टैगोर राजकीय शिक्षा
महाशिद्यालय
नाम: सीमरन महतो
विभाग: बी. ए.बी. एड (वहिंदी) वितीय िर्ष
अनुक्रमािंक सिंख्या: 22HIN110
विर्य: आई.सी.टी
सिवनाम की पररभाषा
सिंज्ञा क
े स्थान पर प्रयुक्त होने िाले शब्द को सिषनाम कहते है
।सिंज्ञा की पुनरूक्तक्त न करने क
े वलए सिषनाम का प्रयोग वकया
जाता हैं।
जैसे :मैं, तू ,तुम ,आप ,िह ,िे आवद।
•सिषनाम साथषक शब्दोिं क
े आठ भेदोिं मे एक भेद है ।
•व्याकरण में सिषनाम एक विकारी शब्द हैं l
• पुरुर्िाचक सिषनाम
• अवनश्चयिाचक सिष
• वनश्चयिाचक सिषनाम
• सिंबिंधिाचक सिषनाम
• प्रश्निाचक सिषनाम
• वनजिाचक सिषनाम
सिवनाम क
े प्रकार
पुरुषिाचक सिवनाम
वजस सिषनाम का प्रयोग िक्त या लेखक िारा स्वयिं अपने वलए
अथिा वकसी अन्य क
े वलए वकया जाता हैं, ि ‘पुरुर्िाचक सिषनाम
‘ कहलाता हैं l पुरुर्िाचक सिषनाम तीन प्रकार क
े होते है –
• उत्तम पुरुर्िाचक सिषनाम-
वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला स्वयिं क
े वलए करता है, उसे
उत्तम सिषनाम कहा जाता है । जैसे- मैं, हम, मुझे, हमारा आवद।
• मध्यम पुरुर्िाचक सिषनाम-
वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला श्रोता क
े वलए करे, उसे मध्यम
पुरुर्िाचक सिषनाम कहते हैं। जैसे- तू, तुम, तुझे, तुम्हाारा आवद।
• अन्य पुरुर् िाचक-
वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला श्रोता क
े अवतरिरक्त वकसी
अन्य पुरुर् क
े वलए करे, उसे अन्य पुरुर् िाचक सिषनाम कहते है।
जैसे - िह, िे, उसने, यह, ये, इसने, आवद।
शनश्चयिाचक सिवनाम
जो शब्द सिषनाम वकसी व्यक्तक्त ,िस्तु आवद की और
वनश्चय पूिषक सिंक
े त करे िे वनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते
हैंl जैसे- ‘यह’, ‘िह’,’िे’ सिषनाम शब्द वकसी विशेर्
व्यक्तक्त का वनश्चयपूिषक बोध करा रहे है , अतः ये
वनश्चयिाचक सिषनाम है
उदाहरण
• यह पुस्तक सोनी की है।
• िह सड़क पर कौन आ रहा है।
अशनश्चयिाचक सिवनाम
वजन सिषनाम शब्दोिं क
े िारा वकसी वनवश्चत व्यक्तक्त अथिा िस्तु का बोध न
हो िे अवनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते हैl जैस- ‘कोई’और ‘क
ु छ’ आवद
सिषनाम शब्द l इनसे वकसी विशेर् व्यक्तक्त अथिा िस्तु का वनश्चय नही हो
रहा है। अतः ऐसे शब्द अवनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते है।
उदाहरण
• िार पर कोई खड़ा है l
• क
ु छ पत्र देख वलए गए हैं और क
ु छ देखने हैंl
संबंधिाचक सिवनाम
सिंज्ञा क
े स्थान पर आने िाले वजन दो सिषनाम शब्दोिं से सिंबिंध का भाि
प्रकट होता है उसे सिंबिंधिाचक सिषनाम कहते हैं। जैसे: तुमनें जो अपने
जन्मवदन सुपर बाइक मािंगी थी, यह िही सुपर बाइक है। तुम जो
कवबलक
ु ल होगे मैं िैसा ही करू
ूँ गा।
उदाहरण
• जो सोएगा, सो खोएगा; जो जागेगा, सो पािेगा।
• जैसी करनी, िैसी भरनी।
प्रश्निाचक सिवनाम
वजस सिषनाम का प्रयोग प्रश्न पूछने क
े वलए होता है, उसे ‘प्रश्निाचक
सिषनाम’ कहते हैं; जैसे – कौन, वकन्हें, वकस आवद।
उदाहरण
• तुम्हाारे घर कौन आया है?
• वदल्ली से क्या मिंगाना है?
शनजिाचक सिवनाम
वनजिाचक सिषनाम की परिरभार्ा वजन शब्दोिं का प्रयोग िक्ता स्वयिं क
े
वलए करता है, िे वनजिाचक सिषनाम कहलाते हैं। इसक
े अिंतगषत आप,
स्वयिं, खुद, स्वतः आवद।
उदाहरण
• राधा अपनी सहेली क
े घर गई है।
• सीता ने अपना मकान बेच वदया है।
• राम अपने दादा को समझाता है।
सर्वनाम  की  परिभाषा  एवं  उसके   प्रकार

सर्वनाम की परिभाषा एवं उसके प्रकार

  • 1.
    टैगोर राजकीय शिक्षा महाशिद्यालय नाम:सीमरन महतो विभाग: बी. ए.बी. एड (वहिंदी) वितीय िर्ष अनुक्रमािंक सिंख्या: 22HIN110 विर्य: आई.सी.टी
  • 3.
    सिवनाम की पररभाषा सिंज्ञाक े स्थान पर प्रयुक्त होने िाले शब्द को सिषनाम कहते है ।सिंज्ञा की पुनरूक्तक्त न करने क े वलए सिषनाम का प्रयोग वकया जाता हैं। जैसे :मैं, तू ,तुम ,आप ,िह ,िे आवद। •सिषनाम साथषक शब्दोिं क े आठ भेदोिं मे एक भेद है । •व्याकरण में सिषनाम एक विकारी शब्द हैं l
  • 4.
    • पुरुर्िाचक सिषनाम •अवनश्चयिाचक सिष • वनश्चयिाचक सिषनाम • सिंबिंधिाचक सिषनाम • प्रश्निाचक सिषनाम • वनजिाचक सिषनाम सिवनाम क े प्रकार
  • 5.
    पुरुषिाचक सिवनाम वजस सिषनामका प्रयोग िक्त या लेखक िारा स्वयिं अपने वलए अथिा वकसी अन्य क े वलए वकया जाता हैं, ि ‘पुरुर्िाचक सिषनाम ‘ कहलाता हैं l पुरुर्िाचक सिषनाम तीन प्रकार क े होते है – • उत्तम पुरुर्िाचक सिषनाम- वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला स्वयिं क े वलए करता है, उसे उत्तम सिषनाम कहा जाता है । जैसे- मैं, हम, मुझे, हमारा आवद। • मध्यम पुरुर्िाचक सिषनाम- वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला श्रोता क े वलए करे, उसे मध्यम पुरुर्िाचक सिषनाम कहते हैं। जैसे- तू, तुम, तुझे, तुम्हाारा आवद। • अन्य पुरुर् िाचक- वजस सिषनाम का प्रयोग बोलने िाला श्रोता क े अवतरिरक्त वकसी अन्य पुरुर् क े वलए करे, उसे अन्य पुरुर् िाचक सिषनाम कहते है। जैसे - िह, िे, उसने, यह, ये, इसने, आवद।
  • 6.
    शनश्चयिाचक सिवनाम जो शब्दसिषनाम वकसी व्यक्तक्त ,िस्तु आवद की और वनश्चय पूिषक सिंक े त करे िे वनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते हैंl जैसे- ‘यह’, ‘िह’,’िे’ सिषनाम शब्द वकसी विशेर् व्यक्तक्त का वनश्चयपूिषक बोध करा रहे है , अतः ये वनश्चयिाचक सिषनाम है उदाहरण • यह पुस्तक सोनी की है। • िह सड़क पर कौन आ रहा है।
  • 7.
    अशनश्चयिाचक सिवनाम वजन सिषनामशब्दोिं क े िारा वकसी वनवश्चत व्यक्तक्त अथिा िस्तु का बोध न हो िे अवनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते हैl जैस- ‘कोई’और ‘क ु छ’ आवद सिषनाम शब्द l इनसे वकसी विशेर् व्यक्तक्त अथिा िस्तु का वनश्चय नही हो रहा है। अतः ऐसे शब्द अवनश्चयिाचक सिषनाम कहलाते है। उदाहरण • िार पर कोई खड़ा है l • क ु छ पत्र देख वलए गए हैं और क ु छ देखने हैंl
  • 8.
    संबंधिाचक सिवनाम सिंज्ञा क ेस्थान पर आने िाले वजन दो सिषनाम शब्दोिं से सिंबिंध का भाि प्रकट होता है उसे सिंबिंधिाचक सिषनाम कहते हैं। जैसे: तुमनें जो अपने जन्मवदन सुपर बाइक मािंगी थी, यह िही सुपर बाइक है। तुम जो कवबलक ु ल होगे मैं िैसा ही करू ूँ गा। उदाहरण • जो सोएगा, सो खोएगा; जो जागेगा, सो पािेगा। • जैसी करनी, िैसी भरनी।
  • 9.
    प्रश्निाचक सिवनाम वजस सिषनामका प्रयोग प्रश्न पूछने क े वलए होता है, उसे ‘प्रश्निाचक सिषनाम’ कहते हैं; जैसे – कौन, वकन्हें, वकस आवद। उदाहरण • तुम्हाारे घर कौन आया है? • वदल्ली से क्या मिंगाना है?
  • 10.
    शनजिाचक सिवनाम वनजिाचक सिषनामकी परिरभार्ा वजन शब्दोिं का प्रयोग िक्ता स्वयिं क े वलए करता है, िे वनजिाचक सिषनाम कहलाते हैं। इसक े अिंतगषत आप, स्वयिं, खुद, स्वतः आवद। उदाहरण • राधा अपनी सहेली क े घर गई है। • सीता ने अपना मकान बेच वदया है। • राम अपने दादा को समझाता है।