Name – Dr. Laxmi verma
Class- B.A -1
Subject- Micro Economics
Topic-Consumer Surplus
Unit-1
उपभोक्ता की बचत
 "ककसी वस्तु के उपभोग से वंचचत रहने की अपेक्षा उपभोक्ता जो कीमत उस वास्तु के
लिए देने को तत्पर है और जो कीमत वह वास्तव में चुकता है उनका अंतर ही संतुष्टि
की बचत का आचथिक माप है| इसे"उपभोक्ता की बचत" कहा जाता है |
उपभोक्ता की बचत की पररभाषाए
 प्रो.मार्शल के अनुसार,
 "ककसी वस्तु के उपभोग से वंचचत होने की अपेक्षा एक उपभोक्ता जो कीमत उस वस्तु के लिए
देने को तत्पर है तथा जो कीमत वह वास्तव में चुकता है उनका अंतर ही संतुष्टि की बचत का
आचथिक माप है इसे"उपभोक्ता की बचत" कहा जाता है
 ➖प्रो.टाससिंग के अनुसार ,
 " उपभोक्ता की बचत कु ि उपयोचगता और कु ि ववननम मूल्यों को मापने वािा रालियों का अंतर
है"
 ➖प्रो.सेन के अनुसार,
 "उपभोक्ता को उसकी खरीद से प्राप्त होने वािा अनतररक्त संतोष उपभोक्ता की बचत कहिाता
है“
 ➖प्रो.सेम्युल्सन के अनुसार,
 "इस प्रकार हमेिा कु ि उपयोचगता तथा कु ि बाज़ार मूल्य में एकांतर होता है यह अंतर ही
अनतररक्त की प्रकृ नत का होता है तथा उपभोक्ता को प्राप्त होता है,क्योकक वह जो कु छ भुगतान
करता है,उससे अचिक उसे लमिता है"
उपभोक्ता की बचत की मान्यताए
 1.उपयोचगता को मुद्रा रूपी पैमाने से ज्ञात ककया जा सकता है
 2.ककसी वस्तु की उपयोचगता के बि उस वस्तु की पूनति पर ननभिर है कोई भी वस्तु
अन्य वस्तुओ की पूनति से प्रभाववत नहीं होता
 3.द्रव्य की सीमांत उपयोचगता ष्स्थर रहती है वस्तु को खरीदने पर उसके मूल्य में
पररवतिन नही होता है
 4.अन्य बाते समान रहने चाहहए
 5.स्थानापन्न वस्तु नही होनी चाहहए अगर है भी तो उन्हें एक मान िेनी चाहहए
 6.प्रदििन प्रभाव उपभोक्ता को प्रभाववत नही करते है
 7.उपभोक्ता पर सीमांत उपयोचगता ह्रास ननयम किया िीि होगा
 माििि ने उपभोक्ता की बचत को उपयोचगता ववश्िेषण द्वारा तथा बाद में हहक्स ने उदासीन वि की
सहायता से स्पटि ककया
 माििि ने उपभोक्ता की बचत की व्याख्या में सीमांत उपयोचगता हास्यमान को आिार बनाया
 वस्तु की कीमत में कमी होने पर उपभोक्ता की बचत में वृद्चि होती है तथा कीमत वृद्चि होने पर
उपभोक्ता की बचत में कमी होती है
 हहक्स के अनुसार माििि ने उपभोक्ता अनतररक्त के ववचार में कीमत पररवतिन से उत्पन्न आय प्रभाव की
अपेक्षा की है इसके अनतररक्त वह चगकिन वस्तुओं के संबंि में उपभोक्ता अनतररक्त स्पटि करने में
असिि रहे हैं
 माििि के अनुसार उपभोक्ता अनतररक्त का ववचार वविालसता की वस्तुओं पर िागू नहीं होता जबकक िाष्जग
के अनुसार िागू होता है
 प्रोिे सर हहक्स ने अपने िेख"The Four Consumer Surplus" में उपभोक्ता की ववचारिारा का पुनननिमािण
ककया है
 अपनी पररवनतित ववचारिारा को प्रोिे सर हहक्स ने समतुल्य पररवतिन EV तथा क्षनतपूरक पररवतिन CV का
प्रयोग ककया है
उत्पादक की बचत
 उत्पादक की बचत =
 वास्तववक मूल्य ष्जसपर वस्तु की पूनति की जाती है - न्यूतम मूल्य ष्जस पर उत्पादक
अपनी वस्तु की पूनति करना चहाता है
 ➖आचथिक अचििेष 'उपभोक्ता अचििेष' और 'उत्पादक अचििेष' का कु ि जोड़  है
 ➖ककसी चीज़ को खरीदते समय, एक उपभोक्ता एक ननिािररत रालि देने के लिये तैयार
रेहता है, और अचिकांि समय वह एक अन्य ही रालि देता है। इन दोनो के अंतर को
ही 'उपभोक्ता अचििेष' कहिाया जाता है
 उपभोक्ता अचििेष
 = खरीददारों के लिए मूल्य - खरीदारों द्वारा भुगतान की गई रालि।
 ननमािता अचििेष = उत्पादकों द्वारा प्राप्त रालि - उत्पादकों के लिए िागत।
 आचथिक अचििेष = उपभोक्ता अचििेष + ननमािता अचििेष = (खरीददारों के लिए मूल्य
- खरीदारों द्वारा भुगतान की गई रालि) + (रालि वविे ताओं द्वारा प्राप्त - वविे ताओं
के लिए िागत)।
 अब, खरीदारों द्वारा भुगतान रालि और वविे ताओं द्वारा प्राप्त रालि, दोनों बराबर हैं।
 इसलिए, आचथिक अचििेष = खरीददारों के लिए मूल्य - वविे ताओं के लिए िागत
 मांग और आपूनति वि के ग्राि में, मांग और आपूनति विों के बीच के क्षेत्र (मांगी गयी
मात्रा तक) आचथिक अचििेष का प्रनतननचित्व करती है
 कोई भी उपभोक्ता ककसी वस्तु को प्राप्त करने मे जो कीमत देने को तैयार है और वास्तव मे क्या देता है
इसका अंतर बचत कहिाता है
 उदा. उपभोक्ता 10 रुपये देने को तैयार था और देता है 8 रुपये तो बचत 2 रुपये होगी
 ⭕सूत्र
 उपभोक्ता की बचत =वास्तववक मूल्य ष्जस पर वस्तु की पूनति की जाती है -न्यूतम मूल्य ष्जस पर उत्पादक
अपनी वस्तु की पूनति करना चहाता है
 या
 सीमान्त तुष्टिगुणो का योगिि -(कीमत ×खरीदी गई इकाइयों की संख्या)
 € MU -(P × No Of Unit)
 C.S =TUx - P.x. या
 C.S =€MUx - P.x
 ⭕C. S सीमान्त उपयोचगता का नीचें का भाग -कीमत रेखा का उपर का भाग
 : उपभोक्ता बचत =प्रत्यालसत कीमत -वास्तववक कीमत
 इसमे समय ,रुचच,िै िन, आदत,उपभोग स्वतंत्र होता है आकार, गुण समरूप होते है
 बचत माप के दो सूत्र है
 ➖उपभोक्ता बचत = कु ि उपयोचगता(TU)-वस्तु की कु ि कीमत
 ➖उपभोक्ता बचत =कु ि उपयोचगता - (वस्तु की कीमत ×खरीदी गई इकाई)
 2.बाजार में सभी उपभोक्ता द्वारा प्राप्त उपभोक्ता बचत =मांग मूल्य का योग -वास्तववक कीमत
 -मुद्रा की सीमान्त उपयोचगता MU स्थीर है
 -उपयोचगता व सन्तुष्टि के मध्य सीिा सम्बन्ि है
 -मांग वि की सभी मान्यताओं को सामीि ककया गया है
 -उपयोचगता को मापननय माना जाता है
 : माििि की मान्यताऐ
 1.उपयोचगता व संतोष के बीच एक सुननष्श्चत सम्बन्ि होता है
 2.मुद्रा की सीमान्त उपयोचगता को ष्स्थर मान िी जाती है
 3. मांग वि की सभी मान्यताएं स्वीकृ त मानी जाती है
 4. व्यष्क्तत्व सीमांत उपयोचगता के अंतर पर ध्यान नहीं हदया जाता
 5. उपयोचगता मापनीय है
उपभोक्ता बचत हहक्स दृष्टिकोण
➖वस्तु की कीमत कम होने से उपभोक्ता की आय में जो पररवतशन आता है
उसकी वर्दशधि ही उपभोक्ता की बचत कहलाती है
 उपभोक्ता बचत(प्रनत इकाई) =भुगतान देने की तत्परता -वास्तववक भुगतान
 = SQ -SP
 = PQ
 अथाित M1M2QP क्षेत्रिि
 ➖हहक्स ने बचत वि को IS वि व कीमत रेखा के आिार पर समझाया था
 प्रो.हहक्स ने अपने िेख "The four Consumer surpluses"में उपभोक्ता बचत ववचार
िारा का पुनः ननमािण ककया
 ➖अपनी प्रवनतित ववचारिारा में हहक्स ने समतुल्य पररवतिन EV तथा क्षनतपूनति पररवतिन
CV का प्रयोग ककया है
 ➖ EV से अलभप्राय उस मौहद्रक आय से है जो उपभोक्ता से िे िी जानी चाहहए अथवा उसे दी जानी चाहहए
ताकक वह उसी वास्तववक आय स्तर को प्राप्त कर सके जो वास्तव में न घहित हुई कीमत पररवतिन के
पररणाम स्वरुप घहित हुआ होता
 ➖CV से अलभप्राय उस मौहद्रक आय से है जो वास्तव में घहित होने वािी कीमत पररवतिन के कारण
उपभोक्ताओं की क्षनत पूनति करती है यह मौहद्रक आय या अनुदान है जो कीमत पररवतिन प्रभाव को पूणितया
नटि कर देती है और उसको वास्तववक आय के प्रारंलभक स्तर पर िे आती है
 EV तथा CV के आिार पर हहक्स ने चार उपभोक्ता बचत दी है
 आय की मात्रा क्षनतपूरक पररवतिन
 आय की कीमत क्षनतपूरक पररवतिन
 आय की मात्रा समतुल्य पररवतिन
 आय की कीमत समतुल्य पररवतिन
 उत्पादक बाजार कीमत से कम बेचना चहाते है
Consumer surplus

Consumer surplus

  • 1.
    Name – Dr.Laxmi verma Class- B.A -1 Subject- Micro Economics Topic-Consumer Surplus Unit-1
  • 2.
    उपभोक्ता की बचत "ककसी वस्तु के उपभोग से वंचचत रहने की अपेक्षा उपभोक्ता जो कीमत उस वास्तु के लिए देने को तत्पर है और जो कीमत वह वास्तव में चुकता है उनका अंतर ही संतुष्टि की बचत का आचथिक माप है| इसे"उपभोक्ता की बचत" कहा जाता है |
  • 3.
    उपभोक्ता की बचतकी पररभाषाए  प्रो.मार्शल के अनुसार,  "ककसी वस्तु के उपभोग से वंचचत होने की अपेक्षा एक उपभोक्ता जो कीमत उस वस्तु के लिए देने को तत्पर है तथा जो कीमत वह वास्तव में चुकता है उनका अंतर ही संतुष्टि की बचत का आचथिक माप है इसे"उपभोक्ता की बचत" कहा जाता है  ➖प्रो.टाससिंग के अनुसार ,  " उपभोक्ता की बचत कु ि उपयोचगता और कु ि ववननम मूल्यों को मापने वािा रालियों का अंतर है"  ➖प्रो.सेन के अनुसार,  "उपभोक्ता को उसकी खरीद से प्राप्त होने वािा अनतररक्त संतोष उपभोक्ता की बचत कहिाता है“  ➖प्रो.सेम्युल्सन के अनुसार,  "इस प्रकार हमेिा कु ि उपयोचगता तथा कु ि बाज़ार मूल्य में एकांतर होता है यह अंतर ही अनतररक्त की प्रकृ नत का होता है तथा उपभोक्ता को प्राप्त होता है,क्योकक वह जो कु छ भुगतान करता है,उससे अचिक उसे लमिता है"
  • 4.
    उपभोक्ता की बचतकी मान्यताए  1.उपयोचगता को मुद्रा रूपी पैमाने से ज्ञात ककया जा सकता है  2.ककसी वस्तु की उपयोचगता के बि उस वस्तु की पूनति पर ननभिर है कोई भी वस्तु अन्य वस्तुओ की पूनति से प्रभाववत नहीं होता  3.द्रव्य की सीमांत उपयोचगता ष्स्थर रहती है वस्तु को खरीदने पर उसके मूल्य में पररवतिन नही होता है  4.अन्य बाते समान रहने चाहहए  5.स्थानापन्न वस्तु नही होनी चाहहए अगर है भी तो उन्हें एक मान िेनी चाहहए  6.प्रदििन प्रभाव उपभोक्ता को प्रभाववत नही करते है  7.उपभोक्ता पर सीमांत उपयोचगता ह्रास ननयम किया िीि होगा
  • 5.
     माििि नेउपभोक्ता की बचत को उपयोचगता ववश्िेषण द्वारा तथा बाद में हहक्स ने उदासीन वि की सहायता से स्पटि ककया  माििि ने उपभोक्ता की बचत की व्याख्या में सीमांत उपयोचगता हास्यमान को आिार बनाया  वस्तु की कीमत में कमी होने पर उपभोक्ता की बचत में वृद्चि होती है तथा कीमत वृद्चि होने पर उपभोक्ता की बचत में कमी होती है  हहक्स के अनुसार माििि ने उपभोक्ता अनतररक्त के ववचार में कीमत पररवतिन से उत्पन्न आय प्रभाव की अपेक्षा की है इसके अनतररक्त वह चगकिन वस्तुओं के संबंि में उपभोक्ता अनतररक्त स्पटि करने में असिि रहे हैं  माििि के अनुसार उपभोक्ता अनतररक्त का ववचार वविालसता की वस्तुओं पर िागू नहीं होता जबकक िाष्जग के अनुसार िागू होता है  प्रोिे सर हहक्स ने अपने िेख"The Four Consumer Surplus" में उपभोक्ता की ववचारिारा का पुनननिमािण ककया है  अपनी पररवनतित ववचारिारा को प्रोिे सर हहक्स ने समतुल्य पररवतिन EV तथा क्षनतपूरक पररवतिन CV का प्रयोग ककया है
  • 6.
    उत्पादक की बचत उत्पादक की बचत =  वास्तववक मूल्य ष्जसपर वस्तु की पूनति की जाती है - न्यूतम मूल्य ष्जस पर उत्पादक अपनी वस्तु की पूनति करना चहाता है  ➖आचथिक अचििेष 'उपभोक्ता अचििेष' और 'उत्पादक अचििेष' का कु ि जोड़ है  ➖ककसी चीज़ को खरीदते समय, एक उपभोक्ता एक ननिािररत रालि देने के लिये तैयार रेहता है, और अचिकांि समय वह एक अन्य ही रालि देता है। इन दोनो के अंतर को ही 'उपभोक्ता अचििेष' कहिाया जाता है
  • 7.
     उपभोक्ता अचििेष = खरीददारों के लिए मूल्य - खरीदारों द्वारा भुगतान की गई रालि।  ननमािता अचििेष = उत्पादकों द्वारा प्राप्त रालि - उत्पादकों के लिए िागत।  आचथिक अचििेष = उपभोक्ता अचििेष + ननमािता अचििेष = (खरीददारों के लिए मूल्य - खरीदारों द्वारा भुगतान की गई रालि) + (रालि वविे ताओं द्वारा प्राप्त - वविे ताओं के लिए िागत)।  अब, खरीदारों द्वारा भुगतान रालि और वविे ताओं द्वारा प्राप्त रालि, दोनों बराबर हैं।  इसलिए, आचथिक अचििेष = खरीददारों के लिए मूल्य - वविे ताओं के लिए िागत  मांग और आपूनति वि के ग्राि में, मांग और आपूनति विों के बीच के क्षेत्र (मांगी गयी मात्रा तक) आचथिक अचििेष का प्रनतननचित्व करती है
  • 8.
     कोई भीउपभोक्ता ककसी वस्तु को प्राप्त करने मे जो कीमत देने को तैयार है और वास्तव मे क्या देता है इसका अंतर बचत कहिाता है  उदा. उपभोक्ता 10 रुपये देने को तैयार था और देता है 8 रुपये तो बचत 2 रुपये होगी  ⭕सूत्र  उपभोक्ता की बचत =वास्तववक मूल्य ष्जस पर वस्तु की पूनति की जाती है -न्यूतम मूल्य ष्जस पर उत्पादक अपनी वस्तु की पूनति करना चहाता है  या  सीमान्त तुष्टिगुणो का योगिि -(कीमत ×खरीदी गई इकाइयों की संख्या)  € MU -(P × No Of Unit)  C.S =TUx - P.x. या  C.S =€MUx - P.x  ⭕C. S सीमान्त उपयोचगता का नीचें का भाग -कीमत रेखा का उपर का भाग  : उपभोक्ता बचत =प्रत्यालसत कीमत -वास्तववक कीमत  इसमे समय ,रुचच,िै िन, आदत,उपभोग स्वतंत्र होता है आकार, गुण समरूप होते है
  • 9.
     बचत मापके दो सूत्र है  ➖उपभोक्ता बचत = कु ि उपयोचगता(TU)-वस्तु की कु ि कीमत  ➖उपभोक्ता बचत =कु ि उपयोचगता - (वस्तु की कीमत ×खरीदी गई इकाई)  2.बाजार में सभी उपभोक्ता द्वारा प्राप्त उपभोक्ता बचत =मांग मूल्य का योग -वास्तववक कीमत  -मुद्रा की सीमान्त उपयोचगता MU स्थीर है  -उपयोचगता व सन्तुष्टि के मध्य सीिा सम्बन्ि है  -मांग वि की सभी मान्यताओं को सामीि ककया गया है  -उपयोचगता को मापननय माना जाता है  : माििि की मान्यताऐ  1.उपयोचगता व संतोष के बीच एक सुननष्श्चत सम्बन्ि होता है  2.मुद्रा की सीमान्त उपयोचगता को ष्स्थर मान िी जाती है  3. मांग वि की सभी मान्यताएं स्वीकृ त मानी जाती है  4. व्यष्क्तत्व सीमांत उपयोचगता के अंतर पर ध्यान नहीं हदया जाता  5. उपयोचगता मापनीय है
  • 10.
    उपभोक्ता बचत हहक्सदृष्टिकोण ➖वस्तु की कीमत कम होने से उपभोक्ता की आय में जो पररवतशन आता है उसकी वर्दशधि ही उपभोक्ता की बचत कहलाती है  उपभोक्ता बचत(प्रनत इकाई) =भुगतान देने की तत्परता -वास्तववक भुगतान  = SQ -SP  = PQ  अथाित M1M2QP क्षेत्रिि  ➖हहक्स ने बचत वि को IS वि व कीमत रेखा के आिार पर समझाया था  प्रो.हहक्स ने अपने िेख "The four Consumer surpluses"में उपभोक्ता बचत ववचार िारा का पुनः ननमािण ककया  ➖अपनी प्रवनतित ववचारिारा में हहक्स ने समतुल्य पररवतिन EV तथा क्षनतपूनति पररवतिन CV का प्रयोग ककया है
  • 11.
     ➖ EVसे अलभप्राय उस मौहद्रक आय से है जो उपभोक्ता से िे िी जानी चाहहए अथवा उसे दी जानी चाहहए ताकक वह उसी वास्तववक आय स्तर को प्राप्त कर सके जो वास्तव में न घहित हुई कीमत पररवतिन के पररणाम स्वरुप घहित हुआ होता  ➖CV से अलभप्राय उस मौहद्रक आय से है जो वास्तव में घहित होने वािी कीमत पररवतिन के कारण उपभोक्ताओं की क्षनत पूनति करती है यह मौहद्रक आय या अनुदान है जो कीमत पररवतिन प्रभाव को पूणितया नटि कर देती है और उसको वास्तववक आय के प्रारंलभक स्तर पर िे आती है  EV तथा CV के आिार पर हहक्स ने चार उपभोक्ता बचत दी है  आय की मात्रा क्षनतपूरक पररवतिन  आय की कीमत क्षनतपूरक पररवतिन  आय की मात्रा समतुल्य पररवतिन  आय की कीमत समतुल्य पररवतिन  उत्पादक बाजार कीमत से कम बेचना चहाते है