झा कए। पेश है, उनसेहुई बातचीत केमुय अंश :
िस वल स वसेज म िमली इस सफलता पर कैसा लग रहा है?
मेरा और मेरेप रवार का सपना पूरा हो गया। मनेआईएएस बननेका सपना देखा ज र था, लेकन पता नह ंथा,
कैसेपूरा होगा। प र थितयांअनुकूल नह ंथीं। घर म पापा ाइवेट सेटर सेरटायड ह। प रवार म म ह कमाता
था। ेजुएशन केबाद ह द ली आ गया था और इंटरनेशनल बीपीओ म जॉब करनेलगा। 2005 से2007 तक
बीपीओ म काम कया। उसकेबाद 2008 से2012 तक टेट बक ऑफ महारा ा म पीओ क नौकर क । जॉब के
साथ तैयार करना मुकल था और जॉब छोडऩा भी आसान नह ंथा। फर 2012 म एसएससी केारा क टम एवं
ए साइज वभाग म इंपेटर केपद पर चयन हुआ। आ खरकार जो चाहता था, वह मंजल िमल ह गई।
यह आपका कौन-सा यास था?
यह आईएएस का मेरा तीसरा यास था। पहलेयास म मेरा चयन नह ंहुआ। दूसरेयास म भी म इंटर यूतक
पहुंचा। इस बार मुझेसफलता िमली।
मेन ए जाम म अपनेवषय केबारेम बताएं?
इसकेिलए मनेहंद सा ह य का चयन कया था। �
तैयार कस कार क ?
मनेबीए और एमए क कताब केअलावा एनसीईआरट क कताब सेतैयार क । सामा य अ ययन केिलए
सेफ टड क । हंद सा ह य केिलए द ली थत - द वजन सेकोिचंग ली। इंटर यूक बार कयां
कानपुर केएपेस इंट यूट सेसीखीं।
इंटर यूम कस तरह केसवाल पूछेगए थे?
मेरा इंटर यूोफेसर डेवड िसंगली केबोड म था। ओवर ऑल अ छा गया था। डेवड सर साउथ सेथे, इसिलए
उ ह नेअंेजी म पूछेऔर मनेभी अंेजी म उनकेउ र दए। देश-दुिनया सेसंबंिधत उ ह नेपूछे।
तैयार तो मेर थी ह , इसिलए उनकेजवाब देनेम मुझेकोई द कत नह ंहुई। �
अपनी शैणक पृभूिम केबारेम बताएं?
मनेकानपुर केसर वती व ा मंदर, डफस कॉलोनी से75 ितशत अंक केसाथ 10वींक और इसी कूल से81
ितशत केसाथ 12वींक । इसकेबाद ड एवी कॉलेज, कानपुर सेबीए (67 ितशत) कया और फर 59 ितशत
केसाथ एमए क ड ी हािसल क ।
अपनी सफलता का ेय कसको देना चाहगे?
मेर सफलता मेरेमाता- पता क वजह सेहै, ज ह नेअपनी साम य केअनुसार हरसंभव मेर मदद क । भाई-
बहन केयार सेभी मेरा हौसला बना रहा। इसकेअलावा मेरेदवगंत दादाजी और दाद जी का आशीवाद भी मेरे
साथ रहा। भगवान क अपार कृपा तो हैह ।
िस वल सेवा क तैयार म कन बात का यान रखना ज र है?
तैयार म सबसेज र हैक यूपीएससी केिसलेबस को कवर कर। बुस को कवर न कर, टॉ प स को कवर कर।
इसकेअलावा उ र देतेसमय यान रख क उ र ए टव होना चा हए। इसकेअलावा एनािलिसस कर। पैरा ाफ
बड़ेनह ंहोनेचा हए। फै स ठ क ह ।

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  • 1.
    झा कए। पेशहै, उनसेहुई बातचीत केमुय अंश : िस वल स वसेज म िमली इस सफलता पर कैसा लग रहा है? मेरा और मेरेप रवार का सपना पूरा हो गया। मनेआईएएस बननेका सपना देखा ज र था, लेकन पता नह ंथा, कैसेपूरा होगा। प र थितयांअनुकूल नह ंथीं। घर म पापा ाइवेट सेटर सेरटायड ह। प रवार म म ह कमाता था। ेजुएशन केबाद ह द ली आ गया था और इंटरनेशनल बीपीओ म जॉब करनेलगा। 2005 से2007 तक बीपीओ म काम कया। उसकेबाद 2008 से2012 तक टेट बक ऑफ महारा ा म पीओ क नौकर क । जॉब के साथ तैयार करना मुकल था और जॉब छोडऩा भी आसान नह ंथा। फर 2012 म एसएससी केारा क टम एवं ए साइज वभाग म इंपेटर केपद पर चयन हुआ। आ खरकार जो चाहता था, वह मंजल िमल ह गई। यह आपका कौन-सा यास था? यह आईएएस का मेरा तीसरा यास था। पहलेयास म मेरा चयन नह ंहुआ। दूसरेयास म भी म इंटर यूतक पहुंचा। इस बार मुझेसफलता िमली। मेन ए जाम म अपनेवषय केबारेम बताएं? इसकेिलए मनेहंद सा ह य का चयन कया था। � तैयार कस कार क ? मनेबीए और एमए क कताब केअलावा एनसीईआरट क कताब सेतैयार क । सामा य अ ययन केिलए सेफ टड क । हंद सा ह य केिलए द ली थत - द वजन सेकोिचंग ली। इंटर यूक बार कयां कानपुर केएपेस इंट यूट सेसीखीं। इंटर यूम कस तरह केसवाल पूछेगए थे? मेरा इंटर यूोफेसर डेवड िसंगली केबोड म था। ओवर ऑल अ छा गया था। डेवड सर साउथ सेथे, इसिलए उ ह नेअंेजी म पूछेऔर मनेभी अंेजी म उनकेउ र दए। देश-दुिनया सेसंबंिधत उ ह नेपूछे। तैयार तो मेर थी ह , इसिलए उनकेजवाब देनेम मुझेकोई द कत नह ंहुई। � अपनी शैणक पृभूिम केबारेम बताएं? मनेकानपुर केसर वती व ा मंदर, डफस कॉलोनी से75 ितशत अंक केसाथ 10वींक और इसी कूल से81 ितशत केसाथ 12वींक । इसकेबाद ड एवी कॉलेज, कानपुर सेबीए (67 ितशत) कया और फर 59 ितशत केसाथ एमए क ड ी हािसल क । अपनी सफलता का ेय कसको देना चाहगे? मेर सफलता मेरेमाता- पता क वजह सेहै, ज ह नेअपनी साम य केअनुसार हरसंभव मेर मदद क । भाई- बहन केयार सेभी मेरा हौसला बना रहा। इसकेअलावा मेरेदवगंत दादाजी और दाद जी का आशीवाद भी मेरे साथ रहा। भगवान क अपार कृपा तो हैह । िस वल सेवा क तैयार म कन बात का यान रखना ज र है? तैयार म सबसेज र हैक यूपीएससी केिसलेबस को कवर कर। बुस को कवर न कर, टॉ प स को कवर कर। इसकेअलावा उ र देतेसमय यान रख क उ र ए टव होना चा हए। इसकेअलावा एनािलिसस कर। पैरा ाफ बड़ेनह ंहोनेचा हए। फै स ठ क ह ।