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जी-स्पॉट या सुख का सागर
Dr. O.P.Verma
M.B.B.S., M.R.S.H.(London)
http://flaxindia.blogspot.in
Email- dropvermaji@gmail.com
�ाचीन शा�� म� योिन को देवी माना गया है,
आिखर यह मनुष्य क� जननी जो है। योिन �ीत्व का क��
है, मातृत्व का उपवन है। आज तक कोई इसे पूरी तरह
समझ नह� पाया। इसम� अनेक� रहस्य समाए �ए ह�।
ऐसा ही एक महान रहस्य है जी-स्पॉट िजसक� आप हम
चचार् करने जा रहे ह�। आपने पोन��ा�फक वेब साइट्स
और सेक्स पि�का� म� इसके बारे म� अक्सर पढ़ा होगा।
जहाँ कुछ लोग इसको लेकर ब�त उत्सुक ह� और इसका
आनंद भी उठा रहे ह�, वह� कुछ नकारात्मक िवचारधारा
वाले लोग इसे महज़ �कसी िसर�फरे �ि� के �दमाग क�
उपज मानते ह�। वे मानते ह� �क जी-स्पॉट नाम क� कोई चीज है ही नह�। जी-स्पॉट पर इतना हल्ला होने के बाद
भी असमंजस क� िस्थित बनी �ई है। इसिलए म� आज रहस्य के सारे परदे उठा कर स�ाई को उजागर कर देना
चाहता �ँ। तो चिलए सबसे पहले हम इितहास के प�� को पलटने क� कौिशश करते ह�।
1950 के दशक म� िवख्यात गायनेकोलोिजस्ट डॉ. अन्सर्ट �ेफनबगर् ने इंटरनेशनल जरनल ऑफ सेक्सोलोजी
म� The Role of Urethra in Female Orgasm नाम से एक �प� �कािशत �कया था। इन्ह�ने ि�य� क� यूरे�ा
के चारो तरफ कोप�रा केवन�जा क� तरह एक स्पंजी और इरेक्टाइल �टश्यू को िचिन्हत �कया, िजसे यूरी�ल
स्पंज कहा जाता है। इसके बाद 1980 के दशक म� सेक्स एजूकेटर और काउंसलर बेवल� िव्हपल तथा
सायकोलोिजस्ट और सेक्सोलोिजस्ट जॉन पेरी ने डॉ. अन्सर्ट �ेफनबगर् क� शोध को आगे बढ़ाया और अंततः डॉ.
अन्सर्ट �ेफनबगर् के नाम पर इस इस रहस्यमय स्पॉट का नाम जी-स्पॉट रखा।
जी-स्पॉट क� ऐनाटॉमी
जी-स्पॉट को समझने के िलए सबसे पहले हम
यूरे�ल स्पंज क� संरचना को समझते ह�। यूरे�ा एक
निलका है जो यूरीनरी ब्लाडर को िक्लटो�रस और
योिन (वेजाइना) के बीच िस्थत यूरे�ल िमएटस से
जोड़ती है, िजससे यूरीन का िनकास होता है। यूरे�ा
योिन क� ऊपरी िभि� के ऊपर से गुजरती है और
इसके चारो तरफ एक स्पंजी और इरेक्टाइल �टश्यू के
आवरण से िघरी रहती है िजसे यूरी�ल स्पंज कहते
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ह�। इस �टश्यू म� नवर् एं�डग्स, र�-वािहकाएँ, पेरायूरी�ल तथा
पेरीयूरी�ल �ंिथयां और वािहकाएं अविस्थत रहती है। ये �ंिथयां वीयर्
जैसा तरल �ाव (फ�मेल इजाकुलेट) बनाती ह� और स्खलन
(इजाकुलेशन) करती ह�। इस तरल क� संरचना �ब� वीयर् जैसी होती है,
िसफर् इसम� शु�ाणु नह� होते ह�। इसीिलए यूरी�ल स्पंज को �ोस्टेट �ंिथ
का �ित�प भी माना जाता है।
यूरी�ल स्पंज का एक खास अितसंवेदनशील िहस्सा उ�ेिजत होने
पर फू ल जाता है और योिन क� ऊपरी िभि� म� डेढ़ या दो इंच अंदर
उभरा �आ महसूस होता है। एक छोटे िस�े के आकार के इसी स्थान को
जी-स्पॉट कहते ह�। यह िक्लटो�रस से भी ज्यादा संवेदनशील होता है।
कई वैज्ञािनक पूरे यूरी�ल स्पंज को ही जी-स्पॉट मानते ह�। उ�ेिजत करने
पर यूरी�ल स्पंज र� से भर जाता है और पेरायूरी�ल तथा पेरीयूरी�ल
�ंिथयां तरल �ाव से फू ल जाती ह� और कई ि�यां पु�ष क� भांित ती�
आवेग के साथ तरल का स्खलन करती ह�।
जी-स्पॉट क� कायर्शाला
जी-स्पॉट के बारे म� तो आप जान ही गए ह�। अब म� आपको बड़े इित्मनान से िसखाऊँ गा �क क�से इस गु�
स्थल को ढूँढ़ना है, उ�ेिजत करना है, गुदगुदाना है और अनंत आनंद क� �ाि� करना है। ज्यादा परेशान होने क�
ज�रत नह� है, यह इतना क�ठन भी नह� है। हां, उन उतावले युवा� को ज�र परेशानी हो सकती है, जो स�
नह� कर पाते। इनके िलए संभोग का मतलब है बस एक दो चुम्बन िलए, स्तन� को थोड़ा दबाया और सीधे नीचे
प�ँच जाते ह�। दो-चार िमनट संभोग �कया और िनढ़ाल होकर सो जाते ह�।
ि�यां भी ऐसे पु�ष� को पसंद नह� करती। ऐसे लोग कौिशश कर�गे तो भी
जी-स्पॉट को न ठीक से डूँढ़ पाएंगे और न पि� को वो स्वग�य सुख दे
पाएंगे। और कुछ ही �दन� बाद बोलना शु� कर द�गे �क जी-स्पॉट तो होता
ही नह� है, यह तो िसफर् कुछ िसर�फरे लोग� के �दमाग क� उपज है।
ले�कन आप वैसे नह� ह�, आप म� संयम भी है और स� भी है, आप तो
िबल्ली मार ही ल�गे। तभी तो यह लेख इतनी तल्लीनता से पढ़ रहे ह�।
यह तो मानना ही होगा �क जी-स्पॉट इतना सहज सुलभ भी नह� है
�क अंदर अंगुली डाली और सीधी जी-स्पॉट पर ले जाकर रख दी। और
इसका मदर्न करना शु� कर �दया। तभी तो आज भी इस च�चत स्पॉट को
रहस्यमय और िववादास्पद माना जाता है। सेक्स पि�का� और पोनर् वेब
साइट्स पर इस िवषय पर ब�त साम�ी उपलब्ध है। अिधकांश मिहलाएं
जवानी म� कदम रखती ह�, हस्त-मैथुन करती ह�, �जदगी भर संभोग करती
ह�, ब�े पैदा करती ह� �फर भी जी-स्पॉट से अनिभज्ञ और अनजान बनी
रहती है। पु�ष� को तो योिन-मैथुन से आगे सोचने क� फु सर्त ही कहां
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रहती है। �ी-रोग िवशेषज्ञ रोज दजर्न� ि�य� का चेकअप करती है, पर इस स्पॉट को न कभी पकड़ नह� पाती
ह� और न कभी ध्यान देती ह�।। इसका एक बड़ा कारण यह है �क सामान्यतः यह योिन क� अ� िभि� म� सुषु�
अवस्था म� रहता है और उ�ेिजत करने पर ही यह फू ल कर अपनी उपस्थित का अहसास �दलाता है। य�द आप
अपनी सजनी के जी-स्पॉट को ढूँढ़ना चाहते ह�, उसे जीवन का
�लयंकारी और असीम चरमानंद देना ही चाहते ह� तो धीरज रिखए
और हर �बदु को समझते जाइए। आज आप जी-स्पॉट ऑगार्ज्म क�
तकनीक और बारी�कय� को भली भांित सीख जाएंगे। उसके बाद
आपको कोई िवशेष परेशानी नह� होगी। आप सहज होकर अपनी
�ेयसी को जी-स्पॉट ऑगार्ज्म देकर उसे आनंद के उस िशखर तक लेकर
जाएंगे, जहां उसे जीवन के सारे सुख नगण्य लगने लग�गे। आज वह
जान जाएगी �क सेक्स का असली सुख क्या होता है। आज हम आपको
�ी के हर भाव, हर अदा और हर संकेत का मतलब िसखला द�गे। ये
अनुभव आपको जी-स्पॉट आगार्ज्म के चरम �बदु तक प�ँचने म� बड़ी
मदद कर�गे। इंटरनेट ऐजुकेशनल स�वस, िजसे KISISS (Kinsey
Institute Sexuality Information Service for Students) कहते ह�,
पर सबसे अिधक पूछा जाने वाला �� आज भी यही है �क जी-स्पॉट क्या है और इसे कैसे ढूढ़�गे?
शोला जो भड़के
य�द दम्पि� के बीच प्यार, भावनात्मक जुड़ाव और संवाद ब�त अच्छा है, तो हो सकता है आप पहली
बार ही इस महान आनंद को �ा� करल�। ले�कन हम तो आपको यही सलाह द�गे �क आप उनसे जी-स्पॉट को
िज� ही मत क�िजए, बस इतना ही किहए �क आज डेट पर चलते ह�, बाहर ही खाना खाएंगे और घर आकर
एंज्वॉय कर�गे। इस �दन के िलए आपको थोड़ी तैयारी भी करनी चािहए, जैसे अपने नाखुन काट ल�, अच्छे कपड़े
पहन� और उनक� पसंद का परफ्यूम लगाएं। सुबह से ही माहौल खुशनुमा और मूड रोमां�टक रख�। जब भी मौका
लगे उनको बाह� म� भर कर एक ब�ढ़या �� च �कस करते रिहए। देिखएगा वो �दन भर प्यार भरे सपन� म� खोई
रह�गी। और अपनी योिन म� नमी और कुलबुलाहट महसूस कर�गी।
�दल उनका धड़के
डेट पर उन्ह� फू ल� का ग़�लदस्ता भ�ट कर� और
हनीमून के प्यार भरे लम्ह� को याद कर�। िडनर म�
उनक� पसंद के �ंजन ऑडर्र कर�, उनक� खुशामद
कर�। कह� �क वह �कतनी सुंदर ह� और आप
दीवानगी क� हद तक उन्ह� प्यार करते ह�। बात�
करते रह�। ि�यां खुशामद और तारीफ से बड़ी
जल्दी िपघलती ह�। जैसे ही रात ढलने लगे, अपनी
चांद सी महबूबा को गोद म� उठा कर शयनकक्ष म�
ऐसे �वेश कर� जैसे आज क� रात ही आपक�
सुहागरात हो।
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ददर् जवानी का सताए बढ़-बढ़ के
बेड�म म� म�म रोशनी हो और पलंग सजा
�आ हो। अब काम-��ड़ा क� शु�आत कर�, एक
दूसरे को छूना और चूमना शु� कर�। कुछ ही लम्ह�
म� आपको ऐसा लगने लगेगा जैसे कपड़� म� आग लग
गई हो और आपका िबस्तर ठंडे पानी का पूल है।
एक-एक करके कपड़े उतरने लग�गे। दो �दल�, दो
िजस्म� के बीच हर दीवार ढह चुक� है। आपक�
मिलका पूरी तरह िपघल चुक� ह�, योिन से �ेम रस
छलक रहा है और वह चाह रही ह� �क आप वहाँ कब
�वेश कर�गे। ले�कन आप उन्ह� कह� �क आज
जल्दबाजी नह� कर�गे, आज आप तसल्ली से एंज्वॉय करना चाहते ह�। आप उनसे प्यार भरी बात� करते रह�, छूते
रह� और आ�लगन लेते रह�। अब उन्ह� पीठ के बल लेटने को कह�। उनके उर�ज�, आंख�, रसीले लब� या खूबसूरत
पैर� क� �शंसा करते रह�। याद रखे �शंसा से प्यार बढ़ता है। इसे देने म� कोई खचार् नह� होता परंतु लेने वाले के
िलए यह अनमोल तोहफ़ा बन जाता है। अब उसके गाल� या ह�ठ� के चुम्बन लेना शु� क�िजए। बीच-बीच म�
कभी गदर्न, कान या पलक� को चूिमए। वह उ�ेिजत हो उठेगी। वह आपक� तरफ झुकेगी, आपके चेहरे को
अपनी तरफ ख�चेगी या आपका हाथ पकड़ कर सीधा अपने उरोज पर रख देगी। वह आपको कह भी सकती है
�क डा�लग कब तक तड़पाओगे। अब वह पूरी तरह उन्माद म� डूब चुक� है। ले�कन लाख टके का जी-स्पॉट
ऑगार्ज्म आप उसे इतनी जल्दी थोड़े ही द�गे। आपका ध्यान तो अभी चेहरे और स्तन� के ऊपर ही क���त रहना
चािहए।
तड़पाओगे तड़पा लो, हम तड़प-तड़प कर भी तुम्हारे गीत गाएंगे
यह स्टेप ब�त अहम है, आप उनके पहलू म� लेटे ह�, माहौल गमर् है और उ�ेजना बढ़ रही है। आपको पूरा
िनयं�ण और धैयर् रखना है। आज आपको िपघलना नह� है, बिल्क अपनी �ेिमका को खूब तड़पाना और तरसाना
है। चूमना जारी रिखए। उन्ह� गदर्न पर चुम्बन पसंद हो तो वहां चूिमए। अब उरोज� को छूने और सहलाने का
समय आ गया है। इनको हल्के-हल्के सहलाना शु� कर�। िनपल को ज्यादा नह� छूएं। इस स्टेप का मुख्य �योजन
जनने��य� म� र� के �वाह को बढ़ाना है। एक हाथ से स्तन को सहलाते रह� और दूसरे हाथ से पेट को गुदगुदाते
�ए आिहस्ता-आिहस्ता नीचे क� तरफ बढ़�। वो
�कतना ही तड़प�, मचल� या कौिशश कर�, अपने
हाथ को जनने��य� से ऊपर रही रख�। उन्ह� लगना
चािहए �क जैसे आज आप योिन को नह�
सहलाओगे। बस हौले-हौले नीचे ब�ढ़ए और हर
हाल म� अपने हाथ को योिन से ऊपर ही रिखए,
भले वो आपके हाथ को पकड़ कर योिन क� तरफ
ख�चने क� कौिशश करे। यहाँ आपका मकसद उस
भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखना है जो आपके
बीच गमार्ता जा रहा है। क्य��क ज्य�ही आप
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योिन को सहलाना या दबाना शु� करते हो, भावनात्मक जुड़ाव खत्म होने लगता है और सेक्स क� शु�आत हो
जाती है। गदर्न, पेट व उरोज� को सहलाना और चूमना जारी रख�। आपके बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता रहे।
यह सब करते �ए आपको उनक� तरफ से िमलने वाले दो �ीन िसगनल पर अपना ध्यान रखना है। आप उन्ह�
उ�ेिजत करते रिहए जब तक उनक� सांसे तेजी से न चलने लगे और वो आपको पकड़ कर अपनी तरफ ख�चने
न लगे। ज्य�ही वो ऐसा करे, अपना ध्यान दूसरे िसगनल पर क���त कर�। अब वह अंगड़ाई ल�गी, बल खाएगी,
मचल�गी और अपने िनतम्ब धीरे-धीरे उछालने लगेगी, ऐसा लगेगा जैसे वह संभोग के िलए ध�े मार रही हो।
पेट और स्तन� को चूमना, सूंघना और सहलाना जारी रखे।
आँख� ही आँख� म� इशारा हो गया
जैसे ही आपको उनक� तरफ से ये दोन� �ीन िसगनल
िमल जाएँ, तो समझ ल� �क वो अब पूरी तरह उ�ेिजत
और तैयार ह�। �फर भी अपना पूरा ध्यान उसके उदर और
उरोज� पर बनाए रख�। धीरे-धीरे अपने हाथ को नीचे ले
जाकर जांघ के ऊपरी िहस्से को सहलाना शु� कर�। ध्यान
रखे �क अपने हाथ योिन क्षे� से दूर ही रख�, अभी उसे छूने
का समय नह� आया है। आप चाह� तो िनतम्ब क�
गोलाइय� का हल्के हाथ से मदर्न कर सकते ह�, गुदगुदा
सकते ह�, इससे योिन क्षे� म� बेचैनी और उ�ेजना बढ़ेगी
और पूरे पेिल्वस म� र� का �वाह बढ़ेगा। कूल्ह� का िहलना, मचलना और उछलना जारी रहेगा। जांघ� को
सहलाते रह� और अंगुिलय� को उनके आनंद ि�कोण (Vulva) के चार� तरफ हौले-हौले घुमा कर योिन को
उकसाते रह�, छेड़ते रह�। ले�कन योिन से फासला बनाए रख�। जो भी हो हर हाल म� उनसे भावनात्मक जुड़ाव को
बनाए रख�।
भंवरा बड़ा नादान
अब तक तो उनक� बेचैनी पराका�ा पर होगी। िनतम्ब� का मचलना, उछलना और अंगड़ाई लेना जारी
रहेगा। वो हर कौिशश कर�गी �क आप उसक� योिन तक प�ँच�, उसे सहलाएं, मसल� और उसे आनंद के सागर क�
सैर कराएं। अगर वो थोड़ी सी भी नटखट या बेशमर् ह� तो वो अपनी
योिन को खुद ही सहलाने लगेगी या आपके हाथ को पकड़ कर अपनी
योिन तक ले जाएगी। पर आपको ऐसा नह� करना है। ज�रत पड़े तो
आप उन्ह� �फर याद �दला द� �क आज आपको कोई जल्दी नह� है और
आप अभी और मजा लेना चाहते ह�। य�द वो अपनी योिन को खुद ही
रगड़ना चाहे तो उनसे कहे �क वो अपने उरोज� को सहलाएं। बेहतर
होगा �क वो सीधी लेट जाएं और मजे लेती रहे। अब आपको उनक�
योिन के ऊपर अपने हाथ को इस तरह घुमाना है जैसे भंवरा फू ल� के
ऊपर मंडराता है, ध्यान रहे �क आपक� हथेली हर हाल म� त्वचा को
स्पशर् नह� करेगी, बाल� का हल्का सा स्पशर् जायज़ है। अगर वो
सचमुच उ�ेिजत हो चुक� ह�, तो आपका यह कदम उन्ह� पागल कर
देगा, दीवानी बना देगा। वो आपक� हथेली और उसक� गमार्हट को
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महसूस कर ल�गी। वह कूल्ह� को उछाल कर आपके हाथ को छूने क� कौिशश करेगी। ले�कन आप अपनी हथेली
को ऊपर उठा कर उन्ह� और उकसाते रह�। आपको यह सब 2-3 िमनट तक करना है। इतने म� तो वह आह� भरने
लगेगी और कह उठ�गी, “आज क्य� इतना तड़पा रहे हो।“ उनको इस तरह उकसाने के कुछ फायदे भी ह�। एक तो
इससे उनक� उ�ेजना िशखर को छूने लगेगी और दूसरा वो अपनी सारी शमर् और िझझक छोड़ कर सेक्सी और
कामुक बन जाएंगी। आपको सेक्स करने के िलए ललकारने लग�गी। आज आप उन्ह� छेड़ रहे ह�, मजबूर कर रहे ह�
�क वो सारा स्वािभमान और लोक-लाज को छोड़ कर बेहयाई करने पर उतर आए।
छू लेने दो नाज़�क होठ� को
अब योिन को छूने का व� आ गया है। पहले तो
आप योिन के दोन� तरफ हल्के हाथ� से सहलाएंगे,
ध्यान रहे भगो� (लेिबया) से अभी भी दूर ही रहना
है। इससे वो तड़प उठेगी, वासना के शोल� म� जल
उठ�गी। हल्के हाथ� से मसलना और सहलाना जारी
रख�। इससे योिन मुख के दोन� तरफ क� पेिशयां ढ़ीली
पड़ जाएंगी। इसके बाद भगो� और योिन को सहलाना
शु� कर�। ये ब�त संवेदनशील अंग ह� और इन पर
पयार्� ध्यान देना ज�री है। भगो� को आिहस्ता से
चौड़ा कर�, अंगुिलय� से मदर्न कर�। आप चाह� तो
िक्लटो�रस को हल्का सा गुदगुदा सकते ह�। पर आज जी-स्पॉट को फ़तह करने का �दन है, इसिलए पूरा ध्यान
उस पर ही रहना चािहए।
ढूंढो ढूंढो रे साजना ढूंढो
अब आप योिन �पी समु� के मंथन को तैयार ह�। आज आपको उस रहस्यमय जी-स्पॉट क� खोज कर लेना
है, जैसे �कसी जमाने म� कोलम्बस ने अमे�रका को खोजा था। सारी तैया�रयां हो चुक� ह�, नौकाएं सज चुक� ह�।
तो चिलए अपनी तजर्नी अंगुली को गीली और नमक�न योिन म� धीरे से उता�रए। धैयर् बनाए रख�, अब मंिजल
दूर नह� है। अंगुली को धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर� और योिन क� िभि�य� पर थोड़ा दबाव डाल�। अंगुली को
योिन म� ब�त अंदर तक डालने क� ज�रत नह� है, क्य��क योिन का आगे का िहस्सा ही ज्यादा संवेदलशील
होता है। य�द आपको लगे �क योिन म� पयार्� गीलापन नह� है तो इसका मतलब यह भी नह� है �क वो पूरी
तरह उ�ेिजत नह� ह�। हां आप के.वाई.जेली या
अन्य लु�ीक�ट का �योग कर सकते ह�।
अब आप योिन क� ऊपरी िभि� को दबाते �ए
अपनी अंगुली को अंदर-बाहर कर रहे ह�। ध्यान रहे
पूरे समय आप उसके होठ� और उरोज� को चूमना
और चाटना जारी रख�गे। सामान्यतः डेढ़ इंच के
बाद योिन क� अ� िभि� का कुछ िहस्सा थोड़ा
खुरदरा होता है। इसके ठीक पीछे जी-स्पॉट होता
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है, जो एक घाटी (Valley) म� समाया �आ �तीत होता है। जी-स्पॉट के पीछे एक या दो इंच लंबा िचकना और
सपाट िहस्सा होता है िजसे प्लेटो कहते ह�। य�द आपक� अंगुली ज्यादा अंदर प्लेटो तक प�ँच गई है तो उसे
बाहर क� तरफ लाकर घाटी क� रपट और खुरदरे िहस्से के बीच क� जगह को मसलना शु� कर�। य�द वो कह� �क
उन्ह� यूरीन लग रही है तो समझ लीिजए �क आप जी-स्पॉट पर प�ँच चुके ह�। अिधकांश ि�य� क� यही पहली
�ित��या होती है।
अिधकांश ि�य� म� जी-स्पॉट छोटे िस�े जैसा महसूस होता है। कुछ ि�य� म� यह महसूस ही नह� होता।
कुछ ि�य� म� यह छोटा और कुछ म� बड़ा होता है, िबलकुल वैसे ही जैसे कुछ ि�य� म� स्तन और िनपल्स बड़े
होते ह� तो कुछ म� िबलकुल छोटे। जैसे ही आपक� अंगुली जी-स्पॉट पर प�ँचे, इसे गोलाई म� घुमाते �ए मसलना
शु� कर द�। एक सैकंड म� एक गोला बनाएँ। मसलने के िलए आप एक या दो अंगुिलय� का �योग कर सकते ह�।
�रग और िमिडल �फगर सबसे उपयु� रहती है।
मोरे अंग लग जा बालमा
अब आपने जी-स्पॉट को मसलना शु� कर �दया है। हो
सकता है शु� म� वो कोई �ित��या नह� दे, परंतु हैरान होने
क� िबलकुल ज�रत नह� है, बस घाटी क� रपट और खुरदरे
िहस्से के बीच क� जगह को रगड़ना जारी रिखए। संभवतः
कुछ ही समय बाद वह कहेगी �क हां अच्छा लग रहा है या
हां बस यह� करते जाओ या कहेगी �क कुछ अलग सा महसूस
हो रहा है। य�द उसक� तरफ से कोई �ित��या नह� िमले
तो भी स� रिखए। जी-स्पॉट िनपल क� तरह होता है। जब
आप शु� म� िनपल को छूते ह� तो वह सॉफ्ट होता है। परंतु
थोड़ी देर बाद जब उसम� र� का �वाह बढ़ता है तो वह फू ल कर सख्त जाता है और उसक� संवेदना जादुई
अंदाज म� बढ़ती है। जी-स्पॉट क� �फतरत भी िबलकुल ऐसी ही है। जैसे ही आप इसे धीरे-धीरे गोलाई म� घुमाते
�ए मसलते ह�, तो यह फू लने लगता है और ब�त संवेदनशील हो जाता है। य�द औरत को िबना उ�ेिजत �कए
आप उसके जी-स्पॉट को सहलाओगे तो यह उसे अि�य और क��द लग सकता है। इसी कारण कई जोड़े जी-
स्पॉट का मजा नह� ले पाते ह�। यह बात हमेशा अपने ज़हन म� रख� �क जी-स्पॉट ऑगार्ज्म का लुफ्त लेने के पहले
औरत को पूरी तरह उ�ेिजत करना अत्यंत ज�री है। य�द आप जल्दबाजी कर�गे तो जी-स्पॉट पूरी उ�ेजना को
�ा� नह� करेगा और सफलता नह� िमल पाएगी। इसिलए आप धीगे-
धीरे स्टेप बाई स्टेप आगे बढ़�।
जी-स्पॉट क� आनंद या�ा म� लय और ताल का बड़ा महत्व है।
जब तक आपके घषर्ण क� लय संतुिलत बनी रहेगी, काम-तरंग उठेगी
और शांत होती रह�गी। उसके बाद दूसरी तरंग उठेगी और शांत हो
जाएगी. ले�कन जैसे जैसे आप घषर्ण क� लय बढ़ाएंगे तो तरंग� क�
ती�ता बढ़ने लगेगी, हर नई तरंग ज्यादा ती� होगी। य�द आप
उसके जी-स्पॉट को 10 िमनट या और अिधक समय से संतुिलत लय
म� सहला कर रहे ह� और काम-तरंग� क� ती�ता नह� बढ़ रही ह�, तो
इसका मतलब यह है �क आपको घषर्ण का दबाव या तरीका बदल
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कर देखना चािहए। हर औरत का सॉफ्टवेयर अलग होता है। �कसी को ज्यादा दबाव चािहए तो कोई अंगुिलय�
का साइड टू साइड घषर्ण पसंद करती है या कोई चाहती है �क आप अंगुिलय� को अप एंड डाउन घुमाएँ। कुछ
औरत� एक अंगुली से उ�ेिजत होती है तो �कसी को दो अंगुली का दमदार घषर्ण लुभाता है। आपसी तालमेल,
अभ्यास और सूझबूझ से आप सही तरीका सीख ल�गे।
जब आप जी-स्पॉट ऑगार्ज्म के नज़दीक प�ँचने लगते ह� तब काम क� लहर� जल्दी-जल्दी उठने लगती ह�
और उनक� ती�ता भी तेजी से बढ़ने लगती है �क ऑगार्ज्म का �कना असंभव हो जाता है। इन लम्ह� म� वो
आनंद के सातव� आसमान म� िवचरण कर रही होती ह�। ऐसी िस्थित म� कई बार पु�ष भी इतना उ�ेिजत हो
जाता है �क वह भी एक भीषण आगार्ज्म को �ा� करता है। हां, य�द आप स्वयं पर िनयं�ण रख पाते ह� और
जी-स्पॉट का मदर्न जारी रख पाते ह� तो जैसे समय का पिहया �क जाता है, जीवन थम जाता है, शरीर के सात�
च� खुल जाते ह�, बरस� से दबी �ई कुंठाएं िनकल जाती ह� और औरत बड़े लंबे समय तक आगार्ज्म के आनंद को
�ा� करती रहती है। कई �ेमी युगल 20 िमनट या इससे भी अिधक समय तक आगार्ज्म का लुफ्त लेते रहे ह�।
एक युगल ने 40 िमनट तक आगार्ज्म का सुख �ा� �कया है। आजकल जी-स्पॉट िस्टमुलेशन के िलए ब�त सारे
सेक्स टॉयज़ भी उपलब्ध ह�। सेक्स टॉयज़ का �योग जी-स्पॉट िस्टमुलेशन के आनंद म� चार चाद लगा देता है।
पोनर् साइट्स पर इनक� पूरी जानकारी िमल जाती है। जब हम ब�� को खेलने के िलए िखलौने देते ह� तो हमारे
युवा जोड़े क्य� पीछे रह�। उन्ह� भी तो अपनी रात� को रंगीन बनाने के िलए िखलौने चािहए। आप इन्ह�
ऑनलाइन (e.g. http://www.cheapsextoys.in) भी खरीद सकते ह� ।
ओ सनम तेरे हो गए हम प्यार म� तेरे खो गए हम
य�द सब कुछ ठीक-ठाक है तो आज उन्ह� ऐसा
परमानंद िमलने वाला है जैसा न उन्ह�ने कभी महसूस
�कया होगा, न कभी स्व� म� भी सोचा होगा। आज उनक�
रित-िनष्पि� (Orgasm) िबलकुल हटके होगी, आनंद क�
लहर� पूरे शरीर म� फै ल जाएंगी। ऑगार्ज्म क� लहर� इतनी
तेज़ होगी �क तन, मन और आत्मा तक िहला कर रख
द�गी। कह� दूर से �मानी संगीत बजने लगेगा। आज
उनको �ी होने का सही गौरव �ा� होने वाला है। शरीर
क� एक-एक कोिशका पुल�कत हो उठेगी, नाच उठेगी।
य�द आप उन्ह� जी-स्पॉट के इस मधुवन क� सैर पर पहली बार लेकर जा रहे ह� तो उनम� थोड़ी िझझक और
घबराहट भी स्वाभािवक है। कोई परवाह नह�, आप उन्ह� सांत्वना देते रह� �क मंिजल तक आप उनके साथ ह�।
आप उनके स�दयर् क� भरपूर �शंसा करे और कह� �क आप
उन्ह� बेपनाह मुहब्बत करते ह�। इससे वो न केवल सुकून
महसूस करेगी बिल्क वो पूरी तरह �रलेक्स रह�गी और
क्लाईमेक्स भी सही समय पर �ा� कर�गी। आज क� यह
हंसीन रात उनके िलए यादगार रात बन जाएगी।
�ायः जी-स्पॉट म� थोड़े फु लाव के अलावा आप योिन म�
कोई प�रवतर्न महसूस नह� कर�गे। आपको स� रखना ब�त
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ज�री है क्य��क जी-स्पॉट को पूरी तरह उ�ेिजत होने म� 20 िमनट तो लगते ही है। इतनी देर म� आपके हाथ भी
थकने लगते ह�। यहां आप �क नह� सकते अन्यथा सब कुछ खत्म हो जाएगा। जैसे ही आप जी-स्पॉट ऑग�ज्म क�
चरम अवस्था के िनकट प�ँचते ह�, योिन आपक� अंगुिलय� को संकुचन
क� भीषण तरंग� के �ारा दबाना शु� करती है। हर अगली तरंग
िपछली तरंग से तेज़ होती है। योिन अंगुिलय� को मजबूती से जकड़
लेती है। इसी समय योिन म� यकायक गीलापन बढ़ता है और योिन म�
एक िवशेष तरल का �ाव होता है। कुछ ि�य� को रित-िनष्पि� के
साथ स्खलन भी होता है, िबलकुल वैसे ही जैसे पु�ष म� वीयर् का स्खलन
होता है। स्खलन म� जो �व िनकलता है वह रंगहीन, गंधहीन और
पतला तरल पदाथर् होता है। यह योिन से िनकलने वाले सफे द रंग के सामान्य तरल से िबलकुल िभ� होता है।
�रसचर् के दौरान पाया गया �क इस �व म� �ोस्टै�टक एन्जाइम उपिस्थत थे।
मुझे तुम िमल गए हमदम सहारा हो तो ऐसा हो
िजधर देखूँ उधर तुम हो, नजारा हो तो ऐसा हो
�कसी का चाँद सा चेहरा, नजर से चूम लेती �ँ
खुशी क� इंतहा ये है, नशे म� झूम लेती �ँ
�ई तकदीर भी रोशन, िसतारा हो तो ऐसा हो
अब आप मंिजल के िबलकुल करीब है। जैसे जैसे योिन म� गीलापन बढ़ता है, योिन का बलपूवर्क �माकुंचन
होता है। कई बार योिन म� संकुचन इतना तेज होता है �क वह अंगुिलय� को बाहर धकेल देती है। आपक� �ेयसी
काम-आनंद म� इतनी दीवानी हो जाएगी �क लाज शमर् छोड़कर जोर से िचल्लाकर कहेगी, “�कना मत, करते
रहो, आज तो आपने मार ही डाला, और ज़ोर से
मसलो, फाड़ दो वगैरह वगैरह.... ”
वो �कतनी मदहोश हो जाएं, चीखे िचल्लाएं
और उन्ह� काम-आनंद के इस समंदर म� गोते लगाते
�ए देख कर आप भी �कतने ही उ�ेिजत हो जाओ
पर आपको िबलकुल संयम बनाए रखना है और हर
हाल म� िनयम� का पालन करना है। सामान्य
आग�ज्म के िवपरीत जी-स्पॉट आगार्ज्म म� औरत
जोर लगा कर गले से चीखती है, लगभग वैसे ही
जैसे �ी ब�ा पैदा होते समय चीखती िचल्लाती है।
पूरी संभावना रहती है �क उन्ह� शानदार िडस्चाजर्
हो। कुछ ि�यां इतनी उ�ेिजत हो जाती ह� �क दो-तीन झटक� म� फव्वारे क� तरह स्खिलत होती ह� और 150
एम.एल. तक �व का स्खलन करती ह� और चादर भी गीली हो जाती है।
ध्यान रहे �क आप उसके जी-स्पॉट का मदर्न ऑगार्ज्म पूरी तरह शांत होने तक जारी रख� या जब तक वो मना न
करदे। वो ऑगार्ज्म क� आिखरी एक या दो िमनट का पूरा लुफ्त उठाना चाहेगी। उन्ह� यह चरम आनंद लेते
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देखना आपका सबसे बड़ा तोहफ़ा है। इस महान आनंद क� �ाि� म� आपक� मेहनत और तैयारी के िलए वह
अपने हाव भाव से आभार �कट करेगी। इस व� आप जलम� और तेज़ी से �माकुंचन करती योिन म� �लग को
डाल कर उनके काम-आनंद को दोगुना कर सकते ह�। आप भी संकुचन करती योिन का �द� अनुभव कभी भूल
नह� पाएंगे। आज का यह संभोग िशव और उमा क� रित-��ड़ा का उत्सव है, समािध है। अलसी या अलसी के
तेल का िनयिमत सेवन करने से ि�य� क� कामेच्छा बढ़ती है और वे सहजता से जी-स्पॉट के स्वग�य सुख को
�ा� करती ह�।
जी-स्पॉट पर एक बेहतरीन एनीमेशन

G spot

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    1 जी-स्पॉट या सुखका सागर Dr. O.P.Verma M.B.B.S., M.R.S.H.(London) http://flaxindia.blogspot.in Email- dropvermaji@gmail.com �ाचीन शा�� म� योिन को देवी माना गया है, आिखर यह मनुष्य क� जननी जो है। योिन �ीत्व का क�� है, मातृत्व का उपवन है। आज तक कोई इसे पूरी तरह समझ नह� पाया। इसम� अनेक� रहस्य समाए �ए ह�। ऐसा ही एक महान रहस्य है जी-स्पॉट िजसक� आप हम चचार् करने जा रहे ह�। आपने पोन��ा�फक वेब साइट्स और सेक्स पि�का� म� इसके बारे म� अक्सर पढ़ा होगा। जहाँ कुछ लोग इसको लेकर ब�त उत्सुक ह� और इसका आनंद भी उठा रहे ह�, वह� कुछ नकारात्मक िवचारधारा वाले लोग इसे महज़ �कसी िसर�फरे �ि� के �दमाग क� उपज मानते ह�। वे मानते ह� �क जी-स्पॉट नाम क� कोई चीज है ही नह�। जी-स्पॉट पर इतना हल्ला होने के बाद भी असमंजस क� िस्थित बनी �ई है। इसिलए म� आज रहस्य के सारे परदे उठा कर स�ाई को उजागर कर देना चाहता �ँ। तो चिलए सबसे पहले हम इितहास के प�� को पलटने क� कौिशश करते ह�। 1950 के दशक म� िवख्यात गायनेकोलोिजस्ट डॉ. अन्सर्ट �ेफनबगर् ने इंटरनेशनल जरनल ऑफ सेक्सोलोजी म� The Role of Urethra in Female Orgasm नाम से एक �प� �कािशत �कया था। इन्ह�ने ि�य� क� यूरे�ा के चारो तरफ कोप�रा केवन�जा क� तरह एक स्पंजी और इरेक्टाइल �टश्यू को िचिन्हत �कया, िजसे यूरी�ल स्पंज कहा जाता है। इसके बाद 1980 के दशक म� सेक्स एजूकेटर और काउंसलर बेवल� िव्हपल तथा सायकोलोिजस्ट और सेक्सोलोिजस्ट जॉन पेरी ने डॉ. अन्सर्ट �ेफनबगर् क� शोध को आगे बढ़ाया और अंततः डॉ. अन्सर्ट �ेफनबगर् के नाम पर इस इस रहस्यमय स्पॉट का नाम जी-स्पॉट रखा। जी-स्पॉट क� ऐनाटॉमी जी-स्पॉट को समझने के िलए सबसे पहले हम यूरे�ल स्पंज क� संरचना को समझते ह�। यूरे�ा एक निलका है जो यूरीनरी ब्लाडर को िक्लटो�रस और योिन (वेजाइना) के बीच िस्थत यूरे�ल िमएटस से जोड़ती है, िजससे यूरीन का िनकास होता है। यूरे�ा योिन क� ऊपरी िभि� के ऊपर से गुजरती है और इसके चारो तरफ एक स्पंजी और इरेक्टाइल �टश्यू के आवरण से िघरी रहती है िजसे यूरी�ल स्पंज कहते
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    2 ह�। इस �टश्यूम� नवर् एं�डग्स, र�-वािहकाएँ, पेरायूरी�ल तथा पेरीयूरी�ल �ंिथयां और वािहकाएं अविस्थत रहती है। ये �ंिथयां वीयर् जैसा तरल �ाव (फ�मेल इजाकुलेट) बनाती ह� और स्खलन (इजाकुलेशन) करती ह�। इस तरल क� संरचना �ब� वीयर् जैसी होती है, िसफर् इसम� शु�ाणु नह� होते ह�। इसीिलए यूरी�ल स्पंज को �ोस्टेट �ंिथ का �ित�प भी माना जाता है। यूरी�ल स्पंज का एक खास अितसंवेदनशील िहस्सा उ�ेिजत होने पर फू ल जाता है और योिन क� ऊपरी िभि� म� डेढ़ या दो इंच अंदर उभरा �आ महसूस होता है। एक छोटे िस�े के आकार के इसी स्थान को जी-स्पॉट कहते ह�। यह िक्लटो�रस से भी ज्यादा संवेदनशील होता है। कई वैज्ञािनक पूरे यूरी�ल स्पंज को ही जी-स्पॉट मानते ह�। उ�ेिजत करने पर यूरी�ल स्पंज र� से भर जाता है और पेरायूरी�ल तथा पेरीयूरी�ल �ंिथयां तरल �ाव से फू ल जाती ह� और कई ि�यां पु�ष क� भांित ती� आवेग के साथ तरल का स्खलन करती ह�। जी-स्पॉट क� कायर्शाला जी-स्पॉट के बारे म� तो आप जान ही गए ह�। अब म� आपको बड़े इित्मनान से िसखाऊँ गा �क क�से इस गु� स्थल को ढूँढ़ना है, उ�ेिजत करना है, गुदगुदाना है और अनंत आनंद क� �ाि� करना है। ज्यादा परेशान होने क� ज�रत नह� है, यह इतना क�ठन भी नह� है। हां, उन उतावले युवा� को ज�र परेशानी हो सकती है, जो स� नह� कर पाते। इनके िलए संभोग का मतलब है बस एक दो चुम्बन िलए, स्तन� को थोड़ा दबाया और सीधे नीचे प�ँच जाते ह�। दो-चार िमनट संभोग �कया और िनढ़ाल होकर सो जाते ह�। ि�यां भी ऐसे पु�ष� को पसंद नह� करती। ऐसे लोग कौिशश कर�गे तो भी जी-स्पॉट को न ठीक से डूँढ़ पाएंगे और न पि� को वो स्वग�य सुख दे पाएंगे। और कुछ ही �दन� बाद बोलना शु� कर द�गे �क जी-स्पॉट तो होता ही नह� है, यह तो िसफर् कुछ िसर�फरे लोग� के �दमाग क� उपज है। ले�कन आप वैसे नह� ह�, आप म� संयम भी है और स� भी है, आप तो िबल्ली मार ही ल�गे। तभी तो यह लेख इतनी तल्लीनता से पढ़ रहे ह�। यह तो मानना ही होगा �क जी-स्पॉट इतना सहज सुलभ भी नह� है �क अंदर अंगुली डाली और सीधी जी-स्पॉट पर ले जाकर रख दी। और इसका मदर्न करना शु� कर �दया। तभी तो आज भी इस च�चत स्पॉट को रहस्यमय और िववादास्पद माना जाता है। सेक्स पि�का� और पोनर् वेब साइट्स पर इस िवषय पर ब�त साम�ी उपलब्ध है। अिधकांश मिहलाएं जवानी म� कदम रखती ह�, हस्त-मैथुन करती ह�, �जदगी भर संभोग करती ह�, ब�े पैदा करती ह� �फर भी जी-स्पॉट से अनिभज्ञ और अनजान बनी रहती है। पु�ष� को तो योिन-मैथुन से आगे सोचने क� फु सर्त ही कहां
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    3 रहती है। �ी-रोगिवशेषज्ञ रोज दजर्न� ि�य� का चेकअप करती है, पर इस स्पॉट को न कभी पकड़ नह� पाती ह� और न कभी ध्यान देती ह�।। इसका एक बड़ा कारण यह है �क सामान्यतः यह योिन क� अ� िभि� म� सुषु� अवस्था म� रहता है और उ�ेिजत करने पर ही यह फू ल कर अपनी उपस्थित का अहसास �दलाता है। य�द आप अपनी सजनी के जी-स्पॉट को ढूँढ़ना चाहते ह�, उसे जीवन का �लयंकारी और असीम चरमानंद देना ही चाहते ह� तो धीरज रिखए और हर �बदु को समझते जाइए। आज आप जी-स्पॉट ऑगार्ज्म क� तकनीक और बारी�कय� को भली भांित सीख जाएंगे। उसके बाद आपको कोई िवशेष परेशानी नह� होगी। आप सहज होकर अपनी �ेयसी को जी-स्पॉट ऑगार्ज्म देकर उसे आनंद के उस िशखर तक लेकर जाएंगे, जहां उसे जीवन के सारे सुख नगण्य लगने लग�गे। आज वह जान जाएगी �क सेक्स का असली सुख क्या होता है। आज हम आपको �ी के हर भाव, हर अदा और हर संकेत का मतलब िसखला द�गे। ये अनुभव आपको जी-स्पॉट आगार्ज्म के चरम �बदु तक प�ँचने म� बड़ी मदद कर�गे। इंटरनेट ऐजुकेशनल स�वस, िजसे KISISS (Kinsey Institute Sexuality Information Service for Students) कहते ह�, पर सबसे अिधक पूछा जाने वाला �� आज भी यही है �क जी-स्पॉट क्या है और इसे कैसे ढूढ़�गे? शोला जो भड़के य�द दम्पि� के बीच प्यार, भावनात्मक जुड़ाव और संवाद ब�त अच्छा है, तो हो सकता है आप पहली बार ही इस महान आनंद को �ा� करल�। ले�कन हम तो आपको यही सलाह द�गे �क आप उनसे जी-स्पॉट को िज� ही मत क�िजए, बस इतना ही किहए �क आज डेट पर चलते ह�, बाहर ही खाना खाएंगे और घर आकर एंज्वॉय कर�गे। इस �दन के िलए आपको थोड़ी तैयारी भी करनी चािहए, जैसे अपने नाखुन काट ल�, अच्छे कपड़े पहन� और उनक� पसंद का परफ्यूम लगाएं। सुबह से ही माहौल खुशनुमा और मूड रोमां�टक रख�। जब भी मौका लगे उनको बाह� म� भर कर एक ब�ढ़या �� च �कस करते रिहए। देिखएगा वो �दन भर प्यार भरे सपन� म� खोई रह�गी। और अपनी योिन म� नमी और कुलबुलाहट महसूस कर�गी। �दल उनका धड़के डेट पर उन्ह� फू ल� का ग़�लदस्ता भ�ट कर� और हनीमून के प्यार भरे लम्ह� को याद कर�। िडनर म� उनक� पसंद के �ंजन ऑडर्र कर�, उनक� खुशामद कर�। कह� �क वह �कतनी सुंदर ह� और आप दीवानगी क� हद तक उन्ह� प्यार करते ह�। बात� करते रह�। ि�यां खुशामद और तारीफ से बड़ी जल्दी िपघलती ह�। जैसे ही रात ढलने लगे, अपनी चांद सी महबूबा को गोद म� उठा कर शयनकक्ष म� ऐसे �वेश कर� जैसे आज क� रात ही आपक� सुहागरात हो।
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    4 ददर् जवानी कासताए बढ़-बढ़ के बेड�म म� म�म रोशनी हो और पलंग सजा �आ हो। अब काम-��ड़ा क� शु�आत कर�, एक दूसरे को छूना और चूमना शु� कर�। कुछ ही लम्ह� म� आपको ऐसा लगने लगेगा जैसे कपड़� म� आग लग गई हो और आपका िबस्तर ठंडे पानी का पूल है। एक-एक करके कपड़े उतरने लग�गे। दो �दल�, दो िजस्म� के बीच हर दीवार ढह चुक� है। आपक� मिलका पूरी तरह िपघल चुक� ह�, योिन से �ेम रस छलक रहा है और वह चाह रही ह� �क आप वहाँ कब �वेश कर�गे। ले�कन आप उन्ह� कह� �क आज जल्दबाजी नह� कर�गे, आज आप तसल्ली से एंज्वॉय करना चाहते ह�। आप उनसे प्यार भरी बात� करते रह�, छूते रह� और आ�लगन लेते रह�। अब उन्ह� पीठ के बल लेटने को कह�। उनके उर�ज�, आंख�, रसीले लब� या खूबसूरत पैर� क� �शंसा करते रह�। याद रखे �शंसा से प्यार बढ़ता है। इसे देने म� कोई खचार् नह� होता परंतु लेने वाले के िलए यह अनमोल तोहफ़ा बन जाता है। अब उसके गाल� या ह�ठ� के चुम्बन लेना शु� क�िजए। बीच-बीच म� कभी गदर्न, कान या पलक� को चूिमए। वह उ�ेिजत हो उठेगी। वह आपक� तरफ झुकेगी, आपके चेहरे को अपनी तरफ ख�चेगी या आपका हाथ पकड़ कर सीधा अपने उरोज पर रख देगी। वह आपको कह भी सकती है �क डा�लग कब तक तड़पाओगे। अब वह पूरी तरह उन्माद म� डूब चुक� है। ले�कन लाख टके का जी-स्पॉट ऑगार्ज्म आप उसे इतनी जल्दी थोड़े ही द�गे। आपका ध्यान तो अभी चेहरे और स्तन� के ऊपर ही क���त रहना चािहए। तड़पाओगे तड़पा लो, हम तड़प-तड़प कर भी तुम्हारे गीत गाएंगे यह स्टेप ब�त अहम है, आप उनके पहलू म� लेटे ह�, माहौल गमर् है और उ�ेजना बढ़ रही है। आपको पूरा िनयं�ण और धैयर् रखना है। आज आपको िपघलना नह� है, बिल्क अपनी �ेिमका को खूब तड़पाना और तरसाना है। चूमना जारी रिखए। उन्ह� गदर्न पर चुम्बन पसंद हो तो वहां चूिमए। अब उरोज� को छूने और सहलाने का समय आ गया है। इनको हल्के-हल्के सहलाना शु� कर�। िनपल को ज्यादा नह� छूएं। इस स्टेप का मुख्य �योजन जनने��य� म� र� के �वाह को बढ़ाना है। एक हाथ से स्तन को सहलाते रह� और दूसरे हाथ से पेट को गुदगुदाते �ए आिहस्ता-आिहस्ता नीचे क� तरफ बढ़�। वो �कतना ही तड़प�, मचल� या कौिशश कर�, अपने हाथ को जनने��य� से ऊपर रही रख�। उन्ह� लगना चािहए �क जैसे आज आप योिन को नह� सहलाओगे। बस हौले-हौले नीचे ब�ढ़ए और हर हाल म� अपने हाथ को योिन से ऊपर ही रिखए, भले वो आपके हाथ को पकड़ कर योिन क� तरफ ख�चने क� कौिशश करे। यहाँ आपका मकसद उस भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखना है जो आपके बीच गमार्ता जा रहा है। क्य��क ज्य�ही आप
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    5 योिन को सहलानाया दबाना शु� करते हो, भावनात्मक जुड़ाव खत्म होने लगता है और सेक्स क� शु�आत हो जाती है। गदर्न, पेट व उरोज� को सहलाना और चूमना जारी रख�। आपके बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता रहे। यह सब करते �ए आपको उनक� तरफ से िमलने वाले दो �ीन िसगनल पर अपना ध्यान रखना है। आप उन्ह� उ�ेिजत करते रिहए जब तक उनक� सांसे तेजी से न चलने लगे और वो आपको पकड़ कर अपनी तरफ ख�चने न लगे। ज्य�ही वो ऐसा करे, अपना ध्यान दूसरे िसगनल पर क���त कर�। अब वह अंगड़ाई ल�गी, बल खाएगी, मचल�गी और अपने िनतम्ब धीरे-धीरे उछालने लगेगी, ऐसा लगेगा जैसे वह संभोग के िलए ध�े मार रही हो। पेट और स्तन� को चूमना, सूंघना और सहलाना जारी रखे। आँख� ही आँख� म� इशारा हो गया जैसे ही आपको उनक� तरफ से ये दोन� �ीन िसगनल िमल जाएँ, तो समझ ल� �क वो अब पूरी तरह उ�ेिजत और तैयार ह�। �फर भी अपना पूरा ध्यान उसके उदर और उरोज� पर बनाए रख�। धीरे-धीरे अपने हाथ को नीचे ले जाकर जांघ के ऊपरी िहस्से को सहलाना शु� कर�। ध्यान रखे �क अपने हाथ योिन क्षे� से दूर ही रख�, अभी उसे छूने का समय नह� आया है। आप चाह� तो िनतम्ब क� गोलाइय� का हल्के हाथ से मदर्न कर सकते ह�, गुदगुदा सकते ह�, इससे योिन क्षे� म� बेचैनी और उ�ेजना बढ़ेगी और पूरे पेिल्वस म� र� का �वाह बढ़ेगा। कूल्ह� का िहलना, मचलना और उछलना जारी रहेगा। जांघ� को सहलाते रह� और अंगुिलय� को उनके आनंद ि�कोण (Vulva) के चार� तरफ हौले-हौले घुमा कर योिन को उकसाते रह�, छेड़ते रह�। ले�कन योिन से फासला बनाए रख�। जो भी हो हर हाल म� उनसे भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रख�। भंवरा बड़ा नादान अब तक तो उनक� बेचैनी पराका�ा पर होगी। िनतम्ब� का मचलना, उछलना और अंगड़ाई लेना जारी रहेगा। वो हर कौिशश कर�गी �क आप उसक� योिन तक प�ँच�, उसे सहलाएं, मसल� और उसे आनंद के सागर क� सैर कराएं। अगर वो थोड़ी सी भी नटखट या बेशमर् ह� तो वो अपनी योिन को खुद ही सहलाने लगेगी या आपके हाथ को पकड़ कर अपनी योिन तक ले जाएगी। पर आपको ऐसा नह� करना है। ज�रत पड़े तो आप उन्ह� �फर याद �दला द� �क आज आपको कोई जल्दी नह� है और आप अभी और मजा लेना चाहते ह�। य�द वो अपनी योिन को खुद ही रगड़ना चाहे तो उनसे कहे �क वो अपने उरोज� को सहलाएं। बेहतर होगा �क वो सीधी लेट जाएं और मजे लेती रहे। अब आपको उनक� योिन के ऊपर अपने हाथ को इस तरह घुमाना है जैसे भंवरा फू ल� के ऊपर मंडराता है, ध्यान रहे �क आपक� हथेली हर हाल म� त्वचा को स्पशर् नह� करेगी, बाल� का हल्का सा स्पशर् जायज़ है। अगर वो सचमुच उ�ेिजत हो चुक� ह�, तो आपका यह कदम उन्ह� पागल कर देगा, दीवानी बना देगा। वो आपक� हथेली और उसक� गमार्हट को
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    6 महसूस कर ल�गी।वह कूल्ह� को उछाल कर आपके हाथ को छूने क� कौिशश करेगी। ले�कन आप अपनी हथेली को ऊपर उठा कर उन्ह� और उकसाते रह�। आपको यह सब 2-3 िमनट तक करना है। इतने म� तो वह आह� भरने लगेगी और कह उठ�गी, “आज क्य� इतना तड़पा रहे हो।“ उनको इस तरह उकसाने के कुछ फायदे भी ह�। एक तो इससे उनक� उ�ेजना िशखर को छूने लगेगी और दूसरा वो अपनी सारी शमर् और िझझक छोड़ कर सेक्सी और कामुक बन जाएंगी। आपको सेक्स करने के िलए ललकारने लग�गी। आज आप उन्ह� छेड़ रहे ह�, मजबूर कर रहे ह� �क वो सारा स्वािभमान और लोक-लाज को छोड़ कर बेहयाई करने पर उतर आए। छू लेने दो नाज़�क होठ� को अब योिन को छूने का व� आ गया है। पहले तो आप योिन के दोन� तरफ हल्के हाथ� से सहलाएंगे, ध्यान रहे भगो� (लेिबया) से अभी भी दूर ही रहना है। इससे वो तड़प उठेगी, वासना के शोल� म� जल उठ�गी। हल्के हाथ� से मसलना और सहलाना जारी रख�। इससे योिन मुख के दोन� तरफ क� पेिशयां ढ़ीली पड़ जाएंगी। इसके बाद भगो� और योिन को सहलाना शु� कर�। ये ब�त संवेदनशील अंग ह� और इन पर पयार्� ध्यान देना ज�री है। भगो� को आिहस्ता से चौड़ा कर�, अंगुिलय� से मदर्न कर�। आप चाह� तो िक्लटो�रस को हल्का सा गुदगुदा सकते ह�। पर आज जी-स्पॉट को फ़तह करने का �दन है, इसिलए पूरा ध्यान उस पर ही रहना चािहए। ढूंढो ढूंढो रे साजना ढूंढो अब आप योिन �पी समु� के मंथन को तैयार ह�। आज आपको उस रहस्यमय जी-स्पॉट क� खोज कर लेना है, जैसे �कसी जमाने म� कोलम्बस ने अमे�रका को खोजा था। सारी तैया�रयां हो चुक� ह�, नौकाएं सज चुक� ह�। तो चिलए अपनी तजर्नी अंगुली को गीली और नमक�न योिन म� धीरे से उता�रए। धैयर् बनाए रख�, अब मंिजल दूर नह� है। अंगुली को धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर� और योिन क� िभि�य� पर थोड़ा दबाव डाल�। अंगुली को योिन म� ब�त अंदर तक डालने क� ज�रत नह� है, क्य��क योिन का आगे का िहस्सा ही ज्यादा संवेदलशील होता है। य�द आपको लगे �क योिन म� पयार्� गीलापन नह� है तो इसका मतलब यह भी नह� है �क वो पूरी तरह उ�ेिजत नह� ह�। हां आप के.वाई.जेली या अन्य लु�ीक�ट का �योग कर सकते ह�। अब आप योिन क� ऊपरी िभि� को दबाते �ए अपनी अंगुली को अंदर-बाहर कर रहे ह�। ध्यान रहे पूरे समय आप उसके होठ� और उरोज� को चूमना और चाटना जारी रख�गे। सामान्यतः डेढ़ इंच के बाद योिन क� अ� िभि� का कुछ िहस्सा थोड़ा खुरदरा होता है। इसके ठीक पीछे जी-स्पॉट होता
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    7 है, जो एकघाटी (Valley) म� समाया �आ �तीत होता है। जी-स्पॉट के पीछे एक या दो इंच लंबा िचकना और सपाट िहस्सा होता है िजसे प्लेटो कहते ह�। य�द आपक� अंगुली ज्यादा अंदर प्लेटो तक प�ँच गई है तो उसे बाहर क� तरफ लाकर घाटी क� रपट और खुरदरे िहस्से के बीच क� जगह को मसलना शु� कर�। य�द वो कह� �क उन्ह� यूरीन लग रही है तो समझ लीिजए �क आप जी-स्पॉट पर प�ँच चुके ह�। अिधकांश ि�य� क� यही पहली �ित��या होती है। अिधकांश ि�य� म� जी-स्पॉट छोटे िस�े जैसा महसूस होता है। कुछ ि�य� म� यह महसूस ही नह� होता। कुछ ि�य� म� यह छोटा और कुछ म� बड़ा होता है, िबलकुल वैसे ही जैसे कुछ ि�य� म� स्तन और िनपल्स बड़े होते ह� तो कुछ म� िबलकुल छोटे। जैसे ही आपक� अंगुली जी-स्पॉट पर प�ँचे, इसे गोलाई म� घुमाते �ए मसलना शु� कर द�। एक सैकंड म� एक गोला बनाएँ। मसलने के िलए आप एक या दो अंगुिलय� का �योग कर सकते ह�। �रग और िमिडल �फगर सबसे उपयु� रहती है। मोरे अंग लग जा बालमा अब आपने जी-स्पॉट को मसलना शु� कर �दया है। हो सकता है शु� म� वो कोई �ित��या नह� दे, परंतु हैरान होने क� िबलकुल ज�रत नह� है, बस घाटी क� रपट और खुरदरे िहस्से के बीच क� जगह को रगड़ना जारी रिखए। संभवतः कुछ ही समय बाद वह कहेगी �क हां अच्छा लग रहा है या हां बस यह� करते जाओ या कहेगी �क कुछ अलग सा महसूस हो रहा है। य�द उसक� तरफ से कोई �ित��या नह� िमले तो भी स� रिखए। जी-स्पॉट िनपल क� तरह होता है। जब आप शु� म� िनपल को छूते ह� तो वह सॉफ्ट होता है। परंतु थोड़ी देर बाद जब उसम� र� का �वाह बढ़ता है तो वह फू ल कर सख्त जाता है और उसक� संवेदना जादुई अंदाज म� बढ़ती है। जी-स्पॉट क� �फतरत भी िबलकुल ऐसी ही है। जैसे ही आप इसे धीरे-धीरे गोलाई म� घुमाते �ए मसलते ह�, तो यह फू लने लगता है और ब�त संवेदनशील हो जाता है। य�द औरत को िबना उ�ेिजत �कए आप उसके जी-स्पॉट को सहलाओगे तो यह उसे अि�य और क��द लग सकता है। इसी कारण कई जोड़े जी- स्पॉट का मजा नह� ले पाते ह�। यह बात हमेशा अपने ज़हन म� रख� �क जी-स्पॉट ऑगार्ज्म का लुफ्त लेने के पहले औरत को पूरी तरह उ�ेिजत करना अत्यंत ज�री है। य�द आप जल्दबाजी कर�गे तो जी-स्पॉट पूरी उ�ेजना को �ा� नह� करेगा और सफलता नह� िमल पाएगी। इसिलए आप धीगे- धीरे स्टेप बाई स्टेप आगे बढ़�। जी-स्पॉट क� आनंद या�ा म� लय और ताल का बड़ा महत्व है। जब तक आपके घषर्ण क� लय संतुिलत बनी रहेगी, काम-तरंग उठेगी और शांत होती रह�गी। उसके बाद दूसरी तरंग उठेगी और शांत हो जाएगी. ले�कन जैसे जैसे आप घषर्ण क� लय बढ़ाएंगे तो तरंग� क� ती�ता बढ़ने लगेगी, हर नई तरंग ज्यादा ती� होगी। य�द आप उसके जी-स्पॉट को 10 िमनट या और अिधक समय से संतुिलत लय म� सहला कर रहे ह� और काम-तरंग� क� ती�ता नह� बढ़ रही ह�, तो इसका मतलब यह है �क आपको घषर्ण का दबाव या तरीका बदल
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    8 कर देखना चािहए।हर औरत का सॉफ्टवेयर अलग होता है। �कसी को ज्यादा दबाव चािहए तो कोई अंगुिलय� का साइड टू साइड घषर्ण पसंद करती है या कोई चाहती है �क आप अंगुिलय� को अप एंड डाउन घुमाएँ। कुछ औरत� एक अंगुली से उ�ेिजत होती है तो �कसी को दो अंगुली का दमदार घषर्ण लुभाता है। आपसी तालमेल, अभ्यास और सूझबूझ से आप सही तरीका सीख ल�गे। जब आप जी-स्पॉट ऑगार्ज्म के नज़दीक प�ँचने लगते ह� तब काम क� लहर� जल्दी-जल्दी उठने लगती ह� और उनक� ती�ता भी तेजी से बढ़ने लगती है �क ऑगार्ज्म का �कना असंभव हो जाता है। इन लम्ह� म� वो आनंद के सातव� आसमान म� िवचरण कर रही होती ह�। ऐसी िस्थित म� कई बार पु�ष भी इतना उ�ेिजत हो जाता है �क वह भी एक भीषण आगार्ज्म को �ा� करता है। हां, य�द आप स्वयं पर िनयं�ण रख पाते ह� और जी-स्पॉट का मदर्न जारी रख पाते ह� तो जैसे समय का पिहया �क जाता है, जीवन थम जाता है, शरीर के सात� च� खुल जाते ह�, बरस� से दबी �ई कुंठाएं िनकल जाती ह� और औरत बड़े लंबे समय तक आगार्ज्म के आनंद को �ा� करती रहती है। कई �ेमी युगल 20 िमनट या इससे भी अिधक समय तक आगार्ज्म का लुफ्त लेते रहे ह�। एक युगल ने 40 िमनट तक आगार्ज्म का सुख �ा� �कया है। आजकल जी-स्पॉट िस्टमुलेशन के िलए ब�त सारे सेक्स टॉयज़ भी उपलब्ध ह�। सेक्स टॉयज़ का �योग जी-स्पॉट िस्टमुलेशन के आनंद म� चार चाद लगा देता है। पोनर् साइट्स पर इनक� पूरी जानकारी िमल जाती है। जब हम ब�� को खेलने के िलए िखलौने देते ह� तो हमारे युवा जोड़े क्य� पीछे रह�। उन्ह� भी तो अपनी रात� को रंगीन बनाने के िलए िखलौने चािहए। आप इन्ह� ऑनलाइन (e.g. http://www.cheapsextoys.in) भी खरीद सकते ह� । ओ सनम तेरे हो गए हम प्यार म� तेरे खो गए हम य�द सब कुछ ठीक-ठाक है तो आज उन्ह� ऐसा परमानंद िमलने वाला है जैसा न उन्ह�ने कभी महसूस �कया होगा, न कभी स्व� म� भी सोचा होगा। आज उनक� रित-िनष्पि� (Orgasm) िबलकुल हटके होगी, आनंद क� लहर� पूरे शरीर म� फै ल जाएंगी। ऑगार्ज्म क� लहर� इतनी तेज़ होगी �क तन, मन और आत्मा तक िहला कर रख द�गी। कह� दूर से �मानी संगीत बजने लगेगा। आज उनको �ी होने का सही गौरव �ा� होने वाला है। शरीर क� एक-एक कोिशका पुल�कत हो उठेगी, नाच उठेगी। य�द आप उन्ह� जी-स्पॉट के इस मधुवन क� सैर पर पहली बार लेकर जा रहे ह� तो उनम� थोड़ी िझझक और घबराहट भी स्वाभािवक है। कोई परवाह नह�, आप उन्ह� सांत्वना देते रह� �क मंिजल तक आप उनके साथ ह�। आप उनके स�दयर् क� भरपूर �शंसा करे और कह� �क आप उन्ह� बेपनाह मुहब्बत करते ह�। इससे वो न केवल सुकून महसूस करेगी बिल्क वो पूरी तरह �रलेक्स रह�गी और क्लाईमेक्स भी सही समय पर �ा� कर�गी। आज क� यह हंसीन रात उनके िलए यादगार रात बन जाएगी। �ायः जी-स्पॉट म� थोड़े फु लाव के अलावा आप योिन म� कोई प�रवतर्न महसूस नह� कर�गे। आपको स� रखना ब�त
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    9 ज�री है क्य��कजी-स्पॉट को पूरी तरह उ�ेिजत होने म� 20 िमनट तो लगते ही है। इतनी देर म� आपके हाथ भी थकने लगते ह�। यहां आप �क नह� सकते अन्यथा सब कुछ खत्म हो जाएगा। जैसे ही आप जी-स्पॉट ऑग�ज्म क� चरम अवस्था के िनकट प�ँचते ह�, योिन आपक� अंगुिलय� को संकुचन क� भीषण तरंग� के �ारा दबाना शु� करती है। हर अगली तरंग िपछली तरंग से तेज़ होती है। योिन अंगुिलय� को मजबूती से जकड़ लेती है। इसी समय योिन म� यकायक गीलापन बढ़ता है और योिन म� एक िवशेष तरल का �ाव होता है। कुछ ि�य� को रित-िनष्पि� के साथ स्खलन भी होता है, िबलकुल वैसे ही जैसे पु�ष म� वीयर् का स्खलन होता है। स्खलन म� जो �व िनकलता है वह रंगहीन, गंधहीन और पतला तरल पदाथर् होता है। यह योिन से िनकलने वाले सफे द रंग के सामान्य तरल से िबलकुल िभ� होता है। �रसचर् के दौरान पाया गया �क इस �व म� �ोस्टै�टक एन्जाइम उपिस्थत थे। मुझे तुम िमल गए हमदम सहारा हो तो ऐसा हो िजधर देखूँ उधर तुम हो, नजारा हो तो ऐसा हो �कसी का चाँद सा चेहरा, नजर से चूम लेती �ँ खुशी क� इंतहा ये है, नशे म� झूम लेती �ँ �ई तकदीर भी रोशन, िसतारा हो तो ऐसा हो अब आप मंिजल के िबलकुल करीब है। जैसे जैसे योिन म� गीलापन बढ़ता है, योिन का बलपूवर्क �माकुंचन होता है। कई बार योिन म� संकुचन इतना तेज होता है �क वह अंगुिलय� को बाहर धकेल देती है। आपक� �ेयसी काम-आनंद म� इतनी दीवानी हो जाएगी �क लाज शमर् छोड़कर जोर से िचल्लाकर कहेगी, “�कना मत, करते रहो, आज तो आपने मार ही डाला, और ज़ोर से मसलो, फाड़ दो वगैरह वगैरह.... ” वो �कतनी मदहोश हो जाएं, चीखे िचल्लाएं और उन्ह� काम-आनंद के इस समंदर म� गोते लगाते �ए देख कर आप भी �कतने ही उ�ेिजत हो जाओ पर आपको िबलकुल संयम बनाए रखना है और हर हाल म� िनयम� का पालन करना है। सामान्य आग�ज्म के िवपरीत जी-स्पॉट आगार्ज्म म� औरत जोर लगा कर गले से चीखती है, लगभग वैसे ही जैसे �ी ब�ा पैदा होते समय चीखती िचल्लाती है। पूरी संभावना रहती है �क उन्ह� शानदार िडस्चाजर् हो। कुछ ि�यां इतनी उ�ेिजत हो जाती ह� �क दो-तीन झटक� म� फव्वारे क� तरह स्खिलत होती ह� और 150 एम.एल. तक �व का स्खलन करती ह� और चादर भी गीली हो जाती है। ध्यान रहे �क आप उसके जी-स्पॉट का मदर्न ऑगार्ज्म पूरी तरह शांत होने तक जारी रख� या जब तक वो मना न करदे। वो ऑगार्ज्म क� आिखरी एक या दो िमनट का पूरा लुफ्त उठाना चाहेगी। उन्ह� यह चरम आनंद लेते
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    10 देखना आपका सबसेबड़ा तोहफ़ा है। इस महान आनंद क� �ाि� म� आपक� मेहनत और तैयारी के िलए वह अपने हाव भाव से आभार �कट करेगी। इस व� आप जलम� और तेज़ी से �माकुंचन करती योिन म� �लग को डाल कर उनके काम-आनंद को दोगुना कर सकते ह�। आप भी संकुचन करती योिन का �द� अनुभव कभी भूल नह� पाएंगे। आज का यह संभोग िशव और उमा क� रित-��ड़ा का उत्सव है, समािध है। अलसी या अलसी के तेल का िनयिमत सेवन करने से ि�य� क� कामेच्छा बढ़ती है और वे सहजता से जी-स्पॉट के स्वग�य सुख को �ा� करती ह�। जी-स्पॉट पर एक बेहतरीन एनीमेशन