विशेष लेखन : स्वरूप और प्रकार
• विशेष लेखन
• वकसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हट कर
वकया गया लेखन है ।
विसमें रािनीविक, आवथिक, अपराध, खेल, विल्म,
क
ृ वष, कानून विज्ञान और अन्य वकसी भी मत्त्वपूर्ि
विषय से संबंवधि विस्तृि सूचनाएँ प्रदान की िािी हैं
डेस्क
• समाचारपत्र, पवत्रकाओं , टीिी और रेवियो चैनलों
में अलग-अलग विषयों पर विशेष लेखन क
े वलए
वनधािररि स्थल को िेस्क कहिे हैं। और उस विशेष
िेस्क पर काम करने िाले पत्रकारों का भी अलग
समूह होिा है । यथा, व्यापार िथा कारोबार क
े वलए
अलग िथा खेल की खबरों क
े वलए अलग िेस्क
वनधािररि होिा है ।
बीट
• विवभन्न विषयों से िुिेे़ समाचारों क
े वलए
संिाददािाओं क
े बीच काम का विभािन आम िौर
पर उनकी वदलचस्पी और ज्ञान को ध्यान में रख
कर वकया िािा है। मीविया की भाषा में इसे बीट
कहिे हैं ।
बीट रिपोवटिंग तथा विशेषीक
ृ त रिपोवटिंग में अन्ति
• बीट ररपोवटिंग क
े वलए संिाददािा में उस क्षेत्र क
े बारे
में िानकारी ि वदलचस्पी का होना पयािप्त है, साथ ही
उसे आम िौर पर अपनी बीट से िुिीे़ सामान्य खबरें
ही वलखनी होिी हैं । वकन्तु विशेषीक
ृ ि ररपोवटिंग में
सामान्य समाचारों से आगे बढ़कर संबंवधि विशेष क्षेत्र
या विषय से िुिीे़ घटनाओं, समस्याओं और मुद्ों का
बारीकी से
विश्लेषर् कर प्रस्तुिीकरर् वकया िािा है ।
बीट किर करने िाले ररपोटिर को संिाददािा
िथा विशेषीक
ृ ि ररपोवटिंग करने िाले ररपोटिर को
विशेष संिाददािा कहा िािा है।
विशेष लेखन की भाषा-शैली
• : विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से
अलग होिी है। इसमें संिाददािा को संबंवधि विषय
की िकनीकी शब्दािली का ज्ञान होना आिश्यक
होिा है, साथ ही यह भी आिश्यक होिा है वक िह
पाठकों को उस शब्दािली से पररवचि कराए
विससे पाठक ररपोटि को समझ सक
ें । विशेष लेखन
की कोई वनविि शैली नहीं होिी ।
विशेष लेखन क
े क्षेत्र
• विशेष लेखन क
े अनेक क्षेत्र होिे हैं,
• यथा-
• अथि-व्यापार, खेल, विज्ञान-
प्रौद्योवगकी, क
ृ वष, विदेश, रक्षा, पयाििरर्
वशक्षा, स्वास्थ्य, विल्म-मनोरंिन, अपराध, कानून ि
सामाविक मुद्े आवद

विशेष लेखन स्वरूप और प्रकार.pptx

  • 1.
    विशेष लेखन :स्वरूप और प्रकार • विशेष लेखन • वकसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हट कर वकया गया लेखन है । विसमें रािनीविक, आवथिक, अपराध, खेल, विल्म, क ृ वष, कानून विज्ञान और अन्य वकसी भी मत्त्वपूर्ि विषय से संबंवधि विस्तृि सूचनाएँ प्रदान की िािी हैं
  • 2.
    डेस्क • समाचारपत्र, पवत्रकाओं, टीिी और रेवियो चैनलों में अलग-अलग विषयों पर विशेष लेखन क े वलए वनधािररि स्थल को िेस्क कहिे हैं। और उस विशेष िेस्क पर काम करने िाले पत्रकारों का भी अलग समूह होिा है । यथा, व्यापार िथा कारोबार क े वलए अलग िथा खेल की खबरों क े वलए अलग िेस्क वनधािररि होिा है ।
  • 3.
    बीट • विवभन्न विषयोंसे िुिेे़ समाचारों क े वलए संिाददािाओं क े बीच काम का विभािन आम िौर पर उनकी वदलचस्पी और ज्ञान को ध्यान में रख कर वकया िािा है। मीविया की भाषा में इसे बीट कहिे हैं ।
  • 4.
    बीट रिपोवटिंग तथाविशेषीक ृ त रिपोवटिंग में अन्ति • बीट ररपोवटिंग क े वलए संिाददािा में उस क्षेत्र क े बारे में िानकारी ि वदलचस्पी का होना पयािप्त है, साथ ही उसे आम िौर पर अपनी बीट से िुिीे़ सामान्य खबरें ही वलखनी होिी हैं । वकन्तु विशेषीक ृ ि ररपोवटिंग में सामान्य समाचारों से आगे बढ़कर संबंवधि विशेष क्षेत्र या विषय से िुिीे़ घटनाओं, समस्याओं और मुद्ों का बारीकी से विश्लेषर् कर प्रस्तुिीकरर् वकया िािा है । बीट किर करने िाले ररपोटिर को संिाददािा िथा विशेषीक ृ ि ररपोवटिंग करने िाले ररपोटिर को विशेष संिाददािा कहा िािा है।
  • 5.
    विशेष लेखन कीभाषा-शैली • : विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से अलग होिी है। इसमें संिाददािा को संबंवधि विषय की िकनीकी शब्दािली का ज्ञान होना आिश्यक होिा है, साथ ही यह भी आिश्यक होिा है वक िह पाठकों को उस शब्दािली से पररवचि कराए विससे पाठक ररपोटि को समझ सक ें । विशेष लेखन की कोई वनविि शैली नहीं होिी ।
  • 6.
    विशेष लेखन क ेक्षेत्र • विशेष लेखन क े अनेक क्षेत्र होिे हैं, • यथा- • अथि-व्यापार, खेल, विज्ञान- प्रौद्योवगकी, क ृ वष, विदेश, रक्षा, पयाििरर् वशक्षा, स्वास्थ्य, विल्म-मनोरंिन, अपराध, कानून ि सामाविक मुद्े आवद