चम नयां… D K Singhal
deveshksinghal@gmail.com
December, 2020
Think. Read. Write. Comment.
चम नयां…
घर से नकलते ह , कु छ दूर चलते ह
र ते म है एक... फै ि य का शहर...
उसी रा ते पर एक सुबह टहलते हुए,
देखा म$ने दो फै ि य को चलते हुए...
एक क& 'चमनी से धुआं था नकल रहा धुआंधार.
दूसर थी खामोश, जैसे कोई खामोशी का इ/तेहार.
ऊं ची 'चमनी का धुआं बहुत दूर तलक जाता है,
1दूषण फै लाने वाल को यह 1दूषण से बचाता है.
बदल रहा है व त आज, बदल रह है शहर क& सूरत,
वयं सो'चये, 5फर ऊं ची 'चमनी क& या है ज6रत?
5कसी दूसरे शहर का धुआं आ7खर मेरे घर य आए?
आ7खर य सुकू न से रहे, वह, जो 1दूषण फै लाए?
1दूषण से लड़ना है गर तो ये ढ ला-ढाल छोड़ दो.
सभी 'चमनीयां छोट कर दो, काट दो या तोड़ दो
इससे धुआं नह ं, पर यह मैसेज दूर तक जाएगा.
"1दूषण फै लाने वाला खुद धुएं म दब जाएगा."
वचार
बचपन से देखते जा रहे ह
हम ऊं ची ऊं ची चम नयां.
पहले धुआं उगलती थी
बहुत, अब शायद संकोच
करती $तीत होती ह.
ले%कन बार बार मुझको ये
'याल आता है %क
चम नयां आ)खर ऊं ची *य+
बनाई जाती ह? ता%क- क .प
से कारण जो भी रहे ह+,
पर1तु आज के बदलते
प2रपे3य म4 *या चम नय+
क5 वत-मान ऊं चाई उ चत
है? *या चम नय+ क5
ऊं चाई के मानक+ पर
पुन व-चार करने का समय
नह6ं आ गया है? $7तुत
क वता इसी के स1दभ- म4...

Chimney kavita

  • 1.
    चम नयां… DK Singhal deveshksinghal@gmail.com December, 2020 Think. Read. Write. Comment. चम नयां… घर से नकलते ह , कु छ दूर चलते ह र ते म है एक... फै ि य का शहर... उसी रा ते पर एक सुबह टहलते हुए, देखा म$ने दो फै ि य को चलते हुए... एक क& 'चमनी से धुआं था नकल रहा धुआंधार. दूसर थी खामोश, जैसे कोई खामोशी का इ/तेहार. ऊं ची 'चमनी का धुआं बहुत दूर तलक जाता है, 1दूषण फै लाने वाल को यह 1दूषण से बचाता है. बदल रहा है व त आज, बदल रह है शहर क& सूरत, वयं सो'चये, 5फर ऊं ची 'चमनी क& या है ज6रत? 5कसी दूसरे शहर का धुआं आ7खर मेरे घर य आए? आ7खर य सुकू न से रहे, वह, जो 1दूषण फै लाए? 1दूषण से लड़ना है गर तो ये ढ ला-ढाल छोड़ दो. सभी 'चमनीयां छोट कर दो, काट दो या तोड़ दो इससे धुआं नह ं, पर यह मैसेज दूर तक जाएगा. "1दूषण फै लाने वाला खुद धुएं म दब जाएगा." वचार बचपन से देखते जा रहे ह हम ऊं ची ऊं ची चम नयां. पहले धुआं उगलती थी बहुत, अब शायद संकोच करती $तीत होती ह. ले%कन बार बार मुझको ये 'याल आता है %क चम नयां आ)खर ऊं ची *य+ बनाई जाती ह? ता%क- क .प से कारण जो भी रहे ह+, पर1तु आज के बदलते प2रपे3य म4 *या चम नय+ क5 वत-मान ऊं चाई उ चत है? *या चम नय+ क5 ऊं चाई के मानक+ पर पुन व-चार करने का समय नह6ं आ गया है? $7तुत क वता इसी के स1दभ- म4...