कोशिका विज्ञान
प्राणििास्त्र
प्रस्त्तुतकताा
प्रिीि कु मार िुक्ला
अध्यापक
माध्यशमक िाला सलैया
कोशिका
• कोशिका
• प्रोकररयोटिक एिं यूकै ररयोटिक कोशिकाएं
• प्रकार
• संरचना
I. पादप कोशिका
II. जंतु कोशिका
 जंतु एिं पादप कोशिकाओं में अंतर
कोशिका विज्ञान
• संसार में मौजूद सभी प्रकार की िस्त्तुएं छोिे-छोिे भागों से शमलकर बनी
होती है| माकन की दीिारों का भी ननमााि छोिी –छोिी ईिों डे माध्यम से
होता है |कोशिका की भी अिधारिा इन्ही पर आधाररत है यानन समस्त्त
प्रकार के प्राणियों का िरीर भी अनेक छोिे कोष्ठे नुमा संरचना से
शमलकर बना होता है जजन्हें विज्ञान की भाषा में कोशिका कहा जाता है
प्रोकररयोटिक एिं युकररयोटिक
• संसार में सभी प्रकार के प्रािी पाए जाते है जजनमे कु छ काफी विजक्सत
प्रकार के जजनमे िारीर के सभी भाग विजक्सत अिस्त्था में पाए जाते है
जबकक कु छ प्राणियों का िारीर प्राचीन प्रकार की कोशिकयों से शमलकर
बना होता है जजनमे कोई भी अंगक विकशसत नहीं होता है, खासकर उनमे
के न्रक का विकास नहीं होता है जजसके कारि उनके के न्रक को
न्यूजक्लयोड कहा जाता है | जबकक विजक्सत प्राणियों में के न्रक काफी
विकशसत अिस्त्था में पाया जाता है जजसको जीिन की आधारभूत इकाई
माना जाता है |
कोशिका के प्रकार
• कोशिकाओं को उनकी संरचना, एिं काया के आधार पर कई भागों में
विभाजजत ककया गया है |
• गोलाकार कोशिकाएं
• दंडाकर कोशिकाएं
• िवपालाकर कोशिकाएं
• पेिीय कोशिकाएं
कोशिका
• पररभाषा :- जैसा की हमने ऊपर पढ़ा की हमारे िारीर की संरचना छोिे-
छोिे भागों से होती है जजनको कशिकाएं कहा जाता है|
• “कोशिका जीिन की संरचनात्मक एिं कायाात्मक इकाई होती है”
कोशिका की संरचना
• एक पादप कोशिका की संरचना
का नामांककत चचर जजसके माध्यम
से हम उनके अन्दर कोशिकांगों
की जस्त्थनत को समझा सकते हैं |
जंतु कोशिका
• पादप कोशिका के समान ही
जंतुओं का भी िारीर भी अनेक
कोशिकाओं से शमलकर बना होता
है जजसको हम चचर के माध्यम से
समझा सकते है
कोशिका
• कोशिका के अन्दर कोशिकांगों की संख्या ननम्न प्रकार की होती है |
• कोशिका शभवि / कोशिका णझल्ली
• जीिरव्य
• कोशिकारव्य
• के न्रक
• के न्रक णझल्ली
• कोशिका का पॉिर हाउस
• अन्तः परिी जाशलका
• गोल्गी बॉडी
• लायसोसोम
• राइबोसोम
• सेंट्रोसोम
कोशिकांग
• कोशिका शित्ति :- पादप कोशिकाओं की बाहरी खोल को कोशिका शभवि कहा जाता है यह एक कठोर भाग से
शमलकर बनी होती है जजसके कारि इसको शभवि कहा जाता है |
• कोशिका झिल्ली :- जंतु कोशिकाओं की खोल एक प्रकार selective permeable membrane से बनी होती है जजनका
स्त्िभाि होता है कोशिका के शलए टहतकर पदाथों को ही अपने अन्दर लाना |
• जीवद्रव्य :- कोशिका के अन्दर पाया जाने िाला सम्पूिा प्रकार का तरल पदाथा जजसमे की समस्त्त प्रकार के
कोशिकांग तैरती हुई अिस्त्था में पाए जाते है, इसके अन्दर के न्रक रव्य भी होता है |
• कोशिकद्रव्य :- कोशिकरव्य के अन्दर के न्रकरव्य को िाशमल नहीं ककया जाता है |
• के न्द्द्रक :- कोशिका के अन्दर पाया जाने िाला वििेष प्रकार का ननयंरि कक्ष पाया जाता है जजसको के न्रक
कहते है |
• के न्द्द्रक झिल्ली :- कोशिका णझल्ली की तरह के न्रक के चरों और एक प्रकार का आिरि पाया जता है जजसको
के न्रक णझल्ली कहा जाता है|
कोशिका
• कोशिका का पॉवर हॉउस :- कोशिका के अन्दर एक प्रकार का उजाा संरक्षि कें र पाया जाता है जजसको
कोशिका का पािरहाउस कहा जाता है जजसके अन्दर उजाा को संचचत ककया जाता है जो हमें विपरीत जस्त्थनतयों
में सहायता करती है |
• अन्द्तः पद्रवी जाशलका :- ये वििेष प्रकार का अंगक होता है जो की एक तरफ कोशिका णझल्ली को तथा दूसरी
तरफ के न्रक को सहारा प्रदान करता है, इसी के ऊपर राइबोसोम पाया जाता है जो की प्रोिीन संस्त्लेषि में
सहायता करता है |
• गोल्गी बॉडी :- वििेष प्रकार की संरचना जो की कई भागो से शमलकर बनी होनत है जजसमे शसस्त्िरनी सेल
िकु ले कोशिकाए होती है इनका काया नर स्त्पमा के आगरा भाग का ननमााि कराना होता है |
• लाइसोसोम :- कोशिका के अन्दर इनका काया होता है की ये कोशिका के अन्दर आने िाली बहरी पदाथों को
जला कर भस्त्म कर देता है, इसको कोशिका का आत्महत्या की थैली िी कहा जाता है| क्योंकक जब कोई भी
बाहरी पदाथा नहीं आता तो कभी कभी ये कु छ समय बाद स्त्ियं फि कर कोशिकयों को नुकसान पहुचती है |
• राइबोसोम:- कोशिका का प्रोिीन संिेलेषि का कें र कहा जाता है |
• सेन्द्रोसोम:- कोशिका विभाजन के समय कोशिका के दोनों ध्रुिों को अलग करने में सहायता करता है |
• हररतलवक :- पादप कोशिकयों में पाया जाने िाला वििेष प्रकार का भाग जजससे पादप अपना भोजन बनाते है
जजसे प्रकाि संस्त्लेषि कहा जाता है |
कोशिका
 संरचना की दृजष्ि से कोशिका की बाहरी एिं आतंररक भागो को सजम्मशलत
ककया जाता है| जजनको विज्ञान की भाषा में कोशिकांग कहा जाता है|इन्ही
कोशिकांगों के द्िारा ही कोशिका की सम्पूिा प्रकार की कियाविचधयों का
कियान्ियन ककया जाता है | जंतु एिं पादप कोशिकाओं में इनकी
उपजस्त्थनत के आधार पर अंतर भी होते है |
पादप कोशिका एिं जंतु कोशिका में अंतर
• पादप कोशिका
• इनकी खोल को कोशिका शभवि
कहा जाता है|
• इनके अन्दर ररजक्तका की
संख्या काफी मार में पाई जाती
है तथा आकर में छोिी होती है
• हररत लािक पाया जाता है
• जंतु कोशिका
• इनके बहरी आिरि को कोशिका
णझल्ली कहा जाता है |
• ररजक्तका कम संख्या में तथा बड़ी
होती है |
• इनमे इसकी कमी होती है
यूजललना के अलािा
सन्दभा
• http://per8cellproject.wikispaces.com/CYTOPLASM+%26+CELL+MEM
BRANE
• https://dbscience5.wikispaces.com/courtney+s

कोशिका

  • 1.
  • 2.
    प्रस्त्तुतकताा प्रिीि कु मारिुक्ला अध्यापक माध्यशमक िाला सलैया
  • 3.
    कोशिका • कोशिका • प्रोकररयोटिकएिं यूकै ररयोटिक कोशिकाएं • प्रकार • संरचना I. पादप कोशिका II. जंतु कोशिका  जंतु एिं पादप कोशिकाओं में अंतर
  • 4.
    कोशिका विज्ञान • संसारमें मौजूद सभी प्रकार की िस्त्तुएं छोिे-छोिे भागों से शमलकर बनी होती है| माकन की दीिारों का भी ननमााि छोिी –छोिी ईिों डे माध्यम से होता है |कोशिका की भी अिधारिा इन्ही पर आधाररत है यानन समस्त्त प्रकार के प्राणियों का िरीर भी अनेक छोिे कोष्ठे नुमा संरचना से शमलकर बना होता है जजन्हें विज्ञान की भाषा में कोशिका कहा जाता है
  • 5.
    प्रोकररयोटिक एिं युकररयोटिक •संसार में सभी प्रकार के प्रािी पाए जाते है जजनमे कु छ काफी विजक्सत प्रकार के जजनमे िारीर के सभी भाग विजक्सत अिस्त्था में पाए जाते है जबकक कु छ प्राणियों का िारीर प्राचीन प्रकार की कोशिकयों से शमलकर बना होता है जजनमे कोई भी अंगक विकशसत नहीं होता है, खासकर उनमे के न्रक का विकास नहीं होता है जजसके कारि उनके के न्रक को न्यूजक्लयोड कहा जाता है | जबकक विजक्सत प्राणियों में के न्रक काफी विकशसत अिस्त्था में पाया जाता है जजसको जीिन की आधारभूत इकाई माना जाता है |
  • 6.
    कोशिका के प्रकार •कोशिकाओं को उनकी संरचना, एिं काया के आधार पर कई भागों में विभाजजत ककया गया है | • गोलाकार कोशिकाएं • दंडाकर कोशिकाएं • िवपालाकर कोशिकाएं • पेिीय कोशिकाएं
  • 7.
    कोशिका • पररभाषा :-जैसा की हमने ऊपर पढ़ा की हमारे िारीर की संरचना छोिे- छोिे भागों से होती है जजनको कशिकाएं कहा जाता है| • “कोशिका जीिन की संरचनात्मक एिं कायाात्मक इकाई होती है”
  • 8.
    कोशिका की संरचना •एक पादप कोशिका की संरचना का नामांककत चचर जजसके माध्यम से हम उनके अन्दर कोशिकांगों की जस्त्थनत को समझा सकते हैं |
  • 9.
    जंतु कोशिका • पादपकोशिका के समान ही जंतुओं का भी िारीर भी अनेक कोशिकाओं से शमलकर बना होता है जजसको हम चचर के माध्यम से समझा सकते है
  • 10.
    कोशिका • कोशिका केअन्दर कोशिकांगों की संख्या ननम्न प्रकार की होती है | • कोशिका शभवि / कोशिका णझल्ली • जीिरव्य • कोशिकारव्य • के न्रक • के न्रक णझल्ली • कोशिका का पॉिर हाउस • अन्तः परिी जाशलका • गोल्गी बॉडी • लायसोसोम • राइबोसोम • सेंट्रोसोम
  • 11.
    कोशिकांग • कोशिका शित्ति:- पादप कोशिकाओं की बाहरी खोल को कोशिका शभवि कहा जाता है यह एक कठोर भाग से शमलकर बनी होती है जजसके कारि इसको शभवि कहा जाता है | • कोशिका झिल्ली :- जंतु कोशिकाओं की खोल एक प्रकार selective permeable membrane से बनी होती है जजनका स्त्िभाि होता है कोशिका के शलए टहतकर पदाथों को ही अपने अन्दर लाना | • जीवद्रव्य :- कोशिका के अन्दर पाया जाने िाला सम्पूिा प्रकार का तरल पदाथा जजसमे की समस्त्त प्रकार के कोशिकांग तैरती हुई अिस्त्था में पाए जाते है, इसके अन्दर के न्रक रव्य भी होता है | • कोशिकद्रव्य :- कोशिकरव्य के अन्दर के न्रकरव्य को िाशमल नहीं ककया जाता है | • के न्द्द्रक :- कोशिका के अन्दर पाया जाने िाला वििेष प्रकार का ननयंरि कक्ष पाया जाता है जजसको के न्रक कहते है | • के न्द्द्रक झिल्ली :- कोशिका णझल्ली की तरह के न्रक के चरों और एक प्रकार का आिरि पाया जता है जजसको के न्रक णझल्ली कहा जाता है|
  • 12.
    कोशिका • कोशिका कापॉवर हॉउस :- कोशिका के अन्दर एक प्रकार का उजाा संरक्षि कें र पाया जाता है जजसको कोशिका का पािरहाउस कहा जाता है जजसके अन्दर उजाा को संचचत ककया जाता है जो हमें विपरीत जस्त्थनतयों में सहायता करती है | • अन्द्तः पद्रवी जाशलका :- ये वििेष प्रकार का अंगक होता है जो की एक तरफ कोशिका णझल्ली को तथा दूसरी तरफ के न्रक को सहारा प्रदान करता है, इसी के ऊपर राइबोसोम पाया जाता है जो की प्रोिीन संस्त्लेषि में सहायता करता है | • गोल्गी बॉडी :- वििेष प्रकार की संरचना जो की कई भागो से शमलकर बनी होनत है जजसमे शसस्त्िरनी सेल िकु ले कोशिकाए होती है इनका काया नर स्त्पमा के आगरा भाग का ननमााि कराना होता है | • लाइसोसोम :- कोशिका के अन्दर इनका काया होता है की ये कोशिका के अन्दर आने िाली बहरी पदाथों को जला कर भस्त्म कर देता है, इसको कोशिका का आत्महत्या की थैली िी कहा जाता है| क्योंकक जब कोई भी बाहरी पदाथा नहीं आता तो कभी कभी ये कु छ समय बाद स्त्ियं फि कर कोशिकयों को नुकसान पहुचती है | • राइबोसोम:- कोशिका का प्रोिीन संिेलेषि का कें र कहा जाता है | • सेन्द्रोसोम:- कोशिका विभाजन के समय कोशिका के दोनों ध्रुिों को अलग करने में सहायता करता है | • हररतलवक :- पादप कोशिकयों में पाया जाने िाला वििेष प्रकार का भाग जजससे पादप अपना भोजन बनाते है जजसे प्रकाि संस्त्लेषि कहा जाता है |
  • 13.
    कोशिका  संरचना कीदृजष्ि से कोशिका की बाहरी एिं आतंररक भागो को सजम्मशलत ककया जाता है| जजनको विज्ञान की भाषा में कोशिकांग कहा जाता है|इन्ही कोशिकांगों के द्िारा ही कोशिका की सम्पूिा प्रकार की कियाविचधयों का कियान्ियन ककया जाता है | जंतु एिं पादप कोशिकाओं में इनकी उपजस्त्थनत के आधार पर अंतर भी होते है |
  • 14.
    पादप कोशिका एिंजंतु कोशिका में अंतर • पादप कोशिका • इनकी खोल को कोशिका शभवि कहा जाता है| • इनके अन्दर ररजक्तका की संख्या काफी मार में पाई जाती है तथा आकर में छोिी होती है • हररत लािक पाया जाता है • जंतु कोशिका • इनके बहरी आिरि को कोशिका णझल्ली कहा जाता है | • ररजक्तका कम संख्या में तथा बड़ी होती है | • इनमे इसकी कमी होती है यूजललना के अलािा
  • 15.