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मुर्गीपालन में रोजगार अवसर

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मुर्गीपालन ब्यवसाय एक ऐसा व्यवसाय है जो आपकी आय का अतिरिक्त साधन बन सकता है। बहुत कम लागत से शुरू होने वाला यह व्यवसाय लाखों-करोड़ों का मुनाफा दे सकता है। इसमें शैक्षणिक योग्यता और पूंजी से अधिक अनुभव और मेहनत की दरकार होती है. आज के समय में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में युवा मुर्गीपालन को रोजगार का माध्यम बना सकते हैं।

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मुर्गीपालन में रोजगार अवसर

  1. 1. मुर्गीपालन में रोजर्गार के अवसर मुर्गीपालन भारत में 8 से 10 प्रततशत वार्षिक औसत र्वकास दर के साथ कृ र्ष क्षेत्र का तेजी के साथ र्वकससत हो रहा एक प्रमुख हहस्सा है। इसके पररणाम- स्वरूप भारत अब र्वश्व का तीसरा सबसे बड़ा अण्डा उत्पादक (चीन और अमरीका के बाद) तथा कबाब चचकन माांस का 5वाां बड़ा उत्पादक देश (अमरीका, चीन, ब्राजील और मैक्ससको के बाद) हो र्गया है। कु सकु ट क्षेत्र का सकल राष्ट्रीय उत्पाद में करीब 33000 करोड़ रु. का योर्गदान है और अर्गले पाांच वषों में इसके करीब 60000 करोड़ रु. तक पहुांचने की सांभावना है। 352 अरब रुपए से अचिक के कारोबार के साथ यह क्षेत्र देश में 30 लाख से अचिक लोर्गों को रोजर्गार उपलब्ि ् कराता है तथा इसमें रोजर्गार के अवसरों के सृजन की व्यापक सांभावनाएां हैं। र्पछले चार दशकों में कु सकु ट क्षेत्र में शानदार र्वकास के बावजूद, कु सकु ट उत्पादों की उपलब्िता तथा माांर्ग में काफी बड़ा अांतर है। वतिमान में प्रतत व्यक्सत वार्षिक 180 अण्डों की माांर्ग के मुकाबले 46 अण्डों की उपलब्िता है। इसी प्रकार प्रतत व्यक्सत वार्षिक 11 कक.ग्रा. मीट की माांर्ग के मुकाबले के वल 1.8 कक.ग्रा. प्रतत व्यक्सत कु सकु ट मीट की उपलब्िता है। इस प्रकारघरेलू माांर्ग को पूरा करने के वास्ते अण्डों के उत्पादन में चार र्गुणा तथा मीट के उत्पादन में छः र्गुणा ककए जाने की आवश्यकता है। यहद हम घरेलू माांर्ग के साथ-साथ तनयाित बाजार में भारत के हहस्से का लेखा-जोखा देखें तो देश में कु सकु ट उत्पादों के उत्पादन में व्यापक अांतर है। जनसांख्या में वृद्र्व जीवनचयाि में पररवतिन, खाने-पीने की आदतों में पररवतिन, तेजी से शहरीकरण, प्रतत व्यक्सत आय में वृद्र्व स्वास््य के प्रतत बढ़ती जार्गरुकता, युवा जनसांख्या के बढ़ते आकार आहद के कारण कु सकु ट उत्पादों की माांर्ग में जबदिस्त वृद्र्व हुई है। वतिमान बाजार पररदृश्य में कु सकु ट उत्पाद उच्च जैर्वकीय मूल्य के प्राणी प्रोटीन का सबसे सस्ता उत्पाद है। कु सकु ट उत्पादों की इस बढ़ती माांर्ग से कु सकु ट उद्योर्ग में र्वसभन्न श्रेणणयों के एक करोड़ से अचिक रोजर्गार सृजन की आशा है। कु सकु ट र्वज्ञान में रोजर्गार के अवसर कु सकु ट र्वज्ञान में रोजर्गार के बहुत
  2. 2. अवसर हैं। इसमें कोई व्यक्सत अनुसन्िान, सशक्षा, बबजनेस, कां सलटेंट, प्रबांिक, प्रजनक, र्वज्ञापक, कु सकु ट हाउस डडजाइनर, उत्पादन प्रौद्योचर्गकीर्वद प्रोसेससांर्ग प्रौद्योचर्गकीर्वद्, फीडडांर्ग प्रौद्योचर्गकीर्वद्, प्रौद्योचर्गकीर्वद्, कु सकु ट अथिशास्त्री आहद का र्वकल्प चुन सकते हैं और इसके अलावा भी बहुत से अवसर हैं जो कक व्यक्सत र्वशेष की असभरुचच तथा योग्यता पर तनभिर करता है। कु सकु ट र्वशेषज्ञ बनने तथा र्वशेषीकृ त रोजर्गार हाससल करने के इच्छु क व्यक्सतयों को सबसे पहले बी.वी.एससी. एवां ए.एच. की पढ़ाई (पशु- चचककत्सा र्वज्ञान और पशुपालन में स्नातक) पूरी करनी होती है। बी.वी.एससी. एवां ए.एच. का अध्ययन करने के सलए न्यूनतम योग्यता भौततकी, रसायन र्वज्ञान और जीव र्वज्ञान (पीसीबी) में 10+2 है। स्नातक डडग्री पूरी करने के उपराांत कोई व्यक्सत कु सकु ट र्वषय-क्षेत्रों में र्वशेषज्ञ बनने के सलए एम.वी. एससी. (पशुचचककत्सा र्वज्ञान में मास्टर) का स्नातकोत्तर कायिक्रम तथा सांबद्व र्वषय में पी-एच. डी. कर सकता है। कु सकु ट र्वज्ञान में स्नातकोत्तर/पी-एच.डी. पाठ्यक्रम सांचासलत करने वाले र्वश्वर्वद्यालयों/सांस्थानों की सूची 1. आणांद कृ र्ष र्वश्वर्वद्यालय आणांद, र्गुजरात 2. असम कृ र्ष र्वश्वर्वद्यालय खानपाड़ा 3. भारतीय पशुचचककत्सा अनुसांिान सांस्थान/कें द्रीय पक्षी इज्जतनर्गर, उत्तर प्रदेश अनुसांिान सांस्थान 4. जे. के . कृ र्ष र्वश्वर्वद्यालय जबलपुर, मध्य प्रदेश 5. कनािटक पशु-चचककत्सा एवां पशु पालन र्वश्वर्वद्यालय बांर्गलौर और बीदर 6. के रल कृ र्ष र्वश्वर्वद्यालय मानुथी 7. महाराष्ट्र पशु एवां माक्त्स्यकी र्वज्ञान र्वश्वर्वद्यालय नार्गपुर, अकोला, मुांबई और परभणी 8. उड़ीसा कृ र्ष और प्रौद्योचर्गकी र्वश्वर्वद्यालय भुवनेश्वर 9. श्री वेंकटेश्वर पशुचचककत्सा एवां माक्त्स्यकी ततरुपतत तथा हैदराबाद र्वश्वर्वद्यालय 10. तसमलनाडु पशु-चचककत्सा एवां पशु र्वज्ञान चेन्नै और नामाखल र्वश्वर्वद्यालय 11. उ.प्र. पांडडत दीन दयाल उपाध्याय पशु-चचककत्सा र्वज्ञान मथुरा र्वश्वर्वद्यालय एवां र्गौ अनुसांिान अनुष्ट्ठान
  3. 3. 12. राजीव र्गााँिी पशुचचककत्सा एवां पशु र्वज्ञान पुदुच्चेरी महा र्वद्यालय हालाांकक कु सकु ट उद्योर्ग में सामान्य प्रकार के रोजर्गारों के सलए, जैसे कक फामि मैनेजर, सेल्स मैनेजर, इनपुट मैनेजर आहद के रूप में कॅ ररअर शुरू करने के वास्ते बी.वी.एससी. तथा ए.एच. की डडग्री होना अतनवायि नहीां है। वे कु सकु ट उद्योर्ग में सामान्य प्रकार के र्वसभन्न रोजर्गारों के सलए पात्रता हेतु देश में र्वसभन्न सांस्थानों द्वारा सांचासलत ककए जाने वाले प्रमाण-पत्र या डडप्लोमा कायिक्रमों का र्वकल्प चुन सकते हैं। कु सकु ट र्वज्ञान में डडप्लोमा/प्रमाण-पत्र और कौशल र्वकास प्रसशक्षण कायिक्रम सांचासलत करने वाले कु छेक सांस्थान तनम्नानुसार हैं :- 1. कें द्रीय कु सकु ट र्वकास सांर्गठन (सीपीडीओ), मुांबई, बांर्गलौर, भुवनेश्वर, चांडीर्गढ़ 2. इांहदरा र्गााँिी राष्ट्रीय मुसत र्वश्वर्वद्यालय (इग्नू), नई हदल्ली 3. कें द्रीय पक्षी अनुसांिान सांस्थान (सीएआरआई), इज्जतनर्गर-243122, उ.प्र. 4. पोल्री डायग्नोक्स्टक ररसचि सेंटर (पीडीआरसी), पुणे 5. भारतीय पशुचचककत्सा अनुसांिन सांस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनर्गर- 243122, उ.प्र. 6. राष्ट्रीय मुसत र्वद्यालय सांस्थान 7. कृ ष्ट्णकाांत हाांडडक राज्य मुसत र्वश्वर्वद्यालय 8. अन्नामलै र्वश्वर्वद्यालय 9. डॉ. बी.वी. राव कु सकु ट प्रबांि ् एवां प्रौद्योचर्गकी सांस्थान (आईपीएमटी), पुणे (म.रा.) 412202 उपयुिसत सूची के वल साांके ततक है। इच्छु क उम्मीदवार कु सकु ट र्वज्ञान के र्वसभन्न पाठ्यक्रमों के बारे में अपनी पसांद के सांस्थानों के बारे में पूछताछ कर सकते हैं। बीवी राव कु सकु ट प्रबांि ् एवां प्रौद्योचर्गकी सांस्थान, पुणे तनतयसमत रूप से तनम्नसलणखत पाठ्यक्रम सांचासलत करता है :- 1. बेससक कॉमसशियल पोल्री मैनेजमेंट कोसि 2. वतिमान कृ षकों हेतु असभर्वन्यास/तनदेशन पाठ्यक्रम 3. बड़े पैमाने पर कु सकु ट फासमिंर्ग हेतु उन्नत पाठ्यक्रम 4. फीड तनमािताओां के सलए पफीड फामूिलेशन एवां फीड एनालाइससस पाठ्यक्रम
  4. 4. 5. अांडज उत्पादन में सांलग्न व्यक्सतयों के सलए अांडज उत्पक्त्तशाला प्रबांिन पाठ्यक्रम 6. र्गैर-तकनीकी/र्वत्तीय व्यक्सतयों के सलए कु सकु ट प्रबांिन में प्रोत्साहन पाठ्यक्रम रोजर्गार के अवसर कु सकु ट र्वज्ञान को कॅ ररअर के रूप में चुनने वाले व्यक्सतयों के सलए र्वसभन्न प्रकार के स्वरोजर्गार तथा अन्य रोजर्गार के अवसर उपलब्ि ् हैं। कोई व्यक्सत अपनी योग्यता और अकादसमक पृष्ट्ठभूसम के अनुरूप अकादसमक क्षेत्र में सहायक प्रोफे सर के रूप में, अनुसांिान सांर्गठन में एक शोिकताि तथा वैज्ञातनक के रूप में, कें द्र और राज्य सरकारों के र्वभार्गों में सांबद्व र्वषयों के र्वशेषज्ञों के रूप में तथा पोल्री फामि के प्रबांिक के तौर पर रोजर्गार प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार कु सकु ट र्वज्ञान स्नातकों के सलए तनजी पोल्री और सांबांचित उद्योर्गों में बड़ी सांख्या में रोजर्गार के अवसर उपलब्ि ्हैं। इसके अलावा कु सकु ट व्यवसाय से सांबांचित परामशी और स्व-रोजर्गार के र्वकल्प को भी चुना जा सकता है। कु सकु ट र्वज्ञान व्यावसातयकों के सलए पाररश्रसमक बहुत आकषिक हैं। तनजी पोल्री फामों में कोई व्यक्सत अपनी योग्यताओां और अनुभव के अनुरूप प्रततमाह रु. 20000 से रु. 75000 तक अक्जित कर सकता है। तनजी पशु दवा कां पतनयों में सेल्स और माके हटांर्ग के रोजर्गार के बहुत आकषिक हैं और बढ़ने के काफी अवसर उपलब्ि ्हैं।

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