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. Introduction to computers, tablets, and the internet कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो डेटा प्रोसेस करता है, जैसे गेम खेलना या होमवर्क करना। टैबलेट एक छोटा, पतला कम्प्यूटर है जिसमें टचस्क्रीन होती है, जो किताब के आकार का होता है और आसानी से इंटरनेट से जुड़ जाता है। इंटरनेट दुनिया भर के कम्प्यूटर्स को जोड़ने वाला नेटवर्क है, जो वेबसाइट्स, गेम्स और वीडियो प्रदान करता है। ऑनलाइन जाने से पहले हमेशा माता-पिता से अनुमति लें और केवल बच्चे-अनुकूल साइट्स जैसे ABCmouse या KidPix इस्तेमाल करें। your parents for permission before going online and only use child-friendly sites like ABCmouse or KidPix. व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा 2. Protection of personal information निजी जानकारी में आपका नाम, पता, फोटो या फोन नंबर शामिल है, जिसे कभी ऑनलाइन शेयर न करें क्योंकि अजनबी इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर कोई आपसे ये पूछे, तो जोर से "नहीं!" कहें और तुरंत माता-पिता को बताएं। अभ्यास करें: "मेरा नाम गोपनीय है, मैं नहीं बताऊंगा!"। 3.Strong password मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं मजबूत पासवर्ड में बड़े-छोटे अक्षर, नंबर और सिंबल मिलाएं, जैसे "Baap12!Ghar" – इसे याद रखने के लिए कहानी बनाएं। कभी पासवर्ड दोस्तों या किसी से शेयर न करें, भले ही वे कहें "ये हमारा राज़ है"। पासवर्ड बदलते रहें और डिवाइस लॉक रखें। 4 .Basic privacy settings स्क्रीन लॉक करने के लिए पिन या पैटर्न सेट करें, ताकि कोई और आपका डिवाइस न खोल सके। डिवाइस कभी शेयर न करें या अपना पासवर्ड न बताएं। सेटिंग्स में जाकर "प्राइवेट मोड" चालू करें।सामान्य, स्थान, कैमरा, माइक्रोफ़ोन, बोलना, टाइप करना और स्याही का उपयोग करना, खाता जानकारी, संपर्क, कैलेंडर, कॉल इतिहास, ईमेल, संदेश, रेडियो, अन्य उपकरण, प्रतिक्रिया और निदान, पृष्ठभूमि ऐप्स General , Location , Camera , Microphone Speech, inking and typing , Account info ,Contacts, Calendar , Call history , Email , Messaging ,Radios , Other devices , Feedback & diagnostics, Background apps 5. साइबर बुलिंग को समझें यदि आप सोशल मीडिया पक एक्टिव हैं तो आपने साइबर बुलिंग (Cyberbullying) के बारे में सुना ही होगा। साइबर बुलिंग डिजिटल माध्यमों से किसी व्यक्ति को धमकाने, डराने, अपमानित करने या परेशान करने का एक तरीका है। यह सोशल मीडिया, चैट एप्स, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, ईमेल, या अन्य इंटरनेट साधनों के जरिए हो सकता है। साइबर बुलिंग का उद्देश्य किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव देना, उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना, या उन्हें अलग-थलग महसूस कराना हो सकता है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि साइबर बुलिंग, साइबर स्कैम से कैसे अलग है और इससे कैसे बचा सकता है। साइबर बुलिंग के प्रकार ऑनलाइन उत्पीड़न: धमकी भरे मैसेज या लगातार अपमानजनक टिप्पणियां भेजना। डॉक्सिंग (Doxing): किसी की निजी जानकारी जैसे फोन नंबर, पता, या तस्वीरें ऑनलाइन लीक करना। फेक प्रोफाइल बनाना: किसी व्यक्ति की गलत छवि प्रस्तुत करने के लिए उनके नाम से नकली अकाउंट बनाना। सोशल मीडिया पर अपमानित करना: सार्वजनिक रूप से किसी की छवि खराब करने के लिए झूठे पोस्ट या अफवाहें फैलाना। ऑनलाइन बहिष्कार (Exclusion): जानबूझकर किसी व्यक्ति को ग्रुप या ऑनलाइन गतिविधियों से बाहर रखना। Cyberbullying अन्य ऑनलाइन स्कैम से कैसे अलग है? साइबर बुलिंग यह एक व्यक्तिगत हमला है जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की भावनाओं को आहत करना या उन्हें मानसिक तनाव देना है।














