नज़ीर अकबराबादी
नज़ीर अकबराबादी १८व़ीीं शदी के भारत़ीय शायर थे
जिन्हें "नज़्म के पिता" कहा िाता है। उन्होंने कई
ग़जलें ललख़ी, उनकी सबसे प्रलसद्ध व्यींग्यात्मक
ग़जल बींिरानामा है।पवककि़ीडिया
जन्म: 1740, ददल्ली
मृत्यु: 1830
Sample poem
‫بنجارا‬
‫دیس‬ ‫مت‬ ،‫میاں‬ ‫چھوڑ‬ ‫کو‬ ‫وھوا‬ ‫حرص‬ ‫ٹک‬
‫مارا‬ ‫پھرے‬ ‫بدیس‬
‫ار‬ً‫ق‬‫ن‬ ‫کر‬ ‫بجا‬ ‫رات‬ ‫دن‬ ‫ہے‬ ‫لوٹے‬ ‫کا‬ ‫اجل‬ ‫اق‬ً‫ذ‬‫ق‬‫ا‬
‫ہے‬ ‫پھرتا‬ ‫کیوں‬ ‫لیے‬ ‫ساتھ‬ ‫ا‬ً‫ک‬‫دھڑ‬ ‫دھوم‬ ‫یہ‬
‫جنگل‬ ‫جنگل‬
‫جب‬ ‫ہوا‬ ‫موقوف‬ ،‫گا‬ ‫جاے‬ ‫نہ‬ ‫ساتھ‬ ‫تنکا‬ ‫ک‬ ‫ا‬
‫جل‬ ‫اور‬ ‫ان‬
‫گا‬ ‫چلے‬ ‫الد‬ ‫جب‬ ‫گا‬ ‫جاے‬ ‫رہ‬ ‫پڑا‬ ‫ٹھاٹھ‬ ‫سب‬
‫بنجارا‬
‫پھول‬ ‫مت‬ ،‫پر‬ ‫تلواروں‬ ‫ہو‬ ‫نہ‬ ‫مغرور‬
‫کے‬ ‫ڈھالوں‬ ‫بھروسے‬
‫ا‬ ‫دیکھ‬ ‫منہ‬ ،‫گے‬ ‫بھاگیں‬ ‫کے‬ ‫توڑ‬ ً‫ا‬‫پٹ‬ ‫سب‬‫جل‬
‫کے‬ ‫بھالوں‬ ‫کے‬
‫کی‬ ‫لحد‬ ‫خاک‬ ‫تو‬ ‫میں‬ ‫جنگل‬ ‫اکیال‬ ‫ڈھیر‬ ‫ہو‬
‫گا‬ ‫پھانکے‬
‫نہ‬ ‫آن‬ ‫بھنگا‬ ‫اک‬ ‫نظیر‬ ‫آہ‬ ‫پھر‬ ‫میں‬ ‫جنگل‬ ‫اس‬
‫گا‬ ‫جھانکے‬
‫گا‬ ‫چلے‬ ‫الد‬ ‫جب‬ ‫گا‬ ‫جاے‬ ‫رہ‬ ‫پڑا‬ ‫ٹھاٹھ‬ ‫سب‬
‫بنجارا‬
रामधारी लसींह 'ददनकर' दहन्दी के एक प्रमुख लेखक, कपव व
ननबन्धकार थे। वे आधुननक युग के श्रेष्ठ व़ीर रस के कपव के
रूि में स्थापित हैं। बबहार प्रान्त के बेगुसराय जिले का
लसमररया घाट उनकी िन्मस्थली है। पवककि़ीडिया
जन्म: 23 लसतींबर 1908, लसमररया
मृत्यु: 24 अप्रैल 1974, बेगूसराय जिला
शिक्षा: िटना महापवद्यालय
पुस्तकें : Sahitya aura samaja, Kavi aura kavita
, Rasavanti, अधधक
अशििावक: मनरूि देव़ी, बाबू रपव लसींह
पुरस्कार: ज्ञानि़ीठ िुरस्कार, िद्म भूषण, सादहत्य अकादम़ी
िुरस्कार दहन्दी
हररवींश राय श्ऱीवास्तव "बच्चन" दहन्दी भाषा के
एक कपव और लेखक थे।'हालावाद' के प्रवततक
बच्चन ि़ी दहन्दी कपवता के उत्तर छायावाद
काल के प्रमुख कपवयों मे से एक हैं। उनकी
सबसे प्रलसद्ध कृ नत मधुशाला है। पवककि़ीडिया
जन्म: 27 नवींबर 1907, इलाहाबाद
मृत्यु: 18 िनवरी 2003, मुम्बई
पुस्तकें : मधुशाला, अधधक
बच्चे: अलमताभ बच्चन, अजिताभ बच्चन
अशििावक: प्रताि नारायण श्ऱीवास्तव, सरस्वत़ी
देव़ी
जीवनसाथी: तेि़ी बच्चन (पववा. 1941–
2003), श्यामा (पववा. 1926–1936)
9th class full HINDI lessons, BY YOGI
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  • 49.
    नज़ीर अकबराबादी नज़ीर अकबराबादी१८व़ीीं शदी के भारत़ीय शायर थे जिन्हें "नज़्म के पिता" कहा िाता है। उन्होंने कई ग़जलें ललख़ी, उनकी सबसे प्रलसद्ध व्यींग्यात्मक ग़जल बींिरानामा है।पवककि़ीडिया जन्म: 1740, ददल्ली मृत्यु: 1830
  • 50.
    Sample poem ‫بنجارا‬ ‫دیس‬ ‫مت‬،‫میاں‬ ‫چھوڑ‬ ‫کو‬ ‫وھوا‬ ‫حرص‬ ‫ٹک‬ ‫مارا‬ ‫پھرے‬ ‫بدیس‬ ‫ار‬ً‫ق‬‫ن‬ ‫کر‬ ‫بجا‬ ‫رات‬ ‫دن‬ ‫ہے‬ ‫لوٹے‬ ‫کا‬ ‫اجل‬ ‫اق‬ً‫ذ‬‫ق‬‫ا‬ ‫ہے‬ ‫پھرتا‬ ‫کیوں‬ ‫لیے‬ ‫ساتھ‬ ‫ا‬ً‫ک‬‫دھڑ‬ ‫دھوم‬ ‫یہ‬ ‫جنگل‬ ‫جنگل‬ ‫جب‬ ‫ہوا‬ ‫موقوف‬ ،‫گا‬ ‫جاے‬ ‫نہ‬ ‫ساتھ‬ ‫تنکا‬ ‫ک‬ ‫ا‬ ‫جل‬ ‫اور‬ ‫ان‬ ‫گا‬ ‫چلے‬ ‫الد‬ ‫جب‬ ‫گا‬ ‫جاے‬ ‫رہ‬ ‫پڑا‬ ‫ٹھاٹھ‬ ‫سب‬ ‫بنجارا‬ ‫پھول‬ ‫مت‬ ،‫پر‬ ‫تلواروں‬ ‫ہو‬ ‫نہ‬ ‫مغرور‬ ‫کے‬ ‫ڈھالوں‬ ‫بھروسے‬ ‫ا‬ ‫دیکھ‬ ‫منہ‬ ،‫گے‬ ‫بھاگیں‬ ‫کے‬ ‫توڑ‬ ً‫ا‬‫پٹ‬ ‫سب‬‫جل‬ ‫کے‬ ‫بھالوں‬ ‫کے‬ ‫کی‬ ‫لحد‬ ‫خاک‬ ‫تو‬ ‫میں‬ ‫جنگل‬ ‫اکیال‬ ‫ڈھیر‬ ‫ہو‬ ‫گا‬ ‫پھانکے‬ ‫نہ‬ ‫آن‬ ‫بھنگا‬ ‫اک‬ ‫نظیر‬ ‫آہ‬ ‫پھر‬ ‫میں‬ ‫جنگل‬ ‫اس‬ ‫گا‬ ‫جھانکے‬ ‫گا‬ ‫چلے‬ ‫الد‬ ‫جب‬ ‫گا‬ ‫جاے‬ ‫رہ‬ ‫پڑا‬ ‫ٹھاٹھ‬ ‫سب‬ ‫بنجارا‬
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    रामधारी लसींह 'ददनकर'दहन्दी के एक प्रमुख लेखक, कपव व ननबन्धकार थे। वे आधुननक युग के श्रेष्ठ व़ीर रस के कपव के रूि में स्थापित हैं। बबहार प्रान्त के बेगुसराय जिले का लसमररया घाट उनकी िन्मस्थली है। पवककि़ीडिया जन्म: 23 लसतींबर 1908, लसमररया मृत्यु: 24 अप्रैल 1974, बेगूसराय जिला शिक्षा: िटना महापवद्यालय पुस्तकें : Sahitya aura samaja, Kavi aura kavita , Rasavanti, अधधक अशििावक: मनरूि देव़ी, बाबू रपव लसींह पुरस्कार: ज्ञानि़ीठ िुरस्कार, िद्म भूषण, सादहत्य अकादम़ी िुरस्कार दहन्दी
  • 58.
    हररवींश राय श्ऱीवास्तव"बच्चन" दहन्दी भाषा के एक कपव और लेखक थे।'हालावाद' के प्रवततक बच्चन ि़ी दहन्दी कपवता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कपवयों मे से एक हैं। उनकी सबसे प्रलसद्ध कृ नत मधुशाला है। पवककि़ीडिया जन्म: 27 नवींबर 1907, इलाहाबाद मृत्यु: 18 िनवरी 2003, मुम्बई पुस्तकें : मधुशाला, अधधक बच्चे: अलमताभ बच्चन, अजिताभ बच्चन अशििावक: प्रताि नारायण श्ऱीवास्तव, सरस्वत़ी देव़ी जीवनसाथी: तेि़ी बच्चन (पववा. 1941– 2003), श्यामा (पववा. 1926–1936)