संज्ञा व उसक
े भेद
दीपक क
ु मार ‘दीपक’
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ह ंदी अध्यापक,
बह ं डा, पंजाब
नमस्कार दोस्तो, ह ंदी व्याकरण से संबहित PPT
ऑनलाइन बड़ी मुश्किल से हमलती ै और यहद
हमलती भी ैं, तो फोंट्स का चक्कर पड़ जाता ै
इन मुश्किलों हनराकरण करते हुए ह ंदी हवषय
से संबहित PPT बनाने का प्रयास हकया ै, जो
आपक
े स योग क
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पररभाषा
हकसी व्यश्कि, वस्तु , भाव,
स्थान आहद क
े नाम को संज्ञा
क ते ैं |
जैसे –
व्यश्कि – भगत स िंह, कबीर दा , दीपक, राम स िंह
आसद
वस्तु – ेब, क
ु ी, मेज, कलम आसद
भाव – प्रेम, समत्रता, समठा , ुन्दरता आसद
स्थान – भारत, सदल्ली, बसठिं डा, पिंजाब आसद
संज्ञा क
े भेद
मुख्यता: संज्ञा क
े तीन भेद
माने गये ैं :-
1. व्यश्किवाचक संज्ञा
2. जाहतवाचक संज्ञा
3. भाववाचक संज्ञा
1. व्यश्किवाचक संज्ञा
जो शब्द हकसी हवशेष एवं हनहित व्यश्कि,
स्थान या वस्तु क
े नाम का बोि कराते ैं, उन्हें
व्यश्किवाचक संज्ञा शब्द क ते ैं |
जैसे –
श्री गुरु नानक देव जी, भारत, सूयय, भगत हसं ,
हतरंगा, ताजम ल, क
ु तुबमीनार, लालहकला
आहद।
2. जाहतवाचक संज्ञा
जो संज्ञा शब्द हकसी प्राणी, पदाथय, या समू
की जाहत क
े नाम का बोि कराते ैं, उन्हें
जाहतवाचक संज्ञा शब्द क ते ैं |
जैसे –
मनुष्य, नदी, नगर, पवयत, बकरी, प ाड़,
क
ं प्यूटर, पशु, पक्षी, लड़का, क
ु त्ता, गाय, घोड़ा,
भैंस, बकरी, नारी, गाँव आहद।
3. भाववाचक संज्ञा
जो शब्द से हकसी व्यश्कि या वस्तु क
े गुण,
शील, दशा, अवस्था, दोष क
े नाम का बोि
कराते ैं, उन्हें भाववाचक संज्ञा क ते ैं|
जैसे –
बचपन, बुढ़ापा, मोटापा, हम ास थकावट,
मानवता, चतुराई, जवानी, हमत्रता, ख़ुशी,
परायापन, क्रोि, सुन्दरता आहद।
िन्यवाद
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संज्ञा व उसके भेद.pptx

  • 1.
    संज्ञा व उसक ेभेद दीपक क ु मार ‘दीपक’ https://dkdrmn.blogspot.com/ ह ंदी अध्यापक, बह ं डा, पंजाब
  • 2.
    नमस्कार दोस्तो, हंदी व्याकरण से संबहित PPT ऑनलाइन बड़ी मुश्किल से हमलती ै और यहद हमलती भी ैं, तो फोंट्स का चक्कर पड़ जाता ै इन मुश्किलों हनराकरण करते हुए ह ंदी हवषय से संबहित PPT बनाने का प्रयास हकया ै, जो आपक े स योग क े हबना अिूरा र ेगा सो इस हवहडयो को अंत तक जरुर देखेंI व मेरे इस चैनल को सब्सक्राइब का बटन दबाकर सब्सक्राइब जरूर करें तथा बेल का आइकॉन जरुर दबाएँ |
  • 3.
    पररभाषा हकसी व्यश्कि, वस्तु, भाव, स्थान आहद क े नाम को संज्ञा क ते ैं |
  • 4.
    जैसे – व्यश्कि –भगत स िंह, कबीर दा , दीपक, राम स िंह आसद वस्तु – ेब, क ु ी, मेज, कलम आसद भाव – प्रेम, समत्रता, समठा , ुन्दरता आसद स्थान – भारत, सदल्ली, बसठिं डा, पिंजाब आसद
  • 5.
  • 6.
    मुख्यता: संज्ञा क ेतीन भेद माने गये ैं :- 1. व्यश्किवाचक संज्ञा 2. जाहतवाचक संज्ञा 3. भाववाचक संज्ञा
  • 7.
    1. व्यश्किवाचक संज्ञा जोशब्द हकसी हवशेष एवं हनहित व्यश्कि, स्थान या वस्तु क े नाम का बोि कराते ैं, उन्हें व्यश्किवाचक संज्ञा शब्द क ते ैं |
  • 8.
    जैसे – श्री गुरुनानक देव जी, भारत, सूयय, भगत हसं , हतरंगा, ताजम ल, क ु तुबमीनार, लालहकला आहद।
  • 9.
    2. जाहतवाचक संज्ञा जोसंज्ञा शब्द हकसी प्राणी, पदाथय, या समू की जाहत क े नाम का बोि कराते ैं, उन्हें जाहतवाचक संज्ञा शब्द क ते ैं |
  • 10.
    जैसे – मनुष्य, नदी,नगर, पवयत, बकरी, प ाड़, क ं प्यूटर, पशु, पक्षी, लड़का, क ु त्ता, गाय, घोड़ा, भैंस, बकरी, नारी, गाँव आहद।
  • 11.
    3. भाववाचक संज्ञा जोशब्द से हकसी व्यश्कि या वस्तु क े गुण, शील, दशा, अवस्था, दोष क े नाम का बोि कराते ैं, उन्हें भाववाचक संज्ञा क ते ैं|
  • 12.
    जैसे – बचपन, बुढ़ापा,मोटापा, हम ास थकावट, मानवता, चतुराई, जवानी, हमत्रता, ख़ुशी, परायापन, क्रोि, सुन्दरता आहद।
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