Successfully reported this slideshow.
Your SlideShare is downloading. ×

More Related Content

D4 Narayaneeyam

  1. 1. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <1/10> Narayaneeyam & Narasimha Stuti 5 pm to 6 pm IST Day -4 22-04-2020 उग्रं वीरं महाववष्णं ज्वलन्तं सववतममणमम नृससम्हं भीष्ं भद्रं मृत्यणमृत्यणं नमाम्यहम ॥ Agenda Poll-D401 Feedback Dashaka 24 (Sloka 7- 10) Homework
  2. 2. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <2/10> Dasaka 8 1-शासलनी 2-4 वसन्त ततलकं 5-8 उपेन्द्रवज्रा 9-13 उपजातत त्रिषटणप-11 शक्वरी-14 त्रिषटणप-11 त्रिषटणप-11 63 1,6-10द्रणतववलम्म्भतम 2-5 मासलतन जगती -12 अततशक्वरी-15 64 1-9 उपजातत 10-मासलतन त्रिषटणप-11 अततशक्वरी-15 67 1,2,4,7,8 उपेन्द्रवज्रा 3,6 ,9 -उपजातत 5,10 इन्द्रवज्रा त्रिषटणप-11 70 1-5 पृथ्वी 6-10 स्वागता अत्यम्षट:-17 त्रिषटणप-11 Multiple Metre Dashakas in Narayaneey am-15 Feedback
  3. 3. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <3/10> Sl वृत्तः छन्दस ् Sl वृत्तः छन्दस् 1 मासलतन अततशक्वरी-15 3 रथमद्धता त्रिषटणप-11 2 उपजातत त्रिषटणप-11 4 इन्द्रवज्रा त्रिषटणप-11 वृत्तः
  4. 4. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <4/10> वृत्तः सशमररण् Raga- आनन्दभैरवी Sloka 7-10 अधीतेषण श्रेषठं ककसमतत पररपृषटेऽथ तनये भवद्भम्क्तं वयावमसभगदतत पयावकण लधृतत: गणरुभ्यम रमवषत्वा सहजमततरस्येत्यसभववदन वधमपायानम्स्मन व्यतनणत भवत्पादशर्े ॥६॥ स शूलैराववद्ध: सणबहण मथथतम ददग्गजग्ै-मवहासपैदवषटमऽप्यनशनगराहारववधणत: थगरीन्द्रावक्षिप्तमऽप्यहह! परमात्मन्नतय ववभम त्वतय न्यस्तात्मत्वात ककमवप न तनपीडामभजत ॥७॥ तत: शङ्काववषट: स पणनरततदणषटमऽस्य जनकम गणरूक्त्या तद्गेहे ककल वरु्पाशैस्तमरु्त गणरमश्चासाम्न्नध्ये स पणनरनणगान दैत्यतनयान भवद्भक्तेस्तत्त्वं परममवप ववज्ञाानमसशषत ॥८॥ वपता शृण्वन बालप्रकरमणमलं त्वत्स्तणततपरं रुषान्ध: प्राहैनं कण लहतक कस्ते बलसमतत बलं मे वैकण ण्ठस्तव च जगतां चावप स बलं स एव िैलमक्यं सकलसमतत धीरमऽयमगदीत ॥९॥ अरे क्वासौ क्वासौ सकलजगदात्मा हररररतत प्रसभन्ते स्म स्तम्भं चसलतकरवालम ददततसणत: अत: पश्चाद्ववष्म न दह वददतणमीशमऽम्स्म सहसा कृ पात्मन ववश्वात्मन पवनपणरवाससन मृडय माम ॥१०॥
  5. 5. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <5/10> स शूलैराववद्ध: सणबहण मथथतम ददग्गजग्ै- मवहासपैदवषटमऽप्यनशनगराहारववधणत: थगरीन्द्रावक्षिप्तमऽप्यहह! परमात्मन्नतय ववभम त्वतय न्यस्तात्मत्वात ककमवप न तनपीडामभजत ॥७॥ Poll D402 अतय ववभम 8 परमात्मन8! स: सणबहण शूलै: आववद्ध: अवप, ददग्गज-ग्ै: मथथत: अवप, महा-सपै:-दषट: अवप, अनशन -गर-आहार-ववधणत:, थगरीन्द्र-अवक्षिप्त: अवप, त्वतय न्यस्त-आत्मत्वात तनपीडाम ककम-अवप न अभजत O All Pervading Supreme Being! pierced by tridents, many times, trampled upon by herds of huge elephants, bitten by huge snakes, also going without food (starving) tormented by poisoned food, thrown down from high mountains, unto Thee having surrendered himself did not have (feel )any kind of suffering Sloka 7 त (क्त) - कृ दन्त प्रत्यय Though they look like adjectives they are also used as incomplete verbs to indicate past tense
  6. 6. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <6/10> तत: शङ्काववषट: स पणनरततदणषटमऽस्य जनकम गणरूक्त्या तद्गेहे ककल वरु्पाशैस्तमरु्त गणरमश्चासाम्न्नध्ये स पणनरनणगान दैत्यतनयान भवद्भक्तेस्तत्त्वं परममवप ववज्ञाानमसशषत ॥८॥ Poll D403 अतत-दणषट: स:1 अस्य6 जनक: तत: शङ्काववषट: पणन: गणरु-उक्त्या तत-गेहे7 वरु्-पाशै:3 तम 2 अरु्त ककल | स: च गणरम:6 असाम्न्नध्ये7 अनणगान दैत्य-तनयान पणन: भवत-भक्ते:-तत्त्वम परमम ववज्ञाानम अवप असशषत || That very cruel, father of his ,then being frightened,again following the advice of the teacher, in his (teacher's) house, it appears with ropes tied him He, in the absence of his teachers,the asura kids who were following him , taught them again the the real nature of devotion to Thee and also the Supreme knowledge Sloka 8
  7. 7. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <7/10> इमं तण पाशैववरु्स्य बद्ध्वा तनधेदह भीतम न पलायते यथा | बणद्थधश्च पणंसम वयसायवसेवया यावद्गणरुभावगवव आगसमषयतत || ०७-०५-०५ श्रीप्रह्राद उवाच कौमार आचरेत्प्राज्ञाम धमावन्भागवतातनह | दणलवभं मानणषं जन्म तदप्यध्रणवमथवदम | ०७-०६-००१ Chapter 7 talks about his pre natal experience Bhagavatham-7-5 &6
  8. 8. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <8/10> वपता शृण्वन बालप्रकरमणमलं त्वत्स्तणततपरं रुषान्ध: प्राहैनं कण लहतक8 कस्ते बलसमतत बलं मे वैकण ण्ठस्तव च जगतां चावप स बलं स एव िैलमक्यं सकलसमतत धीरमऽयमगदीत ॥९॥Poll D404 वपता1 बालप्रकरमणमलं2 त्वत्स्तणततपरं शृण्वन रुषान्ध:1 एनं “कण लहतक8 क: ते बलम”-इतत प्राह धीर: अयम ‘बलं मे वैकण ण्ठ , तव च , जगतां च अवप बलं स:िैलमक्यं स:एव सकलम’ अगदीत Father ,having heard the entire groups of boys who were praising you,Blind with anger asked him – “Oh killer of the clan!! Who is your Strength ? Brave this (Prahlada ) Replied – “My Strength is Vaikunta , Yours also,He is the strength of the world, He alone is the triloka,He is everything” Sloka 9
  9. 9. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <9/10> अरे क्वासौ क्वासौ सकलजगदात्मा हररररतत प्रसभन्ते स्म स्तम्भं चसलतकरवालम ददततसणत: अत: पश्चाद्ववष्म8 न दह वददतणमीशमऽम्स्म सहसा कृ पात्मन 8 ववश्वात्मन 8 पवनपणरवाससन 8 मृडय माम ॥१०॥ ददतत-सणत: चसलतकरवालम “असौ सकलजगदात्मा हरर क्व? असौ क्व “इतत स्तम्भं प्रसभन्ते स्म | ववष्म8 अत: पश्चात सहसा (अहं) न दह वददतणम ईश: अम्स्म कृ पात्मन ववश्वात्मन पवनपणरवाससन माम मृडय The son of Diti (Hiranyakashipu) brandishing the sword “Where is this master of the world, Hari,Where is he” asking thus struck at the pillar . O Vishnu! thereafter (what happened), I am not able to tell immediately| O All merciful! O Supreme Aatman! Make me happy
  10. 10. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <10/10> Homework (Quiz) No learning is complete without home work. All Multiple Choice Questions (MCQ)- 8 Questions .Two per Sloka Registered Participants will get the link through whatsapp once the questions are ready . Unregistered Participants The link is already posted on the comments section of todays YouTube video

Editor's Notes

  • गिरीन्द्रावक्षिप्तोऽप्यहह! Deegha is missing on the website
  • Vach and vad – lot madhyama ekavacchanam-paraismaipadam

×