Hindi Project on Ladakhian Poet on ताशी राबगियास
Art Integrated Project
ताशी रबगियास
01
02 प्रारंगिक जीवन
03 गशक्षा
04 सागित्यिक योिदान
05 पुरस्कार
अनुक्रमणिका
ताशी रबणियास (1927 - 30 अक्टू बर 2020) भारतीय णिद्वान और इणतहासकार जो क
ें द्र शाणसत
प्रदेश लद्दाख से संबंणित थे । िह महायान और िज्रयान बौद्ध िमम क
े णिद्वान थे । उन्ोंने भोटी
भाषा पर बडी णिशेषज्ञता हाणसल की। उनक
े खाते में कई णकताबें हैं। उनक
े पास 200 से अणिक
लोकिीतों का संग्रह है, णजसक
े णलए उन्ें कला संस्क
ृ णत और भाषा णिभाि, जम्मू और कश्मीर
सरकार द्वारा रोब ऑफ ऑनर से सम्माणनत णकया िया था।
ताशी रबणियास
प्रारंणभक जीिन
उनका जन्म लेि क
े सक्ती िांव क
े तुक्चू पररवार में हुआ था।
उनका बहुत कम उम्र से िी बौद्ध दशशन और इसक
े जीवन क
े
तरीकों क
े प्रगत झुकाव था| वि क
ु छ वर्षों क
े गलए इंटरनेशनल
एसोगसएशन फॉर लद्दाख स्टडीज क
े संरक्षक थे|
1953 में, 27 साल की उम्र में, उन्ोंने चार साल की अवगि क
े
गलए जम्मू-कश्मीर सरकार क
े पिले उप मंत्री, 19वें क
ु शोक ब
क
ु ला ररनपोचे क
े पिले गनजी सिायक क
े रूप में अपना कररयर
शुरू गकया ।
उन्ोंने सिायक संपादक/सांस्क
ृ गतक अगिकारी, िंिटोक ( गस
त्यिम ) क
े रूप में िी काम गकया िै।
उन्ोंने 1960 से 1962 तक रेगडयो कश्मीर श्रीनिर पर प्रिारी
लद्दाखी प्रोग्रामर क
े रूप में कायश गकया । बाद में उन्ें 1963 में
गदल्ली गवश्वगवद्यालय में
बौद्ध अध्ययन क
े व्याख्याता गनयुक्त गकया िया। उन्ोंने 1964
से 1982 तक जम्मू-कश्मीर सरकार क
े सूचना अगिकारी क
े र
ूू प में िी काम गकया।
लद्दाख कल्चरल फोरम, लेि क
े संस्थापक अध्यक्ष िोने क
े
नाते सामागजक जीवन की एक गवस्तृत श्रृंखला में शागमल िैं।
इसक
े अलावा, वि सगचव रि चुक
े िैं,1964 से 1970 तक
7 वर्षों क
े गलए लद्दाख बौद्ध संघ । वि 1998-2000 की अ
वगि क
े दौरान सागिि अकादमी , नई गदल्ली क
े साथ सामा
न्य पररर्षद क
े सदस्य क
े रूप में िी जुडे रिे। उन्ोंने एक ए
नजीओ लद्दाख इकोलॉगजकल डेवलपमेंट ग्रुप (LeDeG) में
गशक्षा अगिकारी क
े रूप में िी काम गकया। वि इंटरनेशन
ल एसोगसएशन फॉर लद्दाख स्टडीज क
े संस्थापक सदस्यों में
से एक थे। बौद्ध अध्ययन क
े गलए उनकी सेवाओं की मान्यत
ूा में क
ें द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेि में ग्यालवा लुंिचेन
रबजम क
े नाम से उनका एक चेयर िै ।
णशक्षा
उन्ोंने अपनी प्राथगमक गशक्षा चेमदे िांव क
े एक प्राथगमक गवद्यालय से
और माध्यगमक गशक्षा श्री प्रताप कॉलेज , श्रीनिर से पूरी की, जिााँ उन्ोंने
1953 में कला स्नातक की उपागि प्राप्त की।
साणहत्यिक योिदान
मानवशास्त्रीय पुस्तक शीर्षशक; "गिमालयी बौद्ध िांवों"|
पस्तक शीर्षशक; "लद्दाख क
े योगिन" 1997 में प्रकागशत।
उन तीन लेखकों में से एक गजन्ोंने लद्दाख, जम्मू-कश्मी
र राज्य क
े स्क
ू लों क
े गलए पिली से आठवीं कक्षा तक ि
ूोटी िार्षा में पाठ्य पुस्तक तैयार की।
उन्ोंने पाररत्यस्थगतकी, पयाशवरण और नवीकरणीय संसाि
नों पर प्रकाश डालते हुए िोटी िार्षा में "एस तेंदल सरि्
युर" शीर्षशक क
े साथ एक समाचार पत्र गनकाला। यि Le
DEG, लेि में गशक्षा अगिकारी क
े रूप में सेवा करते हुए
गकया िया था|
उन्ोंने गवगिन्न गवर्षयों पर सत्रि खंडों में प्रगसद्ध गतब्बती
गिक्षु "तरनाथ" क
े कायों का प्रूफ रीगडंि गकया और गवशे
र्ष रूप से तंत्र गशक्षाओं पर गटप्पणी की जो गितीय आध्या
त्यिक क्षण में गतब्बत पहुंची जो 11वीं शताब्दी में शुरू हु
ई थी, स्टोक पैलेस में गमली थी गजसे िारा प्रकागशत गकय
पुरस्कार
रोबे ऑफ ऑनर -2022|
सागिि अकादमी िार्षा सम्मान - 1998|
मई-1999 में दलाई लामा क
े माध्यम से लद्दाख बुत्यद्धस्ट एसोगसएशन यूथ गवंि िारा प्रथम ग ंग्स-टे
क पुरस्कार|
डोिरा रतन - अक्टू बर, 2007 में|
क
ें द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान लेि की स्वणश जयंती क
े अवसर पर जम्मू-कश्मीर राज्य क
े राज्यपाल
िारा प्रशत्यस्त पत्र और नकद पुरस्कार का सम्मान गदया िया|
लद्दाख क
े सागिि, इगतिास और संस्क
ृ गत में योिदान क
े गलए राज्य पुरस्कार-2008।
Made by Class 9
िन्यिाद

Art Integrated Project HINDI CBSE CLASS 9

  • 1.
    Hindi Project onLadakhian Poet on ताशी राबगियास Art Integrated Project
  • 2.
    ताशी रबगियास 01 02 प्रारंगिकजीवन 03 गशक्षा 04 सागित्यिक योिदान 05 पुरस्कार अनुक्रमणिका
  • 3.
    ताशी रबणियास (1927- 30 अक्टू बर 2020) भारतीय णिद्वान और इणतहासकार जो क ें द्र शाणसत प्रदेश लद्दाख से संबंणित थे । िह महायान और िज्रयान बौद्ध िमम क े णिद्वान थे । उन्ोंने भोटी भाषा पर बडी णिशेषज्ञता हाणसल की। उनक े खाते में कई णकताबें हैं। उनक े पास 200 से अणिक लोकिीतों का संग्रह है, णजसक े णलए उन्ें कला संस्क ृ णत और भाषा णिभाि, जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा रोब ऑफ ऑनर से सम्माणनत णकया िया था। ताशी रबणियास
  • 4.
    प्रारंणभक जीिन उनका जन्मलेि क े सक्ती िांव क े तुक्चू पररवार में हुआ था। उनका बहुत कम उम्र से िी बौद्ध दशशन और इसक े जीवन क े तरीकों क े प्रगत झुकाव था| वि क ु छ वर्षों क े गलए इंटरनेशनल एसोगसएशन फॉर लद्दाख स्टडीज क े संरक्षक थे| 1953 में, 27 साल की उम्र में, उन्ोंने चार साल की अवगि क े गलए जम्मू-कश्मीर सरकार क े पिले उप मंत्री, 19वें क ु शोक ब क ु ला ररनपोचे क े पिले गनजी सिायक क े रूप में अपना कररयर शुरू गकया । उन्ोंने सिायक संपादक/सांस्क ृ गतक अगिकारी, िंिटोक ( गस त्यिम ) क े रूप में िी काम गकया िै। उन्ोंने 1960 से 1962 तक रेगडयो कश्मीर श्रीनिर पर प्रिारी लद्दाखी प्रोग्रामर क े रूप में कायश गकया । बाद में उन्ें 1963 में गदल्ली गवश्वगवद्यालय में बौद्ध अध्ययन क े व्याख्याता गनयुक्त गकया िया। उन्ोंने 1964 से 1982 तक जम्मू-कश्मीर सरकार क े सूचना अगिकारी क े र ूू प में िी काम गकया।
  • 5.
    लद्दाख कल्चरल फोरम,लेि क े संस्थापक अध्यक्ष िोने क े नाते सामागजक जीवन की एक गवस्तृत श्रृंखला में शागमल िैं। इसक े अलावा, वि सगचव रि चुक े िैं,1964 से 1970 तक 7 वर्षों क े गलए लद्दाख बौद्ध संघ । वि 1998-2000 की अ वगि क े दौरान सागिि अकादमी , नई गदल्ली क े साथ सामा न्य पररर्षद क े सदस्य क े रूप में िी जुडे रिे। उन्ोंने एक ए नजीओ लद्दाख इकोलॉगजकल डेवलपमेंट ग्रुप (LeDeG) में गशक्षा अगिकारी क े रूप में िी काम गकया। वि इंटरनेशन ल एसोगसएशन फॉर लद्दाख स्टडीज क े संस्थापक सदस्यों में से एक थे। बौद्ध अध्ययन क े गलए उनकी सेवाओं की मान्यत ूा में क ें द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेि में ग्यालवा लुंिचेन रबजम क े नाम से उनका एक चेयर िै ।
  • 6.
    णशक्षा उन्ोंने अपनी प्राथगमकगशक्षा चेमदे िांव क े एक प्राथगमक गवद्यालय से और माध्यगमक गशक्षा श्री प्रताप कॉलेज , श्रीनिर से पूरी की, जिााँ उन्ोंने 1953 में कला स्नातक की उपागि प्राप्त की।
  • 7.
    साणहत्यिक योिदान मानवशास्त्रीय पुस्तकशीर्षशक; "गिमालयी बौद्ध िांवों"| पस्तक शीर्षशक; "लद्दाख क े योगिन" 1997 में प्रकागशत। उन तीन लेखकों में से एक गजन्ोंने लद्दाख, जम्मू-कश्मी र राज्य क े स्क ू लों क े गलए पिली से आठवीं कक्षा तक ि ूोटी िार्षा में पाठ्य पुस्तक तैयार की। उन्ोंने पाररत्यस्थगतकी, पयाशवरण और नवीकरणीय संसाि नों पर प्रकाश डालते हुए िोटी िार्षा में "एस तेंदल सरि् युर" शीर्षशक क े साथ एक समाचार पत्र गनकाला। यि Le DEG, लेि में गशक्षा अगिकारी क े रूप में सेवा करते हुए गकया िया था| उन्ोंने गवगिन्न गवर्षयों पर सत्रि खंडों में प्रगसद्ध गतब्बती गिक्षु "तरनाथ" क े कायों का प्रूफ रीगडंि गकया और गवशे र्ष रूप से तंत्र गशक्षाओं पर गटप्पणी की जो गितीय आध्या त्यिक क्षण में गतब्बत पहुंची जो 11वीं शताब्दी में शुरू हु ई थी, स्टोक पैलेस में गमली थी गजसे िारा प्रकागशत गकय
  • 8.
    पुरस्कार रोबे ऑफ ऑनर-2022| सागिि अकादमी िार्षा सम्मान - 1998| मई-1999 में दलाई लामा क े माध्यम से लद्दाख बुत्यद्धस्ट एसोगसएशन यूथ गवंि िारा प्रथम ग ंग्स-टे क पुरस्कार| डोिरा रतन - अक्टू बर, 2007 में| क ें द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान लेि की स्वणश जयंती क े अवसर पर जम्मू-कश्मीर राज्य क े राज्यपाल िारा प्रशत्यस्त पत्र और नकद पुरस्कार का सम्मान गदया िया| लद्दाख क े सागिि, इगतिास और संस्क ृ गत में योिदान क े गलए राज्य पुरस्कार-2008।
  • 9.
    Made by Class9 िन्यिाद