• सिख धर्मका घर, पंजाब भारत क
े अन्य राज्यों र्ें
एक विसिष्ट स्थान रखता है।
• इिक
े िौहार्मपूर्म हािभाि, ऊजामिान लोग और
र्हान सर्त्रता प्रकट
• 'ित श्री अकाल' जजिका अथम है 'ित्य ईश्िर का
नार् है', उनक
े िार्ान्य िंचार र्ें प्रकट होता है।
• र्ाना जाता है कक इि राज्य क
े लोग र्ेहर्ानों क
े
प्रतत बहुत उत्िाह और श्रद्धा रखते हैं।
• आततथ्य भाईचारे को बढािा र्ेता है और लोगों को
करीब लाने क
े सलए एक वििेष र्हत्ि रखता है,
इििे प्यार और र्या का प्रिाह होता है और पंजाब
र्ें िे कहते हैं कक जजतना अधधक आप प्यार करते
हैं उतना ही यह गुर्ा करता है और आप जो र्या
र्ेते हैं िह आपको कई गुना अधधक िापि सर्लता
है।
3.
• जब िेस्िागत करते हैं, जीिंत रंग क
े क
ु ते-पजार्ा
पहने हुए, एक उच्च हेडवियर या पगडी पहने हुए
ढोल बीट्ि बजाते हुए.
• भांगडा बीट्ि पर जोि िे नाचते हुए, एक भव्य
कायमक्रर् की तरह लगता है!
• इि तरह क
े उत्िाही सिष्टाचार को पाकर कोई
भी तनजश्चत रूप िे भािुक हो जाएगा।
• आततथ्य लोगों को प्रेर् क
े बंधन र्ें बांधता है;
पंजाबबयों ने र्ुतनया क
े कोने-कोने र्ें विर्ेिी र्ेिों
र्ें यह िाबबत कर दर्या है और इन गुर्ों क
े
कारर् उन्हें स्िेच्छा िे र्ुतनया क
े उपयोगी,
स्िीकार ककया गया है।
4.
• र्ेहर्ान क
ेसिर पर एक अनोखी
िंक्िाकार टोपी लगाकर और 'अडोरोनी'
कहना अिर् र्ें स्िागत करने का एक
पारंपररक तरीका है।
• टोपी को जापी कहा जाता है और
अिसर्या लोग अिर् की छाया क
े रूप र्ें
र्ानते हैं और अिसर्या िब्र् 'अडोरोनी'
का अथम है 'स्िागत’।
• जापी और अडोरोनी की रचना को
र्ेहर्ानों क
े सलए बहुत िम्र्ान र्ाना
जाता है।
र्हाराष्र
अततधथ र्ेिो भि’।हर्ारे िास्त्रों र्ें ये बात सलखी
गई है, जजिका र्तलब होता है अततधथ यानी
र्ेहर्ान भगिान की तरह होते हैं
अततथी का आगर्न व्यजक्त को उतनी ही खुिी
र्ेता है जजतनी खुिी र्ेिों का ित्कार करने िे
सर्लती है। अततधथ हर्ारे घर र्ें ककिी न ककिी
उद्र्ेश्य की पूततम क
े सलए आते हैं। िह हर्ारे
सलए खुिखबरी लाते हैं और तोहफ
े और
सर्ठाईयों क
े रूप र्ें खुसियााँ बााँट जाते हैं
अततधथ क
े आने जाने िे िंबंधो र्ें गहराई बनी
रहती है और उनका ध्यान रखना और उनक
े
सलए उधचत व्यिस्था करना हर्ारा कतमव्य है
7.
र्रिाजा खोलोऔर र्ेहर्ानों का र्ुस्कराते
हुए स्िागत करो। अगर िो तुर्िे बडे हैं
तो उन्हें नर्स्ते या हेलो बोलकर ग्रीट
जरूर करो
िभी र्ेहर्ानों िे हाथ सर्लाकर भी उन्हें
ग्रीट कर िकते हो
र्ेहर्ानों क
े हाथ िे उनका कोट ले लो या
िे जो िार्ान लाए हैं, उिे रखने क
े सलए
िही जगह उन्हें दर्खाओ। कफर चाय-पानी
क
े सलए पूछो
अगर तुम्हारे र्ार्ा-र्ार्ी आएं हैं तो उनिे
गले सर्लो या गाल पर प्यार करो। उन्हें
अच्छा लगेगा
8.
आज क
े िर्यर्ें लोगों को घर आए
र्ेहर्ान बोझ ही लगते है, लेककन आपकी
जानकारी क
े सलए बता र्ें कक धासर्मक ग्रंथों
क
े अनुिार अततधथ का आर्र ित्कार करना
एक बेहर् पुण्य िाला कार् र्ाना जाता है।
अब जादहर िी बात है कक र्ेहर्ान तो हर
व्यजक्त क
े घर आते है। ऐिे र्ें क
ु छ लोग तो
र्ेहर्ानों का अच्छे िे स्िागत करते है और
क
ु छ बेर्न िे अच्छा होने का दर्खािा करते
है।
इि र्ौरान आपक
े घर जब भी र्ेहर्ान आये
तो आपको क
ु छ खाि बातों का ध्यान रखना
चादहए।