हनी सकसपाइपर हत से नटे शन यव था     अनौपचा रक े
अंशतः एक शोध आधा रत           बड़े शहर म मल का पु न पयोगः                          द     ण भारत का एक शहरElisabeth Kvarnstr...
बगलौर – जनसं या 90 लाख
भारतीय से नटे शन(जनगणना 2011)सेि टक टक             पट शौचालय•         ( म लयन)   •               ( म लयन)• शहर    30.09   ...
सेि टक टक और पट शौचालयभ व य म ामीण इलाक म 113म लयन और शहर इलाक म 14म लयन शौचालय बनाए जाएंगे उनमभी अ धकांश पट शौचालय ह ह गे...
बगलौर शहर म से नटे शन(जनगणना 2011)सेि टक टक    169,406   पट शौचालय   325,175                       •• कल   ु        494,581
से नटे शन क वतमान नयम                 ेद ए लॉयमट ऑव मैनु अल कवजस एंड क                         े     ं        शन ऑव     ाई...
शहर सु वधाओं क उपयो गता• 100 एमएलडी सीवेज म से मा 400  एमएलडी को ह इक ा कया जाता है।• इक ा कये गए 400 एमएलड़ी म से मा  180 ...
न दय म उफनता झागमु य कारण अप रशो धत सीवेज
न दय म अप रशो धत सीवेज
शहर से नटे शन म अनौपचा रक   े
कं   ट क पट        े
अनौपचा रक र   थान पर
WC क साथ जु ड़ा पट शौचालय    े
यो ा का   ढ़वाद रवैया
शहर म पट शौचालय आम ह
हनी सकस वै यू म से पट को साफ          करते हु ए
मशीनीकरण ने मैला ढोने क   था को        ख म कर दया
अब   क दे शी तकनीक से बनाए जा              रहे ह
उनम एक पानी का जेट और वै यू म    ल नर(30 हा.पा.) लगा है
हनी सकर को बनाया जा रहा है
The barrels – informal sector body         building works
पू रे दे श म हो सकती है- चलती फरती                तकनीक
चलती फरती तकनीक
बगलोर म कर ब 300 हनी सकस काम           कर रहे ह
सु र    त नपटान क लये ोटोकोल                  े       वक सत करने क ज रत है
सीवेज म पोषक त व क साथ रोगाणु                  े             भी ह
बनाने का खचा 1200 से 1300
पानी क अपे ा म ी पोषक त व को        हण कर सकती है
बहु त सी रहाइश म रोजाना च कर            लगाते ह
सबसे महं गी इमारत म भी
झा ड़य क पीछे       े
बगलोर वाटर स लाई एंड सीवेज बोड(बोड   क एसट पी        े         ांगण म ि थत सीवर म हनीसकस क मा यम से घरे ल ू अप श          ...
अनौपचा रक   े   क ग त व धयां
क पो ट बनाना (?) ग ढा
े वाटर को मलाना
क पो ट 2500 से 3500   तक बकता हैएक   े टर म (4 क.मी.) लोड होता है
पर   ण क लये क पो ट क नमू ने        े              े       इक ा कये जाते ह
सीवेज मल का उवरक के                                                      प म                  मह वपोषक त व                ...
शहर म इसका   योग
कले पर इसका इ तेमाल े
फसल
फल
जीवंत म ी- कचु ए और चीं टय के            साथ
सु पार क लये मानव मल        े
अथशा                  क क लये                     े•   एक हनी सकर क क मत 800,000 /-•     त प पर 1500     क वसू ल•   एक दन ...
अथशा             येक घर क लये                     े• 1500    त 2 वष पर• लगभग 60     तमाह• सीवेज से जु ड़ा होने पर मा 15
अथशा           कसान क लये                 े• मु त उवरक• मजदू र पर खच 5000• त एकड़ बचतः 20,000      से 50,000  तक कवल खाद से...
पोषक क     ा ता क लये जमीन क                     े               आव यकता•     त हे टे यर म 250 क लोड होते ह•   एक हे टे यर...
अब आगे…• बजनेस और से नटे शन क      से दे श म   व मान अनु भव क बेहतर समझ बनाना• सभी शहरवा सय को से नटे शन सेवा उपल ध  कराने...
अब आगे…• भारत म गैर-सीवरे ज या जमीन आधा रत  से नटे शन यव था को शा मल करने करने के   लये ोटोकोल वक सत करना• जमीन आधा रत से ...
अब आगे…• अ धका रय ारा भवन योजनाओं क वीकृ त क े  समय सीवेज नपटान यव था को शा मल करना• जमीन उपयोग क योजनाओं म जल-मल क  कपोि ...
Guidelines for the safe use of       wastewater, excreta and grey waterCost-effective strategies for controlling negative ...
ध यवाद!Minakshi Arora/ Siraj KesarYamuna WaterkeeperTrust For Research on Earth & Environment- TREEDelhi
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  1. 1. हनी सकसपाइपर हत से नटे शन यव था अनौपचा रक े
  2. 2. अंशतः एक शोध आधा रत बड़े शहर म मल का पु न पयोगः द ण भारत का एक शहरElisabeth Kvarnström, Vectura Consulting, Inc.Joep Verhagen, IRCMats Nilsson, MN ContextVishwanath Srikantaiah, Biome (responsible for this slide show)Karan Singh, BiomeShubha Ramachandran, BiomeMinakshi Arora, Projected in Hindi
  3. 3. बगलौर – जनसं या 90 लाख
  4. 4. भारतीय से नटे शन(जनगणना 2011)सेि टक टक पट शौचालय• ( म लयन) • ( म लयन)• शहर 30.09 • शहर 55.97• ामीण 24.67 • ामीण 17.68• कल ु 54.76 • कल ु 73 .65 • कल ु 128.41
  5. 5. सेि टक टक और पट शौचालयभ व य म ामीण इलाक म 113म लयन और शहर इलाक म 14म लयन शौचालय बनाए जाएंगे उनमभी अ धकांश पट शौचालय ह ह गेयह अपने आप म मल बंधन क ेलये बड़ी चु नौती है
  6. 6. बगलौर शहर म से नटे शन(जनगणना 2011)सेि टक टक 169,406 पट शौचालय 325,175 •• कल ु 494,581
  7. 7. से नटे शन क वतमान नयम ेद ए लॉयमट ऑव मैनु अल कवजस एंड क े ं शन ऑव ाईलैटर स ( ो ह बशम) ए ट 1993• कनाटक ने इस अ ध नयम को 1997 म अपनाया।• सभी शौचालय म कम से कम 20 सेमी. क वाटर सील होनी चा हये।• हाथ से कसी भी मनु य का मैला नह ं उठाया जाएगा।• 208,323 + 586,087 = 794,410 लोग इस काम म लगे थे
  8. 8. शहर सु वधाओं क उपयो गता• 100 एमएलडी सीवेज म से मा 400 एमएलडी को ह इक ा कया जाता है।• इक ा कये गए 400 एमएलड़ी म से मा 180 एमएलडी को ह प र कृ त कया जाता है।• से नटे शन पर सि सडी है लोग को सीवेज के लये मा 15 ह चु काने पड़ते ह।• नतीजतन दन दन बढ़ता न दय का दू षण
  9. 9. न दय म उफनता झागमु य कारण अप रशो धत सीवेज
  10. 10. न दय म अप रशो धत सीवेज
  11. 11. शहर से नटे शन म अनौपचा रक े
  12. 12. कं ट क पट े
  13. 13. अनौपचा रक र थान पर
  14. 14. WC क साथ जु ड़ा पट शौचालय े
  15. 15. यो ा का ढ़वाद रवैया
  16. 16. शहर म पट शौचालय आम ह
  17. 17. हनी सकस वै यू म से पट को साफ करते हु ए
  18. 18. मशीनीकरण ने मैला ढोने क था को ख म कर दया
  19. 19. अब क दे शी तकनीक से बनाए जा रहे ह
  20. 20. उनम एक पानी का जेट और वै यू म ल नर(30 हा.पा.) लगा है
  21. 21. हनी सकर को बनाया जा रहा है
  22. 22. The barrels – informal sector body building works
  23. 23. पू रे दे श म हो सकती है- चलती फरती तकनीक
  24. 24. चलती फरती तकनीक
  25. 25. बगलोर म कर ब 300 हनी सकस काम कर रहे ह
  26. 26. सु र त नपटान क लये ोटोकोल े वक सत करने क ज रत है
  27. 27. सीवेज म पोषक त व क साथ रोगाणु े भी ह
  28. 28. बनाने का खचा 1200 से 1300
  29. 29. पानी क अपे ा म ी पोषक त व को हण कर सकती है
  30. 30. बहु त सी रहाइश म रोजाना च कर लगाते ह
  31. 31. सबसे महं गी इमारत म भी
  32. 32. झा ड़य क पीछे े
  33. 33. बगलोर वाटर स लाई एंड सीवेज बोड(बोड क एसट पी े ांगण म ि थत सीवर म हनीसकस क मा यम से घरे ल ू अप श े जल –मल क न तारण े सं बं धी दशा नदश)• 6 माह म एसट पी म दये जाने वाले जल-मल क बराबर 50 े . त कलो ल . क अनु पात म नॉन रफडेबल धनरा श जमा े ं करना।• 50 . त कलो. ल . तमाह• घरे लू अप श जल जो एसट पी ांगण क सीवर म न ता रत े कया जाएगा उस पर बोड ारा तय कये गए मानक लागू ह गे।• अभी तक 1एमएलडी क लये 75 पर मट दये गए ह। े (जब क 494,581 घर म सेि टक टक या पट शौचालय ह)
  34. 34. अनौपचा रक े क ग त व धयां
  35. 35. क पो ट बनाना (?) ग ढा
  36. 36. े वाटर को मलाना
  37. 37. क पो ट 2500 से 3500 तक बकता हैएक े टर म (4 क.मी.) लोड होता है
  38. 38. पर ण क लये क पो ट क नमू ने े े इक ा कये जाते ह
  39. 39. सीवेज मल का उवरक के प म मह वपोषक त व औसत पोषक त व 1000 kg of sewage sludge 1000 kg of farm yard (10% TS) grams manure gramsN 5.5 17.5P2O5 17.5 17.5K2 O 0.75 65S (Total) 12.5 25MgO 30 15Cu (Total) 1.2 0.03Zn (Total) 1.5 0.15Mn (Total) 0.6 0.4Mo (Total) 0.01 0.001B (Total) 0.03 0.035 Source: Ludwig Sasse, BORDA, 1998, DEWATS Decentralised Wastewater Treatment in Developing Countries
  40. 40. शहर म इसका योग
  41. 41. कले पर इसका इ तेमाल े
  42. 42. फसल
  43. 43. फल
  44. 44. जीवंत म ी- कचु ए और चीं टय के साथ
  45. 45. सु पार क लये मानव मल े
  46. 46. अथशा क क लये े• एक हनी सकर क क मत 800,000 /-• त प पर 1500 क वसू ल• एक दन म 5 प कर सकते ह• एक दन म आय 7500 मा सक आय 225,000• वाषक आय 2.7 म लयन• बंधन आ द पर खचा - 400,000• 6 मह ने म ह नवे शत धन क वसू ल• एक क 20,000 क जनसं या क लये काम कर े सकता है (बशत ग ढा त दे वष पर खाल करना हो)
  47. 47. अथशा येक घर क लये े• 1500 त 2 वष पर• लगभग 60 तमाह• सीवेज से जु ड़ा होने पर मा 15
  48. 48. अथशा कसान क लये े• मु त उवरक• मजदू र पर खच 5000• त एकड़ बचतः 20,000 से 50,000 तक कवल खाद से ( त वष त एकड़ म े 10-25 े टर लोड होते ह)
  49. 49. पोषक क ा ता क लये जमीन क े आव यकता• त हे टे यर म 250 क लोड होते ह• एक हे टे यर म 2500 लोग क पोषक त व े• 50,000 क जनसं या क लये 20 हे. जमीन े• 100,000 - 40 हे .• 1 म लयन या 10 लाख- 400 हे टे यर
  50. 50. अब आगे…• बजनेस और से नटे शन क से दे श म व मान अनु भव क बेहतर समझ बनाना• सभी शहरवा सय को से नटे शन सेवा उपल ध कराने क लये इस अनु भव को सरकार तर े पर वीकायता दे ना
  51. 51. अब आगे…• भारत म गैर-सीवरे ज या जमीन आधा रत से नटे शन यव था को शा मल करने करने के लये ोटोकोल वक सत करना• जमीन आधा रत से नटे शन यव था से पोषक क े रखरखाव, प रवहन, कपोि टं ग और इ तेमाल क ं े लये कानू नी ेमवक और ोटोकोल वक सत करना• पोषक त व क पु न पयोग क लये पोषक - े े रोगाणु ओं क बेहतर समझ और सु र त इ तेमाल क लये शोध काय े
  52. 52. अब आगे…• अ धका रय ारा भवन योजनाओं क वीकृ त क े समय सीवेज नपटान यव था को शा मल करना• जमीन उपयोग क योजनाओं म जल-मल क कपोि टं ग क लये थान का च ह करण करना ं े• शौचालय और े-वाटर क लये अलग-अलग े यव था• ग ढे और भू मगत जल क संबंध को समझना े और गैर- दू षण आधा रत डजाइन यव था बनाना
  53. 53. Guidelines for the safe use of wastewater, excreta and grey waterCost-effective strategies for controlling negative health impacts• Treatment of wastewater, excreta and greywater is used to prevent the contaminants from entering the environment.• Crop/produce restriction is used to minimize health risks to product consumers.• Waste application techniques (e.g. drip irrigation) and withholding periods aim to reduce contamination of the products or allow sufficient time for pathogen dieoff in the environment prior to harvest.• Exposure control methods (e.g. protective equipment, good hygiene) will prevent environmental contamination from reaching exposed groups.• Produce washing/rinsing/disinfection and cooking reduce exposures for product consumers.• Vector control reduces exposures for workers and local communities.• Chemotherapy and immunization can either prevent illness for those who are exposed or treat those who are ill and thus reduce future pathogen inputs into the wastewater, excreta or greywater. Source: WHO 2006
  54. 54. ध यवाद!Minakshi Arora/ Siraj KesarYamuna WaterkeeperTrust For Research on Earth & Environment- TREEDelhi

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