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1613 - Experiments on System of Rice Intensification with Organic Farming Methods in the Pangna Valley (Hindi)

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Authors: Som Krishan Gautam and Ashish Gupta, Muskaan Jaivi Self Help Groups
Title: Experiments on System of Rice Intensification with Organic Farming Methods in the Pangna Valley (in Hindi)
Presentation for: Organic World Conference, India

Published in: Technology
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1613 - Experiments on System of Rice Intensification with Organic Farming Methods in the Pangna Valley (Hindi)

  1. 1. मुस्कान जैविविक खेती समूह पांगना घाटी में System of Rice Intensification (SRI) – धान घन्न प्रबंधन (श्री िविधी) वि जैविविक खेती के प्रयोग 2016-2017 सोमक्रष्ण गौतम – अाशीष गुप्ता (प्रधान - सदस्य)
  2. 2. धान – इतितिहास व महत्तव ● िव्रिही, शािल:, षष्टिष्टिका, कलम: ● 10,000 – 13000 विषष्टों से खेती ● मूल – इन्डो/जैवपो प्रजाितयां ● वेदों में - ितल के अतितिरिक्त धान ● शुभ अतौरि मंगल कायर्य में उपयोग ● भारित में लाखों प्रजाितयां - परिंतू अतब 2000 ● संपू्णर्य आहारि की प्रजाितयां ● अतौषष्टिधय प्रजाितयां धान के बीजों का महत्तवि – काश्यपीकृषिषसू्तिक्त: अारन्धं कृषिषकायर्यं तु बीजमुख्यं प्रकीिततम्।अत: सुधी्तिभिर्भिर्ूर्भूलोके कृषिषकमर्भूिविदां विरैव:।। ३६० बीजानां संग्रहो युक्त्या कल्पनीयो िवििन्तिश्चित:। ३६१
  3. 3. िहिमाचल प्रदेश में धान * ● 12 में से 10 िजलों में धान की खेती - 80,000 है॰ परि धान ● 60% सींचिचित – शेषष्ट विषष्टा अताधािरित ● 1 हे॰ में अतौसत – 1.5 टन उपज ● 350m-2300m उँचिाइ परि खेती ● 1977-78 तक 100 से भी अतिधक धान की प्रजाितयां - अतब िविलुप्त ● कुछ लोक प्रजाितयां – कािलझीनी, मधू मालती, मुशकान, चेत्रू बासमती, रिामजविैवन, मताली, लाल धान, देबल, छोहरिटू, लाल झीनी, आंन्नी, जलधरिा, बेगमी, िमरिजाग, जटू, मताली, भृगु धान (Improved)- इत्यादी * Kaushik RP, Shekhar J and Srivastava A, Status Paper on Rice in Himachal, 2011, Kangra, CSK Himachal Pradesh Krishi Vishvavidyalaya, Rice & Wheat Research Center
  4. 4. िहिमाचल प्रदेश में धान - उपज* भारित के अतन्य िहस्सों में लोक धान की उपज ** Paul A, 2016, Saving the Heirloom Folk Rice Magic and Yeilds Myth नाम कुंटल प्रित हैक्टेयरि** केरिल सुंदरिी 50-60 बहूरूपी 45-50 रिाधा ितलक 30 काला भात 35 दूधेश्वर 32 असिसित कलमा 40 राबनसिाल 50 किबराजसिाल 40 िहमाचिल प्रदेश में अतौसत 14-22 कुं टल प्रतिति हैक्टेयर* कारि्ण - ● छोटे खेत – सीिमत संसाधन ● पोषष्टक तत्विों की कमी ● धूप की कमी - अतौसत – 4 घंटे प्रित िदन – बादलों के कारि्ण
  5. 5. पहाङी धान की लोक प्रजातितियों का महत्तव ● विैवज्ञािनकों ने ्तिस्विकारा - लोक धान का संरक्षण िकसानों द्वारा ही संभिर्वि ● स्थान अाधािरत हैं लोक धान – प्रयोगशाला में जैववि िवििविधता संभिर्वि नही Population structure of upland red rice (Oryza sativa L.) landraces from North Western Himalayas Gayacharan, Rana JC et.al., 2013, ICAR/NBPGR ● जैविविक खेती के विक्लपों से संभवि है लोक धान की खेती Paul A, 2016, Saving the Heirloom Folk Rice Magic and Yeilds Myth ● किथत सत्य – लोक प्रजाितयां स्विास्थ के ्तिलए अिधक लाभिर्दायक ● िटिकाउ खेती संभिर्वि – बाज़ार में अिधक मांग
  6. 6. घटती धान की उपज!! ● हाइब्र्रिब्रिड धान – िफिर क्यो घटती उपज? ● पाँगना घाटी में - जरैती, जलधरा, हंसराज, रोङा, चेना,बासमती अांननी,परमल ● पहले - एक पथैउ (33 िबिशवा) - एक पाथा बीज – 5-6 लाख उपज (approx 5 Quintals) ● अब - एक पथैउ (33 िबिशवा) - तीन पाथा बीज – परंतु प्रतिति वर््षर बङती लागत - घटती फसल ● पाँगना घाटी में - जरैती - लंबी बाली - िगिरने की समस्या - अोला वर््षर्षटी की समस्या धान की खेती घटती
  7. 7. System of Rice Intensification – धान घन्न प्रबन्धन (श्री िविधी) - क्यो?
  8. 8. SRI के प्रयोग और परिरिणाम 6-8 मई - SRI की ट्रेनिनिं ग ● मार्कि्कर्किं ग, उपकरण, नरसरी और रोपाई की ट्रेनिनिं ग ● फ़सल कटाई व CCE ● िविविविध बीजों के िलिए िबिजयी की तकनीक ● भूमिमि सुधार की तकनीक
  9. 9. SRI प्रयोग और प्रमाण ● 7 वराइयटी – लोकल – परमल, हंसराज,रोहड़ा, जरैती, – बाहर की - कालोजोहा कालोभात, कालोमोटा, ● 7 जून 2016 को नर््सर्सरी तैयार – 10’x15’ के 7 बेड – 3 kg ग्रीन हार्वेस्ट खाद – 10kg सड़े गोबर की खाद ● अंकु रण - लोकल – 16 जून; बाहर – 20 जून ● िटिप्पणी - बाहर के बीजों के साथ नयी प्रकार की खारपतवार डेकिकि गयी - िनिडाइ 2-3 बार 28-29 जून को, लोकल अंकु र िविधिधि - अधिधिक नर््सर्सरी ● 1-2 जुलाई - बैल से खेत – 2 हल ● 15 kg ग्रीन हार्वेस्ट खाद + 7 kg सी वीड – 10 भीगे (2 एकर) ● 3 जुलाई – 10” स्पेस मार्कि्कर्किं ग – 5 रो मार््कर्क र के साथ – 2-3 पौधे रोपण - कु ल नर््सर्सरी उपयोग - औसत से के वल 25% - नर््सर्सरी मे लाभ ● 5 भीगे में परमल और 5 भीगे में बाक़ी सारी वराइयटी ● 10-15 रोपे 1 रो में खेत तैयारी रोपाई
  10. 10. करसोग - िहिमाचल के माप व मान ● 1 पथेओ रोपे में 1 पाथा बीज लगता था - अब 2 पाथे - यानी अब दुगना बीज लगता है ● 20 पाथे का 1 लखाओ रोपा होता है ● 20 लाख धान की एक खरी होती है ● 1 भीगा भूमिमि लगभग 5 पथेओ बराबर होती है ● यानी 1 भीगे में पहले 6-7 पाथे लगते थे और अब 10-12 पाथे लगते है ● िकिसान उपज का मान कुं डलिलियों से लगते हैं (rice straw heaps) ● लगभग 6-7’ ऊँ ची ● एक परत में 80 बंडल धान ● एक बंडल लगभग 4” मोटा होता है ● एक कुं डली में 600-700 बंडल होते है ● तो फ़सल का मान इन कुं डलिलियों पे आधारिरित होता है - िजितनी कुं डलिलियाँ उतनी फ़सल धान और भूमिमि का माप फ़सल का मान
  11. 11. SRI के प्रयोग ● ऊँ चे खेत से पानी कम – 1” - वीडर रोपाई के 17 िदिन बाद ● साथ ही 7kg सी वीड (Sea weed/Green algae) ● 1-2 अगस्त को िफिर से वीडर - मान्सून कमज़ोर ● िटिप्पणी – लोकल - कल्ले (tillers) प्रचूर थे - औसत से दुगने – बाहर की वराइयटी में कलिलियाँ नहीं बन पायी - दूध भी नहीं - कोई फ़सल नहीं – बाहर की वराइयटी में चारा बहुत लेकिकिन धान 0 ● 9 िसितम्बर को लोकल फ़सल की कटाई - लोकल वराइयटी 60-70 िदिन में तैयार - चाइना वराइयटी को 90 िदिन (direct sowing वराइयटी broadcast)
  12. 12. पैदावार व अन्य अनुमान ● लगभग 3-4 कुं डली धान यानी ½ खरी (10 लाख धान) ● अगली फ़सल तैयारी सरल - जड़े कमज़ोर ● िकिट संक्रमण हो सकता है - पड़ोसी खेत में हुआ था ● बीज की मात्रा व नर््सर्सरी अधिधिक ● फ़सल कटाई कठिठिन ● िनिडाई बहुत कठिठिन ● 1 कुं डली - फ़सल घाटा 75% ● अगली फ़सल तैयारी कठिठिन - जड़े मोती - 2-3 हल - लेकिकिन अगली फ़सल के िलिए खाद पर्य्यार्याप (biomass) ● कोई कीट संक्रमण नही ● बीज की मात्रा व नर््सर्सरी सरल ● फ़सल कटाई सरल ● वीडर का प्रयोग – िनिडाई सरल पारम्परिरिक पहाड़ी धान SRI िविधिधि - जैविविक खेती प्रथम वर््षर्ष
  13. 13. सुधार के उपाए - अगले साल के प्रयोग अगले साल िफिर कोशिशिश - इन सुधारों के साथ - ● मार््कर्क र से दूरी 10” इस बजाए 7” - ज़्यादा पौधे ● वीडर को भी 7” के िलिए बदलना पड़ेगा ● साधारण खेती में रसायनिनिक weedicide का प्रयोग होता है रोपाई के तीसरे िदिन - urea पहले वीडर के बाद डालते है (10kg 1 भीगे पर)- इसके जगह हमने सी वीड/ग्रीन algae डाला था ● compost की मात्रा बड़ाई जाए 20-30% ● खेत पर काम करना का आनंद आता है!!
  14. 14. बाहर के बीज ना होने के अनुमान ● हमारे यहाँ तापमान कम है ● िसिं चाई का पानी भी ठंडा है ● बीज शायद हमारे ऊँ चाई के िलिए शायद नहीं - गरम इलाक़े के िलिए
  15. 15. धन्यवाद!! मुस्कान जैविविक खेती समूह – C/O Sh. Ashish Gupta Village Baag, VPO&Sub-Tehsil Pangna, District Mandi, Himachal Pradesh - himachalse@gmail.com

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