BINILA BALAN
OPTION : HINDI
AL - AZHAR TRAINING COLLEGE
THODUPUZHA
STD VIII
ह िंदी
शा िंशा अकबर को
कौन हिखाएगा ?
इकाई 1
लोककथा
बहुत- िी ऐिी चीज़ें ैं हिनक
े बारे में न ीिंिानता | -इि कथन िे
अकबर का कौन –िा मनोभाव प्रकट ोता ै ?
बादशाह होने पर भी ज्ञान प्राप्त करने की उनकी इच्छा और सादगी इस कथन से
प्रकट होता है | वे मानते है की उनको कई चीजोों में ज्ञान नहीों है |वे हर चीज को
सीखना चाहते हैं |
बीरबल िमाि क
े हवहभन्न प्रकार क
े लोगोिं को दरबार में बुला
लाया | कारण क्या ोगा ?
दरबार में मौजूद हर एक व्यक्ति क
ु छ न क
ु छ जानता था जो दू सरोों को नहीों
पता | हर एक में हुनर हैं | शाहोंशाह को यह समझाना चाहते थे कक सभी
व्यक्ति से हमें क
ु छ सीख कमलती हैं |सीखने की प्रकिया कभी पूरी नहीों होती |
“ मेशा ी िीखता हूँ |? ”
– इिका क्या मतलब ैं ?
पढ़ने की प्रकिया कभी पूरी नहीों होती
|हमें हर कदन एक नयी सीख कमलती हैं
|ज्ञानाजजन कनरोंतर होना हैं |
य बूढ़ी मह ला हकन –हकन
की प्रहतहनहि ो िकती ैं ?
 बूढ़ी औरत एक अच्छे इोंसान की प्रकतकनकि
हैं |सोंसार क
े सभी मातावोों की प्रकतकनकि है
|मााँ सब की पहली गुरु है |
 बीरबल उन्हें अपने गुरु कहते हैं और इस
तरह से एक गुरु का भी प्रकतकनकि है |
oक ानी पढ़ी |
इिमें मुख्य पात्र कौन – कौन ैं और उनकी वेश –भूषा क
ै िी ैं
? इि क ानी क
े हकतने प्रििंग ैं ?वे कौन –कौन िे ैं ?
इि क ानी में मुख्य पात्र शा िंशा अकबर , बीरबल और बूढ़ी औरत
ैं |
अब इन ताहलकाओिं की पूहति करें |
पात्र वेश – भूषा स्थान िमय
शा िंशा अकबर
रािकीय वेशभूषा और
आभूषण ैं , रे क
ु ते में पीले
फ
ू ल ैं ,पैिामा, राििी पगड़ी
,िूते और कमर में तलवार भी
ैं |
रािम ल
िुब 10 बिे
बीरबल
हवद्वानोिं की तर उनक
े वेश
भूषा ैं |नीला क
ु ताि और
पैिामा प ने ैं |उनक
े िर में
पगड़ी ै|
राि दरबार िुब 10 बिे
बूढ़ी औरत
िािारण वस्त्र िारण हकया ैं
,िलवार और पैिामा प नते ैं
,हिर पर चुनरी ैं | राि दरबार िुब 11 बिे
प्रत्येक प्रििंग में इि क ानी क
े पत्रोिं क
े बीच का ििंवाद क्या ोगा ?
हकिी एक प्रििंग का ििंवाद तैयार करें |
प्रििंग : अगले हदन शा िंशा दरबार में प्रवेश करते ैं | दरबार िमाि क
े
हवहभन्न लोगोिं िे भरा देखते ैं |
बीरबल : प्रणाम म ाराि
अकबर : प्रणाम , मारे दरबार में इतनी भीड़ क्योिं ैं ?
बीरबल : माफ़ी चा ता हूँ ि ािंपना
रािा : इन िब का क्या मतलब ै ?
बीरबल : मैंने ी बि आपक
े आदेशोिं का पालन हकया ैं |
रािा : क्या मैंने तुमको इन िबको बुलाने क
े हलए क ा ?
बीरबल : गुस्ताखी माफ़ ो , ये िभी व्यक्ति आपको क
ु छ ना क
ु छ हिखा
िकता
ै |
बीरबल : र एक में कोई ना कोई हुनर ैं | र एक क
े पर कोई ना कोई हवद्या ैं िो दू िरा
न ीिंिानता |
अकबर : अब मुझे बातें िमझ आ र ा ैं | तब तुम भी एक हवद्याथी ो बीरबल |
बीरबल : ज़रूर शा िंशा , में तो अब भी पढ़ र ा हूँ |
क ानी को एकािंकी रूप में बदलकर हलखें |
एकािंकी
एक अिंक वाले नाटकोिं को एकािंकी क ते ैं |अिंग्रेिी क
े ‘ वन एक्ट प्ले ‘ शब्द क
े हलए ह िंदी में
‘एकािंकी नाटक ‘ और ‘ एकािंकी’ दोनोिं ी शदोिं का िामान रूप िे व्यव ार ोता ै |
एकािंकी का नाम : शा िंशा अकबर को कौन हिखाएगा
पात्र
एकािंकी
श िंशा अकबर आयु 45 िाल राििी वेशभूषा
बीरबल आयु 45 िाल िोती ,क
ु ताि ,पगड़ी
तीन – चार हवद्वान आयु लगभग 50 -60 िोती ,क
ु ताि ,पगड़ी
हलहपक आयु 40 वषि िोती और क
ु ताि
बूढ़ी मह ला 80 िाल की आयु िलवार और पैिामा
( शा िंशा अकबर का राि दरबार | शा िंशा चचाि में मग्न हवद्वानोिं को देखकर अपने हििं ािन
पर बैटता ैं |)
शा िंशा : (बीरबल िे ) बीरबल मैं बहुत चतुर न ीिं हूँ | बहुत िी ऐिे चीज़ें ैं हिनक
े बारे में न ीिं
िानता |मैं र चीि को िीखना चा ता हूँ | कल िे मेरी पढ़ाई शुरू ो , इिका
इिंतिाम करो |
बीरबल : िी शा िंशा |
(अगले हदन िुब अकबर क
े दरबार में बच्चे , बुिुगि ,गृह हणयोिं , हकिान , कचरा बीननेवाले ,
दुकानदार , हलहपक ,और ज्ञानी आहद लोगोिं िे भरा हुआ ैं | य दृश्य देख कर शा िंशा
दरबार में प्रवेश करते ैं और वे क्रोहित ोकर बीरबल िे क ते ैं )
अकबर : बीरबल य िब क्या ैं ? मैंने तुमिे ऐिे लोगोिं को लाने क
े हलए क ा था िो मुझे क
ु छ
हिखा िक
ें और तुमने मेरा म ल , राज्य की आिी िनता िे भर हदया |
बीरबल : ( शािंत भाव िे ) माफ़ की हिए शा िंशा |मैंने तो आपक
े आदेशोिं का पालन हकया ैं |
गुस्ताखी माफ़ ो, पर शा िंशा क्या आप रेत में घिंटोिं खेलकर अपना मनोरिंिन करना
िानते ै ?
शा िंशा : (बौखलाए हुए ) न ीिं , पर उििे क्या ?
बीरबल : क्या आप हकिी गरीब आदमी की आमदनी में घर चला िकते ैं ? या आप िानते ैं की
कपड़ोिं िे दाग क
ै िे टाया िाता ै ?
शा िंशा : न ीिं , हबलक
ु ल न ीिं |
बीरबल : क्या आप य िानते ैं की बुवाई कब करनी ैं और फिल को पानी कब देना ैं ? या
कचरोिं में िे उपयोगी चीिोिं को क
ै िे छािंटना ै |
शा िंशा : ( गुस्सा ोकर ) न ीिं न ीिं िार बार न ीिं |
बीरबल : ( शािंत भाव िे ) तब तो इि दरबार में मौिूद र शख्ि आपको क
ु छ ना क
ु छ हिखा
िकता
ै | र एक ऐिा क
ु छ िानता ै िो दू िरोिं को न ीिं पता ै | प्रत्येक क
े पाि क
ु छ हुनर ैं
क
ु छ ज्ञान ै , हदल या हदमाग की क
ु छ खाहियत ै | तो िभी हशक्षक भी ैं और
हवद्याहथि
भी |
शा िंशा : (बीरबल क
े बातोिं को िमझकर ) तब तो तुम भी एक हवद्याहथि ो , बीरबल ? में तो
िोचता था की तुम्हें कोई न ीिं िीख िकता !
बीरबल : बात इििे उल्टा ै शा िंशा , मैं तो मेशा ी िीखता हूँ |
( बीरबल भीड़ क
े बीच िे एक बूढ़ी मह ला का ाथ थामकर उन्हें शा िंशा क
े िामने लेकर आते
ैं |)
बीरबल : शा िंशा इनिे हमहलए ये मेरे प ले और श्रेष्ट गुरूओिं में िे एक ैं
बूढ़ी मह ला : (शा िंशा को िलाम करते हुए )हुिूर बुक्तिमान व्यक्ति िानते ैं हक िब क
ु छ
िीख
िाना ििंभव न ीिं ै | लेहकन िब को य िीखना चाह ए की अच्छा इिंिान क
ै िा
बन
िा िकता ै |
(बूढ़ी मह ला क
े शब्दोिं िे प्रभाहवत ोकर उनक
े आगे अदब िे झुकते हुए बीरबल िे क ते ैं |)
इन वाक्ोों पर ध्यान दें –
1 . हर शख्ि आपको क
ु छ न क
ु छ कसखा सकता ै |
2 . रेक ऐसा क
ु छ जानता ै |
3 . क्ा आप जानते ैं ?
4 . मैं हर चीज़ को सीखना चाहता हूँ |
5 . मैं माफ़ी चाहता हूँ |
ऊपर क
े वाक्योिं का हवश्लेषण करें और रेखािंहकत अिंशोिं क
े आपिी िम्बन्ध पर चचाि
करें |
1 .( शख्ि ) कताि पुक्तलिंग एकवचन ैं |इि हलए हक्रया में ता ै आगया |
2 . ( रेक ) कताि पुक्तलिंग एकवचन ैं |इि हलए हक्रया में ता ै आगया |
3 . (आप ) िविनाम ै ,पुक्तलिंग बहुवचन ै |इि हलए ता ैं आगया |
4 . (मैं ) पुक्तलिंग एकवचन ै |
5 . (मैं ) पुक्तलिंग एकवचन ै |
मैं – हाँ
I AM
तुम –हो
YOU ARE
(informal)
आप – हैं
YOU ARE
(formal)
ज्ञानमागि
अिगर वज़ा त
एकािंकी
र रािक
ु मार अपने को बड़ा ज्ञानी मानता
ै | अिल में बड़ा ज्ञानी कौन ै ?
िच्चे ज्ञानी क
े मन में अ िंकार न ीिं ोता
| व मेशा ज्ञान पाने की कोहशश
करता र ता ै | व अपने ज्ञान को
िदा अपूणि िमझता ै |
“ गुरूिी म लोग ििंकट में पड़ गए ैं |”
– रािक
ु मार क्योिं ििंकट में पड़े ?
रािक
ु मार अपने ज्ञान पर मदािंि ो गए |
उन्होिंने अपने ज्ञान का िदुपयोग न ीिं हकया |
य उनक
े ििंकड में पड़ने का कारण बन गया |
ज्ञानमागि एकािंकी का मिंचन ोनेवाला ै |इिक
े हलए एक पोस्टर तैयार करें |
वाक्य पढ़े , रखािंहकत शब्दोिं पर ध्यान दें |
1 . मैं मिंत्र पढ़ता हूँ |
2 . क्या ,तुम इिमें प्राणी भी डाल िकते ो ?
चचाि करें |
प्रतेक वाक्य क
े रेखािंहकत शब्दोिं का आपिी ििंबिंद क्या ै ?
पाठ भागोिं िे ऐिे वाक्य चुनें और हलखें |
1 . मैं िविनाम क
े िाथ हूँ|
2 . तुम िविनाम क
े िाथ ो |
मैं - हूँ
तुम - ो
एकवचन - ै
बहुवचन - ैं
ज्ञान िे िम्बिंहित उक्तियोिं का ििंकलन करें
“ बाटने िे ज्ञान कभी ख़तम न ीिं ोता बक्ति और बढ़ िाता ैं | “
“ ज्ञान िे हवनम्रता आती ै , और हवनाम्म्म्रता िे पात्रता |”
“ िैिे प्रेम में पररपूणि देता ै वैिे ी ज्ञान में शक्ति देता ैं | “
“ हििे म न ीिं िमझ िकते उिे िमझना ी ज्ञान ैं | “
मैं इिर हूँ
पी.मिुिूदनन
चचाि करें :
“मैं इिर हूँ “ िाहबत करने में ज्ञान की
भूहमका ै ?
अगर एक व्यक्ति को ज्ञान ै और व ज्ञान
िमाि की भलाई क
े हलए उपयोग करते ै
तो व ज़रूर ज़ोर िे क िकते ै मैं इिर
हूँ |
ककवता
कहवता

HINIDI CHAPTER PRESENTATION.pptx

  • 1.
    BINILA BALAN OPTION :HINDI AL - AZHAR TRAINING COLLEGE THODUPUZHA
  • 2.
  • 3.
    शा िंशा अकबरको कौन हिखाएगा ? इकाई 1 लोककथा
  • 4.
    बहुत- िी ऐिीचीज़ें ैं हिनक े बारे में न ीिंिानता | -इि कथन िे अकबर का कौन –िा मनोभाव प्रकट ोता ै ? बादशाह होने पर भी ज्ञान प्राप्त करने की उनकी इच्छा और सादगी इस कथन से प्रकट होता है | वे मानते है की उनको कई चीजोों में ज्ञान नहीों है |वे हर चीज को सीखना चाहते हैं |
  • 5.
    बीरबल िमाि क ेहवहभन्न प्रकार क े लोगोिं को दरबार में बुला लाया | कारण क्या ोगा ? दरबार में मौजूद हर एक व्यक्ति क ु छ न क ु छ जानता था जो दू सरोों को नहीों पता | हर एक में हुनर हैं | शाहोंशाह को यह समझाना चाहते थे कक सभी व्यक्ति से हमें क ु छ सीख कमलती हैं |सीखने की प्रकिया कभी पूरी नहीों होती |
  • 6.
    “ मेशा ीिीखता हूँ |? ” – इिका क्या मतलब ैं ? पढ़ने की प्रकिया कभी पूरी नहीों होती |हमें हर कदन एक नयी सीख कमलती हैं |ज्ञानाजजन कनरोंतर होना हैं | य बूढ़ी मह ला हकन –हकन की प्रहतहनहि ो िकती ैं ?  बूढ़ी औरत एक अच्छे इोंसान की प्रकतकनकि हैं |सोंसार क े सभी मातावोों की प्रकतकनकि है |मााँ सब की पहली गुरु है |  बीरबल उन्हें अपने गुरु कहते हैं और इस तरह से एक गुरु का भी प्रकतकनकि है |
  • 7.
    oक ानी पढ़ी| इिमें मुख्य पात्र कौन – कौन ैं और उनकी वेश –भूषा क ै िी ैं ? इि क ानी क े हकतने प्रििंग ैं ?वे कौन –कौन िे ैं ? इि क ानी में मुख्य पात्र शा िंशा अकबर , बीरबल और बूढ़ी औरत ैं |
  • 8.
    अब इन ताहलकाओिंकी पूहति करें | पात्र वेश – भूषा स्थान िमय शा िंशा अकबर रािकीय वेशभूषा और आभूषण ैं , रे क ु ते में पीले फ ू ल ैं ,पैिामा, राििी पगड़ी ,िूते और कमर में तलवार भी ैं | रािम ल िुब 10 बिे बीरबल हवद्वानोिं की तर उनक े वेश भूषा ैं |नीला क ु ताि और पैिामा प ने ैं |उनक े िर में पगड़ी ै| राि दरबार िुब 10 बिे बूढ़ी औरत िािारण वस्त्र िारण हकया ैं ,िलवार और पैिामा प नते ैं ,हिर पर चुनरी ैं | राि दरबार िुब 11 बिे
  • 9.
    प्रत्येक प्रििंग मेंइि क ानी क े पत्रोिं क े बीच का ििंवाद क्या ोगा ? हकिी एक प्रििंग का ििंवाद तैयार करें | प्रििंग : अगले हदन शा िंशा दरबार में प्रवेश करते ैं | दरबार िमाि क े हवहभन्न लोगोिं िे भरा देखते ैं | बीरबल : प्रणाम म ाराि अकबर : प्रणाम , मारे दरबार में इतनी भीड़ क्योिं ैं ? बीरबल : माफ़ी चा ता हूँ ि ािंपना रािा : इन िब का क्या मतलब ै ? बीरबल : मैंने ी बि आपक े आदेशोिं का पालन हकया ैं | रािा : क्या मैंने तुमको इन िबको बुलाने क े हलए क ा ? बीरबल : गुस्ताखी माफ़ ो , ये िभी व्यक्ति आपको क ु छ ना क ु छ हिखा िकता ै |
  • 10.
    बीरबल : रएक में कोई ना कोई हुनर ैं | र एक क े पर कोई ना कोई हवद्या ैं िो दू िरा न ीिंिानता | अकबर : अब मुझे बातें िमझ आ र ा ैं | तब तुम भी एक हवद्याथी ो बीरबल | बीरबल : ज़रूर शा िंशा , में तो अब भी पढ़ र ा हूँ |
  • 11.
    क ानी कोएकािंकी रूप में बदलकर हलखें | एकािंकी एक अिंक वाले नाटकोिं को एकािंकी क ते ैं |अिंग्रेिी क े ‘ वन एक्ट प्ले ‘ शब्द क े हलए ह िंदी में ‘एकािंकी नाटक ‘ और ‘ एकािंकी’ दोनोिं ी शदोिं का िामान रूप िे व्यव ार ोता ै | एकािंकी का नाम : शा िंशा अकबर को कौन हिखाएगा पात्र एकािंकी श िंशा अकबर आयु 45 िाल राििी वेशभूषा बीरबल आयु 45 िाल िोती ,क ु ताि ,पगड़ी तीन – चार हवद्वान आयु लगभग 50 -60 िोती ,क ु ताि ,पगड़ी हलहपक आयु 40 वषि िोती और क ु ताि बूढ़ी मह ला 80 िाल की आयु िलवार और पैिामा
  • 12.
    ( शा िंशाअकबर का राि दरबार | शा िंशा चचाि में मग्न हवद्वानोिं को देखकर अपने हििं ािन पर बैटता ैं |) शा िंशा : (बीरबल िे ) बीरबल मैं बहुत चतुर न ीिं हूँ | बहुत िी ऐिे चीज़ें ैं हिनक े बारे में न ीिं िानता |मैं र चीि को िीखना चा ता हूँ | कल िे मेरी पढ़ाई शुरू ो , इिका इिंतिाम करो | बीरबल : िी शा िंशा | (अगले हदन िुब अकबर क े दरबार में बच्चे , बुिुगि ,गृह हणयोिं , हकिान , कचरा बीननेवाले , दुकानदार , हलहपक ,और ज्ञानी आहद लोगोिं िे भरा हुआ ैं | य दृश्य देख कर शा िंशा दरबार में प्रवेश करते ैं और वे क्रोहित ोकर बीरबल िे क ते ैं ) अकबर : बीरबल य िब क्या ैं ? मैंने तुमिे ऐिे लोगोिं को लाने क े हलए क ा था िो मुझे क ु छ हिखा िक ें और तुमने मेरा म ल , राज्य की आिी िनता िे भर हदया | बीरबल : ( शािंत भाव िे ) माफ़ की हिए शा िंशा |मैंने तो आपक े आदेशोिं का पालन हकया ैं | गुस्ताखी माफ़ ो, पर शा िंशा क्या आप रेत में घिंटोिं खेलकर अपना मनोरिंिन करना िानते ै ?
  • 13.
    शा िंशा :(बौखलाए हुए ) न ीिं , पर उििे क्या ? बीरबल : क्या आप हकिी गरीब आदमी की आमदनी में घर चला िकते ैं ? या आप िानते ैं की कपड़ोिं िे दाग क ै िे टाया िाता ै ? शा िंशा : न ीिं , हबलक ु ल न ीिं | बीरबल : क्या आप य िानते ैं की बुवाई कब करनी ैं और फिल को पानी कब देना ैं ? या कचरोिं में िे उपयोगी चीिोिं को क ै िे छािंटना ै | शा िंशा : ( गुस्सा ोकर ) न ीिं न ीिं िार बार न ीिं | बीरबल : ( शािंत भाव िे ) तब तो इि दरबार में मौिूद र शख्ि आपको क ु छ ना क ु छ हिखा िकता ै | र एक ऐिा क ु छ िानता ै िो दू िरोिं को न ीिं पता ै | प्रत्येक क े पाि क ु छ हुनर ैं क ु छ ज्ञान ै , हदल या हदमाग की क ु छ खाहियत ै | तो िभी हशक्षक भी ैं और हवद्याहथि भी |
  • 14.
    शा िंशा :(बीरबल क े बातोिं को िमझकर ) तब तो तुम भी एक हवद्याहथि ो , बीरबल ? में तो िोचता था की तुम्हें कोई न ीिं िीख िकता ! बीरबल : बात इििे उल्टा ै शा िंशा , मैं तो मेशा ी िीखता हूँ | ( बीरबल भीड़ क े बीच िे एक बूढ़ी मह ला का ाथ थामकर उन्हें शा िंशा क े िामने लेकर आते ैं |) बीरबल : शा िंशा इनिे हमहलए ये मेरे प ले और श्रेष्ट गुरूओिं में िे एक ैं बूढ़ी मह ला : (शा िंशा को िलाम करते हुए )हुिूर बुक्तिमान व्यक्ति िानते ैं हक िब क ु छ िीख िाना ििंभव न ीिं ै | लेहकन िब को य िीखना चाह ए की अच्छा इिंिान क ै िा बन िा िकता ै | (बूढ़ी मह ला क े शब्दोिं िे प्रभाहवत ोकर उनक े आगे अदब िे झुकते हुए बीरबल िे क ते ैं |)
  • 15.
    इन वाक्ोों परध्यान दें – 1 . हर शख्ि आपको क ु छ न क ु छ कसखा सकता ै | 2 . रेक ऐसा क ु छ जानता ै | 3 . क्ा आप जानते ैं ? 4 . मैं हर चीज़ को सीखना चाहता हूँ | 5 . मैं माफ़ी चाहता हूँ | ऊपर क े वाक्योिं का हवश्लेषण करें और रेखािंहकत अिंशोिं क े आपिी िम्बन्ध पर चचाि करें | 1 .( शख्ि ) कताि पुक्तलिंग एकवचन ैं |इि हलए हक्रया में ता ै आगया | 2 . ( रेक ) कताि पुक्तलिंग एकवचन ैं |इि हलए हक्रया में ता ै आगया | 3 . (आप ) िविनाम ै ,पुक्तलिंग बहुवचन ै |इि हलए ता ैं आगया | 4 . (मैं ) पुक्तलिंग एकवचन ै | 5 . (मैं ) पुक्तलिंग एकवचन ै |
  • 16.
    मैं – हाँ IAM तुम –हो YOU ARE (informal) आप – हैं YOU ARE (formal)
  • 17.
  • 18.
    र रािक ु मारअपने को बड़ा ज्ञानी मानता ै | अिल में बड़ा ज्ञानी कौन ै ? िच्चे ज्ञानी क े मन में अ िंकार न ीिं ोता | व मेशा ज्ञान पाने की कोहशश करता र ता ै | व अपने ज्ञान को िदा अपूणि िमझता ै |
  • 19.
    “ गुरूिी मलोग ििंकट में पड़ गए ैं |” – रािक ु मार क्योिं ििंकट में पड़े ? रािक ु मार अपने ज्ञान पर मदािंि ो गए | उन्होिंने अपने ज्ञान का िदुपयोग न ीिं हकया | य उनक े ििंकड में पड़ने का कारण बन गया |
  • 20.
    ज्ञानमागि एकािंकी कामिंचन ोनेवाला ै |इिक े हलए एक पोस्टर तैयार करें |
  • 21.
    वाक्य पढ़े ,रखािंहकत शब्दोिं पर ध्यान दें | 1 . मैं मिंत्र पढ़ता हूँ | 2 . क्या ,तुम इिमें प्राणी भी डाल िकते ो ? चचाि करें | प्रतेक वाक्य क े रेखािंहकत शब्दोिं का आपिी ििंबिंद क्या ै ? पाठ भागोिं िे ऐिे वाक्य चुनें और हलखें | 1 . मैं िविनाम क े िाथ हूँ| 2 . तुम िविनाम क े िाथ ो | मैं - हूँ तुम - ो एकवचन - ै बहुवचन - ैं
  • 22.
    ज्ञान िे िम्बिंहितउक्तियोिं का ििंकलन करें “ बाटने िे ज्ञान कभी ख़तम न ीिं ोता बक्ति और बढ़ िाता ैं | “ “ ज्ञान िे हवनम्रता आती ै , और हवनाम्म्म्रता िे पात्रता |” “ िैिे प्रेम में पररपूणि देता ै वैिे ी ज्ञान में शक्ति देता ैं | “ “ हििे म न ीिं िमझ िकते उिे िमझना ी ज्ञान ैं | “
  • 23.
    मैं इिर हूँ पी.मिुिूदनन चचािकरें : “मैं इिर हूँ “ िाहबत करने में ज्ञान की भूहमका ै ? अगर एक व्यक्ति को ज्ञान ै और व ज्ञान िमाि की भलाई क े हलए उपयोग करते ै तो व ज़रूर ज़ोर िे क िकते ै मैं इिर हूँ | ककवता कहवता