योग का महत्त्व
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योग का महत्त्व योग का महत्त्व Presentation Transcript

  • योग क आसन े योग क कई आसन होते हैं| सब आसन शरीर क कई हहस्सो क लिए े े े होते हैं| नीचे योग क कछ आसान और मशहूर आसन दीये गए हैं| दे खो अगर े ु आप यह कर सकते हैं| https://www.youtube.com/watch?v=lM6Yu1Q6u8k
  • आसन 1.पश-पक्षी आसन : पहिे प्रकार क वे आसन जो पशु-पक्षक्षयों क उठने-बैठने, चिनेे े ु फिरने या उनकी आकृतत क आधार पर बनाए गए हैं जैसे- वश्चचक, भग, मयर, े ुंु ू ृ शिभ, मत्सस्य, गरुढ़, लसुंह, बक, कक्कट, मकर, हुं स, काक, माजााय आहद। ु ु 2.वस्तु आसन : दसरी तरह क आसन जो ववशेष वस्तओुं क अुंतगात आते हैं जैसेे े ू ु हि, धनष, चक्र, वज्र, लशिा, नौका आहद। ु 3.प्रकृ तत आसन : तीसरी तरह क आसन वनस्पतत और वक्षों आहद पर आधाररत हैं े ृ जैसे- वक्षासन, पद्मासन, ितासन, ताडासन, पवातासन आहद। ृ
  • 4.अुंग आसन : चौथी तरह क आसन ववशेष अुंगों को पष्ट करने वािे तथा अुंगों क नाम से े े ु सुंबुंधधत होते हैं-जैसे शीषाासन, एकपाद ग्रीवासन, हस्तपादासन, सवाांगासन, कधरासन, कहट चक्रासन, ुं पादाुंगुष्ठासन आहद। 5.योगी आसन : पाुंचवीुं तरह क वे आसन हैं जो फकसी योगी या भगवान क नाम पर आधाररत हैंे े जैसे महावीरासन, ध्रुवासन, मत्सस्येंद्रासन, अधामत्सस्येंद्रासन, हनमानासन, भैरवासन आहद। ु 6.अन्य आसन : इसक अिावा कछ आसन ऐसे हैं- जैसे चुंद्रासन, सूयनमस्कार, कल्याण आसन े ा ु आहद। इन्हें अन्य आसनों क अुंतगात रखा गया है । े