GENDER BIAS
ल िंग पर
पक्षपात
Session 2020-21
Project work
GUIDED BY
DR. Ritesh Mishra
Asst. Professor
Pragati College
Raipur
Prepared by
Surekha Awasthi
M. Ed. 3rd sem
ैंलगक
असमान
ता
 शारीररक बनावट
 प्रजनन अिंग िं मे लवलिन्नता
 ध्वलन मे लविेद
 मानलसक स्तर
 श्रिंगारलप्रयता
 सामालजकता
 स्वतिंत्रता
 रीती रीवाज
 सामालजक बिंधन
 धालमिकता
 रूलि एविं अलिवरद्धि
 सिंस्क
र लत
 बा क िं का ा न पा न
जेंडर असमानता
क
े कारण
मान्यताएिं व परम्पराएिं
सिंकीर्ि लविारधारा
जागरूकता की कमी
अलशक्षा
आलथिक बदहा ी
सािंस्क
र लतक प्रिाव
सामालजक क
ु प्रथाएिं
मन वैज्ञालनक कारर्
जेंडर
असमानताओिं
क
े पररर्ाम
 व्यद्धिगत दुष्पररर्ाम
 सामालजक दुष्पररर्ाम
 लशक्षा सिंबधी दुष्पररर्ाम
 आलथिक दुष्पररर्ाम
 सािंस्क
र लतक दुष्पररर्ाम
 पाररवाररक दुष्पररर्ाम
 राजनैलतक दुष्पररर्ाम
 राष्ट्र ीय क्षलत
 अिंतरािष्ट्र ीय या वैलिक क्षलत
ैंलगक
असमानताओिं
क दू रकरने क
े
उपाय
रूल़िवाद का अिंत
 िेदिाव की समाद्धि
 नारी क
े प्रलतष्ठा व सम्मान
 अवसर िं की समानता
 बाल का लशक्षा का व्यापक प्रसार
 घरे ू अत्यािार उत्पीड़न की
समाद्धि
 ैंलगक श षर् का प्रलतर ध
 नारी स्वतिंत्रता तथा नारी
सशद्धिकरर्
उपसिंहार
 सिंवैधालनक सूिी क
े साथ-साथ सिी प्रकार क
े िेदिाव या असमानताएिं
ि ती रहेंगी ेलकन वाद्धस्तलवक बद ाव त तिी सिंिव हैं जब पुरुष िं की
स ि क बद ा जाये। ये स ि जब बद ेगी तब मानवता का एक प्रकार
पुरुष मलह ा क
े साथ समानता का व्यवहार करना शुरु कर दे न लक उन्हें
अपना अधीनस्थ समझे। यहााँ तक लक लसर्
ि आदलमय िं क ही नहीिंबद्धि
मलह ाओिं क िी औज की सिंस्क
र लत क
े अनुसार अपनी पुरानी रुल़िवादी
स ि बद नी ह गी और जानना ह गा लक व िी इस श षर्कारी
लपतरसत्तात्मक व्यवस्था का एक अिंग बन गयी हैं और पुरुष िं क खुद पर
हावी ह ने में सहायता कर रहीिंहैं।
 हम क
े व उम्मीद कर सकते हैं लक हमारा सहिागी कतिंत्र, आने वा े
समय में और पुरुष िं और मलह ाओिं क
े सामूलहक प्रयास िं से ल िंग
असमानता की समस्या का समाधान ढूाँढने में सक्षम ह जायेंगा और हम
सिी क स ि व कायों की वास्तलवकता क
े साथ में सपने में प लषत
आधुलनक समाज की और े जायेगा
ल िंग असमानता क दू र करने क
े ल ये िारतीय सिंलवधान ने अनेक सकारात्मक कदम उठाये हैं; सिंलवधान की प्रस्तावना हर लकसी क
े
ल ए सामालजक, आलथिक और राजनीलतक न्याय प्राि करने क
े क्ष् िं क
े साथ ही अपने सिी नागररक िं क
े ल ए स्तर की समानता
और अवसर प्रदान करने क
े बारे में बात करती है। इसी क्रम में मलह ाओिं क िी व ट डा ने का अलधकार प्राि हैं।
सिंलवधान का अनुच्छेद 15 िी ल िंग, धमि, जालत और जन्म स्थान पर अ ग ह ने क
े आधार पर लकये जाने वा े सिी िेदिाव िं क
लनषेध करता हैं। अनुच्छेद 15(3) लकसी िी राज्य क बच् िं और मलह ाओिं क
े ल ये लवशेष प्रावधान बनाने क
े ल ये अलधकाररत करता
हैं। इसक
े अ ावा, राज्य क
े नीलत लनदेशक तत्व िी ऐसे बहुत से प्रावधान िं क प्रदान करता हैं ज मलह ाओिं की सुरक्षा और िेदिाव
से रक्षा करने में मदद करता हैं।
Surekha Awasthi
M. Ed. 3rd sem

जेंडर असमानताएं अवधारणाएं.pptx

  • 1.
    GENDER BIAS ल िंगपर पक्षपात Session 2020-21 Project work GUIDED BY DR. Ritesh Mishra Asst. Professor Pragati College Raipur Prepared by Surekha Awasthi M. Ed. 3rd sem
  • 2.
    ैंलगक असमान ता  शारीररक बनावट प्रजनन अिंग िं मे लवलिन्नता  ध्वलन मे लविेद  मानलसक स्तर  श्रिंगारलप्रयता  सामालजकता  स्वतिंत्रता  रीती रीवाज  सामालजक बिंधन  धालमिकता  रूलि एविं अलिवरद्धि  सिंस्क र लत  बा क िं का ा न पा न
  • 3.
    जेंडर असमानता क े कारण मान्यताएिंव परम्पराएिं सिंकीर्ि लविारधारा जागरूकता की कमी अलशक्षा आलथिक बदहा ी सािंस्क र लतक प्रिाव सामालजक क ु प्रथाएिं मन वैज्ञालनक कारर्
  • 4.
    जेंडर असमानताओिं क े पररर्ाम  व्यद्धिगतदुष्पररर्ाम  सामालजक दुष्पररर्ाम  लशक्षा सिंबधी दुष्पररर्ाम  आलथिक दुष्पररर्ाम  सािंस्क र लतक दुष्पररर्ाम  पाररवाररक दुष्पररर्ाम  राजनैलतक दुष्पररर्ाम  राष्ट्र ीय क्षलत  अिंतरािष्ट्र ीय या वैलिक क्षलत
  • 5.
    ैंलगक असमानताओिं क दू रकरनेक े उपाय रूल़िवाद का अिंत  िेदिाव की समाद्धि  नारी क े प्रलतष्ठा व सम्मान  अवसर िं की समानता  बाल का लशक्षा का व्यापक प्रसार  घरे ू अत्यािार उत्पीड़न की समाद्धि  ैंलगक श षर् का प्रलतर ध  नारी स्वतिंत्रता तथा नारी सशद्धिकरर्
  • 6.
    उपसिंहार  सिंवैधालनक सूिीक े साथ-साथ सिी प्रकार क े िेदिाव या असमानताएिं ि ती रहेंगी ेलकन वाद्धस्तलवक बद ाव त तिी सिंिव हैं जब पुरुष िं की स ि क बद ा जाये। ये स ि जब बद ेगी तब मानवता का एक प्रकार पुरुष मलह ा क े साथ समानता का व्यवहार करना शुरु कर दे न लक उन्हें अपना अधीनस्थ समझे। यहााँ तक लक लसर् ि आदलमय िं क ही नहीिंबद्धि मलह ाओिं क िी औज की सिंस्क र लत क े अनुसार अपनी पुरानी रुल़िवादी स ि बद नी ह गी और जानना ह गा लक व िी इस श षर्कारी लपतरसत्तात्मक व्यवस्था का एक अिंग बन गयी हैं और पुरुष िं क खुद पर हावी ह ने में सहायता कर रहीिंहैं।  हम क े व उम्मीद कर सकते हैं लक हमारा सहिागी कतिंत्र, आने वा े समय में और पुरुष िं और मलह ाओिं क े सामूलहक प्रयास िं से ल िंग असमानता की समस्या का समाधान ढूाँढने में सक्षम ह जायेंगा और हम सिी क स ि व कायों की वास्तलवकता क े साथ में सपने में प लषत आधुलनक समाज की और े जायेगा ल िंग असमानता क दू र करने क े ल ये िारतीय सिंलवधान ने अनेक सकारात्मक कदम उठाये हैं; सिंलवधान की प्रस्तावना हर लकसी क े ल ए सामालजक, आलथिक और राजनीलतक न्याय प्राि करने क े क्ष् िं क े साथ ही अपने सिी नागररक िं क े ल ए स्तर की समानता और अवसर प्रदान करने क े बारे में बात करती है। इसी क्रम में मलह ाओिं क िी व ट डा ने का अलधकार प्राि हैं। सिंलवधान का अनुच्छेद 15 िी ल िंग, धमि, जालत और जन्म स्थान पर अ ग ह ने क े आधार पर लकये जाने वा े सिी िेदिाव िं क लनषेध करता हैं। अनुच्छेद 15(3) लकसी िी राज्य क बच् िं और मलह ाओिं क े ल ये लवशेष प्रावधान बनाने क े ल ये अलधकाररत करता हैं। इसक े अ ावा, राज्य क े नीलत लनदेशक तत्व िी ऐसे बहुत से प्रावधान िं क प्रदान करता हैं ज मलह ाओिं की सुरक्षा और िेदिाव से रक्षा करने में मदद करता हैं।
  • 7.