Drawing Tools and Instruments for ITI Students
ड्राइंग को ठीक व कम समय में बनाने के लिए लनम्न उपकरणों व पदार्थो का प्रयोग ककया जाता है :-
1. ड्राइंग बोर्ड : इस पर ड्राइंग पेपर/शीट या ट्रेससंग पेपर रखकर ड्राइंग बनाई जाती है , इसे नमड िकड़ी की सीधी, लबना
गांठो वािी अच्छी तरह उपचाररत फरियों को जोड़कर बनाया जाता है | यह िकड़ी इतनी नमड होनी चालहए की इसमें
ड्राइंग लपन को आसानी से िगाया जा सके
2. T –Square: इसकी छोटी पिी को हैर् या स्टॉक तर्था िम्बीं पिी को ब्िेर् कहा जाता है, स्टॉक के आंतररक ककनारें व ब्िेर्
के उपरी सीधे ककनारों को वोर्किंग एज (Working Edge) कहते है | इसका प्रयोग ड्राइंग शीट पर हॉररजॉन्टि Lines,
सामानांतर िाइने खींचने तर्था सेट स्वायर स्टेंलसि को सहारा देने के लिए ककया जाता है | िकड़ी के अिावा इन्हें प्िालस्टक
या सेिुिॉईर् से भी बनाया जाता है | इनका साइज़ ब्िेर् की िम्बाई से लिया जाता है
3. Set Square: सैट स्वायर पारदशी प्िालस्टक या सेिुिॉईर् के बने समकोण लिभुज के आकार के उपकरण होते है | एक
सैट में दो सैट स्वायर होते है
4. Protractor: यह सेल्युिोइर् शीट का अधड वृताकार या वृताकार उपकरण है लजसका प्रयोग लर्ग्री में कोण मापने के लिए
ककया जाता है |
5. ड्राइंग पेंलसि : पेपर या शीट पर ड्राइंग बनाने के लिए ड्राइंग पेंलसि का प्रयोग होता है | स्टैण्र्र्ड पेंलसि के लसक्के को िकड़ी
के खोि में र्ािा जाता है जबकक मेकैलनकि पेंलसि में केवि िैर् का प्रयोग ककया जाता है | पेंलसि का िेर् ग्रेफाइट तर्था
काओिाइन को लमिाकर बनाया जाता है | ग्रेफाइट में काओिाइन की लजतनी मािा अलधक होगी, पेंलसि उतनी ही
हार्ड/कठोर हो जाएगी | पेलन्सि की हार्डनेस व softness के अनुसार उन्हें ग्रेर् कदया जाता है | हार्ड ग्रेर् की पेंलसिों को H से
9H तक ग्रेर् कदया जाता है लजसमें 9H की पेलन्सि सबसे हार्ड ग्रेर् की होती है | सॉफ्ट ग्रेर् की पेंलसिों को B से 7B तक ग्रेर्
कदया जाता है लजसमे 7B ग्रेर् की पेलन्सि सबसे सॉफ्ट ग्रेर् की पेलन्सि होती है | पेलन्सि के ग्रेर् का चुनाव िाइन वकड तर्था
प्रयोग ककये जाने वािे ड्राइंग पेपर पर लनभडर करता है सॉफ्ट ग्रेर् के पेंलसिों का प्रयोग गहरी व मोटी िाइनों को खीचने के
लिए ककया जाता है | परन्तु ये िाइन जल्दी लमट जाती है | हार्ड ग्रेर् की पेंलसिों का प्रयोग हिकी व बारीक़ िाइने खींचने के
लिए ककया जाता है
पेलन्सि का चुनाव मौसम पर भी लनभडर करता है | गमी के मौसम में तापमान के बढ़ने से पेलन्सि का लसक्का कुछ नमड हो जाता
है इस कारण इस मौसम में कुछ हार्ड ग्रेर् की पेलन्सि का प्रयोग ककया जाता है | इसके लवपरीत वर्ाड ऋतू में नमी के बढ़ने से
पेंलसि के लसक्के हार्ड हो जाते है व ड्राइंग शीट नमड हो जाती है | इसलिए इस मौसम में सॉफ्ट ग्रेर् की पेलन्सि प्रयोग की जाती
है | आमतौर पर H, HB व 2H ग्रेर् की पेलन्सि अलधक प्रयोग में िाई जाती है |
आजकि प्रचलित पेंलसि के स्र्थान पर मैकेलनकि पेंलसि का प्रयोग ककया जाने िगा है | इनमे केवि पेंलसि िेर् का प्रयोग
ककया जाता है जो 0.3, 0.5, 0.7 या 0.9 mm व्यास में व लवलभन्न ग्रेर् में उपिब्ध होते है | इनके िैर् को शापड नहीं करना
पड़ता है तर्था ये समान मोटाई की िाइने खींचते है | इनके प्रयोग से समय बचता है और अच्छा िाइन वकड ककया जाता है |
6. सैंर् पेपर (Sand Paper): ब्िेर् या चाकू से पेंलसि के लसक्के की िकड़ी को छांटने के बाद लसक्के को तेज करने के लिए सैंर्
पेपर का प्रयोग ककया जाता है | आमतौर पर जीरो नंबर के सेंर् पेपर को पेंलसि तेज करने के लिए प्रयोग करते है |
7. रबड़ या इरेज़र : फाितू या गित िाइनों को लमटाने के लिए रबड़ का प्रयोग ककया जाता है
8. Erasing Shield : इसका प्रयोग फाितू िाइनों को लमटाने के लिए ककया जाता है | यह स्टीि की पत्ती होती है लजस पर
लवलभन्न आक्रलतयों के खांचे बने होते है
9. French Curve : इनका प्रयोग अव्यवलस्र्थत िाइने बनाने के लिए ककया जाता है | ये प्िालस्टक के बने होते है तर्था 10 के
सेट में उपिब्ध होते है |
10. ड्रासफ्टंग टेम्पिेट : लवलभन्न आकार के वृत्त, आयत वगड आकद समबहुभुज बनाने के लिए इनका प्रयोग ककया जाता है | ये
आक्रलतया प्िालस्टक की लशट में कटी होती है |
11. Scale (पैमाना): इनका प्रयोग िाइनों को मापने के लिए ककया जाता है| 150mm िम्बे स्केि की चौड़ाई 20mm तर्था
300mm िम्बे स्केि की चौड़ाई 35mm होती है | ये िकड़ी, स्टीि या प्िालस्टक के बनाये जाते है |
12. Instrument Box: लवलभन्न ड्राइंग उपकरणों को एक बॉक्स में रखा जाता है लजसे इंस्ूमेंट बॉक्स कहते है | इंस्ूमेंट
बॉक्स में लनम्न उपकरण होते है –
(i) बड़ी कम्पास (Large Compass)
(ii) बड़ा लर्वाइर्र (Large Divider)
(iii) Bow Instruments
(iv) Drop Spring Bow Instruments
(v) Inking pens
(vi) Screw driver
13. लमनी ड्राफ्टर या ड्रासफ्टंग मशीन : इस मशीन से पैमाने, प्रोट्रेक्टर व टी स्वायर, सभी उपकरणों के काम ककये जा सकते
है, इसको ड्राइंग बोर्ड के बाएं तरफ टॉप में िगाया जाता है | बड़े आकार में लमनी ड्राफ्टर को ड्रासफ्टंग मशीन कहते है |
14. ड्राइंग शीट/पेपर : अच्छी ड्राइंग बनाने के लिए उत्तम वालिटी की ड्राइंग शीट का होना आवश्यक है लजस पर िाइन साफ
व तीखी सखंची जा सके | सतह पर स्याही न फैिे, जल्दी मैिी न हो | ये दो तरह की होती है
(i) Hand Made paper: इस प्रकार के पेपर हार्थ से बनाये जाते है | इनकी सतह समति न होकर रफ होती है तर्था रंग भी
पीिापन लिए सफेद होता है | इसी कारण इनका प्रयोग ड्राइंग शीट की बजाय चाटड के रूप में ककया जाता है |
(ii) Mill made paper: ये पेपर लमि में मशीन पर बनते है जो शीट या रोि में लमिते है | ड्राइंग बनाने के कायों में लमि मेर्
पेपर का प्रयोग ककया जाता है | इनकी सतह समति होती है तर्था रंग भी जल्दी ख़राब नहीं होता है |
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ITI Engineering Drawing Instruments and Tools List

  • 1.
    Drawing Tools andInstruments for ITI Students ड्राइंग को ठीक व कम समय में बनाने के लिए लनम्न उपकरणों व पदार्थो का प्रयोग ककया जाता है :- 1. ड्राइंग बोर्ड : इस पर ड्राइंग पेपर/शीट या ट्रेससंग पेपर रखकर ड्राइंग बनाई जाती है , इसे नमड िकड़ी की सीधी, लबना गांठो वािी अच्छी तरह उपचाररत फरियों को जोड़कर बनाया जाता है | यह िकड़ी इतनी नमड होनी चालहए की इसमें ड्राइंग लपन को आसानी से िगाया जा सके 2. T –Square: इसकी छोटी पिी को हैर् या स्टॉक तर्था िम्बीं पिी को ब्िेर् कहा जाता है, स्टॉक के आंतररक ककनारें व ब्िेर् के उपरी सीधे ककनारों को वोर्किंग एज (Working Edge) कहते है | इसका प्रयोग ड्राइंग शीट पर हॉररजॉन्टि Lines, सामानांतर िाइने खींचने तर्था सेट स्वायर स्टेंलसि को सहारा देने के लिए ककया जाता है | िकड़ी के अिावा इन्हें प्िालस्टक या सेिुिॉईर् से भी बनाया जाता है | इनका साइज़ ब्िेर् की िम्बाई से लिया जाता है 3. Set Square: सैट स्वायर पारदशी प्िालस्टक या सेिुिॉईर् के बने समकोण लिभुज के आकार के उपकरण होते है | एक सैट में दो सैट स्वायर होते है
  • 2.
    4. Protractor: यहसेल्युिोइर् शीट का अधड वृताकार या वृताकार उपकरण है लजसका प्रयोग लर्ग्री में कोण मापने के लिए ककया जाता है | 5. ड्राइंग पेंलसि : पेपर या शीट पर ड्राइंग बनाने के लिए ड्राइंग पेंलसि का प्रयोग होता है | स्टैण्र्र्ड पेंलसि के लसक्के को िकड़ी के खोि में र्ािा जाता है जबकक मेकैलनकि पेंलसि में केवि िैर् का प्रयोग ककया जाता है | पेंलसि का िेर् ग्रेफाइट तर्था काओिाइन को लमिाकर बनाया जाता है | ग्रेफाइट में काओिाइन की लजतनी मािा अलधक होगी, पेंलसि उतनी ही हार्ड/कठोर हो जाएगी | पेलन्सि की हार्डनेस व softness के अनुसार उन्हें ग्रेर् कदया जाता है | हार्ड ग्रेर् की पेंलसिों को H से 9H तक ग्रेर् कदया जाता है लजसमें 9H की पेलन्सि सबसे हार्ड ग्रेर् की होती है | सॉफ्ट ग्रेर् की पेंलसिों को B से 7B तक ग्रेर् कदया जाता है लजसमे 7B ग्रेर् की पेलन्सि सबसे सॉफ्ट ग्रेर् की पेलन्सि होती है | पेलन्सि के ग्रेर् का चुनाव िाइन वकड तर्था प्रयोग ककये जाने वािे ड्राइंग पेपर पर लनभडर करता है सॉफ्ट ग्रेर् के पेंलसिों का प्रयोग गहरी व मोटी िाइनों को खीचने के लिए ककया जाता है | परन्तु ये िाइन जल्दी लमट जाती है | हार्ड ग्रेर् की पेंलसिों का प्रयोग हिकी व बारीक़ िाइने खींचने के लिए ककया जाता है पेलन्सि का चुनाव मौसम पर भी लनभडर करता है | गमी के मौसम में तापमान के बढ़ने से पेलन्सि का लसक्का कुछ नमड हो जाता है इस कारण इस मौसम में कुछ हार्ड ग्रेर् की पेलन्सि का प्रयोग ककया जाता है | इसके लवपरीत वर्ाड ऋतू में नमी के बढ़ने से पेंलसि के लसक्के हार्ड हो जाते है व ड्राइंग शीट नमड हो जाती है | इसलिए इस मौसम में सॉफ्ट ग्रेर् की पेलन्सि प्रयोग की जाती है | आमतौर पर H, HB व 2H ग्रेर् की पेलन्सि अलधक प्रयोग में िाई जाती है |
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    आजकि प्रचलित पेंलसिके स्र्थान पर मैकेलनकि पेंलसि का प्रयोग ककया जाने िगा है | इनमे केवि पेंलसि िेर् का प्रयोग ककया जाता है जो 0.3, 0.5, 0.7 या 0.9 mm व्यास में व लवलभन्न ग्रेर् में उपिब्ध होते है | इनके िैर् को शापड नहीं करना पड़ता है तर्था ये समान मोटाई की िाइने खींचते है | इनके प्रयोग से समय बचता है और अच्छा िाइन वकड ककया जाता है | 6. सैंर् पेपर (Sand Paper): ब्िेर् या चाकू से पेंलसि के लसक्के की िकड़ी को छांटने के बाद लसक्के को तेज करने के लिए सैंर् पेपर का प्रयोग ककया जाता है | आमतौर पर जीरो नंबर के सेंर् पेपर को पेंलसि तेज करने के लिए प्रयोग करते है |
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    7. रबड़ याइरेज़र : फाितू या गित िाइनों को लमटाने के लिए रबड़ का प्रयोग ककया जाता है 8. Erasing Shield : इसका प्रयोग फाितू िाइनों को लमटाने के लिए ककया जाता है | यह स्टीि की पत्ती होती है लजस पर लवलभन्न आक्रलतयों के खांचे बने होते है 9. French Curve : इनका प्रयोग अव्यवलस्र्थत िाइने बनाने के लिए ककया जाता है | ये प्िालस्टक के बने होते है तर्था 10 के सेट में उपिब्ध होते है |
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    10. ड्रासफ्टंग टेम्पिेट: लवलभन्न आकार के वृत्त, आयत वगड आकद समबहुभुज बनाने के लिए इनका प्रयोग ककया जाता है | ये आक्रलतया प्िालस्टक की लशट में कटी होती है | 11. Scale (पैमाना): इनका प्रयोग िाइनों को मापने के लिए ककया जाता है| 150mm िम्बे स्केि की चौड़ाई 20mm तर्था 300mm िम्बे स्केि की चौड़ाई 35mm होती है | ये िकड़ी, स्टीि या प्िालस्टक के बनाये जाते है | 12. Instrument Box: लवलभन्न ड्राइंग उपकरणों को एक बॉक्स में रखा जाता है लजसे इंस्ूमेंट बॉक्स कहते है | इंस्ूमेंट बॉक्स में लनम्न उपकरण होते है – (i) बड़ी कम्पास (Large Compass) (ii) बड़ा लर्वाइर्र (Large Divider) (iii) Bow Instruments (iv) Drop Spring Bow Instruments (v) Inking pens (vi) Screw driver
  • 6.
    13. लमनी ड्राफ्टरया ड्रासफ्टंग मशीन : इस मशीन से पैमाने, प्रोट्रेक्टर व टी स्वायर, सभी उपकरणों के काम ककये जा सकते है, इसको ड्राइंग बोर्ड के बाएं तरफ टॉप में िगाया जाता है | बड़े आकार में लमनी ड्राफ्टर को ड्रासफ्टंग मशीन कहते है | 14. ड्राइंग शीट/पेपर : अच्छी ड्राइंग बनाने के लिए उत्तम वालिटी की ड्राइंग शीट का होना आवश्यक है लजस पर िाइन साफ व तीखी सखंची जा सके | सतह पर स्याही न फैिे, जल्दी मैिी न हो | ये दो तरह की होती है (i) Hand Made paper: इस प्रकार के पेपर हार्थ से बनाये जाते है | इनकी सतह समति न होकर रफ होती है तर्था रंग भी पीिापन लिए सफेद होता है | इसी कारण इनका प्रयोग ड्राइंग शीट की बजाय चाटड के रूप में ककया जाता है | (ii) Mill made paper: ये पेपर लमि में मशीन पर बनते है जो शीट या रोि में लमिते है | ड्राइंग बनाने के कायों में लमि मेर् पेपर का प्रयोग ककया जाता है | इनकी सतह समति होती है तर्था रंग भी जल्दी ख़राब नहीं होता है | Engineering Drawing Best MCQ Book in Just Rs.12/- (500 Important Questions) HEETSON