मह सबी जानतेहैं , कि होरी िा त्मोहाय यॊगो िा उल्रास िा दोस्ती िा प्रतीि था जजसिा आज रूऩाॊतयण
िे वर हुडदॊग भस्ती औय ऩानी िी फफाादी िे साथ दुश्भनी भें फदर गमा है आश्चमा नही होता हभ ददन
प्रततददन तयक्िी तो िय यहे किन्तु व्मव्हायदहन हो गमे है बायत भें हय त्मौहाय औय उत्सव िा दुयऩमोग
ियते जा यहे है। क्मा इसिा जजम्भेदाय सभाज है ?होरी हभें िौन-सा सॊदेश देता है। सबी होरी िी हुड़दॊग भें
स्वमॊ िो खो देते हैं। खाने -ऩीने औय नाच-गाने िे फीच हभ मह बूर जाते है गरत यॊगो िा उऩमोग , गल्त
तयीिे से छेड़छाड़ ियना हभायी ऩशु ऩय वती िो दशााता है जफकि होरी-ऩवा िा सॊदेश मभरना औय दुश्भन िो
दोस्त फनाने िा त्मौहाय है। गरततमों िो भाफ़ ियने िा ददन होरी हे है
सायाॊश िथा िे अनुसाय दहयण्मिश्मऩ जो स्वमॊ िो अऩनी शजक्त िे फर ऩय ईश्वतय, ऩयभेश्वय मा बगवान
भानता था औय अऩने याज्म िी जनता से स्वमॊ (दहयण्मिश्मऩ) ऩूजने िे मरए िहता था। प्रहराद ने उसे
बगवान भानिय ऩूजने से स्ऩष्ट तौय ऩय इॊिाय िय ददमा। प्रहराद िो दहयण्मिश्मऩ ने भायने िा बयिस
प्रमास किमा, होमरिा ने अऩनी गॊद भें रेिय अजनन -दाह किमा ऩयन्तु होमरिा स्वमभ जर गमी औय बक्त
प्रहराद फच गमे।
सददमों से भानव ने प्रत्मेि फुयाई िो अच्छाई भें , प्रत्मेि दु्ख िो सुख भें फदरने िे मरए प्रमास किए। इन
प्रमासों भें जफ िबी वह सपर हुआ तो इसे एि उत्सव, ववजम िे रूऩ भें भनाने िे मरए आतुय हुआ। ऐसे ही
जीवन भें सुख , शाॊतत, जोश, उल्रास, ऩयस्ऩय प्रेभ, बाईचाया फढ़ाने िे मरए होरी िा यॊगबफयॊगा ऩवा भनामा
जाता है। आज सफ फदर गमा है आज वैज्ञातनि मुग भें हय वस्तु तोड़ िय देखी जाती है भानव जीवन भें
प्रेभ, उभॊग, हॉसी-खुशी िे यॊग घोरने िी उत्सुिता िोसो दूय हो गमी है . इसे भनाने िा ढॊग अफ रोगों िा
अरग अरग हो गमा है।
यॊगो िा भहत्व हभाये हभे ख़ुशी िे साथ साथ हभायी बफभारयमों भें बी भहत्वऩूणा है सतयॊगी इॊद्रधनुष िे
यॊग िरय थेयऩी भें तो उऩमोगी है ही साथ ही िरय िा उऩमोग ज्मोततषी भें बी भहत्वऩूणा है।
हभाये ऩॊचबूत शयीय भें बी िई तयह िे यॊगों िा मभश्रण है। यॊग फैंगनी ऩृथ्वी िा , हया यॊग जर िा एवॊ
नीरा यॊग आिाश िा , रार यॊग (अजनन) िा प्रतीि है।चॊद्रभा िा यॊग सपे द है हभाये आऩसी सॊफॊधो िो
भजफूती प्रदान िय चेहये िो खखरा देता है। ऩीरा यॊग फुद्धध िा स्वाभी तथा वववेि िा यॊग बी िहा
जाता है। सौबानम भें वृद्धध होती है। िे सरयमा व बगवा यॊग फमरदान व त्माग िा , िारा यॊग धचॊतन व
यहस्म िो उत्ऩन्न ियता है। नीरा यॊग भन िो शाॊत तथा गॊबीय फनाता है। रार यॊग जीवन भें ऊजाा
शजक्त िा ववशेष सॊचाय ियता है।
होरी आनॊदोल्रास िा ऩवा है। नाचने-गाने, हॉसी-भजाि, भौज-भस्ती ियने व ईष्मोद्वेष जैसे ववचायों िो तनिार पें िने िा
अवसय है। गरे मभरिय धगरे मशिवे दूय ियने िी ऩयम्ऩया ही होरी है