DAHSHATGARD KAUN : WHO IS TERRORIST

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AL-KHILAFA PUBLICATION ki taraf se pesh hai hindi kitab " DAHSHATGARD KAUN : Who is terrorist
Impartial analysis of Islam and terrorism

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DAHSHATGARD KAUN : WHO IS TERRORIST

  1. 1. 1
  2. 2. दहशतगदद कौन? भाग-१ लेख़क : मोहम्मद फ़हद इरफ़ान अनवादक : ु उमर फ़ारूक़ इदारह : अल-ख़ख़लाफ़ह 2
  3. 3. फ़हररस्त े हे ड ग िं पेज न०. अपनी बात 5 हुफ़ चिंद े इिंतेसाब 9 दहशतगदद कौन? 13 बोस्स्नया 16 थाईलैं 33 तिंज़ाननया 34 रूस 35 बमाद 39 बल्गाररया ु 41 12 यगािं ा ू 43 फ़फ़ललस्तीन 44 नाइजेररया 54 यनान (मग्रबी थ्रेस) ू 54 इिं ोनेलसया 57 फ़िल्पाईन 59 अल-जाज़येर 61 सोमाललया 63 कम्बोड या 64 लाइबेररया 65 3
  4. 4. फ़्ािंस 65 उन्दलस (स्पेन) ु ु 68 गनादता (स्पेन) 70 हालैं 74 श्री लिंका 74 सू ान 75 ईराक़ 77 चीन 82 हहिंदस्तान ु 86 कश्मीर 90 अफ़गाननस्तान 94 4
  5. 5. ‫اَ ْلحمْ د ْْلِلْ ربِّ اَ ْلعالَميْن واَ ْلصلَوةُ واَ ْلسالَم على سيد اَ ْلمُرْ سلْيْن وعلى آلْه واَصْ حابه اَجْ معيْن‬ َْ َْْ َ َ ْ َ َ ُ َ َ َ َ ْ ْ َ َ ُ َ ْ َ मोअज्जज़ज़ कारे यीन जैसा फ़क आप बखूबी वाफ़कफ़ हैं फ़क जहााँ दहशतगदद शब्द आया वहााँ अपने आप हमारे हदमाग में कोई मुस्स्लम आजाता है .पूरी दननयािं में ु ये लक़ब लसफ़ मसलमान क लल द ु े ही मखसस कर हदया गया ू है .क्या कभी आपने सोचा है फ़क ऐसा क्य है ? मसलमान को छोड़ कर दननयािं क हर मज़हब क लोग ये े े ु ु कहते हैं फ़क इस्लाम दहशतगदी को बढ़ावा दे ता है जबफ़क इस्लाम में पहली बार तलवार उठाने की उस वक्त इजाज़त दी गई जब तेरह साल तक मसलसल मक्का में मसलमान पर ु ु ज़ल्म व लसतम का बाज़ार गमद रहा.फ़िर ये आयत नास्ज़ल ु हुयी: “क़ताल की इजाज़त दे दी गई है उन लोग को स्जनसे जिंग जारी है , े क्य फ़क इनपर ज़ल्म फ़कया गया और अल्लाह तआला यकीनन इनकी ु मदद पर क़ाहदर है .” (सूरह,हज-39) 5
  6. 6. आज जहााँ जहााँ जेहाद चल रहा है वहााँ वहााँ मसलमान पर ु बे-इिंतेहा ज़ुल्म हु और आज भी हो रहे हैं चाहे वोह ईराक़ हो फ़फ़ललस्तीन हो अफ़गाननस्तान हो चेस्ननया हो या फ़क बोस्स्नया हर जगह इनको गाजर मूली की तरह काटा गया और पूरी दननयािं खामोश तमाशाई बनी रही,क्य फ़क ये मुसलमान हैं और ु इनकी कोई क़दर व क़ीमत नहीिं. इिंसानी हुकक कमेटी बनायी गई है स्जसमें मुसलमान नहीिं ू आते.जानवर क तहफ्िज़ क लल े े ु क़ानन बना ू ग हैं उसमें भी मसलमान नहीिं आते.यानी इनकी औक़ात अब जानवर ु स्जतनी भी नहीिं रही. अब अगर कोई मुस्स्लम उठकर ये साबबत करना चाहे फ़क मैं इिंसान हूाँ और कम से कम जानवर की कटे गरी में तो आता ही हूाँ तो वोह दहशतगदद कहलाता है . भागलपर,मेरठ,िज़ाबाद,बाम्बे और गजरात वगैरह में कई ै ु ु लाख मसलमान लटे काटे और मारे ग .औरत की इज्जज़त ु ू को खुले आम नीलाम फ़कया गया और उनक पेट चाक करक े े उनक बनचे ननकाले ग े और मज़ीद ये फ़क इस दररिंदगी की सीड यािं बनाकर खले आम बािंटी गईं और ये सारी हकीक़त ु आज भी नेट पर मौजूद है . 6
  7. 7. अगर फ़कसी क हदलमें अपनी मााँ बहन बेटी की इज़्ज़त की े गैरत जागी और उसने इसका फ़कसी तरह से बदला लेने की कोलशश की तो वो दहशतगदद होगया.और सबसे बड़ी बात ये फ़क हमारे उल्मा -सू हज़रात भी दहशतगदी फ़तवा दे ने क े लल स्टे ज सजा लेते हैं और जहन्नम रशीद हु लल करान खानी व दआ ु ु कफ्िार क े ु मगफ़िरत करते हैं.मैं उनसे पछता ू हूाँ फ़क वोह उस वक्त कहााँ थे जब इन तमाम जगह पर हमारी मााँ बहन की इज्जज़तें दररिंदगी क साथ लूटी जा रही थीिं े उस वक्त अपना स्टे ज क्य नहीिं सजाया.. हसर में जब ये मा ाँ बहने तम्हारा दामन पकड़ेंगी तो क्या जवाब दोगे.जबफ़क ु अल्लाह तबारक तआला खुद क़रान में िरमाता है : ु “और तुम्हें क्या हो गया है फ़क तम अल्लाह क रास्ते में नहीिं लड़ते, े ु उन कमज़ोर मदों,औरत और बनच क लल े जो ये दआ िं कर रहे हैं ु िं फ़क ऐ हमारे रब! हमें इस बस्ती से ननकाल दे स्जसक बालशदे ज़ाललम े हैं और हमारे लल लल अपने पास से कोई हहमायती खड़ा करदे और हमारे अपने पास से कोई मदद-गार भेज दे .” 7 (सूरह,ननसा-75)
  8. 8. मेरे भाईओिं इस्लाम क अिंसार व मदद-गार बनन े हुयी अज़मत,शान व शौकत वापस लाइ अपनी खोई जो लसफ़ और लसफ़ द द खेलाफ़त में ही मौजद है.क़रान-व-हदीस का मताअला कीस्जये. ू ु ु इस फ़कताब को मैंने उदद ू से हहन्दी में तजुमा फ़कया है और द थो ा बहुत कमो-बेस भी फ़कया है .कछ तस्वीरें भी दी हैं जो फ़क ु नेट पर मौजूद हैं.इस फ़कताब में फ़कसी भी वाक्ये को चढा बढा कर पेश नहीिं फ़कया गया है बस्ल्क उसे और मुख़्तसर ही फ़कया गया है .हर वाक्ये की परी ू ीटे ल्स नेट पर इिंस्ललश में मौजद है ू आप तहकीक कर सकते हैं फ़िर भी जहााँ तक मुमफ़कन हो सका है हवाला हदया गया है . आपसे गज़ाररश व इल्तेमास करता हूाँ फ़क अगर ललखने में ु या फ़कसी और तरह की कोई भूल चूक हुयी हो तो आप उसे नज़र अिंदाज़ करें .और जहााँ तक हो सक इस फ़कताब को अलग े अलग जुबान में ज़्यादः से ज़्यादः लोग तक पेश करने की कोलशश करें ताफ़क हहिंदस्तान क मुसलमान इस काली आिंधी से े ु बा-खबर और होलशयार हो सक.फ़िर से ें क और गजरात न ु होने पा ... उमर फ़ारूक़ 8
  9. 9. क जुमला शाही ऐवानो से लेकर मामली चपरासी और ू मज़दर फ़कसान की ज़ुबान तक आ ननक्ला है फ़क मसलमान ू ु दहशतगदद हैं.मसलमान जो कभी मज़हबी,ज़हनी और क़ाननी ु ू ललहाज़ से खुदमख्तार आज़ाद हुवा करते थे आज वोह अिंग्रेज़ ु क गलाम हैं और इस गुलामी को बाअसे िख्र समझते हैं े ु हालााँफ़क ये (यहूद,नसारा) हमारे कभी दोस्त नहीिं हो सकते. अग्रेज़ अय्यार ने हमको अपने रिं ग में ऐसा रिं गा फ़क अगर ये सफ़द को काला और काले को सफ़द कहें तो हम भी बबन े े दे खे उनकी हााँ में हााँ लमलाते हैं.अिंग्रेज़ ने मसलमानो पर ज़ुल्म ु क पहा े कत्त को ु तोड़े,बम की बाररश की,स्जस्म क टुकड़े काटकर े ाले बबजली क करिं ट लगाये,टैंक तले रौंदा,ज़हरीली े दवाओिं क तजरुबे फ़कये नौजवान क सर को काटकर िटबाल े े ु खेले,स्ज़िंदा लोग को आग में ाला,डिलमशीन से उनक स्जस्म े में सुराख़ फ़कये इतना ही नहीिं बस्ल्क इस्से भी ज़्यादह मुसलमान बहन और बेहटय को बे आबरू करता रहा उनको यरप की मिंड य में िरोख्त करता रहा.उनकी निंगीिं फ़फ़ल्में ू बनाता रहा.बेटे को मााँ से और बाप को बेटी से बदिली पर े मजबूर करता रहा,,अिंग्रेज़ अय्यार ये सबकछ बस्ल्क इस्से भी ु 9
  10. 10. बढ़कर ज़ुल्म तशद्दुद अब भी कर रहा है लेफ़कन फ़िरभी मुसलमान को आलमी दहशतगदद कहा जाता है अिंग्रेज़ क यार े ने भी हक़- गलामी अदा करते हु ु तोते की तरिं ह वही शब्द याद करलल फ़क मुसलमान दहशतगदद हैं. इस मख़्तसर फ़कताब में परी दननयािं क मसलमान पर बीते े ु ू ु ु ददद नाक वाक्यात और मज़ाललम का मुख़्तसर बयान है . मसास्जद व मदाररस की बेहुमदती करआनी औराक़ की तौहीन ु और मसलमानो को जबरन काफ़फ़र बनाने का तज्जकरह है . े ु तालीम क राग अलापने वाल ,हुकके ू इिंसानी और हुकक ू ननस्वािं का हढिंढोरा पीटने वाल का पोल खोला गया है . सिंयक्तराष्ट्र सिंघ ने मसलमान ु ु पर कसी कसी पाबिंहदयािं ै ै लगायीिं और क़त्ले आम में कसे हहस्सा ललया,और क्या ै सिंयुक्तराष्ट्र सिंघ मसलमान ु को इिंसान समझती नहीिं?क्या इन्हें इिंसानी हुकक दे ने क लल े ू है या तैयार है ?इस हकीकत को दशादया गया है .सफ़द चमड़ी वाले अिंग्रेज़ क काले े े बदबूदार आमाल मुलाखता िरमा िं,खुद इन्हीिं क े और मज़लम मसलमान क लल े ू ु तेराि पहढ़ कछ करने का हौसला पैदा ु कीस्जये और अगर ये न हो सक तो अपनी स्ज़न्दगी को े कफ्िार क तौर तरीक से हटा कर इस्लामी ननज़ामें स्ज़न्दगी े ु 10
  11. 11. अपनाने की कोलशश कीस्जये.अगर ये भी न हो सक तो कम े अज़ कम दो चार आिंसू बहा कर अपनी दआव ु िमादनय … ज़ल्म ु की खुदा का दास्तानें शक्र है ु सनने ु आाँखें तो 11 वाला हो गयीिं कौन था पुरनम में याद
  12. 12. समर्पदत दननयािं क उन सारे मज़लूम क नाम स्जन्हें पस्श्चम,पूरब में े े ु आलमी या मुल्की दहशतगदद क खेताब से नवाज़ा गया है और े उन बहन क नाम स्जन्ह ने बोस्स्नया से परी मस्स्लम दननयािं े ू ु ु क नाम खुला खत ललखा... े “ऐ मसलमान ! अगर तुम हमें सबद ईसाई िौस्जओिं क चिंगुल से छ ा नहीिं सकते े ु ु तो हमें तुम से कोई गगला नहीिं,हमें तुम्हारी फ़कसी इम्दाद की कोई ज़रूरत नहीिं,कप े-खाने और खेमे वगैरह अपने पास सिंभाल कर रखो,हमें लसि और द लसि गभद ननरोधक गोललय की ज़रूरत है क्य फ़क हम सबद िौस्जय क बनच द े को जन्म नहीिं दे ना चाहतीिं मेहरबानी करक े क जहाज़ इन गोललय का भेज दें .” ददद लफ़्ज़ में ढल नहीिं सकते,हदलक अरमािं ननकल नहीिं सकते े और खत्म- -नबवत क लसपाही े ू ॉ.गल मोहम्मद अिंसारी ु मरहूम क नाम करता हूाँ स्जनक हदली जज़्बात को मैंने े े अल्िाज़ की लड़ी में र्परोने की कोलशश की है . अगर आज वोह स्ज़िंदा होते अपने हदली जज़्बात को ज़ीनते कतादस दे खते तो बहुत खुश होते मगर तकदीर क िसले अटल हैं..कारे यीन्न े ै दआ िरमा िं की अल्लाह इन्हें क़ब्र,हशर की ढे र सारी खलशयााँ ु ु नसीब िरमा ... ( आमीन ) ...मो०िहद इरफ़ान मल्तान ु 12
  13. 13. घिंघोर रात को रौशन हदन,सर सर को सबा, बद-अह्दी को वफ़ा, ज़ल्म व लसतम क घटाटोप अिंधेर को अद्ल व इिंसाि े ु क रौशन मीनार न कहने वाले,सम्रास्जयत को खुदा न कहने े वाले, अपनी अवाम को जब्र व इस्तेब्दाद क पिंजे से मुक्त े कराकर इिंसाि िराहम करने वाले ताललबान दहशतगदद हैं ? गैर क दर को छोड़ कर लसि और लसि अल्लाह की बिंदगी े द द करने वाले, लमलावट की हुयी इिंजील को छोड़ कर सनचे करान ु को मानने वाले,हज़रत मोहम्मद को सनचा व आख़खरी नबी मानकर उनकी तालीमात पर अमल करने वाले दहशतगदद हैं ? उन्दलुस और अफ्रीका क जाहहल को इल्म की शमा दे ने वाले े ु अज़ीम लोग, ईसाईय , यहूहदय , मजुलसय , हहन्दव सबक लल े ु अमन का पैगाम लेन वाले.. कोसोवो, जमदनी, रूस, इिंड या, अमरीका, इिंललैं , बमाद, चीन में बे-सरो समानी में क़त्ल होने वाले, सबबदया में स्जनक बनच का कीमा बनाकर कत्त क े े ु आगे ाला गया, ईराक व अफ़गाननस्तान में स्जनको बम क े तोहि हद े ग , फ़िलस्तीन, कश्मीर, चेस्ननयािं और बोसननया में अपनी आज़ादी क लल े लड़ने वाले दहशतगदद हैं ? 13
  14. 14. सिंयुक्तराष्ट्र की सरपरस्ती में 10%सबों ने90%मुसलमान को हहजरत करने पर मजबूर करहदया. क्या ये मुहास्जर दहशतगदद हैं?स्जन औरत को नक़ाब करने और मदों को दाढ़ी रखने पर अमेररका जैसे मुल्क में नौकरी से ननकला गया, स्जन औरत की इज़्ज़त से खेलकर उन्हें ज़हनी और स्जस्मानी मरीज़ बनाया गया,स्जन ताललबात को नक़ाब करने क ज़ल्म में े ु िरािंस क स्कल से ननकला गया,स्जन औरत क बनच को े े ू युगोसलार्वया में उनक सामने आग में े ाला गया और वोह औरतें गचल्लातीिं रहीिं..क्या ये औरतें भी दहशतगदद हैं? (एक बोस्नियाई बच्चा स्िसे ज़ालिमों िे मारिे क बाद िज़रे -आतिश कर ददया) े 1-1’हज़ार मुसलमान की कबरें सबबदया,कोसोवो,योगोसलार्वया में दरयाफ्त हुयीिं क्या ये मसलमान दहशतगदद हैं? ु 14
  15. 15. (बोस्स्नया क मज़लम मुसलमान शोहदा की क़ब्रें ) े ू 15
  16. 16. बोस्स्नया: बी.बी.सी की ररपोटद क मुताबबक े क पूरे गािंव में सबों ने क़त्ले-आम फ़कया. ढ़ माह का बनचा लसि इस लल े द बच गया की उसकी मााँ उसकी ढाल बन गयी. इसतरिं ह न्यज़ वीक ू अपनी क ररपोटद में अप्रेल-1992’ललखता है कोसोवो और सबबदया में मुसलमान क इस क़दर सर काटे ग े फ़क सेटलाईट समार न कर सकी.. ु बुहढया से स्जिंसी स्ज़यादती,फ़िर उसकी बेटी और फ़िर, 14’सालह नवासी को सबक सामने बे आबरू करने क बाद े े इन्हें मौत क घाट उतार हदया गया.बोसननया में मसलमान क े े ु सर काटकर िौजी िटबाल खेलते रहे . ु (मसलमान क गले इस तरह काटे ग ) े ु 16
  17. 17. बको नमी कप में मसलमान को शीशे की टूटी हुयी बोतल से ैं ु ज़बह फ़कया गया फ़िर उनक पेट िा े ग ,उनकी आाँखें ननकली े गयीिं.नाक कान काटे ग .मसलमान को गोली से नहीिं त पा ु त पा कर मारा गया. इस्लाम से फ़िर कर ईसाईयत को कबल न करने क जमद में े ु ु ू और परदा करने की वजह से औरत क चेहरे की खाल छील े ाली गयी. मासम बनच ू क सीन े पर खिंजर से सलीब का ननसान बनाकर मााँ बाप को मजबर फ़कया जाता फ़क उनका खन ू ू र्पयें,जो इिंकार करता उसे भी खिंजर से लहू लहान फ़कया जाता ु ( क मासूम लड़की की दररन्द ने ये हालत की) 17
  18. 18. सबबदयाईओिं क ईसाई बबशप नोकोलाई ने बुल्गाररया टे ललर्वज़न े पर बताया फ़क बोस्स्नया में लसि,120000’मुसलमान द को हमने क़त्ल फ़कया.3000’हज़ार मसलामन औरत की अस्मत ु दरी करक हमल (गभद) ठहराने क बाद इनको छोड़ हदया.लसि े े द 200’मसास्जद शहीद की गयीिं ये तो बाकी जो बम की नज़र हु क ईसाई का तराि है या स्जन्हें स्ज़िंदा जला हदया गया वो मज़ीद हैं. स्जन औरत को स्जिंसी तशदद क बाद क़त्ल कर हदया गया े ु वोह लाख की तादाद में थीिं.हज़ार दोलशजा ाँ कलब की ज़ीनत बनाईं गयीिं.अब अगर कोई आदमी इन बात का तज़करह े करक मसलमान से ये अपील करे “मसलमान ! मत्तेहद होकर े ु ु ु अपने भाईओिं की मदद करो” तो अमेररका,इिंललैं ,िरािंस उनको दहशतगदद कहते हैं.. 18
  19. 19. बोस्स्नया में मुसलमान औरत को पहले छािंटा जाता,बुहढया अलग हालमला अलग,नौजवान लड़फ़कयािं और बस्नचयािं अलग जमा की जातीिं. फ़िर हालमला औरत क पेट को चाक करक े े उनमे कत्ते और बबस्ल्लय क बनचे रखकर सी हदया जाता े ु मासूम बस्नचय को यूरप मुल्क की मिंड य में बेचते.जहााँ उन्हें फ़फ़ल्मी कपननय ,क्लबलब क लोग खरीदते. िं े बोस्स्नया क मुस्स्लम प्रधानमिंत्री हाररस सलाजुक ने ये माना े फ़क मसलमान को क़द करने क बाद बड़ी बड़ी कीमा बनाने ै े ु वाली मशीनो में ालकर इनका कीमा बनाया जाता.फ़िर उन कीम को भक कत्त क आगे े ू े ु ाला जाता.अगर यकीन न आ तो सिंयक्तराष्ट्र क कायदकताद से पछ्लें .मगर जब सिंयक्तराष्ट्र े ु ू ु क अिसर से बात चीत हुयी. इन्होने ये कहकर टाल हदया े फ़क ये उनका अिंदरूनी मसला है हम सबों को मना नहीिं कर सकते.. हाय अफ़सोस! इिंसानी हुकक का झमर सजाने वाले बदमाश ू ू अदारे ने बोस्स्नयाई मसलमान ु पर हगथयार क रखने पर े पाबिंदी लगा रखी है .कोई मुस्स्लम मुल्क बोस्स्नयाई मुसलमान की मदद नहीिं कर सकता मगर सबद फ़ौज को खली इजाज़त ु है . 19
  20. 20. 14’साल की बनची ने अपनी दास्तान- -लसतम सुनाते हु बताया फ़क स्जस औरत क सब्ज़ रिं ग क कप े ह वो सबसे े े पहले सबद िौस्जओिं का ननशाना बनतीिं क्यिंफ़क ये रिं ग नबी ु क े रौज़े अकदस का रिं ग है .सबद िौस्जओिं ने बुाँदे अिंगूहठयािं उतारने की ज़हमत गिंवारा न की बस्ल्क औरत की अिंगुललयािं कान काट लल . स्ज़न्दगी का वोह खेल स्जसकी तारीख़ में लमसाल नहीिं लमलती 12जन1992,ईदल-अज़हा का हदन था सबद कमािं र ू ु ोसान ने क स्टे ड यम क अिंदर क़ा म कप में स्टे ज े ैं लगवाया.उसक हाथ में े क ललस्ट थी स्जसमे क़दी बाप बेट ै क नाम दजद थे.उसने,60’बाप बेट क नाम पकार कर स्टे ज े े ु पर चढकर कप े उतारने का हुक्म हदया.फ़िर क अनोखा खेल शुरू हुवा स्जसको आजतक सिंयक्तराष्ट्र क इलावा कोई सोच े ु भी न सका,आधे आदमी घटन क बल बैठ जा ाँ और आधे े ु खड़े रहें .. फ़िर दसरा हुक्म लमला फ़क अपने सामने वाले क नाज़क े ू ु आज़ा को दात से चबा िं.इसपर अगर कोई इिंकार करता तो उस पर कोड़े बरसाना शुरू करदे त.अक्सर लोग ज़ख्म की ताब े ना ला कर मौत क महिं में चले ग .. े ु 20
  21. 21. इनपर ये सब ज़ुल्म सिंयुक्तराष्ट्र की सरपरस्ती में जा ज़ समझा गया.. (रवादारी और मगररब) “हु वा जब आदमी हैवान तो इिंसान पर क्या गुज़री खेजााँ की राजधानी में गललस्तानो पर क्या गज़री” ु ु क16’सालह लड़क को बलाकर पछा गया“तेरा बाप कौन है ” े ु ू उसने इशारे से बताया फ़क ये है फ़िर बद-फ़कस्मत बाप से पूछा गया “ये तेरा अकलोता बेटा है .” उसने कहा जी हािं.! फ़िर सबद कमािं र ोसान ने गोली मारकर कहकहा लगते हुवे कहा “अब तेरा कोई बेटा नहीिं.” क्या अब भी मुसलमान दहशतगदद हैं फ़क इन्होने लोग को दास्ताने लसतम क्य सुनाईं? न्यूज़ वीक ललखता है पवी बोस्स्नया में तज़ला क करीब तीन मसलमान े ू ु लड़फ़कयािं कमर तक निंगी खार दार तार लगे बाड़े में खड़ी थीिं और क बैनर भी लगा था फ़क “ये हर एक क इनिेमाि क लिए हैं .” े े फ़िर तीन हदन की इज्जतेमाई स्जिंसी तश्दद क बाद बे बस पर े ु लमटटी का तेल नछड़क कर जला हदया गया.आलमी उस वक्त खामोश रहा क्य ?? (उदद ू 21 ाईजेस्ट-92) दारह
  22. 22. सबबदया क ईसाई सदर रोदन कदात ज़च ने क म को खेताब े ु करते हु कहा फ़क “हम मुसलमान पर कोई गोली नकसान न ु करें बस्ल्क इनक गले छरी से काटें .” े ु क जहााँ खिंजरे क़ानतल का तमाशाई है .. हो गया खाक की खुराक मुसलमा का खून. भूतपूवद सेल्स-गलद रीना कहती है मेरे परे खानदान क सामने े ू मुझे मारा पीटा गया और मेरी अस्मतदरी करने लगे,मैंने बहुत लमन्नतें कीिं,अल्लाह का हवाला हदया मगर वोह बाज़ ना आये. मैं गचल्ला गचल्ला कर मसलमान को बुलाती रही मगर मेरी ु सुनने वाला कौन था? रीना ने बताया फ़क उसक बाद े लसपाहहय ने कहा इसे स्ज़िंदा जला दो क्यिंफ़क इसने हमे रोकने ु की कोलशश फ़क है .मगर उन्ह ने ऐसा ना फ़कया,बेहतर था वो मुझे क़त्ल करदे ते.अब भी मैं ख़ुदकशी करना चाहती हूाँ,,मैं ु फ़कस लल स्ज़िंदा रहूाँ?? ये सब इसलल हुवा फ़क अपनी इज़्ज़त की हहिाज़त करना दहशतगदी है . बोस्स्नयाई क़द खाने का ै क सबद कमािं र जो मसलमान ु कहदय का इिंचाजद था.(ये पनाह-गाह बज़ाहहर सिंयक्तराष्ट्र की ज़ेरे ै ु सरपरस्ती थी) उसने कहा फ़क “मुसलमान औरत की अस्मतदरी से हमारी फ़ौज क हौसले बलिंद होते हैं”. े ु 22
  23. 23. ईसाई रज़ाकार हे राक कहता है इस इमारत में ,13से25,की लड़फ़कयािं कसीर तादाद में थीिं स्जन्हें पनाह का झािंसा दे कर यहााँ लाया जाता फ़िर हमें कहा जाता इनक साथ जो चाहो े करो.स्जसे पसिंद करो अपने साथ ले जाओ.हम अय्याशी क े बाद उन्हें क़त्ल करदे ते अगले हदन फ़िर नई औरतें ले आते. . (बेदार सिंयुक्तराष्ट्र का दारा बरा ाइजेस्ट) इत्िाल (बनचे) मुरत्तब-कदद ः ररपोटद में बोस्स्नया क स्ज़िंदा बच जाने वाले बनच में से े क लाख बनचे पागल हो चक हैं.हम उनसे बातें करते हैं मगर ु े वोह ख्याली तौर पर गोललय की आवाज़ सुनकर कािंपने लगते हैं और पागल की तरिं ह हमसे रने लगते हैं. (हदल-खराश हालत) लमस्टर स्टोरा क मताबबक सरास्जयो शहर में लगभग,85’हज़ार े ु बनच में नस्फ्सयाती लेहाज़ से सकते-की कफ़ियत तारी ै है .जबफ़क दे हात क बनच क बारे में कछ नहीिं कह सकते फ़क े े ु उन पर क्या बीती? बोस्स्नया में लसिारते-इत्िाल और अन्य तिंजीम ने मुस्स्लम बनच को उनक वालदें न से ये कहकर ललया फ़क हम जिंग क े े बाद आपको वापस लौटा दें गे.जिंग क दौरान क़त्ले-आम से े बनच को हमारा मकसद है .बेचारे मााँ बाप ने अपने अपने 23
  24. 24. बनच को उनक हवाले करहदया.फ़िर लाख े मिंड य में बेच हद बनचे यूरप की ग ..हज़ार बनच क मुस्तकबबल चचों क े े हवाले फ़कया गया ताफ़क उनको ईसाईयत की तालीम दी जाय.सबद िौजी ये सारे ज़ुल्म सिंयुक्तराष्ट्र की सर-परस्ती में करते रहे और पूरा यूरप खामोश तमाशाई बना दे खता रहा. क अमेरकी ररपोटद र ने पूवी बोस्स्नयााँ क क़दी मुसलमान क े ै े बारे में ललखा है .. “सबद फ़ौज ने इनको क़द कर ललया कोई चीज़ इनको खाने को ै नहीिं दे ते थे जब इनको भक ने सताया तो उनक मदाद भाईओिं े ू ु की लाशें खाने क लल े उनक हवाले करदीिं”. े (बोस्स्नया क मज़लूम मुस्स्लम क़दी) े ै 24
  25. 25. शायेद इिंसानी हुकक की सारी तिंज़ीमें इसलल ू खामोश थीिं भूक मरने वाले दहशतगदद थे?इनका कसूर लसि इतना था फ़क े द ु इन्होने अक्वामे मत्तेहदा (सिंयक्तराष्ट्र सिंघ) क झठे वादे पर े ु ु ू यकीन करक अपने हगथयार को जमा कर हद े थे. बोस्स्नया क दीनी मदाररस में मासम बनच को करान पढते े ू ु हु इसलल गोललय का ननशाना बनाया गया फ़क करान पढ़ना ु दहशतगदी है .बोस्स्नया में ,500’ तेहालसक मस्स्जद को शहीद और,200’मस्स्जद को नकसान पहुाँचाया गया वो उन नन्हें ु बनच की दसदगाहें थीिं. (बोस्स्नयाई मस्स्लम की लटकती लाशें) ु मसलमान ु को दरख्त पर रस्से बािंधकर,15-20,लोग को लटका हदया जाता फ़िर वहशी ईसाई औरत-मदद उनक गगदद े 25
  26. 26. रक्स करते हु आते और उनक सीन पर खिंजर से सलीब का े ननशान बनाते,उनक पेट पर खिंजर मारते फ़िर उनकी चीखें े सनकर क़ह्क़हा लगाते और कहते आज हमने मोहम्मद ु और उमक पैरोकार से बदला ले ललया.ये हर रोज़ का खेल था े शायेद पस्श्चम मुमाललक इसलल खामोश रहे फ़क ये सारे मसलमान दहशतगदद थे...? ु सिंयुक्तराष्ट्र क कमीशन बरा े मुहाजेरीन ने यकीन हदलाया फ़क सू ान में हहजरत करने वाल को हम अपनी हहिाज़त में सू ान पहुिंचा दें गे शतद ये है फ़क अपने-अपने हगथयार हमारे हवाले करदें .चनािंचा उन मसलमान से असलेहा लेकर जब इन ु ु लोग को रवाना फ़कया तो रास्ते में जगह जगह उनकी औरतें छीनी गयीिं और उन्हें क़त्ल फ़कया गया.जब ये सू ान पहुिंचे तो 26
  27. 27. आधे से भी कम थे. क तरह अपने घर अज़ीज़ स्जगरपार और सरताज से लुटी पुटी मुसलमान औरतें खून क आिंसू रो रही थीिं तो दसरी े ू जाननब सबद ईसाई अपने चचों में नाच गाने का प्रोग्राम करक े मसलमान ु की सिाई पर आज़ादी माना रहे थे..पस्श्चम खामोश तमाशाई क्य ? मुसलमान लाख मरें तो कोई पर भी नहीिं अगर कहीिं यहूद व नसारा पर कोई आिंच आ तो परा यूरप बलबला उठता है ू आख़खर क्य ? कोसोवो में क औरत खाना बना रही थी सबद िौजी घर में दाख़खल हो कर पछा “क्या पका रही हो”? बनच क लल े ू सब्ज़ी बना रही हूाँ उसने जवाब हदया.सबद िौजी ने उसक े मासूम बनचे को ज़बह करक टुकड़ में काट कर उसे हदया फ़क े इसको पकाओ..औरत ये मिंज़र दे खकर पागल हो गयी..यरप ने ू इस औरत को दहशतगदद करार हदया और सिंयक्तराष्ट्र क पास े ु इसकी मज़म्मत का भी वक्त न था.बोस्स्नया में स्ज़िंदा इिंसान ु की आाँखें ननकल कर इन्हें क़द से ररहा कर हदया गया.पस्श्चमी ै मल्क इन बेचारे अन्ध को भी दहशतगदद कहते हैं. ु 27
  28. 28. राइटर न्यूज़ जेंसी क मुताबबक े क,30’सालः बोस्स्नयाई मुसलमान औरत टुरुलेज की नज़र बिंदी में बिंद अपने कम उम्र लड़क को खाना पहुाँचाने गयी तो उसे रोक कर उसक शहर क े े े मुतअस्ल्लक पछा गया उसने ला-इल्मी का इज़हार फ़कया तो ू कमािं र क कहने पर उसे मारा पीटा गया और उसक कप े े े उतार कर निंगा कर हदया गया जब बेचारी वोह अपने स्जस्म को छपाने क लल े ु दौ ी तो िौजी ने गोली मार कर उसे शहीद करहदया.मासूम बेटा अपनी मााँ की मदद क लल े आया तो सबद िौजी ने उसे दबोच ललया और उसक कप े भी उतार े कर निंगा कर हदया फ़िर हुक्म हदया फ़क अपनी मााँ से बदिली करो,लड़क ने इिंकार फ़कया तो उसेभी गोली मारकर शहीद े े कर हदया गया. (माहनामा... अल-अशरि) इिंसानी हुकक की रट लगाने वाले यहााँ क्य गूिंगे हो ग ? ू जिंगली दररन्द समिंदरी जानवर का तहफ्िज़ करने वाल को ु ु ये इिंसान नज़र क्य नहीिं आते? आप ही अपनी अदाओिं पर ज़रा गौर करें हम अगर अज़द करें गे तो लशकायत होगी.. सबद िौस्जओिं ने क बूढ़े मुसलमान को मजबूर फ़कया फ़क अपने पोते का सीना चीर कर कलेजा ननकल कर चबाये . 28
  29. 29. बोस्स्नया,युगोसलार्वया,बुल्गाररया और इन् ोनेलसया में ऐसे कई वाक्यात पेश आ हैं स्जनमे मुसलमान क नाक कान े और उाँ गललयााँ काट कर ज़ेवर बना कर पहने ग मुसलमान क कलेजे भून कर खा े ग और मगर कोई ना बोला. इिंसानी हुकक की आलमी तिंज़ीम की ररपोटद क मताबबक लसि े द ु ू बोस्स्नयााँ में 50’हज़ार मसलमान औरत की आबरू-रे ज़ी करने ु क बाद उनक र्पस्तान और शमदगाह को तेज़ धार आले से े े काट हदया गया.. बोस्स्नया क बहुत से मुसलामन जो सबद िौस्जओिं की क़द से े ै ररहा हु हैं वोह अिंधे गिंगे बहरे हो चुक हैं.सबद िौस्जओिं ने े ू स्ज़िंदा इिंसान की ज़बाने काट लीिं,आाँखें ननकल लीिं और उनक े 29
  30. 30. कानो में ख़ास फ़कस्म का कलमकल े ालकर उनको बहरा कर हदया.. इस वक्त पूरी दननया में सबसे ज़्यादा यतीम बनचे और ु बेवह औरतें मसलमान की हैं.सबसे से ज़्यादा ज़हनी मज़द क े ु लशकार भी मसलमान ही हैं.6-6,7-7,साल की बस्नचय को भी ु सबद िौस्जओिं ने स्जिंसी तश्दद का ननशाना बनाया गया स्जसकी ु वजह से अक्सर मौत क मुिंह में चली गईं.मुसलमान बस्नचय े से ज़्यादती उनक मााँ बाप और भाईओिं क सामने निंगा करक े े े की जाती है और उन्हें मजबूर फ़कया जाता है फ़क ये मिंज़र अपनी आाँख से दे खें,फ़िर साथ साथ ये वज़ाहत भी की जाती है फ़क मस्स्लम औरतें हामेला ह और उन्हें उसवक्त तक क़दी ै ु बनाकर रखा जा जब तक वोह सबद िौस्जओिं क बनचे जन्म े ना दे दें या कम अज़ कम हमल ज़ाहहर ना हो जा .. चिंद मुस्स्लम बोस्स्नयाई लड़फ़कय ने पूरी उम्मते-मुस्स्लमा क े नाम खत ललख कर पैगाम भेजा है : “ऐ मसलमान भाईय !अगर तम हमारी कोई मदद नहीिं कर सकते तो ु ु कोई हजद नहीिं.हमें खाने और कपड़ की लसि द क जहाज़ माने-हमल गोललय िौस्जओिं क बनचे पैदा न करसक.” े ें 30 ज़रूरत नहीिं,बस लसि और द का भेज दो ताफ़क हम सबद
  31. 31. ये लसि द क पैगाम नहीिं बस्ल्क परी दननयािं क मुसलमान क े े ू ु मुिंह पर तमािंचा है ,शयेद पूरी मुस्स्लम कौम और सिंयुक्तराष्ट्र क े दारे इतने बेहहस और बेगैरत होचक हैं फ़क इस तामिंचे से ु े भी कोई िक नहीिं प ा.. द “खुदा ने सौंप दी थी स्जनको दननयािं भर की आकाई ु इन्हें घेरे हु है आज सारे जग फ़क रुसवाई कहााँ ज़ेरे ज़मीिं रहना कहााँ बाला-नशीिं होना कहााँ ये स्ज़ल्लत खवारी कहााँ वोह इज़्ज़त अिज़ाई” ु सबों ने मुसलमान क क़त्ल करने में अपने ररका द क़ा म े करने की कोलशश की.सबद िौजी मुसलमान को क़त्ल करने क े लल लड़पड़ते और हर क की ख्वाहहश होती फ़क मैं क़त्ल करू.मज़लम और मासम शहररय को सबों ने हर फ़कस्म क े ाँ ू ू हगथयार से क़त्ल फ़कया,कई मुसलमान क नाज़ुक आज़ा े कगचय ै से कतरते और औरत की छानतयािं चाक से काटी ु ू जातीिं.कप े गदद न में लपेट कर उनक गले दबा े जाते. मुसलमान को बािंध कर उल्टा लटका हदया जाता और कभी उनपर सीमेंट क बड़े बड़े ब्लाक रखे जाते स्जससे वोह कराहते े कराहते मरजाते...हाय!! कहााँ हैं अम्न क दावेदार?? े 31
  32. 32. मुसिमािों को दहशिगदद कहिे वािों! सीमेंट क ब्लाक तले े दबे मौत क मुन्तस्ज़र मुसलमान दहशतगदद हैं,क्या वोह मदद े दहशतगदद हैं स्जनक आज़ा कटे ग े या वोह औरतें स्जनकी छानतयााँ काटी गईं?? अमेरकी सिीर जान हे नरी ने बोस्स्नया क सदर अली इज़्ज़त े से क मुलाक़ात में कहा “जो मुजाहहदीन बोस्स्नयाई मुसलमान की मदद क ललया आये थे वोह अभी बाकी हैं े उनको बोस्स्नया से ननकाल हदया जाय क्य फ़ौज क लल े फ़क वोह नेटो खतरा हैं.” अन्दाजः कीस्जये न खद मज़लम मसलमान की हहिाज़त ु ू ु करते हैं और न ही दसरे मुसलमान को करने दे ते हैं. ू (रोज़नामा पाफ़कस्तान) मसलमान ु को ननकालने का अमेररका ने लसि इसलल द मुतालबा फ़कया फ़क बोस्स्नयाई मुसलमान को इत्मीनान से सिंयुक्तराष्ट्र क झण् े तले क़त्ल फ़कया जाय.. अब आप ही े िसला करें ै क मज़लम मसलमान की मदद करने वाला ू ु मुजाहहद होता है या दहशतगदद ? 32
  33. 33. बोस्स्नया क,10लाख में से,2.5लाख से भी ज़्यादा मसलमान े ु सबों क हाथ शहीद हु .पस्श्चमी लमड या ने मसलमान े ु क़त्ले-आम को खाना जिंगी से ताबीर दे ते हु क े दननयािं पर ु ज़ाहहर फ़कया फ़क यूरप फ़कसी की कोई मदद नहीिं कर रहा है मगर सिंयुक्तराष्ट्र ने बोस्स्नयाई मुसलमान क असलेहा दे ने े पर पाबिंदी लगायी इनको अपने असलहे सिंयक्तराष्ट्र क हवाले े ु करने पर मजबूर फ़कया गया कई मौक पर खुद सिंयक्तराष्ट्र ु क िौस्जय ने क़त्ले-आम में लशक़त की और कई मौक पर े द रात की तारीकी से फ़ायेदा उठाते हु बेकस मसलमान पर सचद लाइट ु भागने वाले मजबर व ू ाली ताफ़क सबद िौजी इन्हें आसानी से ननशाना बना सक.यूरपी मीड या ने आाँखें बिंद करक ें े गलत को सही,ज़ल्म को इिंसाि,दहशतज़दः को दहशतगदद और ु दहशतगदद को अमन-पसिंद साबबत करने की हर ममफ़कन ु कोलशश की.शायेद इसी लल फ़क भागने वाले मरने वाले,जलने वाले,गोललय से भूने जाने वाले मसलमान दहशतगदद हैं. ु हम परवररश लोह व कलम करते रहें गे जो मुस्स्लम पे गुज़रती है रक्म करते रहें गे. थाईलैं :- हर मज़हब और कौम को खुदमख़्तार का हक़ ु हालसल है ,लसि द क मसलमान कौम है स्जसे फ़कसी आज़ादी ु 33
  34. 34. का कोई हक़ हालसल नहीिं..थाईलैं क चार दस्क्खनी सूब में े अक्सररयत क बा-वजूद मुसलमान को शहरी हुकक दे ने क े े ू लल बध्मत हुकमत तैयार नहीिं.अगर मसलमान की जगह ु ु ू ईसाई वहााँ कसरत से होते तो शायेद आज वहााँ नया मुल्क बन चूका होता. हहयुमन राईट्स क्य खामोश है ? बहुत कहठन है कोई सरते बयााँ ननकले ू अगर सदा ना उठे कम से कम िगािं ननकले े तन्ज़ाननयााँ:- तालीम और तरक्की क राग अलापने वाल े को क्य तन्ज़ाननयााँ नज़र नहीिं आता जहााँ शहर में मुसलमान,70%हैं इन्हें आला तालीम हालसल करने से रोका जाता है .मसलमान ु की अपनी क़ा म करदह यननवलसदटी ु दारुस्सलाम में लसि,10%दाख़खल हो सकते हैं.और30%ईसाईय द क लल ,90%सीटें हैं.अफ्रीका क मुल्क तिंज़ाननयािं में दे हात में े े 90%आबादी मसलमान की है लेफ़कन इलाज क लल े ु कोई ख़ास इिंतज़ाम नहीिं है जो हास्स्पटल मौजूद हैं वहााँ ईसाईयत े की तबलीग की जा रही है यूाँ समझलें फ़क इलाज क लल े ईसाई बनना शतद है .इन मसलमान को मज़ीद मफ्लज करने ु ू क लल े ननजी अदारे सरकारी तहवील में लल जा रहे हैं 34
  35. 35. नाम,ननहाद इिंसानी हुकक तिंज़ीमें खामोश क्य ? शायेद सारे ू मुसलमान दहशतगदद हैं उनक कोई इिंसानी हुकक हैं ही नहीिं. े ू रूस:- रुसी कस्म्नस्ट का जब सैलाब आया तो बज़ाहहर इन्होने हर मज़हब की मखालित की मगर ज़ल्म क पहा े ु ु लसि मसलमान पर तोड़े. लसि क़फ्काज़ में 10लाख मुसलमान द ु द को शहीद फ़कया गया.1925’क बाद रुसी खूिंखार भूक भेड ये े े की तरह होगये.लाख उलमा को सली की नज़र फ़कया,4हज़ार ू से ज़ायेद मस्स्जद पर ताले लगाये ग ,फ़िर उससे कई गना ु मसास्जद शहीद की गईं.कई हज़ार मसास्जद को अस्तबल लमउस्ज़य्म और स्कल ू स्टोर को गथयेटर ,नाईट कल्ब में बदल हदया गया और चचद वैसे क वैसे ही रहे ..ये सलक लसि े द ू मुसलमान क साथ क्य हुवा? े इस्लामी तालीम पर पाबिंदी,उलमा का क़त्ले-आम,इस्लामी ललरे चर पक े जाने पर 7साल की क़द..इसक बरअक्स गगरजे ै े चलते रहे ,ईसाई तबलीग होती रही.मुसलमान क साथ ये े अलग बतादव क्य ? मसलमान यतीम बनच को ईसाईय ने ु अपने स्कल में दाख़खल करललया.मुस्स्लम औरत को िरोख्त ू फ़कया गया और पूरी दननया तमाशाई बनी रही क्य ? ु 35
  36. 36. रुसी इस्न्कलाब में मुसलमान की कई कौमें सिहे हस्ती से लमट गईं और बहुत सी ऐसी कौमें भी थीिं जो,10% भी बाकी न रहीिं.1800ई०में 3लाख लोग पर आधाररत लशबगी कौम क े ु लोग1994’में लसफ़10हज़ार थे.कब्रोनयन्न मुसलमान लाख से द घटकर 350’रह ग . ऐब्खी कौम तो सिहे हस्ती से लमटा दीगयी उनका जुमद लसि इतना था फ़क ये इस्लामी तालीमात पर अम्लपैरा थे पूरी द दननयािं इस्लाम और मसलमान को दहशतगदद समझती है . ु ु कमननस्ट गढे खोद कर मसलमान ु ु को इसमें स्ज़िंदा दफ़न करदे ते. क गािंव से,8000-लोग को महासरे में लेकर गढे में ालने क बाद इस्लाम पर बकवास करते हु े लमटटी ाल दी ताफ़क बल ोज़र से ु मासूम बेकस दहशतगदद हमेशा की नीद सो जायिं. रुसी दररिंदे मासम बनच से पछते फ़क तम्हारे रसल का क्या ू ू ु ू नाम है स्जसने कह हदया,“मोहम्मद क़त्ल करदे ते.बनच ”.तो उसक बाप को े से पूछते तम्हें सलाम करना आता है ु स्जसने कहा हािं अस्सलामवालेकम.. तो उसक बाप को सली े ू ु चढा हदया जाता.. 36
  37. 37. उलमा को कहा गया फ़क रे न में सवार हो जाओ हम तुम्हें फ़कसी दसरे इलाक में छोड़ आते हैं फ़िर जब वोह बैठ जाते तो े ू दो रे न को आपस में टकरा दे ते और कभी उनपर लमज़ाईल चला दे ते.मााँ बाप अपने बनच को अल्लाह का नाम नहीिं बता सकते थे वनाद सज़ा गोली थी. रूलसय ने मदरस को ािंलसिंग हाल और मस्स्जद को शराब खान में बदल हदया.मसलमान फ़क जायेदादें ज़ब्त करली और ु उनको जबरन कमननस्ट बनाने की नापाक कोलशश की.इन सब ु हालत को दे खने क बावजूद सिंयुक्तराष्ट्र खामोश और परा े ू यूरप तमाशाई बना रहा.. रुसी दौर में मुसलमान को मजबूर फ़कया गया है फ़क अपने “अल्लाह” का नाम लो,लेफ़कन जब इन्होने “अल्लाह” का नाम ललया तो उनक मिंह पर गोललय े ु का ब्रस्ट मार हदया जाता.शयेद उनक नज़दीक “अल्लाह” का नाम लेने वाले े दहशतगदद हैं और उनकी सज़ा गोली है . मैं ऐसा शख्स हूाँ खाललद ग़म की बाररश में मैं रो तो सकता हूाँ आाँसू कस्म्नस्टो ने बहा नहीिं सकता क युननवेलसदटी में दाख़खल हो कर वहााँ की, 50 लड़फ़कय को गगररफ्तार कर ललया और उनको हे लीकाप्टर में 37
  38. 38. बबठा कर फ़िज़ा में बलिंद हु ु ही थे फ़क मसलमान बहन क े ु कप े ज़मीन पर आरहे थे फ़िर भेडड़य ने अपनी हवस लमटा कर उन बेगनाह बहन को निंगी हालत में ज़मीन पर िक ें ु हदया और मुसलमान को चैलेन्ज हदया फ़क हहम्मत है तो हम से बदला लो.. 8’बेहटय की मााँ अकली रह गयी.फ़कसी को कोई े खबर नहीिं फ़क वोह नौजवान लड़फ़कयााँ क्य और कहााँ क़द ै हुयीिं. 4,बेहटय को उनकी मााँ क सामने बेददी गोललय से भन े ू ाला गया..आख़खर क्य ? है कोई गैरि मंद मदद िो इि बहिों का बदिा िे सक ? े कमननसटो क ज़ल्म की वजह से हहजरत करने वाले े ु ु मुसलमान जब खुद की बनाई हुयी कस्श्तय क (जो हटयब और े ू लकड़ी जोड़कर बनी थी) ज़ररये दररया पार करने लगे तो जिंगली वहसी कस्म्नस्टो ने गोललयााँ बरसा कर मसलमान ु को दररया -आमो में ू बने पर मजबूर करहदया. “तने नज़ारा फ़कया है ू ज़ल्म व इस्तेब्दाद का ु तूने हिंगामा सुना मज़लूम की िरयाद का” “सलतनत ने क फ़साना सा सुनाया है इन्हें वक्त क कानन ने े ू 38 मजररम बनाया है इन्हें ” ु
  39. 39. जब रूस ने चेस्ननयााँ में क़त्ले-आम शुरू फ़कया तो औरतें और मासूम बनचे ज़ुल्म और क़त्ल से बचने क लल े क गोदाम में घस ग . ज़ाललम ररूलसय ने दरवाज़े बिंद करक उसमे आग े ु लगादी.बेचारी औरतें और नन्हें मासूम बनचे आग में जलकर रोस्ट बन ग .मगर फ़िरभी आज की दननयािं क मोहज्जज़ब े ु लोग उन चीिंखते गचल्लाते बनच औरत को ही दहशतगदद कहते है . बमाद:- बमाद में मसलमान की जायदादें फ़ौज ने लूट लीिं. ु इस्लामी ललरे चर और करान की आशाअत (पस्ब्लश) पर पाबिंदी ु लगा दी मस्स्जद और मदरस को आग क हवाले कर हदया े गया.उलमा को सललय पर चढा हदया गया.जवान को बेगार ू कम्प में क़द और बूढ को क़त्ल कर हदया गया.बनच को ै ै जबरन बुद्धमत की तालीम और कमुननस्ट नज़ररयात दे ने की कोलशश की गयी.औरत को बेआबरू फ़कया गया बस्नचय को ािंस की रे ननिंग दे कर कल्ब की ज़ीनत बनायी गयी.मस्स्जद और खानकाह में निंगी फ़िल्म की सूहटिंग की गयी.ये तमाम ज़ल्म मसलमान पर ढा ु ु ग लेफ़कन सिंयक्तराष्ट्र खामोश रहा ु और यरप कछ ना बोला. ू ु 39
  40. 40. बमाद में मुसलमान क,300-गािंव जलाये ग े हज़ार मस्स्जद और,1.5लाख करान को आग लगाई गयी.हज़ार इिंसान को ु स्ज़िंदा जला हदया गया..जब 1962ई० में माशदल-ला लागू हुवा तो अल्लाह की पनाह बे-दरे ग मुसलमान को ज़बह फ़कया गया जबरन मुस्स्लम आबाहदय में बद्ध की बस्स्तयािं आबाद की ु गईं.मसलमान ु को नौकररय से ननकाल हदया गया.उनकी जयेदाद ज़ब्त की गईं,औरत की इज़्ज़त से खेला गया.जब तिंग आकार मुसलमान ने बिंगला दे श हहजरत की तो हुकमत ू ने तअल्लकात पैदा करक उन्हें वहााँ से वापस करवाया.4लाख े ु में 30हज़ार रास्ते ही में मार हद ग ,और बद्ध ने उनकी ु कब्रस्तान पर अपनी बस्स्तयािं आबाद कीिं क्य फ़क उनसे उनकी कबरें भी दे खी ना गईं.हज़ार औरतें अब भी लापता हैं. लसि अराकान क इलाक में,900-मस्स्जदें शहीद हुयीिं,सैकड़ द े े मदरसे और खानकाहें तो ीिं गईं.मसलमान की दाहढय में आग ु लगायी गईं. अज़ान,नमाज़,तेलावत,हज,कबादनी,ननकाह वगैरा पर ु पाबिंहदयािं आ द की गईं.करानी आयात वाले कागज़ को हटसू ु की तरिं ह इस्तेमाल फ़कया गया.N.C.R का लसस्टम जारी करक े मसलमान पदाद-नशीिं औरत को आधा बदन निंगा करक तस्वीर े ु उतारने पर मजबूर फ़कया गया.फ़िर राह चलती औरत इन्हें 40
  41. 41. शानाख्ती का द में दजद मख्सूस ननसान दे खने क बहाने निंगा े फ़कया गया.अगर कोई इिंकार करता तो गैर मुल्की जासस ू कहकर क़द खान ै में ाल हदया जाता..अब अगर कोई मुसलमान फ़कसी दसरे मुसलमान से ये बातें बताये तो वोह ू दहशतगदद है .ऐसी हुकमत क ख़खलाि आज़ादी की जिंग लड़ने े ू वाले टे राररस्ट हैं. क्या सिंयुक्तराष्ट्र को ये सब कछ नज़र नहीिं आरहा है ?कहााँ ु है इिंसानी हुकक क राग अलापने वाले?क्या इन हालात को े ू पस्श्चमी अदार की मकरूह शकल कहना दहशतगदी है ? अफ़सोस की मुस्स्लम मुमाललक भी इनकी हााँ में हााँ लमलाये जा रहा है क्य फ़क उन सब की मा िं भी यहूद व नासारा हैं उनक बाप को मुस्स्लम लड़फ़कयााँ पसिंद नहीिं आयीिं. े हम सा ना होगा जहााँ में स्याह बख्त रोशन है बज़्मे-गैर हमारे गचराग से हसास मर न जाये तो ज़ी अक्ल क लल े कािी है क राह ही बुल्गाररया:- ठोकर लगी हुयी बुल्गाररया में,10-लाख तुक मुसलमान द को जबरन ईसाई बनाने की नापाक कोलशश की गयी.इस्लामी 41
  42. 42. नाम की पाबिंदी, नमाज़ अदा करने करान पढ़ने,मस्स्जद में ु आने,अज़ान दे ने और अल्लाह का नाम लेने पर भी पाबिंदी आयेद करदी.लाख मसलमान ु को मौत क े घाट उतार हदया.लाख मुसलमान हहजरत करने पर मजबूर हो ग .औरत की अज्जमतें लूटी गईं,मासूम बनच को ईसाई दस्गादह क हवाले े फ़कया गया.ये सब कछ क्य ु मुसलमान से अिंधा हो रहा है ?क्या इसक पीछे े तअस्सब ु कार-िमाद नहीिं?आख़खर मुसलमान कौम का कसूर ही क्या है फ़क उसे कहीिं भी जीने ु का हक़ मोअस्सर नहीिं? बल्गाररया को जब तक मसलमान ने ु ु द ु फ़तेह फ़कया था तो इन्ह ने तो ऐसा ना फ़कया था.सबको मज़हबी आज़ादी थी.शायेद मसलमान रहम हदली,इस्लामी ु कानन,और अमन पसिंदी ही दहशतगदी है .स्जसका खालमयाज़ह ू आज उनकी औलादें बदादश्त कर रहीिं हैं . तीन लाख बलगारी मसलमान को,1989’में स्जला वतन कर ु ु हदया गया पूरी दननयािं ु खामोश रही.बल्गाररया ु में जब मुसलमान ने दीने-इस्लाम को छोड़ कर ईसाईयत कबूल करने ु से इिंकार कर हदया गया और,10’हज़ार मसलमान ने जलस ु ु ू ननकालकर मतालबा फ़कया फ़क हमें हमारे मज़हब पर बाकी ु रहने की इजाज़त दी जा तो अचानक चार तरि से टैंक चढ 42
  43. 43. दौड़े और चिंद ही लम्ह में हज़ार मुसलमान को मौत क घाट े उतार हदया. यगािं ा:ू (यगािं ा में मुस्स्लम पर पोललस का जब्र व तशदद) ु ु युगािं ा में जब मुसलमान का क़त्ले-आम हुवा तो मुसलमान ने सू ान फ़क तरि हहजरत में भलाई समझी और वहीिं आबाद हो ग .लेफ़कन सिंयक्तराष्ट्र बरा ु महाजरीन ने सू ान में ु आबाद 5’लाख मसलमान को यकीन हदलाया फ़क हम तम्हारी ु ु हहिाज़त करें गे वापसी में कोई खतरा नहीिं है .जब मुहाजरीन अपने वतन वापस पहुिंचे तो पललस मस्तबहा गदादनते हु ु ु 43
  44. 44. गगररफ्तार करक फ़ौज क हवाले कर हदया.फ़ौज ने बढ को े े ू क़त्ल और नौजवान को बेगार कम्प में क़द करहदया.वहााँ की ै ै मस्स्लम औरत को अपनी हवस का ननशाना बनाया. यहााँ भी ु सिंयुक्तराष्ट्र ने मुसलमान क साथ धोखा फ़कया और पूरा यूरप े खामोश तमाशाई बना रहा.रहनमाओिं क बोलने पर पाबिंदी थी े ु और बाकी अवाम क लल े गोललय बम जेल क तोहि और े े दहशतगदद का ख़खताब था. (युगािं ा में मासूम मुसलमान का पोललस का क़त्ले-आम) फ़िलस्तीन:- अप्रैल-1948,की बात है यहूहदय बुलज़ लमटाने क लल े ने हदली मासूम फ़िलस्तीनी बनच को टैंक तले रौंदा,औरत को बे आबरू फ़कया.मस्स्जद पर बमबारी की,अरब अस्पताल से सामान लट ललया और मसलमान को सहराओिं ू ु 44
  45. 45. की तरि भागने पर मजबर फ़कया.शहर िद पर जब यहूहदय ू ने कब्ज़ा फ़कया तो,4हज़ार मुसलमान को मस्स्जद में जमा फ़कया.ये रमज़ानल मबारक का महीना था और सब मसलमान ु ु ु क़दी रोज़े से थे इन्हें ,2हदन तक भूका प्यासा रखा गया.जब ै उन बेचार ने अफ्तार क लल े पानी मााँगा तो उनक सामने े पेशाब करक पीने पर मजबर फ़कया.. े ू 15मई1948को अरब ने यहूहदय की सास्ज़श और मसलमान क क़त्ले-आम से तिंग आकार इसराइल पर हमला े ु कर हदया,अल्लाह तआला क िज़ल और इत्तेहाद क बदौलत े े कामयाबी लमली और तलअबीब(इसराइली राजधानी) तक जा पहुिंचे मगर परा यरप जल उठा.सिंयक्तराष्ट्र ने मदाख्लत की ू ू ु ु और जिंग बिंद करादी.मुसलमान ने ऐतेमाद करते हु मुतमईन हो ग .अब मालमला सिंयुक्तराष्ट्र ने खुद सिंभाल ललया.मगर सिंयक्तराष्ट्र ने इसराइल का साथ हदया और,18’अक्टूबर को ु फ़िर जिंग नछड़ गई स्जसमे परे यरप ने इसराइल का साथ ू ू हदया और सिंयुक्तराष्ट्र भी इसराइल की लौं ी बनी रही और मसलमान क हालात बहुत खराब हो ग .. े ु हदसिंबर-1949,को इस्राइली परधानमिंत्री (क़त्ले-आम) ने अल-कद्स ु को राजधानी बनाया 13नविंबर1966 में इस्राइली फ़ौज ने यरप की ू 45
  46. 46. मदद से फ़िललस्तीन पर हमला करक मुसलमान े से अल- खलील को भी छीन ललया.ये वही शहर है जहााँ हज़रत इब्राहीम अलैहहस्सलाम बाबल से हहजरत करक यहीिं पर ररहाइश े ु अस्ख्तयार फ़कये थे.1966 में इसराइली फ़ौज ने अरब हमसाया मुल्क पर अचानक हमला करक मुख्तललि मुकामात पर े कब्ज़ा करललया.जबतक इसराइल का पलरा भारी रहा अक्वामेमुत्तेह्दः(सिंयक्तराष्ट्र ु सिंघ) खामोश मुमाललक मुत्तेहद हो कर लड़ते हु रहा लेफ़कन जब अरब ग़ाललब आने लगे और क़रीब था फ़क फ़िललस्तीन यहूहदओिं क कब्ज़े से छट जाता े ू मगर सिंयक्तराष्ट्र सिंघ ने यहााँ भी अय्यारी करक अमन की े ु दरख्वास्त करते हु जिंग बिंद करादी फ़िर मौक़ा लमलते ही इसराइल ने यरप की मदद से दोबारह हमला करक अरब े ू ममाललक को हमेशा क लल े ु मफ्लज कर हदया.मौजदा लेबनान ू ू जिंग में भी सिंयुक्तराष्ट्र सिंघ का यही दोहरा मेंयार था. शायेद मस्स्जद- -अक्सा की चीिंख,पकार फ़कसी आलमी ु तक नहीिं पहुिंची.नवेम्बर-1917’में इिंललैं ने यहूहदय दारे को फ़िललस्तीन में अपना नया मल्क बनाने की पेशकश की थी ु और फ़िर हदसम्बर-1917’में इिंललैं मुसलमान क जनरल ऐद मिंु े ने े क मक़द्दस मुकाम पर कब्ज़ा करललया,1919’में े ु 46
  47. 47. दीवारे गगररया (स्जसे वोह हे क्कल सुलैमानी का हहस्सा समझते हैं हााँलाफ़क वोह मस्स्जदे अक्सा की दीवार है ) की खरीदारी क लल े 80हज़ार प ड्स पेश फ़कये स्जसे मसलमान ने ठुकरा हदया. ु 14मई1948’को नतल-अबीब में यहूहदय की मुस्तफ़कल ररयासत इसराइल क कयाम का े लान कर हदया गया और 531गािंव को मललयामेट करक 85% आबादी को हहजरत करने पर े मजबूर फ़कया गया. इसराइली यहूहदय ने मक्बुज़ा फ़िललस्तीन में रानयसुल- न में वाक मस्स्जद सय्यदना अली मुतुज़ा को कड़ा करकट क द े ू ड पो में तबदील करहदया.हज़रत सय्यदना अमरू-बबन-आस की तामीर करदा मस्स्जद को ननगो लमयुस्ज़यम में तबदील 47
  48. 48. करहदया.मस्स्जद अक्सा को आग लगायी गई.वोह लमम्बर जला हदया गया.जो सलाहुद्दीन अय्यूबी रहमतुल्लाह(र०)ने नुरुद्दीन ज़िंगी र०.की याद में फ़तेह बैतल मक़द्दस क मौक पर रखी े े ु ु था.मस्स्जद को शहीद करने क लल ,20मीटर गहरी सुरिंग खोद े रखी है .क़ब्रस्तानो को शार्पिंग सेंटर में बदल हदया गया है . क गधे को अरबी ललबास पहनाकर उसपर मसलमान की मक़द्दस ु ु फ़कताब करान को रख कर पूरे शहर में घुमाया गया.मस्स्जदे ु अक्सा में करानी आयात स्जनमे यहूहदय ु का तज़करह है े उनकी तेलावत पर इमामे मसस्जद को तशद्दुद का ननशाना बनाया गया.मस्स्जद में निंगी फ़िल्म की सहटिंग की गई.1200 ू मस्स्जद को शहीद फ़कया गया.हदन रात गनलशप हे लीकाप्टर टैंक और भारी हगथयार की ग ग ाहट ने बे समार बनच क े ु हदमाग मफ्लज कर हदये. ू 48
  49. 49. ( क मस्स्लम फ़फ़ललस्तीनी बनचा इजराईली टैंक पर पत्थर मरते हु ) ु ािंस कल्ब क नाम मक्का रखा गया.इसराइली जेल में े मासम मसलमान को करिं ट क झटक,ड ररल मशीन से सराख़ े े ू ु ु और कई कई हदन तक उल्टा लटकाया गया.स्जिंसी तशदद ु कत्त से न नवाना,भूका रखना,बनच को यहूदी बनाने की ु नापाक कोलशश,मासम बस्नचय क साथ हवस परस्ती अबतो े ू वहााँ का मामूल बन चुका है ,पता नहीिं ये ज़ुल्म की चक्की कब तक मुसलमान पर चलती रहे गी? . (यहूहदय क हाथ क़द की गईं मुस्स्लम औरतें ) े ै 49
  50. 50. साबबरह और शतीला जैसे गज़बनाक वाक्यात कबतक सिंयुक्तराष्ट्र की सरपरस्ती में होते रहें गे?िसला अब आप करें ै क्या ये ज़ल्म,लसतम की चक्की में र्पसने वाले दहशतगदद ह गे ु या फ़िर अमन -सलामती की रट लगाने वाले यहूदी अमेररकी बतादनवी फ़्ािंसीसी दहशतगदद ह गे? कबतक हे कल सुलेमानी का रामा रचाकर मस्स्जदे अक्सा की खुदाई होती रहे गी और मुसलमान को तकसीम करने क े लल शास्ज़शें करती रहें गी? फ़िललस्तीननय को हहस्स में बाटने का अमल कबतक?नस्ली दीवार तामीर करने का तमाशा और बम मीज़ाइल क तोहि कबतक लमलते रहें गे??.. इसराइल े े का सपोटद र अमेररका कबतक बयान बाज़ी,सिारती तअल्लुकात और जिंगी असलेहा से इसराईल का मोआर्वन व मददगार बना रहे गा? सेहत क हढिंढोरे पीटने वाली यूरोर्पयन तिंजीमे कहााँ हैं? क्या े इन्हें खबर नहीिं फ़क इसराइल खतरनाक साइिंसी तजरबात बेचारे फ़िललस्तीननय पर कराता है .. हर साल तकरीबन,1000’दवाओिं क तजबादत मज़लम और े ु ू बेकस फ़िललस्स्तननओिं पर होते हैं.इसराइली वज़ारते सेहत ने दवाओिं बनानी वाली कम्पनननयओिं को,1000’से ज़्यादा परलमट 50
  51. 51. जारी फ़कये हैं उन कपननय को इजाज़त दी गई है फ़क वोह िं फ़िलीस्तीनी क़हदय ै पर हर फ़कस्म क तजुबादत कर सकते े हैं.शायेद ये सब कछ इस लल ु जा ज़ है फ़क अक्वामे मत्तेहदा ु पर ऐतमाद करने वाले मुसलमान दहशतगदद हैं और उनको कोई इिंसानी हुकक हालसल नहीिं.इिंसानी हुकक और क़हदय क ै े ू ू हुकक की तिंज़ीमें लसि यहूदी ईसाई हहिंद ू वगैरह क लल द े ू ही चीिंख सकती हैं और बस! क तरि तो आप गोले दागे जायें और तैय्यार से बमबारी करें यूरप की दी हुयी उम्दः और आला फ़कस्म की आग क े शोले उगलें और दसरी तरि बनचे पत्थर मारें . ू क तरि से ननहत्ते मज़लम ू मुक़द्दस मस्स्जद और फ़कबलनापाक यहूदी बत ु औव्वल बम गगरा को क़दी बनायें,उनकी औरत ै अस्मत्दरी करें ,मासम बनच ू की खोपडड़य पर बम गगरा ाँ,शहर ,घर कव में ज़हर ु जा ाँ, समेत अिंदर घसें,उसको गगराने क लल े ु सुरिंगें खोदीिं,मुसलमान अस्पताल को कचला जाये उनकी ु की को िोड़ें, स्कल , ू को आग लगा िं,उनक े ालें,उनकीिं मक़द्दस फ़कताब को गटर में ु ालें , उनकी मस्स्जद को मस्मार करें ,उनकी कब्रस्तान पर शोर्पिंग माल बनायें,मासम औरत का निंगा जलस ननकालें , दसरी तरि ू ु ू ू 51
  52. 52. मुसलमान औरतें अपनी स्ज़ल्लत आमेज़ स्ज़िंदगी से तिंग आकार खुद-कश हमलें करें ,यहूहदय क खेलाफ़ नारे लगा िं और े सिंयक्तराष्ट्र की करादादतें याद हदला िं तो दहशतगदद हैं.. ु इिंटरनेशनल सोलल ललबटी िार हहयमन राइट्स की ररपोटद क े ु मताबबक 1967—1997 तक क बीस साल में इसराइली जेल े ु में मुख्तललि मौक पर क़द होने वाने फ़िललस्तीननय ै की सिंख्या पााँच लाख पैंनतस हज़ार जबफ़क बाद क क़दी मज़ीद े ै हैं.लाख मसलमान ु को ईराक़ उदद न शाम लमस्र लेबनान ु लीबबया कोयेत सउदी और वगैरह मल्क की तरि हहजरत ु िं करने पर मजबूर फ़कया गया..मुकामी बालशद को ननकाल हदया गया और बाहर से आने वाले यूरोपी रुसी अफ्रीकी व 52 लशयाई
  53. 53. यहूहदओिं को मुक़द्दस मकामात पर ताकत और असलहे क े ु बलबूते पर आबाद फ़कया गया बस्ल्क अबभी ऐसा हो रहा है .अब आपही बता िं फ़क कौन है अम्न पसिंद और कौन है दहशतगदद ?? (इसराइल में मुस्स्लम औरत को मारते हु क यहूदी औरत और बनचा) “ज़ाललम ही जहााँ मिंसबे मनसब पे हो िायेज़ क्य कर ना हो इिंसाि की तौहीन मेरे दोस्त मिंसूबा सैहूनी ररयासत है अजब खेल है खन से रिं गीन फ़िलस्तीन मेरे दोस्त” ू 53
  54. 54. नाइजेररया:- नाइजेररया में76%से ज़्यादा मुसलमान हैं 20%ईसाई और बाकी बद्धमत हैं.इनमे भी कािी सिंख्या नौ ु आबद की है ज़ल्म ु दे ख़खये स्जन लटेपटे ु ु मुसलमान ने दररया-हदली का सोबूत दे ते हु ईसाईय को अपने इलाक में आबदा होने की इजाज़त दे दी आज वही बेगैरत यूरप क े मसलमान ु को कचलने क िराक़ में हैं पस्स्चमी दे श और े े ु सिंयुक्तराष्ट्र उनकी सरपरस्ती कर रहा है .क्या रवादारी यही हुवा करती है फ़क ज़ाललम को अमन पसिंद और मज़लूम को दहशतगदद कहा जाये? कसे ज़ाललम हैं वो लोग जो मर मर को सबा कहते हैं ै कसे अय्यार हैं वो लोग जो ज़ल्मत को स्ज़या कहते हैं ै ु मगरबी-थरे स(यूनान):- यूनान,1920-तक,उस्मानी ख़खलाित में रहा,1921को यूरपी ताकत ने थरे स को यूनान क े हवाले करहदया.उसवक्त मआहे दह ये हुवा फ़क फ़कसी मसलमान ु ु को ना हहजरत पर मजबूर फ़कया जायेगा और ना ही उनसे कोई इन्तेकामी कारद वाई की जायेगी.मुसलमान की आबदी 50%से ज़्यादा थी.मसलमान क 300’से ज़्यादा गााँव थे खेती े ु बारी वाली ज़मीन,85% से ज़्यादा इन्ही क पास थी.यूनान ने े 54
  55. 55. आदत क मुताबबक तअस्सुब का इज़हार करते हु ,1924’से े आहहस्ता आहहस्ता मुसलमान की जायेदादें ह पनी शुरू करदी और इसे कभी कारोबारी मिंसबा बिंदी तो कभी मल्की मिाद ू ु ु का नाम हदया.कभी मसलमान ु की ज़मीन पर छावननयााँ बनाने लगे तो युननवलसदटी क़ा म की.मज़ीद ज़ुल्म ये फ़क इनमे मसलमान ु को ऐ लमसन नहीिं लमलता था मसलमान ु को अछत की तरिं ह उन कालेज और यूननवलसदहटय में पढ़ने की ू इजाज़त नहीिं थी,पढ़े -ललखे लोग को नौकररयािं न क बराबर े लमलती थीिं.फ़िरका-वाराना िसादात और बेगैर जमद बताये ु गगरफ्ताररयािं अबतो वहााँ का मअमल बन चका हैं. मसलमान ु ु ु को अरबी तुकी बोलने पर रोका गया.फ़िर यूनानी ज़ुबान ज़रुरी करार दे दी गई.बहुत सारे मसलमान को हहजरत पर मजबर ु ू फ़कया गया.मसलमान को वहााँ कोई हुकक मयेस्सर नहीिं.ईसाई ु ु ू गगरजे चचद मज़हबी-रसूमात तालीम इलाज व नौकररयािं और हर फ़कस्म की सहूलतें उनको हालसल हैं.85%मुसलमान को उनसे फ़कये गये वादे अभी तक क्य नहीिं परे हु ? ू कभी यरप ने सोचा फ़क मसलमान दहशतगदद हैं या वोह? ू ु ये सोचने पर आज मैं मजबर हूाँ फ़क क्या ू मोलमन है वक्फ़ ज़ऀ

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