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माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>माताश्री और पत्नीश्री   के वाद - विवाद में क्या करना चाहिये ? </li></ul><ul><li>आपश्री तो क्...
माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>एक बार एक क्रिकेट प्लेयर ने राय साब से राय मांगी पूछा मां और पत्नी के वाद - विवाद में किसका ...
माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>तब वे  </li></ul><ul><li>एक दूसरे को   सुनने सुनाने की   ट्वेंटी ट्वेंटी खिलाती हैं विदाउट ट...
माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>रोमांचक मोड़ आता है तो   वेदर बैड हो जाता है   आंसूओं की बरसात से   खेल रुक जाता है   जब ये ...
माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>दोनों की सुन हम   समझ बूझ से काम लेते हैं मां को समझा देते हैं   पत्नी को बुझा देते हैं किसी...
<ul><li>मेरी कविता को समय देने के लिये धन्यवाद . </li></ul><ul><li>आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है . </li></ul><ul><li>विज...
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माताश्री और पत्नीश्री

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माताश्री और पत्नीश्री

  1. 1. माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>माताश्री और पत्नीश्री के वाद - विवाद में क्या करना चाहिये ? </li></ul><ul><li>आपश्री तो क्या कोई भी हो दुविधा में पड़ सकता है – इधर या उधर , जाऊं किधर ? </li></ul><ul><li>इस शाश्वत और ज्वलंत समस्या पर हमारे राय साब की राय जानिये . </li></ul><ul><li>पढ़िये और आनंद लिजिये . </li></ul>
  2. 2. माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>एक बार एक क्रिकेट प्लेयर ने राय साब से राय मांगी पूछा मां और पत्नी के वाद - विवाद में किसका पक्ष लेना चाहिये ? </li></ul><ul><li>राय साब बोले सुनिये अपनी बात बताते हैं ऐसे में हम क्या करते हैं आप की भाषा में सुनाते हैं हमारी माताश्री और पत्नीश्री घिसे पिटे ढ़र्रे से काम काज करने कराने के रोज़मर्रे से बोर हो जाती हैं तब वे </li></ul>
  3. 3. माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>तब वे </li></ul><ul><li>एक दूसरे को सुनने सुनाने की ट्वेंटी ट्वेंटी खिलाती हैं विदाउट टास ओपनिंग हो जाती है प्लेयर भी दो फील्डर भी दो लम्बे लम्बे शाट लगते हैं कोई स्लिप नहीं होती गले की गुगली प्रयोग होती है जितनी तेज डिलेवरी डायलोग की उतनी ही फ़ास्ट डिफेंस होती है </li></ul>
  4. 4. माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>रोमांचक मोड़ आता है तो वेदर बैड हो जाता है आंसूओं की बरसात से खेल रुक जाता है जब ये बन्दा घर आता है तो बिना ऊंगली का अम्पायर बन जाता है माता जी कहती है ये कल की छोकरी सिर चढ़ रही है पत्नी जी कहती है सब कर रही हूं सारा कुछ है पता नहीं क्यूं लड़ रही हैं </li></ul>
  5. 5. माताश्री और पत्नीश्री <ul><li>दोनों की सुन हम समझ बूझ से काम लेते हैं मां को समझा देते हैं पत्नी को बुझा देते हैं किसी को आउट नहीं दे सकते मैच ड्रा करवा देते हैं </li></ul><ul><li>बंधुओं राय साब की राय अनुसार आप भी अपना जीवन </li></ul><ul><li>सुखी किजिये माताश्री और पत्नीश्री के वाद - विवाद में अम्पायर की तरह न्यूट्रल रहिये </li></ul><ul><li>बस्स न्यूट्रल रहिये </li></ul>
  6. 6. <ul><li>मेरी कविता को समय देने के लिये धन्यवाद . </li></ul><ul><li>आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है . </li></ul><ul><li>विजयप्रकाश </li></ul><ul><li>[email_address] </li></ul>

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