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Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<1/50>
Sanskrit -21
Day - 21
14-04-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<2/50>
Recite Sloka
Sloka Meaning
Carry over
Revision
Roadmap
Day- Agenda
रामो राजमण िः सदा विजयते रामं रमेशं भजे
रामे ाभभहता निशाचरचमिः रामाय तस्मै िमिः ।
रामान्िास्स्त पराय ंपरतरं रामस्य दासोस््यहं
रामे चचत्तलयस्सदा भितु मे भो राम मामुद्धर ॥
Agenda
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<3/50>
पठन्द्विजो िागृषभत्िमीयात्
स्यात्षत्रियो भूममपततत्िमीयात् ।
िणिग्जन: पण्यफलत्िमीयात्
जनश्च शूद्रोऽवप महत्िमीयात् ।।100।।
इत्याषे श्रीमद्रामायिे िाल्मीकीय आदिकाव्ये बालकाण्डे
(श्रीमद्रामायिकथासङ्क्षेपो नाम) प्रथम: सगग:।।
अथ द्वितीय सर्ग:
नारिस्य तु त्िाक्यं श्रुत्िा िाक्यविशारि:।
पूजयामास धमागत्मा सहमशष्यो महामुतन: ।।1.2.1।।
Sloka 100
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<4/50>
पठन्द्विजो िार्ृषभत्िमीयात्स्यात्षत्रियो
भभमपनतत्िमीयात् ।
िण ग्जि: पण्यफलत्िमीयात्जिश्च शद्रोऽवप
महत्िमीयात् ।।100।।
पठन् ्विज: िागृषभत्िम् ईयात् स्यात् षत्रिय: भूममपततत्िम् ईयात् ।
िणिग्जन: पण्यफलत्िम् ईयात् जन: च शूद्रः अवप महत्िम् ईयात् ।।
्विज: पठन्िागृषभत्िम् ईयात्
षत्रिय: (पठन्) भूममपततत्िम ् ईयात्
िणिग्जन: पण्यफलत्िम् ईयात्
शूद्रोऽवप (पठन्) महत्िम् ईयात्
पठन ् जन: People by reading this, ्विज: स्यात् if he is a brahmin,
िागृषभत्िम ् proficient in the eighteen branches of learning, ईयात्
attains, षत्रिय: kshatriya, भूममपततत्िम् lordship over landed possessions,
ईयात् gets, िणिग्जनः vaisya, पण्यफलत्िम ् fruits of his merit, ईयात्
gets, जनश्च men, शूद्रोऽवप sudra also, महत्िम ् greatness, ईयात् attains.
Sloka 100
A brahmin
becomes proficient
in the eighteen
branches of
learning a kshatriya
gets lordship over
landed possessions
a vaisya gets the
fruits of his
business and sudra
also attains
greatness by
reading Ramayana.
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<5/50>
Query regarding 'namovaakam'.
2 egs in different In samskrithm
इिं कविभ्यः पूिेभ्यो नमोिाकं प्रशास्महे
It is part of Uttara Ramayanam of Bhavabhuti
नमः इतत िाकः नमोिाकं in Neuter gender – a very rare usage
िाकं is from ि् like जप् जपम्, and a कृ िन्दत:
The कविभ्यः पूिेभ्यो is used in चतुथी
अहं प्रशास्महे -
I praise with reverence (utterance)all those earlier poets.
Feedback
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<6/50>
छन्दिस्
In Vedas is slightly different from लौककक भाषा
गायिी in Vedas is 8 and in लौककक भाषा it is 6 .
I have not studied the same
Another Class of work which is a mixture of
प्यं & ग्यं is called चंपूरामायि
Another class of work is नाटकं
Feedback
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<7/50>
तं भूसुतामुक्क्तमुिारहासं िन्दिे यतो भव्यभिम्ियाश्रीः
I pay my homage to Him who rescued Sita, whose laughter is
captivating, whose incarnation is grand, and from whom mercy and
splendor arise everywhere.
Now if it is read backwards :
श्रीयाििं भव्यभतोयिेिं संहारिामुक्क्तमुतासुभूतम्॥
I bow before that Sri Krishna, the descendent of Yaadava clan; who is
a divinity of the sun as well as the moon; who destroyed Putana who
only gave destruction; and who is the soul of all this universe.”.
Raghavayadaviyam
विलोम काव्यं
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<8/50>
धातु रूपं
िचनं
कालं पिम्
पुरुष
गिं
Day-2
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<9/50>
Singular
एकिचिं
Dual
द्वििचिं
Plural
बहुिचिं
First Person/उत्तमपुरुष I -अहम् आिाम् We- ियम्
Am -- are
Second Person /मध्यमपुरुष त्िं युिाम् यूयम्
-
Third Person/प्रथमपुरुष He/She
सः /सा
-
तौ
They
ते
is are
िचिंपुरुष
Thou
Art
You
are
धातु रूपं
Day-2
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<10/50>
धातु रूपं
Day-2
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<11/50>
धातु
Root
उपसगागः
( 22)
Prefix
प्रत्यय (18)
1 2 3
10 4
9 5
8 7 6
Approx -(1943-
2200)
पिम ्---उभय
आत्मने परस्मै
पुरुष
प्रथम मध्यम उत्तम
िचिम्
एक ्वि बहु
लकाराः(10)
लट्
मलट्
लुट्
लृट्
लेट्-only in Veda
लोट्
लङ्क्
मलङ्क्
लुङ्क्
लृङ्क्
धातु रूपं
L2
Day-3
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<12/50>
Past लङ्क्-
anadhyatana
Imperfect – Not
pertaining to the current
day
अभि
त्
He has
become
लुङ्क्
Samanya
Aorist Tense अभूत् He became
मलट्-
Paroksha
Not seen by the speaker बभूि He had
become
Present लट्- Present भितत He becomes
Fu
tu
re
लुट्-
-anadhyatana
First future –excluding
current day
भविता He will
becom
eलृट् samanya
bhave
Second Future-(today or in
near future)
भविष्यतत
Tenses- 6
धातु रूपं
Day-3
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<13/50>
लोट् Imperative भितु May he
become
विधध मलङ्क् Potential भिेत् Let him
become
आशीमलगङ्क् Benedictive भूयात् May he
become
लृङ्क् Conditional अभविष्यत् If he would
have become
Mood- 4
धातु रूपं
Day-3
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<14/50>
प्रयोर्िः  कतगरर कमगण भािे
English  Active Passive Impersonal Passive Voice (Not
there in English but conveys the same
meaning as passive)
अकमगक किया
(Intransitive verbs)
  
सकमगक किया
Transitive Verbs
  
Subject प्रथमा तृतीया तृतीया
Object ** प्रथमा ---
पुरुष & िचनम्
match
  सिा प्रथमा
रामो नाम जनैश्श्रुत:, रामेि रषसाम् िध: प्रततज्ञातः तेन राषसी विरूवपता
Day-10
धातु रूपं
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<15/50>
शब्ि
Noun
तनपाताः
( 22)
Prefix
प्रत्यय (21)
1 2 3
n 4
9 5
8 7 6
मलङ्क्गं
पुक्ल्लंग स्िीमलंग नपुंसक
िचिम्
एक ्वि बहु
विभक्क्त
प्रथमा
्वितीया
तृतीया
चतुथी
पञ्चमी
षष्ठी
सप्तमी
स. प्रथम
शब्ि रूपं
Level 1
Exceptions- कलिं
Exceptions-आपः
पुरुष
प्रथम मध्यम उत्तम
Exceptions-भिान्
Day-5
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<16/50>
रामो राजमण िः सदा वि
जयते रामं रमेशं भजे
रामे ाभभहता निशाचरच
मिः रामाय तस्मै िमिः ।
रामान्िास्स्त पराय ंपरत
रं रामस्य दासोस््यहं
रामे चचत्तलयस्सदा भितु
मे भो राम मामुद्धर ॥
विभक्क्त
प्रथमा
्वितीया
तृतीया
चतुथी
पञ्चमी
षष्ठी
सप्तमी
स. प्रथम
विभक्क्त
रामः
रामं
रामेि
रामाय
रामात्
रामस्य
रामे
भो राम
शब्ि रूपं
Day-6
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<17/50>
विभक्क्त दह Eng एक ्वि बहु
प्रथमा - रामः रामौ रामाः
्वितीया को to रामं रामौ रामान्
तृतीया ने by रामेि रामाभ्याम ् रामै :
चतुथी के मलए for रामाय रामाभ्याम ् रामेभ्य:
शब्ि रूपं
Day-6
पञ्चमी से From रामात् रामाभ्याम् रामेभ्य:
षष्ठी का of रामस्य रामयोः रामािाम ्
सप्तमी मे,पर,पे In,on रामे रामयोः रामेषु
स. प्रथमा हे Oh भो राम हे रामौ हे रामाः
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CISA CAIIB
<18/50>
प्रादद र् ं निपातािः उपसर्ागिः
1 प्र 12 आ प्रकोपम ् प्रहरतत
2 परा 13 तन ----- पराजतत
3 अप ् 14 अधध अपमानं अपससार
4 सम ् 15 अवप ---- संगच्छक्न्दत
5 अनु 16 अतत अनुदिनम ् अनुजगाम
6 अि ् 17 सु अिगुिम ् अिनमतत
7 तनस ् 18 उत् ---- तनष्कास्यत
8 तनर् 19 अमभ तनरन्दतरम ् तनिागयातत
9 िुस ् 20 प्रतत --- िुष्करोतत
10 िुर् 21 परर --- िुराचरतत
11 वि 22 उप - वियोजयतत
प्रादि गिं
Day-8
निपातािः उपसर्ागिः
-- आगच्छतत
----- तनिसतत
अधधके रलं
----- ------------
अततमनोहरम ् अततशेते
सुदिनम ् सुगायतत
--- उ्धरतत
---- अमभपततत
प्रततदिनम ् प्रत्यागछ
---- पररव्राजयतत
उपिनम ् उपदिशतत
उपस
गागः
तनपाताः
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<19/50>
22.
उप-
near
1.प्र-
intensity
2.परा-
opposite
3.अप ्
-wrong
4.सम ्-
together
5.अनु-after
behind
6.
अि ्-below
21.
परर-
all around
प्रादि गिं ( 22)
when prefixed to धातु रूपं it is called उपसगगः
(उपसगागः कियायोगे १.४.०५९)
उपसर्े धात्िथो बलािन्दयि नीयते । प्रहाराहारसंहारविहारपररहारित्
It can also be seen before शब्ि रूपं .In Hindi it is called Upasarga but
technically it is different. We will stick to Sanskrit
7.तनस ्-
without
much
20.
प्रतत-return
8.तनर्-
whole
entire19.
अमभ-great 9. िुस ्-bad
18.
उत्-
lift
10.
िुर्-
mis
17.
सु-
good
16.
अतत-
beyond
15.
अवप
VEDA
14.
अधध-
in the
13
.तन-
intensity
12.
आ-
reverse
11.
वि-
separation
Day-8
प्रादि गिं
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<20/50>
22.
उपदिशतत
1.
प्रहरतत
2.
पराजतत
3.
अपससार
4.
संगच्छक्न्दत
5.
अनुजगाम
6.
अिनमतत
21.
पररव्राजयतत
हार:-taking away
प्रहार:-attack
आहार:- food
संहार:-destroy
विहार:-entertain ,play
पररहार:- remedy
Duce-(leader)
Reduce
Induce
Introduce
produce
7.
तनस ्-
तनष्कास्यत
20.
प्रत्यागछ
8..तनर-
तनिागयातत
19.
अमभपततत
Form
Inform
Reform
Perform
Deform
9.िुस ्
िुष्करोतत
10.
िुराचरतत18.
उ्धरतत
17. सुगायतत 16.
अततशेते
15.
अवप
14. 13.
तनिसतत
12.आग
च्छतत
11.वियोजय
तत
Day-7
प्रादि गिं
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<21/50>
Overview-1
संदहता- ि गिः
संयोर्िः
हल ्
स्िर
व्यञ्जन
अच्
हल्
:अंअनुस्िारं विसगगः
# Combinati
on
स
स्न्ध
Name
1 अच्+अच्
(संदहता)
 अच ्सक्न्दध:
/स्िर सक्न्दध:
2 हल ्+ हल ्
(संयोगः
)
 हल्सक्न्दध:
/व्यञ्जनस
क्न्दध:
3 अच ्+ हल ्  ----
4 हल ्+ अच ्  ----
5 : + अल ्  विसगगसक्न्दध:
6 अं +अल ्  अनुस्िारस
क्न्दध:
सस्न्ध
अच् हल्
अल्All varnas :
Day-14
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<22/50>
Class Object
• Make
• Colour
• Fuel Type
• Engine Capacity
• Seating Capacity
• Emission Norms
• Model
Four Wheeler
इक्
एच ्
अ च ्।
इ उ ऋ ऌ क्
ए ओ ऐ औ च्
अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ औ च्।
सस्न्ध
Day-11
Overview-2
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<23/50>
When to apply
संदहतैकपिे तनत्या तनत्या धातूपसगगयोः I
तनत्या समासे िाक्ये तु सा वििषामपेषते II
Mandatory -Conditions
1- संदहतैकपिे - राम + औ (्वितीया)- रामौ ,
कक्श्चत्
2- धातूपसगगयोः - प्रतत +आगछ- प्रत्यागछ (D7-
D8)
3- समासे – पाि + अङ्क्गुष्ठेन = पािाङ्क्गुष्ठेन
Optional Conditions
4. िाक्ये - क:+ समथग: च = कस्समथगश्च
• सक्न्दध: about two
varnas coming
together
• समास is regarding
two words coming
together
Tooth-Pick
Black -Cow
Foot-path
Table-Lamp
Paddy-field
Gold-Mine
Cow –Shed
Book-stall
Day-14
Overview-3
सस्न्ध
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<24/50>
स्थािम्-F1
स्थानम्
Day-17
सििग=
F1+F2+F3
Overview-4
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<25/50>
आभ्यंतरप्रयत्नं-2
सििं
Day-17 बाह्य प्रयत्नं-F3
सििग=
F1+F2+F3
Overview-5
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<26/50>
Homogen
eous
Same
स्िरम ्
Heterogenous
Different स्िरम ्
Scenarios
1. अ
2. इ उ ऋ ऌ (इक्)
3. ए ओ ऐ औ (एच ्)
Not followed by respective
svaram (1-1)
अच् सस्न्ध
Scenarios
1. अ
2. इ उ ऋ ऌ (इक्)
3. ए ओ ऐ औ (एच्)
*will not have this scenario
for deergham as there is no
ह्रस्ि
4. अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ
औ च्
1 1
2 2*
3* 3*
1 2
1 3
2 1
2 3
3 अ च्
Day-12
# Combination
1 अच्+अच्
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<27/50>
आ
Examples
दीर्गसस्न्ध:
Input Output
तस्यामभषेक
भरतस्यामभषेचनम्
चाक्स्थ
अ +अ आ
चामन्दत््य अ + आ आ
भायागऽथ
सीतावप
तनिेितयत्िाऽऽमभज्ञानं -74
आ + अ आ
?? आ +आ आ
Same way for इ and उ Sc 2-2
अच् सस्न्ध
Both
# Combination
1 अच्+अच्
Day-12
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<28/50>
र्ु सस्न्ध 1-2
Examples Input
अ+इक्
Output
राषसेन्दद्रं*
आकु लेक्न्दद्रयः*
अ + इ
क +ता
ए
क.ता
सिगगुिोपेत:* -17 अ + उ
क + ओ
ओ
क + ओ
महवषगः* आ + ऋ
क + मू
अर्
मू
अच् सस्न्ध
Both
Day-13
िृद्चधसस्न्ध:1-3
Combination Input अ +एच् Output
चैि
सिैकवप्रयिशगनः*
अ + ए(क +क.ता)
ऐ
क.ता
महैश्ियं * अ + ऐ (क +क.ता)
?? अ + ओ (क +क.ओ) औ
क . ओ
महौषधध:* आ +औ ( क + क.ओ)
Both
य सस्न्ध 2-3
Examples Input अ+इक् Output
इच्छाम्यहं
िक्ष्याम्यहं
सीताप्यनुगता
इ + Any vowel
other than इ
ता
य्
ता
नन्दियं उ + Any vowel
other than इ
ओ
ि्
ि.ओ
Former
अयादद 3- अ च्
Examples Input एच्+अच् Output
हरे + ए = हरये* ए +Any vowel अय्
नै +अकः=नायक: ऐ +Any vowel आय्
विष्िो + ए = विष्ििे ओ+ Any vowel अि्
पौ + अकः=पािक: औ +अ आि्
*लोके ऽक्स्मन्#
िन्दिेऽहम ्#
भजेऽहम ्
ए at the end of the
word + अ beginning of
the word
अ
disappears
Former# Combination
1 अच ्+अच ्
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<29/50>
व्यञ्जन हल्
हल्सस्न्ध-(2)
हश ्
# Combination
2 हल ्+ हल ्
# Input Output Example
2.1 पिान्दत झल ् जश ् शूपगिखािाक्यात्+उ्युक्तान ् (47)
अयाचत्+भ्रातरं
िाक्ग्ििां िरम ् ।
2.2 तु + चु or
श ्
चु हनुम्िचनाच्चैि
स ् + श ् विसगगः in many places is स ्
2.3 हल ्*+
अनुनमसका
अनुनमस
का
ककक्ञ्चन्दनावप
2.4 झल ्** + ह् पूिगसििगः ततस्सुग्रीििचना्धत्िा
धम्याग्धध यु्धाछ्रेयोऽन्दयत्षत्रियस्य
* Excluding ह **Excluding श ्, ष्. स्, ह् also known as झय ्
2.1 is a generic rule but 2.2 is a specific rule. When there is a conflict the specific
rule will apply
खर्
हश ्(20)खर् (13)
झल ्24 जश ्(5) अनुनमसका(5) तु
सििग=
F1+F2+F3
Day-17
हनुम्िचनाच्चैि 
हनुम्िचनात् 
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<30/50>
व्यञ्जन हल्
विसगगसक्न्दध:
हश ्खर्
हश्(20)खर् (13)
क, ख, प, फ . तु
Heterogenous
स्िरम्: व्यञ्जनम्
अच ्: हल ्
अच्Scenarios
1.अ
2. आ
3.इ ,उ, ए, ओ , ऐ ,
औ, ऋ ऌ (इच्)
4. All vowels(No
condition)
हल ्Scenarios
1. हश ्
2. खर्(excluding क, ख, प,
फ)
3. क, ख, प, फ
4. Any consonants(Does
not exists)
# Combinati
on
5 : + अल ्
Day-9
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<31/50>
1-2 Lopa
अ+: + इ
अ+: + उ
अ+: + ए
अ+: ओ
नारि उिाच
अजुगन उिाच
I do not remember
any usage so far in
Ramayana we read
N.B. In case:
becomes lopa
further does not
happen स्िर
विसगग सक्न्दध:
Day-9
2-2- Lopa
आ +: + इ
आ +: + उ
आ +: + ए
आ +: ओ
I do not
remember any
usage so far in
Ramayana we
read
N.B. In case:
becomes lopa
further does not
happen स्िर
1-1 –ओS
• समथोऽमस -
समथग: अमस
।।1.1.5।।
• रामोऽवप 1.
1.36
• ऋषयोऽभ्या
गमन्दसिे
S is generic
which means अ
lopa. There are
two instances of
S coming .This is
one case
3-2 र्
गूढजिुरररन्दिमः -
गूढजिुः अररन्दिमः
।।1.1.10।।
Outside Ramayana
हररः एि  हरररेि
Homogeneous
स्िरम्: स्िरम्
अच्: अच्
# Combinati
on
5 : + अल ्
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<32/50>
व्यञ्जन हल्
हश ्खर्
तु
1-1 ओ(अ+:+हश ्)
महेष्िास:
गूढजिु
सत्यिाक्य: दृढ
क: नु
महोरस्क: महेष्िासो
च क: युक्त को
त्रिलोकज्ञ: िाल्मीके
:
इक्ष्िाकु िंशप्रभि: राम:
3-1 र्
(इच्+:+हश्)
िाल्मीककमुगतनपु
ङ्क्गिम ्
िाल्मीके नागरिो -
िाल्मीके : नारि:
तैयुगक्त-तै:युक्त: Heterogenous
स्िरम्: व्यञ्जनम्
अच ्: हल ्
विसगगसक्न्दध:
खर् (13) हश्(20)हश्(20)खर् (13)
क, ख, प, फ .
2-1 LOPA (आ
+:+हश ्)
कीततगता गुिा:
पीनिषा
विशालाषो
# Combinati
on
5 : + अल ्
Day-9
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<33/50>
व्यञ्जन हल्
हश ्खर्
तु
Heterogenous
स्िरम्: व्यञ्जनम्
अच ्: हल ्
विसगगसक्न्दध:
खर् (13) हश्(20)हश्(20)खर् (13)
क, ख, प, फ .
4-2 अच्+:+ खर् = श्
or ष् or स्
a.गुििान्दकश्च
b.जनैश्श्रुत: - जनै:
श्रुत:
c.कस्समथगश्च -
क: समथग:
4-3 अच्+:+ क, ख,
प, फ (Visarga
remains as as it is)
पुन:पुन:
िशरथ: वप्रयम्
महाबाहु: कम्बुग्रीि:
वि्िान्दक:
कस्समथगश्च
# Combinati
on
5 : + अल ्
Day-9
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<34/50>
# Precedent Antecedent Change Remarks Sc
1 अ हश ्(20)* ओ क: नु 1-1
अ
ओs
रामोऽवप
सोऽभ्यगच्छत ्
1-1
इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ , ऋ ऌ लोपः अजुगन उिाच 1-2
2 आ ** हश ्(20)
लोपः
कीततगता गुिा: 2-1
इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ , ऋ ऌ बाला : + इमे 2-2
3 इ ,उ, ए, ओ , ऐ
, औ , ऋ ऌ
हश्(20)
र्
िाल्मीककमुगतनपुङ्क्गिम् 3-1
अच ् गूढजिुरररन्दिमः 3-2
4 अच ्
(Any vowel)
खर्(excluding क, ख, प, फ) –(9) श ् or ष् or
स्
कृ तज्ञश्च, कस्समथगश्च 4-2
5 अच ्(Any vowel
)
क, ख, प, फ (Exception to #4)
:
पुन:पुन: 4-3
6 अ *श ्, ष्, स्(optional)(exception to 1) राम: सीतामनुप्राप्य E
7 स:(the word स:)
& एषः
हल्(overrides all rules except 5)
लोपः
स च सिगगुिोपेत: -17 E
विसगगसक्न्दध:
Correction in
red
# Combinati
on
5 : + अल ्
Day-9
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<35/50>
स्िर
व्यञ्जन
अच्
हल्
:अंअनुस्िारं विसगगः
अनुस्िारसस्न्ध
खर् हश ्
# Combination
6 अं (म ्)+अल ्
# Input Output
6.1 म ्+अिसानम ् No Change
6.2 म ्+अच ् Samhita
6.3 म ्+हल ् पिान्दतम ् अं@
म ्+हल ्* अपिान्दतम ् अनुनामसका6.4
Excluding श्, ष ्,स्, ह् where 6.3 will be applicable
@ Optionally it can also become अनुनामसका
Day-16
6.4 अपदान्तम ्- गङ्क्गाकू ले,िेिगन्दधिगसङ्क्काशास्ति
संधध:  सक्न्दधः  6.4
संस्कृ तम् 6.3
संभिामम  सम्भिामम  6.4
र्ङ्र्ा  6.4
संशयम् 6.3
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<36/50>
समास – Compound Word
The moment I say two words the former and latter
comes into picture
रामकृ ष्िौ - पूिगपि उत्तरपि
Dimensions of Samasa-1- Importance
रामकृ ष्िौ Importance is on both the words
प्रनतदिनम् - Importance is on पूिगपि
रामबािम्- Importance is on उत्तरपि
चिपाणि:-- totally a new word is arrived at based on
the two words
Characteristics of Samasa
The prefixes if any related to the पूिगपि under goes
change or even dropped रामस्य बािम्
समास
Tooth-Pick
Black -Cow
Foot-path
Table-Lamp
Paddy-field
Gold-Mine
Cow –Shed
Book-stall
नाम
अव्ययम्
विशेषि
धातु
उपसगग
Day-15
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<37/50>
समस्तपद विग्रहपद पिगपद उत्तरप
द
समास
प्रनतदिनम् प्रततदिनम ् अव्ययम् नाम अव्ययी भाि:
राम बािम ् रामस्य बािम् नाम नाम तत्पुरुष:
Table lamp
विभायगः विगता भायाग यस्य सः उपसगग नाम बहुव्रीदह:
षत्रिय षतात् िायते नाम धातु तत्पुरुष:
Tooth-pick, House-
fly
पीतांबरम ् पीतम्अम्बरम ् विशेषि नाम कमगधारय:
Big house
Black cow
रामलक्ष्मिौ रामश्च लक्ष्मिश्च नाम नाम ्िन्द्ि:
चिपाणि: चिम्पािौ यस्य सः नाम नाम बहुव्रीदह:
समास
Day-15
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<38/50>
विग्रहम्
• समासः
 कम्बु इि ग्रीिा यस्य सः
In certain cases samasa vigraham is
not possible it is called Nityasamasam
Vigraham in english is easy
In Sanskrit we need to keep in mind
• Lingam
• Vibhakthi
• Vachanam
For examination students this is very
important
समासः
- broadly four types
- Under तत्पुरुष: you have number
of sub classes
समास
समस्तपद विग्रहपद समास
प्रनतदिनम् दिनं दिनम ्
इतत
अव्ययी
भाि:
राम
बािम्
रामस्य बािम् तत्पुरुष:
Table
lamp
रामलक्ष्म
िौ
रामश्च
लक्ष्मिश्च
्िन्द्ि:
चिपाणि: चिम ्पािौ
यस्य सः
बहुव्रीदह:Day-16
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<39/50>
समस्तपद बहुव्रीदह: तत्पुरुष:
रामेश्िर: ------------ रामस्य ईश्िरः - (मशिः)
रामः एि ईश्िरः- (रूपक)
लम्बोिरः Ganapati NA
लम्बोिरम्** ---------- Big tummy
नीलकण्ठ: Shiva(blue throated
person)
NA
नीलकण्ठम्(नपुम्सकम्)
**
---------- Blue throat
विभायगः (पुक्ल्लङ्क्गं) Rama NA
क्जतिोध: क्जतः िोधः यस्य सः
कम्बुग्रीि: कम्बु इि ग्रीिा यस्य
सः
आजानुबाहु: आजानु बाहू यस्य सः
** karma dharaya
समास
Special Usage and
confusing
मुतनपुङ्क्गि:
िानरषगभ:
नरशािूगल:
पुरुषव्याघ्रः
कवपकु ञ्जरः
Day-16
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<40/50>
अव्ययम्–indeclinable i.e. which does not change the three
dimension
सदृशं त्रिषु मलङ्क्गेषु सिागसु च विभक्क्तषु |
िचनेषु च सिेषु यन्दन व्येतत तिव्ययम् ||
पुरुष एकिचिम ् द्वििचिम ् बहुिचिम ्
प्रथम-पु सः तौ, ते
प्रथम-स्िी सा ते ताः
मध्यम- त्िम ्, युिाम ् यूयम ्
उत्तम अहम् आिाम ् ियम ्
पीत्िा
अव्ययम्
Day-18
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<41/50>
Type Definition Count Example
T1 स्िरादि गिम् 72** पुन:, ऋते , नमः
T2 चादि गिम् 30** च, िा, ह,एि,भूयः,यि,हन्दत, याित्-
ताित्,स्म
T3 Specific त्धधतः 41* ति, ततः are derived from the noun
त् and do not have all vibhaktis
similar . यतः,यि,तिा,यिा,सिा,सिगिा
T4 Specific कृ िन्दत:
तुम (तुमुन्)
-- गन्दतुम ्
T5 Specific कृ िन्दत:
त्िान्दत (क्त्िान्दत)
-- गत्िा, दहत्िा, अनुप्राप्य, समारुह्य
T6 अव्ययीभाि समस -- प्रततदिनम ्
** Excludes आकृ तत गिम्
Day-18
अव्ययम्
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<42/50>
T1- नमस ् -applying विसगगः सक्न्दध it becomes नमः
• Not to be confused with the नम्like नमामम
• As discussed object has to be in चथुततग:
• कृ ष् ाय िासुदेिाय हरये परमात्मिे॥ प्र त: क्लेशिाशाय र्ोविंदाय िमो िम:॥
मम कृ ष्िाय नमो: अस्तु
नमस्ते - नमः + ते
Study the two slokas
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूक्जते ।
शङ्क्खचिगिाहस्ते महालक्क्ष्म नमोऽस्तुते ॥१॥
नमोऽस्तु ते व्यास विशालबु्धे फु ल्लारविन्दिायतपिनेि |
येन त्िया भारततैलपूिगः प्रज्िामलतो ज्ञानमयप्रिीपः ||
Poll 1805
सक्च्चिानंि रूपाय विश्िोत्पत्यादि हेतिे l
तापियविनाशाय श्रीकृ ष्िाय ियं नुमः l l
नमः तस्यै
कृ ष्िाय तुभ्यं नमः
पुरुष एकिचिम् द्वििचिम् बहुिचिम्
प्रथम-पु तस्मै ताभ्याम् तेभ्य:
प्रथम-
स्िी
तस्यै ताभ्याम् ताभ्य:
मध्यम- तुभ्यम्, ते युिाभ्याम्,िाम् युष्मभ्यम्,िः
Day-18
अव्ययम्
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<43/50>
Example -1 –Verb Example-2 – Non verb
Word Figure of speech Word Figure of speech
Go चल Verb Health Noun
Going
चलना
Gerund Healthy Adjective
Healthiness Adjective
कृ िन्दत: त्धधतः
Input Output Input Output
Verb
Noun(Gerund) Noun Noun
Adjective Noun Adjective
अव्ययम् Adjective Noun
Verb Noun अव्ययम्
बु्धधमान्
नीततमान्
िैिेही
राघि:
िाग्मी
कौसल्या
कै कयी
रक्षषता
ध्यायन्दतीम ्
प्रहृष्ट:
तुष्ट:
कृ िन्दत: & त्धधतः
Day-19
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<44/50>
प्राततपदि
कम्(P)
अथगित ्(M) त्धधतः(T)
कृ िन्दत:
(K)
Class-1
सुप्Derivative L1(1-8
Vibhakti )
M- Meaningful and which is not
धातु:
i. गृहम ्(M-1)
ii. िनम्(M-1), िने (M-7), िनेन
(M-3)
iii. िाल्मीकक: (T-1)
iv. कौसल्या (T-1)
v. िैिेही (T-1)
vi. बु्धधमान् (T-1)
vii. प्रहृष्ट:(K-1)
viii. िानस्य(K-6)
ix. िशगनेन (K-3)
x. मुतनपुङ्क्गिम् (S-2)
xi. कम्बुग्रीि:(S-1)
xii. यतः,यि,तिा,यिा,सिा,सिगिा (A-0)
समासः
(S)
नाम
अव्ययम्(A-0)
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<45/50>
त्धधतः &कृ िन्दत:
# Name प्रत्यय Example -1 Example-2
T1 अपत्याथगक इञ्, अि्, अ िैिेही, कै कयी राघि:
T2 भाि िाचक त्ि, ता, अि्, सिगता, पटुत्िम् मािगिम्
T3 समूह िाचक ता जनता
T4 अल्पाथगक क िृषकः -अल्पो
िृषः
कु क्त्सतः+ अश्िः
=अश्िकः
T5 स्िामम िाचक ित्, इतनः बु्धधमान् गुिी
# Name प्रत्यय Example -1 Example-2
K.1.1 कृ त्य
प्रत्ययाः
(adjectives)
तव्य
आनीय
य
गन्दतव्य, कतगव्य,
पानीय, स्मरिीय
कायगम ्, िा्य
िातव्य
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<46/50>
कृ िन्दत:
धातििः अि(N) अ(M) नत(F)
मृ मरिम् ** मृतत:
जन ् जननम् ** जाततः
गम् गमन (सं) गमः गतत:
दृश ् िशगनम् (आ) िशग: दृक्ष्ट:
िा िानम् ** **
स्थ स्थानम् ** क्स्थततः
रष ** रषन ् रषन्दती
Just like the meaning changes with upsarga addition, here also
the meaning can change English examples : Receive –
receiving, receipt, reception
In English –”ing” is the most common suffix and inदहन्दिी-” ना” for Gerund in Sanskrit
we have 3 based on the gender - Verbal Nouns
There is another class of
प्रत्ययाs added to the verb
which changes the tense of the
verbs which also falls under
कृ िन्दत:(Verb-Verb)
e.g which we saw on D18
likeगन्दतुम्
which is not discussed her as it
will form part of Dhatu analysisDay-19
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<47/50>
ततङ्क्ग्
Derivative L1(1-18 )9*2
9 for आत्मने
कृ िन्दत:
(K)
Class-3
धातु: (D)
भ्िादि सन्दनाध्यन्दत:
कृ िन्दत:
(K)
Class-2
अव्ययम्(A-0)
# Name प्रत्यय Example -1
K.2.1 कियाङ्क्गा
तन
(Present
Participle )
तुमुन् गन्दतुम्,
K.2.2 कियाङ्क्गा
तन (Past
Participle)
त्िान्दत
(क्त्िान्दत)
ल्यप ्
गत्िा, दहत्िा,
अनुप्राप्य,
समारुह्य
कृ िन्दत:
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<48/50>
गुरूनहत्िा दह महानुभािान्, श्रेयो भोक्तुं भैक्ष्यमपीह लोके ।
हत्िाथगकामांस्तु गुरूतनहैि , भुञ्जीय भोगान् रुधधरप्रदिग्धान्।
Poll 2003
।2.5।।
छन्दिस्
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<49/50>
108
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19
रामो राजमण िः सदा विजयते रामं रमेशं भजे
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
पठन्द्विजो िार्ृषभत्िमीयात्स्यात्षत्रियो भभमपनतत्िमीयात् ।
छन्दिस्
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<50/50>
छन्दिस्- Metre िृत्तःprosody
I I S I I S I I S I I S I I S I I S I I S I I S
अथ िाररण र्ोरतरं फण िं प्रनतिारनयतुं कृ तधीभगर्िि् ।
द्रुतमाररथ तीरर्िीपतरुं विषमारुतशोवषतप गचयम् ॥१॥
I I S I I S I I S I I S
सुरिन्द्य मुिीद्र पराशरजां …..
I I S I I S I I S I I S
कमलायत लोचि लोकपते विजयी भि िेङ्कट शैलपते ||
म: - S S S य: I S S र: S I S स: -I I S
त: S S I ज:I S I भ: S I I ि: I I I
िृत्तः
त्रिष्टुप्
12
तोटका
4 स
गिं
Day-20
Mr Nanda Mohan Shenoy
CISA CAIIB
<51/50>
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D_21 Samskritham 21

  • 1. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <1/50> Sanskrit -21 Day - 21 14-04-20
  • 2. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <2/50> Recite Sloka Sloka Meaning Carry over Revision Roadmap Day- Agenda रामो राजमण िः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामे ाभभहता निशाचरचमिः रामाय तस्मै िमिः । रामान्िास्स्त पराय ंपरतरं रामस्य दासोस््यहं रामे चचत्तलयस्सदा भितु मे भो राम मामुद्धर ॥ Agenda
  • 3. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <3/50> पठन्द्विजो िागृषभत्िमीयात् स्यात्षत्रियो भूममपततत्िमीयात् । िणिग्जन: पण्यफलत्िमीयात् जनश्च शूद्रोऽवप महत्िमीयात् ।।100।। इत्याषे श्रीमद्रामायिे िाल्मीकीय आदिकाव्ये बालकाण्डे (श्रीमद्रामायिकथासङ्क्षेपो नाम) प्रथम: सगग:।। अथ द्वितीय सर्ग: नारिस्य तु त्िाक्यं श्रुत्िा िाक्यविशारि:। पूजयामास धमागत्मा सहमशष्यो महामुतन: ।।1.2.1।। Sloka 100
  • 4. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <4/50> पठन्द्विजो िार्ृषभत्िमीयात्स्यात्षत्रियो भभमपनतत्िमीयात् । िण ग्जि: पण्यफलत्िमीयात्जिश्च शद्रोऽवप महत्िमीयात् ।।100।। पठन् ्विज: िागृषभत्िम् ईयात् स्यात् षत्रिय: भूममपततत्िम् ईयात् । िणिग्जन: पण्यफलत्िम् ईयात् जन: च शूद्रः अवप महत्िम् ईयात् ।। ्विज: पठन्िागृषभत्िम् ईयात् षत्रिय: (पठन्) भूममपततत्िम ् ईयात् िणिग्जन: पण्यफलत्िम् ईयात् शूद्रोऽवप (पठन्) महत्िम् ईयात् पठन ् जन: People by reading this, ्विज: स्यात् if he is a brahmin, िागृषभत्िम ् proficient in the eighteen branches of learning, ईयात् attains, षत्रिय: kshatriya, भूममपततत्िम् lordship over landed possessions, ईयात् gets, िणिग्जनः vaisya, पण्यफलत्िम ् fruits of his merit, ईयात् gets, जनश्च men, शूद्रोऽवप sudra also, महत्िम ् greatness, ईयात् attains. Sloka 100 A brahmin becomes proficient in the eighteen branches of learning a kshatriya gets lordship over landed possessions a vaisya gets the fruits of his business and sudra also attains greatness by reading Ramayana.
  • 5. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <5/50> Query regarding 'namovaakam'. 2 egs in different In samskrithm इिं कविभ्यः पूिेभ्यो नमोिाकं प्रशास्महे It is part of Uttara Ramayanam of Bhavabhuti नमः इतत िाकः नमोिाकं in Neuter gender – a very rare usage िाकं is from ि् like जप् जपम्, and a कृ िन्दत: The कविभ्यः पूिेभ्यो is used in चतुथी अहं प्रशास्महे - I praise with reverence (utterance)all those earlier poets. Feedback
  • 6. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <6/50> छन्दिस् In Vedas is slightly different from लौककक भाषा गायिी in Vedas is 8 and in लौककक भाषा it is 6 . I have not studied the same Another Class of work which is a mixture of प्यं & ग्यं is called चंपूरामायि Another class of work is नाटकं Feedback
  • 7. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <7/50> तं भूसुतामुक्क्तमुिारहासं िन्दिे यतो भव्यभिम्ियाश्रीः I pay my homage to Him who rescued Sita, whose laughter is captivating, whose incarnation is grand, and from whom mercy and splendor arise everywhere. Now if it is read backwards : श्रीयाििं भव्यभतोयिेिं संहारिामुक्क्तमुतासुभूतम्॥ I bow before that Sri Krishna, the descendent of Yaadava clan; who is a divinity of the sun as well as the moon; who destroyed Putana who only gave destruction; and who is the soul of all this universe.”. Raghavayadaviyam विलोम काव्यं
  • 8. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <8/50> धातु रूपं िचनं कालं पिम् पुरुष गिं Day-2
  • 9. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <9/50> Singular एकिचिं Dual द्वििचिं Plural बहुिचिं First Person/उत्तमपुरुष I -अहम् आिाम् We- ियम् Am -- are Second Person /मध्यमपुरुष त्िं युिाम् यूयम् - Third Person/प्रथमपुरुष He/She सः /सा - तौ They ते is are िचिंपुरुष Thou Art You are धातु रूपं Day-2
  • 10. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <10/50> धातु रूपं Day-2
  • 11. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <11/50> धातु Root उपसगागः ( 22) Prefix प्रत्यय (18) 1 2 3 10 4 9 5 8 7 6 Approx -(1943- 2200) पिम ्---उभय आत्मने परस्मै पुरुष प्रथम मध्यम उत्तम िचिम् एक ्वि बहु लकाराः(10) लट् मलट् लुट् लृट् लेट्-only in Veda लोट् लङ्क् मलङ्क् लुङ्क् लृङ्क् धातु रूपं L2 Day-3
  • 12. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <12/50> Past लङ्क्- anadhyatana Imperfect – Not pertaining to the current day अभि त् He has become लुङ्क् Samanya Aorist Tense अभूत् He became मलट्- Paroksha Not seen by the speaker बभूि He had become Present लट्- Present भितत He becomes Fu tu re लुट्- -anadhyatana First future –excluding current day भविता He will becom eलृट् samanya bhave Second Future-(today or in near future) भविष्यतत Tenses- 6 धातु रूपं Day-3
  • 13. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <13/50> लोट् Imperative भितु May he become विधध मलङ्क् Potential भिेत् Let him become आशीमलगङ्क् Benedictive भूयात् May he become लृङ्क् Conditional अभविष्यत् If he would have become Mood- 4 धातु रूपं Day-3
  • 14. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <14/50> प्रयोर्िः  कतगरर कमगण भािे English  Active Passive Impersonal Passive Voice (Not there in English but conveys the same meaning as passive) अकमगक किया (Intransitive verbs)    सकमगक किया Transitive Verbs    Subject प्रथमा तृतीया तृतीया Object ** प्रथमा --- पुरुष & िचनम् match   सिा प्रथमा रामो नाम जनैश्श्रुत:, रामेि रषसाम् िध: प्रततज्ञातः तेन राषसी विरूवपता Day-10 धातु रूपं
  • 15. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <15/50> शब्ि Noun तनपाताः ( 22) Prefix प्रत्यय (21) 1 2 3 n 4 9 5 8 7 6 मलङ्क्गं पुक्ल्लंग स्िीमलंग नपुंसक िचिम् एक ्वि बहु विभक्क्त प्रथमा ्वितीया तृतीया चतुथी पञ्चमी षष्ठी सप्तमी स. प्रथम शब्ि रूपं Level 1 Exceptions- कलिं Exceptions-आपः पुरुष प्रथम मध्यम उत्तम Exceptions-भिान् Day-5
  • 16. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <16/50> रामो राजमण िः सदा वि जयते रामं रमेशं भजे रामे ाभभहता निशाचरच मिः रामाय तस्मै िमिः । रामान्िास्स्त पराय ंपरत रं रामस्य दासोस््यहं रामे चचत्तलयस्सदा भितु मे भो राम मामुद्धर ॥ विभक्क्त प्रथमा ्वितीया तृतीया चतुथी पञ्चमी षष्ठी सप्तमी स. प्रथम विभक्क्त रामः रामं रामेि रामाय रामात् रामस्य रामे भो राम शब्ि रूपं Day-6
  • 17. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <17/50> विभक्क्त दह Eng एक ्वि बहु प्रथमा - रामः रामौ रामाः ्वितीया को to रामं रामौ रामान् तृतीया ने by रामेि रामाभ्याम ् रामै : चतुथी के मलए for रामाय रामाभ्याम ् रामेभ्य: शब्ि रूपं Day-6 पञ्चमी से From रामात् रामाभ्याम् रामेभ्य: षष्ठी का of रामस्य रामयोः रामािाम ् सप्तमी मे,पर,पे In,on रामे रामयोः रामेषु स. प्रथमा हे Oh भो राम हे रामौ हे रामाः
  • 18. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <18/50> प्रादद र् ं निपातािः उपसर्ागिः 1 प्र 12 आ प्रकोपम ् प्रहरतत 2 परा 13 तन ----- पराजतत 3 अप ् 14 अधध अपमानं अपससार 4 सम ् 15 अवप ---- संगच्छक्न्दत 5 अनु 16 अतत अनुदिनम ् अनुजगाम 6 अि ् 17 सु अिगुिम ् अिनमतत 7 तनस ् 18 उत् ---- तनष्कास्यत 8 तनर् 19 अमभ तनरन्दतरम ् तनिागयातत 9 िुस ् 20 प्रतत --- िुष्करोतत 10 िुर् 21 परर --- िुराचरतत 11 वि 22 उप - वियोजयतत प्रादि गिं Day-8 निपातािः उपसर्ागिः -- आगच्छतत ----- तनिसतत अधधके रलं ----- ------------ अततमनोहरम ् अततशेते सुदिनम ् सुगायतत --- उ्धरतत ---- अमभपततत प्रततदिनम ् प्रत्यागछ ---- पररव्राजयतत उपिनम ् उपदिशतत उपस गागः तनपाताः
  • 19. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <19/50> 22. उप- near 1.प्र- intensity 2.परा- opposite 3.अप ् -wrong 4.सम ्- together 5.अनु-after behind 6. अि ्-below 21. परर- all around प्रादि गिं ( 22) when prefixed to धातु रूपं it is called उपसगगः (उपसगागः कियायोगे १.४.०५९) उपसर्े धात्िथो बलािन्दयि नीयते । प्रहाराहारसंहारविहारपररहारित् It can also be seen before शब्ि रूपं .In Hindi it is called Upasarga but technically it is different. We will stick to Sanskrit 7.तनस ्- without much 20. प्रतत-return 8.तनर्- whole entire19. अमभ-great 9. िुस ्-bad 18. उत्- lift 10. िुर्- mis 17. सु- good 16. अतत- beyond 15. अवप VEDA 14. अधध- in the 13 .तन- intensity 12. आ- reverse 11. वि- separation Day-8 प्रादि गिं
  • 20. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <20/50> 22. उपदिशतत 1. प्रहरतत 2. पराजतत 3. अपससार 4. संगच्छक्न्दत 5. अनुजगाम 6. अिनमतत 21. पररव्राजयतत हार:-taking away प्रहार:-attack आहार:- food संहार:-destroy विहार:-entertain ,play पररहार:- remedy Duce-(leader) Reduce Induce Introduce produce 7. तनस ्- तनष्कास्यत 20. प्रत्यागछ 8..तनर- तनिागयातत 19. अमभपततत Form Inform Reform Perform Deform 9.िुस ् िुष्करोतत 10. िुराचरतत18. उ्धरतत 17. सुगायतत 16. अततशेते 15. अवप 14. 13. तनिसतत 12.आग च्छतत 11.वियोजय तत Day-7 प्रादि गिं
  • 21. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <21/50> Overview-1 संदहता- ि गिः संयोर्िः हल ् स्िर व्यञ्जन अच् हल् :अंअनुस्िारं विसगगः # Combinati on स स्न्ध Name 1 अच्+अच् (संदहता)  अच ्सक्न्दध: /स्िर सक्न्दध: 2 हल ्+ हल ् (संयोगः )  हल्सक्न्दध: /व्यञ्जनस क्न्दध: 3 अच ्+ हल ्  ---- 4 हल ्+ अच ्  ---- 5 : + अल ्  विसगगसक्न्दध: 6 अं +अल ्  अनुस्िारस क्न्दध: सस्न्ध अच् हल् अल्All varnas : Day-14
  • 22. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <22/50> Class Object • Make • Colour • Fuel Type • Engine Capacity • Seating Capacity • Emission Norms • Model Four Wheeler इक् एच ् अ च ्। इ उ ऋ ऌ क् ए ओ ऐ औ च् अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ औ च्। सस्न्ध Day-11 Overview-2
  • 23. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <23/50> When to apply संदहतैकपिे तनत्या तनत्या धातूपसगगयोः I तनत्या समासे िाक्ये तु सा वििषामपेषते II Mandatory -Conditions 1- संदहतैकपिे - राम + औ (्वितीया)- रामौ , कक्श्चत् 2- धातूपसगगयोः - प्रतत +आगछ- प्रत्यागछ (D7- D8) 3- समासे – पाि + अङ्क्गुष्ठेन = पािाङ्क्गुष्ठेन Optional Conditions 4. िाक्ये - क:+ समथग: च = कस्समथगश्च • सक्न्दध: about two varnas coming together • समास is regarding two words coming together Tooth-Pick Black -Cow Foot-path Table-Lamp Paddy-field Gold-Mine Cow –Shed Book-stall Day-14 Overview-3 सस्न्ध
  • 24. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <24/50> स्थािम्-F1 स्थानम् Day-17 सििग= F1+F2+F3 Overview-4
  • 25. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <25/50> आभ्यंतरप्रयत्नं-2 सििं Day-17 बाह्य प्रयत्नं-F3 सििग= F1+F2+F3 Overview-5
  • 26. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <26/50> Homogen eous Same स्िरम ् Heterogenous Different स्िरम ् Scenarios 1. अ 2. इ उ ऋ ऌ (इक्) 3. ए ओ ऐ औ (एच ्) Not followed by respective svaram (1-1) अच् सस्न्ध Scenarios 1. अ 2. इ उ ऋ ऌ (इक्) 3. ए ओ ऐ औ (एच्) *will not have this scenario for deergham as there is no ह्रस्ि 4. अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ औ च् 1 1 2 2* 3* 3* 1 2 1 3 2 1 2 3 3 अ च् Day-12 # Combination 1 अच्+अच्
  • 27. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <27/50> आ Examples दीर्गसस्न्ध: Input Output तस्यामभषेक भरतस्यामभषेचनम् चाक्स्थ अ +अ आ चामन्दत््य अ + आ आ भायागऽथ सीतावप तनिेितयत्िाऽऽमभज्ञानं -74 आ + अ आ ?? आ +आ आ Same way for इ and उ Sc 2-2 अच् सस्न्ध Both # Combination 1 अच्+अच् Day-12
  • 28. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <28/50> र्ु सस्न्ध 1-2 Examples Input अ+इक् Output राषसेन्दद्रं* आकु लेक्न्दद्रयः* अ + इ क +ता ए क.ता सिगगुिोपेत:* -17 अ + उ क + ओ ओ क + ओ महवषगः* आ + ऋ क + मू अर् मू अच् सस्न्ध Both Day-13 िृद्चधसस्न्ध:1-3 Combination Input अ +एच् Output चैि सिैकवप्रयिशगनः* अ + ए(क +क.ता) ऐ क.ता महैश्ियं * अ + ऐ (क +क.ता) ?? अ + ओ (क +क.ओ) औ क . ओ महौषधध:* आ +औ ( क + क.ओ) Both य सस्न्ध 2-3 Examples Input अ+इक् Output इच्छाम्यहं िक्ष्याम्यहं सीताप्यनुगता इ + Any vowel other than इ ता य् ता नन्दियं उ + Any vowel other than इ ओ ि् ि.ओ Former अयादद 3- अ च् Examples Input एच्+अच् Output हरे + ए = हरये* ए +Any vowel अय् नै +अकः=नायक: ऐ +Any vowel आय् विष्िो + ए = विष्ििे ओ+ Any vowel अि् पौ + अकः=पािक: औ +अ आि् *लोके ऽक्स्मन्# िन्दिेऽहम ्# भजेऽहम ् ए at the end of the word + अ beginning of the word अ disappears Former# Combination 1 अच ्+अच ्
  • 29. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <29/50> व्यञ्जन हल् हल्सस्न्ध-(2) हश ् # Combination 2 हल ्+ हल ् # Input Output Example 2.1 पिान्दत झल ् जश ् शूपगिखािाक्यात्+उ्युक्तान ् (47) अयाचत्+भ्रातरं िाक्ग्ििां िरम ् । 2.2 तु + चु or श ् चु हनुम्िचनाच्चैि स ् + श ् विसगगः in many places is स ् 2.3 हल ्*+ अनुनमसका अनुनमस का ककक्ञ्चन्दनावप 2.4 झल ्** + ह् पूिगसििगः ततस्सुग्रीििचना्धत्िा धम्याग्धध यु्धाछ्रेयोऽन्दयत्षत्रियस्य * Excluding ह **Excluding श ्, ष्. स्, ह् also known as झय ् 2.1 is a generic rule but 2.2 is a specific rule. When there is a conflict the specific rule will apply खर् हश ्(20)खर् (13) झल ्24 जश ्(5) अनुनमसका(5) तु सििग= F1+F2+F3 Day-17 हनुम्िचनाच्चैि  हनुम्िचनात् 
  • 30. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <30/50> व्यञ्जन हल् विसगगसक्न्दध: हश ्खर् हश्(20)खर् (13) क, ख, प, फ . तु Heterogenous स्िरम्: व्यञ्जनम् अच ्: हल ् अच्Scenarios 1.अ 2. आ 3.इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ, ऋ ऌ (इच्) 4. All vowels(No condition) हल ्Scenarios 1. हश ् 2. खर्(excluding क, ख, प, फ) 3. क, ख, प, फ 4. Any consonants(Does not exists) # Combinati on 5 : + अल ् Day-9
  • 31. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <31/50> 1-2 Lopa अ+: + इ अ+: + उ अ+: + ए अ+: ओ नारि उिाच अजुगन उिाच I do not remember any usage so far in Ramayana we read N.B. In case: becomes lopa further does not happen स्िर विसगग सक्न्दध: Day-9 2-2- Lopa आ +: + इ आ +: + उ आ +: + ए आ +: ओ I do not remember any usage so far in Ramayana we read N.B. In case: becomes lopa further does not happen स्िर 1-1 –ओS • समथोऽमस - समथग: अमस ।।1.1.5।। • रामोऽवप 1. 1.36 • ऋषयोऽभ्या गमन्दसिे S is generic which means अ lopa. There are two instances of S coming .This is one case 3-2 र् गूढजिुरररन्दिमः - गूढजिुः अररन्दिमः ।।1.1.10।। Outside Ramayana हररः एि  हरररेि Homogeneous स्िरम्: स्िरम् अच्: अच् # Combinati on 5 : + अल ्
  • 32. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <32/50> व्यञ्जन हल् हश ्खर् तु 1-1 ओ(अ+:+हश ्) महेष्िास: गूढजिु सत्यिाक्य: दृढ क: नु महोरस्क: महेष्िासो च क: युक्त को त्रिलोकज्ञ: िाल्मीके : इक्ष्िाकु िंशप्रभि: राम: 3-1 र् (इच्+:+हश्) िाल्मीककमुगतनपु ङ्क्गिम ् िाल्मीके नागरिो - िाल्मीके : नारि: तैयुगक्त-तै:युक्त: Heterogenous स्िरम्: व्यञ्जनम् अच ्: हल ् विसगगसक्न्दध: खर् (13) हश्(20)हश्(20)खर् (13) क, ख, प, फ . 2-1 LOPA (आ +:+हश ्) कीततगता गुिा: पीनिषा विशालाषो # Combinati on 5 : + अल ् Day-9
  • 33. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <33/50> व्यञ्जन हल् हश ्खर् तु Heterogenous स्िरम्: व्यञ्जनम् अच ्: हल ् विसगगसक्न्दध: खर् (13) हश्(20)हश्(20)खर् (13) क, ख, प, फ . 4-2 अच्+:+ खर् = श् or ष् or स् a.गुििान्दकश्च b.जनैश्श्रुत: - जनै: श्रुत: c.कस्समथगश्च - क: समथग: 4-3 अच्+:+ क, ख, प, फ (Visarga remains as as it is) पुन:पुन: िशरथ: वप्रयम् महाबाहु: कम्बुग्रीि: वि्िान्दक: कस्समथगश्च # Combinati on 5 : + अल ् Day-9
  • 34. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <34/50> # Precedent Antecedent Change Remarks Sc 1 अ हश ्(20)* ओ क: नु 1-1 अ ओs रामोऽवप सोऽभ्यगच्छत ् 1-1 इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ , ऋ ऌ लोपः अजुगन उिाच 1-2 2 आ ** हश ्(20) लोपः कीततगता गुिा: 2-1 इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ , ऋ ऌ बाला : + इमे 2-2 3 इ ,उ, ए, ओ , ऐ , औ , ऋ ऌ हश्(20) र् िाल्मीककमुगतनपुङ्क्गिम् 3-1 अच ् गूढजिुरररन्दिमः 3-2 4 अच ् (Any vowel) खर्(excluding क, ख, प, फ) –(9) श ् or ष् or स् कृ तज्ञश्च, कस्समथगश्च 4-2 5 अच ्(Any vowel ) क, ख, प, फ (Exception to #4) : पुन:पुन: 4-3 6 अ *श ्, ष्, स्(optional)(exception to 1) राम: सीतामनुप्राप्य E 7 स:(the word स:) & एषः हल्(overrides all rules except 5) लोपः स च सिगगुिोपेत: -17 E विसगगसक्न्दध: Correction in red # Combinati on 5 : + अल ् Day-9
  • 35. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <35/50> स्िर व्यञ्जन अच् हल् :अंअनुस्िारं विसगगः अनुस्िारसस्न्ध खर् हश ् # Combination 6 अं (म ्)+अल ् # Input Output 6.1 म ्+अिसानम ् No Change 6.2 म ्+अच ् Samhita 6.3 म ्+हल ् पिान्दतम ् अं@ म ्+हल ्* अपिान्दतम ् अनुनामसका6.4 Excluding श्, ष ्,स्, ह् where 6.3 will be applicable @ Optionally it can also become अनुनामसका Day-16 6.4 अपदान्तम ्- गङ्क्गाकू ले,िेिगन्दधिगसङ्क्काशास्ति संधध:  सक्न्दधः  6.4 संस्कृ तम् 6.3 संभिामम  सम्भिामम  6.4 र्ङ्र्ा  6.4 संशयम् 6.3
  • 36. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <36/50> समास – Compound Word The moment I say two words the former and latter comes into picture रामकृ ष्िौ - पूिगपि उत्तरपि Dimensions of Samasa-1- Importance रामकृ ष्िौ Importance is on both the words प्रनतदिनम् - Importance is on पूिगपि रामबािम्- Importance is on उत्तरपि चिपाणि:-- totally a new word is arrived at based on the two words Characteristics of Samasa The prefixes if any related to the पूिगपि under goes change or even dropped रामस्य बािम् समास Tooth-Pick Black -Cow Foot-path Table-Lamp Paddy-field Gold-Mine Cow –Shed Book-stall नाम अव्ययम् विशेषि धातु उपसगग Day-15
  • 37. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <37/50> समस्तपद विग्रहपद पिगपद उत्तरप द समास प्रनतदिनम् प्रततदिनम ् अव्ययम् नाम अव्ययी भाि: राम बािम ् रामस्य बािम् नाम नाम तत्पुरुष: Table lamp विभायगः विगता भायाग यस्य सः उपसगग नाम बहुव्रीदह: षत्रिय षतात् िायते नाम धातु तत्पुरुष: Tooth-pick, House- fly पीतांबरम ् पीतम्अम्बरम ् विशेषि नाम कमगधारय: Big house Black cow रामलक्ष्मिौ रामश्च लक्ष्मिश्च नाम नाम ्िन्द्ि: चिपाणि: चिम्पािौ यस्य सः नाम नाम बहुव्रीदह: समास Day-15
  • 38. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <38/50> विग्रहम् • समासः  कम्बु इि ग्रीिा यस्य सः In certain cases samasa vigraham is not possible it is called Nityasamasam Vigraham in english is easy In Sanskrit we need to keep in mind • Lingam • Vibhakthi • Vachanam For examination students this is very important समासः - broadly four types - Under तत्पुरुष: you have number of sub classes समास समस्तपद विग्रहपद समास प्रनतदिनम् दिनं दिनम ् इतत अव्ययी भाि: राम बािम् रामस्य बािम् तत्पुरुष: Table lamp रामलक्ष्म िौ रामश्च लक्ष्मिश्च ्िन्द्ि: चिपाणि: चिम ्पािौ यस्य सः बहुव्रीदह:Day-16
  • 39. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <39/50> समस्तपद बहुव्रीदह: तत्पुरुष: रामेश्िर: ------------ रामस्य ईश्िरः - (मशिः) रामः एि ईश्िरः- (रूपक) लम्बोिरः Ganapati NA लम्बोिरम्** ---------- Big tummy नीलकण्ठ: Shiva(blue throated person) NA नीलकण्ठम्(नपुम्सकम्) ** ---------- Blue throat विभायगः (पुक्ल्लङ्क्गं) Rama NA क्जतिोध: क्जतः िोधः यस्य सः कम्बुग्रीि: कम्बु इि ग्रीिा यस्य सः आजानुबाहु: आजानु बाहू यस्य सः ** karma dharaya समास Special Usage and confusing मुतनपुङ्क्गि: िानरषगभ: नरशािूगल: पुरुषव्याघ्रः कवपकु ञ्जरः Day-16
  • 40. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <40/50> अव्ययम्–indeclinable i.e. which does not change the three dimension सदृशं त्रिषु मलङ्क्गेषु सिागसु च विभक्क्तषु | िचनेषु च सिेषु यन्दन व्येतत तिव्ययम् || पुरुष एकिचिम ् द्वििचिम ् बहुिचिम ् प्रथम-पु सः तौ, ते प्रथम-स्िी सा ते ताः मध्यम- त्िम ्, युिाम ् यूयम ् उत्तम अहम् आिाम ् ियम ् पीत्िा अव्ययम् Day-18
  • 41. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <41/50> Type Definition Count Example T1 स्िरादि गिम् 72** पुन:, ऋते , नमः T2 चादि गिम् 30** च, िा, ह,एि,भूयः,यि,हन्दत, याित्- ताित्,स्म T3 Specific त्धधतः 41* ति, ततः are derived from the noun त् and do not have all vibhaktis similar . यतः,यि,तिा,यिा,सिा,सिगिा T4 Specific कृ िन्दत: तुम (तुमुन्) -- गन्दतुम ् T5 Specific कृ िन्दत: त्िान्दत (क्त्िान्दत) -- गत्िा, दहत्िा, अनुप्राप्य, समारुह्य T6 अव्ययीभाि समस -- प्रततदिनम ् ** Excludes आकृ तत गिम् Day-18 अव्ययम्
  • 42. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <42/50> T1- नमस ् -applying विसगगः सक्न्दध it becomes नमः • Not to be confused with the नम्like नमामम • As discussed object has to be in चथुततग: • कृ ष् ाय िासुदेिाय हरये परमात्मिे॥ प्र त: क्लेशिाशाय र्ोविंदाय िमो िम:॥ मम कृ ष्िाय नमो: अस्तु नमस्ते - नमः + ते Study the two slokas नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूक्जते । शङ्क्खचिगिाहस्ते महालक्क्ष्म नमोऽस्तुते ॥१॥ नमोऽस्तु ते व्यास विशालबु्धे फु ल्लारविन्दिायतपिनेि | येन त्िया भारततैलपूिगः प्रज्िामलतो ज्ञानमयप्रिीपः || Poll 1805 सक्च्चिानंि रूपाय विश्िोत्पत्यादि हेतिे l तापियविनाशाय श्रीकृ ष्िाय ियं नुमः l l नमः तस्यै कृ ष्िाय तुभ्यं नमः पुरुष एकिचिम् द्वििचिम् बहुिचिम् प्रथम-पु तस्मै ताभ्याम् तेभ्य: प्रथम- स्िी तस्यै ताभ्याम् ताभ्य: मध्यम- तुभ्यम्, ते युिाभ्याम्,िाम् युष्मभ्यम्,िः Day-18 अव्ययम्
  • 43. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <43/50> Example -1 –Verb Example-2 – Non verb Word Figure of speech Word Figure of speech Go चल Verb Health Noun Going चलना Gerund Healthy Adjective Healthiness Adjective कृ िन्दत: त्धधतः Input Output Input Output Verb Noun(Gerund) Noun Noun Adjective Noun Adjective अव्ययम् Adjective Noun Verb Noun अव्ययम् बु्धधमान् नीततमान् िैिेही राघि: िाग्मी कौसल्या कै कयी रक्षषता ध्यायन्दतीम ् प्रहृष्ट: तुष्ट: कृ िन्दत: & त्धधतः Day-19
  • 44. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <44/50> प्राततपदि कम्(P) अथगित ्(M) त्धधतः(T) कृ िन्दत: (K) Class-1 सुप्Derivative L1(1-8 Vibhakti ) M- Meaningful and which is not धातु: i. गृहम ्(M-1) ii. िनम्(M-1), िने (M-7), िनेन (M-3) iii. िाल्मीकक: (T-1) iv. कौसल्या (T-1) v. िैिेही (T-1) vi. बु्धधमान् (T-1) vii. प्रहृष्ट:(K-1) viii. िानस्य(K-6) ix. िशगनेन (K-3) x. मुतनपुङ्क्गिम् (S-2) xi. कम्बुग्रीि:(S-1) xii. यतः,यि,तिा,यिा,सिा,सिगिा (A-0) समासः (S) नाम अव्ययम्(A-0) Day-20
  • 45. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <45/50> त्धधतः &कृ िन्दत: # Name प्रत्यय Example -1 Example-2 T1 अपत्याथगक इञ्, अि्, अ िैिेही, कै कयी राघि: T2 भाि िाचक त्ि, ता, अि्, सिगता, पटुत्िम् मािगिम् T3 समूह िाचक ता जनता T4 अल्पाथगक क िृषकः -अल्पो िृषः कु क्त्सतः+ अश्िः =अश्िकः T5 स्िामम िाचक ित्, इतनः बु्धधमान् गुिी # Name प्रत्यय Example -1 Example-2 K.1.1 कृ त्य प्रत्ययाः (adjectives) तव्य आनीय य गन्दतव्य, कतगव्य, पानीय, स्मरिीय कायगम ्, िा्य िातव्य Day-20
  • 46. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <46/50> कृ िन्दत: धातििः अि(N) अ(M) नत(F) मृ मरिम् ** मृतत: जन ् जननम् ** जाततः गम् गमन (सं) गमः गतत: दृश ् िशगनम् (आ) िशग: दृक्ष्ट: िा िानम् ** ** स्थ स्थानम् ** क्स्थततः रष ** रषन ् रषन्दती Just like the meaning changes with upsarga addition, here also the meaning can change English examples : Receive – receiving, receipt, reception In English –”ing” is the most common suffix and inदहन्दिी-” ना” for Gerund in Sanskrit we have 3 based on the gender - Verbal Nouns There is another class of प्रत्ययाs added to the verb which changes the tense of the verbs which also falls under कृ िन्दत:(Verb-Verb) e.g which we saw on D18 likeगन्दतुम् which is not discussed her as it will form part of Dhatu analysisDay-19
  • 47. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <47/50> ततङ्क्ग् Derivative L1(1-18 )9*2 9 for आत्मने कृ िन्दत: (K) Class-3 धातु: (D) भ्िादि सन्दनाध्यन्दत: कृ िन्दत: (K) Class-2 अव्ययम्(A-0) # Name प्रत्यय Example -1 K.2.1 कियाङ्क्गा तन (Present Participle ) तुमुन् गन्दतुम्, K.2.2 कियाङ्क्गा तन (Past Participle) त्िान्दत (क्त्िान्दत) ल्यप ् गत्िा, दहत्िा, अनुप्राप्य, समारुह्य कृ िन्दत: Day-20
  • 48. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <48/50> गुरूनहत्िा दह महानुभािान्, श्रेयो भोक्तुं भैक्ष्यमपीह लोके । हत्िाथगकामांस्तु गुरूतनहैि , भुञ्जीय भोगान् रुधधरप्रदिग्धान्। Poll 2003 ।2.5।। छन्दिस् Day-20
  • 49. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <49/50> 108 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 रामो राजमण िः सदा विजयते रामं रमेशं भजे 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 पठन्द्विजो िार्ृषभत्िमीयात्स्यात्षत्रियो भभमपनतत्िमीयात् । छन्दिस् Day-20
  • 50. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <50/50> छन्दिस्- Metre िृत्तःprosody I I S I I S I I S I I S I I S I I S I I S I I S अथ िाररण र्ोरतरं फण िं प्रनतिारनयतुं कृ तधीभगर्िि् । द्रुतमाररथ तीरर्िीपतरुं विषमारुतशोवषतप गचयम् ॥१॥ I I S I I S I I S I I S सुरिन्द्य मुिीद्र पराशरजां ….. I I S I I S I I S I I S कमलायत लोचि लोकपते विजयी भि िेङ्कट शैलपते || म: - S S S य: I S S र: S I S स: -I I S त: S S I ज:I S I भ: S I I ि: I I I िृत्तः त्रिष्टुप् 12 तोटका 4 स गिं Day-20
  • 51. Mr Nanda Mohan Shenoy CISA CAIIB <51/50> https://www.youtube.com/channel/UCyY- 1ZeELIaHC8qeT9p5Hlg/ Contact :samskritham21@gmail.com

Editor's Notes

  1. A transitive verb is one that only makes sense if it exerts its action on an object. An intransitive verb will make sense without one. Some verbs may be used both ways. ... A transitive verb needs to transfer its action to something or someone—an object.
  2. समुपगच्छसि samupagacchasi You approach together (with someone else). उपसंगच्छसिYou go to meet (somebody).
  3. https://advocatetanmoy.com/2019/07/21/panini-astadhyayi-gana-patha-%E0%A4%85%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%83/
  4. https://advocatetanmoy.com/2019/07/21/panini-astadhyayi-gana-patha-%E0%A4%85%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%83/ उपसंगच्छसि
  5. when a word is quoted as a single word
  6. धा close contact सम्+ धि
  7. Anusvarasya yayi parasavarna 6.3 In vyavaharam I had explained it as visarga sandhi in vyakaranam it is hal sandhi Stho schuna schu -2.2 panini 8|4|40 Jalam josho anthe 2.1 8|2|39 poorvath param bliyah
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  11. Anusvarasya yayi parasavarna 6.3
  12. सम् + आसः -siting together, union
  13. Table is visheshana क्षत्रिय- uppada samas Words in bahivrihi gets converted to visheshana and they must agree with the nam Ramena sah – madhyama pad lopi prajabhihi sah varthante Page 665 prakriya bhashyam-ghatkaapadas
  14. Table is visheshana क्षत्रिय- uppada samas Words in bahivrihi gets converted to visheshana and they must agree with the nam Ramena sah – madhyama pad lopi prajabhihi sah varthante Page 665 prakriya bhashyam-ghatkaapadas
  15. त्वान्त WHY PANINI IS mention this separately is
  16. नमः-स्वस्ति-स्वाहा-स्वधा-अलम्-वषट्-योगात् (पञ्चम्येकवचनम्) , च (अव्ययम्)
  17. Refer pravsesha book. I ccould not ccopy paste here due to paucity of time शतृ (P), शानच्(A) रक्ष Added in v2
  18. कत (त) क्तवतु(तवत्) गत गतवत्