Geography topic-prathvee-ki-utpatti-(2 a)

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Geography topic-prathvee-ki-utpatti-(2 a)

  1. 1. पृथ्वी की उत्पत्त्ि भारि और ववश्व का भूगोल www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  2. 2. • पृथ्वी सौरमण्डल के नौ ग्रहों में से एक ग्रह है। हम पृथ्वी पर ननवास करते हैं इसललए पृथ्वी का अध्ययन हमारे ललए सभी ग्रहो के अध्ययन से अधिक महत्वपूर्ण है। • ग्रह अपने आकार संघटन करने वाले पदार्ण तापमान तर्ा सूयण के धिदण पररक्रमा की अवधि की दृष्टट से एक दूसरे से लभन्न है। • इन लभन्नताओं का मुख्य कारर् सूयण से इनकी क्रमशः दूरी है बुि, शुक्र, पृथ्वी , तर्ा मंिल ग्रह सूयण के ननकट हैं ष्िस कारर् इन्हे भीतरी ग्रह कहा िाता है। Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  3. 3. • बृहस्पनत, शनन, अरूर्, वरूर् तर्ा यम सूयण से दूर है और उन्हें बाह्य ग्रह कहते हैं। • कु छ ग्रह िैसों के बने होते है ष्िन्हे िैसीय ग्रह कहते हैं। बृहस्पनत, शनन, अरूर् तर्ा वरूर् िैसीय ग्रह हैं। यम ववधित्र ग्रह हैं । यह बर्ण का बना हुआ है । Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  4. 4. पृथ्वी की उत्पत्त्ि • यह कहना कठिन है कक पृथ्वी की उत्पष्त्त कै से हुई ? • इस ववषय में ववलभन्न ववद्धानो नें ववलभन्न वविार प्रकट ककए है परन्तु अधिकांश ववद्धानों का मत है कक अन्य ग्रहो की भााँनत पृथ्वी की उत्पष्त्त भी सूयण से हुई है । Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  5. 5. काांट का गैसीय राशी ससद्धांiि • िमणनी के दाशणननक र्े सन् 1755 में पृथ्वी की उत्पष्त्त के संबंि में िैसीय राशी लसद्धांत प्रस्तुत ककया। उनके अनुसार प्रारंभ में आद्य पदार्ण िंडा तर्ा समान रूप से कर्ों के रूप में बबखरा हुआ र्ा। िुरूत्वाकषणर् के कारर् ये कर् आपस में टकराए। इससे उनका तापमान बढ़ा तर्ा कोर्ीय वेि उत्पन्न हुआ कोर्ीय वेि से आद्य पदार्ण में घूर्णन उत्पन्न हुआ। Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  6. 6. लाप्लास का नीहाररका ससद्धाांि • लाप्लास महान फ्ांसीसी िणर्तज्ञ र्े ष्िन्होने पृथ्वी की उत्पष्त्त से संबंधित नीहाररका लसद्धांत सन् 1796 में प्रस्तुत ककया। लाप्लास के अनुसार आद्य पदार्ण बहुत ही िमण र्ा तर्ा मंद िनत से घूर्णन कर रहा र्ा। इस िमण तर्ा मंद िनत से घूमते हुए िैस के बादल को नीहाररका कहते है। इसी के नाम पर इस पररकल्पना का नाम नीहाररका लसद्धांत रखा िया है। Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  7. 7. सौर मांडल का जन्म • सौर मंडल मंदाककनी(ळंसंिल) का एक छोटा सा भाि है। मंदाककनी में लाखों तारे होते हैं। हमारा सूयण भी एक छोटा सा तारा है। लाखों मंदाककननयााँ लमलकर ब्रह्माण्ड की रिना करती हैं। हमारी मंदाककनी को आकाश िंिा के नाम से पुकारा िाता हैं। ष्िस नीहाररका से सौरमंडल की रिना हुई है उसके कें द्र में दाब तर्ा तापमान इतना बढ़ िया कक इसमे आर्ववक प्रनतकक्रया आरंभ हो िई। मेघ में उपष्स्र्त कु छ हाइड्रोिन का संिलन हीललयम में हुआ ष्िसमे भारी मात्रा में उिाण ननमुण्त हुई । Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  8. 8. उपग्रहों की उत्पति (चांद्रमा) • िंद्रमा की उत्पनत के संबंि में वैज्ञाननकों ने लभन्न लभन्न प्रकार की पररकल्पनाएाँ प्रस्तुत की हैं। िंद्रमा से प्राप्त शैलो के ववककरर्लमनतक कालननिाणरर् से पता िलता हैं कक िंद्रमा का िन्म पृथ्वी के सार् ही हुआ र्ा। यह पृथ्वी से कम आयु का नहीं है बष्ल्क इसकी आयु पृथ्वी की आयु के बराबर ही है। अतः प्रत्यक्ष रूप से दो संभावनाएाँ हैं Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
  9. 9. उपग्रहों की उत्पति (चांद्रमा) • यह सूयण से िैसीय वपंड के रूप में अलि हुआ । आकार में छोटा होने का कारर् पृथ्वी की आकषणर् शष््त द्धारा खींि ललया िया । • पृथ्वी पर एक ववशाल उल्का वपंड के धिरने से यह पृथ्वी से टूटकर अलि हो िया । वह क्षेत्र िहााँ उल्का वपंड धिरा एक ववशाल ितण बन िया। इस ितण मे िल भर िया और इसने महासािर का रूप िारर् कर ललया। (अधिकांश वैज्ञाननकों के मतानुसार यह प्रशांत महासािर है)। िो भूखंड पृथ्वी से अलि होकर बाह्य अंतररक्ष में िला िया, िंद्रमा बन िया। Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM
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  11. 11. IASEXAMPORTAL Other Online Courses Online Course for Civil Services Preliminary Examination  सीसैट (CSAT) प्रारंलभक परीक्षा के ललए ऑनलाइन कोधिंि (पेपर - 2)  Online Coaching for CSAT Paper - 1 (GS)  Online Coaching for CSAT Paper - 2 (CSAT) Online Course for Civil Services Mains Examination General Studies Mains (NEW PATTERN - Paper 2,3,4,5) Public Administration for Mains For Know More Click Here: http://iasexamportal.com/civilservices/courses Click Here To Join Online IAS Pre Online Coaching www.iasexamportal.com © IASEXAMPORTAL.COM

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