प्रभािवत िकया है . मुख्य धारा की राजनीितक पािटर्याँ, िज ह ने आज़ादी
के बाद से, इस देश पर िपछले ६६ वष से शासन िकया है, उनके पास देश की सम याओं के समाधान के िलए नए िवचार और
ताज़गी भरी सोच नहीं है . वे उसी पुरानी, भ्र टाचार और अप्रभावी सामािजक यय (खचर्) से युक्त, अनुिचत और यायिव द्ध वृिद्ध की
िव तीय कायर्-सूची का प्रितिनिध व करती ह . अनेक सामिजक योजनाओं पर भारी धन रािश िबना िकसी जवाबदेही और सकारा मक
पिरणाम के खचर् की जा रही है . आज देश व तर्मान भ्र ट आिथर्क नीितय का िनदान खोज रहा है . आ.आ.पा इस प्रतीिक्षत आिथर्क
कायर्सूची के िनदान को प्रतुत करेगी . व छ, खुला और पारदशीर् शासन आ.आ.पा की आिथर्क कायर्सूची के के द्र म ह . ‘साफ-सुथरा
और असरदार शासन’ आिथर्क यव था के दूरगामी थाई िवकास का श आती िबंदु होगा .
आ.आ.पा. यायसंगत और कायम रहने वाले आिथर्क िवकास मे िव वास करती है . वह सांठ -गाँठ के पूंजीवाद के िखलाफ है . इसके ही
कारण आज देश को घुटने टेकने पड़े ह . आ.आ.पा इस सांठ -गाँठ के पूंजीवाद को िमटाने के िलए अपेिक्षत कदम उठाएगी . एक देश
के प म, हम पूँजी के िवकास और िव तार की उपलि ध को किद्रत करना होगा, जो पिरणाम व प लाख रोज़गार देगी, सरकार
सामािजक दािय व और कतर् य के खच उठाने के िलए संसाधन पैदा करेगी . रोज़गार पैदा करना आ.आ.पा. की आिथर्क नीितय का
प्राथिमक ल य होगा और इससे वह ईमान से भरपूर यापार और उ योग को प्रो नत करेगी .
9. िन छल अि त व के साथ व थ, मजबूत और सुगम आिथर्क िवकास :
आ.आ.पा. की नीितयां भारत को एक थाई, यायसंगत, वैि वक प से प्रित पधार्परक एवं उ च िवकास के प्रक्षेप पथ पर लाना चाहती
है . आ.आ.पा. का िव वास है िक गितशील, मज़बूत, दुबर्ल और यायिव द्ध अथर्- यव था समाज वारा कायम नहीं की जा सकती.
इसिलए आ.आ.पा. की िवकास की अवधारणा आम आदमी की ज़ रत , दक्षताओं, संसाधन और आकांक्षाओं के सामंज य म होगी.
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1. आ.आ.पा. की नीितयां हर नागिरक को उसकी ज़ रत के इस क्रम - रोटी, कपड़ा और मकान से लेकर सुरक्षा, गिरमा, और
यिक्तगत क्षमता व साम यर् म, ‘सघन पूणर्ता’ प्रा त करने के ल य को सशक्तता से साधेगी.
2. आिथर्क और पयार्वरण संबंधी नीितय को समि वत करके , बीतते समय के साथ उनम उ तरो तर िनर तरता
3. बनाए रखते हुए, भावी पीढी की योग्यता के साथ समझौता िकए िबना, कु शलक्षेम को अिधक से अिधक िवकिसत करेगी.
4. गितशील अथर् यव था और अवसंरचना िवकास म प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी सुिनि चत करने के िलए शहरी और ग्रामीण
दोन क्षेत्र मे िव व तर की अवसंरचना तैयार करेगी.
10. युवाओं के िलए उ तम रोज़गार एवं उपलि धय से युक्त आजीिवका जुटाना :
व तर्मान भय पद बेरोजगारी के अलावा, सभी आयु वालो मे फै ला अ परोज़गार चेताने वाला है . भारत म १२ िमिलयन युवा प्रितवषर्
नौकिरयां खोजते ह .
1. आ.आ.पा. उन अथर् नीितय के मा यम से जनसंख्या संबंधी लाभांश को िनकालने के िलए प्रितबद्ध है िजससे युवको और युवितय
को कृ िष, माल उ पादन और अ य सेवाओं वाले, ईमानदारी से युक्त उ यम म उ तम रोज़गार और आजीिवका के अवसर िमलेग.
2. आ.आ.पा. यिक्त और देश, दोन के िवकास और उ थान के िलए, आजीवन जानकारी और प्रभावी तकनीक की प्रितभा के
अवसर को वहन करने के िलए प्रयास रत रहेगी .
3. आ.आ.पा. ईमानदार उ योग प्रित ठान को प्रो नत एवं प्रो सािहत करके रोज़गार जुटाने पर अपने को किद्रत करेगी : यह भ्र टाचार
को कम करके तथा अ यिधक लाइसस व िनयम की यव था को सरल बना कर ही स भव होगा .
11. सुगम िनयम,उ तरदािय वपूणर् सं थाएं, कपटपूणर् अथर्- यव था का दमन :
आ.आ.पा. एक दक्ष, उ तरदािय वपूणर् और पारदशीर् सरकार का समथर्न करती है, जो अपनी नीितय को समय के अंदर उिचत ढंग से लागू
करे और अपने कायर्-संपादन की िनयिमत समीक्षा करे . िनिहत वाथ ने देश की यव था और प्रिक्रयाओं को इतना जिटल बना िदया
है िक पिरवतर्न लाना किठन हो गया है . जन-सेवा के प्रावाधान मे भ्र टाचार के कारण भारत हर साल कई करोड खोता है . स मित की
ऊं ची कीमत, लाईसस-राज, पारदिशर्ता और उ तरदािय व का अभाव, बेबुिनयाद व अनुिचत देरी, यापार या तो शु ही नहीं होते और
यिद होते ह तो, उनकी उ पादन क्षमता नाममात्र को बढती है, कमर्चािरय की संख्या समय के साथ घटती जाती है - इस ि थित को
सुधारने के िलए आ.आ.पा. -
1. िनयम -िविनयम को सुगम बनाएगी, कानून के प्रभावी शासन को सुिनि चत करेगी, कानून- यव था को लागू करेगी, शीघ्र याय
प्रदान करेगी, स यिन ठ स मित को प्रो सािहत करेगी, चूककतार् को भारी दंड देगी .
2. िवदेशी बको म छु पा कर रखे गए, काले धन को भारत वािपस लाएगी,जो काला धन छु पाने
3. के िलए दोषी पाए जायेग, उनके िखलाफ़ िनधार्िरत सीमा म सख्त कायर्वाही करेगी
4. भूिम,भवन िबक्री यापार म और संपि त के मोल-भाव म चारो ओर फै ले काले-धन की कमाई को कम करेगी
5. सरल, प्रगितशील और बने रहने वाले आयकर ढांचे की ओर अग्रसर होगी . बेहतर स मित को लागू करते हुए, जी.डी.पी. अनुपात के
अनुसार कर बढ़ाने के िलए ल य साधेगी .
6. िकसी तरह के क्षमादान कायर्कम अि त व म नहीं रहेगे और आयकर से बच िनकलने वाल से कर वसूलने के िलए सख्त कदम
उठाएगी,
7. सभी सरकारी सेवाओं म तकनीक और ई-शासन का सघनता से प्रयोग करेगी .
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12. व छ वािण य एवं यापार, उ यमी उजार् को प्रवािहत करना :
बनी रहने वाली वृिद्ध और आजीिवका िनमार्ण की माप, िजसकी भारत कामना करता रहा है, तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक िक हम
अदमनीय भारतीय उ यमी ज बे को अपने म नहीं जगाते. हमारा िव वास है िक अिधकतर यापार ईमानदारी के होते ह िक तु व तर्मान
भ्र ट वातावरण मे वे फल-फू ल ही नहीं सकते.
1. आ.आ.पा. एक ‘इको प्रणाली’ तैयार करेगी, िजसके अंतगर्त प्र येक उ यमी नागिरक या समुदाय की पूँजी, सूचना और
अवसंरचना म पहुँच होगी, िजससे नवीन और उ पादनशील उ योग उपक्रम हमारे देश के िवकास का नया इंजन
2. बनेगा.
3. आ.आ.पा. का िव वास है िक सरकार को यापार चलाने के यापार म नही होना चािहए . उ यम के समृद्ध होने और रोज़गार
पैदा करने के िलए प्राइवेट सेक्टर की सिक्रय भागीदारी अपेिक्षत है . सरकार को भ्र टाचार मुक्त वातावरण और कम खच, कु शल
और िव वसनीय अवसंरचना के प्रावधान और सेवाओं तथा उवर्रक नवीनता की प्रेरणा वारा ईमानदारी आधािरत उ योग
प्रो सािहत करना चािहए.
4. व छ, खुला और पारदशीर् प्रशासन जो ईमानदारी आधािरत यापार के फलने-फू लने और अपने बलबूते पर सफल होने म
मदगार होगा.
5. आ.आ.पा. की नीितयां बाज़ार की अथर्- यव था म व थ प्रित पधार् को पोिषत करेगीं और एकािधकार व प्रित पधार्
रिहत नीितय का दमन करेगी.
14. ग्रामीण अथर् यव था को ऊिजर्त करना :
रा ट्र के िलए, एक यायोिचत और कायम बने रहने वाले िवकास व संवधर्न के हेतु, आ.आ.पा. अब तक उपेिक्षत ग्रामीण भारत के प्रचुर
उद्भव, उ तम खेती, एवं उ पादनशील उ यम के िलए हर स भव सुिवधाएं देने को प्रयास रत होगी. समृद्ध कृ िष सेक्टर के साथ, जीवंत,
िवके ि द्रत ग्रामीण अथर् यव था एक ‘िव तृत आिथर्क आधार’ देने म प्रधान प से िनणार्यक होगी तथा भारत के िलए दीघर्कालीन भोजन,
ऊजार्, पयार्वरण संबंधी सुरक्षा सुिनि चत करेगी. आ.आ.पा. का िव वास है-
1. अिधकांश भारत आज भी गाँव मे बसता है . इसिलए गांव के िवकास और समृिद्ध के िबना, भारत का िवकास और प्रगित
संभव नहीं . आ.आ.पा. यह सुिनि चत करने के िलए प्रितबद्ध है िक गांव के लोग को भी वे सब मूलभूत सुिवधाएँ िमल,
जो उनके शहरी सािथय को उपल ध ह .
2. अिधकार का िवके द्रीकरण और ग्राम-सभाओं को उनका ह ता तरण अपेिक्षत है िजससे वे अपने गाँव के िवकास के बारे म
िनणर्य ले सक .
3. आ.आ.पा. आिथर्क दबाव के तहत बढते हुए प्रवास (माइग्रेशन) को रोकना चाहती है तथा पर परागत उ योग , कु टीर उ योग-
धंध , कृ िष सेक्टर, बेहतर अवसंरचना उपलि ध, सुगमता से उधार का िमलना, तकनीक का उिचत दखल, सही कीमत का
समथर्न; इन सबको सि मिलत प से आगे बढ़ायेगी .
4. आ.आ.पा. िव- तरीय, ित्र- तरीय नगर और छोटे शहर म अवसंरचना िनमार्ण म िनवेश करना
5. चाहती है, िजससे वे अपने आस-पास के थान के आिथर्क िवकास के पुरोधा बन जाएँ .
15. िकसानो की आजीिवका को बेहतर बनाना :
ग्रामीण अथर् यव था िवपि त म है और हर साल हज़ारो िकसान आ मह या कर रहे ह . एक ओर मंहगे बीज और खाद के कारण खेती
महंगी होती जा रही है, तो दूसरी ओर सरकार फसल की इतनी कम कीमत िनधार्िरत करती है, िजससे लागत भी नहीं िनकल पाती .
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उदाहरण के िलए, राज थान म (२०११-१२) मक्का का ‘उ पादन खचर्’ ११६४/- . प्रित िक्वंटल था लेिकन अिधकतम िवक्रय दाम (अिवदा)
९८०/- . था . ये ही कारण ह जो िकसान को आ मह या की ओर ले जाते ह . सरकार वारा िकसानो के नाम पर अरब -खरबो धन
खचर् कर िदए जाने पर भी, िकसान के जीवन और आजीिवका म बहुत कम सुधार हुआ है . आ.आ.पा. की नीितयां मूल िबंदु को
उ पादन बढ़ाने के मु े से हटाकर, िकसान को आय और गिरमामय आजीिवका की सुिनि चतता देने पर किद्रत करेगी . ‘ वामीनाथन
आयोग’ वारा बनाई गई ‘रा ट्रीय िकसान नीित’ का मूलभूत िसद्धांत था, जो कभी लागू ही नहीं िकया गया . आ.आ.पा. िन निलिखत
पिरवतर्न लाएगी -
1. वामीनाथन आयोग िरपोटर् की सं तुितयो को लागू करेगी .
2. िविभ न फसल के िलए उिचत और लाभकारी ‘अिवदा’ (अिधकतम िवक्रय दाम) िनि चत कराएगी, जो वा तिवक लागत से
५०% अिधक होग . िकसान वारा सीधी प्राि त प्रणाली के मा यम से या उिचत समय पर बाजार म पहुँच बना कर,
‘अिवदा’ को दाल , मोटा अनाज (बाजरा), ितलहन सिहत २५ फसल पर लागू कराएगी .
3. िकसानो और साथ ही छोटे व िकराये पर काम करने वाले िनरीह िकसान की आ मह या को रोके गी तथा उधार और बीमा तक
उनकी पहुँच कराएगी .
4. ग्रामीण क्षेत्र म उिचत वा य सुिवधाओं को सुिनि चत करेगी, जो अक्सर िकसान की आ मह या का करीबी ता कािलक कारण
होता है .
5. सुिनि चत करेगी िक िकसान कृ िष उ पाद संरक्षण (प्रोसेिसंग) उ योग और बाज़ार अवसंरचना म िनवेश करके समूची आपूितर्
ंखला का अिधकतम अंश प्रा त करे, िजससे की तकनीक और िनवेश की ज़ रत के िलए, कृ िष उ पाद बेकार न जाएँ .
इसके अलावा,ग्रामीण अवसंरचना म िनवेश के उिचत तरीके िवकिसत करेगी .
6. पयार्वरण वारा सुरिक्षत बने रहने वाले कृ िष उ पाद मे सहयोग करेगी, ऑगिनक खेती के िलए िवशेष बाजार भाव का
प्रो साहन प्रदान करेगी तथा अनेक देसी फसल और पशु-पालन को प्रो नत करेगी .
7. िवशाल तर पर होने वाली िसंचाई पिरयोजनाओं के भार को घटाने के िलए थानीय वषार् प्रबंधन की योजनाओं म अपेिक्षत
सहयोग देगी, .
8. प्र यावतर्ितत न की जा सकने वाली तकनीक के प्रयोग से पहले, खा य पदाथ , मानव वा य, तथा पयार्वरण की सुरक्षा को
सुिनि चत करने के िलए, नवीन तकनीक से उगाई गई फसल को िनयंित्रत करेगी .
16. पयार्वरण एवं प्राकृ ितक संसाधन नीित :
प्रचुर प्राकृ ितक संसाधन से संप न होने पर भी, अपने सुख चैन से भरे जीवन के िलए आम आदमी की इन मूलभूत संसाधन तक पहुँच
बहुत बुरी तरह कम कर दी गई है . हाल ही के बड़े-बड़े घोटाले जैसे - भूिम, कोयला, गैस, यहाँ तक िक ‘ पैकट्रम’ भी सीधे प्राकृ ितक
संसाधन के आवंटन से जुड़े ह, और उस िबंदु से जहाँ हमारी साझा संपि त अनैितक ढंग से न ट-भ्र ट कर दी गई है, उससे हमारे
लोकतंत्र के िलए गहराता हुआ खतरा खड़ा हो गया है . थानीय समुदाय , पयार्वरण और समाज, पीिढय की आतंिरक समानता और
लोगो के धनकोष की तिनक भी परवाह न करते हुए, आिधकांश राजनीितक वग ने अपने देश के लुटेर को प्राकृ ितक संसाधन को लूटने
िदया है . आ.आ.पा. सुिनि चत करेगी -
1. बड़े-बड़े प्राकृ ितक संसाधन की िमि कयत जैसे - खिनज, जल, बन, ये रा य के अिधकार मे रहेग . छोटे खिनज और छोटे बनो
से उ प न चीज़े तथा वषार् का जल थानीय समुदाय के अिधकार म रहेगा .
2. थानीय समुदाय (ग्राम-सभाएं) प्राकृ ितक संसाधन के प्रबंधन म मह वपूणर् भूिमका िनबाहेग . खिनज, जल और बन का
दु पयोग और शोषण ग्राम-सभा के दायरे वाले क्षेत्र म नहीं होगा . उनका ‘उिचत प्रयोग’ ग्राम-सभा की सहमित लेने पर ही
स भव होगा .
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3. प्राकृ ितक संसाधन का ‘ यावसाियक उपयोग’ थानीय समुदाय के साथ, संसाधन से िमलने वाले व व शु क (रॉय टी) और
राज व (रेवे यू) के िलए िकए गए अनुबंध पर आधािरत होगा, साथ ही, यह सुिनि चतता होगी िक जो िवकास की कीमत अदा
करते ह, वे भी लाभाि वत होने हेतु, इस लाभ-प्राि त प्रिक्रया का िह सा ह . ‘ग्राम-सभा सहकारी सिमितयाँ ’ प्राथिमकता से
खिनज का यावसाियक उपयोग कर सके गी .
4. यिद बड़े प्राकृ ितक संसाधन के यावसाियक उपयोग हेतु यिक्तय को हटाने की ज़ रत पड़ी तो, ग्राम-सभा की सहमित लेनी
आव यक होगी तथा हटाये गए लोग के िलए आजीिवका के ोत का िनदान प्र तुत िकया जायेगा .
5. पयार्वरण एवं वन सुधार मंत्रालय और इसकी एजिसयां ग्राम-सभाओं को अपने प्राकृ ितक संसाधन की प्रबंधक और संरक्षक होने के
कारण सशक्त और सुगम बनायेगी .
6. ऊजार् के नवीन करने योग्य संसाधन की ि थित को िव थािपत करते हुए - नवीकरणीय ऊजार् के समाधान के िवके द्रीकरण को
प्रो नत करना, जैसे; सौर-ऊजार्, बायो-गैस लांट, पनचक्की, पवनप प िजससे अवसंरचना और रख-रखाव का खचर् कम होगा तथा
थानीय वािम व को प्रो साहन िमलेगा .
थानीय व िवके ि द्रत जल- ोत संसाधन के िवकास को प्राथिमकता दी जायेगी, जैसे - वषार्-जल संचयन, पनढाल िवकास (इससे कई
निदयाँ िनकलती है), भू-जल संक्षरण कायर्क्रम, लघु योजनाएं तथा िनदान प फसल उगाने की गितिविधयां .
भू-अिभग्रहण नीित
िपछले कु छ दशक से देश ने बड़े पैमाने पर भू-अिभग्रहण देखा है . भू-अिभग्रहण वह प्रिक्रया है िजसके कारण भूिम पर िनभर्र समुदाय
अक्सर बहुत अिधक तनाव और दबाव से पीिड़त होते ह और खोई हुई आजीिवका से समझौता नहीं कर पाते; जब तक िक उन
िव थािपत समुदाय को उिचत साधन और कौशल प्रदान नहीं िकया जाए . इससे देश म सघन सामािजक असंतोष खड़ा हो जाता है .
नया भू-अिभग्रहण अिधिनयम संसद वारा २०१३ मे पास िकया गया था . जैसे िक यह अपने म एक अ छी शु आत है, अत:
आ.आ.पा. एक िन पक्ष पुन थार्पन के िलए काम करना चाहेगी -
यह सुिनि चत करते हुए िक वह सारा भू-अिभग्रहण जो िसत बर २०११ (वह ितिथ जब िबल संसद म प्र तुत िकया गया था) के बाद
हुआ, वह इस नए अिधिनयम के िव तार क्षेत्र के अंतगर्त आए .
 यह सुिनि चत करते हुए िक ‘जनता के िहत’ इस श द का एक ढंग से पिरभािषत िव तार क्षेत्र, िजसके िलए भूिम ली गई है .
 यह सुिनि चत करते हुए िक भू-अिभग्रहण ग्राम-सभा की सहमित से ही िकया गया हो .
 यह अिनवायर् बनाते हुए िक प्रित पिरवार एक सद य को रोज़गार िदया जायेगा, क्योिक ज़मीन और आजीिवका उसके हाथ से जा
रही है .(यह नए अिधिनयम के अनुसार अिनवायर् शतर् नहीं है, बस एक िनवेदन है) िजससे िक जो लोग िवकास की कीमत दे रहे ह,
वे इस प्रिक्रया के लाभ-भोगी (लाभ-प्रापक) बन सक .
17. अनुबंधन मुक्त नौकिरयां /रोज़गार
िपछले १०-१५ वष से, इस देश के िविभ न क्षेत्र म आजीिवका का ढांचा बहुत ती ता से अनुबंधन वाली नौकिरय की ओर बढ़ गया है
. जैसे िक कायर्कतार् से उ तरदािय व की ज़ रत होती है, उस ि ट से अनुबंधन एक अ यिधक शोषक प्रिक्रया है क्य िक नौकरी से
िमलने वाले मूलभूत लाभ और सुरक्षाएं जो थाई सद य को िमलती ह, वे अनुबंध पर काम करने वाले लोग को नहीं िमलती . उदाहरण
के िलए, भिव य-िनिध कटौती, कमर्चारी रा य बीमा आिद की रािश, अनुबंध पर काम करने वाल के खाते म जमा नहीं की जाती .
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बहुत से लोग पूरे वषर् (तनख्वाह सिहत) एक भी अवकाश के िबना काम करते ह . आ.आ.पा. नौकिरय म इस तरह के शोषण के
िखलाफ है . हम काम करने वाल की ि थित म अपेिक्षत सुधार लाने के िलए िनि निलिखत कदम उठायेगे :
1. हम उन पद के िलए आजीिवका को अनुबंिधत करने की अनुमित नहीं देग, िजन पर िनयुक्त हो कर पूरे वषर् काम करना
अपेिक्षत और अपिरहायर् होता है . उदाहरण के िलए, डाक्टर, अ यापक, नसर्, वाहनचालक, सफाई कमर्चारी आिद . इनकी
नौकिरयां थाई (िनयिमत) कराई जायेगी, िजससे इ ह थाई कमर्चािरय वाले सभी लाभ िमल .
2. ii.वे नौकिरयां िजनम कु छ िदन या महीन के िलए नौकरी पर रखा जाता है जैसे भवन िनमार्ण आिद, वहाँ अनुबंिधत म को
समा त करना स भव नहीं है . िफर भी, इन क्षेत्र म हम काम करने की बेहतर ि थितय को सुिनि चत करने का प्रयास
करेग .
3. iii.कम से कम िदहाडी (दैिनक वेतन) के िनयम को सख्ती से लागू िकया जायेगा और इस स ब ध म कानून का उ लंघन
करने वाले के िखलाफ़ सख्त कायर्वाही की जायेगी ..
4. iv.कटीन, वदीर्, कं पनी वाहन आिद को लेकर अनुबंिधत कमर्चािरय के साथ िकसी तरह का भेद भाव नहीं िकया जायेगा .
18. असंगिठत क्षेत्र के िलए सामािजक सुरक्षा
भारत म काम करने वाल का ९२ प्रितशत असंगिठत क्षेत्र म कायर्रत है . इसम घरेलू नौकर, मज़दूर, सुरक्षा पहरेदार, कचरा बीननेवाले,
फु टकर दुकान और रे तरां म काम करने वाले नौकर, ठेलेवाले आिद ह, जो समाज और अथर् यव था म मह वपूणर् योगदान देते ह िक तु
अक्सर बेहद शोषक पिरि थितय म काम करते ह . इसिलए असंगिठत क्षेत्र म कायर्रत लोग की दशा म सुधार लाने के िलए आ.आ.पा.
िन निलिखत कदम उठाएगी -
1. उनके वेतन, काम करने के घंटे, कायर् थल पर अपेिक्षत सुिवधाएँ - इन सबके िलए ज़ री मागर्दशर्न को सुिनि चत करेगी .
2. उनके काम करने की ि थितय और उिचत वतंत्रता को िनयंित्रत करेगी, िजससे अक्सर नज़र आने वाला पुिलस का उ पीडन
रोका जा सके ..
3. यूनतम सामािजक सुरक्षा जैसे - वा य की देख-रेख, वृद्धा व था पशन, दुघर्टना सहायता आिद को सुिनि चत
4. करेगी . सहायक योजनाओं को िवकिसत करने की स भावनाओं को खोजने का प्रयास करेगी .
19. बढती हुई कीमत से आम आदमी की रक्षा
आज आम आदमी की सबसे बड़ी सम याएं है - जीवन म ज़ री चीज की बढती हुई कीमते और बेरोज़गारी . सांिख्यकी के अनुसार लोग
का वेतन बढ़ गया है लेिकन साथ ही, मूलभूत ज़ रत जैसे : िबजली, पानी, सि जयां, अनाज, पेट्रोल, डीजल, िशक्षा और वा य आिद
की कीमत इतनी बढ़ गई है िक अिधकतर पिरवार की आिथर्क ि थित पहले से अिधक दयनीय हो गई है . चाहे याज हो या टमाटर,
या पानी और िबजली, या ब च के कू ल की फीस, सभी कु छ आज बेहद मंहगा हो गया है . आम आदमी के िलए, मंहगाई रोज़मरार्
की ज़ रत की कीमत म प्रितिबंिबत होती है . इस बारे म आ.आ.पा. िन निलिखत कदम उठाएगी -
1. आम आदमी की मूलभूत चीज और अ य ज़ रत की आकाश छू ती कीमत के पीछे, भ्र टाचार और सांठ-गाँठ का पूंजीवाद ये दो
भारी कारण है . आ.आ.पा. सभी क्षेत्र म भ्र टाचार का सामना करने के िलए किटबद्ध है . यह बढती हुई कीमत से लडने का एक
मह वपूणर् कारक (घटक) होगा .
2. फु टकर और थोक यापार म सामान गोदाम म जमा करने और ऊँ चा लाभ कमाने के िव द्ध कठोर कदम उठाये जायेग . काला
बाजार िबना राजनीितक संक्षरण के िज़ंदा नहीं रह सकता . इस िदशा म आ.आ.पा. कानून और सरकार की पूरी ताकत का प्रयोग
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करेगी . काला बाजारी करने वाले िगर तार िकये जायेग, उनके गोदामो पर छापे मारे जायेग, इकठ्ठा िकया हुआ माल िनकलवाया
जायेगा, िजससे खा या न, सि जयां और फल कम दाम पर िमल सके गीं .
3. िशक्षा का खचर् हर पिरवार के बजट का एक अ छा खासा अंश होता है . हम प्राइवेट कू ल की िनरंकु श फीस को िनयंित्रत
करने के िलए कानून लायेग, साथ ही उनके वारा िलए जाने वाली दान-रािश पर भी प्रितब ध लगायेग . हम सरकारी कू ल
के तर म सुधार लायेग, िजससे आम आदमी अपने ब च को िशक्षा की गुणव ता की सुिनि चतता के साथ वहाँ पढने भेज सके
. ये कदम िशक्षा के अिनयंित्रत खच कम करने म सहायक ह ग .
4. हम सरकारी अ पताल की संख्या बढाएग और उनकी सेवाओं की गुणव ता को बेहतर बनायेगे, िजससे आम आदमी इन सेवाओं
का पूरी तरह लाभ उठा सके . इससे डाक्टर और इलाज पर होने वाला खचर् कम हो सके गा .
5. राशन की दुकाने और िवतरण प्रणाली आम आदमी की बढ़ी हुई कीमत से रक्षा करती ह . लेिकन आजकल राशन की दुकान
की य व था भी भ्र टाचार म ढल गई है . आ.आ.पा. सरकार ‘मौह ला सभाओं’ को िवतरण- यव था से जोड़ कर, इस भ्र टाचार
को ख म करेगी . हम सीधे धन रािश थाना तिरत करने के बजाय, राशन की सामग्री ही पिरवार को थाना तिरत करायेग
और िवतरण- यव था म दाल व तेल भी शािमल करायेग .
सामािजक याय
20. िलंग भेद-भाव संबंधी याय
हम ऐसी दुिनया की संक पना करते ह िजसमे मिहलाओं की अपनी एक ‘पहचान’ होगी और पूरे स मान के साथ उनके अि त व को
वीकृ ित िमलेगी . उ ह समानता का दज़ार् िदया जायेगा . वे पु षवादी उग्र सोच का िशकार नहीं होगी. पु ष शािसत उन मू य को
अपनाने के िलए बा य नहीं होगीं, जो सिदय से उनकी सामािजक और पािरवािरक भूिमकाएं तय करते चले आ रहे ह . हमारी नीित के
स पूणर् सांचे म ‘आम नारी’ को के द्र म रखा जाएगा . हम अपने को लोकतांित्रक, आधुिनक और प्रगितशील देश का वासी तभी कह
सके गे, जब हम सच म नारी के अिधकार , सुरक्षा, समानता और सशिक्तकरण को लेकर प्रगितशील सोच और नजिरया अपनाएग . इस
िदशा म -
1. i.हम िलंग आधािरत भेद-भाव और िहंसा की पर परा को ख म करने के िलए, िवशद और दूरगामी जन-िशक्षा कायर्क्रम लागू
करेग . इसमे - एस.एम.एस. रेिडयो, टी.वी., जन-सेवा अिभयान, कू ल के िलए आसानी से प्रा त िकए जा सकने वाले पाठ की
प-रेखा, िशक्षक और डाक्टर व वकील आिद यावसाियको के प्रिशक्षण के िलए मापदंड (मॉ यूल) शािमल ह गे . इसके िलए
हम शहर और गाँव दोन क्षेत्र म पु ष , ि त्रय , लडक और लडिकय के साथ संपकर् थािपत करेग .
2. आ.आ.पा. िलंग आधािरत गभर्पात को तिनक भी सहन नहीं करेगी और इसे अपनाने वाल के िव द्ध कानून को मज़बूत बनाकर,
उ लंघन करने वालो के िलए सख्त दंड लागू करते हुए, के द्रीय, प्रांतीय और थानीय तर पर सघन संवेदनशील अिभयान
प्रार भ करने के िलए बजट िनधार्िरत करेगी और इस तरह इसकी पूरी तरह समाि त की ओर कदम उठाएगी . 
3. मिहलाओं के िलए सुरिक्षत, गिरमामय और लाभकारी पािर िमक प्रदत आजीिवका सुिनि चत करेगी . सभी क्षेत्र म समान कायर्
के िलए समान वेतन िदलाए जाने के िलए प-रेखा बनाई जायेगी . आंगनवाडी से लेकर ‘महा मा गांधी रा ट्रीय ग्रामीण रोज़गार
गारंटी अिधिनयम’ (MNREGA) कायर्कतार्ओं के िलए अिधकार, गिरमा, संगिठत व असंगिठत क्षेत्र म सभी मिहला कमर्चािरय
के िलए यूनतम वेतन िनि चत कराएगी . 
4. आ.आ.पा. सुिनि चत करेगी िक प्र येक सरकारी संगठन मिहलाओं के िव द्ध िहंसा को ख म करने हेतु, कानून लागू करने के
िलए िव तृत कायर्-योजना बनाए . आ.आ.पा. िहंसा के अपराध की िशकार मिहलाओं को समुिचत मदद देने के िलए रा य
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सरकर के साथ काम करेगी और उ ह २४ घंटे चलने वाले संकटकालीन के द्र को थािपत करने व के द्र को आिथर्क
सहायता देने, हर पुिलस िजले म सुरिक्षत शरण तथा अिवल ब आिथर्क मुआवजा िदए जाने के िलए प्रेिरत करके मदद करेगी.  
5. मिहलाओं के िखलाफ़ िहंसा के अपराध के संदभर् म िन पक्ष, प्रितिक्रयाशील एवं तुरंत याय प्रदायी अदालत थािपत करने के
िलए रा य सरकार के साथ कायर् करेगी .  
6. संसद और रा य िवधान सभाओं म ३३% मिहला-आरक्षण को और बोडर् से जुडी पिरषद , कमेिटय और कमीर् दल से
स बंिधत नीितय व गितिविधय म मिहलाओं के प्रितिनिध व को सुिनि चत करेगी . लोकसभा म नारी- वेषी यवहार और
यंग्य को ख म करने के िलए, एक आचार-संिहता अपनाने के िलए समथर्न देगी .  
7. अनुभवी लोग को पारदशीर् प्रिक्रया वारा चयिनत करके रा ट्रीय और रा य मिहला आयोग की वाय त कायर् प्रणाली को सशक्त
बनाएगी .  
8. मिहलाओं के िव द्ध अपराध की एक िवशद ‘िवज्ञि त यव था’ थािपत करके , उसे लागू करेगी और उसका प्रचार व प्रसार
करेगी . सेवा-िनयम को बदलने के िलए रा य सरकार के साथ काम करेगी तथा सुिनि चत करेगी िक पुिलस और
अिभयुिक्तक भतीर्, प्रो नित, दंड, प्रवृित और कायर्-संपादन िलंग आधािरत तो नहीं है . गाँवो और शहरो की मागर्दशर्क
योजनाओं के साथ-साथ, बला कार के संकट का सामना करने वाले समूह को थािपत करेगी .  
21. जाितगत असमानताओं का अंत
हमारे समाज का एक मह वपूणर् िह सा ‘अछू त’ के प म भेद-भाव का िशकार बना हुआ है, और अतीत म गंभीर अपमान और अ याय
झेल चुका है . आज आजादी के ६५ वषर् बाद भी देश के कु छ भाग म जाित-गत असमानता और अ पृ यता बनी हुई है . संिवधान के
अनुसार जाित,िलंग, और धमर् व ज म के आधार पर भेद-भाव नहीं होना चािहए, िक तु िफर भी भेद-भाव अपनी जड़े फै लाये हुए है . यह
समाज का उ तरदािय व है िक वह सभी लोग को यार और स मान दे और वे साथ-साथ आगे बढ़े . भारतीय संिवधान ने सामािजक
और आिथर्क याय तथा समानता के अवसर सुिनि चत करके , सभी भारतीय के बीच भाई-चारे की पिरक पना की . आरक्षण प्रणाली
सामािजक असमानता के समाधान के िलए ही शु िकया गया था . लेिकन दुभार्ग्य से, जाित-गत असमानता आज भी बनी हुई है और
सारी राजनीितक पािटर्यां आरक्षण के मु े को अपने वोट बक के िलए इ तेमाल करती रही है . िनिहत राजनीितक वाथ ने यह
सुिनि चत कर िदया है िक जो सबसे अिधक समाज के हािशए पर खड़े हुए है, वे वगर् उपेिक्षत हुए अिधकार हीन ही बने रहते ह और
वोट बक का चारा बनते ह . आ.आ.पा. का िव वास है िक -
1. असमानता से भरे, आज के समाज म, िपछड़े हुए और कमज़ोर लोग के िलए आरक्षण आव यक है. इसिलए हम उ च िशक्षा
और सरकारी नौकिरय म िव यमान संवैधािनक प्रावधान का समथर्न करते ह . हम आरक्षण के िव यमान संवैधािनक प्रावधान
को प्रभावी प से लागू िकए जाने की सुिनि चतता के िलए किटबद्ध ह .
2. इन अिधकार हीन समूह से आरक्षण के लाभ उ ह िमलने चािहए िज ह इनकी सबसे अिधक ज़ रत है, इसिलए िज ह आरक्षण
के लाभ िमल चुके है, उ ह पंिक्त म पीछे चले जाना चािहए . इस तरह से आरक्षण के लाभ उ ह िमल सके ग,जो इनसे अभी
तक वंिचत ह .
3. समानता के अवसर सरकारी कू ल और उ च िशक्षा सं थान का उ थान और उनका प्रसार माँगते ह . हम सब ब च के िलए
चाहे वे अमीर है या गरीब - सभी के िलए उ च गुणव ता वाली कू ली िशक्षा और उसके बाद, उ च िशक्षा को सुिनि चत करने
िलए किटबद्ध है .
4. यापार और उ योग थािपत करने के िलए, समथर्न और प्रेरणा देकर, बढते हुए जीिवका के अवसर िजसमे ऋण , बाज़ार हेतु
समथर्न आिद होगा, उ ह हम समाज िहत म सुिनि चत करेग .
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5. हमारा ल य होगा - जाित-गत असमानता और अ पृ यता को लेकर बनी मानिसकता को बदलने के िलए दूर-दूर तक जनता को
िशिक्षत करना, एक स य और सां कृ ितक माहौल को सिजर्त करने के िलए अिभयान चलाना, जो िविभ न जाितय के म य
सौहादर् और सद्भाव को पोिषत करे .
22. वा मीिक समुदाय को गिरमामय जीवन
सिदय से वा मीिक समुदाय ने अ पृ यता और शोषण के गंभीर प को सहा है . उनमे कमर्चािरय का िवशाल िह सा कचरा उठाने
और सफाई के काम म लगा है . आज तक िकसी भी राजनीितक पाटीर् ने सफाई कमर्चािरय की दशा को, िशक्षा, आजीिवका के बेहतर
अवसर के मा यम से या उनकी गिरमा बढ़ा कर, सुधारने का प्रयास नहीं िकया है. . आ.आ.पा वा मीिक समुदाय के िलए िन निलिखत
कदम उठाएगी : वा मीिक समुदाय के अनेक सद य ‘सफाई कमर्चारी’ के प म या भवन िनमार्ण काय म मज़दूर के प म अथवा
दैिनक वेतन भोगी के प म काम मे लगे हुए ह . आ.आ.पा ‘सफाई कमर्चारी’ के पद का अनुबंधन समा त करेगी और व तर्मान
कमर्चािरय के रोज़गार को िनयिमत करवाएगी . िशक्षा और प्रिशक्षण के मा यम से आ.आ.पा उ ह प्रो नित और बेहतर भिव य
के अवसर भी िदलाएगी .
1. वा मीिक समुदाय आज तक ‘सफ़ाई कमर्चारी’ के प म ही काम करता रहा है, इसका मुख्य कारण है - अ छी िशक्षा के अवसर
का अभाव . गरीबी ने उ ह, उनके ब चो को सदा सरकारी कू ल मे भेजने के िलए िववश िकया, जहाँ िशक्षा का तर
सामा तया िन न होता है, िजससे वे उ च िशक्षा के कािबल नहीं बन पाते और न ही अ य क्षेत्र मे आजीिवका कमा पाते ह .
आ.आ.पा सरकारी कू ल और कालेजो के तर को बेहतर बनवा कर, उ ह अ छी िशक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगी .
इसके अितिरक्त समुदाय के अ य सद य को भी कॉिलज और िव विव यालय तर पर िशक्षा प्रा त करने के िलए प्रो सािहत
करके , अपेिक्षत प्रावधान िदए जायेगे .
2. आ.आ.पा यह भी सुिनि चत करेगी िक वा मीिक समुदाय के लोग को िशक्षा और आजीिवका पाने म िकसी तरह के भेदभाव
का सामना न करना पड़े . उ ह कम याज की दर पर ऋण िदलवा कर, अपना उ योग थािपत करने म मदद की करेगी .
3. कमर्चािरय को गंदे पानी म उतर कर उसकी िनकासी का काम करते समय, आिग्न-शमन कमर्चािरय की भांित सुरक्षा - उपकरण
सफाई सूट, मा क,मशीन और जीवन-बीमा िदलाने की ओर कदम उठाएगी .
23. धमर्-िनरपेक्षता एवं सांप्रदाियक मेलभाव
भारत का िनमार्ण इस ढ िव वास पर हुआ था िक िविभ न आ थाओं और िवचारधाराओं के लोग एक दूसरे को सहेग नहीं, बि क
एक दूसरे से सीखेग और कु छ महान उपलि ध के िलए साथ-साथ आगे बढेगे, समृद्ध व स प न ह गे . आ.आ.पा का िव वास है िक
यह देश सभी धम के लोग का है . िहंदू, मुि लम, िसक्ख, ईसाई, बौद्ध - इनमे से िकसी एक भी अनुपि थित होने पर, देश अधूरा ह .
देश की िविभ नता ही इसका िवशेष गुण है, पहचान है . जो लोग धमर् के नाम पर राजनीित करते ह, उनके साथ सख्ती से पेश आना
चािहए . िकसी भी धमर् के प्रित िवषाक्त भाव को ज़रा भी नहीं सहन करना चािहए . भारत म धमर्-िनरपेक्षता का अनुपालन एक
सकारा मक िव वास है, जो धािमर्क वतंत्रता के प्रावधान पर आधािरत है यानी, अ प संख्यक के िलए उनकी अपनी आ था के साथ
जीने की छू ट, लोग को धािमर्क िविभ नता व सां कृ ितक िरवाज को अपनाने, उनका उ सव मनाने की आज़ादी . आ.आ.पा. इस िदशा
मे िन निलिखत काम करेगी -
1. सांप्रदाियक िहंसा को रोकना रा य की एक वचन-बद्धता है . ‘रा य’ सांप्रदाियक िहंसा के िशकार हुए सभी लोग के िलए याय
सुिनि चत करेगा और तुरंत फै सला करने वाली अदालते थािपत करेगा .
2. सांप्रदाियक िहंसा के अचानक फू ट पडने पर, ‘रा य’ वारा तुरंत कायर्वाही की सुिनि चतता तथा उसे आगे बढ़ने से रोकने के
िलए सुरक्षा बल के प्रयोग की यव था .
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3. दंग के पीछे शाितर िदमाग की पूरी तरह, िनधार्िरत सीमा अविध म खोज और पडताल करना, जो दोषी पाए जाएँ, उ ह सख्त से
सख्त दंड देना, उन पुिलस अिधकािरय को भी दंिडत करना, जो सांप्रदाियक िहंसा को िनयि त्रत न करके अपने कतर् य-
पालन म असफल रहे .
4. दंग के बाद के पिरणाम म, रा य को कतर् य से बंधा हुआ होना और उसके वारा ऎसी प्रिक्रयाएं शु करना, जो प्रभािवत
समुदाय के म य संबंधो का पुन: सृजन कर . यह बहुत ज़ री है िक िहंसा को बढ़ने से तुरंत रोका जाए और सांप्रदाियक सद्भाव
को बनाए रखा जाए .
5. एक रा य मे कोई भी सशक्त और बहुसंख्या मे पाया जाने वाला समुदाय, दूसरे रा य म अ पसंख्यक और कमज़ोर ि थित म
हो सकता है . ऐसी दशा मे उस कमज़ोर ि थित वाले समुदाय को सुरक्षा सुिवधाएँ उपल ध कराना .
6. न तो बहुसंख्यक वगर् की आ था, न ही अ प संख्यक वगर् के अिधकार, उनके उन काय को यायोिचत ठहराने के िलए
इ तेमाल िकये जाने चािहए, जो संिवधान म उि लिखत पु ष और ि त्रय के मूलभूत अिधकार और मू य का उ लंघन
करते ह .
7. आ.आ.पा. समुदाय के म य संवाद, वातार्लाप और सां कृ ितक आदान-प्रदान से एक सहमती को प्रो नत और पोिषत करेगी .
24. मुसलमान की सुरक्षा और उनके प्रित सद्भाव
िपछले ६ वष से हमारे देश म मुसलमान ने भा.ज.पा को स ता म आने से रोकने के िलए लगातार कांग्रेस को वोट िदया . यह वोट एक
तरह के भय व अ य कोई िनदान न होने के कारण था . कांग्रेस ने यह सुिनि चतता बनाई रखी िक मुसलमान समुदाय िपछड़ा रहे,
िजससे िक उसे वोट-बक के िलए इ तेमाल िकया जाता रहे . मुसलमान समुदाय के साथ इस छल को, हज़ारो छोटे-बड़े दंग , मदरसा
और कू ल की दयनीय दशा, झूठे आरोप के तहत युवाओं को जेल, ‘वक्फ बोडर्’ म भ्र टाचार, आरक्षण और िनि क्रय अ पसंख्यक आयोग
के प म देखा जा सकता है . कॉ ंग्रेस के नेतृ व वाली के द्रीय सरकार होने पर भी, मुसलमान िनरंतर भय म जीते रहे ह .
आ.आ.पा. सांप्रदाियक तनाव और दंग को, मुि लम समुदाय को समान अिधकार तथा सुरक्षा प्रदान करके ख म करने के िलए
प्रितबद्ध होगी . आ.आ.पा. का िव वास है िक भा.ज.पा. की सा प्रदाियकता की राजनीित और कांग्रेस की वोट बैक की राजनीित -
दोन का ही िवरोध होना चािहए . आ.आ.पा. मुि लम समुदाय के िहत को िन निलिखत तरह से सुरिक्षत करेगी -
1. हम सुिनि चत करेगे िक पुिलस उ पीडन और मुि लम युवक के िखलाफ़ झूठे आरोप लगाये जाने के अ याय का अब अंत
होना चािहए . जो पुिलस अिधकारी उ पीडन के िलए दोषी पाए जायेग, उ ह अिभयुक्त बनाया जायेगा . ऐसे मामले छ: माह
की अविध के भीतर िनणीर्त हो जाने चािहए, इसके िलए वैधािनक सुधार िकए जायेग . आतंकवादी गितिविधय के झूठे आरोप
के कारण जेल काट रहे मुि लम युवाओं को शीघ्रता से बरी िकया जायेगा . दोषी पाए जाने वाल के िखलाफ़ सख्त कायर्वाही की
जायेगी . हम प्रयास करेग िक िनद ष यिक्त को झूठे आरोप के कारण जेल न जाना पड़े .
2. मुि लम समुदाय का बड़ा िह सा गरीबी के कारण, अपने ब चो को अ छे प्राईवेट कू ल म भेज पाने म असमथर् रहता ह .
हम िद ली म सरकारी कू ल की िशक्षा की गुणव ता को बेहतर बनाने के िलए किटबद्ध ह गे . हम यह भी सुिनि चत करेगे
िक प्राइवेट और सरकारी कू ल मे प्रवेश के समय मुि लम ब च के साथ िकसी तरह का भेद-भाव न हो
3. आज आरक्षण नीितयां धमर् आधािरत ह और इसिलए दिलत मुि लम और दिलत ईसाई अनुसूिचत जाित की कोिट म नही
आते ह . आ.आ.पा का िव वास है िक आरक्षण ‘धमर्-तट थ’ और वा तिवक कमजोर ि थित के आधार पर होना चािहए ..
4. दीन-हीन िशक्षा सुिवधाओं और आजीिवका के अपयार् त अवसर के कारण, मुि लम समुदाय के सद य अक्सर असंगिठत
सेक्टर म कायर् रत होते है . आ.आ.पा. असंगिठत सेक्टर म कायर् रत लोग के रोज़गार को िनयिमत करके थाई बनाएगी और
आिथर्क सुरक्षा िदलाने के िलए प्रितबद्ध होगी .
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5. वक्फ संपि त के िनयंत्रण और प्रबंधन को अिधकारी वगर् के शासन से आज़ाद बनाया जायेगा और समुदाय के िहत की
ओर उ मुख िकया जायेगा .
25. आिदवासी: अपने खुद के िवकास की िज़ मेदारी उठाना
संिवधान वारा वारा मा यता िमलने पर भी और नीितय का समूह बनने पर भी, अिधकांशत: आिदवासी समुदाय रा य के वारा िकए
जाने वाले िवकास, िशक्षा म भागीदारी, संगिठत सेक्टर के रोज़गार से बाहर और राजनीितक कायर्क्षेत्र म बेआवाज़ ही रहे ह . इस
स ब ध म िन निलिखत नीितपरक सुधार अपेिक्षत है -
1. अिधकार का प्रभावी िवके द्रीकरण और उनका ग्राम सभाओं के हाथ म स पा जाना, िजससे आिदवासी अपने उ थान और िवकास
का िनणर्य खुद ले सक .
2. ‘पंचायत एक्सटशन टू शेडयूलड एिरयाज़ एक्ट 1996’ (PESA) और ‘वनािधकार अिधिनयम’ को प्रभावशाली ढंग से यह सुिनि चत
करने के िलए लागू करना होगा िक िकसी भी तरह का भू-अिधग्रहण और जंगलो के िकसी भी िह से का का दोहन, ग्राम
सभाओं की अनुमित के िबना न हो सके तथा उनका प्रबंध करने का अिधकार बना रहे, संसाधन का स पोषणीय (कायम बना
रहने वाला) प्रयोग हो तथा सारे प्राकृ ितक संसाधन पूरी तरह सुरिक्षत रहे .
3. हमारे खिनज संसाधन - कोयला, लोहा, क ची धातु, बौक्साईट (ए यू युिनयम),इनसे जुडी बड़ी नीितपरक योजनाएं आिदवासी
इलाको म ही ि थत ह . इन खिनज को िनकालने पर िमलने वाले लाभ थानीय समुदाय के साथ साझा िकये जाने चािहए .
4. िशक्षा और वा य सुिवधाओं के िमलने की सुिनि चतता : बेहतर वा य और पोषण के िलए खास प्रावधान . अनुसूची ‘वी’
क्षेत्र म िवकास अवसंरचना के िलए खास प्रावधान .
5. आधुिनक जीिवका और रोज़गार के िलए िशक्षण और प्रितभा को उ च तरीय बनाना . उधार के िलए खास सुिवधाएँ, बाजार म
पहुँच के िलए सहायता, आरक्षण का असरदार ढंग से लागू िकया जाना .
6. इन समुदाय को उ तम सां कृ ितक और आिथर्क वाया तता प्रदान करना ; उदाहरण के िलए आिदवासी भाषा म पढ़ाना,
समुदाय का रेिडयो और संचार मा यम का आिदवासी भाषा म होना .
7. थानीय पुिलस को जाग क तथा जवाबदही के िलए िज मेदार बनाना .
26. िवकलांग सशिक्तकरण
िवकलांग लोग एक िविश ट समूह बनाते ह िजनकी हािनयाँ सहज ज्ञान से प्र यक्ष होती ह , लेिकन सरकारी नीितय म अल य होती
ह, इसिलए ही शायद अब तक इनकी दशा की ओर सरकार का यान नहीं गया है और न ही पहला कदम उठाया गया है . इस िवषय
म िन निलिखत कायर् िकए जाने ह -
1. सामािजक अिधकार आधािरत मॉडल का प्रयोग करते हुए िवकलांगता की पिरभाषा को िव तार देना . िवकलांग की संख्या और
दशा पर िनयिमत आंकड़े एकत्रीकरण की पद्धित बनाना, व तर्मान ३% िवकलांग आरक्षण प्रावधान का प्रभावीढंग से लागू िकया
जाना .
2. जन-अवसंरचना को (भवन, यातायात वाहन, और वैचािरक आदान-प्रदान) कावट मुक्त बनाने का प्रयास करना .
3. िशक्षा और रोज़गार म िवकलांग के िलए िवशेष प्रावधान .
4. उन नीितय और उपाय को किद्रत करना जो िवकलांगता को रोक सकते है ( पोिलयो, नेत्रिवहीनता, कु छ संज्ञाना मक
िवकलांगता) संचािलत वा य देख-रेख सहायता पर जन प्रावधान और िविवध प्रकार की िवकलांगता पर ख़ास यंत्र के िलए
कीमत म िवशेष छू ट .
5. िवकलांग के बारे म िकसी भी िनणार्यक मंडल को अपने म िवकलांग की बड़ी संख्या को शािमल करना .
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27. बंजारा (घुमंतू) एवं िवमुक्त जाितयाँ
बंजारा एवं िवमुक्त जाितयाँ / जनजाितयां भारत के सबसे अिधक असुरिक्षत, कलंिकत और अ य होती हुए समुदाय है . इनके िलए
िन निलिखत नीितयाँ अपेिक्षत ह -
1. अनुसूिचत जाित और अनुसूिचत जनजाित के साथ इ ह भी संिवधान वारा मा यता िमलनी चािहए . इनकी ि थित की सही
गणना और सव, एक थाई संवैधािनक आयोग और ‘िप्रवशन ऑफ एट्रोिसटीज़ अिधिनयम’ का िव तार इनके िहत मे अपेिक्षत है .
2. िशक्षा और वा य की देख-रेख तक पहुँच की सुिनि चतता और साथ ही, ‘चािलत कू ल और दवाखान ’ की सुिनि चतता .
3. आधुिनक जीिवका और रोज़गार के िलए िशक्षण और प्रितभा को उ च तरीय बनाना . उधार के िलए खास सुिवधाएँ, बाजार म
पहुँच के िलए सहायता .
4. अद्धर् थाई और थाई प से बसने के िलए मूलभूत सुिवधाओं हेतु अवसंरचना मक सहायता .
28. पशु-क याण
भारत म पशुओं को स मान देने, उनके साथ शांित से रहने तथा सभी प्रािणय के िलए अिहंसा की भावना रखने का बड़ा स प न
िरवाज़ है . महान राजा अशोक (३०४-२३२ ई,पू.) पहला राजा था, जो औपचािरक प से पशुओं के क याण को अपने प्रशासन का
मुख्य िसद्धांत बनाने के िलए जाना गया और उसके िशला-लेख, पहले िशला-लेख थे, िजनम पशुओं के मूलभूत अिधकार के बारे म
प ट प से कहा गया था . महा मा गांधी सिहत, हमारे आिद िच तको और नेताओं ने पशु क याण को प्रो नत िकया तथा भारत के
संिवधान म पशु-पिक्षय के प्रित दया-भाव को सभी नागिरको का मूलभूत कतर् य बताया गया . आज िफर से, पशुओं के प्रित हमारे
परंपरागत आदर-भाव की पुि ट और उ ह स मानजनक जीवन देने के िलए नीितयाँ और कानून बनाने की आव यकता है . इसके िलए –
1. ‘पशु क याण बोडर्, भारत’ , के अिधकार पिरविधर्त िकए जायेग, िजससे वे मशिवरा देने वाली सं था से ऊपर उठ कर,
िक्रया वयन अिधकार वाली िनयंत्रण शिक्त बन जाए .
2. ii.जाग क बनाने और लागू िकए जाने को मज़बूत बनाने के िलए, कानून लागू करने वाली सं थाओं को िशक्षा दी जायेगी व
प्रिशक्षण िदया जायेगा और उ लंघन िकए जाने पर कायर्वाही के सव तम तरीके िसखाये जायेग .
3. iii.कु छ सं थाएं, जो पशुओं को भोजन, कपडे और मनोरंजन के िलए इ तेमाल करती ह, वे उ ह मूल प से अपने लाभ के
िलए शोषण का संसाधन मानती ह . इन प्रािणय की गिरमा को सुरिक्षत करने के िलए नीितयां बनाई जायेगीं तथा वे सं थाएं
सख्ती से िनयंित्रत और बारीकी से िनरीिक्षत की जायेगी .
4. ‘वा ड लाइफ अिधिनयम, १९७२’ की संभावना और लागू िकए जाने को सशक्त िकया जाएगा, िजससे संरिक्षत वनभूिम की
सीमा उ लंघन करने वाले ताकतवर दोिषय को रोका जा सके और वहाँ के ‘िनवासी पशुओं’ को
5. जंगली जानवर यानी ‘िशकािरय ’ से बचाया जा सके .
खेल, सं कृ ित और मीिडया
29. खेल एवं सं कृ ित
1. िजन लोगो के िखलाफ़ िकसी भी अदालत से भ्र टाचार के आरोप लगे है, उन आरोपो के बारे म सुनि चत करके , उन
भ्र टाचािरयो और अपरािधय को खेल प्रशासन से बाहर रखा जाए, न उ ह चुनाव लडने िदया जाए, और न िकसी भी रा ट्रीय
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खेल फे डरेशन के िकसी भी कायार्लय म, उ ह िकसी भी तरह का कायर्भार स पा जाए . साथ ही, खेल से जुड़े यिक्त का
िकसी भी रा ट्रीय खेल फे डरेशन की िनणर्या मक मंडल मे उिचत प्रितिनिध व को सुिनि चत करना .
2. िखलािडय का यौन शोषण, िकसी तरह के नशीले पदाथर् का सेवन, आयु संबंधी धोखा िब कु ल असहनीय होगा .
3. नवीनतम तकनीक से पूणर्, अ याधुिनक सुिवधाओं, उपकरण , अवसंरचना, साथ ही बहु-उ ेशीय टेिडयम की गांव और छोटे
शहर व नगर म थापना करना, प्राइवेट उ योगपितय को भारतीय खेल मे बुिनयादी तर से प्रितभा को पकडने और
पोिषत करने हेतु, आिथर्क सहायता प्रा त ज़मीन ल बे समय के िलए लीज (पट्टे)पर देकर, कर-राहत तथा अ य तरह की
प्रेरणाएं देकर िनवेश के िलए प्रो सािहत करना
4. खेल को एक सां कृ ितक गितिविध और कू ली िशक्षा का अखंड िह सा बनाना, ब च को भारत की िविवध सं कृ ितयां
िदखाना और उनकी जानकारी देना .
5. हमारे देश म अनेक संग्रहालय ह, िजनमे देश का इितहास और सां कृ ितक धरोहर संरिक्षत है, िफर भी वे कु प्रबंध और
मर मत न होने की वजह शोचनीय दशा म ह . संग्रहालय को अिधक पहुँच के अंदर और िचकर बनाया जाना और उनकी
प्रबंध सिमित मे अपेिक्षत सुधार लाए जाना . िव यालय को अपने छात्र को िनयिमत प से इन संग्रहालय म लाने के िलए
प्रो सािहत िकया जाना . गाँवो के समूह तथा छोटे शहर म सावर्जिनक पु तकालय म िनवेश िकया जाना और उनके रख-
रखाव का कायर् ग्राम-सभाओं और मौह ला-सभाओं वारा िकया जाना .
30. संचार मा यम (मीिडया) नीित
य यिप संचार मा यम का उ थान बहुत प्रभािवत करने वाला है िक तु अिधकतम लाभ उगाने पर इसका ज़ रत से यादा किद्रत होना,
भरोसे वाले िनयंत्रण का अभाव होना, इन कु छ कारण ने इसे ‘भुगतान पोिषत खबर (पेड यूज़)’ और ‘अ पािधकार’ जैसे गंभीर असंतुलन
की ओर मोड़ा है . जबिक आ.आ.पा एक जीवंत और वाधीन िमिडया को सराहती है, वहीं हम संचार मा यमो पर लगातार ‘भुगतान
पोिषत खबर ’ के आरोप लगते देख कर िचंितत महसूस करते ह . इसका प्रमुख कारण ह - मीिडया की जनता के प्रित उतरदािय व की
कमी, जवाबदेही का अभाव, और िवज्ञापन पर ज़बरद त िनभर्र होना . िमिडया का मानव जीवन पर सघन प्रभाव होने के बावजूद भी,
यह िकसी संवैधािनक िनयंत्रण के अधीन नहीं है . इसके िलए आ.आ.पा -
1. जनता के प्रित जवाबदेही को लागू करने के और मीिडया इंड ट्री को िनयंित्रत करने के ऐसे तरीके खोजेगी, जो पीडक न ह और
धारा १९ के तहत दी गई संवैधािनक गारंटी को धमकाने वाली न ह . यह िनयंत्रण रा य से लेकर राजनीितक स ता तक,
वतंत्रता और दखलअंदाजी म तालमेल व संतुलन बना कर चलने वाला हो .
2. ‘भुगतान पोिषत खबर ’ पर प्रितब ध लगाना होगा क्य िक यह ‘मीिडया-नैितकता’ के मूलभूत िसद्धांत – ‘िन पक्षता और
यावसाियकता’ का उ लंघन करने वाली पद्धित है . कानूनी श दावली और मायने म, इस तरह का िबका हुआ संचार-
मा यम (मीिडया), चुनावी और कर संबंधी िवधान का अनादर है . इसिलए इसको प्रितबंिधत करने वाले िनयम म ‘भुगतान
पोिषत खबर ’ और सो े य या जानबूझकर पेश की भडकाऊ व उ तेजक सूचना (िरपोटर्) के िलए सख्त सज़ा का प्रवाधान
शािमल िकया जाना चािहए .
3. ‘क्रॉस-मीिडया वािम व’ िनयम और िनयंत्रण, बड़े मीिडया के एकािधकार को िनिषद्ध करके प्रित पद्धार्पूणर् वातावरण सुिनि चत
कर तथा रेिडयो पर समाचार देने के , रा य के एकािधकार को समा त कर . पारदिशर्ता के तहत, िमिडया सं थान के
वािम व, उनके ऋण और मािलको व पत्रकार के राजनीितक गठबंधन का खुलासा हो .
4. जन-सेवा िमिडया सं थान को प्रो सािहत करने के िवक प खोजे जाएँ, (या रा य वारा सहायता प्रा त वाय त सं थान जैसे
दूरदशर्न, ऑल इि डया रेिडय , लोकसभा टेलीिवज़न, रा यसभा टेलीिवज़न) रा य शािसत मीिडया को िवके ि द्रत, यावसाियक,
और वाय त प्रबंध ढांचे के साथ स चे जनसेवा सं थान मे पांतिरत िकया जाए .,
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5. वायु तरंग (रेिडयो आिद) को समुदाय के उपयोग के िलए आज़ाद बनाना चािहए और २००२ रेिडय कौ युिनटी नीित को
सशक्त िकया जाना चािहए . अिवकिसत दूर-दराज़ के इलाक म कौ युिनटी रेिडयो के लाइसस को प्रेिरत करना चािहए .
कौ युिनटी रेिडयो और प्राइवेट रेिडयो टेशन के समाचार प्रसारण और ताज़े मामलो से स बंिधत कायर्क्रम पर से रोक हटा
ली जानी चािहए.
रा ट्रीय सुरक्षा
भारतीय वतंत्रता संग्राम के आदश के बावजूद भी भारत के पास संभावना और िज़ मेदारी दोन है - दुिनया को िनदान प
‘सावर्भौिमकता’ देने के िलए . भारत की शिक्त और सुरक्षा का अद्भुत प देखने को िमलता है, जब भारत इसे अपनी शत पर
िवकिसत करता है . ऐसा ‘ वराज’ - सुरक्षा को यिक्तगत, सामुदाियक और रा ट्रीय तर पर समान सहयोग को पोिषत करेगा . यहाँ
सुरक्षा से ता पयर् मात्र िहंसा और उग्र शा त्र से बचाव ही नहीं है, बि क आधारभूत सुरक्षा िजसमे मानव सुरक्षा, भुखमरी से सुरक्षा,
अपमान से सुरक्षा, जीवन और आजीिवका की ज़ रत तक पहुँच , ये भी शािमल है . मानव सुरक्षा की यह अंत र्ि ट आतंिरक और बा य
- दोन क्षेत्र म ‘आम आदमी पाटीर्’ का मागर्दशर्न करेगी .
31. बा य नीित
सश त्र सेना और सुरक्षा प्रित ठान अपने समपर्ण, किठन पिर म और याग के बल पर मूलभूत रक्षा प्रदान करने की खोज करते
ह . आ.आ.पा. की भ्र टाचार से िछड़ी जंग को लेकर, आ.आ.पा. का िव वास है िक चारो ओर फै ला भ्र टाचार और रा ट्र की सुरक्षा के
िलए सुरिक्षत रखे गए धन का गलत प्रयोग, देश के िलए गंभीर सेवा भाव का अभाव है . आ.आ.पा. सश त्र सेना की सुरक्षा और
फ़ौज का आधुिनकीकरण - दोन को देश के नीितपरक िहत को बनाए रखने के िलए उ च तरीय प्राथिमक िनदान मानता है -
1. तीन सेवाओं के िलए समाकिलत नजिरया, सुरक्षा सैिनक की देश के सुरक्षा मु पर िनणर्य लेने म भागीदारी, थलसेना,
गु तचर-िवभाग, अिधकारी वगर् और राजनीितक नेतृ व म बेहतर सम वय के िलए वचनबद्धता .
2. रक्षा-प्रापण म पारदिशर्ता, भ्र टाचार और िबचौिलया से संघषर्, िसफ़र् पारदिशर्ता के िलए नहीं अिपतु भारत की युद्ध लडने की
क्षमताओं को सुरिक्षत बनाने के िलए .
3. भारत अ त्र-श त्र का दुिनया का सबसे िवशाल आयातक है . हम वदेशी उपकरण के उ पादन को प्रो सािहत करना होगा
और कम से कम अविध म िवदेशी रक्षा उपकरण पर िनभर्रता को कम करना होगा .
4. सरहद पर अवसंरचना िनमार्ण को गित देनी होगी, सड़के , तथा अ य संरचना मक आव यकताएँ, पड़ाव,पयर्नुकू लन व लॉिजि टक
उ े य के िलए अपेिक्षत ह . हवाई क्षेत्र तथा बंदरगाह, समूची नीित आधािरत योजना और रक्षा सेवाओं की ज़ रत के अनुसार
िनिमर्त िकए जायेग .
5. ‘एक पद, एक पशन’ के िनयम को प्रभावी ढंग से लागू िकए जाने को सुिनि चत िकया जायेगा .
6. भूतपूवर् सेवक योगदान वा य योजना (ECHS) देश म वा य बीमा योजना के मॉडल की तरह होगी . थल सेना को याय
िमलने म सुधार, गितशील िशकायत प्रितकार प्रणाली वारा होगा .
32. िवदेश नीित
भारत की िवदेश नीित सभी देशो से बराबर की शत पर िमत्रतापूणर् मधुर स ब ध रखने पर किद्रत होगी . इस बारे म हमारा िव वास
है िक :
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1. सरहद पर आतंक ज़रा भी सहनीय नही होगा . िवपक्षीय और बहुपक्षीय प्रयास का सम वयन करके बेहतर सीमा प्रबंधन के
िलए आतंकवाद को ख म िकया जायेगा . िविभ न तर पर कायम की जा सकने वाली वातार् से उस ढाँचे को न ट िकया
जाएगा, जो आतंकवाद को प्रो सािहत करता है .
2. राजनीितक िव वेष को पर पर भरोसे के बल पर पडौसी देश के साथ कम करके , उसे िवकास और राहत म सहायता प्रदान
की जायेगी .
3. चीन वारा सरहद पर घुसपैठ को डरा कर रोकने की क्षमता को बढ़ाते हुए, भारत-चीन संबंध को अिधक बड़े और संतुिलत
यापार पर किद्रत िकया जायेगा तथा भारत-चीन स यता का आदान-प्रदान पुन: हािसल िकया जायेगा .
4. सीमा क्षेत्र को उ च आिथर्क िर ते म िवकिसत करके , दोन ओर शांित थािपत की जायेगी तथा अवैध आप्रवासन को
स हाला जायेगा.
5. अनुपूरक भारत के यू.एस व अ य गुटो जैसे िब्रक्स (BRICS : Brazil,Russia,India, China, South Africa) इ सा (IBSA :India,
Brazil, South Africa) के साथ साथर्क अनुबंध बनाना और एक बहु- ध्रुवीय दुिनया को प्रो सािहत करना . वैधता और स चे
अथ म वैि वक सं थान जैसे यू.एन. की ताकत को प्रो नत करना तथा इंटरनेशनल मॉिनटरी फं स (IMF) जैसे िनकाय
की लोकतांित्रकता की मांग करना. अनुपूरक भारत के यू.एस व अ य गुटो जैसे िब्रक्स (BRICS : Brazil,Russia,India, China,
South Africa) इ सा (IBSA :India, Brazil, South Africa) के साथ साथर्क अनुबंध बनाना और एक बहु-ध्रुवीय दुिनया को
प्रो सािहत करना . वैधता और स चे अथ म वैि वक सं थान जैसे यू.एन. की ताकत को प्रो नत करना तथा इंटरनेशनल
मॉिनटरी फं स (IMF) जैसे िनकाय की लोकतांित्रकता की मांग करना .
6. व डर् ट्रेड ऑगनाइजेशन (WTO) वारा प्रथम िव व की आिथर्क सहायता के िखलाफ़ िवकासशील दुिनया म कृ िष और
ग्रामीण समुदाय को सुरिक्षत बनाने म भूिमका को िनरंतर बनाये रखा जाना .
7. सम त वैि वक सामा य मु पर यू. एन की दूर ि ट का समथर्न,पयार्वरण स बंिधत संकट पर पर पर सहयोग को बढ़ाना,
िफर से नई की जा सकने वाली ऊजार् मे अिधकतम िनवेश, िवकिसत देशो से तकनीक का थानांतरण, यह हमारी ऊजार् और
आिथर्क सुरक्षा के िलए मह वपूणर् होगा .
33. आतंिरक सुरक्षा
आतंिरक सुरक्षा की चुनौती िसफ़र् कानून और यव था की सम या के प म ही नहीं देखी और समझी जा सकती . नागिरको को
आतंकवाद और पूवर्िनयोिजत िहंसा से सफलतापूवर्क सुरिक्षतिकए जाने पर भी, आ.आ.पा की आतंिरक सुरक्षा नीित का मुख्य ज़ोर
नागिरको के असंतोष के मूल कारण को राजनीितक िवकद्रीकरण, िवरोधी समूह के साथ बातचीत करके और लोग की आिथर्क ि थित
बेहतर बना कर, उसका प्रितकार करना है .
1. िवके द्रीकरण और सता के ह ता तरण के दीघर्कालीन समाधान की ओर कदम उठाते हुए, थानीय प से अनुकू ल,
प्रितिक्रयाशील एवं उ तरादायी यव था, सुरक्षा और शासन के ढांचे को तैयार करना . आधुिनक, बेहतर सश त्र और प्रिशिक्षत
सुरक्षा बल तैयार करना . सरकार को अितिरक्त संवैधािनक तरीक का इ तेमाल करना छोड़ देना होगा और सुिनि चत करना
होगा िक अिधकार और स ता के दु पयोग के िव द्ध िनयंत्रण और स तुलन बनाया जाए .
2. सुरक्षा उपकरण की, बाहर लोगो की तीखी नज़र के सामने, असाधारण जनादेश के साथ कम करने की ज़ रत और जवाबदेह
यव था, जो संवैधािनक प से गारंिटत यिक्त अिधकार को सुरिक्षत करती है, जनता की िशकायत का प्रितकार, तथा
रा ट्रीय मह ता के िवषय पर एक भारी जन-पिरचचार् के बीच एक यवहारकु शल संतुलन को बनाना .
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3. आ डर् फोसस पेशल पॉवसर् एक्ट,1958 (AFSPA) के कानून को समय-िनधार्िरत और मानवोिचत बनाने के िलए उनका
संशोधन एवं पुनरवलोकन . मिहलाओं के िखलाफ़ सश त्र सैिनक वारा यौन-िहंसा को दंड मुक्त न िकया जाना .
4. हमारा िव वास है िक का मीर भारत का अखंड िह सा है, अतेव सीमा पार आतंकवाद िब कु ल असहनीय होगा . सुरक्षा-बल के
अ पकालीन उपयोग के बाद, आ.आ.पा.. का िव वास है िक िवके द्रीकरण और सता के ह ता तरण की एक दीघर्कालीन सोच
को अपनाना होगा, जो का मीर के लोग को अपने िवकास के िनणर्य लेने की क्षमता प्रदान करेगी .
5. नक्सलवादी सम या के दीघर्कालीन समाधान के िलए ज़ री है िक उस क्षेत्र की गहरे राजनीितक,सामािजक एवं आिथर्क
िशकायत , असंतोष और मन-मुटाव पर िवचार करके उसका प्रितकार िकया जाए . आधुिनकीकृ त सुरक्षा बल के अलावा, हमारा
यान बहुपक्षीय संवाद, सामूिहक और आिथर्क िवकास और प्रभावशाली राजनीितक िवके द्रीकरण पर भी होगा .
अनूिदत : डा.दीि त गु ता
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Few corrections are required :
1.Political parties are not mechanisms (instrumental = सहायक) for finding and airing people's voices; all of
them have become election machines
1. The Aam Aadmi Party is not just another party. It is a party that has arisen from the struggles of Ramlila
Maidan and Jantar Mantar. This party is not here merely to fight elections, it is here to change the rules
of the game. It is here to rewrite the politics of this country, (History can be rewritten, but not the
politics, so either remove the sentence or form it like this – it is here to change the ugly face of Indian
politics)it is here to transform the relationship between the government and the people, it here to make
the government truly ‘of the people’. It is a party that brings with it the perspective of the common
women and men of this country. It is not a party that says it will solve all your problems. It is a party
that wants Swaraj; that wants power to return to your hands, so that you can solve your own problems.
३. Adequate numbers of qualified teachers to be ( plz add ‘be’ here )appointed on a regular basis
through a tra
४. We will promote (encourage) the use of information technology to promote transparency and reduce
corruption in government functioning.
५) Reform Ministry of Environment and Forests and its agencies ?? so that they can empower and
facilitate Gram Sabhas to be effective custodians and managers of their local natural resources. *(वाक्य
रचना ठीक नहीं लग रही, कु छ छू टा हुआ लग रहा है)
६) Commercial exploitation of natural resources would be done based on a royalty and revenue sharing
agreement with local communities, to ensure that those who pay the cost of development, are also
beneficiaries of this process. Preference to be given to Gram Sabha cooperatives for commercial
exploitation of minerals. (यहाँ क्या exploitation का प्रयोग सही है?)
७) The local communities (Gram Sabhas) shall play a vital role in the management of major natural
resources. The exploitation of minerals, water and forests within a Gram Sabha area will not be done
without the consent of the Gram Sabhas. (This coveys that the exploitation could be possible with
the consent of Gram Sabhas)
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८) Today the biggest problems for the aam aadmi are the rising cost of living and unemployment.
Statistics show that incomes have residents has risen, but in reality, due to the rise in costs of all basic
necessities such as electricity, water, vegetables, food grains, petrol, diesel, education and health, the
true economic situation of most families is worse than before. Whether it is onions and tomatoes or
water and electricity or children’s school fees, everything has become very expensive today. For the
common man, inflation is reflected in the costs of daily necessities. Aam Aadmi Party will take up the
following measures:
९) Corruption and crony capitalism are two significant factors behind the rising prices of basic good (S)
and necessities of the aam aadmi. AAP is committed to fighting corruption in all domains, and this
would be an important factor in combating rising prices.
१०) The expenditure on education is a substantial part of each family’s expense (budget).
11) We envision a world in which women will be acknowledged and treated as equal citizens in their
own right; where they will not be governed by male-dominated values which determine their societal
and familial roles. The entire policy framework needs to keep the ‘aam aurat’ at the centre. We can only
call ourselves a democratic, modern and progressive nation when we truly advance and deliver on
women’s rights, freedom, security equality and empowerment. Towards this,
१२) terrorism. Coordinate bilateral and multilateral efforts to prosecute terrorists and for better border
management. Call for sustained dialogue at various levels to dismantle the structures that encourage
terrorism.

घोषणापत्र - आम आदमी पार्टी

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    2    िवषय सूची 1. Whyvote for Aam Aadmi Party? आम आदमी पाटीर् के िलए वोट क्य ? वराज (SWARAJ) 2. Bringing an end to Corruption. भ्र टाचार का अंत 3. Devolving Power Directly to the People शासन सीधा लोग के हाथ म स पना 4. Providing Swift, Accessible Justice to the Common Man आम आदमी को शीघ्रता से और सरलता से उपल ध याय प्रदान करना 5. Ensuring Accountable, Humane Policing जवाबदेह, मानवतावादी नीित को सुिनि चत करना 6. Free and Fair Elections, Improving Representation वत त्र और िन पक्ष चुनाव, बेहतर प्रितिनिध व िशक्षा और वा य (EDUCATION AND HEALTH) 7. Health: Universal Access to all Citizens वा य : सभी नागिरक को िव वभर म पहुँच उपल ध 8. Education for All सबके िलए िशक्षा (घर-घर मे िशक्षा) अथर् यव था एवं पयार्वरण (ECONOMY AND ECOLOGY) 9. Facilitating Robust Economic Growth with Holistic Well-being िन छल अि त व के साथ व थ और मजबूत आिथर्क िवकास की सुगमता 10. Creating Decent Jobs and Gainful Employment for our Youth युवाओं के िलए उ तम रोज़गार एवं उपलि धयो से युक्त आजीिवका जुटाना 11. Simplify Rules, Create Accountable Institutions, Curb Black Economy सुगम िनयम,उ तरदािय वपूणर् सं थाएं, कपटी अथर्- यव था का दमन 12. Promoting Honest Business, Unleashing Entrepreneurial Energy व छ वािण य एवं यापार, उ यमी उजार् को प्रवािहत करना 13. Empowering Citizens, particularly the Poor and Vulnerable नागिरक सशिक्तकरण- िवशेष प से गरीब एवं असुरिक्षत को सशक्त बनाना 14. Reinvigorating the Rural Economy ग्रामीण अथर् यव था को ऊिजर्त करना 15. Improving Farmers’ Livelihood िकसानो की आजीिवका को बेहतर बनाना 16. Environment and Natural Resources Policy पयार्वरण एवं प्राकृ ितक संसाधन नीित 17. No Contractualisation of Jobs अनुबंधन मुक्त नौकिरयां /रोज़गार 18. Social Security for the Unorganised Sector असंगिठत क्षेत्र के िलए सामिजक सुरक्षा 19. Protecting the Common Man from Rising Prices बढती हुई कीमत से आम आदमी की रक्षा सामािजक याय (SOCIAL JUSTICE) 20. Gender Justice िलंग भेद-भाव संबंधी याय 21. Ending Caste-based Inequalities जाितगत असमानताओं का अंत 22. Life Of Dignity to the Valmiki Community वा मीिक समुदाय को गिरमामय जीवन 23. Secularism and Communal Harmony धमर्-िनरपेक्षता एवं सांप्रदाियक मेलभाव (सामंज य, स भाव) 24. Security and Non-discrimination towards Muslims मुसलमान की सुरक्षा और उनके प्रित सद्भाव 25. Adivasis: Taking Charge of Their Own Development आिदवासी: अपने खुद के िवकास की िज़ मेदारी उठाना 26. Empowerment of Persons with Disability िवकलांग सशिक्तकरण 27. Nomadic and De-notified Tribes बंजारा एवं िवमुक्त जाितयाँ
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    3    28. Animal Welfareपशु-क याण खेल, सं कृ ित और मीिडया (SPORTS, CULTURE AND MEDIA) 29. Sports and Culture खेल एवं सं कृ ित 30. Media Policy मीिडया (संचार-मा यमधारक ) स ब धी नीित रा ट्रीय सुरक्षा (NATIONAL SECURITY) 31. External Defence बा य सुरक्षा 32. Foreign Policy िवदेश नीित 33. Internal Security आतंिरक सुरक्षा 1. आम आदमी पाटीर् के िलए वोट क्य ? भारतीय लोकतंत्र आज दोराहे पर खड़ा है . आजादी के ६५ वषर् बाद भी, अभी वराज का सपना पूरा होना शेष है . देश का लोकतंत्र एक उबाऊ नीरसता म िसमट कर रह गया है, जो हर पाँच वषर् म होने वाले चुनाव , राजनीितज्ञ व द तरशाह के हाथ होने वाली उपेक्षा और अपमान से जजर्र हो रहा है . राजनीितक पािटर्याँ लोग की आवाज़ को खोज पाने और सब तक पहुँचाने म सहायक होने के बजाय एक चुनावी यंत्र बन कर रह गई ह . ये यंत्र, पहले मतदाताओं को पकड़ कर उनके आगे झूठे वायद का ‘चारा’ डालते है और बाद म उ ह ही ‘चारा’ बना कर इ तेमाल करते ह . इसके बाद, धन को स ता म बदलने और िफर स ता से धन बनाने के काम म अगले चुनाव आने तक िल त रहते ह . राजनीितक पािटर्याँ जनता को ‘सुशासन’ के छलावे मे रखती है लेिकन वह वाय त सरकार का िनदान नहीं होता . वराज का मतलब मात्र अंग्रेज के शासन से मुिक्त नहीं था . वराज का मतलब है ‘अपना राज’ . लोग का अपनी िनयित पर िनयंत्रण, अपनी कु शलक्षेम से स बंिधत मामल म िनणर्य लेने का अिधकार, स ता के उपकरण को िनिदर् ट करने का अिधकार और शासक को उनके काय के िलए उ तरदायी ठहराने का अिधकार . वराज का ता पयर् है – जनता वारा, जनता के िलए, जनता का शासन, न िक नेताओं और बाबुओं का शासन . महा मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद बोस, भगत िसंह,अशफाक उ लाह, चंद्र शेखर, रामप्रसाद िबि मल, मंगल पा डे से लेकर लाख शहीद ने देश की आजादी के िलए जान कु बार्न की . क्या उन लोग ने अपना जीवन इसिलए बिलदान िकया था िक अंग्रेज के बजाय, उनके ही देशवासी, देश को लूटे ? उन बहादुर वतंत्रता सेनािनय ने एक ऐसे भारत की संक पना की थी िजसका उ लेख हमारे संिवधान की आमुख (प्र तावना) म िकया गया है - हम, भारत के लोग, भारत को एक स पूणर् प्रभु व संप न, समाजवादी, धमर् िनरपेक्ष, लोकताि त्रक गणरा य बनाने के िलए तथा उसके सम त नागिरक को: सामािजक आिथर्क और राजनैितक याय, िवचार, अिभ यिक्त, िव वास, धमर् और उपासना की वतंत्रता, प्रित ठा और अवसर की समता, सबम प्रा त करने के िलए, तथा उन सब म, यिक्त की गिरमा एवं रा ट्र की एकता एवं अखंडता सुिनि चत करने वाली बंधुता बढ़ाने के िलए ढ़ संक प होकर अपनी इस संिवधान सभा म आज तारीख २६ नव बर १९४९ को एत वारा इस संिवधान को अंगीकृ त, अिधिनयिमत और वयं को इसके िलए अिपर्त करते ह . यह प्र तावना हमारे सपने को, आम भारतीय के सपने को विणर्त करती है . यह लोकतंत्र का, सामािजक याय का, धमर्िनरपेक्षता और संप्रभुता संप न भारत का सपना है . संिवधान की प्र तावना एक िन पक्ष समाज का वचन देती ह . यह वतंत्रता,समानता और भाई-चारे का वायदा है . यह वायदा आज तक पूरा नहीं हो पाया है . आज हमारा भारत तीन खतर का सामना कर रहा है : भ्र टाचार, स प्रदायवाद और सांठ-गांठ का पूंजीवाद . ये खतरे हमारे देश की संरचना (ढाँचे) को और आम आदमी के जीवन को न ट कर रहे ह . आज इन सम याओं के समाधान के िलए देश के लोग को एकजुट होने की ज़ रत है . ‘आम आदमी पाटीर्’ राजनीितक शिक्त को भारत के लोग के हाथ म वािपस लाने के िलए, नीितय को आम आदमी के पक्ष म, आम आदमी के राय-मशिवरे से बनाने के िलए किटबद्ध है िजससे आम जनता, भ्र टाचार, स प्रदायवाद और सांठ-गांठ का पूंजीवाद जैसे खतर से मोचार् ले सके .
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    4    ‘आम आदमी पाटीर्’कोई ऎसी-वैसी पाटीर् नहीं है, यह वो पाटीर् है जो रामलीला मैदान और जंतर-मंतर के संघषर् से ज मी है . यह यहाँ पर िसफ़र् चुनाव लडने नहीं आई है बि क यह तो खेल के िनयम बदलने आई है . यह देश की राजनीित के कु प चेहरे को बदलने आई है . यह सरकार और जनता के स ब ध को पांतिरत करने आई है . यह यहाँ पर सच म ‘सरकार को लोग का बनाने’ आई है . यह वो पाटीर् है, जो भारत के हर आम पु ष और मिहला के ि टकोण को, यथाथर् को, साथ लेकर आई है . यह पाटीर् वो पाटीर् नहीं है, जो कहती है – ‘म आपकी सारी सम याएं सुलझा दूंगी’. इसका येय है – ‘ वराज’ यानी ‘आप का शासन’ मतलब िक यह शासन को आपके हाथ म लौटाना चाहती है , िजससे आप वयं अपनी सम याओं का िनदान खोज सके , खुद उनका समाधान िनकाल सके . वराज 2. भ्र टाचार का अंत जनलोकपाल िबल : जनलोकपाल एक वत त्र, सशक्त और जवाबदेह प्रशासिनक िशकायत जाँच अिधकारी/ लोकपाल के प म संकि पत िकया गया, जो वत त्र प से,िव वसनीयता के साथ और िबना िकसी देरी के अिवल ब सरकारी कमर्चािरय के भ्र टाचार संबंधी अपराध की जाँच करे . जब िक यू.पी.ए. सरकार ने प्रगट प से लोकपाल िबल पास िकया जो िक दंतहीन यानी अप्रभावी िबल है . जो भ्र टाचार से सबलता से नहीं लड़ सके गा . इसिलए आ.आ.पा. एक सु ढ़ भ्र टाचार िवरोधी कानून, ‘जनलोकपाल िबल’ लाने के िलए किटबद्ध है . इस िबल म िन निलिखत बात का प्रावधान होगा :  के द्रीय सरकार के सभी जनािधकारी,(िजनम प्रधानमंत्री, के द्रीय मंत्री और सांसद भी शािमल ह गे) ‘लोकपाल’ वारा की जाने वाली जांच पडताल के दायर म आयेग . के द्रीय सरकार के जनािधकािरय को अपनी संपि त की वािषर्क िरपोटर् देनी होगी . यिद संपि त की कोई भी चीज़ घोिषत होने से रह जायेगी, तो वह ज़ त कर ली जायेगी .  कोई भी सरकारी अिधकारी यिद भ्र टाचार का दोषी पाया गया तो, वह अपने पद से हटा िदया जायेगा और उसे कारावास की सज़ा िमलेगी . संपि त की ‘अघोषणा’ ज़ त िकए जाने का आधार बनेगी .  भ्र टाचार के मामल म िनधार्िरत समय सीमा म जांच-पडताल और सुनवाई होगी .  लोकपाल को भ्र टाचार के आरोिपयो के िखलाफ़ जांच जारी करने और कानूनी कायर्वाही करने का अिधकार होगा . संगठन के पास प्रशासिनक, राजकर संबंधी और जाँच की वाय तता होगी . सी.बी.आई पर लोकपाल का शासकीय अिधकार और िनयंत्रण होगा िजससे िक ‘जाँच प्रशासन’ सरकार से अलग वाधीन ि थित म होगा .  नागिरक का शासन-पत्र (चाटर्र) के द्र के सभी सरकारी कायार्लय म िदया जायेगा . इस शासन-पत्र म सरकारी अिधकािरय की िनधार्िरत सीमा म दी जाने वाली उन अनेक प्रकार की सेवाओं का लेखा-जोखा होगा, जो वे नागिरक को दगे . िशकायत िनवारण प्रणाली पेश की जायेगी और नागिरक का शासन-पत्र से स बंिधत िकसी भी तरह का उ लंघन दंडनीय होगा .  ’भ्र टाचारी’ के िखलाफ़ सचेत करने वाले (मुखिबर) को पूरी सुरक्षा प्रदान की जायेगी तथा यायपूणर् यव था म योगदान हेतु उसे पुर कृ त भी िकया जायेगा . वराज िबल : आ.आ.पा. वराज िबल को कानूनी प देगी जो ‘ग्राम सभा’ और ‘मौह ला सभा’ को अिधकार ह तांतिरत करेगा और इस तरह भ्र टाचार का थानीय तर पर दमन करेगा . वराज िबल के बारे म िव तार िन निलिखत अनुभाग म उपल ध है ;
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    5    1) सरकारी प्रिक्रयाका सरलीकरण - अिधकतर सरकारी प्रिक्रयाएं अनावा यक प से जिटल ह और भ्र टाचार के अवसर प्रदान करती ह. समूची सरकारी प्रिक्रया को सुगम बनाने का गंभीर प्रयास िकया जायेगा . 2) सूचना तकनीक का प्रयोग - हम सूचना तकनीक के प्रयोग को प्रो सािहत करेग िजससे पारदिशर्ता आए तथा सरकारी कम-काज म भ्र टाचार घटे . 3. वराज : शासन सीधा लोग के हाथ म स पना ‘आम आदमी पाटीर्’ िसफ़र् सरकार बनाने के िलए ही नहीं,बि क मूलभूत प से शासन- यव था को पांतिरत करने के िलए चुनाव लड़ रही है . हमारी यह ढ धारणा है िक लोग को िनणर्य लेने का अिधकार होना चािहए और सीधा उ ही के वारा िक्रयाि वत होना चािहए . हमारी ‘ वराज’ की संक पना म भारत का प्र येक नागिरक िनणर्य ले सके गा, जो उनके जीवन को प्रभािवत करेगा . लोग िनणर्य लेग और चयिनत प्रितिनिध उनको िक्रयाि वत करेग . जीवन मे ‘ वराज’ के व न को साकार करने के िलए ज़ री है िक िनणर्य लेने के अिधकार ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला सभा’ को िदए जाएँ . हम वराज िबल को िन निलिखत प्रावधान के साथ पािरत करायेगे : 1) प्र येक ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला-सभा’ को अपने क्षेत्र म िवकास संबंधी काय के िलए प्रितवषर् संयुक्त धनरािश दी जायेगी, िजसे वे अपनी प्राथिमकताओं और आव यकताओं के अनुसार इ तेमाल कर सके गीं . ग्राम-सभा (या मौह ला-सभा) यह िनि चत करेगीं िक िकस तरह और कहाँ धनरािश का सदुपयोग िकया जायेगा . जैसे उदहारण के िलए, ज़ रत की कोई खास सडक बनवाना, िव यालय म मर मत करवाना, दवाखाना खुलवाना,वषार् जल का संचयन आिद, आिद . 2) सरकार वारा िकए गए िकसी भी काम के िलए धन रािश का भुगतान तभी िकया जायेगा, जब ‘ग्राम-सभा’ और ‘मौह ला-सभा’ िकए गए काम से संतु ट होगीं . 3) जब थानीय राशन की दुकान पर, अिनयिमतताएं और िकसी भी तरह का अनाचार पाया जाएगा तो, ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) िवतरक का लाइसस र करने के िलए और नए िवतरक को लाइसस देने के िलए अिधकृ त होगी 4) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) को जो धन-रािश आवंिटत की जायेगी, उसम से उसे अपने क्षेत्र के िलए िकसी भी तरह की योजनाएं बनाने के िलए वाय तता होगी . 5) ग्रामीण और शहरी इलाक म लोग के सभी प्रमाण-पत्र (जैसे, ज म, मृ यु, जाित, आय प्रमाण-पत्र आिद) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) सिचवालय म िनगर्त िकए जायेगे . इन बुिनयादी सेवाओं के िलए लोग को तहसीलदार के कायार्लय म िर वत देने से मुिक्त िमलेगी . 6) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) को इस बारे म िनणर्य लेने का अिधकार होगा िक उनके गाँव या मौह ले म शराब की दुकान खुले या न खुले . उ हे अपने गाँव या मौह ले म शराब की दुकान को बंद करने का भी अिधकार होगा . िकसी भी ‘ग्राम- सभा’ (या मौह ला-सभा) के इस िनणर्य पर सहमित के िलए, कम से कम ५०% मिहलाओं की िनिदर् ट संख्या अपेिक्षत होगी . 7) ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) थानीय सरकारी िव यालय और प्राथिमक वा य के द्र के काय और गितिविधय का अनुवीक्षण और िनरीक्षण करेगीं . 8) सरकारी योजनाओं से लाभाि वत लोग जैसे - िवधवा पशन, वृद्धाव था पशन आिद,आिद की ‘ग्राम-सभा ‘ (या मौह ला-सभा) वारा सूची बनाई जायेगी . 9) ‘ग्राम सभा’ (या मौह ला-सभा) म िनिदर् ट संख्या िसफ़र् अंक म ही नहीं होगी, बि क अिधकारहीन समुदाय की यूनतम उपि थित पर आधािरत होगी . सामिजक याय लोकपाल सं था की रचना ‘ग्राम-सभा’ (या मौह ला-सभा) के िनणर्य और कायर्, वैधािनक और संवैधािनक ढांचे के अंतगर्त ह िक नहीं और वे िकसी भी समूह या समुदाय के िव द्ध भेदभाव तो नहीं कर रही, यह सुिनि चत करेगी . 10) कु छ ही वष म जब ‘ग्राम सभा’ (या मौह ला-सभा) की कायर् प्रणाली अ छी तरह थािपत हो जायगी, तो िवधान प्रिक्रया म उनकी भागीदारी की संभावना पर िवचार िकया जाएगा . उन िवषय की एक सूची बनाई जायेगी िजन पर ग्राम-सभाओं का राय-मशिवरा अिनवायर् होगा . उ ह कानून बनाने की शु आत करने का अिधकार भी िदया जायेगा, िजस पर बाद म रा य िवधान सभा और संसद िवचार करेगीं .
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    6    4. आम आदमीको शीघ्रता और सुगमता से याय िदलाए जाने की यव था : आ.आ.पा. यह सुिनि चत करने के िलए ढता से समिपर्त है िक आप आदमी को अिवल ब, िन पक्ष, वहन करने योग्य और जवाबदेह याय यव था िमल . व तर्मान याियक यव था के प्रमुख मु े है - याय प्राि त का आम आदमी की पहुँच के बाहर होने का कारण है अ)प्रिक्रया की िवषमताएं और अदालत व याियक ढांचे से आम आदमी की भौितक दूरी, अ) फै सला सुनाने म अ यिधक देर करना, आ) कमज़ोर अवसंरचना, िशिथल मानव संसाधन, िकराए पर लेने की मांग करने वाला यवहार, और इ) संवेदनशीलता की कमी, संभ्रांतवादी मानिसकता तथा यायाधीश वारा आम आदमी की सम याओं को समझने का अभाव . इस िदशा म आ.आ.पा. - (आ.आ.पा.) ग्राम अदालत की उिचत संख्या तैयार करेगी, िजनकी प्रिक्रया बहुत सुगम और सरल होगी . जबिक २००८ के अिधिनयम ने इस पिरक पना को प्रार भ िकया था, िक तु ग्राम अदालत असरदार याय देने वाली इकाई न बन सकी . आ.आ.पा. यह सुिनि चत करने के िलए वचनबद्ध है िक छोटे-छोटे मुकदम, जो आम आदमी के जीवन को गित से प्रभािवत करते है, इस बात को यान म रखते हुए - वे (ग्राम यायालय) उनके बारे म कायर्वाही करेग. (आ.आ.पा.) प्रिक्रया (जैसे िक सी.पी.सी., सीआर.पी.सी प्रमाण अिधिनयम) अविध अिधिनयम कायर्िविधक कानून को सुगम बनायेगी - 1. रा य तर और रा ट्रीय दोन तर पर ‘ याियक िनयुिक्त आयोग’(JAC) गिठत करेगी, िजससे िनचली और उ च अदालत के यायाधीश की िनयुिक्तय की प्रिक्रया पारदशीर् बन सके . १) (आ.आ.पा.) इसे अिनवायर् आव यकता बनाएगी (मूलभूत ‘जनलोकपाल’ िसद्धांत के अनु प) - यायाधीश की संपि त का पूरा खुलासा, उसकी घोषणा और अघोिषत संपि त का ज़ त िकया जाना; २) (आ.आ.पा.) हर तर की यायपािलका के तहत ‘गितशील अदालत’ थािपत करेगी . ३) (आ.आ.पा.) पाँच वष म अदालत और याियक शिक्त की संख्या दुगुनी करेगी . ४) (आ.आ.पा.) क यूटीकरण सिहत अदालत की व तर्मान अवसंरचना की अिधक सक्षमता के िलए, उ ह बेहतर बनाएगी .. 5. मानवीय एवं उ तरदािय वपूणर् यव था की सुिनि चतता: आज आम आदमी, ‘पुिलस’ को सुरक्षा देने वाले बल के प म नहीं, बि क दमन और उ पीडन के प म देखता है . पुिलस अपनी ि थित िनधार्रण म, मूलभूत प से जनता-िवरोधी औपिनवेिशक सं था के प म बनी हुई है, मानो शासन पद्धित की िव तािरत और अक्सर मनमानी करने वाली शाखा . वराज का ल य पुिलस को ‘जन-िमत्र’ बनाने के िलए मूलभूत िदशा िनदश मांगता है . इसिलए ‘पुिलस बल’ म लाए जाने वाले सुधार का ल य होना चािहए - लोग के प्रित अिधक जवाबदेह होना, यावसायीकृ त होना, राजनीितक दु पयोग से मुक्त अिधक वाय त होना, (अनाव क) अिधकार से अलगाव,बेहतर प्रिशक्षण और खुद पुिलस के िलए काम करने के वातावरण का मानवोिचत होना . 1. पुिलस को राजनीितक अिधशासन के दु पयोग से अलग करके , काम करने की वाय तता प्रदान करते हुए 2. पुिलस सुधार पर सुप्रीम कोटर् के फै सले का लागू िकया जाना,
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    7    3. थानीय ‘ग्राम-सभा’(या मौह ला-सभा) के प्रित पुिलस की जवाबदेही, कानून और यव था को बनाये रखने के िलए अलग से अिधकार तथा पुिलस के अलग-अलग दो ख ड म जाँच-पडताल . पुिलस की िहरासत म रखे जाने का अिधकार ख म कर िदया जाना चािहए . हर तरह की िहरासत िसफ़र् याियक होगी और िकसी भी तरह का जवाब-तलब भी याियक िहरासत म ही िकया जायेगा . 4. िकसी भी पुिलस अिधकारी वारा िशकायत (एफ.आई.आर.) दज़र् करने की मनाही, दंडनीय अपराध माना जायेगा . 5. पुिलस के जनता से संपकर् साधने के क्षेत्र म वीिडय य व था सुिनि चत करके , पुिलस के कायर्-संपादन म अिधक पारदिशर्ता लाई जायेगी . जांच अिधकारी वारा आरोपी से जवाब-तलब भी वीिडय के तहत होगा . 6. पुिलस कमर्चािरय के प्रितिदन काम करने के घंटे, आठ घंट से अिधक न ह , िन पक्ष, पारदशीर्, और पहुँच के अंदर ‘िशकायत िनवारण यव था’ का प्रबंध होगा तथा कमचार्री, मुखिबर की सुरक्षा की यव था का लाभ प्रा त कर सके गा . पुिलस कमर्चारी का, उ च पुिलस अिधकारी के घर पर अदर्ली या पहरेदार की तरह इ तेमाल िकया जाना ख म कर िदया जाएगा . इस तरह पुिलस कमर्चािरय की काम करने की दशाओं को बेहतर बनाया जाएगा, 7. बड़ी मात्रा म ‘पुिलस बल’ का वी.आई.पी. सुरक्षा के िलए प्रयोग का िवरोध िकया जायेगा . 8. पुिलस कमर्चारी की िनयुिक्त तरीय और पारदशीर् ढंग से की जाएगी िजससे भ्र टाचार और पक्षपात की संभावनाओं को दूर िकया जा सके . पुिलस कमर्चारी वारा िकए गए उ तम काय के िलए पुर कार की प्रिक्रया सं थागत होगी . 6. वत त्र और िन पक्ष चुनाव, बेहतर प्रितिनिध व : हालांिक हमारे देश म तथाकिथत वतंत्र और िन पक्ष चुनाव इन श द के नाम मात्र के अथर् म उपल ध है, राजनीितक प्रितिनिध व की प्रणाली नागिरको को अथर्पूणर् और सारपूणर् चयन प्रदान नही करती और न ही यह राजनीितक प्रित पद्धार् के िलए बराबर का खेल खेलने को मैदान प्रदान करती है. हम ऐसे िविवध प्रकार के दूरगामी राजनीितक सुधार की आव यकता है, जो लोकतांित्रक उ थान को गहरा कर और साथ ही ‘ वराज’ के आदशर् (मॉडल) के तालमेल म भी हो. इसके िलए ‘आम आदमी पाटीर्’ िन निलिखत कदम उठाएगी - 1. चुनाव आयुक्त बहु-सद यीय संवैधािनक कमेटी वारा िनयुक्त िकये जाने चािहए . चुनाव आयोग को इसके वे िविवध अिधकार िदए जाने चािहए, िज ह वह अपनी वाधीनता के िलए माँगता आ रहा है . साथ ही, िनयम बनाने का तथा आयोग को प्र यािशय वारा िदए गए शपथ पत्र (हलफनामे) की जाँच का अिधकार िदया जाना चािहए . 2. काला धन राजनीितक पािटर्य के िलए कठोर प्रकटीकरण िनयम वारा, कर-िववरण के सख्त सू म िनरीक्षण वारा, यिक्तगत योगदान पर अंितम सीमा और कु ल सारे यय पर ‘वा तिवक सीमा’ वारा प्रितबंिधत िकया जाना चािहए . 3. राजनीितक पािटर्य को सूचना और संचार मा यम पर समान पहुँच दी जानी चािहए . संचार मा यम की तोड़-मरोड जैसे िक उ ह धन-रािश देकर, अपने बारे म मनचाही बाते जनता तक पहुँचवाना, असीिमत मीिडया िवज्ञापन और स ताधारी पाटीर् के प्रचार के िलए जनता के धन का दु पयोग करने पर िनय त्रण िकया जाना चािहए . 4. राजनीितक पािटर्य का आतंिरक कायर्-संपादन यह सुिनि चत करने के िलए िनयंित्रत िकया जाना चािहए िक वे आधारभूत प्रजातांित्रक प्रिक्रया का अनुसरण करती ह या नहीं, ‘सूचना के अिधकार’ के तहत पारदिशर्ता के िनयम अपनाती ह िक नहीं, संिवधान वारा सं तुत लेखा-परीक्षक (ऑिडटर) से अपने खाते िनरीिक्षत करवाती ह िक नहीं. 5. चुनाव प्रणाली की प्रितिनिध वता को बेहतर बनाने के िलए, व तर्मान ‘जो यादा मत पाया वह जीता’ प्रणाली समानुपाितक प्रितिनिध व वारा पूरक बनाई जानी चािहए . 6. ‘अ वीकृ त करने का अिधकार’ एवं ‘िफर से बुलाने का अिधकार’ के प्रावधान प्रार भ होने चािहए . 7. देश की राजनीितक प्रिक्रयाओं और गितिविधय म युवक की भागीदारी बेहतर बनाने के िलए, चुनाव लडने वाल की यूनतम आयु सीमा २५ से २१ तक की जानी चािहए .
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    8    वा य एवंिशक्षा : 7. वा य : सभी नागिरक को िव वभर म पहुँच उपल ध भारत की जन- वा य यव था संकट म है . आम आदमी की अ छे िक म की वा य सुिवधाओं तक पहुँच नहीं है, और एक गंभीर बीमारी आदमी को गंभीर आिथर्क संकट म डाल सकती है . ‘आम आदमी पाटीर्’ यह सुिनि चत करने हेतु कमर कस के प्रयासरत है . इस देश के प्र येक नागिरक को ऊं चे िक म की वा य सुिवधाएं उपल ध होनी चािहए, चाहे वे गरीब ह या अमीर, इसके िलए आ.आ.पा. - 1. एक एक यापक प से लागू िकया जाने वाला कानून – ‘ वा य की देखभाल का कानून’ बनायेगी िजससे सभी गरीब-अमीर नागिरक की उ च िक म की वा य सुिवधाओं तक पहुँच हो सके . यह ‘िशक्षा के अिधकार के साथ-साथ शु िकया जायेगा . 2. (आ.आ.पा) धनरािश, काय और कायर्कतार्ओं का थानीय सरकार के उिचत तर पर िवके द्रीकरण करके उपभोक्ताओं के प्रित जन- वा य यव था की िज़ मेदारी और जवाबदेही को बेहतर बनाएगी . 3. (आ.आ.पा) िनि चत करेगी िक सभी ज़ री दवाईयां िनयिमत प से जन- वा य सुिवधाओं के अंतगर्त उपल ध ह , और लोग को िन:शु क िमल . आ.आ.पा. प्रा त को थोक म ‘जेनेिरक’ दवाइय की खरीद के िलए पारदशीर् ‘प्राि त प्रणाली’ अपनाने के िलए प्रेिरत करेगी . 4. िनजी वा य सेवाएं देने वाल की जवाबदेही को, प्राइवेट अ पताल वारा रोिगय के अिधकार , िविवध दवाओं की कीमत और सेवाओं के मू य को िलिखत प से वा य के द्र पर लगा कर बेहतर बनायेगी . यह भी सुिनि चत करेगी िक सरकार वारा आिथर्क सहायता प्रा त िनजी वा य सेवा के द्र, आम आदमी के प्रित अपने वचन का स मान करते हुए, उसे पूरी तरह िनभाए . 5. ‘आयुष’ (AYUSH - आयुवद, योग एवं प्राकृ ितक िचिक सा, यूनानी, िसद्धा और हो योपैथी) और थानीय पारंपिरक वा य िनदान, जन- वा य के िलए मह वपूणर् भूिमका िनभाये . इन औषिधय की पद्धितय म शोध हेतु बड़े जनसमुदाय का िनवेश िकया जाए. यानी जनता इन िचिक सा पद्धितय को अिधक से अिधक अपनाए . 6. यह सुिनि चत करना िक प्राथिमक वा य के द्र पर सभी िरक्त थान भर चुके ह िक नहीं . नीचे से पहली पंिक्त म सामने आने वाले कमर्चािरय को अ छी तरह से प्रिशिक्षत वगर् के प मे िवकिसत करके , मानव संसाधन म िनवेश करना . . 8. सबके िलए िशक्षा : भारत की ‘सरकारी कू ल पद्धित’ दयनीय ि थित म बनी हुई है और आम आदमी सरकारी िशक्षा के अलावा, उ तम िक म की िशक्षा को वहन नहीं कर पाता . इस पृ ठभूिम के िव द्ध आ.आ.पा. - िजसके िलए आिखरी आदमी की ‘कु शल-क्षेम’, उसकी नीित और राजनीित के िलए ‘कसौटी’ के समान है, समाज के सभी वग के िलए सच म यायसंगत प से पहुँच के अंदर प्रावधान को सुिनि चत करने की अपनी प्रितबद्धता को पुि ट करती है . इसके िलए आ.आ.पा. - 1. सभी ब चो के िलए चाहे वे उसकी फीस दे पाए या न दे पाये, ऊं चे तर की िशक्षा तक ‘पहुँच का’, रा य वारा प्रावधान करायेगी . उिचत बजट के आवंटन, प्रशासक एवं अ यापक की भतीर् और क्षमता िनिमर्ित के वारा जन-िशक्षा पद्धित को सशक्त बनायेगी .
  • 9.
    9    2. कु लनामांकन, अनु तीणर् होने वाल छात्र की सूची, उ तम िशक्षा, िव यालय म भेदभाव का अभाव तथा आगे उ च िशक्षा तक पहुँच की सुिवधाओं आिद को सुिनि चत करके , लडिकय , पहली पीढ़ी के िशक्षािथर्य , गरीब पिरवार और सामािजक प से िपछड़े समुदाय के छात्र के िलए िवशेष प्रावधान उपल ध कराएगी . 3. िव यालय और अ यापक की ‘ग्राम-सभा’ या ‘मौह ला सभा’ को जवाबदेही के साथ िव यालय के प्रबंधन, स दभर् युक्त पा यक्रम बनाने म थानीय लोगो को संलग्न करेगी, 4. संदभर् युक्त प्रासंिगक पा यक्रम, जो लोकतंत्र, धमर्िनरपेक्षता, यायसंगतता और िन पक्षता और साथ ही, भारत की अनेक सं कृ ितय और जीवन शैिलय के लोकाचार म उतरा हुआ होगा, उसे किद्रत करेगी . 5. िशक्षा पद्धित, पिरणाम को किद्रत करने वाली होगी, न िक िनवेश (इनपुट) को . (आ.अ.पा.) िशक्षा के पिरणाम को किद्रत करने के िलए िजला सं थान िशक्षा एवं प्रिशक्षण और रा य पिरषद शैिक्षक शोध एवं प्रिशक्षण मे सुधार लाएगी और ‘अ यापक िशक्षा प्रणाली’ को भी पुनिनर्िमर्त करेगी . 6. (आ.अ.पा.) समुिचत क्षितपूितर् के िलए, िनरंतर प्रिशिक्षत और उ तरदािय व से काम करने वाले प्रिशिक्षत अ यापक को पयार् त संख्या म पारदशीर् चयन प्रिक्रया वारा थायी प से िनयुक्त करेगी . 7. यावसाियक प्रिशक्षण के िलए अिधक से अिधक संख्या म तकनीिक प्रिशक्षण सं थान थािपत करेगी . तकनीिक िशक्षा प्रा त छात्र को प्रेिरत करेगी और अवसर देगी िक वे अपना खुद का यवसाय थािपत कर . 8. िव यालय के पा यक्रम म यावसाियक और शैिक्षक िशक्षा का सम वयन िकया जायेगा . उ च िशक्षा म भी यावसाियक िडिग्रय को समथर्न िदया जायेगा . उ ह िवकास की ओर ले जाया जाएगा . जनता वारा आिथर्क प से पोिषत उ च िशक्षा को खासतौर से, गुणव ता को बढ़ाने पर सरकार वारा बड़ी आिथर्क सहायता िदलाई जायेगी . 9. आई.आई.टी., ऐ स, आई ए.एस.ई.आर. जैसे जनता वारा आिथर्क प से पोिषत, वैि वक तर के अनेक उ च िशक्षा सं थान यह सुिनि चत करने के िलए थािपत कराये जायेग िक देश के प्रितभाशाली छात्र चाहे वे िकसी भी पृ ठभूिम से ह , उ च िशक्षा प्रा त कर सक . 10. १०) (आ.आ.पा) उ च िशक्षा सं थान म स पोषण के द्र थािपत करके , उ यम के िलए ऊ च िशक्षा को रोज़गार के अवसर से जोड़ेगी . 11. िद ली िव विव यालय म अप्रजातांित्रक तरीके से शु िकए गए चार वषीर्य नातक कायर्क्रम को पीछे खदेडेगी. . अथर् यव था एवं पयार्वरण: आ.आ.पा. भारत के िलए एक प्रभावशाली, यायसंगत और पयार्वरण वारा बनी रहने वाली ‘अथर् यव था’ को पोिषत करने वाले , संतुिलत िवकास मॉडल की पिरक पना करती है, जहाँ - मूलभूत ज़ रते जैसे - भोजन, आवास, िशक्षा, वा य, िबजली, पानी, शौचालय तथा अ य मूलभूत सुिवधाएँ प्र येक यिक्त की पहुँच म होगी . िकसान संप न और समृद्ध ह गे और अपनी आजीिवका को सुरिक्षत रख सके ग . युवाओं को जीिवका की सुिनि चतता होगी और उ ह उपलाि धपरक रोज़गार िमलेगा . इमानदारी से भरपूर उ यम /उ योग को प्रो सािहत िकया जायेगा और वे सिक्रय बनेग .
  • 10.
    10    लोग सशक्त होगेऔर अपनी समुिचत साम यर् को अनुभूत कर सके ग . कानून- यव था िबना िकसी प्रभु व के लागू होगी तथा िववाद शीघ्राितशीघ्र सुलझाये जायेग . मानवीय और पयार्वरण स ब धी पूंजी िनरंतर समृद्ध होगी . ‘कर-पद्धित’ सरलता, िनि चतता और पारदिशर्ता पर आधािरत होगी एक िन पक्ष नीित के तहत पयार्वरण, सहभािगतापूणर्, पारदशीर्, उ तरदािय वपूणर् सं थाओं वारा समिथर्त होगा आ.आ.पा अपनी आिथर्क संक पना को, अपनी राजनीितक आ थाओं से सृिजत करती है, िजसकी जड़े िवके ि द्रत प्रशासन, पारदिशर्ता, उ तरदािय व और यायसंगतता म ह . इसका िव वास है िक भारत एक िविश ट िवकास मॉडल के प म िवकिसत होकर उभरेगा, जो भारत के नागिरको की आकांक्षाओ, इसकी जिटलताओं और मानदंडो को चुनौती देने वाला होगा . यह मॉडल िनरंतर उ तम और उ कृ ट होता जायेगा क्य िक आ.आ.पा. भारतीय की नीित िनधार्रण प्रिक्रया एवं प्रमाण आधािरत जानकारी के बढ़ते हुए यापक प्रितिनिध व को शािमल करने म िव वास करती है . आ.आ.पा खुले िदलो-िदमाग से पावन व िन छल ि टकोण म आ था रखती है, जो अंतदशीय और अंतरार् ट्रीय िव तीय शासन म पर परािन ठ िवचारधारा से बंधा हुआ नहीं है . न ये वाम है और न दिक्षण, यह हर उस नए और पुराने उ तम िवचार का समथर्न करेगी, जो भारत के िहत म होगा . इस सबके ऊपर, आ.आ.पा की आिथर्क नीित हमेशा भारतीय संिवधान के ‘रा य के नीित िनदशक िसद्धांत’ से प्रेिरत होगी . जैसे िक आज भ्र टाचार, सांठ-गांठ का पूंजीवाद, कु -शासन, उवर्रक अथर् यव था मे िनवेश का अभाव, इन सब बुराईय के एकसाथ िमल जाने से, इसने भारतीय अथर् यव था की वृिद्ध और िवकास को प्रभािवत िकया है . मुख्य धारा की राजनीितक पािटर्याँ, िज ह ने आज़ादी के बाद से, इस देश पर िपछले ६६ वष से शासन िकया है, उनके पास देश की सम याओं के समाधान के िलए नए िवचार और ताज़गी भरी सोच नहीं है . वे उसी पुरानी, भ्र टाचार और अप्रभावी सामािजक यय (खचर्) से युक्त, अनुिचत और यायिव द्ध वृिद्ध की िव तीय कायर्-सूची का प्रितिनिध व करती ह . अनेक सामिजक योजनाओं पर भारी धन रािश िबना िकसी जवाबदेही और सकारा मक पिरणाम के खचर् की जा रही है . आज देश व तर्मान भ्र ट आिथर्क नीितय का िनदान खोज रहा है . आ.आ.पा इस प्रतीिक्षत आिथर्क कायर्सूची के िनदान को प्रतुत करेगी . व छ, खुला और पारदशीर् शासन आ.आ.पा की आिथर्क कायर्सूची के के द्र म ह . ‘साफ-सुथरा और असरदार शासन’ आिथर्क यव था के दूरगामी थाई िवकास का श आती िबंदु होगा . आ.आ.पा. यायसंगत और कायम रहने वाले आिथर्क िवकास मे िव वास करती है . वह सांठ -गाँठ के पूंजीवाद के िखलाफ है . इसके ही कारण आज देश को घुटने टेकने पड़े ह . आ.आ.पा इस सांठ -गाँठ के पूंजीवाद को िमटाने के िलए अपेिक्षत कदम उठाएगी . एक देश के प म, हम पूँजी के िवकास और िव तार की उपलि ध को किद्रत करना होगा, जो पिरणाम व प लाख रोज़गार देगी, सरकार सामािजक दािय व और कतर् य के खच उठाने के िलए संसाधन पैदा करेगी . रोज़गार पैदा करना आ.आ.पा. की आिथर्क नीितय का प्राथिमक ल य होगा और इससे वह ईमान से भरपूर यापार और उ योग को प्रो नत करेगी . 9. िन छल अि त व के साथ व थ, मजबूत और सुगम आिथर्क िवकास : आ.आ.पा. की नीितयां भारत को एक थाई, यायसंगत, वैि वक प से प्रित पधार्परक एवं उ च िवकास के प्रक्षेप पथ पर लाना चाहती है . आ.आ.पा. का िव वास है िक गितशील, मज़बूत, दुबर्ल और यायिव द्ध अथर्- यव था समाज वारा कायम नहीं की जा सकती. इसिलए आ.आ.पा. की िवकास की अवधारणा आम आदमी की ज़ रत , दक्षताओं, संसाधन और आकांक्षाओं के सामंज य म होगी.
  • 11.
    11    1. आ.आ.पा. कीनीितयां हर नागिरक को उसकी ज़ रत के इस क्रम - रोटी, कपड़ा और मकान से लेकर सुरक्षा, गिरमा, और यिक्तगत क्षमता व साम यर् म, ‘सघन पूणर्ता’ प्रा त करने के ल य को सशक्तता से साधेगी. 2. आिथर्क और पयार्वरण संबंधी नीितय को समि वत करके , बीतते समय के साथ उनम उ तरो तर िनर तरता 3. बनाए रखते हुए, भावी पीढी की योग्यता के साथ समझौता िकए िबना, कु शलक्षेम को अिधक से अिधक िवकिसत करेगी. 4. गितशील अथर् यव था और अवसंरचना िवकास म प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी सुिनि चत करने के िलए शहरी और ग्रामीण दोन क्षेत्र मे िव व तर की अवसंरचना तैयार करेगी. 10. युवाओं के िलए उ तम रोज़गार एवं उपलि धय से युक्त आजीिवका जुटाना : व तर्मान भय पद बेरोजगारी के अलावा, सभी आयु वालो मे फै ला अ परोज़गार चेताने वाला है . भारत म १२ िमिलयन युवा प्रितवषर् नौकिरयां खोजते ह . 1. आ.आ.पा. उन अथर् नीितय के मा यम से जनसंख्या संबंधी लाभांश को िनकालने के िलए प्रितबद्ध है िजससे युवको और युवितय को कृ िष, माल उ पादन और अ य सेवाओं वाले, ईमानदारी से युक्त उ यम म उ तम रोज़गार और आजीिवका के अवसर िमलेग. 2. आ.आ.पा. यिक्त और देश, दोन के िवकास और उ थान के िलए, आजीवन जानकारी और प्रभावी तकनीक की प्रितभा के अवसर को वहन करने के िलए प्रयास रत रहेगी . 3. आ.आ.पा. ईमानदार उ योग प्रित ठान को प्रो नत एवं प्रो सािहत करके रोज़गार जुटाने पर अपने को किद्रत करेगी : यह भ्र टाचार को कम करके तथा अ यिधक लाइसस व िनयम की यव था को सरल बना कर ही स भव होगा . 11. सुगम िनयम,उ तरदािय वपूणर् सं थाएं, कपटपूणर् अथर्- यव था का दमन : आ.आ.पा. एक दक्ष, उ तरदािय वपूणर् और पारदशीर् सरकार का समथर्न करती है, जो अपनी नीितय को समय के अंदर उिचत ढंग से लागू करे और अपने कायर्-संपादन की िनयिमत समीक्षा करे . िनिहत वाथ ने देश की यव था और प्रिक्रयाओं को इतना जिटल बना िदया है िक पिरवतर्न लाना किठन हो गया है . जन-सेवा के प्रावाधान मे भ्र टाचार के कारण भारत हर साल कई करोड खोता है . स मित की ऊं ची कीमत, लाईसस-राज, पारदिशर्ता और उ तरदािय व का अभाव, बेबुिनयाद व अनुिचत देरी, यापार या तो शु ही नहीं होते और यिद होते ह तो, उनकी उ पादन क्षमता नाममात्र को बढती है, कमर्चािरय की संख्या समय के साथ घटती जाती है - इस ि थित को सुधारने के िलए आ.आ.पा. - 1. िनयम -िविनयम को सुगम बनाएगी, कानून के प्रभावी शासन को सुिनि चत करेगी, कानून- यव था को लागू करेगी, शीघ्र याय प्रदान करेगी, स यिन ठ स मित को प्रो सािहत करेगी, चूककतार् को भारी दंड देगी . 2. िवदेशी बको म छु पा कर रखे गए, काले धन को भारत वािपस लाएगी,जो काला धन छु पाने 3. के िलए दोषी पाए जायेग, उनके िखलाफ़ िनधार्िरत सीमा म सख्त कायर्वाही करेगी 4. भूिम,भवन िबक्री यापार म और संपि त के मोल-भाव म चारो ओर फै ले काले-धन की कमाई को कम करेगी 5. सरल, प्रगितशील और बने रहने वाले आयकर ढांचे की ओर अग्रसर होगी . बेहतर स मित को लागू करते हुए, जी.डी.पी. अनुपात के अनुसार कर बढ़ाने के िलए ल य साधेगी . 6. िकसी तरह के क्षमादान कायर्कम अि त व म नहीं रहेगे और आयकर से बच िनकलने वाल से कर वसूलने के िलए सख्त कदम उठाएगी, 7. सभी सरकारी सेवाओं म तकनीक और ई-शासन का सघनता से प्रयोग करेगी .
  • 12.
    12    12. व छवािण य एवं यापार, उ यमी उजार् को प्रवािहत करना : बनी रहने वाली वृिद्ध और आजीिवका िनमार्ण की माप, िजसकी भारत कामना करता रहा है, तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक िक हम अदमनीय भारतीय उ यमी ज बे को अपने म नहीं जगाते. हमारा िव वास है िक अिधकतर यापार ईमानदारी के होते ह िक तु व तर्मान भ्र ट वातावरण मे वे फल-फू ल ही नहीं सकते. 1. आ.आ.पा. एक ‘इको प्रणाली’ तैयार करेगी, िजसके अंतगर्त प्र येक उ यमी नागिरक या समुदाय की पूँजी, सूचना और अवसंरचना म पहुँच होगी, िजससे नवीन और उ पादनशील उ योग उपक्रम हमारे देश के िवकास का नया इंजन 2. बनेगा. 3. आ.आ.पा. का िव वास है िक सरकार को यापार चलाने के यापार म नही होना चािहए . उ यम के समृद्ध होने और रोज़गार पैदा करने के िलए प्राइवेट सेक्टर की सिक्रय भागीदारी अपेिक्षत है . सरकार को भ्र टाचार मुक्त वातावरण और कम खच, कु शल और िव वसनीय अवसंरचना के प्रावधान और सेवाओं तथा उवर्रक नवीनता की प्रेरणा वारा ईमानदारी आधािरत उ योग प्रो सािहत करना चािहए. 4. व छ, खुला और पारदशीर् प्रशासन जो ईमानदारी आधािरत यापार के फलने-फू लने और अपने बलबूते पर सफल होने म मदगार होगा. 5. आ.आ.पा. की नीितयां बाज़ार की अथर्- यव था म व थ प्रित पधार् को पोिषत करेगीं और एकािधकार व प्रित पधार् रिहत नीितय का दमन करेगी. 14. ग्रामीण अथर् यव था को ऊिजर्त करना : रा ट्र के िलए, एक यायोिचत और कायम बने रहने वाले िवकास व संवधर्न के हेतु, आ.आ.पा. अब तक उपेिक्षत ग्रामीण भारत के प्रचुर उद्भव, उ तम खेती, एवं उ पादनशील उ यम के िलए हर स भव सुिवधाएं देने को प्रयास रत होगी. समृद्ध कृ िष सेक्टर के साथ, जीवंत, िवके ि द्रत ग्रामीण अथर् यव था एक ‘िव तृत आिथर्क आधार’ देने म प्रधान प से िनणार्यक होगी तथा भारत के िलए दीघर्कालीन भोजन, ऊजार्, पयार्वरण संबंधी सुरक्षा सुिनि चत करेगी. आ.आ.पा. का िव वास है- 1. अिधकांश भारत आज भी गाँव मे बसता है . इसिलए गांव के िवकास और समृिद्ध के िबना, भारत का िवकास और प्रगित संभव नहीं . आ.आ.पा. यह सुिनि चत करने के िलए प्रितबद्ध है िक गांव के लोग को भी वे सब मूलभूत सुिवधाएँ िमल, जो उनके शहरी सािथय को उपल ध ह . 2. अिधकार का िवके द्रीकरण और ग्राम-सभाओं को उनका ह ता तरण अपेिक्षत है िजससे वे अपने गाँव के िवकास के बारे म िनणर्य ले सक . 3. आ.आ.पा. आिथर्क दबाव के तहत बढते हुए प्रवास (माइग्रेशन) को रोकना चाहती है तथा पर परागत उ योग , कु टीर उ योग- धंध , कृ िष सेक्टर, बेहतर अवसंरचना उपलि ध, सुगमता से उधार का िमलना, तकनीक का उिचत दखल, सही कीमत का समथर्न; इन सबको सि मिलत प से आगे बढ़ायेगी . 4. आ.आ.पा. िव- तरीय, ित्र- तरीय नगर और छोटे शहर म अवसंरचना िनमार्ण म िनवेश करना 5. चाहती है, िजससे वे अपने आस-पास के थान के आिथर्क िवकास के पुरोधा बन जाएँ . 15. िकसानो की आजीिवका को बेहतर बनाना : ग्रामीण अथर् यव था िवपि त म है और हर साल हज़ारो िकसान आ मह या कर रहे ह . एक ओर मंहगे बीज और खाद के कारण खेती महंगी होती जा रही है, तो दूसरी ओर सरकार फसल की इतनी कम कीमत िनधार्िरत करती है, िजससे लागत भी नहीं िनकल पाती .
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    13    उदाहरण के िलए,राज थान म (२०११-१२) मक्का का ‘उ पादन खचर्’ ११६४/- . प्रित िक्वंटल था लेिकन अिधकतम िवक्रय दाम (अिवदा) ९८०/- . था . ये ही कारण ह जो िकसान को आ मह या की ओर ले जाते ह . सरकार वारा िकसानो के नाम पर अरब -खरबो धन खचर् कर िदए जाने पर भी, िकसान के जीवन और आजीिवका म बहुत कम सुधार हुआ है . आ.आ.पा. की नीितयां मूल िबंदु को उ पादन बढ़ाने के मु े से हटाकर, िकसान को आय और गिरमामय आजीिवका की सुिनि चतता देने पर किद्रत करेगी . ‘ वामीनाथन आयोग’ वारा बनाई गई ‘रा ट्रीय िकसान नीित’ का मूलभूत िसद्धांत था, जो कभी लागू ही नहीं िकया गया . आ.आ.पा. िन निलिखत पिरवतर्न लाएगी - 1. वामीनाथन आयोग िरपोटर् की सं तुितयो को लागू करेगी . 2. िविभ न फसल के िलए उिचत और लाभकारी ‘अिवदा’ (अिधकतम िवक्रय दाम) िनि चत कराएगी, जो वा तिवक लागत से ५०% अिधक होग . िकसान वारा सीधी प्राि त प्रणाली के मा यम से या उिचत समय पर बाजार म पहुँच बना कर, ‘अिवदा’ को दाल , मोटा अनाज (बाजरा), ितलहन सिहत २५ फसल पर लागू कराएगी . 3. िकसानो और साथ ही छोटे व िकराये पर काम करने वाले िनरीह िकसान की आ मह या को रोके गी तथा उधार और बीमा तक उनकी पहुँच कराएगी . 4. ग्रामीण क्षेत्र म उिचत वा य सुिवधाओं को सुिनि चत करेगी, जो अक्सर िकसान की आ मह या का करीबी ता कािलक कारण होता है . 5. सुिनि चत करेगी िक िकसान कृ िष उ पाद संरक्षण (प्रोसेिसंग) उ योग और बाज़ार अवसंरचना म िनवेश करके समूची आपूितर् ंखला का अिधकतम अंश प्रा त करे, िजससे की तकनीक और िनवेश की ज़ रत के िलए, कृ िष उ पाद बेकार न जाएँ . इसके अलावा,ग्रामीण अवसंरचना म िनवेश के उिचत तरीके िवकिसत करेगी . 6. पयार्वरण वारा सुरिक्षत बने रहने वाले कृ िष उ पाद मे सहयोग करेगी, ऑगिनक खेती के िलए िवशेष बाजार भाव का प्रो साहन प्रदान करेगी तथा अनेक देसी फसल और पशु-पालन को प्रो नत करेगी . 7. िवशाल तर पर होने वाली िसंचाई पिरयोजनाओं के भार को घटाने के िलए थानीय वषार् प्रबंधन की योजनाओं म अपेिक्षत सहयोग देगी, . 8. प्र यावतर्ितत न की जा सकने वाली तकनीक के प्रयोग से पहले, खा य पदाथ , मानव वा य, तथा पयार्वरण की सुरक्षा को सुिनि चत करने के िलए, नवीन तकनीक से उगाई गई फसल को िनयंित्रत करेगी . 16. पयार्वरण एवं प्राकृ ितक संसाधन नीित : प्रचुर प्राकृ ितक संसाधन से संप न होने पर भी, अपने सुख चैन से भरे जीवन के िलए आम आदमी की इन मूलभूत संसाधन तक पहुँच बहुत बुरी तरह कम कर दी गई है . हाल ही के बड़े-बड़े घोटाले जैसे - भूिम, कोयला, गैस, यहाँ तक िक ‘ पैकट्रम’ भी सीधे प्राकृ ितक संसाधन के आवंटन से जुड़े ह, और उस िबंदु से जहाँ हमारी साझा संपि त अनैितक ढंग से न ट-भ्र ट कर दी गई है, उससे हमारे लोकतंत्र के िलए गहराता हुआ खतरा खड़ा हो गया है . थानीय समुदाय , पयार्वरण और समाज, पीिढय की आतंिरक समानता और लोगो के धनकोष की तिनक भी परवाह न करते हुए, आिधकांश राजनीितक वग ने अपने देश के लुटेर को प्राकृ ितक संसाधन को लूटने िदया है . आ.आ.पा. सुिनि चत करेगी - 1. बड़े-बड़े प्राकृ ितक संसाधन की िमि कयत जैसे - खिनज, जल, बन, ये रा य के अिधकार मे रहेग . छोटे खिनज और छोटे बनो से उ प न चीज़े तथा वषार् का जल थानीय समुदाय के अिधकार म रहेगा . 2. थानीय समुदाय (ग्राम-सभाएं) प्राकृ ितक संसाधन के प्रबंधन म मह वपूणर् भूिमका िनबाहेग . खिनज, जल और बन का दु पयोग और शोषण ग्राम-सभा के दायरे वाले क्षेत्र म नहीं होगा . उनका ‘उिचत प्रयोग’ ग्राम-सभा की सहमित लेने पर ही स भव होगा .
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    14    3. प्राकृ ितकसंसाधन का ‘ यावसाियक उपयोग’ थानीय समुदाय के साथ, संसाधन से िमलने वाले व व शु क (रॉय टी) और राज व (रेवे यू) के िलए िकए गए अनुबंध पर आधािरत होगा, साथ ही, यह सुिनि चतता होगी िक जो िवकास की कीमत अदा करते ह, वे भी लाभाि वत होने हेतु, इस लाभ-प्राि त प्रिक्रया का िह सा ह . ‘ग्राम-सभा सहकारी सिमितयाँ ’ प्राथिमकता से खिनज का यावसाियक उपयोग कर सके गी . 4. यिद बड़े प्राकृ ितक संसाधन के यावसाियक उपयोग हेतु यिक्तय को हटाने की ज़ रत पड़ी तो, ग्राम-सभा की सहमित लेनी आव यक होगी तथा हटाये गए लोग के िलए आजीिवका के ोत का िनदान प्र तुत िकया जायेगा . 5. पयार्वरण एवं वन सुधार मंत्रालय और इसकी एजिसयां ग्राम-सभाओं को अपने प्राकृ ितक संसाधन की प्रबंधक और संरक्षक होने के कारण सशक्त और सुगम बनायेगी . 6. ऊजार् के नवीन करने योग्य संसाधन की ि थित को िव थािपत करते हुए - नवीकरणीय ऊजार् के समाधान के िवके द्रीकरण को प्रो नत करना, जैसे; सौर-ऊजार्, बायो-गैस लांट, पनचक्की, पवनप प िजससे अवसंरचना और रख-रखाव का खचर् कम होगा तथा थानीय वािम व को प्रो साहन िमलेगा . थानीय व िवके ि द्रत जल- ोत संसाधन के िवकास को प्राथिमकता दी जायेगी, जैसे - वषार्-जल संचयन, पनढाल िवकास (इससे कई निदयाँ िनकलती है), भू-जल संक्षरण कायर्क्रम, लघु योजनाएं तथा िनदान प फसल उगाने की गितिविधयां . भू-अिभग्रहण नीित िपछले कु छ दशक से देश ने बड़े पैमाने पर भू-अिभग्रहण देखा है . भू-अिभग्रहण वह प्रिक्रया है िजसके कारण भूिम पर िनभर्र समुदाय अक्सर बहुत अिधक तनाव और दबाव से पीिड़त होते ह और खोई हुई आजीिवका से समझौता नहीं कर पाते; जब तक िक उन िव थािपत समुदाय को उिचत साधन और कौशल प्रदान नहीं िकया जाए . इससे देश म सघन सामािजक असंतोष खड़ा हो जाता है . नया भू-अिभग्रहण अिधिनयम संसद वारा २०१३ मे पास िकया गया था . जैसे िक यह अपने म एक अ छी शु आत है, अत: आ.आ.पा. एक िन पक्ष पुन थार्पन के िलए काम करना चाहेगी - यह सुिनि चत करते हुए िक वह सारा भू-अिभग्रहण जो िसत बर २०११ (वह ितिथ जब िबल संसद म प्र तुत िकया गया था) के बाद हुआ, वह इस नए अिधिनयम के िव तार क्षेत्र के अंतगर्त आए .  यह सुिनि चत करते हुए िक ‘जनता के िहत’ इस श द का एक ढंग से पिरभािषत िव तार क्षेत्र, िजसके िलए भूिम ली गई है .  यह सुिनि चत करते हुए िक भू-अिभग्रहण ग्राम-सभा की सहमित से ही िकया गया हो .  यह अिनवायर् बनाते हुए िक प्रित पिरवार एक सद य को रोज़गार िदया जायेगा, क्योिक ज़मीन और आजीिवका उसके हाथ से जा रही है .(यह नए अिधिनयम के अनुसार अिनवायर् शतर् नहीं है, बस एक िनवेदन है) िजससे िक जो लोग िवकास की कीमत दे रहे ह, वे इस प्रिक्रया के लाभ-भोगी (लाभ-प्रापक) बन सक . 17. अनुबंधन मुक्त नौकिरयां /रोज़गार िपछले १०-१५ वष से, इस देश के िविभ न क्षेत्र म आजीिवका का ढांचा बहुत ती ता से अनुबंधन वाली नौकिरय की ओर बढ़ गया है . जैसे िक कायर्कतार् से उ तरदािय व की ज़ रत होती है, उस ि ट से अनुबंधन एक अ यिधक शोषक प्रिक्रया है क्य िक नौकरी से िमलने वाले मूलभूत लाभ और सुरक्षाएं जो थाई सद य को िमलती ह, वे अनुबंध पर काम करने वाले लोग को नहीं िमलती . उदाहरण के िलए, भिव य-िनिध कटौती, कमर्चारी रा य बीमा आिद की रािश, अनुबंध पर काम करने वाल के खाते म जमा नहीं की जाती .
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    15    बहुत से लोगपूरे वषर् (तनख्वाह सिहत) एक भी अवकाश के िबना काम करते ह . आ.आ.पा. नौकिरय म इस तरह के शोषण के िखलाफ है . हम काम करने वाल की ि थित म अपेिक्षत सुधार लाने के िलए िनि निलिखत कदम उठायेगे : 1. हम उन पद के िलए आजीिवका को अनुबंिधत करने की अनुमित नहीं देग, िजन पर िनयुक्त हो कर पूरे वषर् काम करना अपेिक्षत और अपिरहायर् होता है . उदाहरण के िलए, डाक्टर, अ यापक, नसर्, वाहनचालक, सफाई कमर्चारी आिद . इनकी नौकिरयां थाई (िनयिमत) कराई जायेगी, िजससे इ ह थाई कमर्चािरय वाले सभी लाभ िमल . 2. ii.वे नौकिरयां िजनम कु छ िदन या महीन के िलए नौकरी पर रखा जाता है जैसे भवन िनमार्ण आिद, वहाँ अनुबंिधत म को समा त करना स भव नहीं है . िफर भी, इन क्षेत्र म हम काम करने की बेहतर ि थितय को सुिनि चत करने का प्रयास करेग . 3. iii.कम से कम िदहाडी (दैिनक वेतन) के िनयम को सख्ती से लागू िकया जायेगा और इस स ब ध म कानून का उ लंघन करने वाले के िखलाफ़ सख्त कायर्वाही की जायेगी .. 4. iv.कटीन, वदीर्, कं पनी वाहन आिद को लेकर अनुबंिधत कमर्चािरय के साथ िकसी तरह का भेद भाव नहीं िकया जायेगा . 18. असंगिठत क्षेत्र के िलए सामािजक सुरक्षा भारत म काम करने वाल का ९२ प्रितशत असंगिठत क्षेत्र म कायर्रत है . इसम घरेलू नौकर, मज़दूर, सुरक्षा पहरेदार, कचरा बीननेवाले, फु टकर दुकान और रे तरां म काम करने वाले नौकर, ठेलेवाले आिद ह, जो समाज और अथर् यव था म मह वपूणर् योगदान देते ह िक तु अक्सर बेहद शोषक पिरि थितय म काम करते ह . इसिलए असंगिठत क्षेत्र म कायर्रत लोग की दशा म सुधार लाने के िलए आ.आ.पा. िन निलिखत कदम उठाएगी - 1. उनके वेतन, काम करने के घंटे, कायर् थल पर अपेिक्षत सुिवधाएँ - इन सबके िलए ज़ री मागर्दशर्न को सुिनि चत करेगी . 2. उनके काम करने की ि थितय और उिचत वतंत्रता को िनयंित्रत करेगी, िजससे अक्सर नज़र आने वाला पुिलस का उ पीडन रोका जा सके .. 3. यूनतम सामािजक सुरक्षा जैसे - वा य की देख-रेख, वृद्धा व था पशन, दुघर्टना सहायता आिद को सुिनि चत 4. करेगी . सहायक योजनाओं को िवकिसत करने की स भावनाओं को खोजने का प्रयास करेगी . 19. बढती हुई कीमत से आम आदमी की रक्षा आज आम आदमी की सबसे बड़ी सम याएं है - जीवन म ज़ री चीज की बढती हुई कीमते और बेरोज़गारी . सांिख्यकी के अनुसार लोग का वेतन बढ़ गया है लेिकन साथ ही, मूलभूत ज़ रत जैसे : िबजली, पानी, सि जयां, अनाज, पेट्रोल, डीजल, िशक्षा और वा य आिद की कीमत इतनी बढ़ गई है िक अिधकतर पिरवार की आिथर्क ि थित पहले से अिधक दयनीय हो गई है . चाहे याज हो या टमाटर, या पानी और िबजली, या ब च के कू ल की फीस, सभी कु छ आज बेहद मंहगा हो गया है . आम आदमी के िलए, मंहगाई रोज़मरार् की ज़ रत की कीमत म प्रितिबंिबत होती है . इस बारे म आ.आ.पा. िन निलिखत कदम उठाएगी - 1. आम आदमी की मूलभूत चीज और अ य ज़ रत की आकाश छू ती कीमत के पीछे, भ्र टाचार और सांठ-गाँठ का पूंजीवाद ये दो भारी कारण है . आ.आ.पा. सभी क्षेत्र म भ्र टाचार का सामना करने के िलए किटबद्ध है . यह बढती हुई कीमत से लडने का एक मह वपूणर् कारक (घटक) होगा . 2. फु टकर और थोक यापार म सामान गोदाम म जमा करने और ऊँ चा लाभ कमाने के िव द्ध कठोर कदम उठाये जायेग . काला बाजार िबना राजनीितक संक्षरण के िज़ंदा नहीं रह सकता . इस िदशा म आ.आ.पा. कानून और सरकार की पूरी ताकत का प्रयोग
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    16    करेगी . कालाबाजारी करने वाले िगर तार िकये जायेग, उनके गोदामो पर छापे मारे जायेग, इकठ्ठा िकया हुआ माल िनकलवाया जायेगा, िजससे खा या न, सि जयां और फल कम दाम पर िमल सके गीं . 3. िशक्षा का खचर् हर पिरवार के बजट का एक अ छा खासा अंश होता है . हम प्राइवेट कू ल की िनरंकु श फीस को िनयंित्रत करने के िलए कानून लायेग, साथ ही उनके वारा िलए जाने वाली दान-रािश पर भी प्रितब ध लगायेग . हम सरकारी कू ल के तर म सुधार लायेग, िजससे आम आदमी अपने ब च को िशक्षा की गुणव ता की सुिनि चतता के साथ वहाँ पढने भेज सके . ये कदम िशक्षा के अिनयंित्रत खच कम करने म सहायक ह ग . 4. हम सरकारी अ पताल की संख्या बढाएग और उनकी सेवाओं की गुणव ता को बेहतर बनायेगे, िजससे आम आदमी इन सेवाओं का पूरी तरह लाभ उठा सके . इससे डाक्टर और इलाज पर होने वाला खचर् कम हो सके गा . 5. राशन की दुकाने और िवतरण प्रणाली आम आदमी की बढ़ी हुई कीमत से रक्षा करती ह . लेिकन आजकल राशन की दुकान की य व था भी भ्र टाचार म ढल गई है . आ.आ.पा. सरकार ‘मौह ला सभाओं’ को िवतरण- यव था से जोड़ कर, इस भ्र टाचार को ख म करेगी . हम सीधे धन रािश थाना तिरत करने के बजाय, राशन की सामग्री ही पिरवार को थाना तिरत करायेग और िवतरण- यव था म दाल व तेल भी शािमल करायेग . सामािजक याय 20. िलंग भेद-भाव संबंधी याय हम ऐसी दुिनया की संक पना करते ह िजसमे मिहलाओं की अपनी एक ‘पहचान’ होगी और पूरे स मान के साथ उनके अि त व को वीकृ ित िमलेगी . उ ह समानता का दज़ार् िदया जायेगा . वे पु षवादी उग्र सोच का िशकार नहीं होगी. पु ष शािसत उन मू य को अपनाने के िलए बा य नहीं होगीं, जो सिदय से उनकी सामािजक और पािरवािरक भूिमकाएं तय करते चले आ रहे ह . हमारी नीित के स पूणर् सांचे म ‘आम नारी’ को के द्र म रखा जाएगा . हम अपने को लोकतांित्रक, आधुिनक और प्रगितशील देश का वासी तभी कह सके गे, जब हम सच म नारी के अिधकार , सुरक्षा, समानता और सशिक्तकरण को लेकर प्रगितशील सोच और नजिरया अपनाएग . इस िदशा म - 1. i.हम िलंग आधािरत भेद-भाव और िहंसा की पर परा को ख म करने के िलए, िवशद और दूरगामी जन-िशक्षा कायर्क्रम लागू करेग . इसमे - एस.एम.एस. रेिडयो, टी.वी., जन-सेवा अिभयान, कू ल के िलए आसानी से प्रा त िकए जा सकने वाले पाठ की प-रेखा, िशक्षक और डाक्टर व वकील आिद यावसाियको के प्रिशक्षण के िलए मापदंड (मॉ यूल) शािमल ह गे . इसके िलए हम शहर और गाँव दोन क्षेत्र म पु ष , ि त्रय , लडक और लडिकय के साथ संपकर् थािपत करेग . 2. आ.आ.पा. िलंग आधािरत गभर्पात को तिनक भी सहन नहीं करेगी और इसे अपनाने वाल के िव द्ध कानून को मज़बूत बनाकर, उ लंघन करने वालो के िलए सख्त दंड लागू करते हुए, के द्रीय, प्रांतीय और थानीय तर पर सघन संवेदनशील अिभयान प्रार भ करने के िलए बजट िनधार्िरत करेगी और इस तरह इसकी पूरी तरह समाि त की ओर कदम उठाएगी .  3. मिहलाओं के िलए सुरिक्षत, गिरमामय और लाभकारी पािर िमक प्रदत आजीिवका सुिनि चत करेगी . सभी क्षेत्र म समान कायर् के िलए समान वेतन िदलाए जाने के िलए प-रेखा बनाई जायेगी . आंगनवाडी से लेकर ‘महा मा गांधी रा ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अिधिनयम’ (MNREGA) कायर्कतार्ओं के िलए अिधकार, गिरमा, संगिठत व असंगिठत क्षेत्र म सभी मिहला कमर्चािरय के िलए यूनतम वेतन िनि चत कराएगी .  4. आ.आ.पा. सुिनि चत करेगी िक प्र येक सरकारी संगठन मिहलाओं के िव द्ध िहंसा को ख म करने हेतु, कानून लागू करने के िलए िव तृत कायर्-योजना बनाए . आ.आ.पा. िहंसा के अपराध की िशकार मिहलाओं को समुिचत मदद देने के िलए रा य
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    17    सरकर के साथकाम करेगी और उ ह २४ घंटे चलने वाले संकटकालीन के द्र को थािपत करने व के द्र को आिथर्क सहायता देने, हर पुिलस िजले म सुरिक्षत शरण तथा अिवल ब आिथर्क मुआवजा िदए जाने के िलए प्रेिरत करके मदद करेगी.   5. मिहलाओं के िखलाफ़ िहंसा के अपराध के संदभर् म िन पक्ष, प्रितिक्रयाशील एवं तुरंत याय प्रदायी अदालत थािपत करने के िलए रा य सरकार के साथ कायर् करेगी .   6. संसद और रा य िवधान सभाओं म ३३% मिहला-आरक्षण को और बोडर् से जुडी पिरषद , कमेिटय और कमीर् दल से स बंिधत नीितय व गितिविधय म मिहलाओं के प्रितिनिध व को सुिनि चत करेगी . लोकसभा म नारी- वेषी यवहार और यंग्य को ख म करने के िलए, एक आचार-संिहता अपनाने के िलए समथर्न देगी .   7. अनुभवी लोग को पारदशीर् प्रिक्रया वारा चयिनत करके रा ट्रीय और रा य मिहला आयोग की वाय त कायर् प्रणाली को सशक्त बनाएगी .   8. मिहलाओं के िव द्ध अपराध की एक िवशद ‘िवज्ञि त यव था’ थािपत करके , उसे लागू करेगी और उसका प्रचार व प्रसार करेगी . सेवा-िनयम को बदलने के िलए रा य सरकार के साथ काम करेगी तथा सुिनि चत करेगी िक पुिलस और अिभयुिक्तक भतीर्, प्रो नित, दंड, प्रवृित और कायर्-संपादन िलंग आधािरत तो नहीं है . गाँवो और शहरो की मागर्दशर्क योजनाओं के साथ-साथ, बला कार के संकट का सामना करने वाले समूह को थािपत करेगी .   21. जाितगत असमानताओं का अंत हमारे समाज का एक मह वपूणर् िह सा ‘अछू त’ के प म भेद-भाव का िशकार बना हुआ है, और अतीत म गंभीर अपमान और अ याय झेल चुका है . आज आजादी के ६५ वषर् बाद भी देश के कु छ भाग म जाित-गत असमानता और अ पृ यता बनी हुई है . संिवधान के अनुसार जाित,िलंग, और धमर् व ज म के आधार पर भेद-भाव नहीं होना चािहए, िक तु िफर भी भेद-भाव अपनी जड़े फै लाये हुए है . यह समाज का उ तरदािय व है िक वह सभी लोग को यार और स मान दे और वे साथ-साथ आगे बढ़े . भारतीय संिवधान ने सामािजक और आिथर्क याय तथा समानता के अवसर सुिनि चत करके , सभी भारतीय के बीच भाई-चारे की पिरक पना की . आरक्षण प्रणाली सामािजक असमानता के समाधान के िलए ही शु िकया गया था . लेिकन दुभार्ग्य से, जाित-गत असमानता आज भी बनी हुई है और सारी राजनीितक पािटर्यां आरक्षण के मु े को अपने वोट बक के िलए इ तेमाल करती रही है . िनिहत राजनीितक वाथ ने यह सुिनि चत कर िदया है िक जो सबसे अिधक समाज के हािशए पर खड़े हुए है, वे वगर् उपेिक्षत हुए अिधकार हीन ही बने रहते ह और वोट बक का चारा बनते ह . आ.आ.पा. का िव वास है िक - 1. असमानता से भरे, आज के समाज म, िपछड़े हुए और कमज़ोर लोग के िलए आरक्षण आव यक है. इसिलए हम उ च िशक्षा और सरकारी नौकिरय म िव यमान संवैधािनक प्रावधान का समथर्न करते ह . हम आरक्षण के िव यमान संवैधािनक प्रावधान को प्रभावी प से लागू िकए जाने की सुिनि चतता के िलए किटबद्ध ह . 2. इन अिधकार हीन समूह से आरक्षण के लाभ उ ह िमलने चािहए िज ह इनकी सबसे अिधक ज़ रत है, इसिलए िज ह आरक्षण के लाभ िमल चुके है, उ ह पंिक्त म पीछे चले जाना चािहए . इस तरह से आरक्षण के लाभ उ ह िमल सके ग,जो इनसे अभी तक वंिचत ह . 3. समानता के अवसर सरकारी कू ल और उ च िशक्षा सं थान का उ थान और उनका प्रसार माँगते ह . हम सब ब च के िलए चाहे वे अमीर है या गरीब - सभी के िलए उ च गुणव ता वाली कू ली िशक्षा और उसके बाद, उ च िशक्षा को सुिनि चत करने िलए किटबद्ध है . 4. यापार और उ योग थािपत करने के िलए, समथर्न और प्रेरणा देकर, बढते हुए जीिवका के अवसर िजसमे ऋण , बाज़ार हेतु समथर्न आिद होगा, उ ह हम समाज िहत म सुिनि चत करेग .
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    18    5. हमारा लय होगा - जाित-गत असमानता और अ पृ यता को लेकर बनी मानिसकता को बदलने के िलए दूर-दूर तक जनता को िशिक्षत करना, एक स य और सां कृ ितक माहौल को सिजर्त करने के िलए अिभयान चलाना, जो िविभ न जाितय के म य सौहादर् और सद्भाव को पोिषत करे . 22. वा मीिक समुदाय को गिरमामय जीवन सिदय से वा मीिक समुदाय ने अ पृ यता और शोषण के गंभीर प को सहा है . उनमे कमर्चािरय का िवशाल िह सा कचरा उठाने और सफाई के काम म लगा है . आज तक िकसी भी राजनीितक पाटीर् ने सफाई कमर्चािरय की दशा को, िशक्षा, आजीिवका के बेहतर अवसर के मा यम से या उनकी गिरमा बढ़ा कर, सुधारने का प्रयास नहीं िकया है. . आ.आ.पा वा मीिक समुदाय के िलए िन निलिखत कदम उठाएगी : वा मीिक समुदाय के अनेक सद य ‘सफाई कमर्चारी’ के प म या भवन िनमार्ण काय म मज़दूर के प म अथवा दैिनक वेतन भोगी के प म काम मे लगे हुए ह . आ.आ.पा ‘सफाई कमर्चारी’ के पद का अनुबंधन समा त करेगी और व तर्मान कमर्चािरय के रोज़गार को िनयिमत करवाएगी . िशक्षा और प्रिशक्षण के मा यम से आ.आ.पा उ ह प्रो नित और बेहतर भिव य के अवसर भी िदलाएगी . 1. वा मीिक समुदाय आज तक ‘सफ़ाई कमर्चारी’ के प म ही काम करता रहा है, इसका मुख्य कारण है - अ छी िशक्षा के अवसर का अभाव . गरीबी ने उ ह, उनके ब चो को सदा सरकारी कू ल मे भेजने के िलए िववश िकया, जहाँ िशक्षा का तर सामा तया िन न होता है, िजससे वे उ च िशक्षा के कािबल नहीं बन पाते और न ही अ य क्षेत्र मे आजीिवका कमा पाते ह . आ.आ.पा सरकारी कू ल और कालेजो के तर को बेहतर बनवा कर, उ ह अ छी िशक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगी . इसके अितिरक्त समुदाय के अ य सद य को भी कॉिलज और िव विव यालय तर पर िशक्षा प्रा त करने के िलए प्रो सािहत करके , अपेिक्षत प्रावधान िदए जायेगे . 2. आ.आ.पा यह भी सुिनि चत करेगी िक वा मीिक समुदाय के लोग को िशक्षा और आजीिवका पाने म िकसी तरह के भेदभाव का सामना न करना पड़े . उ ह कम याज की दर पर ऋण िदलवा कर, अपना उ योग थािपत करने म मदद की करेगी . 3. कमर्चािरय को गंदे पानी म उतर कर उसकी िनकासी का काम करते समय, आिग्न-शमन कमर्चािरय की भांित सुरक्षा - उपकरण सफाई सूट, मा क,मशीन और जीवन-बीमा िदलाने की ओर कदम उठाएगी . 23. धमर्-िनरपेक्षता एवं सांप्रदाियक मेलभाव भारत का िनमार्ण इस ढ िव वास पर हुआ था िक िविभ न आ थाओं और िवचारधाराओं के लोग एक दूसरे को सहेग नहीं, बि क एक दूसरे से सीखेग और कु छ महान उपलि ध के िलए साथ-साथ आगे बढेगे, समृद्ध व स प न ह गे . आ.आ.पा का िव वास है िक यह देश सभी धम के लोग का है . िहंदू, मुि लम, िसक्ख, ईसाई, बौद्ध - इनमे से िकसी एक भी अनुपि थित होने पर, देश अधूरा ह . देश की िविभ नता ही इसका िवशेष गुण है, पहचान है . जो लोग धमर् के नाम पर राजनीित करते ह, उनके साथ सख्ती से पेश आना चािहए . िकसी भी धमर् के प्रित िवषाक्त भाव को ज़रा भी नहीं सहन करना चािहए . भारत म धमर्-िनरपेक्षता का अनुपालन एक सकारा मक िव वास है, जो धािमर्क वतंत्रता के प्रावधान पर आधािरत है यानी, अ प संख्यक के िलए उनकी अपनी आ था के साथ जीने की छू ट, लोग को धािमर्क िविभ नता व सां कृ ितक िरवाज को अपनाने, उनका उ सव मनाने की आज़ादी . आ.आ.पा. इस िदशा मे िन निलिखत काम करेगी - 1. सांप्रदाियक िहंसा को रोकना रा य की एक वचन-बद्धता है . ‘रा य’ सांप्रदाियक िहंसा के िशकार हुए सभी लोग के िलए याय सुिनि चत करेगा और तुरंत फै सला करने वाली अदालते थािपत करेगा . 2. सांप्रदाियक िहंसा के अचानक फू ट पडने पर, ‘रा य’ वारा तुरंत कायर्वाही की सुिनि चतता तथा उसे आगे बढ़ने से रोकने के िलए सुरक्षा बल के प्रयोग की यव था .
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    19    3. दंग केपीछे शाितर िदमाग की पूरी तरह, िनधार्िरत सीमा अविध म खोज और पडताल करना, जो दोषी पाए जाएँ, उ ह सख्त से सख्त दंड देना, उन पुिलस अिधकािरय को भी दंिडत करना, जो सांप्रदाियक िहंसा को िनयि त्रत न करके अपने कतर् य- पालन म असफल रहे . 4. दंग के बाद के पिरणाम म, रा य को कतर् य से बंधा हुआ होना और उसके वारा ऎसी प्रिक्रयाएं शु करना, जो प्रभािवत समुदाय के म य संबंधो का पुन: सृजन कर . यह बहुत ज़ री है िक िहंसा को बढ़ने से तुरंत रोका जाए और सांप्रदाियक सद्भाव को बनाए रखा जाए . 5. एक रा य मे कोई भी सशक्त और बहुसंख्या मे पाया जाने वाला समुदाय, दूसरे रा य म अ पसंख्यक और कमज़ोर ि थित म हो सकता है . ऐसी दशा मे उस कमज़ोर ि थित वाले समुदाय को सुरक्षा सुिवधाएँ उपल ध कराना . 6. न तो बहुसंख्यक वगर् की आ था, न ही अ प संख्यक वगर् के अिधकार, उनके उन काय को यायोिचत ठहराने के िलए इ तेमाल िकये जाने चािहए, जो संिवधान म उि लिखत पु ष और ि त्रय के मूलभूत अिधकार और मू य का उ लंघन करते ह . 7. आ.आ.पा. समुदाय के म य संवाद, वातार्लाप और सां कृ ितक आदान-प्रदान से एक सहमती को प्रो नत और पोिषत करेगी . 24. मुसलमान की सुरक्षा और उनके प्रित सद्भाव िपछले ६ वष से हमारे देश म मुसलमान ने भा.ज.पा को स ता म आने से रोकने के िलए लगातार कांग्रेस को वोट िदया . यह वोट एक तरह के भय व अ य कोई िनदान न होने के कारण था . कांग्रेस ने यह सुिनि चतता बनाई रखी िक मुसलमान समुदाय िपछड़ा रहे, िजससे िक उसे वोट-बक के िलए इ तेमाल िकया जाता रहे . मुसलमान समुदाय के साथ इस छल को, हज़ारो छोटे-बड़े दंग , मदरसा और कू ल की दयनीय दशा, झूठे आरोप के तहत युवाओं को जेल, ‘वक्फ बोडर्’ म भ्र टाचार, आरक्षण और िनि क्रय अ पसंख्यक आयोग के प म देखा जा सकता है . कॉ ंग्रेस के नेतृ व वाली के द्रीय सरकार होने पर भी, मुसलमान िनरंतर भय म जीते रहे ह . आ.आ.पा. सांप्रदाियक तनाव और दंग को, मुि लम समुदाय को समान अिधकार तथा सुरक्षा प्रदान करके ख म करने के िलए प्रितबद्ध होगी . आ.आ.पा. का िव वास है िक भा.ज.पा. की सा प्रदाियकता की राजनीित और कांग्रेस की वोट बैक की राजनीित - दोन का ही िवरोध होना चािहए . आ.आ.पा. मुि लम समुदाय के िहत को िन निलिखत तरह से सुरिक्षत करेगी - 1. हम सुिनि चत करेगे िक पुिलस उ पीडन और मुि लम युवक के िखलाफ़ झूठे आरोप लगाये जाने के अ याय का अब अंत होना चािहए . जो पुिलस अिधकारी उ पीडन के िलए दोषी पाए जायेग, उ ह अिभयुक्त बनाया जायेगा . ऐसे मामले छ: माह की अविध के भीतर िनणीर्त हो जाने चािहए, इसके िलए वैधािनक सुधार िकए जायेग . आतंकवादी गितिविधय के झूठे आरोप के कारण जेल काट रहे मुि लम युवाओं को शीघ्रता से बरी िकया जायेगा . दोषी पाए जाने वाल के िखलाफ़ सख्त कायर्वाही की जायेगी . हम प्रयास करेग िक िनद ष यिक्त को झूठे आरोप के कारण जेल न जाना पड़े . 2. मुि लम समुदाय का बड़ा िह सा गरीबी के कारण, अपने ब चो को अ छे प्राईवेट कू ल म भेज पाने म असमथर् रहता ह . हम िद ली म सरकारी कू ल की िशक्षा की गुणव ता को बेहतर बनाने के िलए किटबद्ध ह गे . हम यह भी सुिनि चत करेगे िक प्राइवेट और सरकारी कू ल मे प्रवेश के समय मुि लम ब च के साथ िकसी तरह का भेद-भाव न हो 3. आज आरक्षण नीितयां धमर् आधािरत ह और इसिलए दिलत मुि लम और दिलत ईसाई अनुसूिचत जाित की कोिट म नही आते ह . आ.आ.पा का िव वास है िक आरक्षण ‘धमर्-तट थ’ और वा तिवक कमजोर ि थित के आधार पर होना चािहए .. 4. दीन-हीन िशक्षा सुिवधाओं और आजीिवका के अपयार् त अवसर के कारण, मुि लम समुदाय के सद य अक्सर असंगिठत सेक्टर म कायर् रत होते है . आ.आ.पा. असंगिठत सेक्टर म कायर् रत लोग के रोज़गार को िनयिमत करके थाई बनाएगी और आिथर्क सुरक्षा िदलाने के िलए प्रितबद्ध होगी .
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    20    5. वक्फ संपित के िनयंत्रण और प्रबंधन को अिधकारी वगर् के शासन से आज़ाद बनाया जायेगा और समुदाय के िहत की ओर उ मुख िकया जायेगा . 25. आिदवासी: अपने खुद के िवकास की िज़ मेदारी उठाना संिवधान वारा वारा मा यता िमलने पर भी और नीितय का समूह बनने पर भी, अिधकांशत: आिदवासी समुदाय रा य के वारा िकए जाने वाले िवकास, िशक्षा म भागीदारी, संगिठत सेक्टर के रोज़गार से बाहर और राजनीितक कायर्क्षेत्र म बेआवाज़ ही रहे ह . इस स ब ध म िन निलिखत नीितपरक सुधार अपेिक्षत है - 1. अिधकार का प्रभावी िवके द्रीकरण और उनका ग्राम सभाओं के हाथ म स पा जाना, िजससे आिदवासी अपने उ थान और िवकास का िनणर्य खुद ले सक . 2. ‘पंचायत एक्सटशन टू शेडयूलड एिरयाज़ एक्ट 1996’ (PESA) और ‘वनािधकार अिधिनयम’ को प्रभावशाली ढंग से यह सुिनि चत करने के िलए लागू करना होगा िक िकसी भी तरह का भू-अिधग्रहण और जंगलो के िकसी भी िह से का का दोहन, ग्राम सभाओं की अनुमित के िबना न हो सके तथा उनका प्रबंध करने का अिधकार बना रहे, संसाधन का स पोषणीय (कायम बना रहने वाला) प्रयोग हो तथा सारे प्राकृ ितक संसाधन पूरी तरह सुरिक्षत रहे . 3. हमारे खिनज संसाधन - कोयला, लोहा, क ची धातु, बौक्साईट (ए यू युिनयम),इनसे जुडी बड़ी नीितपरक योजनाएं आिदवासी इलाको म ही ि थत ह . इन खिनज को िनकालने पर िमलने वाले लाभ थानीय समुदाय के साथ साझा िकये जाने चािहए . 4. िशक्षा और वा य सुिवधाओं के िमलने की सुिनि चतता : बेहतर वा य और पोषण के िलए खास प्रावधान . अनुसूची ‘वी’ क्षेत्र म िवकास अवसंरचना के िलए खास प्रावधान . 5. आधुिनक जीिवका और रोज़गार के िलए िशक्षण और प्रितभा को उ च तरीय बनाना . उधार के िलए खास सुिवधाएँ, बाजार म पहुँच के िलए सहायता, आरक्षण का असरदार ढंग से लागू िकया जाना . 6. इन समुदाय को उ तम सां कृ ितक और आिथर्क वाया तता प्रदान करना ; उदाहरण के िलए आिदवासी भाषा म पढ़ाना, समुदाय का रेिडयो और संचार मा यम का आिदवासी भाषा म होना . 7. थानीय पुिलस को जाग क तथा जवाबदही के िलए िज मेदार बनाना . 26. िवकलांग सशिक्तकरण िवकलांग लोग एक िविश ट समूह बनाते ह िजनकी हािनयाँ सहज ज्ञान से प्र यक्ष होती ह , लेिकन सरकारी नीितय म अल य होती ह, इसिलए ही शायद अब तक इनकी दशा की ओर सरकार का यान नहीं गया है और न ही पहला कदम उठाया गया है . इस िवषय म िन निलिखत कायर् िकए जाने ह - 1. सामािजक अिधकार आधािरत मॉडल का प्रयोग करते हुए िवकलांगता की पिरभाषा को िव तार देना . िवकलांग की संख्या और दशा पर िनयिमत आंकड़े एकत्रीकरण की पद्धित बनाना, व तर्मान ३% िवकलांग आरक्षण प्रावधान का प्रभावीढंग से लागू िकया जाना . 2. जन-अवसंरचना को (भवन, यातायात वाहन, और वैचािरक आदान-प्रदान) कावट मुक्त बनाने का प्रयास करना . 3. िशक्षा और रोज़गार म िवकलांग के िलए िवशेष प्रावधान . 4. उन नीितय और उपाय को किद्रत करना जो िवकलांगता को रोक सकते है ( पोिलयो, नेत्रिवहीनता, कु छ संज्ञाना मक िवकलांगता) संचािलत वा य देख-रेख सहायता पर जन प्रावधान और िविवध प्रकार की िवकलांगता पर ख़ास यंत्र के िलए कीमत म िवशेष छू ट . 5. िवकलांग के बारे म िकसी भी िनणार्यक मंडल को अपने म िवकलांग की बड़ी संख्या को शािमल करना .
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    21    27. बंजारा (घुमंतू)एवं िवमुक्त जाितयाँ बंजारा एवं िवमुक्त जाितयाँ / जनजाितयां भारत के सबसे अिधक असुरिक्षत, कलंिकत और अ य होती हुए समुदाय है . इनके िलए िन निलिखत नीितयाँ अपेिक्षत ह - 1. अनुसूिचत जाित और अनुसूिचत जनजाित के साथ इ ह भी संिवधान वारा मा यता िमलनी चािहए . इनकी ि थित की सही गणना और सव, एक थाई संवैधािनक आयोग और ‘िप्रवशन ऑफ एट्रोिसटीज़ अिधिनयम’ का िव तार इनके िहत मे अपेिक्षत है . 2. िशक्षा और वा य की देख-रेख तक पहुँच की सुिनि चतता और साथ ही, ‘चािलत कू ल और दवाखान ’ की सुिनि चतता . 3. आधुिनक जीिवका और रोज़गार के िलए िशक्षण और प्रितभा को उ च तरीय बनाना . उधार के िलए खास सुिवधाएँ, बाजार म पहुँच के िलए सहायता . 4. अद्धर् थाई और थाई प से बसने के िलए मूलभूत सुिवधाओं हेतु अवसंरचना मक सहायता . 28. पशु-क याण भारत म पशुओं को स मान देने, उनके साथ शांित से रहने तथा सभी प्रािणय के िलए अिहंसा की भावना रखने का बड़ा स प न िरवाज़ है . महान राजा अशोक (३०४-२३२ ई,पू.) पहला राजा था, जो औपचािरक प से पशुओं के क याण को अपने प्रशासन का मुख्य िसद्धांत बनाने के िलए जाना गया और उसके िशला-लेख, पहले िशला-लेख थे, िजनम पशुओं के मूलभूत अिधकार के बारे म प ट प से कहा गया था . महा मा गांधी सिहत, हमारे आिद िच तको और नेताओं ने पशु क याण को प्रो नत िकया तथा भारत के संिवधान म पशु-पिक्षय के प्रित दया-भाव को सभी नागिरको का मूलभूत कतर् य बताया गया . आज िफर से, पशुओं के प्रित हमारे परंपरागत आदर-भाव की पुि ट और उ ह स मानजनक जीवन देने के िलए नीितयाँ और कानून बनाने की आव यकता है . इसके िलए – 1. ‘पशु क याण बोडर्, भारत’ , के अिधकार पिरविधर्त िकए जायेग, िजससे वे मशिवरा देने वाली सं था से ऊपर उठ कर, िक्रया वयन अिधकार वाली िनयंत्रण शिक्त बन जाए . 2. ii.जाग क बनाने और लागू िकए जाने को मज़बूत बनाने के िलए, कानून लागू करने वाली सं थाओं को िशक्षा दी जायेगी व प्रिशक्षण िदया जायेगा और उ लंघन िकए जाने पर कायर्वाही के सव तम तरीके िसखाये जायेग . 3. iii.कु छ सं थाएं, जो पशुओं को भोजन, कपडे और मनोरंजन के िलए इ तेमाल करती ह, वे उ ह मूल प से अपने लाभ के िलए शोषण का संसाधन मानती ह . इन प्रािणय की गिरमा को सुरिक्षत करने के िलए नीितयां बनाई जायेगीं तथा वे सं थाएं सख्ती से िनयंित्रत और बारीकी से िनरीिक्षत की जायेगी . 4. ‘वा ड लाइफ अिधिनयम, १९७२’ की संभावना और लागू िकए जाने को सशक्त िकया जाएगा, िजससे संरिक्षत वनभूिम की सीमा उ लंघन करने वाले ताकतवर दोिषय को रोका जा सके और वहाँ के ‘िनवासी पशुओं’ को 5. जंगली जानवर यानी ‘िशकािरय ’ से बचाया जा सके . खेल, सं कृ ित और मीिडया 29. खेल एवं सं कृ ित 1. िजन लोगो के िखलाफ़ िकसी भी अदालत से भ्र टाचार के आरोप लगे है, उन आरोपो के बारे म सुनि चत करके , उन भ्र टाचािरयो और अपरािधय को खेल प्रशासन से बाहर रखा जाए, न उ ह चुनाव लडने िदया जाए, और न िकसी भी रा ट्रीय
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    22    खेल फे डरेशनके िकसी भी कायार्लय म, उ ह िकसी भी तरह का कायर्भार स पा जाए . साथ ही, खेल से जुड़े यिक्त का िकसी भी रा ट्रीय खेल फे डरेशन की िनणर्या मक मंडल मे उिचत प्रितिनिध व को सुिनि चत करना . 2. िखलािडय का यौन शोषण, िकसी तरह के नशीले पदाथर् का सेवन, आयु संबंधी धोखा िब कु ल असहनीय होगा . 3. नवीनतम तकनीक से पूणर्, अ याधुिनक सुिवधाओं, उपकरण , अवसंरचना, साथ ही बहु-उ ेशीय टेिडयम की गांव और छोटे शहर व नगर म थापना करना, प्राइवेट उ योगपितय को भारतीय खेल मे बुिनयादी तर से प्रितभा को पकडने और पोिषत करने हेतु, आिथर्क सहायता प्रा त ज़मीन ल बे समय के िलए लीज (पट्टे)पर देकर, कर-राहत तथा अ य तरह की प्रेरणाएं देकर िनवेश के िलए प्रो सािहत करना 4. खेल को एक सां कृ ितक गितिविध और कू ली िशक्षा का अखंड िह सा बनाना, ब च को भारत की िविवध सं कृ ितयां िदखाना और उनकी जानकारी देना . 5. हमारे देश म अनेक संग्रहालय ह, िजनमे देश का इितहास और सां कृ ितक धरोहर संरिक्षत है, िफर भी वे कु प्रबंध और मर मत न होने की वजह शोचनीय दशा म ह . संग्रहालय को अिधक पहुँच के अंदर और िचकर बनाया जाना और उनकी प्रबंध सिमित मे अपेिक्षत सुधार लाए जाना . िव यालय को अपने छात्र को िनयिमत प से इन संग्रहालय म लाने के िलए प्रो सािहत िकया जाना . गाँवो के समूह तथा छोटे शहर म सावर्जिनक पु तकालय म िनवेश िकया जाना और उनके रख- रखाव का कायर् ग्राम-सभाओं और मौह ला-सभाओं वारा िकया जाना . 30. संचार मा यम (मीिडया) नीित य यिप संचार मा यम का उ थान बहुत प्रभािवत करने वाला है िक तु अिधकतम लाभ उगाने पर इसका ज़ रत से यादा किद्रत होना, भरोसे वाले िनयंत्रण का अभाव होना, इन कु छ कारण ने इसे ‘भुगतान पोिषत खबर (पेड यूज़)’ और ‘अ पािधकार’ जैसे गंभीर असंतुलन की ओर मोड़ा है . जबिक आ.आ.पा एक जीवंत और वाधीन िमिडया को सराहती है, वहीं हम संचार मा यमो पर लगातार ‘भुगतान पोिषत खबर ’ के आरोप लगते देख कर िचंितत महसूस करते ह . इसका प्रमुख कारण ह - मीिडया की जनता के प्रित उतरदािय व की कमी, जवाबदेही का अभाव, और िवज्ञापन पर ज़बरद त िनभर्र होना . िमिडया का मानव जीवन पर सघन प्रभाव होने के बावजूद भी, यह िकसी संवैधािनक िनयंत्रण के अधीन नहीं है . इसके िलए आ.आ.पा - 1. जनता के प्रित जवाबदेही को लागू करने के और मीिडया इंड ट्री को िनयंित्रत करने के ऐसे तरीके खोजेगी, जो पीडक न ह और धारा १९ के तहत दी गई संवैधािनक गारंटी को धमकाने वाली न ह . यह िनयंत्रण रा य से लेकर राजनीितक स ता तक, वतंत्रता और दखलअंदाजी म तालमेल व संतुलन बना कर चलने वाला हो . 2. ‘भुगतान पोिषत खबर ’ पर प्रितब ध लगाना होगा क्य िक यह ‘मीिडया-नैितकता’ के मूलभूत िसद्धांत – ‘िन पक्षता और यावसाियकता’ का उ लंघन करने वाली पद्धित है . कानूनी श दावली और मायने म, इस तरह का िबका हुआ संचार- मा यम (मीिडया), चुनावी और कर संबंधी िवधान का अनादर है . इसिलए इसको प्रितबंिधत करने वाले िनयम म ‘भुगतान पोिषत खबर ’ और सो े य या जानबूझकर पेश की भडकाऊ व उ तेजक सूचना (िरपोटर्) के िलए सख्त सज़ा का प्रवाधान शािमल िकया जाना चािहए . 3. ‘क्रॉस-मीिडया वािम व’ िनयम और िनयंत्रण, बड़े मीिडया के एकािधकार को िनिषद्ध करके प्रित पद्धार्पूणर् वातावरण सुिनि चत कर तथा रेिडयो पर समाचार देने के , रा य के एकािधकार को समा त कर . पारदिशर्ता के तहत, िमिडया सं थान के वािम व, उनके ऋण और मािलको व पत्रकार के राजनीितक गठबंधन का खुलासा हो . 4. जन-सेवा िमिडया सं थान को प्रो सािहत करने के िवक प खोजे जाएँ, (या रा य वारा सहायता प्रा त वाय त सं थान जैसे दूरदशर्न, ऑल इि डया रेिडय , लोकसभा टेलीिवज़न, रा यसभा टेलीिवज़न) रा य शािसत मीिडया को िवके ि द्रत, यावसाियक, और वाय त प्रबंध ढांचे के साथ स चे जनसेवा सं थान मे पांतिरत िकया जाए .,
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    23    5. वायु तरंग(रेिडयो आिद) को समुदाय के उपयोग के िलए आज़ाद बनाना चािहए और २००२ रेिडय कौ युिनटी नीित को सशक्त िकया जाना चािहए . अिवकिसत दूर-दराज़ के इलाक म कौ युिनटी रेिडयो के लाइसस को प्रेिरत करना चािहए . कौ युिनटी रेिडयो और प्राइवेट रेिडयो टेशन के समाचार प्रसारण और ताज़े मामलो से स बंिधत कायर्क्रम पर से रोक हटा ली जानी चािहए. रा ट्रीय सुरक्षा भारतीय वतंत्रता संग्राम के आदश के बावजूद भी भारत के पास संभावना और िज़ मेदारी दोन है - दुिनया को िनदान प ‘सावर्भौिमकता’ देने के िलए . भारत की शिक्त और सुरक्षा का अद्भुत प देखने को िमलता है, जब भारत इसे अपनी शत पर िवकिसत करता है . ऐसा ‘ वराज’ - सुरक्षा को यिक्तगत, सामुदाियक और रा ट्रीय तर पर समान सहयोग को पोिषत करेगा . यहाँ सुरक्षा से ता पयर् मात्र िहंसा और उग्र शा त्र से बचाव ही नहीं है, बि क आधारभूत सुरक्षा िजसमे मानव सुरक्षा, भुखमरी से सुरक्षा, अपमान से सुरक्षा, जीवन और आजीिवका की ज़ रत तक पहुँच , ये भी शािमल है . मानव सुरक्षा की यह अंत र्ि ट आतंिरक और बा य - दोन क्षेत्र म ‘आम आदमी पाटीर्’ का मागर्दशर्न करेगी . 31. बा य नीित सश त्र सेना और सुरक्षा प्रित ठान अपने समपर्ण, किठन पिर म और याग के बल पर मूलभूत रक्षा प्रदान करने की खोज करते ह . आ.आ.पा. की भ्र टाचार से िछड़ी जंग को लेकर, आ.आ.पा. का िव वास है िक चारो ओर फै ला भ्र टाचार और रा ट्र की सुरक्षा के िलए सुरिक्षत रखे गए धन का गलत प्रयोग, देश के िलए गंभीर सेवा भाव का अभाव है . आ.आ.पा. सश त्र सेना की सुरक्षा और फ़ौज का आधुिनकीकरण - दोन को देश के नीितपरक िहत को बनाए रखने के िलए उ च तरीय प्राथिमक िनदान मानता है - 1. तीन सेवाओं के िलए समाकिलत नजिरया, सुरक्षा सैिनक की देश के सुरक्षा मु पर िनणर्य लेने म भागीदारी, थलसेना, गु तचर-िवभाग, अिधकारी वगर् और राजनीितक नेतृ व म बेहतर सम वय के िलए वचनबद्धता . 2. रक्षा-प्रापण म पारदिशर्ता, भ्र टाचार और िबचौिलया से संघषर्, िसफ़र् पारदिशर्ता के िलए नहीं अिपतु भारत की युद्ध लडने की क्षमताओं को सुरिक्षत बनाने के िलए . 3. भारत अ त्र-श त्र का दुिनया का सबसे िवशाल आयातक है . हम वदेशी उपकरण के उ पादन को प्रो सािहत करना होगा और कम से कम अविध म िवदेशी रक्षा उपकरण पर िनभर्रता को कम करना होगा . 4. सरहद पर अवसंरचना िनमार्ण को गित देनी होगी, सड़के , तथा अ य संरचना मक आव यकताएँ, पड़ाव,पयर्नुकू लन व लॉिजि टक उ े य के िलए अपेिक्षत ह . हवाई क्षेत्र तथा बंदरगाह, समूची नीित आधािरत योजना और रक्षा सेवाओं की ज़ रत के अनुसार िनिमर्त िकए जायेग . 5. ‘एक पद, एक पशन’ के िनयम को प्रभावी ढंग से लागू िकए जाने को सुिनि चत िकया जायेगा . 6. भूतपूवर् सेवक योगदान वा य योजना (ECHS) देश म वा य बीमा योजना के मॉडल की तरह होगी . थल सेना को याय िमलने म सुधार, गितशील िशकायत प्रितकार प्रणाली वारा होगा . 32. िवदेश नीित भारत की िवदेश नीित सभी देशो से बराबर की शत पर िमत्रतापूणर् मधुर स ब ध रखने पर किद्रत होगी . इस बारे म हमारा िव वास है िक :
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    24    1. सरहद परआतंक ज़रा भी सहनीय नही होगा . िवपक्षीय और बहुपक्षीय प्रयास का सम वयन करके बेहतर सीमा प्रबंधन के िलए आतंकवाद को ख म िकया जायेगा . िविभ न तर पर कायम की जा सकने वाली वातार् से उस ढाँचे को न ट िकया जाएगा, जो आतंकवाद को प्रो सािहत करता है . 2. राजनीितक िव वेष को पर पर भरोसे के बल पर पडौसी देश के साथ कम करके , उसे िवकास और राहत म सहायता प्रदान की जायेगी . 3. चीन वारा सरहद पर घुसपैठ को डरा कर रोकने की क्षमता को बढ़ाते हुए, भारत-चीन संबंध को अिधक बड़े और संतुिलत यापार पर किद्रत िकया जायेगा तथा भारत-चीन स यता का आदान-प्रदान पुन: हािसल िकया जायेगा . 4. सीमा क्षेत्र को उ च आिथर्क िर ते म िवकिसत करके , दोन ओर शांित थािपत की जायेगी तथा अवैध आप्रवासन को स हाला जायेगा. 5. अनुपूरक भारत के यू.एस व अ य गुटो जैसे िब्रक्स (BRICS : Brazil,Russia,India, China, South Africa) इ सा (IBSA :India, Brazil, South Africa) के साथ साथर्क अनुबंध बनाना और एक बहु- ध्रुवीय दुिनया को प्रो सािहत करना . वैधता और स चे अथ म वैि वक सं थान जैसे यू.एन. की ताकत को प्रो नत करना तथा इंटरनेशनल मॉिनटरी फं स (IMF) जैसे िनकाय की लोकतांित्रकता की मांग करना. अनुपूरक भारत के यू.एस व अ य गुटो जैसे िब्रक्स (BRICS : Brazil,Russia,India, China, South Africa) इ सा (IBSA :India, Brazil, South Africa) के साथ साथर्क अनुबंध बनाना और एक बहु-ध्रुवीय दुिनया को प्रो सािहत करना . वैधता और स चे अथ म वैि वक सं थान जैसे यू.एन. की ताकत को प्रो नत करना तथा इंटरनेशनल मॉिनटरी फं स (IMF) जैसे िनकाय की लोकतांित्रकता की मांग करना . 6. व डर् ट्रेड ऑगनाइजेशन (WTO) वारा प्रथम िव व की आिथर्क सहायता के िखलाफ़ िवकासशील दुिनया म कृ िष और ग्रामीण समुदाय को सुरिक्षत बनाने म भूिमका को िनरंतर बनाये रखा जाना . 7. सम त वैि वक सामा य मु पर यू. एन की दूर ि ट का समथर्न,पयार्वरण स बंिधत संकट पर पर पर सहयोग को बढ़ाना, िफर से नई की जा सकने वाली ऊजार् मे अिधकतम िनवेश, िवकिसत देशो से तकनीक का थानांतरण, यह हमारी ऊजार् और आिथर्क सुरक्षा के िलए मह वपूणर् होगा . 33. आतंिरक सुरक्षा आतंिरक सुरक्षा की चुनौती िसफ़र् कानून और यव था की सम या के प म ही नहीं देखी और समझी जा सकती . नागिरको को आतंकवाद और पूवर्िनयोिजत िहंसा से सफलतापूवर्क सुरिक्षतिकए जाने पर भी, आ.आ.पा की आतंिरक सुरक्षा नीित का मुख्य ज़ोर नागिरको के असंतोष के मूल कारण को राजनीितक िवकद्रीकरण, िवरोधी समूह के साथ बातचीत करके और लोग की आिथर्क ि थित बेहतर बना कर, उसका प्रितकार करना है . 1. िवके द्रीकरण और सता के ह ता तरण के दीघर्कालीन समाधान की ओर कदम उठाते हुए, थानीय प से अनुकू ल, प्रितिक्रयाशील एवं उ तरादायी यव था, सुरक्षा और शासन के ढांचे को तैयार करना . आधुिनक, बेहतर सश त्र और प्रिशिक्षत सुरक्षा बल तैयार करना . सरकार को अितिरक्त संवैधािनक तरीक का इ तेमाल करना छोड़ देना होगा और सुिनि चत करना होगा िक अिधकार और स ता के दु पयोग के िव द्ध िनयंत्रण और स तुलन बनाया जाए . 2. सुरक्षा उपकरण की, बाहर लोगो की तीखी नज़र के सामने, असाधारण जनादेश के साथ कम करने की ज़ रत और जवाबदेह यव था, जो संवैधािनक प से गारंिटत यिक्त अिधकार को सुरिक्षत करती है, जनता की िशकायत का प्रितकार, तथा रा ट्रीय मह ता के िवषय पर एक भारी जन-पिरचचार् के बीच एक यवहारकु शल संतुलन को बनाना .
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    25    3. आ डर्फोसस पेशल पॉवसर् एक्ट,1958 (AFSPA) के कानून को समय-िनधार्िरत और मानवोिचत बनाने के िलए उनका संशोधन एवं पुनरवलोकन . मिहलाओं के िखलाफ़ सश त्र सैिनक वारा यौन-िहंसा को दंड मुक्त न िकया जाना . 4. हमारा िव वास है िक का मीर भारत का अखंड िह सा है, अतेव सीमा पार आतंकवाद िब कु ल असहनीय होगा . सुरक्षा-बल के अ पकालीन उपयोग के बाद, आ.आ.पा.. का िव वास है िक िवके द्रीकरण और सता के ह ता तरण की एक दीघर्कालीन सोच को अपनाना होगा, जो का मीर के लोग को अपने िवकास के िनणर्य लेने की क्षमता प्रदान करेगी . 5. नक्सलवादी सम या के दीघर्कालीन समाधान के िलए ज़ री है िक उस क्षेत्र की गहरे राजनीितक,सामािजक एवं आिथर्क िशकायत , असंतोष और मन-मुटाव पर िवचार करके उसका प्रितकार िकया जाए . आधुिनकीकृ त सुरक्षा बल के अलावा, हमारा यान बहुपक्षीय संवाद, सामूिहक और आिथर्क िवकास और प्रभावशाली राजनीितक िवके द्रीकरण पर भी होगा . अनूिदत : डा.दीि त गु ता
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    26    Few corrections arerequired : 1.Political parties are not mechanisms (instrumental = सहायक) for finding and airing people's voices; all of them have become election machines 1. The Aam Aadmi Party is not just another party. It is a party that has arisen from the struggles of Ramlila Maidan and Jantar Mantar. This party is not here merely to fight elections, it is here to change the rules of the game. It is here to rewrite the politics of this country, (History can be rewritten, but not the politics, so either remove the sentence or form it like this – it is here to change the ugly face of Indian politics)it is here to transform the relationship between the government and the people, it here to make the government truly ‘of the people’. It is a party that brings with it the perspective of the common women and men of this country. It is not a party that says it will solve all your problems. It is a party that wants Swaraj; that wants power to return to your hands, so that you can solve your own problems. ३. Adequate numbers of qualified teachers to be ( plz add ‘be’ here )appointed on a regular basis through a tra ४. We will promote (encourage) the use of information technology to promote transparency and reduce corruption in government functioning. ५) Reform Ministry of Environment and Forests and its agencies ?? so that they can empower and facilitate Gram Sabhas to be effective custodians and managers of their local natural resources. *(वाक्य रचना ठीक नहीं लग रही, कु छ छू टा हुआ लग रहा है) ६) Commercial exploitation of natural resources would be done based on a royalty and revenue sharing agreement with local communities, to ensure that those who pay the cost of development, are also beneficiaries of this process. Preference to be given to Gram Sabha cooperatives for commercial exploitation of minerals. (यहाँ क्या exploitation का प्रयोग सही है?) ७) The local communities (Gram Sabhas) shall play a vital role in the management of major natural resources. The exploitation of minerals, water and forests within a Gram Sabha area will not be done without the consent of the Gram Sabhas. (This coveys that the exploitation could be possible with the consent of Gram Sabhas)
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    27    ८) Today thebiggest problems for the aam aadmi are the rising cost of living and unemployment. Statistics show that incomes have residents has risen, but in reality, due to the rise in costs of all basic necessities such as electricity, water, vegetables, food grains, petrol, diesel, education and health, the true economic situation of most families is worse than before. Whether it is onions and tomatoes or water and electricity or children’s school fees, everything has become very expensive today. For the common man, inflation is reflected in the costs of daily necessities. Aam Aadmi Party will take up the following measures: ९) Corruption and crony capitalism are two significant factors behind the rising prices of basic good (S) and necessities of the aam aadmi. AAP is committed to fighting corruption in all domains, and this would be an important factor in combating rising prices. १०) The expenditure on education is a substantial part of each family’s expense (budget). 11) We envision a world in which women will be acknowledged and treated as equal citizens in their own right; where they will not be governed by male-dominated values which determine their societal and familial roles. The entire policy framework needs to keep the ‘aam aurat’ at the centre. We can only call ourselves a democratic, modern and progressive nation when we truly advance and deliver on women’s rights, freedom, security equality and empowerment. Towards this, १२) terrorism. Coordinate bilateral and multilateral efforts to prosecute terrorists and for better border management. Call for sustained dialogue at various levels to dismantle the structures that encourage terrorism.