 सफलता किसी एि व्यक्तत ि
े ललए नह ीं बनी है ,ये हर उस व्यक्तत ि
े ललए है
क्िसमे इसे पाने िा िूनून है। सफल िीवन हर िोई चाहता है वह अपने िीवन में
सफल हो िर, अपने िीवन िी सभी आवश्यिताओीं िो पूर िरना चाहता है।
लेकिन हम सफल तयों नह ीं हो पाते तयोंकि हमे ये नह ीं पता होता हमे आगे िरना
तया है ?सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आपिो ये िरूर पता हो कि आपने
आगे िीवन में िौन- सा िायण िरना है।

ख्वाहहशें शायद छोट हो सिती है, लेकिन हमारे सपने आसमान छ
ू ने ि
े होते है।
क्िस भी िाम िो िरने मे आपिो आन्नद िी प्राक्तत होती है, उसे िीवन िा लक्ष्य
बना लो, तयोकि वह आपिो सफलता िी सीहियों पर चलने में मदद िरेगा।
 हमारे ललए िहना कितना आसान होता है, लेकिन इन बातों िो खुद पर लागू िरना
थोड़ा मुक्श्िल है, लेकिन न मुमकिन नह ीं। आपने िरूर पिा या सुना होगा। "मन
ि
े हारे हार मन ि
े िीते िीत" अगर बात सब मन पर ह आिर रूिती है, तो तयों
न इस मन िो हार से हटा िर िीत िी तरफ लगाने िा प्रयास िरें।
किसी भी स्थान पर सफल होने ि
े ललए इन सूत्रों
िा उपयोग किया िा सिता है।
 लक्ष्य का निर्ाारण
 रूचि का होिा
 क्षमताओं का सही उपयोग
जीवि में लक्ष्य का निर्ाारण
क्िस प्रिार किसी भी िहाि चलने वाले िो हदशा सूचि
िी आवश्यिता होती है। इसी प्रिार हमे भी लक्ष्य िा
ननर्ाणरर् िरना बहुत िरूर है। आगे िीवन में तया िरना
है, तया बनना है, ये पहले से पता हो तो राह ि
ु छ
आसान-सी लगती है। िब आपिो हदशा िा ह ज्ञान नह ीं
होगा, तो किस हदशा में िाओगे, क्िस प्रिार िहाि िा
चालि बबना हदशा सूचि ि
े अपने राह से भटि सिता है
,उसी प्रिार आप भी अपनी हदशा से भटि सिते हैं।
रूचि का होिा
िो भी िीवन में िरना है,उसि
े प्रनत उत्साह ,उमींग िा होना
बहुत िरूर है। यहद हम किसी िाम िो बबना मन से िरते हैं
तो उसमे पूर्ण सफलता ि
ै से प्रातत िर पाएींगे। इसललए क्िस
िाम िो िरने में रूचच हो, उसी िायण िो िरने िा प्रयास िरें
,ये आपिी सफलता ि
े मागण िो आसान बना सिती है।
इस प्रिार किये गए िायण में सींशय बना रहता है। और िह ीं
न िह ीं वह िायण बोझ ि
े समान प्रतीत होने लगता है।
मनोववज्ञान िा एि लसदर्ाींत है कि िो उत्साह और उमींग है
वह हमार शक्ततयों िा प्रतीि है।उत्साह और उमींग ि
े अभाव
में मानलसि शक्ततयाीं पररपूर्ण होते हुए भी किसी िाम िी नह ीं
रह िाती।
क्षमताओं का सही उपयोग
समय हर वस्तु से ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर शर र ,मन और
हदमाग कि क्षमता िा और समय िा सह उपयोग किया िाये
तो, यह असामान्य उपलक्धर्यों िा िारर् बनता है। िो लक्ष्य
ननर्ाणररत किया गया है,उस हदशा में इन सभी िा अगर सह
उपयोग किया िाये चमत्िार नतीिे प्रातत होते हैं।
किसी भी िायण िो छोटे रूप से ह आरम्भ िरना चाहहए। इस
प्रिार उस िायण िो थोड़ा आसानी से किया िा सि
े गा ।हुए
इस प्रिार वह िायण आपिो बोझ भी नह ीं लगेगा। हम खुद
िानते है ,हम अपनी शक्तत और समय िा उपयोग कितना
और िहाीं िरते हैं? अपनी शार ररि और मानलसि शक्ततयों
िा सह उपयोग आपने हाथ में है।
सफलता का रहस्य आपके पास है।

सफलता का रहस्य आपके पास है।

  • 2.
     सफलता किसीएि व्यक्तत ि े ललए नह ीं बनी है ,ये हर उस व्यक्तत ि े ललए है क्िसमे इसे पाने िा िूनून है। सफल िीवन हर िोई चाहता है वह अपने िीवन में सफल हो िर, अपने िीवन िी सभी आवश्यिताओीं िो पूर िरना चाहता है। लेकिन हम सफल तयों नह ीं हो पाते तयोंकि हमे ये नह ीं पता होता हमे आगे िरना तया है ?सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आपिो ये िरूर पता हो कि आपने आगे िीवन में िौन- सा िायण िरना है।  ख्वाहहशें शायद छोट हो सिती है, लेकिन हमारे सपने आसमान छ ू ने ि े होते है। क्िस भी िाम िो िरने मे आपिो आन्नद िी प्राक्तत होती है, उसे िीवन िा लक्ष्य बना लो, तयोकि वह आपिो सफलता िी सीहियों पर चलने में मदद िरेगा।  हमारे ललए िहना कितना आसान होता है, लेकिन इन बातों िो खुद पर लागू िरना थोड़ा मुक्श्िल है, लेकिन न मुमकिन नह ीं। आपने िरूर पिा या सुना होगा। "मन ि े हारे हार मन ि े िीते िीत" अगर बात सब मन पर ह आिर रूिती है, तो तयों न इस मन िो हार से हटा िर िीत िी तरफ लगाने िा प्रयास िरें।
  • 3.
    किसी भी स्थानपर सफल होने ि े ललए इन सूत्रों िा उपयोग किया िा सिता है।  लक्ष्य का निर्ाारण  रूचि का होिा  क्षमताओं का सही उपयोग
  • 4.
    जीवि में लक्ष्यका निर्ाारण क्िस प्रिार किसी भी िहाि चलने वाले िो हदशा सूचि िी आवश्यिता होती है। इसी प्रिार हमे भी लक्ष्य िा ननर्ाणरर् िरना बहुत िरूर है। आगे िीवन में तया िरना है, तया बनना है, ये पहले से पता हो तो राह ि ु छ आसान-सी लगती है। िब आपिो हदशा िा ह ज्ञान नह ीं होगा, तो किस हदशा में िाओगे, क्िस प्रिार िहाि िा चालि बबना हदशा सूचि ि े अपने राह से भटि सिता है ,उसी प्रिार आप भी अपनी हदशा से भटि सिते हैं।
  • 5.
    रूचि का होिा िोभी िीवन में िरना है,उसि े प्रनत उत्साह ,उमींग िा होना बहुत िरूर है। यहद हम किसी िाम िो बबना मन से िरते हैं तो उसमे पूर्ण सफलता ि ै से प्रातत िर पाएींगे। इसललए क्िस िाम िो िरने में रूचच हो, उसी िायण िो िरने िा प्रयास िरें ,ये आपिी सफलता ि े मागण िो आसान बना सिती है। इस प्रिार किये गए िायण में सींशय बना रहता है। और िह ीं न िह ीं वह िायण बोझ ि े समान प्रतीत होने लगता है। मनोववज्ञान िा एि लसदर्ाींत है कि िो उत्साह और उमींग है वह हमार शक्ततयों िा प्रतीि है।उत्साह और उमींग ि े अभाव में मानलसि शक्ततयाीं पररपूर्ण होते हुए भी किसी िाम िी नह ीं रह िाती।
  • 6.
    क्षमताओं का सहीउपयोग समय हर वस्तु से ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर शर र ,मन और हदमाग कि क्षमता िा और समय िा सह उपयोग किया िाये तो, यह असामान्य उपलक्धर्यों िा िारर् बनता है। िो लक्ष्य ननर्ाणररत किया गया है,उस हदशा में इन सभी िा अगर सह उपयोग किया िाये चमत्िार नतीिे प्रातत होते हैं। किसी भी िायण िो छोटे रूप से ह आरम्भ िरना चाहहए। इस प्रिार उस िायण िो थोड़ा आसानी से किया िा सि े गा ।हुए इस प्रिार वह िायण आपिो बोझ भी नह ीं लगेगा। हम खुद िानते है ,हम अपनी शक्तत और समय िा उपयोग कितना और िहाीं िरते हैं? अपनी शार ररि और मानलसि शक्ततयों िा सह उपयोग आपने हाथ में है।