Online coaching-csat-paper-2-interpersonal-skill-1 a

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  1. 1. www.upscportal.com IAS सीसैट ऩेऩर-2 ननर्णयन ऺमता एवं समस्या समाधान तथा ऩारस्ऩररक कौशऱ (Decision Making & Problem Solving & Interpersonal Skills) अध्याय : अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? © UPSCPORTAL.COM IAS EXAM Online Coaching
  2. 2. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? प्रशासननक सेर्वाओॊ भें ननहहत दानमत्र्वों को ऩया कयने क लरए एक ऐसे े ू व्मक्ततत्र्व की आर्वश्मकता होती है जो प्रशासन की चुनौनतमों को फखुफी से सॊबार सक। सॊघ रोक सेर्वा आमोग की ऐसे ही ‘उऩमुतत’ व्मक्ततत्र्व े की तराश होती है जो इन गणों से ऩरयऩूणण हो - तथ्मों एर्वॊ घटनाओॊ से ु जडा हुआ, रोकताॊत्रिक भल्मों से फॊघा हुआ, तार्कक एर्वॊ ण ु ू वर्वश्रेषणात्भक दृक्टटकोण क साथ, कशर सॊप्रेषण-कौशर, सभह भें े ू ु यहने र्वारा, सकायात्भक, बार्वनात्भक फुविभत्ता यखते हुए, गरत एर्वॊ सही की ऩहचान यखने र्वारा, नम्म दृक्टटकोण, ननटकऩटता, मोजनाशीर, व्मार्वहारयक, सभर्वेदना से ऩरयऩूण, गण-दोष की सही ण ु वर्वर्वेचना कयने र्वारा इत्माहद। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  3. 3. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? कौशर का भहत्त्र्व प्रशासक क लरए अन्तर्वैमक्ततक े प्रशासननक तक, व्मर्वस्था एर्वॊ औऩचारयक अधधकाय क उधचत प्रमोग ण े ऩय आधारयत सॊगठन का एक रूऩ है , अत् प्रशासकों को व्मर्वक्स्थत, न्मामोधचत एर्वॊ अनत कशर होना चाहहए। मह सफ प्राप्त कयने क लरए े ु एक लसवर्वर सेर्वक को ऩायस्ऩरयक व्मर्वहाय क वर्ववर्वध आमाभों क फाये े े भें स्ऩटट जानकायी होनी चाहहए। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  4. 4. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर अन्तर्वैमक्ततक कौशर को एक धचि क भाध्मभ से इस प्रकाय दशाणमा े जा सकता है । 1. नेतत्र्व् र्कसी रक्ष्म को प्राप्त कयने क लरए र्कसी सभह की े ू ृ गनतवर्वधधमों को प्रेरयत मा प्रोत्साहहत कयना नेतत्र्व कहराता है । एक ृ नेता भजफत अन्तर्वैमक्ततक कौशर एर्वॊ अन्त्र्वेमक्ततक कौशर से ू ऩरयऩणण होना चाहहए तथा उसक ऩास बाषा ऩय अच्छी ऩकड, ननऩणता, े ू ु इत्माहद जैसे गणों से दसयों को प्रबावर्वत कयने की मोग्मता होनी ु ू चाहहए। अऩने अन्तर्वैमक्ततक कौशर क भाध्मभ से र्वह भागणदशणन े कयने, ननणणम रेने, प्रनतननधधत्र्व कयने एर्वॊ दसयों को प्रोत्साहहत कयने ू जैसे कौशरों का प्रमोग कयता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  5. 5. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर  भागणदशणन एक व्मक्तत का ऻान मा अनुबर्व प्राप्त कयने मा रक्ष्मों की प्राक्प्त क लरए ऩयाभशण दे ना भागणदशणन कहराता है । भागणदशणक को े एक अच्छा सराहकाय एर्वॊ अनबर्वी सहामक होना चाहहए। ु  ननणणम-ननभाणण (रेना) ऩर्वण क अनबर्वों का प्रमोग कय उऩरब्ध कई ू े ु वर्वकल्ऩों भें से सर्वणश्रेटठ वर्वकल्ऩ का चमन कयने की प्रर्िमा ननणणमन (ननणणम रेना) कहराता है । एक नेता ननणणम एर्वॊ इसक ऩरयणाभों का े उत्तयदानमत्र्व रेता है । र्वह सबी क्स्थनतमों क अध्ममन क आधाय ऩय े े ननणणम रेता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  6. 6. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर प्रनतननधधत्र्व इसक अन्तगणत र्कसी नेता क ननणणम रेने क अधधकाय े े े को वर्वर्वेक क आधाय ऩय सभह क अन्म सदस्मों को कामण, उत्तयदानमत्र्व े ू े एर्वॊ अधधकाय वर्वतरयत कयना शालभर होता है । मह ऩये कामण को उऩू कामों एर्वॊ आगे उऩ-खण्डों भें र्वगॉकृत कयने का एक तयीका है । कामण की तीव्रता एर्वॊ प्रबार्वकायी सभाऩन सननक्श्चत कयने क लरए मह र्कमा े ु जाता है । •दसयों को प्रोत्साहहत कयना एक नेता को एक कशर श्रोता होना चाहहए ू ु एर्वॊ उसे दसयों को उनक वर्वचायों को सनकय सभाधानों की चचाण कय एर्वॊ े ू ु ननभाणणकायी प्रनतऩुक्टट दे कय प्रोत्साहहत कयना चाहहए। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  7. 7. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर दसयों को प्रोत्साहहत कयना एक नेता को एक कशर श्रोता होना ू ु चाहहए एर्वॊ उसे दसयों को उनक वर्वचायों को सनकय सभाधानों की चचाण े ू ु कय एर्वॊ ननभाणणकायी प्रनतऩक्टट दे कय प्रोत्साहहत कयना चाहहए। एक ु नेता का व्मर्वहाय सकायात्भक होना चाहहए तथा उसे असाभान्म ऩरयक्स्थनत भें बी शान्त यहना चाहहए। दसयों को प्रोत्साहहत कय इक्च्छत ू ऩरयणाभ प्राप्त र्कए जा सकते हैं। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  8. 8. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर 2. सभह कामण मह अन्तर्वैमक्ततक कौशर का एक प्रभख उऩकयण है । ू ु इसक अन्तगणत एक साभान्म रक्ष्म की प्राक्प्त क लरए दसयों क साथ े े े ू सभह भें कामण कयना शालभर होता है । इसक लरए ऩयस्ऩय सहमोग, एक े ू सभह भें दसयों क साथ साॊभजस्म, सीखने क लरए साभहहक प्रमास औय े े ू ू ू रक्ष्म क वर्वकास एर्वॊ उसकी प्राक्प्त क लरए उत्तयदानमत्र्व रेने की े े अच्छी सभझ का होना आर्वश्मक है । सभह भें कामण कयते सभम िोध ू एर्वॊ धचडधचडाहट ऩय ननमन्िण आर्वश्मक है । इसक अन्तगणत े भागणदशणन, सभह कामण, ननणणमन, प्रनतननधधत्र्व एर्वॊ ऩयस्ऩय सहमोग ू जैसे कौशर बी ऩटठबलभ क रूऩ भें शालभर होते हैं। े ू ृ © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  9. 9. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर  साभहहक कामण सभह भें कामण कयना साभहहक कामण कहराता है । ू ू ू कोई र्िमाकराऩ क्जसे छािों क सभहों मा जोडों भें सम्ऩन्न कयने क े े ू लरए तैमाय र्कमा जाता है , इसक अन्तगणत आता है । साभहहक कामण े ू कयते सभम सभह क सदस्मों भें सकायात्भक गण एर्वॊ व्मर्वहाय ू े ु वर्वकलसत होते हैं।  सहमोग सहमोग का अथण होता है रक्ष्म का प्राक्प्त क लरए ऩयस्ऩय े सहमोग सहहत टीभ क अन्म सदस्मों क साथ कशरताऩूर्वक कामण े े ण ु कयना। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  10. 10. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर 3. साभाक्जक सम्ऩक अन्म रोगों क साथ प्रबार्वी सम्ऩक फनाकय उन ण े ण सम्ऩकों को ऩायस्ऩरयक राब क लरए फनाए यखने एर्वॊ उनका प्रमोग े कयने की मोग्मता साभाक्जक सम्ऩक है । बभण्डरीकयण क इस मग भें ण े ू ु नेटर्वर्कग एक अनत भजफूत उऩकयण है , तमोर्क मह कामणबाय को िं घटाता है । आत्भ-वर्वश्र्वास, नेटर्वक त्रफक्ल्डग एर्वॊ प्रबार्वी सम्प्रेषण ण नेटर्वर्कग क भहत्र्वऩूणण ऩहरू हैं। िं े  आत्भ-वर्वश्र्वास एक वर्वश्र्वस्त आदभी अधधक सकायात्भक यर्वैमे क े साथ कामण कय सकता है , जो गणर्वत्ताऩूणण कामण सननक्श्चत कयता है । ु ु आत्भ-वर्वश्र्वास व्मक्तत क सम्प्रेषण क तयीक एर्वॊ करयमय को प्रत्मऺ े े े ै रूऩ से प्रबावर्वत कयता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  11. 11. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? के सॊघटक अन्तर्वैमक्ततक कौशर  नेटर्वक-ननभाणण मह उन रोगों क फाये भें सचना प्राप्त कयने, सम्ऩक ण े ण ू फनाने एर्वॊ उन्हें फनाए यखने की प्रर्िमा है , जो र्कसी वर्वशेष ऩरयक्स्थनत भें राबदामक सात्रफत हो सकते हैं। कामण क कशर एर्वॊ स्ऩटट प्रर्वाह क े ु े लरए एक अच्छा नेटर्वक फनाना आर्वश्मक है । ण  प्रबार्वी सम्प्रेषण प्रबार्वी सम्प्रेषण हभाये अन्म रोगों से फात कयने क े साभान्म सम्प्रेषण से अधधक है । इसक अन्तगणत हभ र्कसी से फात े कयते सभम कसी प्रनतर्िमा कयते हैं, शायीरयक हार्व- बार्व, फोरने का ै तयीका इत्माहद फातें शालभर होती हैं। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  12. 12. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? कैसे वर्वकलसत कयें ? अन्तर्वैमक्ततक कौशर को अन्तर्वेमक्ततक कौशर क तीन आमाभ, क्जनको वर्वकलसत कयने की े आर्वश्मकता होती है  श्रर्वण कौशर मह सत्म ही कहा गमा है र्क एक व्मक्तत को 80% अच्छा श्रोता एर्व 20% अच्छा र्वतता होना चाहहए। दसयों को सनना ू ु अन्तर्वैमक्ततक कौशर क वर्वकास का अनत भहत्र्वऩणण ऩहरू है , तमोंर्क े ू ऩरयणाभ एर्वॊ प्रनतर्िमा ऩणत् इस ऩय ननबणय कयते हैं र्क हभ र्कसी ू ण चीज को र्कस रूऩ भें दे खते हैं। इसभें दसयों क सन्दे श क अथण को े े ू ऩूणत् एर्वॊ सटीक सभझने क लरए सर्िमता बी शालभर है । एक अच्छा ण े श्रोता सार्वधान एर्वॊ एकाग्र दोनों होना चाहहए। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  13. 13. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? कैसे वर्वकलसत कयें ? अन्तर्वैमक्ततक कौशर को  प्रबार्व कौशर ऩायस्ऩरयक रूऩ से कशर व्मक्तत को फोरते सभम ु आश्र्वस्त होना चाहहए एर्वॊ ननक्श्चत तकों क साथ ही कछ कहना े ु चाहहए। व्मक्तत की कशरता क सन्दबण भें कशरताऩर्वक एर्वॊ उधचत े ू ण ु ु तयीक से फोरना ननणाणमक कायक है । हभें मह ऩता होना चाहहए र्क तमा े कहा जाए, कसे कहा जाए, कहाॉ रुका जाए एर्वॊ तमा नहीॊ कहा जाए। मे ै सबी साभान्म फातें रगती हैं, ऩयन्तु हैं फहुत जहटर । र्कसी सॊगठन का कशरताऩर्वक सॊचारन सभह भें रोगों की रुधचमों क टकयार्व क अर्वसयों े े ू ण ू ु की क्स्थनत भें भजफत प्रफन्धन एर्वॊ दृढ़ननश्चम ऩय ननबणय कयता है । ू इनसे फचने क लरए, एक अच्छा प्रफन्धक आत्भ-वर्वश्र्वास से ऩरयऩूणण े होना चाहहए तार्क र्वह अऩनी फातों को ननश्चमऩूर्वक कह सक। ण े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  14. 14. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? कैसे वर्वकलसत कयें ? अन्तर्वैमक्ततक कौशर को  सहमोगऩूर्वक सभस्मा-सभाधान कौशर सभस्मा सभाधान कौशर ण इन सबी भें सर्वाणधधक भहत्र्वऩणण है । इसका कायण मह है र्क अन्म फातें ू कर्वर सभस्मा-सभाधान क उद्देश्म हे तु ही की जाती हैं। सही दृक्टटकोण े े क साथ सभस्मा को सरझाना, तार्क सभस्मा त्रफना धैमण खोए हर हो े ु जाए, सहमोगऩूणण दृक्टटकोण ऩय ननबणय कयता है । श्रर्वण कौशर एर्वॊ दृढ़ ननश्चम कौशर क सहमोग क साथ सबी अनुबर्वों एर्वॊ दसयो की े े ू प्रनतऩक्टटमों का उऩमोग कयना, सभस्मा सभाधान भें सहामक हो ु सकता है । मह कौशर सकायात्भक दृक्टटकोण एर्वॊ शाक्न्त फनाए यखकय वर्वकलसत र्कमा जा सकता है । महाॉ अनुबर्व बी काभ आता है , तमोंर्क आगे की कायण र्वाई क लरए क्स्थनत का वर्वश्रेषण कयना आर्वश्मक होता े है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  15. 15. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? भें सधाय कय सकते आऩ अऩने अनर्वैंमक्ततक कौशर हैं! ु  काभ एर्वॊ जीर्वन क प्रनत सकायात्भक, उत्साहऩूणण एर्वॊ प्रभहदत यर्वैमा े ु फनाए यखें। अतसय भस्कयाएॉ, आऩसे, उत्सक्जणत सकायात्भक ऊजाण दसयों ु ु ू को आऩकी ओय आकवषणत कये गी । भस्कयाहट सकायात्भकता दशाणती है । ु ु हॉलसए एर्वॊ दसयों को हॉसाइए। ू  अऩने आस-ऩास क रोगों की प्रशॊसा कयना एर्वॊ उन्हें प्रोत्साहहत कयना, े कामण कयने क लरए एक अच्छा भाहौर फनाने भें आऩकी भदद कये गा। े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  16. 16. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? भें सधाय कय सकते आऩ अऩने अनर्वैंमक्ततक कौशर हैं! ु  ध्मान दे ना एर्वॊ उन्हें भहत्र्वऩूणण र्व सहज अनुबर्व कयना, आस-ऩास क े रोगों क साथ स्र्वस्थ सम्फन्ध सननक्श्चत कयता है । व्मक्तत की आॉखों भें े ु आॉखें डारकय सनने का एर्वॊ ऩरयक्स्थनतमों क अनरूऩ सही शब्द क चमन का े े ु ु कौशर होना चाहहए।  दसयों को धैमण ऩूर्वक सननए एर्वॊ र्वतता क इयादे एर्वॊ सही सन्दे श को ण े ू ु सभझने का प्रमास कीक्जए। सहानबनत दशाणना एर्वॊ व्मक्तत को मह एहसास ु ू कयाना र्क र्वह जो कहना चाहता है आऩ उसको सभझ यहे हैं, एक अच्छा सॊकत है । े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  17. 17. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? भें सधाय कय सकते आऩ अऩने अनर्वैंमक्ततक कौशर हैं! ु रोक-सहज र्वातार्वयण फनाइए, जहाॉ प्रत्मेक की इच्छाओॊ का ख्मार यखा जाता हो एर्वॊ जहाॉ ननम्न से उच्चतय ऩदों तक, प्रत्मेक त्रफना सॊकोच क फोर े सकता हो। आत्भ-वर्वश्र्वास से ननणणम दीक्जए एर्वॊ न्मामऩणण यहहए। ू प्रबार्वी भध्मस्थ फनना सीखखए एर्वॊ वर्वर्वादों का दोनों ऩऺों को सनते हुए ु एर्वॊ ननटऩऺ यहते हुए मथासम्बर्व फेहतय तयीक से ननऩटाया कीक्जए, मह े दसयों से सम्भान एर्वॊ प्रशॊसा ऩाने भें आऩकी भदद कये गा। ू © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  18. 18. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक सम्प्रेषण र्वह तयीका है , क्जसक द्र्वाया व्मक्तत अऩने वर्वचायो, सचना, े ू याम एर्वॊ अनबनतमों को साझा कयता हैं। मह दो मा अधधक व्मक्ततमों क े ु ू फीच एक दो-तयपा र्िमाकराऩ है । सम्प्रेषण क कई आमाभ हैं, क्जनभें े से कछ का प्रमोग साभान्म रूऩ भें र्कमा जाता है । ु © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  19. 19. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक संवाद भौखखक सम्प्रेषण भौखखक सम्प्रेषण र्वह है क्जसभें व्मक्तत अऩना सन्दे श फोरकय ऩहुॉचाता है । सन्दे श एक व्मक्तत, टीभ मा सभह को ू बेजा जा सकता है । सन्दे श बेजने र्वारे व्मक्तत को स्ऩटट रूऩ भें सन्दे श अलबव्मतत कयना चाहहए तार्क प्राप्तकताण उसे सभझ सक एर्वॊ महद े आर्वश्मक हो तो सन्दे श ऩय अऩनी प्रनतर्िमा दे सक । सन्दे श को प्राप्त े कयने र्वारा कहे गए कथन को सभझने क मोग्म होना चाहहए। कबीे कबी सन्दे श प्रेषक क इयादे क अनुरूऩ प्राप्त नहीॊ होता, इसक कई े े े कायण होते हैं क्जसभें ध्मान मा रुधच का अबार्व बी शालभर है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  20. 20. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक संवाद गैय-भौखखक सम्प्रेषण कई वर्वचाय, सोच एर्वॊ अनुबनतमों हैं, जो त्रफना ू शब्दों क सम्प्रेवषत की जाती हैं। एक सन्दे श का कर्वर एक-नतहाई बाग े े व्मक्तत से व्मक्तत तक कर्वर शब्दों क रूऩ भें बेजा जाता है । रोगों क ऩास े े े गैय-भौखखक सॊकतों को ऩढ़ने की मोग्मता होती है । मे सॊकत र्वातार्वयण से े े एर्वॊ सॊस्कृनत क जरयए सीखे जा सकते हैं एर्वॊ इसलरए इनकी गरत े व्माख्मा की जाती है । गैय-भौखखक सम्प्रेषण क उदाहयण हैं-जम्हाई, आॉस; े ू फाॉहों को आऩस भें भोडना, आॉख भटकाना इत्माहद । इन्हें छ् प्रकायों भें वर्वबाक्जत र्कमा जा सकता है -शायीरयक बाषा, शायीरयक वर्वशेषताएॉ एर्वॊ प्रतीनत, र्वाणी, स्थान, र्वातार्वयण एर्वॊ सभम । भौन यहना बी गैय-भौखखक सम्प्रेषण का एक प्रकाय है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  21. 21. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक संवाद  लरखखत सम्प्रेषण लरखखत सम्प्रेषण बवर्वटम भें अध्ममन कयने एर्वॊ प्राप्तकताण की अऩनी गनत से सन्दे श को ग्रहण कयने क लरए लरखखत े दस्तार्वेज उऩरब्ध कयाते हैं। मह स्थामी होता है एर्वॊ गहया प्रबार्व डारता है । लरखखत सम्प्रेषण भें ऩि, स्भारयकाएॉ, डाक, घोषणा-ऩि, रयऩोटण , आये ख, भानधचि, अन्म सहामक धचि साभग्री इत्माहद शालभर हैं। लरखखत सम्प्रेषण को फहुत दय तक ऩहुॉचामा जा सकता है । रोगों की ू अधधक सॊख्मा तक सचना ऩहुॉचाने भें मह उऩमोगी होता है तथा ू भौखखक सम्प्रेषण को ऩनफणलरत कय सकता है । ु © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  22. 22. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक संवाद  ऩढना ऩाठ्म साभग्री भें सबाओॊ क घोषणा-ऩि, स्र्वास्थ्म एर्वॊ सयऺा े ु कामणवर्वधधमों र्व अभ्मास, कामण प्रवर्वधधमाॉ, रयऩोटण इत्माहद आते हैं। कई कामणकताणओॊ क लरए आर्वश्मक ऩाठ की भािा क कायण ऩठन कौशर े े वर्वकलसत कयने की आर्वश्मकता होती है तार्क ऩाठ कशर एर्वॊ प्रबार्वी ु हो। ऩाठ क ऩरयणाभ, सचना को माद कयना, वर्वस्तत दृक्टटकोण ऩाना, े ू ृ साक्ष्म ऩाना, जो हुआ उसे खोजना, प्रश्न क उत्तय दे ना, वर्वचाय दे ना े इत्माहद हो सकते हैं। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  23. 23. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक समरेषर् क रकार े  भौखखक भौखखक सम्प्रेषण आभने-साभने दे खकय मा सनकय ु सम्प्रेषण कयने का प्रकाय है । इसभें लरखखत रूऩ भें कछ नहीॊ होता । ु टे रीपोन ऩय फातचीत. साऺात्काय, एक-भागॉ प्रस्तनतमाॉ, व्माख्मान, ु चरधचि इत्माहद बी भौखखक सम्प्रेषण हैं। शायीरयक एर्वॊ चेहये क हार्वे बार्व बी भौखखक सम्प्रेषण का एक बाग है ।  लरखखत लरखखत सम्प्रेषण भें लरखखत रूऩ से सम्प्रेषण कयना शालभर है । इसभें व्माऩक बाषा का प्रमोग शालभर है , क्जससे र्क प्रेषक प्राप्तकताण तक उधचत सन्दे श बेज सक । डाक, टे रीग्राप, पतस, े ै एसएभएस, ऩत्रिकाएॉ, ऩुस्तक, सभाचाय ऩि, ऩैम्ऩरेट्स इत्माहद ें लरखखत सम्प्रेषण क उदाहयण हैं। े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  24. 24. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक समरेषर् क रकार े औऩचारयक औऩचारयक सन्दे श औऩचारयक सम्प्रेषण क लरए े सॊचारयत र्कए जाते हैं। इसका सम्फन्ध साभान्मत् सम्प्रेषणकताण की र्कसी खास क्स्थनत से होता है । त्मागऩि, ननदे श, सचनाएॉ इत्माहद ू इसक उदाहयण है । े अनौऩचारयक इस प्रकाय का सम्प्रेषण सबी प्रकाय की औऩचारयकताओॊ से भतत होता है । मह ऩाहटण मों क फीच अनौऩचारयक े ु सम्फन्ध ऩय आधारयत होता है । इसे साभान्म दृक्टट ‘ग्रेऩ र्वाइन’ सम्प्रेषण कहा जाता है । साभान्म दृक्टट, हार्व- बार्व, भस्कयाहट, ु ु स्र्वागत, आलरॊगन इत्माहद को अनौऩचारयक सम्प्रेषण कहा जा सकता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  25. 25. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक समरेषर् क रकार े  उध्र्र्वभखी जफ सम्प्रेषण अधीनस्थ से उसक फाॅॎस मा र्वरयटठ तक े ु होता है तफ इसे उधोभखी सम्प्रेषण कहा जाता है । ऐसे सम्प्रेषण भें ु कभणचारयमों की प्रनतर्िमा, सराह मा उनकी लशकामतें इत्माहद शालभर होती हैं। इस प्रकाय का सम्प्रेषण ननमोतता क लरए प्रोत्साहन क भख्म े े ु स्रोत क रूऩ भे कामण कयता है । े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  26. 26. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक गैर- मौखिक समरेषर् क तरीक े े शायीरयक बाषा की शक्तत गैय-भौखखक सम्प्रेषण क भाध्मभ से हभ े अऩने चरयि का बार्वनात्भक ऩऺ प्रकट कयते हैं। शायीरयक बाषा र्वततता को तयन्त प्रनतऩक्टट उऩरब्ध कयाता है एर्वॊ उसे फताता है र्क ु ु र्वह कसे चर यहा है । महद र्वतता इस प्रनतऩक्टट क भहत्र्व को सभझ नहीॊ ै े ु ऩाता, उसका अऩना सम्प्रेषण कभ प्रबार्वी हो जाएगा। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  27. 27. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक गैर- मौखिक समरेषर् क तरीक े े  चेहये का बार्व चेहये का बार्व ननयन्तय व्मक्तत की सटीक बार्वनाओॊ की झरक प्रदान कयता है , चाहे र्वह आश्चमण, अवर्वश्र्वास, कयाय अस्र्वीकृनत, िोध, प्रेभ, इत्माहद हों । शयीय की अन्म र्िमाओॊ, क्जन ऩय ननमन्िण कयना अधधक कहठन है औय इसलरए जो सच्ची बार्वनाओॊ क े र्वास्तवर्वक सॊकतक होते हैं, क सन्दबण भें चेहये क बार्व ऩढ़ने भे े े े सार्वधानी फयतनी चाहहए। चेहये क हार्व- बार्व ऩय ननमन्िण कयना े सर्वाणधधक आसान है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  28. 28. www.upscportal.com अन्तर्वेंमक्ततक कौशर : आर्वश्मक तमों? सम्प्रेषण अन्तर्वैमवर्वतक शारीररक भाषा क माध्यम से ऩढ़ना े शायीरयक भद्रा की बाषा ु भौन की बाषा अन्तयार की बाषा © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  29. 29. THANK YOU! सीसैट ऩेऩर-2 : ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े http://www.upscportal.com/civilservices/courses/ias-pre/csat-paper-2-hindi सीसैट ऩेऩर-2 : If You want to Buy Hard Copy Click Here : http://www.upscportal.com/civilservices/study-kit/ias-pre/csat-paper-2hindi More IAS Online Coaching Courses http://www.upscportal.com/civilservices/courses www.upscportal.com
  30. 30. UPSCPORTAL other online Courses Online Course For Civil Services Preliminary Examination सामान्य अध्ययन ऩेऩर-1 ऑनऱाइन कोच ग ं Online Coaching For CSAT Paper -1 (GS) 2014 Online Coaching For CSAT Paper -2 (CSAT) 2014 Online Course For Civil Services Mains Examination General Studies Mains (New Pattern Paper 2,3,4,5) Contemporary Issues for Civil Services Main Examination Public Administration For Mains More IAS Online Coaching Courses http://www.upscportal.com/civilservices/courses www.upscportal.com

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