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मॉडल ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केंद्र योजना हिंदी में

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निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए. ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केन्द्रों में विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.

1. दूध में वसा की जाँच की क्षमता व जॉच की विशुध्दता को बढाना दूध के अन्य घटकों जैसे-सॉलिड नॉट फैट (एन एन एफ) का प्रतिशत, पानी का प्रतिशत आदि अन्य घटकों की जांच करना.

2. ऑटोमेशन के द्वारा समिति/दूध एकत्रीकरण केन्द्र के स्टाफ को घटना और मैन्युअल रजिस्टर न रखकर, परिचालनों को किफायती बनाना.

3. पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से दूध उत्पादकों का विश्वास जीतना और इस तरह दूध की अधिप्राप्ति बढाना.

इ) संभावित क्षेत्र सहकारी और निजी क्षेत्र में ज्यादातर दूध प्रसंस्करण संयंत्रों ने अपने अधिप्राप्ति नेटवर्क में ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केन्द्रों को प्रारंभ कर दिया है. उन समितियों /दुग्ध एकत्रीकरण केन्द्रों में. इन स्टेशनों के लिए वित्तपोषण किया जा सकता है, जहाँ प्रतिदिन दूध की अधिप्राप्ति 350 लीटर से अधिक है.

(ई) लाभार्थी / ये इकाइयाँ को ऑपरेटिव मिल्क युनियन की मिल्क को ऑपरेटिव समितियों अथवा निजी डेयरी के दुग्ध एकत्रीकरण केन्द्रों द्वारा स्थापित की जा सकती हैं. विकल्पत: व्यक्तियों को संगठित क्षेत्र के साथ गठबंधन करके इन स्टेशनों को स्थापित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता हैं.

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मॉडल ऑटोमेटिक दूध संग्रहण केंद्र योजना हिंदी में

  1. 1. NABARD Automatic Milk Collection Project in Hindi
  2. 2. मॉडल ऑटोमेटटक दूध संग्रहण के न्‍दर योजना (अ) परिचय: भारत के पास विश्ि में सिााधिक पशुिन है. हमारे देश में पूरे विश्ि की लगभग 57.3 प्रततशत भैंस और 14.7 प्रततशत पशु हैं. भारतीय डेयरी उद्योग का देश की अर्ाव्यिस्र्ा में प्रमुख योगदान है और राशश की दृष्टि से यह योगदान चािल से ज्यादा है.िर्ा 2011-12 में दुग्ि उत्पादों का मूल्य `3,05,484 करोड़ रहा.ग्यारहिीीं पींचिर्ीय योजना (2011-12)की समाष्तत पर देश में कु ल दुग्ि उत्पादन 127.9 शमशलयन िन प्रतत िर्ा रहा और इसकी मााँग िर्ा 2020 तक 180 शमशलयन िन हो जाने की सींभािना है.राटरीय डेयरी विकास बोडा के तत्िाििान में िर्ा 1970 में डेयरी क्षेत्र के आिुतनकीकरण तर्ा डेयरी सहकाररताओीं की मदद से 4 मेरो शहरों में दूि की आपूतता बढाने के शलए ''आपरेशन फ्लड'' कायाक्रम प्रारींभ ककया गया र्ा. िर्ा 1996-97 के अींत तक 264 ष्जलों में 74383 ग्राम दुग्ि उत्पादक सहकाररताओीं का गठन ककया गया र्ा और इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों से प्रततददन औसतन 12.26 शमशलयन लीिर दूि की अधिप्राष्तत की जा रही र्ी. इसके बाद, ग्रामीण आय को बढाने के शलए ''िेक्नोलॉजी शमशन ऑन डेयरी डेिलपमेन्ि'' को प्रारींभ ककया गया र्ा,ष्जसका उद्देश्य उत्पादकता बढाने एिीं पररचालन लागत घिाने के शलए आिुतनक प्रौद्योधगकी को अपनाना र्ा और इस प्रकार दुग्ि और दुग्ि उत्पादों की ज्यादा से ज्यादा उपलब्िता सुतनष्श्चत करना र्ा. िर्ा 1991 में भारतीय अर्ाव्यिस्र्ा के उदारीकरण के सार् ही, डेयरी क्षेत्र को भी लाइसेंस मुक्त कर ददया गया र्ा. भारत सरकार ने 09 जून 1992 को दूि एिीं दुग्ि उत्पाद आदेश (एमएमपीओ) जारी ककया र्ा, ष्जसे िर्ा 2002 में सींशोधित ककया गया र्ा.इसके अनुसार,डेयरी इकाइयों को के िल स्िच्छता तर्ा स्िास््यकर पहलुओीं के बारे में अनुमतत प्रातत करनी है.खाद्य सुरक्षा और मानक(लाइसेष्न्सींग एिीं रष्जस्रेशन ऑफ फू ड बबजनेस), वितनयम 2011 लागू होने के बाद,05 अगस्त 2011 से डेयरी प्रसींस्करण इकाइयों सदहत सभी खाद्य प्रसींस्करण इकाइयााँ इस अधितनयम के दायरे में आ गई हैं. हालाींकक, भारत सिााधिक दूि उत्पाददत करने िाला देश है,लेककन प्रतत पशु दूि उत्पादन बहुत कम है.ितामान में,सींगदठत डेयरी क्षेत्र(सहकारी एिीं तनजी)देश में कु ल दूि उत्पादन का 24 से 28 प्रततशत भाग ही उत्पाददत कर पा रहे हैं. इस प्रकार,घरेलू खपत और तनयाात के शलए दूि अधिप्राष्तत,प्रसींस्करण और दूि के उत्पादों के
  3. 3. वितनमााण में िृष्ध्द की काफी गुींजाइश बनती है.एकत्र ककये जाने िाले दूि की गुणित्ता भी अच्छी नहीीं है और यह विशभन्न प्रकार के मूल्य-सींिधिात उत्पादों के तनमााण/ विपणन में रुकािि डालने िाला कारक है. आज भी देश का काफी दहस्सा सींगदठत दूि अधिप्राष्तत के दायरे में नहीीं है. उत्पादन और प्रसींस्करण के क्षेत्र में सार्ाक कदम उठाने के बाद, अब अधिप्राष्तत-क्षमता में िृष्ध्द और गुणित्ता हेतु दूि की जााँच करके दूि की गुणित्ता बढाने का समय आ गया है. भारत में दूि का मूल्य िसा के प्रततशत और कु छ सीमा तक सॉशलड नॉि फै ि(एस एन एफ) पर तनभार है.िसा का तनिाारण बुिीरोमीिर विधि पर आिाररत है,जो कक दूि एकत्र करने िाले कें द्रों /दुग्ि सहकाररताओीं में अपनाई जाने िाली सबसे ज्यादा पुरानी प्रौद्योधगकी है. िर्ा 1980 से, अनेक सशमततयााँ दूि में िसा के प्रततशत की जााँच के शलए शमल्को िेस्िसा को इस्तेमाल में ला रही हैं, क्योंकक इस तरीके से ऊपर बताये गये तरीके की तुलना में ज्यादा तेजी से काम ककया जा सकता है.हाल ही में,दुग्ि एकत्रीकरण के न्द्रों/ सहकारी सशमततयों ने ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन स्िेशन (पीसी आिाररत शमल्क कलेक्शन स्िेशन), स्मािा ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन स्िेशन और ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण के न्द्र का सींस्र्ापन प्रारींभ कर ददया है,जो कक दूि का िजन,िसा की मात्रा माप करके कृ र्कों को(हर बार) मुदद्रत भुगतान पची दे देती हैं.इन प्रणाशलयों में 10 ददन/माशसक/िावर्ाक आिार पर आींकड़े (डेिा) रखने की सुवििा है और जरूरत पड़ने पर,इनसे प्रत्येक बारी का समेककत साराींश मुदद्रत करके ददया जा सकता है. ये मशीनें एक घींिे में 120 से 150 बार तक दूि एकत्र करने का काम कर सकती हैं. शमल्को िेस्िसा की जगह अब दूि विश्लेर्क(शमल्क एनालाइजर) को काम में लाया जा रहा है. (आ) उद्देश्य: तनम्नशलखखत उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण के न्द्रों में विशभन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद के शलए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. 1.दूि में िसा की जााँच की क्षमता ि जााँच की विशुध्दता को बढाना दूि के अन्य घिकों जैसे- सॉशलड नॉि फै ि(एस एन एफ) का प्रततशत, पानी का प्रततशत आदद अन्य घिकों की जाींच करना. 2. ऑिोमेशन के द्िारा सशमतत/दूि एकत्रीकरण के न्द्र के स्िाफ को घिाना और मैन्युअल रष्जस्िर न रखकर,पररचालनों को ककफायती बनाना.
  4. 4. 3.पारदशी प्रणाली के माध्यम से दूि उत्पादकों का विश्िास जीतना और इस तरह दूि की अधिप्राष्तत बढाना. (इ)सींभावित क्षेत्र:सहकािी और तनजी क्षेत्र में ज्यादातर दूि प्रसींस्करण सींयत्रों ने अपने अधिप्राष्तत नेििका में ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण के न्द्रों को प्रारींभ कर ददया है. उन सशमततयों/ दुग्ि एकत्रीकरण के न्द्रों में इन स्िेशनों के शलए वित्तपोर्ण ककया जा सकता है,जहााँ प्रततददन दूि की अधिप्राष्तत 350 लीिर से अधिक है. (ई)लाभार्ी:ये इकाइयााँ कोऑपरेदिि शमल्क यूतनयन की शमल्क कोऑपरेदिि सशमततयों अर्िा तनजी डेयरी के दुग्ि एकत्रीकरण के न्द्रों द्िारा स्र्ावपत की जा सकती हैं. विकल्पत: ,व्यष्क्तयों को सींगदठत क्षेत्र के सार् गठबींिन करके इन स्िेशनों को स्र्ावपत करने के शलए भी प्रोत्सादहत ककया जा सकता है. (उ) परियोजना विििण: 1.घिक: ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण के न्द्र विशेर् रूप से डडजाइन की गई समष्न्ित इकाई हैं. यह कई यूतनिों अर्ाात ् यह ऑिोमेदिक शमल्क तौल प्रणाली, इलेक्रातनक शमल्क िेष्स्िींग,डेिा प्रोसेशसींग और आउिपुि देने हेतु पसानल कम्तयूिर (वप्रन्िर और बैिरी सदहत) का सींयोजन है.ज्यादा मात्रा में दूि की अधिप्राष्तत करने िाले के न्द्र आिुतनक प्रणाली खरीद सकते हैं,ष्जसमें शमल्क िेष्स्िींग उपकरण की जगह ऑिोमेदिक शमल्क विश्लेर्क (जो कक िसा का %, सॉशलड नॉि फै ि(एस एन एफ) का %,पानी का %, इत्यादद दशाा सकता है) का उपयोग ककया जा सकता है.ये बड़ी अधिप्राष्तत एजेंशसयााँ िेब आिाररत डेिा प्रबींिन भी अपना सकती हैं,ष्जसमें एएमसीयू से कृ र्क-िार डेिा सिार को भेजा जायेगा और भुगतान सींबींिी वििरण शमल्क प्रोसेशसींग यूतनि से सीिे बैंक को भेजे जायेंगे. ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण यूतनिों को (एएमसीयू) को डेयरी िू बैंक की अििारणा को उपयोग करने योग्य बनाया जा सकता है,ष्जसमें कृ र्क की बबल राशश सीिे उसके खाते में जमा कर दी जाती है और बैंक में जाये बबना,िह दूि सींग्रहण के न्द्र से अपनी जरूरत के मुताबबक राशश सीिे ही आहररत कर सकता/सकती है. कु छ ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन यूतनिों को (एएमसीयू) को नीचे ददये गये धचत्र में दशााया गया है:-
  5. 5. चचत्र:1: ऑटोमेटटक ममल्क कलेक्शन यूननट (एएमसीयू) के विमिन्‍दन घटक
  6. 6. 2. क्षमता: ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन स्िेशन प्रतत घींिा दूि के 120 से 150 नमूनों की जााँच कर सकता है. उपयोग ककये जाने िाले उपकरणों के आिार पर पैरामीिसा में अन्तर हो सकता है. 3. स्पेसीकफके शन: उपयोग की जाने िाली मशीनरी बीआईएस स्पेसीकफके शन के अनुसार होनी चादहए. और इससे मापे जाने िाले विस्तृत पैरामीिर इस प्रकार हैं:- (क)िसा की माप:0-13%; (ख)मापन क्षमता:120 से 150 पररचालन प्रतत घींिा (ग)पािर सतलाई;एसी 220 से 240 िाि 50HZ शमल्क विश्लेर्क के मामले में, िसा की मात्रा, सॉशलड नॉि फै ि(एस एन एफ)की मात्रा 3 से 15 प्रततशत तर्ा पानी की मात्रा और दूसरे अन्य पैरामीिरों की भी माप की जायेगी. 4.उपकरण आपूनतिकताि: उपकिणों की आपूतता कई एजेंशसयों द्िारा की जाती है.इनके नाम तनम्नित ् हैं- आईडीएमसी, आनींद (गुजरात) डीएसके शमल्कोरातनक्स, पुणे (महाराटर), कामिेनु, अहमदाबाद (गुजरात), डोडडया, दहम्मतनगर (गुजरात), प्राम्पि (PROMPT), बड़ौदा (गुजरात), आपिेल, आनींद (गुजरात), कै वपिल इलेक्रातनक्स, आनींद (गुजरात), आरईआईएल, जयपुर (राजस्र्ान). यह सूची के िल तनदशी है. उपयुक्त प्रणाली (शसस्िम) ककसी भी प्रततष्टठत एजेंसी से खरीदी जा सकती है. 5.कायि प्रणाली: प्रत्येक दूि आपूता करनेिाले ककसान को सींग्रह कें द्र द्िारा दुग्ि प्रसींस्करण इकाई के परामशा से एक विशशटि सींख्या/ काडा ददया जाएगा। ककसान जब दूि आपूता करने के शलए आता है तो पहचान के शलए उसका नींबर या काडा इस्तेमाल ककया जाएगा। नींबर फीड करने के बाद, नमूना विश्लेर्ण के शलए एकत्र ककया जाएगा। इसके सार् ही उसका दूि जब कीं िेनर में डाला जाएगा िह स्िचाशलत रूप से तौला जाएगा और िसा की मात्रा और दूि की मात्रा पर आिाररत दर का दहसाब करके भुगतान पची मुदद्रत की जाएगी. एक दूि विश्लेर्क की सेिा उपयोग हो पाने की ष्स्र्तत में विश्लेर्ण के अन्य मापदींडों का इस्तेमाल ककया जाएगा और इन मानकों के
  7. 7. आिार पर दूि की मात्रा और दर का दहसाब करते हुए इसे प्रदशशात ककया जाएगा। कु छ तनमााताओीं के पास मोबाइल दूि सींग्रह इकाइयाीं हैं, इन उपकरणों को िाहन पर लगाया जा सकता है और दूि को विशभन्न स्र्ानों से अधिप्रातत ककया जा सकता है. ऊ.ऑटोमेटटक दूध संग्रहण यूननट (AMCUs) के लाभ: 1.नमूना दूि की मात्रा में बचत 2.रसायन और डडिजेंि में बचत 3. काींच के बने पदार्ा पर होने िाले खचा में बचत 4.स्िेशनरी और समय में बचत 5. कमाचाररयों पर होने िाले खचा में बचत 6. पारदशी प्रणाली के माध्यम से दुग्ि उत्पादकों का आत्मविश्िास प्रातत करना और दूि की अधिप्राष्तत बढाना. ए. तकनीकी सहयोग: चूींकक यह यूतनि एक समष्न्ित यूतनि है, पररयोजना के शलए कोई तकनीकी सहयोग की पररकल्पना नहीीं की गई है, हालाींकक दुग्ि सींघों / तनजी डेयरी सींयींत्र सींग्रहण के न्द्रों की स्र्ापना और दुि की खरीद में सोसाइदियों और दूि सींग्रहण के न्द्रों का मागादशान करेंगे तर्ा सींचालन और अनुरक्षण में कशमायों को प्रशशक्षण प्रदान करेंगे. व्यष्क्तगत आिोमेदिक दूि सींग्रहण यूतनि के मामले में बबक्री के बाद की सेिा के शलए आपूतताकतााओीं के सार् आिश्यक व्यिस्र्ा की जानी चादहए. ऐ . पूींजी लागत: पूींजी लागत भी वितनदेशों और तनमााताओीं के सार् बदलती रहती है। हालाींकक, तनमााताओीं द्िारा दी गई जानकारी और क्षेत्रों से प्रातत सूचना के आिार बैिरी की लागत सदहत एक औसत इकाई लागत 1.25 लाख मानी गई है :
  8. 8. ओ. पररयोजना की आधर्ाकी यह माना गया है कक आिोमेदिक दूि सींग्रहण यूतनि मौजूदा सींग्रह कें द्र की इमारत में ही काया कर सके गा इसशलए आिोमेदिक दूि सींग्रहण यूतनि की शसविल लागत पर विचार नहीीं ककया गया । अनुबींि-1 में प्रस्तुत विशभन्न तकनीकी आधर्ाक मापदींडों के आिार पर इस पररयोजना की आधर्ाकी तैयार की गई है और इसे अनुबींि II में प्रस्तुत ककया है. व्यय की मदों में कमाचाररयों पर होने िाले खचा में बचत, स्िेशनरी, रसायनों और डडिजेंि और नमूना दूि की बचत, काींच के बने पदार्ा पर होने िाले खचा में बचत तर्ा उपयोग्य िस्तुएीं, मरम्मत और अनुरक्षण आदद व्यय शाशमल हैं। औ. वित्तीय विश्लेषण: मॉड्ल के शलए नकदी प्रिाह विश्लेर्ण, लाभ लागत अनुपात (बीसीआर), तनिल ितामान मूल्य (एनपीडब्ल्यू) और आींतररक प्रततफल दर (आईआरआर) आदद को शाशमल करते हुए अनुबींि III में प्रस्तुत ककया गया है। विचारािीन मॉडल के शलए, बीसीआर 1.41 :1 एनपीडब्ल्यू 76,800 रुपये और आईआरआर 49% है। पूरे बैंक ऋण ककसी भी छू ि अिधि के बबना सात साल में चुकौती योग्य हो सकता है। इसशलए मॉडल पररयोजना के शलए चुकौती की अिधि सात साल तनिााररत की गई है (अनुबींि IV). क. वित्तीय सहायता: ऑिोमेदिक दूि सींग्रहण कें द्रों को राटरीय बैंक द्िारा पुनविात्त प्रदान के शलए विचार ककया जाएगा। इसशलए सभी सहभागी बैंक पररयोजना की तकनीकी व्यिहायाता, वित्तीय व्यिहायाता और बैंककीं ग व्यिहायाता (bankability) के आिार पर इस गततविधि के वित्तपोर्ण पर विचार कर सकते हैं। ख. :ऋण प्रदान किने की शतें 1. मार्जिन िामश: दूि सहकारी सशमतत या दूि सींग्रहण के न्द्र को सामान्य रूप से पररयोजना लागत का 25% अपने स्ियीं के सींसािनों से पूरा करना चादहए।
  9. 9. 2. ब्याज दि: ब्याज दर वित्तपोर्क बैंक द्िारा तनिााररत की जाएगी। हालाींकक आधर्ाकी तैयार करने के शलए ब्याज दर 13.5% प्रतत िर्ा मानी जाती है. सुिक्षा: भारतीय ररजिा बैंक द्िारा यर्ा तनिााररत। बीमा: वित्तपोर्क बैंक यह सुतनष्श्चत करें कक दूि सशमतत/ सींग्रहण कें द्र पररसींपष्त्त के शलए पयाातत बीमा सुरक्षा लेता है. चुकौती अिचध: सृष्जत समग्र अधिशेर् के आिार पर चुकौती अिधि ककसी भी छू ि अिधि के बबना 7 साल तक की हो सकती है. ग. विशेष ननयम औि शतें: पररयोजना की विशेर् तनयमों और शतों को अनुबींि V में ददया गया है.
  10. 10. अनुबंध - I इकाई लागत औि तकनीकी आचथिकी मापदंड क्रसं विििण िामश रुपये में क. इकाई लागत, बैंक ऋण और माष्जान राशश i) ऑटोमेटटक दूध संग्रहण के न्‍दर की लागत(रु) 125000 ii) माष्जान राशश (`) 31250 iii) बैंक ऋण (`) 93750 ख. आय मापदंड i) अधिप्रातत दूि की मात्रा (लीिर/ ददन) 400 ii) दूि के नमूनों की सींख्या/ ददन 200 iii) सींरक्षक्षत नमूना दूि की मात्रा (नमूना प्रतत शमलीलीिर) 10 iv) नमूना दूि की बबक्री@ 10ml /नमूना दूि (लीिर / माह) 60 v) नमूना दूि का बबक्री मूल्य (` / लीिर) 24 vi) कमाचाररयों पर होने िाले खचा में बचत (` / माह) 2500 vii) स्िेशनरी में बचत (` / माह) 250 viii) काींच के बतानों पर होने िाले खचा में बचत (`/ नमूना / ददन) 0.05
  11. 11. ix) रसायन एिीं डडिजेंि पर बचत . 0.1 ग व्यय मापदींड i) मरम्मत और अनुरक्षण (`/ माह) 1500 घ. अन्य i) आिोमेदिक दूि सींग्रहण यूतनि पर मूल्यह्रास (%) 15 ii) ब्याज दर (%) 13.5 iii) चुकौती अिधि (िर्ा) 7
  12. 12. अनुबंध - II आय औि व्यय - ऑटोमेटटक दूध संग्रहण के न्‍दर (` लाख में ) क्रसं विििण िषि I II III IV V VI VII 1 अधिप्रातत दूि की मात्रा (लीिर / ददन) 400 400 400 400 400 400 400 2 दूि के नमूनों की सींख्या प्रतत ददन 200 200 200 200 200 200 200 3 सींरक्षक्षत नमूना दूि की मात्रा (लीिर / ददन 2 2 2 2 2 2 2 क आय i) नमूना दूि की बबक्री 0.1752 0.1752 0.1752 0.1752 0.1752 0.1752 0.1752 ii) कमाचाररयों पर होने िाले खचा में बचत 0.3 0.3 0.3 0.3 0.3 0.3 0.3 iii) स्िेशनरी में 0.03 0.03 0.03 0.03 0.03 0.03 0.03
  13. 13. बचत iv) काींच के बतानों पर होने िाले खचा में बचत 0.0365 0.0365 0.0365 0.0365 0.0365 0.0365 0.0365 v) रसायन एिीं डडिजेंि पर बचत 0.073 0.073 0.073 0.073 0.073 0.073 0.073 कु ल आय (क) 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 ख व्यय i) मरम्मत और अनुरक्षण 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 कु ल व्यय (B) 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 C समग्र अधिशेर् (क-ख) 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347
  14. 14. अनुबंध - III वित्तीय विश्लेषण - लाि लागत विश्लेषण, ननिल ितिमान मूल्य औि आंतरिक प्रनतलल दि (` लाख में ) क्रसं विििण िषि I II III IV V VI VII 1 पूींजी लागत 1.25 2 आिती लागत 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 3 कु ल लागत 1.43 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 0.18 4 लाभ 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 5 आिोमेदिक दूि सींग्रहण के न्द्र पर मूल्यह्रास 0 0 0 0 0 0 0.125 6 कु ल लाभ 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.6147 0.7397 7 तनिल लाभ -0.8153 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347 0.4347 0.5597 8 डीएफ @ 15% 0.87 0.756 0.658 0.572 0.497 0.432 0.376
  15. 15. 9 पीडब्ल्यूसी @ 15% DF 1.2441 0.13608 0.11844 0.10296 0.08946 0.07776 0.06768 10 पीडब्ल्यूबी @ 15% डीएफ 0.534789 0.464713 0.404473 0.351608 0.305506 0.26555 0.2781272 11 तनिल ितामान मूल्य @ 15% डीएल 0.76828 12 लाभ लागत अनुपात @ 15% डीएल 1.41:1 13 आंतरिक प्रनतलल दि 49%
  16. 16. अनुबंध - IV चुकौती अनुसूची - ऑटोमेटटक दूध संग्रहण के न्‍दर (` लाख में ) िषि बैंक बकाया ऋण समग्र अचधशेष ब्याज का िुगतान @ 13.5% p.a. मूलधन की चुकौती कु ल व्यय सोसाईटी संग्रहण कें र को उपलब्ध ननिल प्रनतलल डीएस सीआि िषि के प्रािंि में िषि के अंत में I 0.9375 0.8175 0.4347 0.126563 0.12 0.246 0.188 1.763 II 0.8175 0.6975 0.4347 0.110363 0.12 0.214 0.141 1.66 III 0.6975 0.5775 0.4347 0.094163 0.12 0.208 0.147 1.708 IV 0.5775 0.4275 0.4347 0.077963 0.15 0.191 0.164 1.86 V 0.4275 0.2775 0.4347 0.057713 0.15 0.205 0.15 1.733 VI 0.2775 0.1275 0.4347 0.037463 0.15 0.184 0.171 1.93 VII 0.1275 0 0.4347 0.017213 0.1275 0.173 0.182 2.053 औसत डीसीआि / DSCR 1.81 है
  17. 17. अनुबंध-V विमशष्ट ननयम एिं शते बैंक को यह सुतनष्श्चत करना चादहए:- 1. ऑिोमेदिक शमल्क सींग्रहण के न्द्र के वित्त पोर्ण हेतु, दुग्ि सींघ/डेयरी उस दुग्ि सशमतत/एकत्रीकरण कें द्र की पहचान करेगा,ष्जसका दूि एकत्रीकरण प्रतत ददन 400 लीिर से ज्यादा है. 2. दुग्ि सींघ/डेयरी सशमतत/एकत्रीकरण कें द्र को ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन यूतनि की खरीद हेतु मागादशान प्रदान करेगा. 3. दुग्ि सींघ/डेयरी शमल्क कोऑपरेदिि सोसाइिी /एकत्रीकरण कें द्र के सधचि/कशमायों को ऑिोमेदिक शमल्क कलेक्शन यूतनि के पररचालन एिीं रखरखाि के बारे में प्रशशक्षण प्रदान करेगा. 4. दुग्ि सींघ/डेयरी शमल्क कोऑपरेदिि सोसाइिी /एकत्रीकरण कें द्र के शलए अपेक्षक्षत स्िेशनरी आदद की आपूतता करेगा. 5. शमल्क कोऑपरेदिि सोसाइिी /एकत्रीकरण कें द्र आपूतताकताा फमा के सार् द्वितीय िर्ा एिीं उससे आगे के शलए िावर्ाक सेिा करार तनटपाददत करेगा. 6. शमल्क कोऑपरेदिि सोसाइिी /एकत्रीकरण कें द्र ऑिोमेदिक शमल्क सींग्रहण के न्द्र को बीमा कम्पनतयों से बीमाकृ त करायेगा,बशते कक इस प्रकार की बीमा सुरक्षा उपलब्ि हो. 7. दुग्ि सींघ/डेयरी बैंक ऋण की चुकौती हेतु गठबींिन व्यिस्र्ा उपलब्ि करायेगा.

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