z
ध्यान देने योग्यिातें-
प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिक शचशकत्सा शदया चाशहए.
प्राथशिक शचशकत्सा तत्काल शदया जाना चाशहए.
प्रशिशक्षत व्यस्ि द्वारा प्राथशिकता क
े आधार पर शचशकत्सा शदया जाना चाशहए.
6.
z
ध्यान देने योग्यिातें-
फर्स्द एड िॉक्स का यथोशचत प्रयोग करना चाशहए.
घायल क
े साथ धैयद साहस सहानुभूशत पूवदक व्यवहार करना चाशहए.
शचशकत्सक व छात्र क
े पररवार जनों को तत्काल सूचना देना.
7.
z
पूवद ज्ञान-
छात्रों कोप्राथशिक शचशकत्सा का िौस्िक ज्ञान देना.
छात्रों को प्राथशिक शचशकत्सा का प्रयोगात्मक ज्ञान देना.
z
Dislocation-
हड्डी काअपने िूल स्थान से हटना.
Type-1.Complete Dislocation-
2.Incomplete Dislocation-
15.
z
उपचार-
जोडों कोआरािदायक स्स्थशत िें रिना.
Bone को िूल स्थान िें स्थाशपत करने का प्रयास नहीं करना चाशहए.
जॉइंट्स पर िफ
द से शसकाई
जोड को स्स्थर रिने क
े शलए स्स्लंट का प्रयोग करना चाशहए.
z
Type-
िुख्यतः आठप्रकार क
े होते हैं.
1.Simple fracture- हड्डी क
े टू टने पर कोई घाव नहीं होताहै
2.Compound fracture- हड्डी त्वचा से िाहर शनकल आती है.
z
उपचार-
1. 1.अस्स्थ भंगक
े साथ अगर रि स्राव होने लगे तो सवदप्रथि रिस्राव को
रोका जाए.
2. 2.अस्स्थ भंग वाले अंग को आरािदायक स्स्थशत िें रिा जाए.
3. 3.ददद शनवारक दवाइयां देनी चाशहए
4. 4.तत्काल शचशकत्सक से संपक
द करना चाशहए.
25.
z Cramp-
यहिांसपेिी व टंडन की चोट है.
िांसपेशियां शसक
ु ड कर सख्त हो जाती हैं
26.
z Cramp आनेक
े िुख्य कारण
Physiological Imbalance का होना.
जलवायु का िदलना
क
ु पोषण
उशचत वािद अप का ना होना
अत्यशधक थकान का होना.
27.
z
पयादप्त पानीपीना.
पोषक आहार शजसिें इलेक्ट्रोलाइट्स की अशधकता हो.
आराि करना.
हीशटंग पैड का प्रयोग
उपचार-
28.
z Contusion गुम्बड-
िांसपेिी अंग पर िाहरी आघात क
े कारण िांसपेशियों िें रि का जाि
जाना या नीला पड जाना.
z
प्रोजेक्ट् वक
द -
शवशभन्न प्राथशिक उपचारों पर एक प्रोजेक्ट् िनाइये.
शकसी एक शवशध को उदाहरण सशहत सिझाइए
संक
े त-1.आप इस अध्याय से सहायता लें.
2.स्िलाशडयों से ज्ञान प्राप्त करें.
3.क
ु छ अच्छे उदाहरण दें और सिझाइए.