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Impacts of water pollution hindi
 

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    Impacts of water pollution hindi Impacts of water pollution hindi Presentation Transcript

    •  
    •  
    • पर देखिये हम उसकी कैसी दुर्दशा कर रहे हैं !
    •  
    • प्राकृतिक रासायनिक मनुष्यों द्वारा उत्पन्न जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न जल प्रदूषण
    •  
    • फ्लोरोसिस ©Ruhani Kaur/UNICEF India http://www.fannz.org.nz दाँतों की फ्लोरोसिस शरीर में फ्लोराइड की अधिक मात्रा (1.5 – 2 पीपीएम से अधिक ) प्राकृतिक प्रदूषण
      • अपंगता
      • सामाजिक बहिष्कार
      • आजीविका का साधन खो देना
      • गरीबी
      • इलाज का खर्च जो वे नहीं जुटा सकते
      http://gbgm-umc.org/nwo/99ja/india3.jpg http://farm1.static.flickr.com http://www.heal.co.uk/images/child-labour-3.jpg A young girl living on the streets in India. Photograph: Rob Elliott/AFP/Getty Images सड़क पर रहने वाली एक छोटी बच्ची
      • यकृत को क्षति ( पीलिया , सिरोसिस )
      • नाड़ी संबंधी बीमारियाँ
      • निम्न अंगों के कैंसर
      फेफड़े गुर्दा मूत्राशय त्वचा प्राकृतिक प्रदूषण liver
    • मनुष्यों द्वारा होने वाला जल प्रदूषण रासायनिक जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न प्रदूषण
      • नाइट्रेट
      • स्रोत
        • उर्वरक
        • अस्वच्छ परिस्थितियाँ
        • रिसाव
        • साफ - सफाई के प्रति लापरवाही की आदतें
      नाइट्रेट द्वारा प्रदूषित पानी पीने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं विशेषकर नवजात शिशुओं के लिये यह प्राणघातक भी हो सकता है। मनुष्य के शरीर में नाइट्रेट नाइट्राइट में परिवर्तित हो जाता है जो फिर हीमोग्लोबिन के साथ मिल कर मैटहीमोग्लोबिन बनाता है जो रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घटा देता है यह नीलिमा ( ब्लू बेबी सिंड्रोम ) पैदा करता है और गंभीर मामलों में यह मृत्यु का कारण बन सकता है। मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण
      • पारा : औद्योगिक प्रक्रियाओं और विभिन्न उत्पादों ( उदाहरण बैटरी , लैंप और थर्मामीटर ) में व्यापक उपयोग
      मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण भारी धातुयें शीशा : बैटरी निर्माण के उद्योगों , रंग करने के विभाग वाले उद्योगों आदि से निकलने वाला औद्योगिक बहिर्प्रवाह कैडमियम : : समुद्री और वायुयान उद्योगों से ; कुछ उर्वरकों , प्रक्षालकों और पेट्रोलियम के शोधित उत्पादों से
    • मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण लैड गुर्दों , तंत्रिका और मस्तिष्क को क्षति , ख़ून की कमी - परिणामस्वरूप मृत्यु। बच्चे इसके लिये सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। कैडमियम : गुर्दों को क्षति पहुँचाता है , आनुवांशिक परिवर्तन पैदा करता है। पारा : मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को क्षति पहुँचाता है
    • मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण संश्लेषित कार्बनिक रसायन ये यौगिक हमारे शरीर में जमा होते हैं और हमारे स्वास्थ्य और जीवन के लिये घातक होते हैं इनसे कैंसर होता है , स्नायु तंत्र , प्रजनन तंत्र , अंतःस्रावी तंत्र को क्षति पहुँचाते हैं रंजक प्लास्टिक कीटनाशक
    • जैसे - जैसे हम खाद्य श्रृंखला में ऊपर जाते हैं , इन यौगिकों का संचयन बढ़ता जाता है खाद्य श्रृंखला में ऊपर आने वाले जीव अलग - अलग स्रोतों से आये प्रदूषणों के दुष्प्रभाव भोगते हैं
    • मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण
    • विचित्र घटनायें घटने लगीं - बिल्लियों को दौरे पड़ें और वे मर गईं , कौवे आकाश से गिरने लगे , मरी मछलियाँ पानी में उतराने लगीं छोटे - छोटे बच्चों को दौरे पड़ते और चलने और बोलने में दिक्कत होती लोग मरने लगे जांचों से इसका कारण कॉर्बनिक पारे से होने वाला विषाक्तिकरण पाया गया जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर रहा था सर्वप्रथम 1956 में खोजी गई इस मामले में मुकदमे और दावे आज तक जारी हैं ....... मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण
    • पानी के जीवाणु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पानी से फैलने वाली जल संक्रामक बीमारियाँ प्रदूषित पानी से नहाने - धोने के कारण होने वाली बीमारियाँ पानी पर आधारित बीमारियाँ पानी से संबंधित वाहक द्वारा फैलने वाली बीमारियाँ मनुष्यों द्वारा उत्पन्न प्रदूषण
    •  
    • मल – सबसे खतरनाक प्रदूषक
    • आहार मल हाथ जल मक्खियाँ मुँह
    • दस्तावर बीमारियाँ विकासशील देशों में बच्चे सबसे ज़्यादा प्रभावित ये हर साल 7 0 लाख लोगों की मृत्यु के लिए ज़िम्मेदार हैं (WHO, 2004) 1999 में भारत में 7 लाख से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई ( लगभग 1 600 प्रतिदिन ) (World Bank, 1999) सभी अनुमान डब्ल्यूएचओ के द्वारा
      • व्यक्ति की शारीरिक अस्वच्छता और प्रदूषित पानी के त्वचा और आँखों से संपर्क में आने के कारण होने वाली बीमारियाँ
      • स्कैबीज़ ( खुजली )
      • त्वचा के फोड़े फुंसी और घाव
      • कुष्ठ रोग
      • जुएँ और टाइफस
      • ट्रैकोमा ( रोहा )
      • कंजेक्टिवाइटिस ( नेत्र श्लेषम्ला )
      • पेचिश ( रक्त पेचिशें )
      • ऐस्केरियासिस
      • पैराटाइफॉइड
    • स्कैबीज़ ट्रैकोमा ( रोहा )
    • Water based diseases
      • शिष्टोसोमियासिस
      • ड्रैकुनकुलियासिस { गिनी कृमि ( नहरुआ ) } रोग }
      Life Cycle of guinea worm infection पूरे संसार में 20 करोड़ से अधिक शिष्टोसोमियासिस से प्रभावित होते हैं जिनमें से 8.8 करोड़ 15 वर्ष की आयु से भी कम के बच्चे हैं गिनी कृमि संक्रमण ( ड्रैकुनकुलियासिस ) का जीवन चक्र परजीवी संक्रमण जिनके लिये जलीय और अर्धजलीय घोंघे मध्यवर्ती परपोषी के रूप में कार्य करते हैं मनुष्य बिना छना पानी पीते हैं जिसमें एल 3 लार्वा लिये हुए कोपीपोड जंतु होते हैं कोपीपोड के भीतर लार्वा दो बार निर्मोचन करते हैं और एल 3 अवस्था आती है कोपीपोड जंतु एल 1 लार्वा को खा लेते हैं संक्रमण के 1 साल बाद मादा कृमि त्वचा से बाहर निकलने लगती है बाहर निकलती हुई मादा कृमि द्वारा छोड़े जा रहे एल 1 लार्वा निषेचन के बाद मादा कृमि त्वचा की सतह पर आ जातीहै , एक फफोला पैदा करती है और उसमें से लार्वा को बाहर छोड़ती है संक्रामक अवस्था निदानयोग्य अवस्था कोपीपोड के मरने के बाद लार्वा निकलते हैं। फिर ये लार्वा मनुष्य के आमाशय और आँत की भित्ति को भेद कर उसमें प्रवेश करते हैं। वहाँ वे वृद्धि और प्रजनन करते हैं।
      • ऐसे कीड़ों , जिनमें अपरिपक्व जलीय अवस्थायें पायी जाती हैं , के द्वारा रोगों का प्रसारण
      • डेंगू
      • फाइलेरियासिस
      • मलेरिया
      • ओंकोसरसियासिस
      • ट्रिपेनोसोमियासिस
      • यलो फीवर
      मलेरिया का वितरण
    • http://www.worldwater.org/drinkwat.gif जनसंख्या का वह प्रतिशत जिसे पीने का सुरक्षित पानी उपलब्ध नहीं है ऐसे जनसंख्या समूह जिन्हें पीने का सुरक्षित पानी उपलब्ध नहीं है वर्ल्ड्स वॉटर से ताज़े पानी पर बनी द्विवर्षीय रिपोर्ट ( ग्लेक 1998)
    •  
      • महासागरों में तेल का रिसाव – विविध समुद्री जीव - जंतुओं को भारी क्षति
      • महासागरों में कचरा – समुद्री जंतु उस कचरे को भोजन समझ कर खा लेते हैं। उससे वे मर जाते हैं।
      • रासायनिक प्रदूषण – भू सतह के जल स्रोतों से आने वाला रासायनिक प्रदूषण विभिन्न समुद्री जीव - जँतुओं को क्षति पहुँचाता है
      http://sxmprivateeye.com/node/255
      • मछलियों के अंडों से बच्चों के निकलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
      • पाँच से कम पीएच वयस्क मछलियों को मार सकता है।
      • अम्ल वर्षा ने कीड़ों और मछलियों की कुछ प्रजातियों को ख़त्म कर दिया है।
      • मिट्टी में पाये जाने वाले सूक्ष्म जीवों को मार देती है और मिट्टी की रासायनिक संरचना को बदल देती है।
      अम्ल वर्षा – ऐसी वर्षा जिसमें SO 2 , नाइट्रोजन के ऑक्साइड , क्लोरीन , CO 2 आदि घुले रहते हैं
      • अधिक ऊंचाई पर स्थित वन ज्यादा प्रभावि होते हैं क्योंकि वे अक्सर बादलों और कोहरे से घिरे रहते हैं जो ऐसी वर्षा से भी अधिक अम्लीय होते हैं।
      अम्ल वर्षा – ऐसी वर्षा जिसमें SO 2 और नाइट्रोजन के ऑक्साइड घुले रहते हैं यह इमारतों और ऐतिहासिक स्मारकों को क्षति पहुँचाती है अम्ल वर्षा के जल में उपस्थित सलफ्यूरिक अम्ल पत्थरों जैसे चूना , बलुवा पत्थरों , संगमरमर और ग्रेनाइट के कैल्शियम यौगिकों के साथ रासायनिक अभिक्रिया करता है और जिप्सम बनाता है जो फिर पपड़ी के रूप में झड़ जाता है