हिंदी के भक्तिकालीकिवयों
में रोत्तमदास का ाम प्रलसद्ध िै I वे कृ ष्ण
काव्यधारा के किव थे I इ की एकमात्र ख्याति
प्राप्ि रच ा ' सुदामा चररि ' िै I इसी करिी
े किव को लोकिप्रयिा िथा ख्याति हदला दी
I इस रच ा में देशन िथा िद्भव शब्दों युति
आम बोलचाल की भाषा े इसे आम आदमी
को पढ े िथा समझ े में मदद की I इसमें
ब्रनभाषा का सौंदयय िथा माधुयय त हिि िै I
8.
कविता परिचय
इसपाठ में श्रीकृ ष्ण और सुदामा के माध्यम
से सच्ची लमत्रिा का दुबयल उदिारण प्रस्िुि
ककया गया िै I इ की लमत्रिा को सच्ची
लमत्रिा के आदशय रूप में देखा ना सकिा िै I
ऐसी लमत्रिा नो अ ुकरणइय I वत्तयमा के
सन्दभय में यिााँ लमत्रिा और भी मित्वपूणय ब
नािी िै I नब व्यक्ति बुरे समय में अप े
लमत्र को पिचा े से भी इंकार कर देिा िै I
श्री कृ ष्ण े बुरे समय में सुदामा की मदद
करके अप े िी सामा ब ा हदया I
9.
आज भीकृ ष्ण औि सुदामा भी मैत्री का उदा
ददया जाता है जजस ममलता में अमीि - गिीब ,
उंच - िीच , िगु गत भेदभाि िहीं होते है I
10.
किविा
सीस पगाझगा ि में , प्रभु ! ना े को
आहि बसे के हि ग्रामा I
धोिी फटी सी लिी दुपटी ; अरु
पांय उपा ि को हि सामा II
द्वार खड़े द्िवन दुबयल एक , रह्यो
चककसो बसुधा अलभरामा I
पूछि दी द्याल को धाम , बिावि
आप ो ाम सुदामा II
12.
शब्दाथय
झगा -वस्त्र , कु रिा
के हि - कौ से , ककस
अरु - और
पांय - पााँव , पैर
उप ाि - नूिे सामा - चचह्
द्िवन - ब्राह्म
चककसो - चककि िोकर
बसुधा - धरिी
अलभरामा - सुन्दरिा
दी दयल - गरीबो पर दया कर े वाले अथायि
श्रीकृ ष्ण
13.
िवशेष
' द्वारखड़ो द्िवन दुबयल एक ' में अ ुप्रास
अलंकर िै I
काव्यांश रच ा सवैया छंद में िै I
काव्यांश में ब्रन भाषा का सौंदयय एवं माधुयय
व्याप्ि िै I
14.
अथय ग्रिण सम्बन्धीप्रश्
किव एवं किविा का ाम ललखखए I
सुदामा कौ थे ? वे श्रीकृ ष्ण के पास तयों गए
थे ?
सुदामा ककस िाल में , श्रीकृ ष्ण के पास गए थे ?
सुदामा वसुधा को चककि िोकर तयों देख रिे थे
?द्वारपाल े श्रीकृ ष्ण को तया बिाया ?
द्वारपाल े श्रीकृ ष्ण को तया बिाया ?
15.
बिुिवकल्पीय प्रश्
1 .' प्रभु ! ना को आहि ' किविा की प्रथम पंक्ति में प्रभु
के माध्यम से ककसे सम्बोचधि ककया गया ?
(क) इंद्र भगव को (ख) राम को
(ग) भगवा को ( घ) कृ ष्ण को
2 . सुदामा ककस गााँव के रि े वाले थे ?
(क) ब्रन के (ख) द्वारका के
(ग) काशी के (घ) इ मे से कोई िीं
16.
3. ककसके कारणसुदामा बेिाल िो रिे थे ?
(क) चमय रोग के कारण
(ख) बबवाइ के कारण
(ग) क्षय रोग के कारण
(घ) अक्स्थ रोग के कारण
4 . सुदामा की पत् ी े उपकार स्वरूप पोठली में तया
हदया था ?
उत्तर - चावल
17.
5 . श्रीकृ ष्ण े सुदामा द्वारा लाए उपिार को ककस्मे भीगा
िुआ बिाया ?
(क)आमरस (ख)सोमरस
(ग) सुधारस (घ) इ मे से कोई िीं
6. ' वािी पहठयो ठेली ' वािी शब्द ककसके ललए
प्रयुति िुआ िै ?
(क) श्री कृ ष्ण के ललए (ख) रुखाड़ी के ललए
(ग) गोिपयों के ललए (घ) सुदामा की पत् ी के ललए
18.
7. ' घर- घर कर ओड़ि कफरे ' इस पंक्ति में श्रीकृ ष्ण
ककसके ललए ओड़ि करिे िै ?
(क) दूध (ख) दिी
(ग) मतख (घ) घी
8. ' परिाप ' ककस िरि का शब्द िै ?
(क) ित्सम (ख) िद्भव
(ग) देशन (घ) िवदेशी
9 . कृ ष्ण के ललए कौ सा शब्द किविा में
प्रयोग िीं ककया गया ?
(क) मुरलीधर (ख) गोपाल
(ग) करुणात धी (घ) श्याम