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हिंदी परीयोजना

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हिंदी परीयोजना

  1. 1. मेघ आए
  2. 2. कवी परीचय सवेंश्वर दयाल सक्सेऩा का जन्म उत्तर पॆदेश के बस्ती ज़िले में सन् 1927 को हुआ | उन्होने इलाहाबाद ववश्वववधालय से उच्चशशक्षा ग्रहण की |
  3. 3. कवी परीचय आरंभ में उन्हें आजीविका हेतु फ़ी संघषॆ करना पडा, बाद में ददनमान के उपसंपादक एिं चचचत बाल पत्रिका पराग के संपादक बने। सन् 1983 में उनका आकस्ममक ननधन हो गया।
  4. 4. मेघ आए मेघ आए बडे बन-ठन के सँिर के । आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,
  5. 5. दरिाजे- खिडककयाँ िुलने लगीं गली-गली, पाहुन ज्यों आए हों गाँि में शहर के । मेघ आए बडे बन- ठन के सँिर के ।
  6. 6. पेड़ झुक झााँकने लगे गरदन उचकाए, आाँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए, बााँकी चचतवन उठा,ठठठकी,घूाँघट सरके । मेघ आए बड़े बन-ठन के साँवर के ।
  7. 7. बुढे पीपल ने आगे बढकर जुहार की, ‘बरस बाद सुदचध लीन्हीीं ’- हरसाया ताल लाया पानी परात भर के । मेघ आए बड़े बन- ठन के साँवर के ।
  8. 8. क्षक्षततज अटारी गहराई दाशमतन दमकी, ‘क्षमा करो गााँठ खुल गई अब भरम की ’, बााँध टू टा झर-झर शमलन के अश्रु ढरके । मेघ आए बड़े बन-ठन के साँवर के ।
  9. 9. बाईः- भूवन वाई कक्षाः- नवी “ब” रोल नः- 18

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