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राज्य शिक्षा संस्थान
प्रयागराज उत्तर
प्रदेि
श्री अशित क
ु िार शसंह, व्यायाि शिक्षक अग्रसेन इंटर
कॉलेज प्रयागराज.
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• प्राथमिक सहायता
 मिमकत्सक की अनुपस्थथमत िें मिया जाने वाला उपिार.
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उद्देश्य-
 जीवन की रक्षा करना
 ददद व पीडा को कि करना
 घायल की स्स्थशत को शिगडने से िचाना
 छात्र की घिराहट को दू र करना.
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पूवद तैयारी-
 First aid box
 शनदेि पुस्िका
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ध्यान देने योग्य िातें-
 प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिक शचशकत्सा शदया चाशहए.
 प्राथशिक शचशकत्सा तत्काल शदया जाना चाशहए.
 प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिकता क
े आधार पर शचशकत्सा शदया जाना चाशहए.
z
ध्यान देने योग्य िातें-
 फर्स्द एड िॉक्स का यथोशचत प्रयोग करना चाशहए.
 घायल क
े साथ धैयद साहस सहानुभूशत पूवदक व्यवहार करना चाशहए.
 शचशकत्सक व छात्र क
े पररवार जनों को तत्काल सूचना देना.
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पूवद ज्ञान-
छात्रों को प्राथशिक शचशकत्सा का िौस्िक ज्ञान देना.
छात्रों को प्राथशिक शचशकत्सा का प्रयोगात्मक ज्ञान देना.
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प्रशिक्षण शवशधयां-
रि स्राव-
1. शगरने क
े कारण त्वचा से रि स्राव का होना.
z
उपचार-
रि स्राव वाले भाग को क
ु छ देर तक दिाना.
घाव को एं टीसेशिक दवा से धोना.
घाव को एं टीसेशिक दवा लगाकर पट्टी िांधना.
z
स्िंचाव Strain-
 िानव िरीर की िांसपेिी या टेंडन का टू टना.
z
उपचार-
 PRICE का प्रयोग करना चाशहए.
 P-Protection.
 R-Rest
 I- Ice
 C-Compression
 E-Elevation
z
िोच Sprain-
 जॉइंट्स क
े शलगािेंट का टू टना.
z
उपचार-
 PRICE
 P-
 R-
 I-
 C-
 E-
z
Dislocation-
 हड्डी का अपने िूल स्थान से हटना.
 Type-1.Complete Dislocation-
 2.Incomplete Dislocation-
z
उपचार-
 जोडों को आरािदायक स्स्थशत िें रिना.
 Bone को िूल स्थान िें स्थाशपत करने का प्रयास नहीं करना चाशहए.
 जॉइंट्स पर िफ
द से शसकाई
 जोड को स्स्थर रिने क
े शलए स्स्लंट का प्रयोग करना चाशहए.
z Fractures-
 शगरने या शकसी विु क
े टकराने क
े कारण हड्डी का टू ट जाना.
z
Type-
 िुख्यतः आठ प्रकार क
े होते हैं.
 1.Simple fracture- हड्डी क
े टू टने पर कोई घाव नहीं होताहै
 2.Compound fracture- हड्डी त्वचा से िाहर शनकल आती है.
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Types-
 3.Complicated Fracture- हड्डी टू ट कर आंतररक अंगों िें धंस जाती है.
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Type-
 4.Multipal Fracture- हड्डी का दो या दो से अशधक भागों िें टू ट जाना.
z
Type-
 5.Impacted Fracture- टू टी हुई हड्डी एक शसरा दू सरी हड्डी िें घुस या धस
जाना.
z
Type-
 6.Stress fracture- यह Over use िोन फ्र
ै क्चर है.
z Type-
 7. Green stick fracture- इस फ
ै क्चर िें हशड्डयां टू टती नहीं िस्ि िुड जाती
है.
z
Type-
 8.Depressed Fracture- िोपडी क
े क्र
े शनयल भाग की हड्डी टू ट कर अंदर
घुस या धंस जाती है.
z
उपचार-
1. 1.अस्स्थ भंग क
े साथ अगर रि स्राव होने लगे तो सवदप्रथि रिस्राव को
रोका जाए.
2. 2.अस्स्थ भंग वाले अंग को आरािदायक स्स्थशत िें रिा जाए.
3. 3.ददद शनवारक दवाइयां देनी चाशहए
4. 4.तत्काल शचशकत्सक से संपक
द करना चाशहए.
z Cramp-
 यह िांसपेिी व टंडन की चोट है.
 िांसपेशियां शसक
ु ड कर सख्त हो जाती हैं
z Cramp आने क
े िुख्य कारण
 Physiological Imbalance का होना.
 जलवायु का िदलना
 क
ु पोषण
 उशचत वािद अप का ना होना
 अत्यशधक थकान का होना.
z
 पयादप्त पानी पीना.
 पोषक आहार शजसिें इलेक्ट्रोलाइट्स की अशधकता हो.
 आराि करना.
 हीशटंग पैड का प्रयोग
उपचार-
z Contusion गुम्बड-
 िांसपेिी अंग पर िाहरी आघात क
े कारण िांसपेशियों िें रि का जाि
जाना या नीला पड जाना.
z
उपचार-
 ददद शनवारक गोशलयां देना
 िफ
द से शसकाई
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प्रोजेक्ट् वक
द -
 शवशभन्न प्राथशिक उपचारों पर एक प्रोजेक्ट् िनाइये.
 शकसी एक शवशध को उदाहरण सशहत सिझाइए
 संक
े त-1.आप इस अध्याय से सहायता लें.
 2.स्िलाशडयों से ज्ञान प्राप्त करें.
 3.क
ु छ अच्छे उदाहरण दें और सिझाइए.
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िूल्ांकन-
1. प्रश्नोत्तरी शवशध द्वारा
2. टास्क देकर.
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first aid part 2(Amit Singh).pptx

  • 1.
    z राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराजउत्तर प्रदेि श्री अशित क ु िार शसंह, व्यायाि शिक्षक अग्रसेन इंटर कॉलेज प्रयागराज.
  • 2.
    z • प्राथमिक सहायता मिमकत्सक की अनुपस्थथमत िें मिया जाने वाला उपिार.
  • 3.
    z उद्देश्य-  जीवन कीरक्षा करना  ददद व पीडा को कि करना  घायल की स्स्थशत को शिगडने से िचाना  छात्र की घिराहट को दू र करना.
  • 4.
    z पूवद तैयारी-  Firstaid box  शनदेि पुस्िका
  • 5.
    z ध्यान देने योग्यिातें-  प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिक शचशकत्सा शदया चाशहए.  प्राथशिक शचशकत्सा तत्काल शदया जाना चाशहए.  प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिकता क े आधार पर शचशकत्सा शदया जाना चाशहए.
  • 6.
    z ध्यान देने योग्यिातें-  फर्स्द एड िॉक्स का यथोशचत प्रयोग करना चाशहए.  घायल क े साथ धैयद साहस सहानुभूशत पूवदक व्यवहार करना चाशहए.  शचशकत्सक व छात्र क े पररवार जनों को तत्काल सूचना देना.
  • 7.
    z पूवद ज्ञान- छात्रों कोप्राथशिक शचशकत्सा का िौस्िक ज्ञान देना. छात्रों को प्राथशिक शचशकत्सा का प्रयोगात्मक ज्ञान देना.
  • 8.
    z प्रशिक्षण शवशधयां- रि स्राव- 1.शगरने क े कारण त्वचा से रि स्राव का होना.
  • 9.
    z उपचार- रि स्राव वालेभाग को क ु छ देर तक दिाना. घाव को एं टीसेशिक दवा से धोना. घाव को एं टीसेशिक दवा लगाकर पट्टी िांधना.
  • 10.
    z स्िंचाव Strain-  िानविरीर की िांसपेिी या टेंडन का टू टना.
  • 11.
    z उपचार-  PRICE काप्रयोग करना चाशहए.  P-Protection.  R-Rest  I- Ice  C-Compression  E-Elevation
  • 12.
    z िोच Sprain-  जॉइंट्सक े शलगािेंट का टू टना.
  • 13.
  • 14.
    z Dislocation-  हड्डी काअपने िूल स्थान से हटना.  Type-1.Complete Dislocation-  2.Incomplete Dislocation-
  • 15.
    z उपचार-  जोडों कोआरािदायक स्स्थशत िें रिना.  Bone को िूल स्थान िें स्थाशपत करने का प्रयास नहीं करना चाशहए.  जॉइंट्स पर िफ द से शसकाई  जोड को स्स्थर रिने क े शलए स्स्लंट का प्रयोग करना चाशहए.
  • 16.
    z Fractures-  शगरनेया शकसी विु क े टकराने क े कारण हड्डी का टू ट जाना.
  • 17.
    z Type-  िुख्यतः आठप्रकार क े होते हैं.  1.Simple fracture- हड्डी क े टू टने पर कोई घाव नहीं होताहै  2.Compound fracture- हड्डी त्वचा से िाहर शनकल आती है.
  • 18.
    z Types-  3.Complicated Fracture-हड्डी टू ट कर आंतररक अंगों िें धंस जाती है.
  • 19.
    z Type-  4.Multipal Fracture-हड्डी का दो या दो से अशधक भागों िें टू ट जाना.
  • 20.
    z Type-  5.Impacted Fracture-टू टी हुई हड्डी एक शसरा दू सरी हड्डी िें घुस या धस जाना.
  • 21.
    z Type-  6.Stress fracture-यह Over use िोन फ्र ै क्चर है.
  • 22.
    z Type-  7.Green stick fracture- इस फ ै क्चर िें हशड्डयां टू टती नहीं िस्ि िुड जाती है.
  • 23.
    z Type-  8.Depressed Fracture-िोपडी क े क्र े शनयल भाग की हड्डी टू ट कर अंदर घुस या धंस जाती है.
  • 24.
    z उपचार- 1. 1.अस्स्थ भंगक े साथ अगर रि स्राव होने लगे तो सवदप्रथि रिस्राव को रोका जाए. 2. 2.अस्स्थ भंग वाले अंग को आरािदायक स्स्थशत िें रिा जाए. 3. 3.ददद शनवारक दवाइयां देनी चाशहए 4. 4.तत्काल शचशकत्सक से संपक द करना चाशहए.
  • 25.
    z Cramp-  यहिांसपेिी व टंडन की चोट है.  िांसपेशियां शसक ु ड कर सख्त हो जाती हैं
  • 26.
    z Cramp आनेक े िुख्य कारण  Physiological Imbalance का होना.  जलवायु का िदलना  क ु पोषण  उशचत वािद अप का ना होना  अत्यशधक थकान का होना.
  • 27.
    z  पयादप्त पानीपीना.  पोषक आहार शजसिें इलेक्ट्रोलाइट्स की अशधकता हो.  आराि करना.  हीशटंग पैड का प्रयोग उपचार-
  • 28.
    z Contusion गुम्बड- िांसपेिी अंग पर िाहरी आघात क े कारण िांसपेशियों िें रि का जाि जाना या नीला पड जाना.
  • 29.
    z उपचार-  ददद शनवारकगोशलयां देना  िफ द से शसकाई
  • 30.
    z प्रोजेक्ट् वक द - शवशभन्न प्राथशिक उपचारों पर एक प्रोजेक्ट् िनाइये.  शकसी एक शवशध को उदाहरण सशहत सिझाइए  संक े त-1.आप इस अध्याय से सहायता लें.  2.स्िलाशडयों से ज्ञान प्राप्त करें.  3.क ु छ अच्छे उदाहरण दें और सिझाइए.
  • 31.
  • 32.

Editor's Notes