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  • 1. www.upscportal.com भारतीय राजव्यवस्था एवं अभभशासन आऩातकाऱीन उऩबंध © 2014 UPSCPORTAL .COM
  • 2. www.upscportal.com • संविधान क बाग XVIII भें अनच्छे द 352 से 360 तक े ु आऩातकारीन उऩफंध उल्लरखित हैं। • आऩातकारीन ल्थितत भें कद्र सयकाय सिवशल्ततभान हो जाता है ें तिा सबी याज्म, कद्र क ऩूर्व तनमंत्रर् भें आ जाते हैं। े ें © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 3. www.upscportal.com संववधान में तीन प्रकार क आऩातकाऱ को ननर्दिष्ट ककया गया है े • मुद्ध, फाह्म आक्रभर् औय सशथत्र विद्रोह क कायर् आऩातकार े (अनुच्छे द 352 ), को याष्ट्रीम आऩातकार क नाभ से जाना े जाता है । ककंतु संविधान ने इस प्रकाय क आऩातकार क लरए ‘ े े आऩातकार की घोषर्ा ’ िातम का प्रमोग ककमा है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 4. www.upscportal.com • याज्मों भें संिैधातनक तंत्र की विपरता क कायर् आऩातकार को े याष्ट्रऩतत शासन (अनुच्छे द 356) क नाभ से जाना जाता है । इसे दो े अन्म नाभों से बी जाना जाता है -याज्म आऩातकार अििा संिैधातनक आऩातकार। ककंतु संविधान ने इस ल्थितत क लरए े आऩातकार शब्द का प्रमोग नहीं ककमा है । • बायत की वित्तीम थिातमत्ि अििा साि क ितये क कायर्. े े अधधयोवऩत आऩातकार, वित्तीम आऩातकार (अनुच्छे द 360) कहा जाता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे शाभमऱ होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 5. www.upscportal.com संसदीय अनमोदन तथा समयवचध ु • संसद क दोनों सदनों द्िाया आऩातकार की उदघोषर्ा जायी होने क े े एक भाह क बीतय अनभोददत होनी आिश्मक है । प्रायं ब भें संसद े ु द्िाया अनभोदन क लरए दी गई सभम सीभा दो भाह िी ककंतु 1978 े ु क 44िें संशोधन अधधतनमभ द्िाया इसे घटा ददमा गमा। े • ककंतु आऩातकार की उदघोषर्ा ऐसे सभम होती है , जफ रोकसबा का विघटन हो गमा हो अििा रोकसबा का विघटन एक भाह क े सभम भें बफना उदघोषर्ा क अनभोदन क हो गमा होम तफ उदघोषर्ा े े ु रोकसबा क ऩनगवठन क फाद ऩहरी फैठक से 30 ददनों तक जायी े ु े यहे गी, जफकक इस फीच याज्मसबा द्िाया इसका अनुभोदन कय ददमा गमा हो । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 6. www.upscportal.com उदघोषणा की समाम्तत याष्ट्रऩतत द्िाया आऩातकार की उदघोषर्ा ककसी बी सभम एक दसयी उदघोषर्ा से सभाप्त की जा सकती है । ऐसी उदघोषर्ा को ू संसदीम अनुभोदन की आिश्मकता नहीं होती। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 7. राष्रीय आऩातकाऱ क प्रभाव े www.upscportal.com आऩात की उदघोषर्ा क याजनीततक तंत्र ऩय तीव्र तिा दयगाभी े ू प्रबाि होते हैं। इन ऩरयर्ाभों को तनम्न तीन िगों भें यिा जा सकता है । • कद- याज्म संफंधों ऩय प्रबाि ें • रोकसबा तिा याज्म विधानसबा क कामवकार ऩय प्रबाि, तिा े • भौलरक अधधकायों ऩय प्रबाि। © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 8. www.upscportal.com कद्र-राज्य संबंधों ऩर प्रभाव ें • जफ आऩातकार की उदघोषर्ा रागू होती है , तफ कद्र-याज्म क े ें साभान्म संफधों भें भरबत ऩरयितवन होते हैं। इनका अध्ममन तीन ं ू ू शीषवकों क अंतगवत ककमा जा सकता है -कामवऩारक, विधामी तिा े वित्तीम । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 9. www.upscportal.com ऱोकसभा तथा राज्य ववधानसभा क कायिकाऱ ऩर े प्रभाव • जफ याष्ट्रीम आऩातकार की उदघोषर्ा रागू हो तफ रोकसबा का कामवकार इसक साभान्म कामवकार (5 िषव) से आगे संसद द्िाया े विधध फनाकय एकसभम भें एक िषव क लरए (ककतने बी सभम तक) े फढ़ामा जा सकता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 10. राष्रऩनत शासन www.upscportal.com आरोऩण का आधार• अनच्छे द 355 कद्र को इस कतवव्म क लरए वििश कयती हैं कक े ें ु प्रत्मेक याज्म सयकाय संविधान की प्रफंध व्मिथिा क अनरूऩ ही े ु कामव कयें गी। इस कतवव्म क अनुऩारन क लरए कद्र, अनुच्छे द 356 े े ें क अंतगवत याज्म भें संविधान तंत्र क विपर हो जाने ऩय याज्म े े सयकाय को अऩने तनमंत्रर् भें रे सकता है । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 11. ववत्तीय आऩातकाऱ www.upscportal.com उदघोषणा का आधार• अनच्छे द 360 याष्ट्रऩतत को वित्तीम आऩात की घोषर्ा कयने की ु शल्तत प्रदान कयता है , मदद िह संतष्ट्ट हो कक ऐसी ल्थितत उत्ऩन्न ु हो गई है , ल्जसभें बायत अििा उसक ककसी ऺेत्र की वित्तीम ल्थितत े अििा प्रत्मम ितये भें हो । © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 12. www.upscportal.com संसदीय अनमोदन एवं समयावचध ु • वित्तीम आऩात की घोषर्ा को, घोवषत ततधि क दो भाह क बीतय े े संसद की थिीकृतत लभरना अतनिामव है । मदद वित्तीम आऩातकार की घोषर्ा कयने क दौयान मदद रोकसबा विघदटत हो जाए अििा े दो भाह क बीतय से भंजय कयने भे ऩिव रोकसबा विद्मदटत हो जाए े ू ू तो मह घोषर्ा ऩुनगवदठत रोकसबा की प्रिभ फैठक क फाद तीस े ददनों तक प्रबािी यहे गी, ऩयं तु इस अिधध भें इसे याज्मसबा को भंजयी लभरना आिश्मक है । ू © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 13. www.upscportal.com ऑनऱाइन कोच ग क बारे में अचधक जानकारी क भऱए यहां म्लऱक करें ं े े http://www.upscportal.com/civilservices/courses/ias-pre/csatpaper-1-hindi हार्ि कॉऩी में सामान्य अध्ययन प्रारं भभक ऩरीऺा (स्टर्ी ककट - ऩेऩर - 1 (Paper 1) खरीदने क भऱए यहां म्लऱक करें े http://www.upscportal.com/civilservices/study-kit/ias-pre/csatpaper-1-hindi © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े
  • 14. www.upscportal.com UPSCPORTAL Other Online Courses Online Course for Civil Services Preliminary Examination  सीसैट (CSAT) प्रायं लबक ऩयीऺा क लरए ऑनराइन कोधचंग (ऩेऩय - 2) े  Online Coaching for CSAT Paper - 1 (GS) 2014  Online Coaching for CSAT Paper - 2 (CSAT) 2014 Online Course for Civil Services Mains Examination General Studies Mains (NEW PATTERN - Paper 2,3,4,5) Contemporary Issues for Civil Services Main Examination Public Administration for Mains 30 Days online Crash Course For Public Administration Mains Essay Programme for Mains For Know More Click Here: http://upscportal.com/civilservices/courses © 2014 UPSCPORTAL .COM ऑनऱाइन कोच ग मे सम्ममभऱत होने क भऱए यहां म्लऱक करें ं े

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