राजस्थान जल स्वावलम्बन अभियान
मुख्‍यमंत्री‍जल‍स्‍वावलम्‍बन‍अभियान
 राजस्थान देश ् का सबसे बडा राज्य है जजसका क्षैैैात्रफल 343 लाख हेक्टेयर हैा इसमें 168 लाख हेक्टेयर िूभम ही क्रषि योग्य है | 101 लाख
हेक्टेयर िूभम बंजर हैा देश ् में राजस्थान का क्षैत्रफल10.4% है जबकक उपलब्ध जल मात्र 1.16% है |
 अननजचित एवं असामनयक विाा और उसके असंतुभलत षवतरण के कारण फसल असुरक्षक्षत रहता हैा ग्रीष्मकाल में पेयजल तक का अिाव हो
जाता हैा प्रनत विाा जलस्तर गिरता जा रहा हैा पेयजल उपलब्ध करवाने के भलये टेंकरों की आवचयकता पड्ती हैा खाधान की कमी एवं
पशुओं के िारे की कमी िी पड जाती है |
 इन पररजस्थनतयों के मध्यनजर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान प्रारम्ि करवाने का ननणाय भलया िया उक्त कायो को षवभिन्न
षविािों के समन्वय राज्य सरकार द्वारा अलि से बजट उपलब्ध करवाकर स्थानीय जनसमुदाय की िािीदारी सहयोि एवं श्रमदान िैर
सरकारी संिठन सामाजजक संिठन धाभमाक ट्रस्ट औधोगिक समूह के सामाजजक सरोकार फण्ड के सहयोि से करवाया जायेिा|
उद्यदेश्‍य
• 1.राज्य में प्राप्त षवभिन्न षवत्तीय संसाधनों (के न्रीय, राज्य, कॉपोरेट जित, ट्रस्टों, िैर सरकारी संिठन एवं जन सहयोि) का
कनवरजेन्स कर जल संरक्षण एवं जल िराव संरिनाओं की िनतषवगधयों का प्रिावी कक्रयान्वयन करना।
• 2.ग्रामीणों एवं लािाजन्वतों को जल के समुगित उपयोि के बारे में जािृत कर जन सहिागिता से काया सम्पािदत कराना।
• 3.ग्राम स्तर पर ग्रामसिा में जल की समग्र आवचयकता यथा पेयजल, भसंिाई, पशुधन व अन्य व्यवसानयक कायो हेतु
आंकलन कर उपलब्ध समस्त स्रोतों से प्राप्त जल के अनुरूप जल बजट का ननमााण कर उसी के अनुरूप कायों का गिन्हीकरण
कर प्रस्ताव पाररत कर भमशन की ग्राम काया योजना तैयार करना।
• 4.ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृ नतक रूप से प्राप्त जल प्रवाह (विाा जल, सतही जल, िू ििीय जल एवं भमट्टी की नमी) के जल
िराव क्षेत्रों की क्षमता को षवकभसत करना, जजसमें उपलब्ध जल संग्रहण ढांिो का उपयोंि, अनुपयोिी जल ढांिों का
पुनरूद्घार/कायाकल्प कर कक्रयाशील करना एवं नये जल संग्रहण ढांिों का ननमााण करना।
• 5.जल ग्रहण क्षेत्र/कलस्टर/इन्डेक्स कै िमेन्ट को इकाई मानते हुए प्राकृ नतक संसाधन प्रबंधन कर जल, जंिल, जमीन, जन एवं
जानवर का षवकास करना।
• 6. ग्राम को जल आत्म ननिार बनाकर पेयजल का स्थाई समाधान करना।
• 7.क्षेत्रों में जल संग्रहण एवं संरक्षण कर भसंिाई क्षेत्रफल को बढाना।
सहयोग
 अभियान अन्तिात राज्य सरकार से ननबान्ध योजना के तहत उपलब्ध राभश तथा जन सहयोि के रूप में राजकीय षविाि
स्वयंसेवी संस्थान , कापोरेट सामाजजक सरोकार, जनसहिागिता , नॉन रेजजडेंट षवलेजसा क्लब से प्राप्त उपलब्ध ननगधयों एवं
श्रमदान से जलसंग्रहण एवं संरक्षण के काया सम्पािदत कर राज्य के िांवो को सूखामुक्त ककये जाने हेतु प्रत्येक जलग्रहण
क्षैत्रवार वाटर बजिटंि कर राज्य में प्रथम वष्ा में 3000 िांवो को वररयता के आधार पर ियन ककया िया हैा
 आिामी 3 विाा में प्रत्येक विा 6000 िांवो को उक्त भमशन से जोडा जायेिा, जजससे राज्य पूणा रूप से जल के भलये
आत्मननिार बन सके ा
अभियान के दायरे
 जल संियन और संरक्षण काया के भलए धन राज्य षविािों के तहत उपलब्ध से लािू ककया जाएिा, िैर सरकारी संिठनों,
ननिभमत सामाजजक दानयत्व (सीएसआर), लोिों की िािीदारी, िैर ननवाभसयों के ग्रामीणों क्लब) आिद राजस्थान के िांवों में
सूखे से जलग्रहण कर रही द्वारा रोकने के भलए स्थायी समाधान के भलए बुद्गधमान पानी बजट।
 पहले विा में प्राथभमकता के आधार पर लििि 3000 िांवों की पहिान की जाएिी और, हर साल 6000 िांवों राज्य के
21000 िांवों भमशन और स्थायी समाधान से लािाजन्वत ककया जाएिा आसपास सिहत द्वारा 3 साल आने में उन्हें स्वयं में
पयााप्त बनाकर हाभसल हो जाएिा पानी के मामले। शेि िांवों में िरणबद्ध तरीके से प्राथभमकता सूिी के अनुसार लािू ककया
जाएिा काम करता है।
राजस्थान जल स्‍वावलम्‍बन अभियान

राजस्थान जल स्‍वावलम्‍बन अभियान

  • 1.
  • 3.
    मुख्‍यमंत्री‍जल‍स्‍वावलम्‍बन‍अभियान  राजस्थान देश् का सबसे बडा राज्य है जजसका क्षैैैात्रफल 343 लाख हेक्टेयर हैा इसमें 168 लाख हेक्टेयर िूभम ही क्रषि योग्य है | 101 लाख हेक्टेयर िूभम बंजर हैा देश ् में राजस्थान का क्षैत्रफल10.4% है जबकक उपलब्ध जल मात्र 1.16% है |  अननजचित एवं असामनयक विाा और उसके असंतुभलत षवतरण के कारण फसल असुरक्षक्षत रहता हैा ग्रीष्मकाल में पेयजल तक का अिाव हो जाता हैा प्रनत विाा जलस्तर गिरता जा रहा हैा पेयजल उपलब्ध करवाने के भलये टेंकरों की आवचयकता पड्ती हैा खाधान की कमी एवं पशुओं के िारे की कमी िी पड जाती है |  इन पररजस्थनतयों के मध्यनजर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान प्रारम्ि करवाने का ननणाय भलया िया उक्त कायो को षवभिन्न षविािों के समन्वय राज्य सरकार द्वारा अलि से बजट उपलब्ध करवाकर स्थानीय जनसमुदाय की िािीदारी सहयोि एवं श्रमदान िैर सरकारी संिठन सामाजजक संिठन धाभमाक ट्रस्ट औधोगिक समूह के सामाजजक सरोकार फण्ड के सहयोि से करवाया जायेिा|
  • 4.
    उद्यदेश्‍य • 1.राज्य मेंप्राप्त षवभिन्न षवत्तीय संसाधनों (के न्रीय, राज्य, कॉपोरेट जित, ट्रस्टों, िैर सरकारी संिठन एवं जन सहयोि) का कनवरजेन्स कर जल संरक्षण एवं जल िराव संरिनाओं की िनतषवगधयों का प्रिावी कक्रयान्वयन करना। • 2.ग्रामीणों एवं लािाजन्वतों को जल के समुगित उपयोि के बारे में जािृत कर जन सहिागिता से काया सम्पािदत कराना। • 3.ग्राम स्तर पर ग्रामसिा में जल की समग्र आवचयकता यथा पेयजल, भसंिाई, पशुधन व अन्य व्यवसानयक कायो हेतु आंकलन कर उपलब्ध समस्त स्रोतों से प्राप्त जल के अनुरूप जल बजट का ननमााण कर उसी के अनुरूप कायों का गिन्हीकरण कर प्रस्ताव पाररत कर भमशन की ग्राम काया योजना तैयार करना। • 4.ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृ नतक रूप से प्राप्त जल प्रवाह (विाा जल, सतही जल, िू ििीय जल एवं भमट्टी की नमी) के जल िराव क्षेत्रों की क्षमता को षवकभसत करना, जजसमें उपलब्ध जल संग्रहण ढांिो का उपयोंि, अनुपयोिी जल ढांिों का पुनरूद्घार/कायाकल्प कर कक्रयाशील करना एवं नये जल संग्रहण ढांिों का ननमााण करना। • 5.जल ग्रहण क्षेत्र/कलस्टर/इन्डेक्स कै िमेन्ट को इकाई मानते हुए प्राकृ नतक संसाधन प्रबंधन कर जल, जंिल, जमीन, जन एवं जानवर का षवकास करना। • 6. ग्राम को जल आत्म ननिार बनाकर पेयजल का स्थाई समाधान करना। • 7.क्षेत्रों में जल संग्रहण एवं संरक्षण कर भसंिाई क्षेत्रफल को बढाना।
  • 5.
    सहयोग  अभियान अन्तिातराज्य सरकार से ननबान्ध योजना के तहत उपलब्ध राभश तथा जन सहयोि के रूप में राजकीय षविाि स्वयंसेवी संस्थान , कापोरेट सामाजजक सरोकार, जनसहिागिता , नॉन रेजजडेंट षवलेजसा क्लब से प्राप्त उपलब्ध ननगधयों एवं श्रमदान से जलसंग्रहण एवं संरक्षण के काया सम्पािदत कर राज्य के िांवो को सूखामुक्त ककये जाने हेतु प्रत्येक जलग्रहण क्षैत्रवार वाटर बजिटंि कर राज्य में प्रथम वष्ा में 3000 िांवो को वररयता के आधार पर ियन ककया िया हैा  आिामी 3 विाा में प्रत्येक विा 6000 िांवो को उक्त भमशन से जोडा जायेिा, जजससे राज्य पूणा रूप से जल के भलये आत्मननिार बन सके ा
  • 6.
    अभियान के दायरे जल संियन और संरक्षण काया के भलए धन राज्य षविािों के तहत उपलब्ध से लािू ककया जाएिा, िैर सरकारी संिठनों, ननिभमत सामाजजक दानयत्व (सीएसआर), लोिों की िािीदारी, िैर ननवाभसयों के ग्रामीणों क्लब) आिद राजस्थान के िांवों में सूखे से जलग्रहण कर रही द्वारा रोकने के भलए स्थायी समाधान के भलए बुद्गधमान पानी बजट।  पहले विा में प्राथभमकता के आधार पर लििि 3000 िांवों की पहिान की जाएिी और, हर साल 6000 िांवों राज्य के 21000 िांवों भमशन और स्थायी समाधान से लािाजन्वत ककया जाएिा आसपास सिहत द्वारा 3 साल आने में उन्हें स्वयं में पयााप्त बनाकर हाभसल हो जाएिा पानी के मामले। शेि िांवों में िरणबद्ध तरीके से प्राथभमकता सूिी के अनुसार लािू ककया जाएिा काम करता है।