Customer service general hindi

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Customer service general hindi

  1. 1. ग्राहक सेवा क्मा है ?  रोगों को आगे राना उत्ऩादों औय सेवाओॊ की  सम्भान, व्मक्क्ित्व, औय व्मक्क्िगि ध्मान क साथ े ग्राहकों को व्मवहाय
  2. 2. सेवा की बावना S - SMILE भुस्कान E - ENTERPRISING उद्मभी R - RESPONSE प्रतिक्रिमा V - VIBRANT जीवॊि I - INOVATIVE अभबनव C - CARE ऩयवाह E - ENTHUSIASM TO BUILD CUSTOMER RELATIONS ग्राहक सॊफॊधों का तनभााण कयने क भरए उत्साह े
  3. 3. ग्राहक कौन हैं?  क्रकसी बी व्मवसाम भें सफसे भहत्वऩणा व्मक्क्ि है ू  वह हभ ऩय तनबाय नह ॊ है |हभ उन ऩय तनबाय हैं  वह हभाये काभ भें कोई व्मवधान नह ॊ है , फक्कक वह इस का उद्देश्म है  हभाये व्माऩाय का हहस्सा है .- फाहय व्मक्क्ि नह ॊ  वह हभ ऩय एहसान कयिा है . हभ उन्हें सेवा द्वाया एक एहसान नह ॊ कय यहे हैं
  4. 4. ग्राहक कौन हैं?  एक ग्राहक भसप नकद यक्जस्टय भें ऩैसा नह ॊ है | वे बावनाओॊ ा क साथ भनष्म हैं औय सम्भान क साथ व्मवहाय क काबफर े े े ु हैं|  एक व्मक्क्ि जो उनकी आवश्मकिाओॊ क साथ हभाये ऩास े आिा है | मह हभाया काभ है उनकी आवश्मकिाओॊ को ऩूया कयना चाहहए.  वे सफसे अधधक ववनम्र ध्मान क ऩात्र है | वे हय व्मवसाम की े जीवन यस हैं
  5. 5. ग्राहक सेवा का भहत्व  ग्राहक धायणाएॊ  ग्राहक कयने क भरए आऩ कऩनी हैं े ॊ  सॊिुष्ट ग्राहक क साथ सॊगठन को औय अधधक सपरिा े ऩािे हैं  ववत्िीम राब  खुश ग्राहक वाऩस आना  खुश ग्राहक सेवा क फाये भें अऩने दोस्िों को सूधचि कयिे हैं. े  अच्छी ग्राहक सेवा प्रदान कयना स्वाबाववक रूऩ से हय क्रकसी को नह ॊ आिा है .
  6. 6. ग्राहक सेवा का भहत्व  सबी सॊचाय क सोच क 5% क रूऩ भें प्राप्ि होिा े े े है (हे रभसॊकी स्कर क बफजनेस रयसचा स्टडी ) े ू  कभाचाय क इयादा क उकटा, वास्िव भें हय 100 े े शब्दों से 5 वास्िव भें ग्राहक द्वाया प्राप्ि होिा है  कई असॊिुष्ट ग्राहकों का स्रोि ऩहरे सॊऩक क साथ ा े शरू होिा है ु
  7. 7. उत्कृष्ट ग्राहक सेवा क दस तनमभ े I. II. III. IV. V. भाभरक कौन है ऩिा होना चाहहए एक अच्छा श्रोिा होना जरूयि की ऩहचान औय ऩवाानभान कयना ू ु ग्राहकों को भहत्वऩणा औय सयाहना भहसस ू ू कयना ग्राहकों को आऩक प्रणार को सभझने भें े भदद कयना VI. हाॉ की शक्क्ि की सयाहना कयना VII. भापी भाॉगने की शैर की ऻान VIII. उम्भीद से अधधक IX. X. तनमभभि रूऩ से प्रतिक्रिमा प्राप्ि कयें कभाचारयमों से अच्छी ियह से व्मवहाय
  8. 8. इन रोगों को क्मों इिना गस्सा! ु  किाय ऩय रॊफे सभम  ग्राहक सेवा क साथ वऩछरा सभस्मा े  कधथि अन्माम  वैध सेवा भशकामि  F. Scott Fitzgerald: “It’s not a slam at you when people are rude, it’s a slam at the people they’ve met before”.  आऩ कफ एक ग्राहक क रूऩ भें गस्सा हो जािे हैं? े ु
  9. 9. कसे उन्हें शाॊि कये ? ै  उन्हें फोरने दो.  गुॊजमभान स्वय भें धीये से फोरो  “अगय भेये साथ होिा, भैं बी ऩये शान हो गमा होिा.”.  शाॊि फनाने की बाषा– “ठीक है , शरुआि से शरू कयिे हैं. ु ु
  10. 10. बागीदाय क साथ भशकामिों को े सॊबारना  आऩ ग्राहकों को सॊबारना चाहहए, सभस्मा को नह ॊ  अऩने अहॊ काय छोड़ दो– आऩ हभेशा सह नह ॊ हो आऩ     ग्राहक को शाॊि कयना चाहहए, क्रपय क्स्थति को हर तनकारना चाहहए ग्राहक को सुनो– उन्हें फोरने दो! सहानबति – “भैं सभझिा हूॉ क्रक िन्हें कसे रग यहा ै ु ू ु है .”. भापी – “भैं इस सभस्मा क भरए भापी चाहिा हूॉ|”. े सभस्मा तनवायण– हभ मह कसे हर कय सकिे हैं? ै
  11. 11. भेये फाये भें क्मा?  िक भें ना ऩड़े. ा  कछ गहये साॉस रे ु  Isometrics or चायों ओय चरना.  फाहय दे खो …..  महद आऩ मह क्स्थति यख सकिे हैं, आऩ ऩरयविान दे ख सकिे हैं
  12. 12. अऩभानजनक ग्राहक  प्रत्मऺ औय भुखय –रड़ाक नह ॊ ू  “भझे आऩकी सभस्मा क फाये भें फहुि ऩयवाह है , े ु रेक्रकन जफ आऩ भुझे इस ियह से फोरिे यहें गे, भुझे सभाधान ऩय ध्मान कहिि कयने क भरए भुक्श्कर े ें होगा.”  “चरो दे खिे हैं हभ इस सभस्मा को ठीक कयने क े भरए क्मा कय सकिे हैं”
  13. 13. हय कोई गरिी कयिा है …  क्जम्भेदाय रे  आऩक सॊगठन मा क्रकसी अन्म कभाचाय क फाये भें फय े े ु फाि ना कये  ईभानदाय से भापी  सभस्मा को इॊधगि कयने क भरए ग्राहक को धन्मवाद े दे ..
  14. 14. नह , नह ॊ ॊ  “मह हभाय नीति क खखराप े है ”  “मह तनमभों क खखराप है ” े  इस प्रमास कयें :  “ओह, भझे फहुि खेद है . महद भैं ु आऩ क भरए ऐसा कय सकिा है , े भैं करूगा. भैं आऩको फिा दॉ ू क्रक ॊ भैं क्मा कय सकिा हूॉ”.
  15. 15. टे र पोन भशष्टाचाय  सयरिा  ऩहर धायणा भहत्वऩणा है ू  हदकरगी, सॊक्षऺप्ििा, ईभानदाय  सह बावनात्भक क्स्थति को ऩाने क भरए सकायात्भक शय य बाषा े  कसी क क्रकनाये , shoulders back, गहय साॉस, भुस्कान, 2 rings जवाफ े ु  कोई क्स्िप्ट नह ॊ– तनष्ठाह न, औय ऩये शान  “गुड भॉतनिंग, भैं याहुर हूॉ. आज भैं आऩक्रक कसे भदद कय सकिा हूॉ.? ै
  16. 16. सनो ….राब क भरए े ु  ग्राहक की भशकामि राब फनाने क भरए हैं े  भशकामिों दवा की ियह हैं – कोई बी उन्हें ऩसॊद नह ॊ कयिा है रेक्रकन वे हभें फेहिय फनािे हैं | तनवायक दवा की ियह है क्मोंक्रक वे सभस्माओॊ क फाये भें ऩवा े ू चेिावनी प्रदान कयिे हैं  जफ भुझे ऩिा नह ॊ, भुझे ऩयवाह नह ॊ है  रोग सेवा से सॊफॊधधि भुद्दों क फाये भें भरए 45% साभने व्मक्क्िमों को भशकामि े कयिे हैं. 5% प्रफॊधन से भशकामि कयिे हैं , औय 50% फस चरे जािे हैं!  उन रोगों से भशकामि कयने से जो ऩयवाह नह ॊ कयिे हैं, ग्राहक असॊिोष फढ़ जािी है
  17. 17. ग्राहक प्रतिधायण राबदामक है  24 घॊटे क बीिय एक भशकामि का हर का ऩरयणाभ े 96% ग्राहक प्रतिधायण (Retention) भैं .. 10% अतिरयक्ि नकसान प्रत्मेक हदन दे य क भरए. े ु  5% ग्राहक प्रतिधायण(Retention) से कऩतनमों क ॊ े भुनाप भें 100% फढ़ावा कय सकिे हैं (Reichheld े and Sasser)
  18. 18. सेवा क सक्रकर े ा क्मों ग्राहकों को सॊिुष्ट यखना?  सह व्मवहाय कयने से , वे वाऩस आ जाएॊगे. क्मोंक्रक वे िम्हें ऩसॊद कयिे है ; ु  अगय वे िम्हें ऩसॊद कयिे है , वे ज्मादा ऩैसा खचा कयें गे; ु  महद वे औय अधधक ऩैसा खचा कयिे हैं आऩ उन्हें फेहिय व्मवहाय कयना चाहिे हैं;  महद आऩ उन्हें फेहिय व्मवहाय कयिे है , वे वाऩस आएॊगे.
  19. 19. ग्राहक वाऩस क्मों आिे हैं? उन्हें दे :  जो वादा क्रकमा था  जानकाय भदद  िैमाय ध्मान  अच्छा उऩचाय
  20. 20. इन कायणों क भरए उन्हें छोड़ नह ॊ दे ना े  उन ऩय ध्मान न दें ना मा उन्हें अरग ियह का व्मवहाय कयना  अऩने कामािभ मा सॊगठन क फाये भें फहुि कभ जानकाय े  भदद नह ॊ कयने क भरए फहाने फनाना े  उन्हें नॊफय की ियह सभझना  कठोय, अभभत्र, अधीय मा आभ िौय ऩय अवप्रम व्मवहाय  उन्हें नीचा हदखाना मा अऻानी भहसूस कयवाना मा धीभा वनाना  झूठा वादा
  21. 21. सहानबति हदखाना ु ू  साथ चरना …  दसयों क भरए िभ कछ नह ॊ कयना जो िम्हें ऩसॊद नह ॊ े ु ु ू ु      है Shhhhhhhhhhhh! प्रश्न ऩूछना उन्हें सभाधान भें शाभभर कयना महद सॊबव हो िो व्मक्क्ित्व बाव उत्ऩन्न कयना उनक नाभ से धन्मवाद कयना े
  22. 22. भानवीम स्ऩशा  रागि को कभ कयने क भरए कई स्वचारन भाध्मभ की ववि े ृ हुई औय ग्राहक बावनात्भक भकम ववह न हो गमा | ू  ग्राहकों क साथ फािचीि कयने क भरए फहाने - ग्राहक भानवीम े े ध्मान चाहिे हैं |  उत्ऩाद कहिि से ग्राहक कहिि कयने क भरए – सॉफ्टवेमय े ें ें सयरिा से ग्राहक इतिहास सॊग्रह / ऩन् प्राप्ि कयने भें सऺभ ु होने की जरूयि है |
  23. 23. “भझ सहहि फहुि साये रोग ग्राहक सेवा क े ु फाये भें पसी फािें कहिे है | ऱेकिन यह ैं एि परा दिन चऱ ने वाऱी, िभी न खत्म ू होने वाऱी है , ननरं तर, ज़बरिस्त, गनतववधि है | Leon Gorman, President of L.L. Bean
  24. 24. जो सॊगठन ग्राहक सेवा को गॊबीयिा से रेिे हैं, औय जनन औय उत्साह क े ु ू साथ दृक्ष्टकोण यखिे हैं, वे सॊगठन सभि कयिे हैं औय अऩने ृ प्रतिद्वॊद्ववमों क फीच भें ववभशष्टिा े प्राप्ि कय रेिे हैं |

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