Online coaching-csat-paper-2-decision-making-3 a

1,245 views

Published on

Online coaching-csat-paper-2-decision-making-3 a

0 Comments
0 Likes
Statistics
Notes
  • Be the first to comment

  • Be the first to like this

No Downloads
Views
Total views
1,245
On SlideShare
0
From Embeds
0
Number of Embeds
933
Actions
Shares
0
Downloads
17
Comments
0
Likes
0
Embeds 0
No embeds

No notes for slide

Online coaching-csat-paper-2-decision-making-3 a

  1. 1. www.upscportal.com IAS सीसैट ऩेऩर-2 ननर्णयन ऺमता एवं समस्या समाधान तथा ऩारस्ऩररक कौशऱ (Decision Making & Problem Solving & Interpersonal Skills) अध्याय : आऩका तक ककतना मजबत है ? ण ू © UPSCPORTAL.COM IAS EXAM Online Coaching
  2. 2. www.upscportal.com आऩका तक ककतना मजबत है ? ण ू इन प्रश्नों में, एक कथन का दो तकों द्वारा अनसरण ककया जाता है । ु एक मजबत तक वह है जो दी गई ऩररस्थथतत क उस वाथतववक एवॊ क े ू व्यावहाररक ऩऺो को थऩर्क करता है जैसा कथन में वर्णकत है । एक कमजोर तक बहुत सरऱ, सतही एवॊ ऱम्बा होता है । अभ्यर्थकयों से क मजबूत एवॊ कमजोर तक क बीच अन्तर करने की अऩेऺा की जाती है । क े © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  3. 3. www.upscportal.com आऩका तक ककतना मजबत है ? ण ू मजबत या कमजोर तकों को कसे ऩह ानें? ै ू  एक मजबूत तक कथन से सम्बस्न्धत होता है तथा वह थथावऩत क तथ्यों या धारणाओॊ द्वारा समर्थकत होना चाहहए, ऱेककन यह एक तथ्यात्मक वववरण मात्र नहीॊ होना चाहहए।  एक मजबत तक में कथन से सॊऱग्न ववषय का गहरा ववश्ऱेषण होना क ू चाहहए।  एक मजबूत तक कथन में वर्णकत स्थथतत का यथाथकवादी समाधान क प्रथतत करता है । ु © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  4. 4. www.upscportal.com आऩका तक ककतना मजबत है ? ण ू मजबत या कमजोर तकों को कसे ऩह ानें? ै ू  वाथतव में , कोई भी तक एक तक क रूऩ में होना चाहहए एक राय या क क े ववचार क रूऩ में नहीॊ। े  एक मजबत तक में कथन में दी गई स्थथतत की ऩनरावस्त्त मात्र नहीॊ क ू ु ृ होनी चाहहए।  जब भी ककसी तक में ‘कवऱ’ र्ब्द का प्रयोग होता है तो इसका क े तात्ऩयक है कक वह सामान्यतया एक कमजोर तक है क्योंकक वह कवऱ क े सम्भाववत मामऱा नहीॊ हो सकता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  5. 5. www.upscportal.com आऩका तक ककतना मजबत है ? ण ू मजबत या कमजोर तकों को कसे ऩह ानें? ै ू  जब भी कोई तक ककसी जनसमह या सरकार को र्ाममऱ करता है , तो क ू आऩ उसे तनदे मर्त नहीॊ कर सकते । इसमऱए इन मामऱों में यहद तक क अवश्य (डनेज) क साथ है तो यह सामान्यतया एक कमजोर तक है । उच्च े क ऩद ऩर बैठा एक व्यस्क्त ऱोगों को तनदे मर्त कर सकता है एवॊ अऩने मातहतों को तनदे र् दे सकता है (जो एक जन समह है )। ू  जब कोई तक हदए गए कथन से ववचमऱत हो रहा हो तो वह एक कमजोर क तक है । क  जब कथन क बारे में कछ कहने की अऩेऺा कछ अन्य तरीकों या ववकल्ऩों े ु ु से तक में ववकल्ऩ उऩऱब्ध कराए जाते हैं तो वह एक कमजोर तक होता है । क क © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  6. 6. ‘स्माटण ’ प्रैम्लटस www.upscportal.com प्रश्न 1. कथन लया नगर ववकास प्राचधकाररयों को शावऩंग माऱ क े ननमाणर् को प्रोत्साहहत करना ाहहए, म्जसका ऩररर्ाम छोटी दकानों ु की बन्दी क रूऩ में ननकऱता है ? े तक : ण 1. हाॉ, र्ावऩॊग माऱ में एक ही छत क नीचे आवश्यकता की सभी चीजें े ममऱ जाती हैं। 2.नहीॊ, हदन-प्रततहदन की आवश्यकताओॊ की खरीदारी क मऱए अनेक े ऺेत्र क ऱोगों क मऱए र्ावऩॊग माऱ जाना सववधाजनक नहीॊ है । े े ु (a) कवऱ 1 े (c) या तो तक 1 या 2 क (b) कवऱ 2 े (d) तक 1 एवॊ 2 दोनों क © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  7. 7. ‘स्माटण ’ प्रैम्लटस www.upscportal.com प्रश्न 2. कथन लया प्ऱाम्स्टक बैग क प्रयोग ऩर ऩूर्ण प्रनतबन्ध ऱगना े ाहहए? तक: ण 1. नहीॊ प्ऱास्थिक बैग, स्जसे ऩयाकवरण को बबना अर्धक ऺतत ऩहुॉचाए प्रयोग ककया जा सकता है , को थवीकृतत दी जानी चाहहए। 2. हाॉ, प्ऱास्थिक बैग का प्रयोग जऱ-प्रदषण एवॊ जऱ-जमाव जैसी ू ववमभन्न समथयाओॊ का कारण है तथा इसमऱए इसे प्रततबस्न्धत करना आवश्यक है । (a) कवऱ तक 1 े क (c) न ही तक 1 न ही 2 क (b) या तो तक 1 या 2 क (d) तक 1 एवॊ 2 दोनों क © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  8. 8. ‘स्माटण ’ प्रैम्लटस www.upscportal.com प्रश्न 3. कथन लया भारत में महत्वऩूर्ण मानव अंगों की बबक्री को कानूनी बनाया जाना ाहहए? तक: ण 1. नहीॊ, यह हमारी सॊथकृतत क ववऩरीत है और इससे गऱत तरीकों को े भी बढावा ममऱेगा। 2. हाॉ, मानव अॊगों क अवैध व्याऩार का अन्त करना चाहहए। े (a) कवऱ तक 1 े क (b) या तो तक 1 या 2 क © 2014 UPSCPORTAL .COM (c) न ही तक 1 न ही 2 क (d) तक 1 एवॊ 2 दोनों क ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  9. 9. ‘स्माटण ’ प्रैम्लटस www.upscportal.com प्रश्न 4. कथन लया भारत में जआ खेऱने को कानूनी बना हदया जाना ु ाहहए? तक: ण 1. हाॉ, सरकार जए ऩर कर ऱगाकर बडी रामर् अस्जकत कर सकती है । ु 2. नहीॊ, समाज क गरीब तबक क ऱोग जए में अऩनी ऩरी कमाई खचक े े े ु ू कर दें गे और उनक ऩररवारों में भखमरी की स्थथतत उत्ऩन्न हो जाएगी। े ु (a) कवऱ तक 1 े क (b) या तो तक 1 या 2 क © 2014 UPSCPORTAL .COM (c) न ही तक 1 न ही 2 क (d) तक 1 एवॊ 2 दोनों क ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  10. 10. ‘स्माटण ’ प्रैम्लटस www.upscportal.com प्रश्न 5. कथन लया सभी ववश्वववद्याऱयी ऩरीऺा क लऱए ऩरीऺा े ननकायों द्वारा कऱकऱेटर क उऩयोग की अनुमनत दी जानी ाहहए? ै े ु तक: ण 1. नहीॊ, छात्रों क मऱए यह आवश्यक है कक वे अऩनी अवधारणा थऩष्ि े करने क मऱए मैनुअऱ कऱकऱेर्न की ऩद्धतत को जानें। े ै ु 2. हाॉ, मैनअऱ कऱकऱेर्न की अब आवश्यकता नहीॊ है । ै ु ु (a) कवऱ तक 1 े क (b) या तो तक 1 या 2 क © 2014 UPSCPORTAL .COM (c) न ही तक 1 न ही 2 क (d) तक 1 एवॊ 2 दोनों क ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े
  11. 11. THANK YOU! सीसैट ऩेऩर-2 : ऑनऱाइन कोच ग में सम्ममलऱत होने क लऱए यहां म्लऱक करें ं े http://www.upscportal.com/civilservices/courses/ias-pre/csat-paper-2-hindi सीसैट ऩेऩर-2 : If You want to Buy Hard Copy Click Here : http://www.upscportal.com/civilservices/study-kit/ias-pre/csat-paper-2hindi More IAS Online Coaching Courses http://www.upscportal.com/civilservices/courses www.upscportal.com
  12. 12. UPSCPORTAL other online Courses Online Course For Civil Services Preliminary Examination सामान्य अध्ययन ऩेऩर-1 ऑनऱाइन कोच ग ं Online Coaching For CSAT Paper -1 (GS) 2014 Online Coaching For CSAT Paper -2 (CSAT) 2014 Online Course For Civil Services Mains Examination General Studies Mains (New Pattern Paper 2,3,4,5) Contemporary Issues for Civil Services Main Examination Public Administration For Mains More IAS Online Coaching Courses http://www.upscportal.com/civilservices/courses www.upscportal.com

×