गौर जयंति
सागर विश्िविद्यालय क
े संस्थापक
डा. हरर स ंह ग़ौर अमर रहें
Compiled By
Dr. Vivekanand Jain
Deputy Librarian
Banaras Hindu University, Varanasi - 221005
Mob. 09450538093
3.
• Doctor HarisinghGour Vishwavidyalaya
Sagar (A Central University), formerly
University of Saugor, was established
on 18th July 1946 by Dr. Hari Singh Gour
(Nov. 26, 1870 – Dec. 25, 1949) by his
lifetime saving. This is the 18th
University of India and the oldest
University of Madhya Pradesh.
• Dr. Gaur was a great jurist and legal
luminary par excellence. He was a great
Patriot, Philanthropist, Educationist and
Social Reformer.
4.
• Dr. HariSingh Gour was the first Vice-
Chancellor of Delhi University (1922 to
1926) and first Dean (1924) of The
Faculty of Law in Delhi University.
• Dr. Hari Singh Gour also held the Vice-
Chancellor of the Nagpur University,
(two times in 1928 and 1936).
• Dr. Gour was the founder Vice–
Chancellor of the Sagar University
(1946).
5.
डॉ॰ हररस ंहगौर सागर विश्िविद्यालय क
े संस्थापक,
महान शिक्षािास्री, ख्यातिप्राप्ि विधििेत्ता, न्यायविद्,
समाज सुिारक, साहहत्यकार (कवि, उपन्यासकार) िथा
महान दानी एिं देिभक्ि थे।
िह बीसिीं ििाब्दी क
े सिवश्रेष्ठ शिक्षा मनीवियों में से थे।
डा. गौर हदल्ली विश्िविद्यालय िथा नागपुर
विश्िविद्यालय िथा सागर वि.वि. क
े उपक
ु लपति रहे।
डा. गौर भारिीय संवििान सभा क
े उपसभापति, साइमन
कमीिन क
े सदस्य िथा रायल सोसायटी फार शलटरेचर
क
े फ
े ल्लो भी रहे थे।
6.
• सागर विश्िविद्यालयक
े संस्थापक, उप क
ु लपति
आजीिन इसक
े विकास ि सहेजने क
े प्रति संकल्ल्पि
रहे। उनका स्िप्न था कक सागर विश्िविद्यालय
क
ै ल्रिज िथा ऑक्सफोडव जैसी मान्यिा हाशसल करें।
• डॉ॰ सर हरीशसंह गौर एक ऐसा विश्ि स्िरीय अनूठा
विश्िविद्यालय है, ल्जसकी स्थापना एक शिक्षाविद् क
े
द्िारा दान स्िरूप की गई थी।
• सागर क
े सपूि महान विभूति, ख्याति प्राप्ि विधििेत्ता,
न्यायविद् सागर विश्िविद्यालय क
े संस्थापक ने
कानून शिक्षा, साहहत्य, समाज सुिार, संस्कृ ति, राष्रीय
आंदोलन, संवििान तनमावण आहद में योगदान हदया।
डा. गौर कीपुस्िक
ें
• द लॉ ऑफ ट्ां फर इन ब्रिटिश इंडडया
• दी पैनल ला ऑफ ब्रिटिश इंडडया
• दी स्पपररि ऑफ बुद्धिज्म
• हहज ऑनली लि (His only Love)
• दा फ्यूचर क
ं स्टीट्यूिन ऑफ इंडडया (The
Future Constitution of India)
These books are available on Archive.org (Internet archive)
9.
Member of Committees
•ररपोटव ऑफ दा इंडडयन सेण्ट्रल कमेटी (1928)
• (Report of the Indian Central Committee
1928)
• ररपोटव ऑफ दा ज्िाइंट कमेटी ऑन इंडडयन
क
ं स्टीट्यूिनल ररफॉमव (1933-1934)
• (Report of the Joint Committee on Indian
Constitutional Reform 1933-1934)
• गौर बब्बाने बनाओ िो जो सागर में विश्िविद्यालय
• आज बन गि मध्यप्रदेि को क
ें द्रीय विश्िविद्यालय ॥
• ई में सबरे खूबई पढ़रय, दूर दूर सें आ क
ें पढ़रय
• अफसर बनक
ें आगे बढ़रय, खूबई नाम कमा रय।
• गौर बब्बा क
े गुन गारय रे भैया, गौर बब्बा क
े गुन गारय।
• सागर की पहाडियों पे फ
ै लो, जो भोिई सुंदर विश्िविद्यालय
• बीचों बीच बसो है ई क
े , बिो - भारी नेहरू पुस्िकालय ।
• बहुि सारे विभाग हैं यहां पे, नये नये विियन को ज्ञान ले लो
• छारािास में रहक
ें खाओ वपयो, और मस्िी से पढ़ लो ॥
• गौर साहब ने पढ़िे क
े लाने भौिई करो संघिव,
• लेककन हमसब क
े लाने, कर गय सुख सुवििायें
• और अपनी जीिन भर की पूंजी सागर विश्िविद्यालय खों दे गये।।
अब हम सब की ल्जरमेदारी है कक -
• “गौर ाहब क
े नाम की दुतनया में पिाका फहरायें,
• देश की ेवा करें, ागर को और गौर ाहब को मान बढ़ायें।“
Compiled By
Dr. VivekanandJain
Deputy Librarian
Banaras Hindu University
Varanasi - 221005
Mob. 09450538093
16.
• सागर विश्िविद्यालय क
े संस्थापक डा. हरर शसंह
गौर की आज 152 बीं जन्म जयंति है। हम सभी
आज उन्हें श्रद्िांजली अवपवि करिे हैं िथा
निमस्िक होकर प्रणाम करिे हैं।
भिदीय
डा. वििेकानंद जैन
उप ग़्रंथालयी, क
े न्द्रीय ग़्रंथालय,
कािी हहंदू विश्ि विद्यालय, िाराणसी – 221005
मो. 94505 38093