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Gurutva jyotish apr 2013
 

Gurutva jyotish apr 2013

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    Gurutva jyotish apr 2013 Gurutva jyotish apr 2013 Document Transcript

    • NON PROFIT PUBLICATIONगुरुत्ल कामाारम द्राया प्रस्तुत भासवक ई-ऩत्रिका अप्रेर- 2013Our Web Site: www.gurutvajyotish.com Font Help >> http://gurutvajyotish.blogspot.com
    • FREEE CIRCULARई- जन्भ ऩत्रिकागुरुत्ल ज्मोसतऴ ऩत्रिकाअप्रेर 2013वॊऩादकअत्माधुसनक ज्मोसतऴ ऩद्धसत द्रायाउत्कृ ष्ट बत्रलष्मलाणी के वाथ१००+ ऩेज भं प्रस्तुतसिॊतन जोळीवॊऩकागुरुत्ल ज्मोसतऴ त्रलबागगुरुत्ल कामाारम92/3. BANK COLONY,BRAHMESHWAR PATNA,BHUBNESWAR-751018,(ORISSA) INDIAपोनE HOROSCOPE91+9338213418,91+9238328785,ईभेरgurutva.karyalay@gmail.com,gurutva_karyalay@yahoo.in, Create By AdvancedAstrologyExcellent Prediction100+ Pages>> Order Now | Call Now | Email USलेफwww.gurutvakaryalay.comhttp://gk.yolasite.com/www.gurutvakaryalay.blogspot.com/ऩत्रिका प्रस्तुसतसिॊतन जोळी,स्लस्स्तक.ऎन.जोळीपोटो ग्राफपक्वफशॊदी/ English भं भूल्म भाि 750/-सिॊतन जोळी, स्लस्स्तक आटाशभाये भुख्म वशमोगी GURUTVA KARYALAYBHUBNESWAR-751018, (ORISSA) INDIACall Us – 91 + 9338213418, 91 + 9238328785Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in,gurutva.karyalay@gmail.comस्लस्स्तक.ऎन.जोळी (स्लस्स्तकवोफ्टेक इस्न्डमा सर)
    • अनुक्रभनल वॊलत्वय 2070 का ऩरयिम 7 वप्तश्र्लरोक दुगाा 34ऩॊिाॊग गणना का भूर आधाय? 9 दुगाा आयती 34नलदुगाा मॊि वला भॊगरकायी ल वौबाग्म दाम शं.. 10 सवद्धकुॊ स्जकास्तोिभ ् 35आद्यळत्रि के तीन िभत्कायी मॊि 12 दुगााष्टकभ ् 35देली कलि दुबााग्म को वौबाग्म भं फदर वकते शै 14 बलान्मष्टकभ ् 36भनोकाभना ऩूसता शेतु नलयाि भं देली को… 16 षभा-प्राथाना 36भाॉ दुगाा क कृ ऩा प्रासद्ऱ शेतु वयर वाधनाएॊ 18 दुगााष्टोत्तय ळतनाभ स्तोिभ ् 37नलयािी भाॉ को प्रवन्न कयने का वुनशया अलवय 21 त्रलश्वॊबयी स्तुसत 38नलयाि भं दव भशात्रलद्या क उऩावना… 22 ळाऩ त्रलभोिन भॊि 39नलयािी भं ग्रश ळाॊसत के वयर उऩाम 25 श्रीकृ ष्ण कृ त देली स्तुसत 40िैि नलयाि भं नलदुगाा आयाधना त्रलळेऴ परदामी 27 भाॊ के ियणं सनलाव कयते वभस्त शं तीथा 41दुलाा ऩूजन भं यखे वालधासनमाॊ 28 श्री भाका ण्डेम कृ त रघु दुगाा वद्ऱळती स्तोिभ ् 42िैि नलयाि व्रत त्रलळेऴ राबदामी शोता शं। 29 नल दुगाा स्तुसत 43नलयाि व्रत क वयर त्रलसध? 31 नलदुगाा यषाभॊि 43श्रीकृ ष्ण कृ त देली स्तुसत 33 देली उऩावना भं उऩमुि एलॊ सनत्रऴद्ध ऩि ऩुष्ऩ 44ऋग्लेदोि देली वूिभ ् 33 गुरु ऩुष्माभृत मोग 45शभाये उत्ऩादबाग्म रक्ष्भी फदब्फी 12 याळी यत्न 57भॊि सवद्ध स्पफटक श्री मॊि 13 भॊि सवद्ध रूद्राष 58भॊि सवद्ध दुराब वाभग्री एलॊ भारा 28 श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि / कलि 59वला कामा सवत्रद्ध कलि 46 याभ यषा मॊि 60शभाये त्रलळेऴ मॊि 47 जैन धभाके त्रलसळष्ट मॊि 61वलासवत्रद्धदामक भुफद्रका 48 घॊटाकणा भशालीय वला सवत्रद्ध भशामॊि 62द्रादळ भशा मॊि 49 अभोद्य भशाभृत्मुॊजम कलि 63ऩुरुऴाकाय ळसन मॊि एलॊ ळसन तैसतवा मॊि 52 याळी यत्न एलॊ उऩयत्न 63नलयत्न जफित श्री मॊि 53 वला योगनाळक मॊि/ 80श्री शनुभान मॊि 54 भॊि सवद्ध कलि 82लाशन दुघाटना नाळक भारुसत मॊि 54 YANTRA LIST 83त्रलसबन्न देलता एलॊ काभना ऩूसता मॊि वूसि 55 GEM STONE 85त्रलसबन्न देली एलॊ रक्ष्भी मॊि वूसि 55 PHONE/ CHAT CONSULTATION 86स्थामी औय अन्म रेखवॊऩादक म 4 दैसनक ळुब एलॊ अळुब वभम सान तासरका 76अप्रेर 2013 भासवक यासळ पर 64 फदन-यात के िौघफडमे 77अप्रेर 2013 भासवक ऩॊिाॊग 68 फदन-यात फक शोया - वूमोदम वे वूमाास्त तक 78अप्रेर 2013 भासवक व्रत-ऩला-त्मौशाय 70 ग्रश िरन अप्रेर 2013 79अप्रेर 2013-त्रलळेऴ मोग 76 शभाया उद्देश्म 88
    • त्रप्रम आस्त्भमफॊधु/ फफशनजम गुरुदेलवलाभॊगर-भाॊगल्मे सळलेवलााथावासधके ।ळयण्मे िमम्फके गौरय नायामस्ण नभोऽस्तुते॥वृत्रष्टस्स्थसत त्रलनाळानाॊ ळत्रिबूते वनातसन।गुणाश्रमे गुणभमे नायामस्ण नभोऽस्तुते॥अथाात: शे देली नायामणी आऩ वफ प्रकाय का भॊगर प्रदान कयने लारी भॊगरभमी शो। कल्माण दासमनी सळला शो। वफ ऩुरूऴाथं कोसवद्ध कयने लारी ळयणा गतलत्वरा तीन नेिं लारी गौयी शो, आऩको नभस्काय शं। आऩ वृत्रष्ट का ऩारन औय वॊशाय कयने लारीळत्रिबूता वनातनी देली, आऩ गुणं का आधाय तथा वलागुणभमी शो। नायामणी देली तुम्शं नभस्काय शै।इव भॊि के जऩ वे भाॉ फक ळयणागती प्राद्ऱ शोती शं। स्जस्वे भनुष्म के जन्भ-जन्भ के ऩाऩं का नाळ शोता शै। भाॊ जननीवृत्रष्ट फक आफद, अॊत औय भध्म शं।देली प्रऩन्नासताशये प्रवीद प्रवीद भातजागतोsस्खरस्म।ऩवीद त्रलश्वेतरय ऩाफश त्रलश्वॊ त्लभीश्चयी देली ियाियस्म।अथाात: ळयणागत फक ऩीिा दूय कयने लारी देली आऩ शभ ऩय प्रवन्न शं। वॊऩूणा जगत भाता प्रवन्न शं। त्रलश्वेश्वयी देली त्रलश्व फकयषा कयो। देली आऩ फश एक भाि ियािय जगत फक असधश्वयी शो।नलयाि के नौ फदनं भं तीन देत्रलमं क्रभळ् ऩालाती, रक्ष्भी औय वयस्लती औय देली के नौ रुऩं का कभळ्ळैरऩुिी, ब्रह्मािारयणी, िॊद्रघण्टा, कू ष्भाण्डा, स्कॊ दभाता, कात्मामनी, कारयात्रि, भशागौयी औय सवत्रद्धदािी का ऩूजन फकमाजाता शं। नलयािे के प्रथभ तीन फदन ऩालाती के तीन स्लरुऩं का ऩूजन फकमा जाता शं, अगरे तीन फदन भाॉ रक्ष्भी केस्लरुऩं का ऩूजन फकमा जाता शं औय आस्खयी के तीन फदन वयस्लती भाता के स्लरुऩं क ऩूजा क जाती शं। उवीप्रकाय नौ देलीमं को क्रभळ् प्रथभ फदन ळैरऩुिी, फद्रतीम फदन ब्रह्मािारयणी, तृतीम फदन िन्द्रघण्टा, ितुथा फदनकु ष्भाण्डा, ऩॊिभ् फदन स्कन्द भाता, ऴष्ठभ् फदन कात्मासमनी, वाद्ऱभ् फदन कारयात्रि, अष्टभ् फदन भशागौयी औय नौलं फदनसवत्रद्धदािी के रुऩ का ऩूजन फकमा जाता शं।नलयाि अथाात भाॉ दुगाा क उऩावना भं वभत्रऩात नौ यात। दुगाा का अथा शं, दुगासत नासळनी शं, जगत ्क उत्ऩत्रत्त,ऩारन एलॊ वॊिारन तीनं व्मलस्थाएॊ स्जव ळत्रि के आधीन वम्ऩाफदत शोती शै लश जगत जननी भाॉ आफदळत्रि बगलतीशं। भाॉ दुगाा के रुऩ अनॊत शं, रेफकन देली को प्रधान नौ रूऩं भं नलदुगाा के नाभ वे जाना जाता शं। आफद ळत्रि भाॉदुगाा वभग्र रोक भं अऩनी कृ ऩा औय करूणा लऴााती शै, भाॉ दुगाा अऩने बिं भं वद्द गुणं का त्रलकाव कयके उनभंअऩनी ळत्रि का वॊिाय कयते शुले वॊवाय के वभग्र प्रास्णमं का वॊिारन कयती शै।आज बौसतकता भं यत भनुष्म को अवॊखम उऩाम, ऩूजन, शलन, जऩ-तऩ के फाद बी भन क ळाॊसत नशीॊसभरती। ऐवे भं शय तयश वे सनयाळ औय शाया िुका भनुष्म मफद भाॊ दुगाा क ळयण रेता शै जो सनस्श्चत शी भाॉ दुगााउवक दुगासत का सनलायण कयती शी शै।क्मोफक, भाॉ आद्यळत्रि क कृ ऩा वे भनुष्म भं आत्भफर, द्दढ़ त्रलश्वाव, दमा, प्रेभ, बत्रि जैवे वद्गुणं का त्रलकाव
    • शोता शं। जीलन के इन्शीॊ भूल्मं को वभझ कय भनुष्म जीलन भं वच्िा वुख-ळाॊसत, लैबल, धन वॊऩदा को प्राद्ऱ कयताशै। अन्मथा इव वॊवाय के दरदर वे सनकरना उवके सरए वॊबल नशीॊ शै। इवसरए भनुष्म को अवॊबल को बी वॊबलकय फदखाने क ळत्रि देली कृ ऩा वे शी प्राद्ऱ शोती शं।भाॊ दुगाा का ऩूजन फशन्दू वॊस्कृ ती भं वलाासधक रोकत्रप्रम शं मशीॊ कायण शं क वैकिं लऴो वे देली दुगाा का ऩूजनछोटे-फिे वबी प्रादेसळक षेिं भं वलाासधक प्रिसरत यशा शं। देली दुगाा को आद्य ळत्रि बगलती का वाषात स्लरुऩ भानाजाता शं। देली दुगाा क भफशभा अऩयॊऩाय शं, जो अऩने बिं के दु्खं का नाळ कयने लारी, दुष्टं वे यषा कयने लारी एलॊअऩने बिं के वकर भनोयथ को सवद्ध कयने लारी वाषात देली शं।नलयाि के दौयान दव भशात्रलद्या का ऩूजन बी त्रलळेऴ भशत्लऩूणा भाना गमा शं क्मोक इन को देली दुगाा के शीदव रूऩ भाने जाते शं। दवं भशात्रलद्या भं शय भशात्रलद्या अऩनी अफद्रतीम ळत्रि वे भनुष्म के वभस्त वॊकटं को दूय कयनेलारी शं। इन दव भशात्रलद्याओॊ के भशत्ल को त्रलसबन्न धभाळास्त्रों भं अत्मॊत उऩमोगी औय भशत्लऩूणा भाना गमा शं।नलयािी के दौयान ग्रश ळाॊसत के उऩामो को कय के भनुष्म वबी अळुब ग्रश जसनत फाधाऔ को वयरता वे दूयकय वकता शं। नलयाि का वभम ग्रशं को ळाॊत कयने शेतु वलोत्तभ वभम भाना जाता शं। क्मोफक नलयािी के दौयानप्रकृ सत भं शोने लारे ऩरयलतान एलॊ वाभास्जक ऩरयलेळ के कायण भनुष्म क आध्मास्त्भक ळत्रि एलॊ उवक वॊमभ ळत्रिका अत्मासधक उच्ि स्तय क शोती शं। मफश कायण शं क इव दौयान फक जाने लारी वबी ऩूजा, उऩावना, वाधना आफदअत्मासधक राबप्रद भानी गई शं। मफद भनुष्म फकवी ग्रशं वे ऩीफित शो, तो लश इन नौ फदनं भं देली दुगाा के ऩूजन केवाथ भं मफद ग्रश ळाॊसत के उऩामो को कयके ळीघ्र राब प्राद्ऱ कय वकते शं, नलयाि ग्रश ळाॊसत के सरए बी उत्तभ वभमशोता शै।त्रलद्रानं का कथन शं क देली दुगाा शी वबी प्रकाय के भॊि, मॊि औय तॊि का भुख्म आधाय शं। धभा ळास्त्रों भंवभस्त भॊि, मॊि औय तॊि का उद्गभ देली आद्यळत्रि बगलती वे भाना गमा शं। मफद जन्भ कुॊ डरी (जातक/ जन्भ ऩिी)भं कोई ग्रश कभजोय शै मा अळुब बाल का स्लाभी शो एलॊ अन्म बाल को देख कय अऩना अळुब प्रबाल दे यशा शो तोजातक के सरए उव ग्रश को ळाॊत कयना आलश्मक शोता शं स्जस्वे ग्रश अऩना प्रसतकू र प्रबाल के स्थान ऩय अनुकू रप्रबाल प्रदान कयं।फकवी बी ग्रश के प्रबाल को अनुकू र फनाने का उत्तभ वभम नलयाि शं, नलयाि के दौयान ग्रश ळाॊसत केउऩामो द्राया ग्रश के अळुब प्रबाल को ळीघ्र एलॊ असत वयरता वे कभ फकमा जा वकता शं।इव अॊक भं प्रकासळत कलि वे वॊफॊसधत जानकायीमं के त्रलऴम भं वाधक एलॊ त्रलद्रान ऩाठको वे अनुयोध शं, मफद दळाामेगए कलि के राब, प्रबाल इत्मादी के वॊकरन, प्रभाण ऩढ़ने, वॊऩादन भं, फडजाईन भं, टाईऩीॊग भं, त्रप्रॊफटॊग भं, प्रकाळनभं कोई िुफट यश गई शो, तो उवे स्लमॊ वुधाय रं मा फकवी मोग्म ज्मोसतऴी, गुरु मा त्रलद्रान वे वराश त्रलभळा कय रे ।क्मोफक त्रलद्रान ज्मोसतऴी, गुरुजनो एलॊ वाधको के सनजी अनुबल त्रलसबन्न कलिो क सनभााण ऩद्धसत एलॊ प्रबालं कालणान कयने भं बेद शोने ऩय कलि क , ऩूजन त्रलसध एलॊ उवके प्रबालं भं सबन्नता वॊबल शं।आऩका जीलन वुखभम, भॊगरभम शो भाॊ बगलती क कृ ऩा आऩके ऩरयलाय ऩयफनी यशे। भाॊ बगलती वे मशी प्राथना शं…सिॊतन जोळी
    • 6 अप्रेर 2013***** लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत वूिना ***** ऩत्रिका भं प्रकासळत लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक भं देली उऩावना वे वॊफॊसधत रेख गुरुत्ल कामाारम केअसधकायं के वाथ शी आयस्षत शं। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक भं लस्णात रेखं को नास्स्तक/अत्रलश्वावु व्मत्रि भाि ऩठन वाभग्री वभझ वकतेशं। देली उऩावना का त्रलऴम आध्मात्भ वे वॊफॊसधत शोने के कायण बायसतम धभा ळास्त्रों वे प्रेरयत शोकय प्रस्तुतफकमा शं। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत त्रलऴमो फक वत्मता अथला प्राभास्णकता ऩय फकवी बी प्रकाय कस्जन्भेदायी कामाारम मा वॊऩादक फक नशीॊ शं। लावॊसतक नलयाि वे वॊफॊसधत वबी जानकायीक प्राभास्णकता एलॊ प्रबाल क स्जन्भेदायी कामाारम मावॊऩादक क नशीॊ शं औय ना शीॊ प्राभास्णकता एलॊ प्रबाल क स्जन्भेदायी के फाये भं जानकायी देने शेतुकामाारम मा वॊऩादक फकवी बी प्रकाय वे फाध्म शं। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत रेखो भं ऩाठक का अऩना त्रलश्वाव शोना आलश्मक शं। फकवी बीव्मत्रि त्रलळेऴ को फकवी बी प्रकाय वे इन त्रलऴमो भं त्रलश्वाव कयने ना कयने का अॊसतभ सनणाम स्लमॊ काशोगा। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत फकवी बी प्रकाय क आऩत्ती स्लीकामा नशीॊ शोगी। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत रेख शभाये लऴो के अनुबल एलॊ अनुळॊधान के आधाय ऩय फदएगमे शं। शभ फकवी बी व्मत्रि त्रलळेऴ द्राया प्रमोग फकमे जाने लारे लावॊसतक नलयाि, भॊि- मॊि मा अन्मप्रमोग मा उऩामोक स्जन्भेदायी नफशॊ रेते शं। मश स्जन्भेदायी लावॊसतक नलयाि, भॊि-मॊि मा अन्म प्रमोगमा उऩामोको कयने लारे व्मत्रि फक स्लमॊ फक शोगी। क्मोफक इन त्रलऴमो भं नैसतक भानदॊडं, वाभास्जक, कानूनी सनमभं के स्खराप कोई व्मत्रि मफद नीजीस्लाथा ऩूसता शेतु प्रमोग कताा शं अथला प्रमोग के कयने भे िुफट शोने ऩय प्रसतकू र ऩरयणाभ वॊबल शं। लावॊसतक नलयाि त्रलळेऴाॊक वे वॊफॊसधत जानकायी को भाननने वे प्राद्ऱ शोने लारे राब, राब क शानी माशानी क स्जन्भेदायी कामाारम मा वॊऩादक क नशीॊ शं। शभाये द्राया ऩोस्ट फकमे गमे वबी देली उऩावना क जानकायी एलॊ भॊि-मॊि मा उऩाम शभने वैकडोफायस्लमॊ ऩय एलॊ अन्म शभाये फॊधुगण ऩय प्रमोग फकमे शं स्जस्वे शभे शय प्रमोग मा कलि, भॊि-मॊि माउऩामो द्राया सनस्श्चत वपरता प्राद्ऱ शुई शं।असधक जानकायी शेतु आऩ कामाारम भं वॊऩका कय वकते शं।(वबी त्रललादो के सरमे के लर बुलनेश्वय न्मामारम शी भान्म शोगा।)
    • 7 अप्रेर 2013नल वॊलत्वय 2070 का ऩरयिम स्लस्स्तक.ऎन.जोळीनल लऴा िैि ळुक्र प्रसतऩदा 11-अप्रैर-2013 वे ळुरू शोने लारेत्रलक्रभ वॊलत 2070 का नाभ ऩयाबल शै। त्रलक्रभ वॊलत 2070 कळुरुआत सवॊश रग्न भं शोगी। फशन्दू ऩॊिाॊग के अनुवाय प्रसत लऴा फदरनेलारे वॊलत्वय के वाथ अरग-अरग ग्रश वॊलत्वय के स्लाभी, याजा लभॊिी सनधाारयत शोते शं, उन्शी ग्रशं का अवय रोगं ऩय लऴा बय फदखाईदेता शै। ऩयाबल वॊलत का याजा गुरु (फृशस्ऩसत) ल भॊिी ळसनदेल शंगे।ज्मोसतऴीम गणना के आधाय ऩय नल वॊलत्वय के सरए ग्रशं के त्रलबागंका फॊटलाया शो िुका शं। इव वॊलत का स्लाभी गुरु शै ज्मोसतत्रऴमगणनाओॊ के अनुवाय मश लऴा वॊघऴा बया यशेगा।वत्ता ऩष भं वेलायत रोगं के सरए लऴा अच्छा नशीॊ शं। वत्ताऩष वे जुिे रोगं के फीि भं आऩवी भतबेद फढ़ेगे अन्म रोगो उव काराब उठाएॊगे।ळुक्र एलॊ िॊद्र दोनं वुख, वभृत्रद्ध एलॊ वौन्दमा प्रधान ग्रश, शोने के कायणअऩने ऩदं ऩय आसवत शो कय ऩूये वारबय रोगं का वुख, ऐश्वमा, आफदके प्रसत त्रलळेऴ झुकाल यशेगा। इव लऴा ग्रश स्स्थती के अनुवाय कृ त्रऴ औयलऴाा क स्स्थसत बी उत्तभ यशने के वॊके त सभर यशे शं। दुग्ध औय डेयी वेवॊफॊसधत कामा वे जुडे रोगं को त्रलळेऴ राब क प्रासद्ऱ शोगी। इव लऴागुरु (फृशस्ऩसत) याजा शोने वे सळषा षेि का खुफ प्रिाय-प्रवाय एलॊत्रलकाव शोने का मोग फनेगा। इव लऴा अध्ममन कामा एलॊ आध्मास्त्भककामं वे जुडे रोगं त्रलळेऴ राब क प्रासद्ऱ शोने के मोग फन यशे शं। इवलऴा ळसन भॊिी शोने के कायण देळ क न्माम प्रणारी भं नमे फदरालएलॊ भजफूती शोने क ऩूणा वॊबालनाएॊ शं। भफशराओॊ का प्रबुत्ल फढ़ेगा,भफशराओॊ के असधकायं भं लृत्रद्ध शोगी। वभास्जक, धासभाक कामं वे जुिेरोगं के सरए मश लऴा त्रलळेऴ राबप्रद यशेगा।वॊलत्वय 2070 का भॊत्रिभॊडरगुरु याजा, ळुक्र दुगेळ, भेघेऴ ल परेळ,भॊिी ळसन, वूमा धान्मेळ लभॊगर ळश्मेळ, िॊद्र धनेळ शंगे।
    • 8 अप्रेर 2013यासळमं ऩय प्रबाल ग्रशो का प्रबाल।भेऴ- धन राब के मोग अच्छे शं त्रलसबन्न वुख-वाधन क प्रासद्ऱ शोगी।लृऴब- आऩके वुख वाधनं के वाथ वाभास्जक भान-वम्भान भं बी लृत्रद्ध शोगी।सभथुन- योजगाय षेि भं उत्तभ राब क प्रासद्ऱ शोगी, धासभाक मािाएॊ राबप्रद यशेगी।कका - स्लास््म भध्मभ यशेगा, आसथाक लऴा बय आकस्स्भक राब सभरता यशेगा।सवॊश- ऩुयानी ऩयेळासनमं वे छु टकाया सभरेगा, ऩारयलायीक वुख भे लृत्रद्ध शोगी।कन्मा- रुके शुले कामं भं वपरता प्राद्ऱ शोने वे आसथाक स्स्थती वुधयेगी।तुरा- स्लास््म वॊफॊसधत वभस्मा यशेगी, वॊतान ऩष वे वुख क प्रासद्ऱ शोगी।लृस्श्चक- कफठन प्रमावं के अनुरुऩ राब प्राद्ऱ शोगा, ऩारयलायीक रयश्तं भं वुधाय शोगा।धनु - एकासधक स्त्रोोत वे धन राब क प्रासद्ऱ वे त्रलसबन्न वुखं क प्रासद्ऱ शोगी।भकय- कामा षेि भं वपरता सभरेगी आसथाक राब प्राद्ऱ शोगा।कुॊ ब- आऩक भशत्लऩूणा मोजनाएॊ ऩूणा शोगी, त्रलळेऴ राब क प्रासद्ऱ शोगी।भीन- छोटी-भोटी रुकालटं के उऩयाॊत बी आसथाक राब प्राद्ऱ शोता यशेगा।वबी प्रकाय के वुख-ळाॊसत एलॊ वभृत्रद्ध के सरए अऩने ऩूजन स्थान भं ळुद्ध घी का दीऩक जराएॊ, इस्वे आने लारे लऴा बयवुख-वभृत्रद्ध क प्रासद्ऱ शोती यशेगी। फकवी धभास्थर ऩय ऩूजन कय ऩॊिाॊग आदी धासभाक ऩुस्तल ल ग्रॊथो का दान तथाउवक परश्रुसत वुनने वे गॊगा स्नान के वभान पर प्राद्ऱ शोता शं।ऩयाबल वॊलत्वय का पर फताते शुले ळास्त्रोकायं ने इव प्रकाय फतामा शं।:-ऩयदाययतश्चैल ळठ् स्लऩयफान्धल्।ऩयाबलवभुद़्बूत् धनधान्मत्रललस्जॊत्॥अथाात: स्जव जातक का जन्भ ऩयाबल नाभ के वॊलत्वय भं शोता शं, लश ऩयाई स्त्रोी वे प्रीसत कयने लारा, धूता, अऩने लऩयामे जनं का फान्धल औय धनधान्म वे यफशत शोता शं।ऩयाबल वॊलत्वय भं उत्ऩन्न जातक असधक फुत्रद्धभान औय सानी नशीॊ शो वकते। जातक का आियण बी स्लजनं वे औयत्रप्रमजनं वे अनुसित यशता शं, जातक कटु बाऴी शोता शं, इव सरए जातक वे उवके वॊफॊसध बी उवका वाथ छोि वकतेशं। एवे जातक के वभाज भं अनादय शोते देखा जा वकता शं। जातक क आम के स्त्रोोत बी वीसभत शोते शं, मफद स्त्रोोतशो बी तो उवभं उवे उसित राब नशीॊ शो वकता। जातक का जीलन त्रलसबन्न वभस्माओॊ वे ग्रस्त शो वकता शं। मफदजन्भ कु ण्डरी भं अन्म ग्रश स्स्थती अनुकू र शो तो अळुब प्रबाल भं कभी आती शं।
    • 9 अप्रेर 2013ऩॊिाॊग का भूर आधाय? स्लस्स्तक.ऎन.जोळी, त्रलजम ठाकु यफशन्दू वॊस्कृ सत भं ऩॊिाॊग का त्रलळेऴ भशत्ल शै। शभाये मशाॊ ऩॊिाॊग भं लस्णात सतसथ, ऩष, ग्रश, नषि आफद कस्स्थती के आधाय ऩय जीलन के त्रलसबन्न 16 वॊस्कायं वे रेकय मािा इत्माफद कामं शेतु बी ळुब भुशूता का िमनकयने ऩय त्रलळेऴ जोय फदमा जाता शं।ळुब भुशूता देखने का भुख्म उद्देश्म शोता शं क व्मत्रि को अऩने ळुब कामा भे सनस्श्चत वपरता प्राद्ऱ शो वकेभुख्मत् अमन, त्रलऴुल, ऋतु, वूमा एलॊ िॊद्र, ऩष, सतसथ, नषि, कयण, मोग, वूमोदम ल िॊद्रोदम, फदनभान, यात्रिभानऔय ऩॊिाॊग के भुख्म अॊग भाने जाते शं। उऩयोि वबी भशत्लऩूणा स्स्थतीमं का गस्णत के आधाय ऩय वूक्ष्भत्रलश्लेऴण फकमा जाता शै।त्रलद्रानो के भत वे लैफदक प्रणारी भं इनका कोई त्रलळेऴ सनदेळ नशीॊ शै। रेफकन कारगणना भं ऩरयळुद्धता केसरए इन्शं अऩनामा जाता शं।ऩृ्ली वूमा के आकऴाण वे सनधाारयत एक सनमत भागा भं वतत भ्रभण कयती शै। वाधायणत् ऩृ्ली वे वूमास्जव भागा ऩय िरता शुआ प्रतीत शोता शै, उवे ज्मोसतऴ क ऩारयबात्रऴक ळब्दालरी भं क्राॊसतलृत्त अथाात एकसरस्प्टक(Ecliptic) कशते शं। इव क्राॊसतलृत्त भागा के 9 अॊळ वे फने त्रलस्ताय को बिक्र कशते शं। ऩृ्ली क सनमत गसत केकायण शी अमन, त्रलऴुल, ऋतु एलॊ फदन-यात शोते शं।वॊक्राॊसत सनधाायण औय ऩॊिाॊग क ऩरयळुद्धता भं अमन औय त्रलऴुल सतसथमं क बूसभका प्रभुख भानी जातीशं। स्जव प्रकाय ऩृ्ली का वॊफॊध वूमा क्राॊसतलृत्त वे यशता शै उवी प्रकाय ऩृ्ली का वॊफॊध वे िॊद्र अऩने सनस्श्चत भाग्रभं भ्रभण कयता शै। अन्म ग्रशो क अऩेषा िॊद्र असत ळीघ्र गसत कयता शै इव सरए िॊद्र जफ वूमा वे 12 अॊळं केअॊतय ऩय आता शै, तफ एक सतसथ का क्रभ ऩूया शो जाता शै। इव प्रकाय क्रभळ् 12-12 अॊळं के अॊतय वे सनमसभतसतसथमाॊ फदरती शं।बायसतम वॊस्कृ सत भे भुशूता का भशत्लबायसतम वॊस्कृ सत भे भुशूता का त्रलळेऴ भशत्ल शं। शभाये ऋत्रऴ-भुसन त्रलद्रान आिामं ने जन्भ वे अॊत्मेत्रष्ट(भृतव्मत्रि फक अॊसतभ फक्रमा) तक वबी वॊस्कायं एलॊ अन्म वबी भाॊगसरक कामं के सरए भुशूता का त्रलधान आलश्मकफतामा गमा शं।फकवी कामा त्रलळेऴ भं वपरता फक द्ऱासद्ऱ शेतु सनस्श्चत भुशूता का िुनाल फकमा जाता शं। बायतीमज्मोसतऴ सवद्धान्त के अनुळाय शय भुशूता का अऩना लैसासनक प्रबाल एलॊ भशत्ल शं। कोई बी व्मत्रि इन भुशूता केप्रबाल एलॊ भशत्ल के फाये भे ऩूणा जानकायी प्राद्ऱ कय व्मत्रि अऩने फकवी बी कामा उद्देश्म भं त्रलळेऴ वपरता प्रासद्ऱशेतु उसित भुशूता का िुनाल कय वपरता प्रासद्ऱ फक वॊबालना फढा वकते शं। एलॊ ज्मोसतऴीम भत वे ळुब पर प्रदानकयने लारे भुशूता भं फकमे गमे कामो भं उव कामा क वपरता क वॊबालना कई गुणा फढ़ जाती शै।प्राम् शय भुशूता का सनणाम ब्रह्माॊड भं स्स्थत ग्रशो फक स्स्थसतमं फक गणना कय फकमा जाता शं। बायसतमवॊस्कृ सत भं प्राम् शय ळुब कामा भं बायत के प्रभुख 16 वॊस्कायो को वॊऩन्न कयने शेतु भुशूता का िुनाल असतआलश्मक भाना गमा शं। क्मोफक ळुबा भुशूता भं फकमे गमे शय ळुब कामा अत्मासधक ळुब पर प्रदान कयने लारेशोते शं।
    • 10 अप्रेर 2013नलदुगाा मॊि वला भॊगरकायी ल वौबाग्म दाम शं.. सिॊतन जोळीळैरऩुिीभाॊ के ळैरऩुिी को ऩलातयाज (ळैरयाज) फशभारम के मशाॊऩालाती रुऩ भं जन्भ रेने वे बगलती को ळैरऩुिी कशाजाता शं। भाॊ ळैरऩुिी को ळास्रों भं तीनो रोक के वभस्तलन्म जील-जॊतुओॊ का यषक भाना गमा शं। इवी कायण वेलन्म जीलन जीने लारी वभ्मताओॊ भं वफवे ऩशरेळैरऩुिी के भॊफदय क स्थाऩना क जाती शं स्जव वंउनका सनलाव स्थान एलॊ उनके आव-ऩाव के स्थानवुयस्षत यशे। भाॊ ळैरऩुिी का ऩूजन कयने लारे व्मत्रि कोशभेळा धन-धान्म वे वॊऩन्न यशता शं। अथाात उवे स्जलनभं धन एलॊ अन्म वुख-वाधनो को कभी भशवूव नशीॊशोतीॊ।ब्रह्मिारयणीभाॊ ब्रह्मिारयणी को त्रलद्रानं ने तऩ का आियण कयनेलारी बगलती शं शोने के कायण उन्शं ब्रह्मिारयणी कशा शं।क्मोफक ब्रह्म का अथा शं तऩ। ळास्त्रोो भं भाॊ ब्रह्मिारयणी कोवभस्त त्रलद्याओॊ क साता भाना गमा शं। धासभाकभान्मताके अनुवाय देली ने बगलान सळल को प्राद्ऱ कयनेके सरए 1000 वार तक सवपा पर खाकय तऩस्मा यतयशीॊ औय 3000 वार तक सळल फक तऩस्मा सवपा ऩेिं वेसगयी ऩत्रत्तमाॊ खाकय फक, उनक इवी कफठन तऩस्मा केकायण उन्शं ब्रह्मिारयणी नाभ वे जाना गमा। ब्रह्मिारयणीका ऩूजन कयने लारे व्मत्रि को अनॊत पर फक प्रासद्ऱशोती शं। व्मत्रि भं तऩ, त्माग, वदािाय, वॊमभ जैवे वद्गुणं फक लृत्रद्ध शोती शं।िन्द्रघण्टािन्द्रघण्टा का स्लरूऩ ळाॊसतदामक औय ऩयभ कल्माणकायीशं। िन्द्रघण्टा के भस्तक ऩय घण्टे के आकाय काअधािन्द्र ळोसबत यशता शं। इव सरमे भाॊ को िन्द्रघण्टादेली कशा जाता शं। इनके घण्टे वी बमानक प्रिॊड ध्लसनवे अत्मािायी दैत्म, दानल, याषव ल दैल बमसबत यशतेशं। िन्द्रघण्टा का ऩूजन कयने वे व्मत्रि का भस्णऩुय िक्रजाग्रत शो जाता शं। देली क उऩावना वे व्मत्रि को वबीऩाऩं वे भुत्रि सभरती शं उवे वभस्त वाॊवारयक आसध-व्मासध वे भुत्रि सभरती शं। इवके उऩयाॊत व्मत्रि कोसियामु, आयोग्म, वुखी औय वॊऩन्न शोनता प्राद्ऱ शोती शं।व्मत्रि के वाशव एल त्रलयता भं लृत्रद्ध शोती शं। व्मत्रि स्लयभं सभठाव आती शं उवके आकऴाण भं बी लृत्रद्ध शोती शं।िन्द्रघण्टा को सान क देली बी भाना गमा शै।कू ष्भाण्डाकू ष्भाण्डा देली ने अऩनी भॊद शॊवी द्राया ब्रह्माण्ड कोउत्ऩन्न फकमा था इवीके कायण इनका नाभ कू ष्भाण्डादेली यखा गमा। ळास्त्रोोि उल्रेख शं, फक जफ वृत्रष्ट काअस्स्तत्ल नशीॊ था, तो िायं तयप सवपा अॊधकाय फश था।उव वभम कू ष्भाण्डा देली ने अऩने भॊद वे शास्म वेब्रह्माॊड फक उत्ऩत्रत्त फक। कू ष्भाण्डा देली को जीलन फकळत्रि प्रदान कयता भाना गमा शं। कू ष्भाण्डा देली काऩूजन कयने लारे व्मत्रि का अनाशत िक्र जाग्रत शो शं।भाॊ कू ष्भाण्डा के ऩूजन वे वबी प्रकाय के योग, ळोक औयक्रेळ वे भुत्रि सभरती शं, उवे आमुष्म, मळ, फर औयफुत्रद्ध प्राद्ऱ शोती शं।स्कॊ दभातास्कॊ दभाता कु भाय अथाात ् कासताके म क भाता शोने केकायण, उन्शं स्कन्दभाता के नाभ वे जाना जाता शं।स्कॊ दभाता का स्लरुऩ ऩयभ कल्माणकायी भनागमा शं।देली का ऩूजन कयने लारे व्मत्रि का त्रलळुद्ध िक्र जाग्रतशोता शं। व्मत्रि फक वभस्त इच्छाओॊ क ऩूसता शोती शं एलॊजीलन भं ऩयभ वुख एलॊ ळाॊसत प्राद्ऱ शोती शं।
    • 11 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध दुराब वाभग्रीशत्था जोडी- Rs- 370 घोडे क नार- Rs.351 भामा जार- Rs- 251सवमाय सवॊगी- Rs- 370 दस्षणालतॉ ळॊख- Rs- 550 इन्द्र जार- Rs- 251त्रफल्री नार- Rs- 370 भोसत ळॊख- Rs- 550 धन लृत्रद्ध शक क वेट Rs-251GURUTVA KARYALAYCall Us: 91 + 9338213418, 91 + 9238328785,Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com >> Order Nowकात्मामनीभशत्रऴा कात्मामन क ऩुिी शोने के कायण उन्शं कात्मामनीके नाभवे जाना जाता शं। भाॊ का ऩूजन कयने लारे व्मत्रिका आसा िक्र जाग्रत शोता शं। देली कात्मामनी के ऩूजनवे योग, ळोक, बम वे भुत्रि सभरती शं। कात्मामनी देलीको लैफदक मुग भं मे ऋत्रऴ-भुसनमं को कष्ट देने लारे यष-दानल, ऩाऩी जील को अऩने तेज वे शी नष्ट कय देने लारीभाना गमा शं। कात्मामनी मन्ि के ऩूजन वे ळीघ्र त्रललाशके मोग फनने रगते शं एलॊ त्रललाश भं आने लारी फाधामेदूय शोती शं।कारयात्रिभाॊ कारयात्रि देली के ळयीय का यॊग घने अॊधकाय फक तयशएकदभ कारा शं, सवय के फार पै राकय यखने लारी शं।भाॊ कारयात्रि का ऩूजन कयने लारे व्मत्रि का बानु िक्रजाग्रत शोता शं। कारयात्रि के ऩूजन वे अस्ग्न बम,आकाळ बम, बूत त्रऩळाि इत्मादी ळत्रिमाॊ कारयात्रि देलीके स्भयण भाि वे शी बाग जाते शं, कारयात्रि का स्लरूऩदेखने भं अत्मॊत बमानक शोते शुले बी वदैल ळुब परदेने लारा शोता शं, इव सरमे कारयात्रि को ळुबॊकयी केनाभवे बी जाना जाता शं। कारयात्रि ळिु एलॊ दुष्टं कावॊशाय कय ने लारी देली शं।भशागौयीभशागौयी स्लरूऩ उज्जलर, कोभर, श्वेतलणाा तथा श्वेतलस्त्रोधायी शं। भशागौयी गामन एलॊ वॊगीत वे प्रवन्न शोनेलारी भशागौयी भाना जाता शं। भशागौयी का ऩूजन कयनेलारे व्मत्रि का वोभिक्र जाग्रत शोता शं। भशागौयी केऩूजन वे व्मत्रि के वभस्त ऩाऩ धुर जाते शं। भशागौयी केऩूजन कयने लारे वाधन के सरमे भाॊ अन्नऩूणाा के वभान,धन, लैबल औय वुख-ळाॊसत प्रदान कयने लारी एलॊ वॊकटवे भुत्रिफदरा ने लारी देली भशागौयी शं।सवत्रद्धदािीदेली सवत्रद्धदािी का स्लरूऩ कभर आवन ऩय त्रलयास्जत,िाय बुजा लारा, दाफशनी तयप के नीिे लारे शाथ भं िक्र,ऊऩय लारे शाथ भं गदा, फाई तयप वे नीिे लारे शाथ भंळॊख औय ऊऩय लारे शाथ भं कभर ऩुष्ऩ वुळोसबत यशतेशं। देली सवत्रद्धदािी का ऩूजन कयने लारे व्मत्रि कासनलााण िक्र जाग्रत शोता शं। सवत्रद्धदािी के ऩूजन वेव्मत्रि फक वभस्त काभनाओॊ फक ऩूसता शोकय उवे ऋत्रद्ध,सवत्रद्ध फक प्रासद्ऱ शोती शं। ऩूजन वे मळ, फर औय धन फकप्रासद्ऱ कामो भं िरे आ यशे फाधा-त्रलध्न वभाद्ऱ शो जातेशं। व्मत्रि को मळ, फर औय धन फक प्रासद्ऱ शोकय उवे भाॊफक कृ ऩा वे धभा, अथा, काभ औय भोष फक बी प्रासद्ऱस्लत् शो जाती शं।त्रलद्रानं के भातानुळाय भाॊ दुगाा के इन नौ-रुऩं क कृ ऩाप्राद्ऱ कयने का वयर उऩाम नलदुगाा मन्ि क स्थाऩना एलॊऩूजन एलॊ दळान वे त्रलळेऴ परं क प्रासद्ऱ शोती शं।***>> Order Now | Call Now | Email US
    • 12 अप्रेर 2013बाग्म रक्ष्भी फदब्फीवुख-ळास्न्त-वभृत्रद्ध क प्रासद्ऱ के सरमे बाग्म रक्ष्भी फदब्फी :- स्जस्वे धन प्रसद्ऱ, त्रललाश मोग,व्माऩाय लृत्रद्ध, लळीकयण, कोटा किेयी के कामा, बूतप्रेत फाधा, भायण, वम्भोशन, तास्न्िकफाधा, ळिु बम, िोय बम जेवी अनेक ऩयेळासनमो वे यषा शोसत शै औय घय भे वुख वभृत्रद्धफक प्रासद्ऱ शोसत शै, बाग्म रक्ष्भी फदब्फी भे रघु श्री फ़र, शस्तजोडी (शाथा जोडी), सवमायसवन्गी, त्रफस्ल्र नार, ळॊख, कारी-वफ़े द-रार गुॊजा, इन्द्र जार, भाम जार, ऩातार तुभडीजेवी अनेक दुराब वाभग्री शोती शै।भूल्म:- Rs. 1250, 1900, 2800, 5500, 7300, 10900 भं उप्रब्द्ध >> Order Now .गुरुत्ल कामाारम वॊऩका : 91+ 9338213418, 91+ 9238328785cआद्यळत्रि के तीन िभत्कायी मॊि सिॊतन जोळीदुगाा फीवा मॊिळास्त्रोोि भत के अनुळाय दुगाा फीवा मॊि दुबााग्मको दूय कय व्मत्रि के वोमे शुले बाग्म को जगाने लाराभाना गमा शं। दुगाा फीवा मॊि द्राया व्मत्रि को जीलन भंधन वे वॊफॊसधत वॊस्माओॊ भं राब प्राद्ऱ शोता शं। जोव्मत्रि आसथाक वभस्मावे ऩयेळान शं, लश व्मत्रि मफदनलयािं भं प्राण प्रसतत्रष्ठत फकमा गमा दुगाा फीवा मॊि कोस्थासद्ऱ कय रेता शं, तो उवक धन, योजगाय एलॊव्मलवाम वे वॊफॊधी वबी वभस्मं का ळीघ्र शी अॊत शोनेरगता शं। नलयाि के फदनो भं प्राण प्रसतत्रष्ठत दुगाा फीवामॊि को अऩने घय-दुकान-ओफपव-पै क्टयी भं स्थात्रऩतकयने वे त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शं, व्मत्रि ळीघ्र शी अऩनेव्माऩाय भं लृत्रद्ध एलॊ अऩनी आसथाक स्स्थती भं वुधाय शोतादेखंगे। वॊऩूणा प्राण प्रसतत्रष्ठत एलॊ ऩूणा िैतन्म दुगाा फीवामॊि को ळुब भुशूता भं अऩने घय-दुकान-ओफपव भंस्थात्रऩत कयने वे त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शं।भूल्म 730 वे: 10900 >> Order Nowश्रीदुगाा मॊिश्रीदुगाा मॊि ळत्रि एलॊ बत्रि के वाथ वभस्तवाॊवारयक वुखं को प्रदान कयने लारा वलाासधक रोकत्रप्रममॊि शं। अळुब ळत्रिमं के दुष्प्रबाल वे फिने के सरए भाॊदुगाा क ऩूजा कयने वे त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शै। श्रीदुगाामॊि का ऩूजन व्मत्रि को धभा, अथा, काभ औय भोष इनिाय क प्रासद्ऱ भं बी वशामक सवद्ध शोता शं।ळास्त्रोोि लणान शं क देली दुगाा के श्रीदुगाा मॊि केऩूजन औय दळान कयने भाि वे देली प्रवन्न शोकय अऩनेबिं क असबष्ट इच्छाएॊ ऩूणा शोती शं। भाॉ दुगाा के बिोक भाॉ स्लमॊ यषा कय उन ऩय अऩनी कृ ऩा द्रष्टी लऴााती शंऔय बिं को उन्नती के सळखय ऩय जाने का भागाप्रवस्त कयती शं। भाॉ दुगाा के बिो को देली क ळीघ्रकृ ऩा प्रासद्ऱ शेतु श्रीदुगाा मॊि को अऩने घय, दुकान, ओफपवइत्माफद भं ऩूजा स्थन भं स्थात्रऩत कयना िाफशमे।त्रलद्रानो का भत शं क श्रीदुगाा मॊि के ऩूजन वेभनुष्म को लाक् सवत्रद्ध, वॊतान प्रासद्ऱ, ळिु ऩय त्रलजम,ऋण-योग आफद ऩीडा़ वे भुत्रि प्राद्ऱ शोती शं औय व्मत्रिको जीलन भं वॊऩूणा वुखं क प्रासद्ऱ शो इव के सरमे मशश्रीदुगाा मॊि अिूक एलॊ सवत्रद्धदामक भाना गमा शं। फकवीबी प्रकाय के वॊकट मा फाधा क आळॊका शोने ऩय इवमॊि का सनमसभत ऩूजन कयने वे व्मत्रि को वबी प्रकाय कफाधा वे भुत्रि सभरती शं औय धन-धान्म क प्रासद्ऱ शोती शं।
    • 13 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध स्पफटक श्री मॊि"श्री मॊि" वफवे भशत्लऩूणा एलॊ ळत्रिळारी मॊि शै। "श्री मॊि" को मॊि याज कशा जाता शै क्मोफक मश अत्मन्त ळुबफ़रदमी मॊि शै। जो न के लर दूवये मन्िो वे असधक वे असधक राब देने भे वभथा शै एलॊ वॊवाय के शय व्मत्रि के सरएपामदेभॊद वात्रफत शोता शै। ऩूणा प्राण-प्रसतत्रष्ठत एलॊ ऩूणा िैतन्म मुि "श्री मॊि" स्जव व्मत्रि के घय भे शोता शै उवके सरमे"श्री मॊि" अत्मन्त फ़रदामी सवद्ध शोता शै उवके दळान भाि वे अन-सगनत राब एलॊ वुख क प्रासद्ऱ शोसत शै। "श्री मॊि" भेवभाई अफद्रतीम एलॊ अद्रश्म ळत्रि भनुष्म क वभस्त ळुब इच्छाओॊ को ऩूया कयने भे वभथा शोसत शै। स्जस्वे उवकाजीलन वे शताळा औय सनयाळा दूय शोकय लश भनुष्म अवफ़रता वे वफ़रता फक औय सनयन्तय गसत कयने रगता शै एलॊउवे जीलन भे वभस्त बौसतक वुखो फक प्रासद्ऱ शोसत शै। "श्री मॊि" भनुष्म जीलन भं उत्ऩन्न शोने लारी वभस्मा-फाधा एलॊनकायात्भक उजाा को दूय कय वकायत्भक उजाा का सनभााण कयने भे वभथा शै। "श्री मॊि" क स्थाऩन वे घय मा व्माऩाय केस्थान ऩय स्थात्रऩत कयने वे लास्तु दोऴ म लास्तु वे वम्फस्न्धत ऩयेळासन भे न्मुनता आसत शै ल वुख-वभृत्रद्ध, ळाॊसत एलॊऐश्वमा फक प्रसद्ऱ शोती शै।गुरुत्ल कामाारम भे "श्री मॊि" 12 ग्राभ वे 2250 Gram (2.25Kg) तक फक वाइज भे उप्रब्ध शै.भूल्म:- प्रसत ग्राभ Rs. 10.50 वे Rs.28.00 >>Order NowGURUTVA KARYALAYCall us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Visit Us: www.gurutvakaryalay.com www.gurutvajyotish.com and gurutvakaryalay.blogspot.comश्रीदुगाा मॊि क ऩूजा एलॊ स्थाऩना के सरए आस्श्वनएलॊ िैि नलयािी त्रलळेऴ राब प्रद शं। क्मोफक नलयाि कोआद्य् ळत्रि क उऩावना का भशाऩला भाना गमा शं।भूल्म 730 वे: 10900 >> Order Nowनलाणा मॊि (िाभुॊडा मॊि)मफद कोई व्मत्रि दु:ख, दरयद्रता औय बम वेअत्मासधक ऩयेळान शो, औय िाशकय बी मा ऩयीश्रभ केउऩयाॊत बी उवी लाॊस्च्छत वपरता प्राद्ऱ नशीॊ शो यशी शंतो उवे नलाणा मॊि औय भॊि का प्रमोग कयना िाफशए।फकवी बी प्रकाय के जादू-टोना, योग, बम, बूत, त्रऩळाच्ि,डाफकनी, ळाफकनी आफद वे भुत्रि फक प्रासद्ऱ के सरमे भाॊदुगाा के नलाणा मॊि का त्रलसध-त्रलधान वे ऩूजन-अिानवलादा परदामक शोता शै। दुगाा दुखं का नाळ कयने लारीशं। इवसरए नलयात्रि के फदनो भं जफ उनक ऩूजा ऩूणाश्रद्धा औय त्रलश्वाव वे फक जाती शं, तो भाॊ दुगाा फक प्रभुखनौ ळत्रिमाॉ जाग्रत शो जाती शं, स्जववे नलं ग्रशं कोसनमॊत्रित कयती शं, स्जववे नौग्रशं वे प्राद्ऱ शोने लारेअसनष्ट प्रबाल वे यषा शोकय ग्रश जनीत ऩीडाएॊ बी ळाॊतशो जाती शं।नलाणा भॊि: ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ िाभुॊडामै त्रलच्िेनल अषयं लारे इव अद्भुत नलाणा भॊि के शयअषय भं देली दुगाा फक एक-एक ळत्रि वभामी शुई शं,स्जव का वॊफॊध एक-एक ग्रशं वे शं।मफद कोई भनुष्म अत्मासधक कष्ट मा वॊकटं वेग्रस्त शो तो उवे प्रसतफदन स्नान इत्माफदवे ळुद्ध शोकयनलाणा मॊि के वम्भुख नलाणा भॊि का जाऩ 108 दाने फकभारा वे कभ वे कभ तीन भारा जाऩ अलश्म कयनािाफशए। भूल्म 730 वे: 10900 >> Order Now
    • 14 अप्रेर 2013देली कलि दुबााग्म को वौबाग्म भं फदर वकते शै… स्लस्स्तक.ऎन.जोळीदव भशा त्रलद्या कलिDus Mahavidya Kawachदव भशा त्रलद्या कलि को देली दव भशा त्रलद्याक ळत्रिमं वे वॊऩन्न अत्मॊत प्रबालळारी औय दुराबकलि भाना गमा शं।इव कलि के भाध्मभ वे वाधक को दवोभशात्रलद्याओॊ आसळलााद प्राद्ऱ शो वकता शं। दव भशात्रलद्या कलि को धायण कयने वे वाधक क वबीभनोकाभनाओॊ क ऩूसता शोती शं। दव भशा त्रलद्या कलिवाधक क वभस्त इच्छाओॊ क ऩूसता कयने भं वभथाशं। दव भशा त्रलद्या कलि धायण कताा को ळत्रिवॊऩन्नएलॊ बूसभलान फनाने भं वभथा शं।दव भशा त्रलद्या कलि को श्रद्धाऩूलाक धायण कयनेवे ळीघ्र देली कृ ऩा प्राद्ऱ शोती शं औय धायण कताा कोदव भशा त्रलद्या देलीमं क कृ ऩा वे वॊवाय क वभस्तसवत्रद्धमं क प्रासद्ऱ वॊबल शं। देली दव भशा त्रलद्या ककृ ऩा वे वाधक को धभा, अथा, काभ ल् भोष ितुत्रलाधऩुरुऴाथं क प्रासद्ऱ शो वकती शं। दव भशा त्रलद्या कलिभं भाॉ दुगाा के दव अलतायं का आळीलााद वभाफशतशोता शं, इव सरए दव भशा त्रलद्या कलि को धायण कयके धायण कयके व्मत्रि अऩने जीलन को सनयॊतय असधकवे असधक वाथाक एलॊ वपर फना वकता शं।दळ भशात्रलद्या को ळास्त्रों भं आद्या बगलती केदव बेद कशे गमे शं, जो क्रभळ् (1) कारी, (2) ताया,(3) ऴोडळी, (4) बुलनेश्वयी, (5) बैयली, (6)सछन्नभस्ता, (7) धूभालती, (8) फगरा, (9) भातॊगीएलॊ (10) कभास्त्भका। इव वबी देली स्लरुऩं को,वस्म्भसरत रुऩ भं दळभशात्रलद्या के नाभ वे जाना जाताशं। भूल्म भाि: 6400 >> Order Nowनलदुगाा ळत्रि कलिNavdurga Shakiti Kawachभाॊ दुगाा के नलरुऩ क्रभळ्1. ळैरऩुिी2. ब्रह्मिारयणी3. िन्द्रघण्टा4. कू ष्भाण्डा5. स्कन्दभाता6. कात्मामनी7. कारयात्रि8. भशागौयी9. सवत्रद्धदािी शं।नौदेलीमं के कलिं को एक वाथ भं सभराकयफनाकय नलदुगाा कलि का सनभााण फकमा जाता शं। स्जववेधायण कताा को नौ देलीमं का आसळलााद एक वाथ प्राद्ऱशो जाता शं।नौ देलीमं के कलि का भशत्ल क्रभळ् आऩकेभागादळान शेतु मशाॉ प्रस्तुत शं।देली ळैरऩुिी का कलि धायण कयने लारा व्मत्रिवदा धन-धान्म वे वॊऩन्न यशता शं। अथाात उवे स्जलन भंधन एलॊ अन्म वुख वाधनो क कभी भशवुव नशीॊ शोतीॊ।व्मत्रि को अनेक प्रकाय क सवत्रद्धमाॊ एलॊ उऩरस्ब्धमाॊ प्राद्ऱशोती शं।देली ब्रह्मिारयणी का कलि धायण कयने लारेव्मत्रि को अनॊत पर क प्रासद्ऱ शोती शं। कलि के प्रबालवे व्मत्रि भं तऩ, त्माग, वदािाय, वॊमभ जैवे वद् गुणंफक लृत्रद्ध शोती शं।देली िन्द्रघण्टा का कलि धायण कयने वे व्मत्रिको वबी ऩाऩं वे भुत्रि सभरती शं उवे वभस्त वाॊवारयकआसध-व्मासध वे भुत्रि सभरती शं। इवके उऩयाॊत व्मत्रि कोसियामु, आयोग्म, वुखी औय वॊऩन्नता प्राद्ऱ शोती शं। कलिके प्रबाल वे व्मत्रि के वाशव एल त्रलयता भं लृत्रद्ध शोती शं।व्मत्रि के स्लय भं सभठाव आती शं उवके आकऴाण भं बी
    • 15 अप्रेर 2013लृत्रद्ध शोती शं। क्मोफक, िन्द्रघण्टा को सान क देली बीभाना गमा शं।देली कू ष्भाण्डा के कलि को धायण कयने लारेव्मत्रि को वबी प्रकाय के योग, ळोक औय क्रेळ वे भुत्रिसभरती शं, उवे आमुष्म, मळ, फर औय फुत्रद्ध प्राद्ऱ शोती शं।देली स्कॊ दभाता के कलि को धायण कयने वेव्मत्रि क वभस्त इच्छाओॊ क ऩूसता शोती शं एलॊ जीलनभं ऩयभ वुख एलॊ ळाॊसत प्राद्ऱ शोती शं।देली कात्मामनी का कलि धायण कयने वे व्मत्रिको वबी प्रकाय के योग, ळोक, बम वे भुत्रि सभरती शं।कात्मामनी देली को लैफदक मुग भं मे ऋत्रऴ-भुसनमं कोकष्ट देने लारे यष-दानल, ऩाऩी जील को अऩने तेज वे शीनष्ट कय देने लारी भाना गमा शं।देली कारयात्रि का कलि धायण कयने वे अस्ग्नबम, आकाळ बम, बूत त्रऩळाि इत्मादी ळत्रिमाॊ कारयात्रिदेली के स्भयण भाि वे शी बाग जाते शं, कारयात्रि ळिुएलॊ दुष्टं का वॊशाय कयने लारी देली शं।देली भशागौयी के कलि को धायण कयने वे व्मत्रिके वभस्त ऩाऩं वे छु टकाया सभरता शं। मश भाॊ अन्नऩूणााके वभान, धन, लैबल औय वुख-ळाॊसत प्रदान कयने लारीएलॊ वॊकट वे भुत्रि फदराने लारी देली भशागौयी का कलि शं।देली सवत्रद्धदािी के कलि को धायण कयने वेव्मत्रि फक वभस्त काभनाओॊ फक ऩूसता शोती शं उवे ऋत्रद्ध-सवत्रद्ध क प्रासद्ऱ शोती शं। कलि के प्रबाल वे व्मत्रि केमळ, फर औय धन क प्रासद्ऱ आफद कामो भं शो यशे फाधा-त्रलध्न वभाद्ऱ शो जाते शं। व्मत्रि को मळ, फर औय धनक प्रासद्ऱ शो कय उवे भाॊ क कृ ऩा वे धभा, अथा, काभऔय भोष फक बी प्रासद्ऱ स्लत् शो जाती शं।भूल्म भाि: 6400 >> Order Nowश्रीदुगाा फीवा कलिDurga Visha Kawachश्रीदुगाा फीवा कलि वाधक को बत्रि के वाथ वभस्तवाॊवारयक वुखं को प्रदान कयने लारा वलासवत्रद्धप्रद कलिशं। श्रीदुगाा फीवा कलि को धायण कयने वे वाधक कोधभा, अथा, काभ औय भोष इन िाय क प्रासद्ऱ भं बीवशामता प्राद्ऱ शोती शं।ळास्त्रोोि लणान शं क भाॉ दुगाा का श्रीदुगाा फीवा कलि कोधायण कयने वे देली प्रवन्न शोकय, ळीघ्र शी वाधक कअसबष्ट इच्छाएॊ ऩूणा कयती शं। भाॉ दुगाा अऩने बि कस्लमॊ यषा कय उन ऩय कृ ऩा दृष्टी कयती शं। श्रीदुगाा फीवाकलि धायण कयने वे भाॉ दुगाा क कृ ऩा वे नौकयीव्मलवाम भं वाधक को उन्नसत के सळखय ऩय जाने काभागा प्रवस्त शोता शं।श्रीदुगाा फीवा कलि के प्रबाल वे धायण कताा को धन-धान्म, वुख-वॊऩत्रत्त, वॊतान का वुख प्राद्ऱ शोता शं औयळिु ऩय त्रलजम, ऋण-योग आफद ऩीडा़ वे भुत्रि प्राद्ऱ शोतीशं औय वाधक को जीलन भं वॊऩूणा वुखं क प्रासद्ऱ शोतीशं। जीलन भं फकवी बी प्रकाय के वॊकट मा फाधा कआळॊका शोने ऩय श्रीदुगाा फीवा कलि को श्रद्धाऩूलाक धायणकयने वे वाधक को वबी प्रकाय क फाधा वे भुत्रिसभरती शं औय धन-धान्म क प्रासद्ऱ शो वकती शं।भूल्म भाि: 1900 >> Order Nowनलााण फीवा कलिNarvan Visha Kawachनलाणा (नलााण) फीवा कलि देली दुगाा का कलि शं। फशन्दूधभा भं देली दुगाा को दु्खं का नाळ कयने लारी कशागमा शं। देली दुगाा क ळत्रि को जाग्रत कयने शेतु ळास्त्रोंभं नलाणा भॊि का जाऩ कयने का त्रलधान फतामा गमा शं।त्रलद्रानं का कथन शं क जो भनुष्म सनमसभत भॊि जाऩकयने भं अवभथा शो उनके सरए नलाणा फीवा कलिधायण कयना भॊि जऩ के वभान पर प्रदान कयने लाराशं। नलाणा फीवा कलि को धायण कयने वे व्मत्रि कोधभा, अथा, काभ औय भोष इन िाय क प्रासद्ऱ भं बीवशाता प्राद्ऱ शोती शं। भूल्म भाि: 1900>> Order Now | Email US | Customer Care:91+ 9338213418, 91+ 9238328785
    • 16 अप्रेर 2013भनोकाभना ऩूसता शेतु नलयाि भं देली को कै वे अऩाण कयं बोग? स्लस्स्तक.ऎन.जोळीनलयाि के नौ फदनं भं तीन देत्रलमं क्रभळ्ऩालाती, रक्ष्भी औय वयस्लती औय देली के नौ रुऩं काकभळ् ळैरऩुिी, ब्रह्मािारयणी, िॊद्रघण्टा, कू ष्भाण्डा,स्कॊ दभाता, कात्मामनी, कारयात्रि, भशागौयी औयसवत्रद्धदािी का ऩूजन फकमा जाता शं।, नलयािे के प्रथभतीन फदन ऩालाती के तीन स्लरुऩं का ऩूजन फकमा जाताशं, अगरे तीन फदन भाॉ रक्ष्भी के स्लरुऩं का ऩूजनफकमा जाता शं औय आस्खयी के तीन फदन वयस्लती भाताके स्लरुऩं क ऩूजा क जाती शं। उवी प्रकाय नौ देलीमंको क्रभळ् प्रथभ फदन ळैरऩुिी, फद्रतीम फदन ब्रह्मािारयणी,तृतीम फदन िन्द्रघण्टा, ितुथा फदन कु ष्भाण्डा, ऩॊिभ् फदनस्कन्द भाता, ऴष्ठभ् फदन कात्मासमनी, वाद्ऱभ् फदनकारयात्रि, अष्टभ् फदन भशागौयी औय नौलं फदन सवत्रद्धदािी केरुऩ का ऩूजन फकमा जाता शं।नलयािे के नौ फदनं तक बि के भन भं मशकौतुशर शोता शं, फक लश भाता को बोग भं क्मा िढ़ामे,स्जववे भाॉ ळीघ्र प्रवन्न शं जामे. फशन्दू धभा भं कोई बीत्मौशाय, व्रत-उऩलाव देली-देलताओॊ को बोग, प्रवादअत्ऩाण फकमे त्रफना वॊऩन्न नशीॊ शोता शै। नलयािे के नौफदन भं नौ देत्रलमं को अरग-अरग बोग रगाने कात्रलधान धभाळास्त्रों भं लस्णात शं।नलयाि के प्रथभ फदन देली ळैरऩुिी:नलयाि के प्रथभ फदन भाॊ के ळैरऩुिी स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। ऩलातयाज (ळैरयाज) फशभारम केमशाॊ ऩालाती रुऩ भं जन्भ रेने वे बगलती को ळैरऩुिीकशा जाता शं। इव फदन देली का ऴोडळेऩिाय वे ऩूजनकयके नैलेद्य के रूऩ भं देली को गाम का घृत (घी) अऩाणकयना िाफशए। भाॊ को ियणं िढ़ामे गमे घृत को ब्राम्शणंभं फाॊटने वे योगं वे भुत्रि सभरती शै। देली कृ ऩा वे व्मत्रिवदा धन-धान्म वे वॊऩन्न यशता शं। अथाात उवे स्जलन भंधन एलॊ अन्म वुख वाधनो को कभी भशवुव नशीॊ शोतीॊ।नलयाि के फद्रतीम फदन ब्रह्मािारयणी:नलयाि के दूवये फदन भाॊ के ब्रह्मिारयणी स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। क्मोफक ब्रह्म का अथा शं तऩ।भाॊ ब्रह्मिारयणी तऩ का आियण कयने लारी बगलती शंइवी कायण उन्शं ब्रह्मिारयणी कशा गमा। इव फदन देली काऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली को िीनी का बोगरगाकय दान कयना िाफशए। िीनी का बोग रागाने वेभनुष्म दीघाजीली शोता शं। देली कृ ऩा वे व्मत्रि को अनॊतपर फक प्रासद्ऱ शोती शं। व्मत्रि भं तऩ, त्माग, वदािाय,वॊमभ जैवे वद् गुणं फक लृत्रद्ध शोती शं।नलयाि के तृतीम फदन िन्द्रघॊटा:नलयाि के तीवये फदन भाॊ के िन्द्रघण्टा स्लरूऩका ऩूजन कयने का त्रलधान शं। िन्द्रघण्टा का स्लरूऩळाॊसतदामक औय ऩयभ कल्माणकायी शं। िन्द्रघण्टा केभस्तक ऩय घण्टे के आकाय का अधािन्द्र ळोसबत यशताशं। इव सरमे भाॊ को िन्द्रघण्टा देली कशा जाता शं। इवफदन देली का ऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली को दूध काबोग रगाकय दान कयना िाफशए। दूध का बोग रागाने वेव्मत्रि को दुखं वे भुत्रि सभरती शं। देली कृ ऩा वे व्मत्रिको वबी ऩाऩं वे भुत्रि सभरती शं उवे वभस्त वाॊवारयकआसध-व्मासध वे भुत्रि सभरती शं। इवके उऩयाॊत व्मत्रि कोसियामु, आयोग्म, वुखी औय वॊऩन्न शोनता प्राद्ऱ शोती शं।व्मत्रि के वाशव एल त्रलयता भं लृत्रद्ध शोती शं। व्मत्रि स्लयभं सभठाव आती शं उवके आकऴाण भं बी लृत्रद्ध शोती शं।िन्द्रघण्टा को सान क देली बी भाना गमा शै।नलयाि के ितुथा फदन कू ष्भाण्डा:नलयाि के ितुथा फदन भाॊ के कू ष्भाण्डा स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। अऩनी भॊद शॊवी द्राया ब्रह्माण्डको उत्ऩन्न फकमा था इवीके कायण इनका नाभ कू ष्भाण्डादेली यखा गमा। इव फदन देली का ऴोडळेऩिाय वे ऩूजनकयके देली को भारऩुआ बोग रगाकय दान कयना िाफशए।
    • 17 अप्रेर 2013भारऩुए का बोग रागाने वे व्मत्रि फक त्रलऩत्रत्त का नाळशोता शं। देली कृ ऩा वे व्मत्रि को वबी प्रकाय के योग,ळोक औय क्रेळ वे भुत्रि सभरती शं, उवे आमुष्म, मळ,फर औय फुत्रद्ध प्राद्ऱ शोती शं।नलयाि के ऩॊिभ फदन स्कॊ दभाता:नलयाि के ऩाॊिलं फदन भाॊ के स्कॊ दभाता स्लरूऩका ऩूजन कयने का त्रलधान शं। स्कॊ दभाता कु भाय अथाात ्कासताके म फक भाता शोने के कायण, उन्शं स्कन्दभाता केनाभ वे जाना जाता शं। इव फदन देली का ऴोडळेऩिाय वेऩूजन कयके देली को के रे का बोग रगाकय दान कयनािाफशए। के रे का बोग रागाने वे व्मत्रि फक फुत्रद्ध, त्रललेकका त्रलकाव शोता शं। व्मत्रि के ऩरयलायीकवुख वभृत्रद्ध भंलृत्रद्ध शोती शं। देली कृ ऩा वे व्मत्रि फक वभस्त इच्छाओॊक ऩूसता शोती शं एलॊ जीलन भं ऩयभ वुख एलॊ ळाॊसत प्राद्ऱशोती शं।नलयाि के ऴष्ठभ् फदन कात्मामनीनलयाि के छठं फदन भाॊ के कात्मामनी स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। भशत्रऴा कात्मामन फक ऩुिी शोनेके कायण उन्शं कात्मामनी के नाभ वे जाना जाता शं।इव फदन देली का ऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली कोभधु (ळशद, भशु, भध) का बोग रगाकय दान कयनािाफशए। भधु का बोग रागाने वे व्मत्रि को वुॊदय स्लरूऩफक प्रासद्ऱ शोती शं। कात्मामनी देली को लैफदक मुग भं मेऋत्रऴ-भुसनमं को कष्ट देने लारे यष-दानल, ऩाऩी जील कोअऩने तेज वे शी नष्ट कय देने लारी भाना गमा शं।नलयाि के वद्ऱभ् फदन कारयात्रिनलयाि के वातलं फदन भाॊ के कारयात्रि स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। कारयात्रि देली के ळयीय का यॊगघने अॊधकाय फक तयश एकदभ कारा शं। इव फदन देलीका ऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली को गुि का बोगरगाकय दान कयना िाफशए। गुि का बोग रागाने वेव्मत्रि के वभस्त ळोक दूय शोते शं। कारयात्रि के ऩूजन वेअस्ग्न बम, आकाळ बम, बूत त्रऩळाि इत्मादी ळत्रिमाॊकारयात्रि देली के स्भयण भाि वे शी बाग जाते शं,कारयात्रि का स्लरूऩ देखने भं अत्मॊत बमानक शोते शुलेबी वदैल ळुब पर देने लारा शोता शं, इव सरमे कारयात्रिको ळुबॊकयी के नाभवे बी जाना जाता शं। कारयात्रि ळिुएलॊ दुष्टं का वॊशाय कय ने लारी देली शं।नलयाि के अष्टभ् फदन भशागौयीनलयाि के आठलं फदन भाॊ के भशागौयी स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। भशागौयी स्लरूऩ उज्जलर,कोभर, श्वेतलणाा शोने के कायण इनका नाभ भशागौयी शं।इव फदन देली का ऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली कोश्रीपर (नारयमर) का बोग रगाकय दान कयना िाफशए।श्रीपर (नारयमर) का बोग रागाने वे व्मत्रि के वॊताऩदूय शोते शं। भशागौयी के ऩूजन कयने लारे वाधन के सरमेभाॊ अन्नऩूणाा के वभान, धन, लैबल औय वुख-ळाॊसत प्रदानकयने लारी एलॊ वॊकट वे भुत्रि फदराने लारी देलीभशागौयी शं।नलयाि के नलभ् फदन सवत्रद्धदािीनलयाि के नौलं फदन भाॊ के सवत्रद्धदािी स्लरूऩ काऩूजन कयने का त्रलधान शं। भाता सवत्रद्धदािी वबी प्रकाय कसवत्रद्धमं क प्रदाता भाना गमा शं। सवत्रद्धदािी को वभस्त्मसवत्रद्धमं क स्लासभनी बी भाना जाता शं। इव फदन देली काऴोडळेऩिाय वे ऩूजन कयके देली को धान के राले काबोग रागाने वे व्मत्रि को रोक औय ऩयरोक का वुखप्राद्ऱ शोता शं। सवत्रद्धदािी के ऩूजन वे व्मत्रि फक वभस्तकाभनाओॊ फक ऩूसता शोकय उवे ऋत्रद्ध, सवत्रद्ध फक प्रासद्ऱ शोतीशं। ऩूजन वे मळ, फर औय धन फक प्रासद्ऱ कामो भं िरेआ यशे फाधा-त्रलध्न वभाद्ऱ शो जाते शं। व्मत्रि को मळ, फरऔय धन फक प्रासद्ऱ शोकय उवे भाॊ फक कृ ऩा वे धभा, अथा,काभ औय भोष फक बी प्रासद्ऱ स्लत् शो जाती शं।गुरुत्ल कामाारम द्राया यत्न एलॊ रुद्राष ऩयाभळा भाि RS:- 450>> Order Now | Email US | Customer Care: 91+ 9338213418, 91+ 9238328785
    • 18 अप्रेर 2013भाॉ दुगाा क कृ ऩा प्रासद्ऱ शेतु वयर वाधनाएॊ ऩॊ.श्री बगलानदाव त्रिलेदी जी, वॊदीऩ ळभााप्रबालळारी दुगाा वाधनाभाॊ दुगाा का ऩूजन फशन्दू वॊस्कृ ती भं वलाासधक रोकत्रप्रम शं मशीॊ कायणशं क वैकिं लऴो वे देली दुगाा का ऩूजन छोटे-फिे वबी प्रादेसळक षेिंभं वलाासधक प्रिसरत यशा शं। देली दुगाा को आद्य ळत्रि बगलती कावाषात स्लरुऩ भाना जाता शं। देली दुगाा क भफशभा अऩयॊऩाय शं, जोअऩने बिं के दु्खं का नाळ कयने लारी, दुष्टं वे यषा कयने लारीएलॊ अऩने बिं के वकर भनोयथ को सवद्ध कयने लारी वाषात देलीशं।वाधना शेतु वाभग्री:-भारा: स्पफटकफदळा: उत्तय मा ऩूलाआवन: रार आवनलस्त्रो: रार लस्त्रो,अन्म ऩूजन वाभग्रीमाॊ: देली प्रसतभा, ऩूजन शेतु सवॊदूय, यििॊदन, रारमा ऩीरे पू र, धूऩ, दीऩ, शलन शेतु सतर, घी, जौ, अषत, दूफा, दशी,आफद नैलेद्य, ऩीतर मा ताॊफे का करळ, करळ स्थाऩना शेतु गेशूॊ, आफदळुब धान, आभ के ऩल्रल, शलन शेतु रकफिमाॊ आफद शलन वाभग्रीमाॊ।भॊि:–ॐ ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ िाभुॊडामे त्रलच्िै ।ॐ ग्रं शुॊ क्रीॊ जूॊ व् ज्लारम ज्लारम ज्लर ज्लर प्रज्लर प्रज्लर ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ िाभुॊडामे त्रलच्िै ज्लर शॊ वॊ रॊ षॊ पट्स्लाशा ॥Om Aim Hreem Kleem Chamundaye Vichchai |Om Gloum Hum Kleem Jum Sah Jvalaya Jvalaya Jvala Jvala Prajvala Prajvala Aim Hreem KleemChamundaye Vichchai Jvala Ham Sam Lam Ksham Phat Swaha ||त्रलसध:–वाधना वे ऩूला ऩूजन स्थान क बूसभ एलॊ वाभग्री आफद को ऩत्रलत्रिकयण कयके त्रलसध-त्रलधान वे स्लच्छ कयरं।देली दुगाा क वाधना प्रात्कार वे प्रायॊब कयं। वाधना का प्रायॊब नलयाि भं कयना उत्तभ भाना गमा शं, मफद नलयाि भंवाधना कयना वॊबल न शो तो, वाधना फकवी बी भाव क ळुक्र ऩष प्रसतऩदा अथाात एकभ वे प्रायॊब क जा वकती शं,प्रसतऩदा वे रेकय दवलीॊ सतसथ तक दव फदनं भं वाधना वॊऩन्न कयरं।
    • 19 अप्रेर 2013आग्नेम कोण भं लेदी फनाकय उत्तय फदळा मा ऩूला क ओय भुख भं आवन रगामे। त्रलसध-त्रलधान वे करळ क स्थाऩनाकयं। करळ को गेशूॊ, धान आफद ळुब अन्न ऩय स्थात्रऩत कयं। करळ भं आम्रऩल्रल के डॊठर जरभे यशे इव प्रकाय डारदं। करळ ऩय दीऩक प्रज्ज्लसरत कयके यख दं। फपय शलन कुॊ ड को अस्ग्न वे प्रज्ज्लसरत कयं। उि वभस्त त्रलसध-त्रलधायकयते शुले भाॊ दुगाा के भॊि का जऩ कयते यशं। उि वभस्त्रो फक्रमा के ऩश्चमात आवन ऩय फैठे-फैठे देली क तेजस्ली प्रसतभामा स्लरुऩ का िाटक भं ध्मान कयते शुले प्रसतभा को स्थात्रऩत कयं। प्रसतभा को स्थात्रऩत कय। भॊि ऩढ़ते शुले अस्ग्न भंशत्रल दं। दव फदनं तक प्रसतफदन 1188 भॊिं का जऩ कयं। भॊि जऩ के दौयान देली दुगाा क प्रसतभा ऩय अऩना ध्मानफनामे यखं।राब: उि त्रलसध वे वाधना कयने वे भाॊ दुगाा के आसळलााद वे वाधक के आत्भफर, ओज, तेज, फर, ऩयाक्रभ भं लृत्रद्धशोती शं, उवे स्लास््मराब प्राद्ऱ शोता शं। वाधक को अऩने कामा भं भनोलाॊसछत वपरता क प्रासद्ऱ शोती शं।दुगााष्टाषय भॊि वाधनात्रलसध:–दुगााष्टाषय भॊि अत्मॊि गोऩनीम शं। ळास्त्रों भं दुगााष्टाषय भॊि को ळीघ्र सवत्रद्धदामक एलॊ दुराब भाना गमा शं। इव सरएदुगााष्टाषय भॊि के फाये भं उल्रेख फकमा गमा शं..वाषास्त्वत्रद्धप्रदो भॊिो दुगाामा् कसरनाळन् ।अष्टाषयो अष्ट सवत्रद्धळो गोऩनीमो फदगॊफयै् ॥अथाात: मश दुगाा भॊि वाषात सवत्रद्ध प्रदान कयने लारा, करेळं का नाळ कयनेलारा शं, आठ अषयं लारे इव भॊि भं अष्ट सवत्रद्ध मा वभाफशत शं अत् मशअत्मॊत गोऩनीम शं।त्रलसनमोगॐ अस्म श्री दुगााष्टाषय भन्िस्म भशेश्वय ऋत्रऴ्,श्री दुगााष्टाषयास्त्भका देलता, दुॊ फीजभ्।,ह्रीॊ ळत्रि्, ॐ क रकाम नभ् इसत फदग्फॊध्,धभााथा काभ भोषाथे जऩे त्रलसनमोग्।ध्मानदुलाासनबाॊ त्रिनमनाॊ त्रलरवस्त्कयीटाभ्ळॊखाब्जख््ग ळय खेटक ळूर िाऩान् ।वॊतजानी ि दधतीॊ भफशऴावनस्थाॊदुगाा नलायकु र ऩीठगताॊ बजेऽशभ् ॥
    • 20 अप्रेर 2013भॊि:–ॐ ह्रीॊ दुॊ दुगाामै नभ्।Om Hreem Dum Durgayai Namah |राब: दुगााष्टाषय भॊि का एक राख जऩ कयने वे मश भॊि सवद्ध शोता शै। जऩ शेतु प्रसतफदन सनस्श्चत वभम का िुनाल कयंऔय प्रसतफदन अऩनी वुत्रलधा के अनुळाय 5, 11, 21 फदन भं भं फकवी सनस्श्चत वॊख्मा भं एक राख जऩ ऩूणा कयं। भॊिजाऩ ऩूणा शोने के ऩश्चमात प्रसतफदन प्रात् एक भारा जऩ कयं। इव भॊि भं अद्भुत ळत्रि वभाफशत शोने वे वाधक कोलाक् सवत्रद्ध, वॊतान प्रासद्ऱ, ळिु त्रलजम, योग-भुत्रि औय जीलन भं वबी प्रकाय के बौसतक वुखं क प्रासद्ऱ के सरएदुगााष्टाषय भॊि अिूक एलॊ सवत्रद्धदामक शै |दुगाा स्भृता भॊि वाधनाॐ ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ िाभुॊडामे त्रलच्िै ॐ ह्रीॊ श्रीॊ ॐ ह्रीॊ श्रीॊ काॊवोस्स्भताॊ फशयण्म प्राकाया भाद्रांज्लरन्तीॊ तृद्ऱाॊ तऩामन्तीभ्। ऩद्मेस्स्थताॊऩद्मलणां तासभशोऩह्वमे सश्रमभ् , ॐ ह्रीॊ श्रीॊ क्रीॊ ॐ ह्रीॊ श्रीॊ क्रीॊ दुगेस्भृता शयसव बीसतभळेऴ जॊतो: स्लस्थं: स्भृताभसत भतील ळुबाॊददासव। मदॊसत, मच्ि दूयके बमॊ त्रलॊदसत भासभश ऩलभान त्रलतज्जफश, दारयद्र्म दु्ख बमशारयस्ण का त्लदन्मा वलोऩकायकयणाम वदाद्रासित्ता ॐ ह्रीॊ श्रीॊ क्रीॊ ॐ ह्रीॊ श्रीॊ क्रीॊ काॊवोस्स्भताॊ फशयण्म प्राकाया भाद्रााज्लरन्तीॊ तृद्ऱाॊ तऩामॊतीॊ, ऩद्मेस्स्थताॊ ऩद्मभ् लणाातासभशोऩह्वव्मे सश्रमभ्, ॐ ह्रीॊ श्रीॊ क्रीॊ िाभुॊडामे त्रलच्िै ।उि दुगाा स्भृता भॊि के एक राख जऩ कयने वे भॊि सवद्ध शोता शं। जऩ ऩूणा शोने ऩय भॊि क दळाॊळ शोभ कयनािाफशए। दुगाा स्भृता भॊि के सवद्ध शोने ऩय वाधक को जीलन भं वबी कामं भं ऩूणा सवत्रद्धमॊ प्राद्ऱ शोने रगती शं। वाधकवॊवाय भं वलाि आदयस्णम शो जाता शं।दुगाा वाधनावाधना शेतु वाभग्री:-भारा: स्पफटक | फदळा: उत्तय | जऩ वॊख्मा: वला राख | आवन: वपे द | लस्त्रो: रार लस्त्रो, | वभम : यािी कार |अन्म ऩूजन वाभग्रीमाॊ: दुगाा मॊि, घी का दीऩ, जरऩािभॊि:–शुॊ दुगाामै नभ् ।Hum Durgayai Namah |त्रलसध:-फकवी बी भाव क ळुक्र ऩष क ऩॊिभी मा ितुदाळी वे मश प्रमोग प्रायॊब कयं।त्रलद्रानं का कथ शं क ऩूणा श्रद्धा एलॊ त्रलश्वाय वे जाऩ कयने वे भाॊ दुगाा के दळान अलश्म शोते शं।भॊि जाऩ क वभासद्ऱ ऩय फकवी कुॊ लायी कन्मा को बोजन कयामे उवे मथा ळत्रि बेट एलॊ दस्षणा दं कय प्रवन्न कयने वेमश वाधना वॊऩन्न शोती शं।राब: देली दुगाा क असवभ कृ ऩा प्राद्ऱ शोती शं, वाधक को जीलन भं वबी प्रकाय के वुख वाधनं क प्रासद्ऱ शोती शं।
    • 21 अप्रेर 2013ज्मोसतऴ वॊफॊसधत त्रलळेऴ ऩयाभळाज्मोसत त्रलसान, अॊक ज्मोसतऴ, लास्तु एलॊ आध्मास्त्भक सान वं वॊफॊसधत त्रलऴमं भं शभाये 32 लऴो वे असधक लऴा केअनुबलं के वाथ ज्मोसतव वे जुडे नमे-नमे वॊळोधन के आधाय ऩय आऩ अऩनी शय वभस्मा के वयर वभाधान प्राद्ऱकय वकते शं। गुरुत्ल कामाारम वॊऩका : 91+ 9338213418, 91+ 9238328785 >> Order Nowनलयािी भाॉ को प्रवन्न कयने का वुनशया अलवय स्लस्स्तक.ऎन.जोळीनलयाि अथाात भाॉ दुगाा क उऩावना भं वभत्रऩात नौ यात। दुगाा का अथा शं, दुगासत नासळनी शं, जगत ् क उत्ऩत्रत्त,ऩारन एलॊ वॊिारन तीनं व्मलस्थाएॊ स्जव ळत्रि के आधीन वम्ऩाफदत शोती शै लश जगत जननी भाॉ आफदळत्रि बगलती शं।भाॉ दुगाा के रुऩ अनॊत शं, रेफकन देली को प्रधान नौ रूऩं भं नलदुगाा के नाभ वे जाना जाता शं। आफद ळत्रि भाॉदुगाा वभग्र रोक भं अऩनी कृ ऩा औय करूणा लऴााती शै, भाॉ दुगाा अऩने बिं भं वद्द गुणं का त्रलकाव कयके उनभंअऩनी ळत्रि का वॊिाय कयते शुले वॊवाय के वभग्र प्रास्णमं का वॊिारन कयती शै।बौसतकता भं यत भनुष्म को अवॊखम उऩाम, ऩूजन, शलन, जऩ-तऩ के फाद बी भन क ळाॊसत नशीॊ सभरती। ऐवेभं शय तयश वे सनयाळ औय शाया िुका भनुष्म मफद भाॊ दुगाा क ळयण रेता शै जो सनस्श्चत शी भाॉ दुगाा उवक दुगासत कासनलायण कयती शी शै।क्मोफक, भाॉ आद्यळत्रि क कृ ऩा वे भनुष्म भं आत्भफर, द्दढ़ त्रलश्वाव, दमा, प्रेभ, बत्रि जैवे वद्गुणं का त्रलकावशोता शं। जीलन के इन्शीॊ भूल्मं को वभझ कय भनुष्म जीलन भं वच्िा वुख-ळाॊसत, लैबल, धन वॊऩदा को प्राद्ऱ कयता शै।अन्मथा इव वॊवाय के दरदर वे सनकरना उवके सरए वॊबल नशीॊ शै। इवसरए भनुष्म को अवॊबल को बी वॊबल कयफदखाने क ळत्रि देली कृ ऩा वे शी प्राद्ऱ शोती शं।नलयाि भं ऩूजा उऩावना का भुख्म उद्देश्म शोता शं, नलयाि भं भाॉ दुगाा क आयाधना, भनुष्म के तन-भन औयइस्न्द्रमाॊ वॊमसभत शोने रगती शं। ऩूणा सनष्ठा एलॊ श्रद्धा बाल वे फक गई उऩलाव वे भनुष्म का तन वॊतुसरत शोता शै।भनुष्म के तन के वन्तुसरत शोने ऩय मोग फर वे भनुष्म क इॊफद्रमाॊ वॊमसभत शो जाती शै। इस्न्द्रमं के वॊमसभत शोने ऩयभनुष्म का भन देली आयाध्मा भं स्स्थय शो जाता शै। स्जव के फर ऩय भनुष्म को भनोलाॊसछत राब क प्रासद्ऱ शो वकतीशं, स्जवभं जया बी वॊवम नशीॊ शं।देली उऩावना के फाये भं उल्रेख सभरता शं क जो भनुष्म अऩने भन को स्स्थय कय रेता शं, लश वॊवाय वबीिक्र वे छू ट जाता शै। वॊवाय के फकवी प्रकाय के त्रलध्न-फाधाएॊ उवे कष्ट नशीॊ ऩशुॊिा वकते। लश भनुष्म भाॉ बगलती दुगााके त्रप्रम लाशन सवॊश क तयश सनबाम फन जाता शै, वॊवाय क वभस्त सवत्रद्धमाॊ अऩने ऩयाक्रभ के फर ऩय सभरने रगती शं।नलयाि के दौयान ळास्त्रोोि भॊिं द्राया देली वे मशीॊ प्राथना क जाती शं, क देली अलगुणं वे शभं भुि कयकेवद्गुणं वे मुि कयं।
    • 22 अप्रेर 2013नलयाि भं दव भशात्रलद्या क उऩावना त्रलळेऴ राबप्रद शं सिॊतन जोळी, स्लस्स्तक.ऎन.जोळीदव भशात्रलद्या को देली दुगाा के शी दव रूऩ भानेजाते शं। दवं भशात्रलद्या भं शय भशात्रलद्या अऩनी अफद्रतीमळत्रि वे भनुष्म के वभस्त वॊकटं को दूय कयने लारीशं। इन दव भशात्रलद्याओॊ के भशत्ल को त्रलसबन्नधभाळास्त्रों भं अत्मॊत उऩमोगी औय भशत्लऩूणा भाना गमाशं।दळ भशात्रलद्या को ळास्त्रों भं आद्या बगलती केदव बेद कशे गमे शं, जो क्रभळ् (1) कारी, (2) ताया,(3) ऴोडळी, (4) बुलनेश्वयी, (5) बैयली, (6)सछन्नभस्ता, (7) धूभालती, (8) फगरा, (9) भातॊगी एलॊ(10) कभास्त्भका।देली कारीकारी फशन्दू धभा क एक प्रभुख देली शं । देली कारी कोभाॊ दुगाा क दव भशात्रलद्याओॊ भे वे एक भाना गमा शं।देली कारी ळत्रि का अद्दबुत स्लरूऩ शै। भाॊ दुगाा नेकारी रूऩ दैत्मं के वॊशाय के सरए धायण फकमा था।देली कारी क उत्ऩत्रत्त याषवं का अॊत कयने के सरएशुई थी। देली कारी क उत्ऩत्रत्त का भूर कायण धभा कयषा औय धभा क स्थाऩना शी था देली कारी का ऩूजनबायत के त्रलसबन्न प्रादेसळक षेिं भं वैकिो लऴो वे शोताआमा शै। देली कारी का अथा कार अथाात वभम वे शैजो वफको ग्राव कय रेती शै। देली कारी का स्लरूऩ बरेशी कारा औय डयालना रगता शं रेफकन देली भाॉ अऩनेबिं को अबम लयदान देने लारी शै। बगलती सनयाकायशोकय बी वॊवाय के वभस्त प्राणीमं के दु:ख दूय कयनेके सरमे मुग-मुग भं अनेकं रूऩ धायण कयके अलतायरेती यशीॊ शं। देली कारी को कार एलॊ ऩरयलतान क देलीभाना गमा शं। देली कारी का ऩूजन ब्रह्माॊड के उद्धायकरूऩ भं फकमा जाता शै।देली तायाभाॉ ताया को भाॊ दुगाा क दव भशात्रलद्याओॊ भे वे एकभाना गमा शं। त्रलसबन्न तॊि वाधनाओॊ भं देली ताया कउऩावना वलासवत्रद्धदामक भानी जाती शै। देली ताया कोवूमा प्ररम क असघष्ठािी देली उग्र रुऩ भाना गमा शै।जफ भनुष्म को िायं औय सनयाळा औय घोय त्रलऩत्रत्तनज़य आयशी शो उववे छु टकाया ऩाने के सरए कोई याशफदखाई नशीॊ दं यशी शो, जफ अन्म कोई देली-देलतावशामक न शो तफ भाॊ बगलती ताया के रूऩ भंउऩस्स्थत शो कय अऩने बि को घोय त्रलऩत्रत्त वे भुिकयाती शं। देली ताया के ऩूजन वे ळिुओॊ का नाळ शोताशं, सान, वुख-वॊऩदा, ऐश्वमा, रूऩ-वंदमा क लृत्रद्ध शोतीशं। इव के अराला देली ताया बोग औय भोष प्रदानकयने भं बी वशामक भानी गई शं। उग्र ताया, नीरवयस्लती औय एकजटा देली ताया के रूऩ शं। देली तायाको ब्रह्माॊड क प्रभुख देली एलॊ याज-याजेश्वयी भाना गमाशं।भाता रसरताभाॉ रसरता दव भशात्रलद्याओॊ भं वे एक शं मश देली दुगााका एक रूऩ शं जो रसरता के नाभ वे जाना जाता शै।।देली रसरता जी का स्लरुऩ अत्मॊत शी उज्जलर लप्रकाळ भान शै। कासरका ऩुयाण भं उल्रेख शं क देलीक गौय लणा, दो बुजाओॊ मुि यत्रिभ कभर ऩयत्रलयास्जत शं। रसरता देली के ऩूजन वे भनुष्म कोवभृत्रद्ध क प्राद्ऱ शोती शै। दस्षणभागॉ ळािं (अथाातबगलती ळत्रि क उऩावना) के भतानुवाय देली रसरताको िण्डी का स्थान प्राद्ऱ शै। भाॉ रसरता क ऩूजा ऩद्धसतभं रसरतावशस्रोनाभ, रसरतोऩाख्मान, रसरतात्रिळतीआफद का ऩाठ फकमा जाता शै।
    • 23 अप्रेर 2013भाता बुलनेश्वयीधभा ळास्त्रों भं भाता बुलनेश्वयी को वृत्रष्ट केवभस्त ऐश्वमय क स्लासभनी कशाॊ गमा शं। बुलनेश्वयीभाता का लणा श्माभ तथा गौय लणा शं, स्लरुऩ एक भुख,िाय शाथ शं िाय शाथं भं गदा ळत्रि का एलॊ दॊडव्मलस्था का प्रतीक शै। आळीलााद भुद्रा प्रजाऩारन काप्रतीक शै, मश वलोच्ि वत्ता का प्रतीक शं। त्रलश्व बुलनभं जो, ईश्वय शं, लश देली बुलनेश्वयी शं। देली के नख भंब्रह्माण्ड का दळान शोता शै। भाता बुलनेश्वयी वूमा केवभान रार लणा मुि फदव्म आबा वे मुि शं। भाता केभॊि बी अत्मॊत प्रबाली भाने जाते शं। भाॉ के बिो केसरए देली के फीज भॊि का प्रमोग अन्म देली-देलताओॊक आयाधना भं त्रलळेऴ वशामक भाना गमा शं भाताबुलनेश्वयी के भूर भॊि औय ऩॊिाषयी भॊि का जाऩ कयनात्रलळेऴ राबप्रद एलॊ सवत्रद्ध प्रदान कयने लारा शं।त्रिऩुय बैयलीधभा ळास्त्रों भं भाॉ त्रिऩुय बैयली को तभोगुण एलॊयजोगुण वे मुि भाना गमा शं। ळास्त्रों भं भाॉ बैयली केअन्म तेयश स्लरुऩ फतामे गमे शं। भाता के फकवी बीस्लरुऩ क वाधना भनुष्म को त्रलळेऴ पर प्रदान कयनेलारी शै। भाॉ त्रिऩुय का स्लरुऩ कॊ ठ भं भुॊड भारा धायणफकमे, शाथं भं भारा धायण फकमे यशती शं। भाॉ त्रिऩुयबैयली स्लमॊ वाधनाभम शं उनका एक शाथ अबम भुद्राऔय दूवया शाथ लय भुद्रा भं शै जो बिं को वबी प्रकायके वुख वौबाग्म प्रदाता शै। भाॉ त्रिऩुय बैयली रार लस्त्रोधायण फकमा शै। भाॉ त्रिऩुय बैयली के ऩूजन भं रार यॊगका त्रलळेऴ रुऩ वे प्रमोग फकमा जाता शै। त्रिऩुय बैयलीसवत्रद्धमाॉ प्रदान कयने लारी शोती शं।सछन्नभस्तादव भशा त्रलद्याओॊ भं देली सछन्नभस्ता को छठीभशात्रलद्या कशा जाता शं। भाकं डेम ऩुयाण ल सळल ऩुयाणआफद भं सछन्नभस्ता देली के रूऩ का स्ऩष्ट लणान फकमागमा शै इनके अनुवाय जफ देली ने िॊडी का रूऩ धायणकय याषवं का वॊशाय फकमा। दैत्मं को ऩयास्त कय देलंको त्रलजम फदरलाई तो िायं ओय उनके नाभ कजमजम काय शोने रगी। रेफकन देली क वशामकमोसगसनमाॉ अजमा औय त्रलजमा क यि त्रऩऩावा ळाॊतनशीँ शो ऩाई थी, इव ऩय उनक यि त्रऩऩावा को ळाॊतकयने शेतु देली सछन्नभस्ता ने अऩना भस्तक काटकयअऩने यि वे उनक यि प्माव फुझाई। इव कायण भाताको सछन्नभस्स्तका नाभ वे जाना जाता शं।धूभालतीधूभालती देली का स्लरुऩ फिा बमॊकय प्रतीतशोता शै। देली धूभालती का स्लरूऩ िाशे स्जतना उग्र माबमॊकय क्मं न शो लश वॊतान के सरए कल्माणकायी शीशोता शै। आद्यळत्रि बगलती नं धूभालती रूऩ ळिुओॊ केवॊशाय के सरए शी धायण फकमा शै। भाॊ धूभालती केऩूजन वे भनुष्म को अबीष्ट पर क प्रासद्ऱ शोती शै। वृष्टीभं फकवी बी प्राणी को नष्ट कयने मा वॊशाय कयने कवबी षभताएॊ देली भं सनशीत शं। ळास्त्रोोि भतानुऴाभशत्रऴा बृगु, ऋत्रऴ दुलाावा, ऩयळुयाभ आफद क भूर ळत्रिधूभालती शं। धूभालती देली को वृत्रष्ट भं करश क देलीशोने के कायण इनको करशत्रप्रम बी कशा जाता शै। लऴााऋतु के िाय भफशने देली का त्रप्रम वभम शोता शै इवदौयान देली क ऩूजा-अिाना, वाधना आफद कयना त्रलळेऴराबप्रद भाना जाता शै। धूभालती देली को बम कायकएलॊ करश त्रप्रम बी भाना गमा शं। भाॉ धूभालती बिं कोवबी कष्टं को भुि कय देने लारी शै।भाॉ फगराभुखीदेली फगराभुखी दवभशात्रलद्या भं आठलीॊ भशात्रलद्याशं। भाॉ फगराभुखी स्तॊबन ळत्रि क असधष्ठािी देली शं।फगराभुखी देली यत्नजफडत सवशावन ऩय त्रलयाजती शो कयळिुओॊ का नाळ कयती शं। भाॉ फगराभुखी अऩने बिं केबम को दूय कयने लारी औय अऩने बि के ळिुओॊ क
    • 24 अप्रेर 2013असनष्टकायी ळत्रिमं को नाळ कयने लारी शं। भाॉफगराभुखी को ऩीताम्फया नाभ वे बी जाना जाता शै,क्मोक देली को ऩीरा यॊग असत त्रप्रम शै। धभाळास्त्रों भंदेली फगराभुखी का यॊग स्लणा के वभान ऩीरा फतामागमा शै। भाॉ फगराभुखी भं वॊऩूणा ब्रह्माण्ड क ळत्रि कावभाफशत शं। भाता फगराभुखी क उऩावना भुख्म रुऩ वेळिुनाळ, लाकसवत्रद्ध, लाद त्रललाद भं त्रलजम के सरए कजाती शै। भाॉ फगराभुखी क उऩावना वे बि के वकरळिुओॊ का नाळ शोता शै तथा बि का जीलन वबीप्रकाय क फाधा वे भुि शो जाता शै।देली भातॊगीदेली भातॊगी दवभशात्रलद्या भं नलीॊ भशात्रलद्या शं।मश लाणी औय वॊगीत क असधष्ठािी देली भानी जाती शं।देली भातॊगी भं वॊऩूणा ब्रह्माण्ड क ळत्रि का वभालेळ शं।देली भातॊगी दाॊऩत्म जीलन को वुखी एलॊ वभृद्ध फनानेलारी शोती शं। देली भातॊगी के ऩूजन वे गृशस्थ भनुष्मको वबी प्रकाय के वुख प्राद्ऱ शोते शं। देली भातॊगी अऩनेबिं को अबम का पर प्रदान कयती शं। देली भातॊगीअबीष्ट सवत्रद्ध प्रदान कयने लारी शं। देली भातॊगी कोउस्च्छष्टिाॊडासरनी ल भशात्रऩळासिनी के नाभ वे बी जानाजाता शै। ळास्त्रोकायं ने भातॊगी के त्रलसबन्न प्रकाय केबेद फतामे शं, उनभं प्रभुख शं, उस्च्छष्टभातॊगी,याजभाॊतगी, वुभुखी, लैश्मभातॊगी, कणाभातॊगी, आफद मशदेली दस्षण तथा ऩस्श्चभ क आसधष्ठाता शं। ब्रह्ममाभर भंउल्रेख शं क भातॊग भुसन क दीघाकारीन तऩस्मा केकायण देली याजभातॊगी रूऩ भं उनके वम्भुख प्रकट शुईं।देली कभरादेली कभरा का स्लरुऩ का लणा स्लणा जैवीआबा मुि शै। देली कभरा को गजयाज वूॊड भं वुलणाकरळ रेकय स्नान कयाते शं। कभर ऩय आवीन शुए भाॊस्लणा वे वुळोसबत यशती शं। वुख वॊऩदा क असधष्ठािीदेली कभरा वभृत्रद्ध औय ऐश्वमा दामक शं। देली कभराक वाधना वे वाधक धनी औय त्रलद्यालान फन जाता शै।बत्रि को िायं तयप मळ औय वम्भान क प्रासद्ऱ शोतीशै। देली कभरा िायं ऩुरुऴाथं को प्रदान कयने लारीऔय वाधक को वभस्त फॊधनं वे भुि कया देने लारीशं। भाॉ कभरा ऐश्वमा, धन वॊऩदा क आसधष्ठािी देली शै,इव सरए बौसतक वुख-वाधनं क इच्छा यखने लारवबी भनुष्मं के सरए देली कभरा क अयाधना वलाश्रेष्ठफतामी गमी शं।भॊि सवद्ध त्रलळेऴ दैली मॊि वूसिआद्य ळत्रि दुगाा फीवा मॊि (अॊफाजी फीवा मॊि) वयस्लती मॊि खोफडमाय मॊिवद्ऱवती भशामॊि(वॊऩूणा फीज भॊि वफशत) नल दुगाा मॊि खोफडमाय फीवा मॊिभशान ळत्रि दुगाा मॊि (अॊफाजी मॊि) कारी मॊि अन्नऩूणाा ऩूजा मॊिवॊकट भोसिनी कासरका सवत्रद्ध मॊि श्भळान कारी ऩूजन मॊि एकाॊषी श्रीपर मॊििाभुॊडा फीवा मॊि ( नलग्रश मुि) दस्षण कारी ऩूजन मॊि त्रिळूर फीवा मॊिनलाणा फीवा मॊि फगरा भुखी मॊि याज याजेश्वयी लाॊछा कल्ऩरता मॊिनलाणा मॊि (िाभुॊडा मॊि) फगरा भुखी ऩूजन मॊि >> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA,BHUBNESWAR-751018, (ORISSA), Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Visit Us: www.gurutvakaryalay.com www.gurutvajyotish.com and gurutvakaryalay.blogspot.comwww.gurutvajyotish.blogspot.com
    • 25 अप्रेर 2013नलयािी भं ग्रश ळाॊसत के वयर उऩाम स्लस्स्तक.ऎन.जोळीनलयािी के दौयान ग्रश ळाॊसत के उऩामो को कय केभनुष्म वबी अळुब ग्रश जसनत फाधाऔ को वयरता वेदूय कय वकता शं। नलयाि का वभम ग्रशं को ळाॊत कयनेशेतु वलोत्तभ वभम भाना जाता शं। क्मोफक नलयािी केदौयान प्रकृ सत भं शोने लारे ऩरयलतान एलॊ वाभास्जकऩरयलेळ के कायण भनुष्म क आध्मास्त्भक ळत्रि एलॊउवक वॊमभ ळत्रि का अत्मासधक उच्ि स्तय क शोतीशं। मफश कायण शं क इव दौयान फक जाने लारी वबीऩूजा, उऩावना, वाधना आफद अत्मासधक राबप्रद भानीगई शं। मफद भनुष्म फकवी ग्रशं वे ऩीफित शो, तो लश इननौ फदनं भं देली दुगाा के ऩूजन के वाथ भं मफद ग्रशळाॊसत के उऩामो को कयके ळीघ्र राब प्राद्ऱ कय वकते शं,नलयाि ग्रश ळाॊसत के सरए बी उत्तभ वभम शोता शै।त्रलद्रानं का कथन शं क देली दुगाा शी वबी प्रकायके भॊि, मॊि औय तॊि का भुख्म आधाय शं। धभा ळास्त्रों भंवभस्त भॊि, मॊि औय तॊि का उद्गभ देली आद्यळत्रिबगलती वे भाना गमा शं।मफद जन्भ कुॊ डरी (जातक/ जन्भ ऩिी) भं कोईग्रश कभजोय शै मा अळुब बाल का स्लाभी शो एलॊ अन्मबाल को देख कय अऩना अळुब प्रबाल दे यशा शो तोजातक के सरए उव ग्रश को ळाॊत कयना आलश्मक शोताशं स्जस्वे ग्रश अऩना प्रसतकू र प्रबाल के स्थान ऩयअनुकू र प्रबाल प्रदान कयं।फकवी बी ग्रश के प्रबाल को अनुकू र फनाने काउत्तभ वभम नलयाि शं, नलयाि के दौयान ग्रश ळाॊसत केउऩामो द्राया ग्रश के अळुब प्रबाल को ळीघ्र एलॊ असतवयरता वे कभ फकमा जा वकता शं।त्रलद्रानं का कथ शं क नौयाि के नौ फदन मफदप्रसतदेन शय देलीमं के वाथ के वाथ भं एक ग्रश क ळाॊसतके उऩाम फकमे जाते तो लश अत्मासधक प्रबालळारी सवद्धशोते शं औय जातक को ग्रशं के अळुब प्रबाल वे जो बीऩयेळानी शो यशी शै उनवे आऩको याशत सभरने रगती शै।नलयािं के न फदनं भं नलग्रश ळाॊसत का कयभइव प्रकाय शै प्रसतऩदा के फदन आऩ भॊगर ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजनकयना िाफशए। फद्रतीम के फदन याशु ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। तृतीमा के फदन फृशस्ऩसत ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजनकयना िाफशए। ितुथॉ के फदन ळसन ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। ऩॊिभी के फदन फुध ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। ऴष्ठी के फदन के तु ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। वद्ऱभी के फदन ळुक्र ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। अष्टभी के फदन वूमा ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजन कयनािाफशए। नलभी के फदन िन्द्रभा ग्रश क ळाॊसत शेतु ऩूजनकयना िाफशए।ग्रश ळाॊसत के सरए ऩूजा ळुरू कयने वे ऩशरे करळस्थाऩन औय भाॉ दुगाा का त्रलसध-त्रलधान वे ऩूजन कयनािाफशए। भाॉ दुगाा के ऩूजन के ऩश्चमात रार यॊग के लस्त्रोऩय नलग्रश मॊि स्थात्रऩत कयं (मफद फकवी एक-दो ग्रशं मासनसधष्ठ ग्रश के सरए ऩूजन कयना शो तो उवका मॊि)। मॊिक स्थाऩना के ऩश्चमात नलग्रश के फीज भॊि का जाऩ
    • 26 अप्रेर 2013कयते शुले मॊि का ऩूजन कये उवके ऩश्चमात नलग्रश ळाॊसतशेतु वॊकल्ऩ कयं। त्रलद्रानं का भत शं क नलयाि के प्रथभ फदन भॊगर ग्रशक ळाॊसत कयनी िाफशए। भॊगर ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राषक भारा मा स्पफटक क भारा वे भॊगर फीज भॊि का108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩ के ऩश्चमात भॊगर कलि एलॊअष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठ कयना त्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रदभाना जाता शं। नलयाि के दूवये फदन याशु ग्रश क ळाॊसत कयनी िाफशए।याशु ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मा स्पफटक कभारा वे याशु फीज भॊि का 108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩके ऩश्चमात याशु कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठ कयनात्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के तीवये फदन फृशस्ऩसत (गुरु) ग्रश क ळाॊसतकयनी िाफशए। फृशस्ऩसत (गुरु) ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राषक भारा मा स्पफटक क भारा वे फृशस्ऩसत (गुरु) फीजभॊि का 108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩ के ऩश्चमातफृशस्ऩसत (गुरु) कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठ कयनात्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के िौथे फदन ळसन ग्रश क ळाॊसत कयनी िाफशए।ळसन ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मा स्पफटक कभारा वे ळसन फीज भॊि का 108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩके ऩश्चमात ळसन कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठकयना त्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के ऩाॊिले फदन फुध ग्रश क ळाॊसत कयनीिाफशए। फुध ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मास्पफटक क भारा वे फुध फीज भॊि का 108 फाय जऩकयं। भॊि जऩ के ऩश्चमात फुध कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभका ऩाठ कयना त्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के छठे फदन के तु ग्रश क ळाॊसत कयनी िाफशए।के तु ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मा स्पफटक कभारा वे के तु फीज भॊि का 108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩके ऩश्चमात के तु कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठ कयनात्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के वातले फदन ळुक्र ग्रश क ळाॊसत कयनीिाफशए। ळुक्र ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मास्पफटक क भारा वे ळुक्र फीज भॊि का 108 फाय जऩकयं। भॊि जऩ के ऩश्चमात ळुक्र कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभका ऩाठ कयना त्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के आठले फदन वूमा ग्रश क ळाॊसत कयनीिाफशए। वूमा ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मास्पफटक क भारा वे वूमा फीज भॊि का 108 फाय जऩकयं। भॊि जऩ के ऩश्चमात वूमा कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभका ऩाठ कयना त्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि के नौले फदन िॊद्र ग्रश क ळाॊसत कयनी िाफशए।िॊद्र ग्रश क ळाॊसत शेतु, रुद्राष क भारा मा स्पफटक कभारा वे िॊद्र फीज भॊि का 108 फाय जऩ कयं। भॊि जऩके ऩश्चमात िॊद्र कलि एलॊ अष्टोत्तयळतनाभ का ऩाठ कयनात्रलळेऴ रुऩ वे राबप्रद भाना जाता शं। नलयाि भं नलग्रश ळाॊसत के त्रलऴम भं अन्म भत केअनुळाय नलयाि के प्रथभ फदन, वूमा, फद्रतीम फदन िॊद्रभा,तृतीम फदन भॊगर, ितुथा फदन फुध, ऩॊिभ फदनगुरु(फृशस्ऩसत), ऴष्ठभ फदन ळुक्र, वद्ऱभ फदन ळसन, अष्टभफदन याशु औय नलभ फदन के तु का ऩूजन फकमा जा वकताशं। अॊक ळास्त्रो के अनुळाय, नलयाि के प्रथभ फदन, वूमा,फद्रतीम फदन िॊद्रभा, तृतीम फदन गुरु(फृशस्ऩसत), ितुथाफदन याशु, ऩॊिभ फदन फुध, ऴष्ठभ फदन ळुक्र, वद्ऱभ फदनके तु, अष्टभ फदन ळसन औय नलभ फदन भॊगर का ऩूजनकयना राबप्रद शोता शं। नलयाि क वभासद्ऱ के ऩश्चमात अगरे फदन नलग्रश मॊि(इवी के वाथ मफद फकवी अरग मॊि क स्थाऩना क शोतो उव मॊि को बी) को अऩने ऩूजा स्थान भं स्थात्रऩतकयदं उवका प्रसतफदन धूऩ-दीऩ वे ऩूजन कयने वे ग्रशजसनत ऩीिाएॊ स्लत् दूय शोने रगती शं।नलग्रश ळाॊसत शेतु : नलाणा भॊि वे शोती शं नलग्रशळाॊसत रेख आऩ शभाये ऩूला प्रकासळत अॊक वे प्राद्ऱ कयवकते शं।
    • 27 अप्रेर 2013िैि नलयाि भं नलदुगाा आयाधना त्रलळेऴ परदामी सिॊतन जोळीनभो देव्मै भशादेव्मै सळलामै वततॊ नभ:।नभ: प्रकृ त्मै बद्रामै सनमता: प्रणता: स्भताभ्॥अथाात: देली को नभस्काय शं, भशादेली को नभस्काय शं।भशादेली सळला को वलादा नभस्काय शं। प्रकृ सत एलॊ बद्रा को भेयाप्रणाभ शं। शभ रोग सनमभऩूलाक देली जगदम्फा को नभस्कायकयते शं।उऩयोि भॊि वे देली दुगाा का स्भयण कय प्राथाना कयने भाि वेदेली प्रवन्न शोकय अऩने बिं क इच्छा ऩूणा कयती शं। वभस्तदेल गण स्जनक स्तुसत प्राथना कयते शं। भाॉ दुगाा अऩने बिोक यषा कय उन ऩय कृ ऩा द्रष्टी लऴााती शं औय उवको उन्नतीके सळखय ऩय जाने का भागा प्रवस्त कयती शं। इव सरमेईश्वय भं श्रद्धा त्रलश्वाय यखने लारे वबी भनुष्म को देली कळयण भं जाकय देली वे सनभार रृदम वे प्राथाना कयनी िाफशमे।देली प्रऩन्नासताशये प्रवीद प्रवीद भातजागतोsस्खरस्म।ऩवीद त्रलश्वेतरय ऩाफश त्रलश्वॊ त्लभीश्चयी देली ियाियस्म।अथाात: ळयणागत फक ऩीिा दूय कयने लारी देली आऩ शभ ऩयप्रवन्न शं। वॊऩूणा जगत भाता प्रवन्न शं। त्रलश्वेश्वयी देली त्रलश्वफक यषा कयो। देली आऩ फश एक भाि ियािय जगत फकअसधश्वयी शो।वलाभॊगर-भाॊगल्मे सळलेवलााथावासधके ।ळयण्मे िमम्फके गौरय नायामस्ण नभोऽस्तुते॥वृत्रष्टस्स्थसत त्रलनाळानाॊ ळत्रिबूते वनातसन।गुणाश्रमे गुणभमे नायामस्ण नभोऽस्तुते॥अथाात: शे देली नायामणी आऩ वफ प्रकाय का भॊगर प्रदानकयने लारी भॊगरभमी शो। कल्माण दासमनी सळला शो। वफऩुरूऴाथं को सवद्ध कयने लारी ळयणा गतलत्वरा तीन नेिंलारी गौयी शो, आऩको नभस्काय शं। आऩ वृत्रष्ट का ऩारन औयवॊशाय कयने लारी ळत्रिबूता वनातनी देली, आऩ गुणं काआधाय तथा वलागुणभमी शो। नायामणी देली तुम्शं नभस्कायशै।इव भॊि के जऩ वे भाॉ फक ळयणागती प्राद्ऱ शोती शं।स्जस्वे भनुष्म के जन्भ-जन्भ के ऩाऩं का नाळ शोता शै।भाॊ जननी वृत्रष्ट फक आफद, अॊत औय भध्म शं।देली वे प्राथाना कयं –ळयणागत-दीनाता-ऩरयिाण-ऩयामणेवलास्मासतंशये देत्रल नायामस्ण नभोऽस्तुते॥अथाात: ळयण भं आए शुए दीनं एलॊ ऩीस़्डतं क यषा भं वॊरग्नयशने लारी तथा वफ फक ऩीिा दूय कयने लारी नायामणी देलीआऩको नभस्काय शै।योगानळेऴानऩशॊसव तुष्टा रूष्टा तु काभान वकरानबीष्टान्।त्लाभासश्रतानाॊ न त्रलऩन्नयाणाॊ त्लाभासश्रता शाश्रमताॊ प्रमास्न्त।अथाात् देली आऩ प्रवन्न शोने ऩय वफ योगं को नष्ट कय देतीशो औय कु त्रऩत शोने ऩय भनोलाॊसछत वबी काभनाओॊ का नाळकय देती शो। जो रोग तुम्शायी ळयण भं जा िुके शै। उनकोत्रलऩत्रत्त आती शी नशीॊ। तुम्शायी ळयण भं गए शुए भनुष्म दूवयंको ळयण देने लारे शो जाते शं।वलाफाधाप्रळभनॊ िेरोक्मस्मास्खरेश्वयी।एलभेल त्लमा कामाभस्मध्दैरयत्रलनाळनभ्।अथाात् शे वलेश्वयी आऩ तीनं रोकं फक वभस्त फाधाओॊ कोळाॊत कयो औय शभाये वबी ळिुओॊ का नाळ कयती यशो।ळाॊसतकभास्ण वलाि तथा दु:स्लप्रदळाने।ग्रशऩीडावु िोग्रावु भशात्भमॊ ळणुमात्भभ।अथाात् वलाि ळाॊसत कभा भं, फुये स्लप्न फदखाई देने ऩय तथाग्रश जसनत ऩीिा उऩस्स्थत शोने ऩय भाशात्म्म श्रलण कयनािाफशए। इववे वफ ऩीिाएॉ ळाॊत औय दूय शो जाती शं।मफश कायण शं वशस्त्रोमुगं वे भाॊ बगलती जगतजननी दुगााक उऩावना प्रसत लऴा लवॊत, आस्श्वन एलॊ गुद्ऱ नलयािी भंत्रलळेऴ रुऩ वे कयने का त्रलधान फशन्दु धभा ग्रॊथो भं शं।***
    • 28 अप्रेर 2013दुलाा ऩूजन भं यखे वालधासनमाॊ भाता दुगाा क ऩूजा कयने लारे वाधकं को उऩावना वॊफॊधी इन फातं का ध्मान यखना राबदामक यशता शं।त्रलद्रानो के भत भं ळास्त्रोोि त्रलधान वे एक शी घय भं तीन ळत्रिमं क ऩूजा कयना लस्जात शं। देलीऩीठ ऩय लाद्य-ळशनाई का लादन नशीॊ कयं। बगलती दुगाा का आह्वान त्रफल्ल ऩि, त्रफल्ल ळाखा मा त्रिळूर ऩय शी फकमा जाना िाफशए। देली दुगाा को के लर रार कनेय औय वुगॊसधत ऩुष्ऩ असत त्रप्रम शं। इव सरमे आयाधना भं वुगॊसधत ऩुष्ऩ शी रं। नलयाि भं करळ क स्थाऩना के लर फदन भं कयनी िाफशए। भाॊ बगलती क प्रसतभा शभेळा रार लस्त्रो वे त्रफयाजीत यशे। देली को बी रार यॊग क िुनयी िढाएॊ।नलयाि भं नलाणा भॊि जऩ देली भाॊ के वाभने रार आवन ऩय फैठकय रार िॊदन क भारा वे कयना राब प्रद शोता शं।भॊि सवद्ध दुराब वाभग्री भॊि सवद्ध भाराशत्था जोडी- Rs- 370, 550, 730, 1250, 1450 स्पफटक भारा- Rs- 190, 280, 460, 730, DC 1050, 1250सवमाय सवॊगी- Rs- 370, 550, 730, 1250, 1450 वपे द िॊदन भारा - Rs- 280, 460, 640त्रफल्री नार- Rs- 370, 550, 730, 1250, 1450 यि (रार) िॊदन - Rs- 100, 190, 280कारी शल्दी:- 370, 550, 750, 1250, 1450, भोती भारा- Rs- 280, 460, 730, 1250, 1450 & Aboveदस्षणालतॉ ळॊख- Rs- 550, 750, 1250, 1900 त्रलधुत भारा - Rs- 100, 190भोसत ळॊख- Rs- 550, 750, 1250, 1900 ऩुि जीला भारा - Rs- 280, 460भामा जार- Rs- 251, 551, 751 कभर गट्टे क भारा - Rs- 210, 280इन्द्र जार- Rs- 251, 551, 751 शल्दी भारा - Rs- 150, 280धन लृत्रद्ध शक क वेट Rs-251(कारी शल्दी के वाथ Rs-550) तुरवी भारा - Rs- 100, 190, 280, 370घोडे क नार- Rs.351, 551, 751 नलयत्न भारा- Rs- 1050, 1900, 2800, 3700 & Aboveऩीरी कौफिमाॊ: 11 नॊग-Rs-111, 21 नॊग Rs-181 नलयॊगी शक क भारा Rs- 190 280, 460, 730शक क: 11 नॊग-Rs-111, 21 नॊग Rs-181 शक क भारा (वात यॊग) Rs- 190 280, 460, 730रघु श्रीपर: 1 नॊग-Rs-111, 11 नॊग-Rs-1111 भूॊगे क भारा Rs- 190, 280, Real -1050, 1900 & Aboveनाग के ळय: 11 ग्राभ, Rs-111 ऩायद भारा Rs- 730, 1050, 1900, 2800 & Aboveकारी शल्दी:- 370, 550, 750, 1250, 1450, लैजमॊती भारा Rs- 100,190गोभती िक्र Small & Medium 11 नॊग-75, 101, 151, 201, रुद्राष भारा: 100, 190, 280, 460, 730, 1050, 1450गोभती िक्र Very Rare Big Size : 1 नॊग- 51 वे 550(असत दुराब फिे आकाय भं 5 ग्राभ वे 11 ग्राभ भं उऩरब्ध)भूल्म भं अॊतय छोटे वे फिे आकाय के कायण शं।>> Order NowGURUTVA KARYALAYCall Us - 9338213418, 9238328785,Email: gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.comWebsite: www.gurutvakaryalay.com www.gurutvajyotish.com
    • 29 अप्रेर 2013िैि नलयाि व्रत त्रलळेऴ राबदामी शोता शं। सिॊतन जोळीफशन्दु वॊवकृ सत के अनुळाय नललऴा का ळुबायॊब िैि भाव के ळुक्र ऩष क प्रथभ सतसथ वे शोता शै।इव फदन वे लवॊतकारीन नलयाि क ळुरुआत शोती शं।त्रलद्रानो के भतानुळाय िैि भाव के कृ ष्ण ऩष क वभासद्ऱ के वाथ बूरोक के ऩरयलेळ भं एक त्रलळेऴ ऩरयलतान दृत्रष्टगोियशोने रगता शं स्जवके अनेक स्तय औय स्लरूऩ शोते शं।इव दौयान ऋतुओॊ के ऩरयलतान के वाथ नलयािं का तौशायभनुष्म के जीलन भं फाह्य औय आॊतरयक ऩरयलतान भं एक त्रलळेऴवॊतुरन स्थात्रऩत कयने भं वशामक शोता शं। स्जव तयश फाह्य जगत भंऩरयलतान शोता शै उवी प्रकाय भनुष्म के ळयीय भं बी ऩरयलतान शोता शै।इव सरमे नलयाि उत्वल को आमोस्जत कयने का उद्देश्म शोता शं कभनुष्म के बीतय भं उऩमुि ऩरयलतान कय उवे फाह्य ऩरयलतान केअनुकू र फनाकय उवे स्लमॊ के औय प्रकृ सत के फीि भं वॊतुरन फनामेयखना शं।नलयािं के दौयान फकए जाने लारी ऩूजा-अिाना, व्रत इत्माफद वेऩमाालयण क ळुत्रद्ध शोती शं। उवीके वाथ-वाथ भनुष्म के ळयीय औयबालना क बी ळुत्रद्ध शो जाती शं। क्मोफक व्रत-उऩलाव ळयीय को ळुद्धकयने का ऩायॊऩरयक तयीका शं जो प्राकृ सतक-सिफकत्वा का बी एकभशत्लऩूणा तत्ल शै। मशी कायण शं क त्रलश्व के प्राम् वबी प्रभुख धभंभं व्रत का भशत्ल शं। इवी सरए फशन्दू वॊस्कृ सत भं मुगो-मुगो वे नलयािंके दौयान व्रत कयने का त्रलधान शं। क्मोक व्रत के भाध्मभ वे प्रथभ भनुष्म का ळयीय ळुद्ध शोता शं, ळयीय ळुद्ध शोतोभन एलॊ बालनाएॊ ळुद्ध शोती शं। ळयीय क ळुत्रद्ध के त्रफना भन ल बाल क ळुत्रद्ध वॊबल नशीॊ शं। िैि नलयािं के दौयानवबी प्रकाय के व्रत-उऩलाव ळयीय औय भन क ळुत्रद्ध भं वशामक शोते शं।नलयािं भं फकमे गमे व्रत-उऩलाव का वीधा अवय शभाये अच्छे स्लास््म औय योगभुत्रि के सरमे बी वशामक शोताशं। फिी धूभ-धाभ वे फकमा गमा नलयािं का आमोजन शभं वुखानुबूसत एलॊ आनॊदानुबूसत प्रदान कयता शं।भनुष्म के सरए आनॊद क अलस्था वफवे अच्छी अलस्था शं। जफ व्मत्रि आनॊद क अलस्था भं शोता शं तो उवकेळयीय भं तनाल उत्ऩन्न कयने लारे वूक्ष्भ कोऴ वभाद्ऱ शो जाते शं औय जो वूक्ष्भ कोऴ उत्वस्जता शोते शं ले शभाये ळयीयके सरए अत्मॊत राबदामक शोते शं। जो शभं नई व्मासधमं वे फिाने के वाथ शी योग शोने क दळा भं ळीघ्र योगभुत्रिप्रदान कयने भं बी वशामक शोते शं।नलयाि भं दुगाावद्ऱळती को ऩढने मा वुनने वे देली अत्मन्त प्रवन्न शोती शं एवा ळास्त्रोोि लिन शं। वद्ऱळती का ऩाठउवक भूर बाऴा वॊस्कृ त भं कयने ऩय शी ऩूणा प्रबाली शोता शं।
    • 30 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध मॊिगुरुत्ल कामाारम द्राया त्रलसबन्न प्रकाय के मॊि कोऩय ताम्र ऩि, सवरलय (िाॊदी) ओय गोल्ड (वोने) भेत्रलसबन्न प्रकाय क वभस्मा के अनुवाय फनला के भॊि सवद्ध ऩूणा प्राणप्रसतत्रष्ठत एलॊ िैतन्म मुि फकमेजाते शै. स्जवे वाधायण (जो ऩूजा-ऩाठ नशी जानते मा नशी कवकते) व्मत्रि त्रफना फकवी ऩूजा अिाना-त्रलसध त्रलधान त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ कय वकते शै. स्जव भे प्रसिन मॊिो वफशत शभाये लऴो के अनुवॊधान द्रायाफनाए गमे मॊि बी वभाफशत शै. इवके अरला आऩक आलश्मकता अनुळाय मॊि फनलाए जाते शै. गुरुत्लकामाारम द्राया उऩरब्ध कयामे गमे वबी मॊि अखॊफडत एलॊ २२ गेज ळुद्ध कोऩय(ताम्र ऩि)- 99.99 टिळुद्ध सवरलय (िाॊदी) एलॊ 22 के येट गोल्ड (वोने) भे फनलाए जाते शै. मॊि के त्रलऴम भे असधक जानकायी केसरमे शेतु वम्ऩका कयेGURUTVA KARYALAYCall us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Visit Us: www.gurutvakaryalay.comव्मत्रि को श्रीदुगाावद्ऱळती को बगलती दुगाा का शी स्लरूऩ वभझना िाफशए। ऩाठ कयने वे ऩूला श्रीदुगाावद्ऱळती फक ऩुस्तकका इव भॊि वे ऩॊिोऩिायऩूजन कयं-नभोदेव्मैभशादेव्मैसळलामैवततॊनभ:। नभ: प्रकृ त्मैबद्रामैसनमता:प्रणता:स्भताभ्॥जो व्मत्रि दुगाावद्ऱळतीके भूर वॊस्कृ त भं ऩाठ कयने भं अवभथा शं तो उव व्मत्रि को वद्ऱश्लोक दुगाा को ऩढने वे राब प्राद्ऱशोता शं। क्मोफक वात श्लोकं लारे इव स्तोि भं श्रीदुगाावद्ऱळती का वाय वभामा शुला शं।जो व्मत्रि वद्ऱश्लोक दुगाा का बी न कय वके लश के लर नलााण भॊि का असधकासधक जऩ कयं।देली के ऩूजन के वभम इव भॊि का जऩ कये।जमन्ती भ्गराकारी बद्रकारी कऩासरनी। दुगाा षभा सळला धािी स्लाशा स्लधानभोऽस्तुते॥देली वे प्राथाना कयं-त्रलधेफशदेत्रल कल्माणॊत्रलधेफशऩयभाॊसश्रमभ्।रूऩॊदेफशजमॊदेफशमळोदेफशफद्रऴोजफश॥अथाात् शे देत्रल! आऩ भेया कल्माण कयो। भुझे श्रेष्ठ वम्ऩत्रत्त प्रदान कयो। भुझे रूऩ दो, जम दो, मळ दो औय भेये काभ-क्रोध इत्माफदळिुओॊ का नाळ कयो।त्रलद्रानो के अनुळाय वम्ऩूणा नलयािव्रत के ऩारन भं जो रोगं अवभथा शो लश नलयाि के वात यािी,ऩाॊि यािी, दं यािी औयएक यािी का व्रत बी कयके राब प्राद्ऱ कय वकते शं। नलयाि भं नलदुगाा क उऩावना कयने वे नलग्रशं का प्रकोऩ ळाॊत शोता शं।
    • 31 अप्रेर 2013नलयाि व्रत क वयर त्रलसध? स्लस्स्तक.ऎन.जोळीनल फदनं तक िरने लारे इव ऩला ऩय शभ व्रत यखकय भाॊ के नौ अरग-अरग रूऩ क ऩूजा क जाती शं। इव दौयान घय भंफकमा जाने लारा त्रलसधलत शलन बी स्लास््म के सरए अत्मॊत राबप्रद शं। शलन वे आस्त्भक ळाॊसत औय लातालयण फक ळुत्रद्ध केअराला घय नकायात्भक ळत्रिमं का नाळ शो कय वकायात्भक ळत्रिमो का प्रलेळ शोता शं।नलयाि व्रतनलयाि भं नल याि वे रेकय वात यािी,ऩाॊि यािी, दं यािी औय एक यािी व्रत कयने का बी त्रलधान शं।नलयाि व्रत के धासभाक भशत्ल के अराला लैसासनक भशत्ल शं, जो स्लास््म क दृत्रष्ट वे काप राबदामक शोता शं। व्रत कयने वेळयीय भं िुस्ती-पु तॉ फनी यशती शं। योजाना कामा कयने लारे ऩािन तॊि को बी व्रत के फदन आयाभ सभरता शं। फच्िे, फुजुगा,फीभाय, गबालती भफशरा को नलयाि व्रत का नशीॊ यखना िाफशए।नलयाि व्रत वे वॊफॊसधत उऩमोगी वुझाल व्रत के दौयान असधक वभम भौन धायण कयं। व्रत के ळुरुआत भं बूख काप रगती शं। ऐवे भं नीॊफू ऩानी त्रऩमा जा वकता शै। इववे बूख को सनमॊत्रित यखने भं भददसभरेगी। जशा तक वॊबल शो सनजारा उऩलाव न यखं। इववे ळयीय भं ऩानी फक कभी शो जाती शं औय अऩसळष्ट ऩदाथा ळयीय के फाशयनशीॊ आ ऩाते। इववे ऩेट भं जरन, कब्ज, वॊक्रभण, ऩेळाफ भं जरन जैवी कई वभस्माएॊ ऩैदा शो वकती शं। एक वाथ खूफ वाया ऩानी ऩीने के फजाए फदन भं कई फाय नीॊफू ऩानी त्रऩएॊ। ज्मादातय रोगो को उऩलाव भं अक्वय कब्ज क सळकामत शो जाती शं। इवसरए व्रत ळुरू कयने के ऩशरे त्रिपरा, आॊलरा,ऩारक का वूऩ मा कयेरे के यव इत्माफद ऩदाथो का वेलन कयं। इववे ऩेट वाप यशता शै। व्रत के दौयान िाम, काप का वेलन काप फढ़ जाता शै। इव ऩय सनमॊिण यखं।व्रत के दौयान कौनवे खाद्य ऩदाथा ग्रशण कयं? व्रत भं अन्न का वेलन लस्जात शं। स्जव कायण ळयीय भं ऊजाा क कभी शो जाती शं। अनाज फक जगश परं ल वस्ब्जमं का वेलन फकमा जा वकता शं। इववे ळयीय को जरुयी ऊजाा सभरती शं। वुफश के वभम आरू को फ्राई कयके खामा जा वकता शं। आरू भं काफोशाइड्रेट प्रिुय भािा भं शोता शै। इव सरए आरूखाने वे ळयीय को ताकत सभरती शै। वुफश एक सगराव दूध त्रऩरं। दोऩशय के वभम पर मा जूव रं। ळाभ को िाम ऩी वकते शं। कई रोग व्रत भं एक फाय शी बोजन कयते शं। ऐवे भं एक सनस्श्चत अॊतयार ऩय पर खा वकते शं। यात के खाने भं सवॊघािेके आटे वे फने ऩकलान खा वकते शं।
    • 32 अप्रेर 2013॥दुगाा िारीवा॥नभो नभो दुगे वुख कयनी।नभो नभो दुगे दु्ख शयनी ॥१॥सनयॊकाय शै ज्मोसत तुम्शायी।सतशूॉ रोक पै री उस्जमायी ॥२॥ळसळ रराट भुख भशात्रलळारा।नेि रार बृकु फट त्रलकयारा ॥३॥रूऩ भातु को असधक वुशाले।दयळकयत जन असत वुखऩाले ॥४॥तुभ वॊवाय ळत्रि रै क ना।ऩारन शेतु अन्न धन दीना ॥५॥अन्नऩूणाा शुई जग ऩारा।तुभ शी आफद वुन्दयी फारा ॥६॥प्ररमकार वफ नाळन शायी।तुभ गौयी सळलळॊकय प्मायी ॥७॥सळल मोगी तुम्शये गुण गालं।ब्रह्मा त्रलष्णु तुम्शं सनत ध्मालं ॥८॥रूऩ वयस्लती को तुभ धाया।दे वुफुत्रद्ध ऋत्रऴ भुसनन उफाया ॥९॥धयमो रूऩ नयसवॊश को अम्फा।ऩयगट बई पािकय खम्फा ॥१०॥यषा करय प्रह्लाद फिामो।फशयण्माष को स्लगा ऩठामो॥११॥रक्ष्भी रूऩ धयो जग भाशीॊ।श्री नायामण अॊग वभाशीॊ॥१२॥षीयसवन्धु भं कयत त्रलरावा।दमासवन्धु दीजै भन आवा॥१३॥फशॊगराज भं तुम्शीॊ बलानी।भफशभा असभत नजात फखानी॥१४॥भातॊगी अरु धूभालसत भाता।बुलनेश्वयी फगरा वुख दाता॥१५॥श्री बैयल ताया जग तारयणी।सछन्नबारबल दु्खसनलारयणी॥१६॥के शरय लाशन वोश बलानी।राॊगुय लीय िरत अगलानी॥१७॥कय भं खप्ऩय खड्ग त्रलयाजै।जाको देख कार डय बाजै॥१८॥वोशै अस्त्रो औय त्रिळूरा।जाते उठत ळिु फशम ळूरा॥१९॥नगयकोट भं तुम्शीॊ त्रलयाजत।सतशुॉरोक भं डॊका फाजत॥२०॥ळुम्ब सनळुम्ब दानल तुभ भाये।यिफीज ळॊखन वॊशाये॥२१॥भफशऴावुय नृऩ असत असबभानी।जेफश अघ बाय भशी अकु रानी॥२२॥रूऩ कयार कासरका धाया।वेन वफशत तुभ सतफश वॊशाया॥२३॥ऩयी गाढ़ वन्तन ऩय जफ जफ।बईवशाम भातु तुभ तफ तफ॥२४॥अभयऩुयी अरु फावल रोका।तफ भफशभा वफ यशं अळोका॥२५॥ज्लारा भं शै ज्मोसत तुम्शायी।तुम्शं वदा ऩूजं नय-नायी॥२६॥प्रेभ बत्रि वे जो मळ गालं।दु्ख दारयद्र सनकट नफशॊ आलं॥२७॥ध्माले तुम्शं जो नय भन राई।जन्भ-भयण ताकौ छु फट जाई॥२८॥जोगी वुय भुसन कशत ऩुकायी।मोगन शो त्रफन ळत्रि तुम्शायी॥२९॥ळॊकय आिायज तऩ क नो।काभअरु क्रोधजीसत वफ रीनो॥३०॥सनसळफदन ध्मान धयो ळॊकय को।काशुकार नफशॊ वुसभयो तुभको॥३१॥ळत्रि रूऩ का भयभ न ऩामो।ळत्रि गई तफ भन ऩसछतामो॥३२॥ळयणागत शुई क सता फखानी।जम जम जम जगदम्फबलानी॥३३॥बई प्रवन्न आफद जगदम्फा।दई ळत्रि नफशॊ क न त्रलरम्फा॥३४॥भोको भातु कष्ट असत घेयो।तुभ त्रफन कौन शयै दु्ख भेयो॥३५॥आळा तृष्णा सनऩट वतालं।भोश भदाफदक वफ त्रफनळालं॥३६॥ळिु नाळ क जै भशायानी।वुसभयं इकसित तुम्शं बलानी॥३७॥कयो कृ ऩा शे भातु दमारा।ऋत्रद्ध-सवत्रद्ध दै कयशु सनशारा।३८॥जफ रसग स्जऊॉ दमा पर ऩाऊॉ ।तुम्शयो मळ भं वदा वुनाऊॉ ॥३९॥श्री दुगाा िारीवा जो कोई गालै।वफ वुख बोग ऩयभऩद ऩालै॥४०॥दोशा: देलीदाव ळयण सनज जानी।कयशु कृ ऩा जगदम्फ बलानी॥
    • 33 अप्रेर 2013श्रीकृ ष्ण कृ त देली स्तुसतनलयाि भं श्रद्धा औय प्रेभऩूलाक भशाळत्रि बगलती देली क ऩूजा-उऩावना कयने वे मश सनगुाण स्लरूऩा देली ऩृ्ली के वभस्तजीलं ऩय दमा कयके स्लमॊ शी वगुणबाल को प्राद्ऱ शोकय ब्रह्मा, त्रलष्णु औय भशेळ रूऩ वे उत्ऩत्रत्त, ऩारन औय वॊशाय कामा कयती शं।श्रीकृ ष्ण उलाित्लभेल वलाजननी भूरप्रकृ सतयीश्वयी। त्लभेलाद्या वृत्रष्टत्रलधौ स्लेच्छमा त्रिगुणास्त्भका॥१॥कामााथे वगुणा त्लॊ ि लस्तुतो सनगुाणा स्लमभ्। ऩयब्रह्मास्लरूऩा त्लॊ वत्मा सनत्मा वनातनी॥२॥तेज्स्लरूऩा ऩयभा बिानुग्रशत्रलग्रशा। वलास्लरूऩा वलेळा वलााधाया ऩयात्ऩय॥३॥वलाफीजस्लरूऩा ि वलाऩूज्मा सनयाश्रमा। वलासा वलातोबद्रा वलाभॊगरभॊगरा॥४॥अथाात् आऩ त्रलश्वजननी भूर प्रकृ सत ईश्वयी शो, आऩ वृत्रष्ट क उत्ऩत्रत्त के वभम आद्याळत्रि के रूऩ भं त्रलयाजभान यशती शो औयस्लेच्छा वे त्रिगुणास्त्भका फन जाती शो।मद्यत्रऩ लस्तुत् आऩ स्लमॊ सनगुाण शो तथात्रऩ प्रमोजनलळ वगुण शो जाती शो। आऩ ऩयब्रह्म स्लरूऩ, वत्म, सनत्म एलॊ वनातनी शो।ऩयभ तेजस्लरूऩ औय बिं ऩय अनुग्रश कयने आऩ ळयीय धायण कयती शं। आऩ वलास्लरूऩा, वलेश्वयी, वलााधाय एलॊ ऩयात्ऩय शो। आऩवलााफीजस्लरूऩ, वलाऩूज्मा एलॊ आश्रमयफशत शो। आऩ वलास, वलाप्रकाय वे भॊगर कयने लारी एलॊ वला भॊगरं फक बी भॊगर शो।ऋग्लेदोि देली वूिभ ्अशसभत्मष्टिास्म वूि स्म लागाम्बृणी ऋत्रऴ: वस्च्ित्वुखात्भक: वलागत: ऩयभात्भा देलता,फद्रतीमामा ऋिो जगती, सळष्टानाॊ त्रिष्टुऩ् छन्द:, देलीभाशात्म्म ऩाठे त्रलसनमोग्।ध्मानभ ्सवॊशस्था ळसळळेखया भयकतप्रख्मैश्चतुसबाबुाजै: ळ्खॊ िक्रधनु:ळयाॊश्च दधती नेिैस्स्त्रोसब: ळोसबता।आभुिा्गदशायक्कणयणत्काञ्िीयणन्नूऩुया दुगाा दुगासतशारयणी बलतु नो यत्नोल्रवत्कु ण्डरा॥देलीवूिभ ्अशॊ रुद्रेसबलावुसबश्चयाम्मशभाफदत्मैरुत त्रलश्वदेलै्। अशॊ सभिालरुणोबा त्रफबम्माशसभन्द्राग्नी अशभसश्र ्लनोबा॥१॥अशॊ वोभभाशनवॊ त्रफबम्माशॊ त्लष्टायभुत ऩूऴणॊ बगभ्। अशॊ दधासभ द्रत्रलणॊ शत्रलष्भते वुप्राव्मे मजभानाम वुन्लते॥२॥अशॊ याष्डी वॊगभनी लवूनाॊ सिफकतुऴी प्रथभा मस्समानाभ्। ताॊ भा देला व्मदधु: ऩुरुिा बूरयस्थािाॊ बूय्र्मालेळमन्तीभ्॥३॥भमावो अन्नभत्रत्त मोत्रलऩश्मसत म: प्रास्णसत मईश्रृणोत्मुि भ्। अभन्तलो भाॊ तउऩ स्षमस्न्त श्रुसधश्रुत श्रत्रद्धलॊ ते लदासभ॥४॥अशभेल स्लमसभदॊ लदासभ जुष्टॊ देलेसबरुत भानुऴेसब्। मॊ काभमे तॊ तभुग्रॊ कृ णोसभ तॊ ब्रह्माणॊ तभृत्रऴॊ तॊ वुभेधाभ्॥५॥अशॊ रुद्राम धनुया तनोसभ ब्रह्मफद्रऴे ळयले शन्तला उ। अशॊ जनाम वभदॊ कृ णोम्मशॊद्यालाऩृसथलीआत्रललेळ॥६॥अशॊ वुले त्रऩतयभस्म भूधान्भभ मोसनयप्स्लन्त: वभुद्रे। ततो त्रल सतष्ठे बुलनानु त्रलश्वोताभूॊ द्याॊ लष्भाणोऩ स्ऩळसभ॥७॥अशभेल लात इल प्रलाम्मायबभाणा बुलनासन त्रलश्वा। ऩयो फदला ऩय एना ऩृसथव्मैतालती भफशना वॊफबूल॥८॥
    • 34 अप्रेर 2013वप्तश्र्लरोक दुगाादेत्रल त्लॊ बिवुरबे वलाकामात्रलधासमनी।करौ फश कामासवद्धमथाभुऩामॊ ब्रूफश मित्॥देल उलाि:श्रृणु देल प्रलक्ष्मासभ करौ वलेष्टवाधनभ्।भमा तलैल स्नेशेनाप्मम्फास्तुसत् प्रकाश्मते॥त्रलसनमोग्ॐ अस्म श्री दुगाावद्ऱश्लोक स्तोिभन्िस्मनायामण ऋत्रऴ् अनुष्टऩ्छन्द्,श्रीभह्मकारी भशारक्ष्भी भशावयस्लत्मो देलता्,श्रीदुगााप्रीत्मथं वद्ऱश्लोक दुगााऩाठे त्रलसनमोग्।ॐ सासननाभत्रऩ िेताॊसव देली बगलती फशवा।फरादाकृ ष्म भोशाम भशाभामा प्रमच्छसत॥दुगे स्भृता शयसव बीसतभळेऴजन्तो्स्लस्थै् स्भृता भसतभतील ळुबाॊ ददासव।दारयद्रमदु्खबमशारयस्ण त्लदन्मावलोऩकायकयणाम वदाद्रासित्ता॥वलाभॊगरभॊगल्मे सळले वलााथावासधके ।ळयण्मे त्र्मम्फके गौरय नायामस्ण नभोऽस्तुते॥ळयणागतदीनाताऩरयिाणऩयामणे।वलास्मासताशये देत्रल नायामस्ण नभोऽस्तुते॥वलास्लरूऩे वलेळे वलाळत्रिवभस्न्लते।बमेभ्मस्त्रोाफश नो देत्रल दुगे देत्रल नभोऽस्तुते॥योगानळोऴानऩशॊसव तुष्टा रूष्टा तु काभान ् वकरानबीष्टान ्।त्लाभासश्रतानाॊ न त्रलऩन्नयाणाॊ त्लाभासश्रता ह्माश्रमताॊ प्रमास्न्त॥वलााफाधाप्रळभनॊ िैरोक्मस्मास्खरेश्र्ललरय।एलभेल त्लमा कामाभस्मद्रैरयत्रलनाळनभ्॥॥ इसत श्रीवद्ऱश्लोक दुगाा वॊऩूणाभ् ॥दुगाा आयतीजम अम्फे गौयी भैमा जम श्माभा गौयी।तुभको सनवफदन ध्मालत शरय ब्रम्शा सळलयी॥१॥भाॊग सवॊदूय त्रलयाजत टीको भृगभदको।उज्जलर वे दोऊ नैना िन्द्रलदन नीको॥२॥कनक वभान करेलय यिाम्फय याजे।यि ऩुष्ऩ गर भारा कण्ठन ऩय वाजे॥३॥के शरय लाशन याजत खड्ग खप्ऩय धायी।वुय नय भुसन जन वेलत सतनके दु्ख शायी॥४॥कानन कुॊ डर ळोसबत नावाग्रे भोती।कोफटक िॊद्र फदलाकय याजत वभ ज्मोसत॥५॥ळुॊब सनळॊबु त्रलदाये भफशऴावुयधाती।धूम्रत्रलरोिन नैना सनळफदन भदभाती॥६॥िण्ड भुण्ड वॊशाये ळोस्णत फीज शये।भधु कै टब दोउ भाये वुय बमशीन कये॥७॥ब्रम्शाणी रुद्राणी तुभ कभरायानी।आगभ सनगभ फखानी तुभ सळल ऩटयानी॥८॥िौवॊठ मोसगनी गालत नृत्म कयत बैरुॉ।फाजत तार भृदॊगा अरु डभरुॉ॥९॥तुभ शी जग क भाता तुभ शी शो बयता।बिन क दु्खशताा वुख वम्ऩत्रत्त कताा॥१०॥बुजा िाय असत ळोसबत लय भुद्रा धायी।भनलाॊस्च्छत पर ऩाले वेलत नय नायी॥११॥कॊ िन थार त्रलयाजत अगय कऩुय फात्ती।श्री भार के तु भं याजत कोफट यतन ज्मोती॥१२॥भाॉ अम्फे जी क आयती जो कोई नय गामे।कशत सळलानॊद स्लाभी वुख वॊऩत्रत्त ऩामे॥१३॥
    • 35 अप्रेर 2013॥ सवद्धकुॊ स्जकास्तोिभ् ॥सळल उलािळृणु देत्रल प्रलक्ष्मासभ कुॊ स्जकास्तोिभुत्तभभ ्।मेन भन्िप्रबालेण िण्डीजाऩ् ळुबो बलेत ्॥१॥न कलिॊ नागारास्तोिॊ क रकॊ न यशस्मकभ ्।न वूिॊ नात्रऩ ध्मानॊ ि न न्मावो न ि लािानभ ्॥२॥कुॊ स्जकाऩाठभािेण दुगााऩाठपरॊ रबेत ्।असत गुह्यतयॊ देत्रल देलानाभत्रऩ दुराबभ ्॥३॥गोऩनीमॊ प्रमत्नेन स्लमोसनरयल ऩालासत।भायणॊ भोशनॊ लश्मॊ स्तम्बनोच्िाटनाफदकभ ्।ऩाठभािेण वॊसवद्धमेत ् कुॊ स्जकास्तोिभुत्तभभ ्॥४॥अथ भॊिॐ ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ िाभुण्डामै त्रलच्िे। ॐ ग्रं शुॊ क्रीॊ जूॊ व्ज्लारम ज्लारम ज्लर ज्लर प्रज्लर प्रज्लर ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊिाभुण्डामै त्रलच्िे ज्लर शॊ वॊ रॊ षॊ पट् स्लाशाइसत भॊि्नभस्ते रुद्ररूत्रऩण्मै नभस्ते भधुभफदासन।नभ् कै टबशारयण्मै नभस्ते भफशऴाफदासन॥१॥नभस्ते ळुम्बशन्त्र्मै ि सनळुम्बावुयघासतसन।जाग्रतॊ फश भशादेत्रल जऩॊ सवद्धॊ कु रुष्ल भे॥२॥ऐॊकायी वृत्रष्टरूऩामै ह्रीॊकायी प्रसतऩासरका।क्रीॊकायी काभरूत्रऩण्मै फीजरूऩे नभोऽस्तु ते॥३॥िाभुण्डा िण्डघाती ि मैकायी लयदासमनी॥४॥त्रलच्िे िाबमदा सनत्मॊ नभस्ते भॊिरूत्रऩस्ण।धाॊ धीॊ धूॊ धूजाटे् ऩत्नी लाॊ लीॊ लूॊ लागधीश्वयी॥५॥क्राॊ क्र ॊ क्रूॊ कासरका देत्रल ळाॊ ळीॊ ळूॊ भे ळुबॊ कु रु॥६॥शुॊ शुॊ शुॊकायरूत्रऩण्मै जॊ जॊ जॊ जम्बनाफदनी।भ्राॊ भ्रीॊ भ्रूॊ बैयली बद्रे बलान्मै ते नभो नभ्अॊ कॊ िॊ टॊ तॊ ऩॊ मॊ ळॊ लीॊ दुॊ ऐॊ लीॊ शॊ षॊ॥७॥सधजाग्रॊ सधजाग्रॊ िोटम िोटम दीद्ऱॊ कु रु कु रु स्लाशा॥ऩाॊ ऩीॊ ऩूॊ ऩालाती ऩूणाा खाॊ खीॊ खूॊ खेियी तथा ॥८॥वाॊ वीॊ वूॊ वद्ऱळती देव्मा भॊिसवत्रद्धॊ कु रुष्ल भे॥इदॊ तु कुॊ स्जकास्तोिॊ भॊिजागसताशेतले।अबिे नैल दातव्मॊ गोत्रऩतॊ यष ऩालासत॥मस्तु कुॊ स्जकमा देत्रल शीनाॊ वद्ऱळतीॊ ऩठेत ्।न तस्म जामते सवत्रद्धययण्मे योदनॊ मथा॥। इसत श्री कुॊ स्जकास्तोिभ ् वॊऩूणाभ ् ।दुगााष्टकभ ्दुगे ऩयेसळ ळुबदेसळ ऩयात्ऩयेसळ।लन्द्ये भशेळदसमतेकरुणाणालेसळ।स्तुत्मे स्लधे वकरताऩशये वुयेसळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥१॥फदव्मे नुते श्रुसतळतैत्रलाभरे बलेसळ।कन्दऩादायळतमुन्दरय भाधलेसळ।भेधे सगयीळतनमे सनमते सळलेसळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥२॥यावेश्वरय प्रणतताऩशये कु रेसळ।धभात्रप्रमे बमशये लयदाग्रगेसळ।लाग्देलते त्रलसधनुते कभरावनेसळ।कृ ष्णस्तुतेकु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥३॥ऩूज्मे भशालृऴबलाफशसन भॊगरेसळ।ऩद्मे फदगम्फरय भशेश्वरय काननेसळ।यम्मेधये वकरदेलनुते गमेसळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩा रसरतेऽस्खरेसळ॥४॥श्रद्धे वुयाऽवुयनुते वकरे जरेसळ।गॊगे सगयीळदसमते गणनामके सळ।दषे स्भळानसनरमे वुयनामके सळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥५॥ताये कृ ऩाद्रानमने भधुकै टबेसळ।त्रलद्येश्वयेश्वरय मभे सनखराषयेसळ।ऊजे ितु्स्तसन वनातसन भुिके सळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतऽस्खरेसळ॥६॥भोषेऽस्स्थये त्रिऩुयवुन्दरयऩाटरेसळ।भाशेश्वरय त्रिनमने प्रफरे भखेसळ।तृष्णे तयॊसगस्ण फरे गसतदे ध्रुलेसळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥७॥त्रलश्वम्बये वकरदे त्रलफदते जमेसळ।त्रलन्ध्मस्स्थते ळसळभुस्ख षणदे दमेसळ।भात् वयोजनमने यसवके स्भयेसळ।कृ ष्णस्तुते कु रु कृ ऩाॊ रसरतेऽस्खरेसळ॥८॥दुगााष्टकॊ ऩठसत म् प्रमत् प्रबातेवलााथादॊ शरयशयाफदनुताॊ लयेण्माभ ्।दुगां वुऩूज्म भफशताॊ त्रलत्रलधोऩिायै्प्राप्नोसत लाॊसछतपरॊ न सियान्भनुष्म्॥९॥॥ इसत श्री दुगााष्टकॊ वम्ऩूणाभ ् ॥
    • 36 अप्रेर 2013॥ बलान्मष्टकभ ् ॥न तातो न भाता न फन्धुना दातान ऩुिो न ऩुिी न बृत्मो न बताा।न जामा न त्रलद्या न लृत्रत्तभाभैलगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥१॥बलाब्धालऩाये भशादु्खबीरु्ऩऩात प्रकाभी प्ररोबी प्रभत्त्।कु वॊवाय-ऩाळ-प्रफद्ध् वदाऽशॊगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥२॥न जानासभ दानॊ न ि ध्मान-मोगॊन जानासभ तॊि न ि स्तोि-भन्िभ्।न जानासभ ऩूजाॊ न ि न्मावमोगॊगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥३॥न जानासभ ऩुण्मॊ न जानासन तीथंन जानासभ भुत्रिॊ रमॊ ला कदासित ्।न जानासभ बत्रि व्रतॊ लाऽत्रऩ भात-गासतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥४॥कु कभॉ कु वॊगी कु फुत्रद्ध कु दाव्कु रािायशीन् कदािायरीन्।कु दृत्रष्ट् कु लाक्मप्रफॊध् वदाऽशगसतस्त्ल गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥५॥प्रजेळॊ यभेळॊ भशेळॊ वुयेळॊफदनेळॊ सनळीथेश्वयॊ ला कदासित ्।न जानासभ िाऽन्मत ् वदाऽशॊ ळयण्मेगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥६॥त्रललादे त्रलऴादे प्रभादे प्रलावेजरे िाऽनरे ऩलाते ळिुभध्मे।अयण्मे ळयण्मे वदा भाॊ प्रऩाफशगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥७॥अनाथो दरयद्रो जया-योगमुिोभशाषीणदीन् वदा जाड्मलक्ि्।त्रलऩत्तौ प्रत्रलष्ट् प्रणष्ट् वदाऽशॊगसतस्त्लॊ गसतस्त्लॊ त्लभेका बलासन॥८॥॥ इसत श्रीबलान्मष्टकॊ वॊऩूणाभ् ॥षभा-प्राथानाअऩयाधवशस्त्रोास्ण फक्रमन्तेऽशसनाळॊ भमा। दावोऽमसभसत भाॊ भत्ला षभस्ल ऩयभेश्वरय॥१॥आलाशनॊ न जानासभ न जानासभ त्रलवजानभ ्। ऩूजाॊ िैल न जानासभ षम्मताॊ ऩयभेश्वरय॥२॥भन्िशीनॊ फक्रमाशीनॊ बत्रिशीनॊ वुयेश्वरय। मत्ऩूस्जतॊ भमा देत्रल ऩरयऩूणा तदस्तु भे॥३॥अऩयाधळतॊ कृ त्ला जगदम्फेसत िोच्ियेत ्। माॊ गसतॊ वभलाऩनेसत न ताॊ ब्रह्मादम: वुया्॥४॥वाऩयाधोऽस्स्भ ळयणॊ प्राद्ऱस्त्लाॊ जगदस्म्फके । इदानीभनुकम्प्मोऽशॊ मथेच्छसव तथा कु रु॥५॥असानाफद्रस्भृतेभ्ररान्त्मा मन्न्मूनभसधकॊ कृ तभ ्। तत्वला षम्मताॊ देत्रल प्रवीद ऩयभेश्वरय॥६॥काभेश्वरय जगन्भात: वस्च्िदानन्दत्रलग्रशे। गृशाणािाासभभाॊ प्रीत्मा प्रवीद ऩयभेश्वरय॥७॥गुह्यासतगुह्यगोप्िी त्लॊ गृशाणास्भत्कृ तॊ जऩभ ्। सवत्रद्धबालतु भे देत्रल त्लत्प्रवादात्वुयेश्वरय॥८॥
    • 37 अप्रेर 2013ळादी वॊफॊसधत वभस्माक्मा आऩके रडके -रडक फक आऩक ळादी भं अनालश्मक रूऩ वे त्रलरम्फ शो यशा शं मा उनके लैलाफशकजीलन भं खुसळमाॊ कभ शोती जायशी शं औय वभस्मा असधक फढती जायशी शं। एवी स्स्थती शोने ऩयअऩने रडके -रडक फक कुॊ डरी का अध्ममन अलश्म कयलारे औय उनके लैलाफशक वुख को कभ कयनेलारे दोऴं के सनलायण के उऩामो के फाय भं त्रलस्ताय वे जनकायी प्राद्ऱ कयं। >> Order NowGURUTVA KARYALAYCall us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,दुगााष्टोत्तय ळतनाभ स्तोिभ ्ळतनाभ प्रलक्ष्मासभ ळृणुष्ल कभरानने।मस्म प्रवादभािेण दुगाा प्रीता बलेत ् वती॥१॥वती वाध्ली बलप्रीता बलानी बलभोिनी।आमाा दुगाा जमा िाद्या त्रिनेिा ळूरधारयणी॥२॥त्रऩनाकधारयणी सििा िण्डघण्टा भशातऩा्।भनो फुत्रद्धयशॊकाया सित्तरूऩा सिता सिसत्॥३॥वलाभन्िभमी वत्ता वत्मानन्दस्लरूत्रऩणी।अनन्ता बात्रलनी बाव्मा बव्माबव्मा वदागसत्॥४॥ळाम्बली देलभाता ि सिन्ता यत्नत्रप्रमा वदा।वलात्रलद्या दषकन्मा दषमसत्रलनासळनी॥५॥अऩणाानेकलणाा ि ऩाटरा ऩाटरालती।ऩट्टाम्फयऩयीधाना करभञ्जीययस्ञ्जनी॥६॥अभेमत्रलक्रभा क्रू या वुन्दयी वुयवुन्दयी।लनदुगाा ि भात्गी भत्गभुसनऩूस्जता॥७॥ब्राह्मी भाशेश्वयी िैन्द्री कौभायी लैष्णली तथा।िाभुण्डा िैल लायाशी रक्ष्भीश्च ऩुरुऴाकृ सत्॥८॥त्रलभरोत्कत्रऴाणी साना फक्रमा सनत्मा ि फुत्रद्धदा।फशुरा फशुरप्रेभा वलालाशनलाशना॥९॥सनळुम्बळुम्बशननी भफशऴावुयभफदानी।भधुकै टबशन्िी ि िण्डभुण्डत्रलनासळनी॥१०॥वलाावुयत्रलनाळा ि वलादानलघासतनी।वलाळास्त्रोभमी वत्मा वलाास्त्रोधारयणी तथा॥११॥अनेकळस्त्रोशस्ता ि अनेकास्त्रोस्म धारयणी।कु भायी िैककन्मा ि कै ळोयी मुलती मसत्॥१२॥अप्रौढा िैल प्रौढा ि लृद्धभाता फरप्रदा।भशोदयी भुि के ळी घोयरूऩा भशाफरा॥१३॥अस्ग्नज्लारा यौद्रभुखी कारयात्रिस्तऩस्स्लनी।नायामणी बद्रकारी त्रलष्णुभामा जरोदयी॥१४॥सळलदूती कयारी ि अनन्ता ऩयभेश्वयी।कात्मामनी ि वात्रलिी प्रत्मषा ब्रह्मलाफदनी॥१५॥म इदॊ प्रऩठेस्न्नत्मॊ दुगाानाभळताष्टकभ्।नावाध्मॊ त्रलद्यते देत्रल त्रिऴु रोके ऴु ऩालासत॥१६॥धनॊ धान्मॊ वुतॊ जामाॊ शमॊ शस्स्तनभेल ि।ितुलागा तथा िान्ते रबेन्भुत्रिॊ ि ळाश्वतीभ्॥१७॥कु भायीॊ ऩूजसमत्ला तु ध्मात्ला देलीॊ वुयेश्वयीभ्।ऩूजमेत ् ऩयमा बक्त्मा ऩठेन्नाभळताष्टकभ ्॥१८॥तस्म सवत्रद्धबालेद् देत्रल वलै: वुयलयैयत्रऩ।याजानो दावताॊ मास्न्त याज्मसश्रमभलाऩनुमात ्॥१९॥गोयोिनारि ककु ्कु भेन सवन्दूयकऩूायभधुिमेण।त्रलसरख्म मन्िॊ त्रलसधना त्रलसधसो बलेत ् वदा धायमतेऩुयारय्॥२०॥बौभालास्मासनळाभग्रे िन्द्रे ळतसबऴाॊ गते।त्रलसरख्म प्रऩठेत ् स्तोिॊ व बलेत ् वम्ऩदाॊ ऩदभ्॥२१॥
    • 38 अप्रेर 2013त्रलश्वॊबयी स्तुसतत्रलश्वॊबयी स्तुसत भूर रुऩवे गुजयाती भं लल्रब बट्ट द्राया सरखी गई शं। स्लस्स्तक.ऎन.जोळीत्रलश्वॊबयी अस्खर त्रलश्वतणी जनेता।त्रलद्या धयी लदनभाॊ लवजो त्रलधाता॥दुफुात्रद्ध दुय कयी वद्दफुत्रद्ध आऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥१॥बूरो ऩफड बलयने बटकुॊ बलानी।वुझे नफश रगीय कोइ फदळा जलानी॥बावे बमॊकय लऱी भनना उताऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥२॥आ यॊकने उगयला नथी कोइ आयो।जन्भाॊध छु जननी शु ग्रशी शाथ तायो॥ना ळुॊ वुणो बगलती सळळुना त्रलराऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥३॥भा कभा जन्भ कथनी कयताॊ त्रलिारु।आ वृत्रष्टभाॊ तुज त्रलना नथी कोइ भारु॥कोने कशुॊ कठण काऱ तणो फऱाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥४॥शुॊ काभ क्रोध भध भोश थक बयेरो।आडॊफये असत धणो भद्थी छके रो॥दोऴो फधा दूय कयी भाप ऩाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥५॥ना ळास्त्रोना श्रलणनु ऩम्ऩान ऩीधु।ना भॊि के स्तुसत कथा नथी काइ क धु॥श्रद्धा धयी नथी कमाा तल नाभ जाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥६॥ये ये बलानी फशु बूर थई ज भायी।आ स्जॊदगी थई भने असतळे अकायी॥दोऴो प्रजासऱ वधऱा तल छाऩ छाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥७॥खारी न कोइ स्थऱ छे त्रलण आऩ धायो।ब्रह्माॊडभाॊ अणु-अणु भशीॊ लाव तायो॥ळत्रि न भाऩ गणला अगस्णत भाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥८॥ऩाऩो प्रऩॊि कयला फधी यीते ऩूयो।खोटो खयो बगलती ऩण शुॊ तभायो॥जाडमाॊधकाय कयी दूय वुफुत्रद्ध स्थाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥९॥ळीखे वुणे यसवक छॊद ज एक सित्ते।तेना थक त्रित्रलध ताऩ टऱे खसिते॥फुत्रद्ध त्रलळेऴ जगदॊफ तणा प्रताऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥१०॥श्री वदगुरु ळयनभाॊ यशीने मजुॊ छु ॊ।यात्रि फदने बगलती तुजने बजुॊ छु ॥वदबि वेलक तणा ऩरयताऩ िाऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥११॥अॊतय त्रलऴे असधक उसभा थताॊ बलानी।गाऊ स्तुसत तल फऱे नभीने भृडानी॥वॊवायना वकऱ योग वभूऱ काऩो।भाभ् ऩाफश ॐ बगलती बल दु्ख काऩो ॥१२॥
    • 39 अप्रेर 2013ळाऩ त्रलभोिन भॊि स्लस्स्तक.ऎन.जोळीिस्ण्डका ळाऩ त्रलभोिन भॊििस्ण्डका ळाऩ त्रलभोिन भॊि के ऩाठ को कयने वे देली क ऩूजा भं क गमी फकवी बी प्रकाय िुफट (बूर) वे सभरा श्राऩखत्भ शो जाता शै।ळाऩ-त्रलभोिन वॊकल्ऩऊॉ अस्म श्रीिस्ण्डकामा ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩत्रलभोिन भन्िस्म लसवष्ठनायदवॊलादवाभलेदासधऩसतब्रह्माण ऋऴम:वलैश्वमाकारयणी श्रीदुगाा देलता िरयििमॊ फीजॊ ह्रीॊ ळत्रि: त्रिगुणात्भस्लरूऩिस्ण्डकाळाऩत्रलभुिो भभ वॊकस्ल्ऩतकामासवद्धमथे जऩेत्रलसनमोग:।ळाऩत्रलभोिन भॊिॐ (ह्रीॊ) यीॊ येत:स्लरूत्रऩण्मै भधुकै टबभफदान्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१॥ॐ यॊ यिस्लरूत्रऩण्मै भफशऴावुयभफदान्मै,ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥२॥ॐ षुॊ षुधास्लरूत्रऩण्मै देललस्न्दतामै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥३॥ॐ छाॊ छामास्लरूत्रऩण्मै दूतवॊलाफदन्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥४॥ॐ ळॊ ळत्रिस्लरूत्रऩण्मै धूम्ररोिनघासतन्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥५॥ॐ तॊ तृऴास्लरूत्रऩण्मै िण्डभुण्डलधकारयण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥६॥ॐ षाॊ षास्न्तस्लरूत्रऩण्मै यिफीजलधकारयण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥७॥ॐ जाॊ जासतरूत्रऩण्मै सनळुम्बलधकारयण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥८॥ॐ रॊ रज्जास्लरूत्रऩण्मै ळुम्बलधकारयण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥९॥ॐ ळाॊ ळास्न्तस्लरूत्रऩण्मै देलस्तुत्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१०॥ॐ श्रॊ श्रद्धास्लरूत्रऩण्मै वकरफ़रदात्र्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥११॥ॐ श्रीॊ फुत्रद्धस्लरूत्रऩण्मै भफशऴावुयवैन्मनासळन्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१२॥ॐ काॊ कास्न्तस्लरूत्रऩण्मै याजलयप्रदामै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१३॥ॐ भाॉ भातृस्लरूत्रऩण्मै अनगारभफशभावफशतामै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१४॥ॐ ह्रीॊ श्रीॊ दुॊ दुगाामै वॊ वलैश्वमाकारयण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१५॥ॐ ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ नभ: सळलामै अबेद्यकलिस्लरूत्रऩण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१६॥ॐ क्र ॊ काल्मै कासर ह्रीॊ फ़ट स्लाशामै ऋग्लेदस्लरूत्रऩण्मै ब्रह्मलसवष्ठत्रलश्वासभिळाऩाद त्रलभुिाबल॥१७॥ॐ ऐॊ ह्रीॊ क्रीॊ भशाकारीभशारक्ष्भीभशावयस्लतीस्लरूत्रऩण्मै त्रिगुणास्त्भकामै दुगाादेव्मै नभ:॥१८॥इत्मेलॊ फश भशाभन्िान ऩफठत्ला ऩयभेश्वय, िण्डीऩाठॊ फदला यािौ कु माादेल न वॊळम:॥१९॥एलॊ भन्िॊ न जानासत िण्डीऩाठॊ कयोसत म:, आत्भानॊ िैल दातायॊ षीणॊ कु माान्न वॊळम:॥२०॥(श्रीदुगााभाऩाणाभस्तु)
    • 40 अप्रेर 2013ऩसत-ऩत्नी भं करश सनलायण शेतुमफद ऩरयलायं भं वुख-वुत्रलधा के वभस्त वाधान शोते शुए बी छोटी-छोटी फातो भं ऩसत-ऩत्नी के त्रफिभे करश शोता यशता शं, तो घय के स्जतने वदस्म शो उन वफके नाभ वे गुरुत्ल कामाारत द्रायाळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे भॊि सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्म मुि लळीकयण कलि एलॊ गृशकरश नाळक फडब्फी फनलारे एलॊ उवे अऩने घय भं त्रफना फकवी ऩूजा, त्रलसध-त्रलधान वे आऩ त्रलळेऴराब प्राद्ऱ कय वकते शं। मफद आऩ भॊि सवद्ध ऩसत लळीकयण मा ऩत्नी लळीकयण एलॊ गृश करशनाळक फडब्फी फनलाना िाशते शं, तो वॊऩका आऩ कय वकते शं।GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,श्रीकृ ष्ण कृ त देली स्तुसतनलयाि भं श्रद्धा औय प्रेभऩूलाक भशाळत्रि बगलती देली क ऩूजा-उऩावना कयने वे मश सनगुाण स्लरूऩा देली ऩृ्ली के वभस्तजीलं ऩय दमा कयके स्लमॊ शी वगुणबाल को प्राद्ऱ शोकय ब्रह्मा, त्रलष्णु औय भशेळ रूऩ वे उत्ऩत्रत्त, ऩारन औय वॊशाय कामा कयती शं।श्रीकृ ष्ण उलाित्लभेल वलाजननी भूरप्रकृ सतयीश्वयी।त्लभेलाद्या वृत्रष्टत्रलधौ स्लेच्छमा त्रिगुणास्त्भका॥१॥कामााथे वगुणा त्लॊ ि लस्तुतो सनगुाणा स्लमभ्।ऩयब्रह्मास्लरूऩा त्लॊ वत्मा सनत्मा वनातनी॥२॥तेज्स्लरूऩा ऩयभा बिानुग्रशत्रलग्रशा।वलास्लरूऩा वलेळा वलााधाया ऩयात्ऩय॥३॥वलाफीजस्लरूऩा ि वलाऩूज्मा सनयाश्रमा।वलासा वलातोबद्रा वलाभॊगरभॊगरा॥४॥अथाात् आऩ त्रलश्वजननी भूर प्रकृ सत ईश्वयी शो, आऩ वृत्रष्ट क उत्ऩत्रत्त के वभम आद्याळत्रि के रूऩ भं त्रलयाजभान यशती शो औयस्लेच्छा वे त्रिगुणास्त्भका फन जाती शो।मद्यत्रऩ लस्तुत् आऩ स्लमॊ सनगुाण शो तथात्रऩ प्रमोजनलळ वगुण शो जाती शो। आऩ ऩयब्रह्म स्लरूऩ, वत्म, सनत्म एलॊ वनातनी शो।ऩयभ तेजस्लरूऩ औय बिं ऩय अनुग्रश कयने आऩ ळयीय धायण कयती शं। आऩ वलास्लरूऩा, वलेश्वयी, वलााधाय एलॊ ऩयात्ऩय शो। आऩवलााफीजस्लरूऩ, वलाऩूज्मा एलॊ आश्रमयफशत शो। आऩ वलास, वलाप्रकाय वे भॊगर कयने लारी एलॊ वला भॊगरं फक बी भॊगर शो।
    • 41 अप्रेर 2013भाॊ के ियणं सनलाव कयते वभस्त शं तीथा सिॊतन जोळीत्माग औय सन:स्लाथा प्रेभ फक प्रसत भूसता जन्भदेने लारी भाॊ अऩनी वॊतान को नौ भफशने गबा भं उवकाऩोऴण कय, अवशनीम प्रवल कष्ट वशकय उवे जन्भ देतीशं। भाॊ के इव त्माग औय सन:स्लाथा प्रेभ का फदरािाशकय बी कोई नशीॊ िुका वकता।वभस्त व्मत्रि फक प्रथन गुरु भाॊ शोती शं। क्मोफकभाॊ वे व्मत्रि को जीलन के आदळा औय वॊस्काय आफदसान प्राद्ऱ शोता शं। शभाये धभा ळास्त्रोो भं उल्रेख सभरता शंफक उऩाध्माओॊ वे दव गुना श्रेष्ठ आिामा शोते शं, एलॊआिामा वे वौ गुना श्रेष्ठ त्रऩता औय त्रऩता वे शजाय गुनाश्रेष्ठ भाता शोती शै। क्मोफक भाॊ के ळयीय भं वबी देलताओॊऔय वबी तीथं का लाव शोता शै। इवी सरए त्रलश्व फकवलाश्रेष्ठ बायतीम वॊस्कृ सत भं के लर भाॊ को बगलान केवभान भाना गमा शं। इव सरमे भाॊ ऩूज्म, स्तुसत मोग्म औयआह्वान कयने मोग्म शोती शं।भशाबायत भं बी उल्रेख सभरता शं फक जफ मष नेमुसधत्रष्ठय वे वलार फकमा फक बूसभ वे बी बायी कौन शं? तोमुसधत्रष्ठय ने उत्तय फदमाभाता गुरुतया बूभे:।अथाात् भाॊ इव बूसभ वे बी कशीॊ असधक बायी शोती शं।आफद ळॊकयािामा का कथन शं कु ऩुिो जामेत मद्यत्रऩ कु भाता न बलसत।अथाात् ऩुि तो कु ऩुि शो वकता शै, ऩय भाता कबी कु भाता नशीॊशो वकती।बगलान श्री याभका लिन शं।जननी जन्भबूसभश्च स्लगाादत्रऩ गयीमवी।अथाात् जननी औय जन्भबूसभ स्लगा वे बी फढ़कय शोते शं।तैत्रत्तयीमोऩसनऴद् भं उल्रेख फकमा गमा शं।भातृ देलो बल:ळतऩथ ब्राह्मण के लिनभातृभान त्रऩतृभानािामालान्ऩुरुऴो लेदअथाात् स्जवके ऩाव भाता, त्रऩता औय गुरु जेवे तीन उत्तभसळषक शं लशीॊ भनुष्म वशी अथा भं भानल फनता शं।वॊवाय भं भातृभान लश शोता शै, स्जवक भातागबााधान वे रेकय जफ तक गबा के ळेऴ त्रलसध-त्रलधान ऩूये न शोजाएॊ, तफ तक वॊमभीत औय वुळीर व्मलशाय कये। क्मोफकभातृ गबा भं वॊस्कारयत शोने का वफवे फिा आदळा उदाशयणभशाबायत भं असबभन्मु का देखने को सभरता शं, स्जवनेअऩनी भाॊ वे गबा भं शी िक्रव्मूश तोिने का उऩाम वीख सरमाथा।इवी भाॊ फक भभता औय सन:स्लाथा प्रेभ को ऩानेके सरमे भनुष्म फश नशीॊ देलता बी तयवते शं। इव सरमेफाय-फाय अलताय रेकय अऩनी रीराएॊ त्रफखेयने के सरमेऩृ्ली ऩय जन्भ रेते शं। इस्वे सात शोता शं फक भाॊ केियणं भं शी वबी तीथा का ऩुण्म प्राद्ऱ शो जाता शै।इव सरमे फच्िा वफवे ऩशरे जो फोर नीकरते शं,लश भाॊ ळब्द शोता शं, एक फाय भं शी झटके वे फच्िे केभुॊश वे भाॊ सनकर जाता शै मासन भाॊ का उच्िायण बीवफवे आवान। अन्म वबी वब्दो भं उवे थोडी कफठनाईशोती शं स्जव कायण लश उन ळब्दो का उच्ियाण धीये-धीयेसवखता शं। वफवे फडा उदाशयण शं, जो आऩने आमे फदनदेखा वुना औय आजभाम शोगा, व्मत्रि जफ ऩयेळानी भंशोता शं, कष्ट झेर यशा शोता शं, मा आकस्स्भक वॊकटआने, फकवी आघात वे ळयीय ऩय िोट रग जामे तो ऩयवफवे ऩेशरे भाॊ को माद कयता शं। इव सरमे भाॊ को कष्टदेने लारी वॊतान को दैत्रल आऩदा, दु्ख, कष्ट बोगनाऩडता शं। अऩने भाॊ का सनयादय न कयं औय उनक वेलाअलश्म कयं।
    • 42 अप्रेर 2013श्री भाका ण्डेम कृ त रघु दुगाा वद्ऱळती स्तोिभ्ॐ लीॊलीॊलीॊ लेणुशस्ते स्तुसतत्रलधलटुके शाॊ तथा तानभाता, स्लानॊदेभॊदरुऩे अत्रलशतसनरुते बत्रिदे भुत्रिदे त्लभ्।शॊव् वोशॊ त्रलळारे लरमगसतशवे सवत्रद्धदे लाभभागे, ह्रीॊ ह्रीॊ ह्रीॊ सवद्धरोके कऴ कऴ त्रलऩुरे लीयबद्रे नभस्ते॥१॥ॐ ह्रीॊ-कायॊ िोच्ियॊती भभशयतु बमॊ िभाभुॊडे प्रिॊडे, खाॊखाॊखाॊ खड्गऩाणे ध्रकध्रकध्रफकते उग्ररुऩे स्लरुऩे।शुॊशुॊशुॊ-काय-नादे गगन-बुत्रल तथा व्मात्रऩनी व्मोभरुऩे, शॊशॊशॊ-कायनादे वुयगणनसभते याषवानाॊ सनशॊत्रि॥२॥ऐॊ रोके क तामॊती भभ शयतु बमॊ िॊडरुऩे नभस्ते, घ्राॊ घ्राॊ घ्राॊ घोयरुऩे घघघघघफटते घघाये घोययाले।सनभांवे काकजॊघे घसवत-नख-नखा-धूम्र-नेिे त्रिनेिे, शस्ताब्जे ळूरभुॊडे करकु रकु कु रे श्रीभशेळी नभस्ते॥३॥क्र ॊ क्र ॊ क्र ॊ ऐॊ कु भायी कु शकु शभस्खरे कोफकरे, भानुयागे भुद्रावॊसत्रियेखाॊ कु रु कु रु वततॊ श्रीभशाभारय गुह्ये।तेजंगे सवत्रद्धनाथे भनुऩलनिरे नैल आसा सनधाने, ऐॊकाये यात्रिभध्मे ळसमतऩळुजने तॊिकाॊते नभस्ते॥४॥ॐ व्राॊ व्रीॊ व्रुॊ व्रूॊ कत्रलत्मे दशनऩुयगते रुक्भरुऩेण िक्रे , त्रि्ळक्त्मा मुिलणााफदककयनसभते दाफदलॊऩूणालणे।ह्रीॊ-स्थाने काभयाजे ज्लर ज्लर ज्लसरते कोसळतैस्तास्तुऩिे स्लच्छॊदॊ कष्टनाळे वुयलयलऩुऴे गुह्यभुॊडे नभस्ते॥५॥ॐ घ्राॊ घ्रीॊ घ्रूॊ घोयतुॊडे घघघघघघघे घघायान्माॊसघ्रघोऴे, ह्रीॊ क्र ॊ द्रॊ द्रं ि िक्र य य य य यसभते वलाफोधप्रधाने।द्रीॊ तीथे द्रीॊ तज्मेष्ठ जुगजुगजजुगे म्रेच्छदे कारभुॊडे, वलांगे यिघोयाभथनकयलये लज्रदॊडे नभस्ते॥६॥ॐ क्राॊ क्र ॊ क्रूॊ लाभसबत्ते गगनगडगडे गुह्यमोन्माफशभुॊडे, लज्राॊगे लज्रशस्ते वुयऩसतलयदे भत्तभातॊगरुढे।वूतेजे ळुद्धदेशे रररररसरते छेफदते ऩाळजारे, कुॊ डल्माकायरुऩे लृऴलृऴबशये ऐॊफद्र भातनाभस्ते॥७॥ॐ शुॊशुॊशुॊकायनादे कऴकऴलसवनी भाॊसव लैतारशस्ते, वुॊसवद्धऴै् वुसवत्रद्धढाढढढढढढ् वलाबषी प्रिॊडी।जूॊ व् वं ळाॊसतकभे भृतभृतसनगडे सन्वभे वीवभुद्रे, देत्रल त्लॊ वाधकानाॊ बलबमशयणे बद्रकारी नभस्ते॥८॥ॐ देत्रल त्लॊ तुमाशस्ते कयधृतऩरयघे त्लॊ लयाशस्लरुऩे, त्लॊ िंद्री त्लॊ कु फेयी त्लभसव ि जननी त्लॊ ऩुयाणी भशंद्री।ऐॊ ह्रीॊ ह्रीॊ कायबूते अतरतरतरे बूतरे स्लगाभागे, ऩातारे ळैरबृॊगे शरयशयबुलने सवत्रद्धिॊडी नभस्ते॥९॥शॊसव त्लॊ ळंडदु्खॊ ळसभतबलबमे वलात्रलघ्नाॊतकामे, गाॊगीॊगूॊगंऴडॊगे गगनगफटतटे सवत्रद्धदे सवत्रद्धवाध्मे।क्रूॊ क्रूॊ भुद्रागजाॊळो गवऩलनगते त्र्मषये लै कयारे, ॐ शीॊ शूॊ गाॊ गणेळी गजभुखजननी त्लॊ गणेळी नभस्ते॥१०॥॥इसत भाका ण्डेम कृ त रघु वद्ऱळती दुगाा स्तोिभ्॥ क्मा आऩके फच्िे कु वॊगती के सळकाय शं? क्मा आऩके फच्िे आऩका कशना नशीॊ भान यशे शं? क्मा आऩके फच्िे घय भं अळाॊसत ऩैदा कय यशे शं?घय ऩरयलाय भं ळाॊसत एलॊ फच्िे को कु वॊगती वे छु डाने शेतु फच्िे के नाभ वे गुरुत्ल कामाारत द्राया ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधानवे भॊि सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्म मुि लळीकयण कलि एलॊ एव.एन.फडब्फी फनलारे एलॊ उवे अऩने घय भं स्थात्रऩतकय अल्ऩ ऩूजा, त्रलसध-त्रलधान वे आऩ त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ कय वकते शं। मफद आऩ तो आऩ भॊि सवद्ध लळीकयण कलि एलॊएव.एन.फडब्फी फनलाना िाशते शं, तो वॊऩका इव कय वकते शं।GURUTVA KARYALAYBHUBNESWAR-751018, (ORISSA), Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in, Visit Us: www.gurutvakaryalay.com
    • 43 अप्रेर 2013नल दुगाा स्तुसतअभय ऩसत भुकु ट िुस्म्फत ियणाम्फुज वकर बुलन वुख जननी।जमसत जगदीळ लस्न्दता वकराभर सनष्करा दुगाा॥१॥त्रलकृ त नख दळन बूऴण रुसधय लवाच्षुरयत खड्ग कृ त शस्ता।जमसत नय भुण्ड भस्ण्डत त्रऩसळत वुयावल यता िण्डी॥२॥प्रज्लसरत सळस्ख गणोज्ज्लर त्रलकट जटा फद्ध िन्द्र भस्ण ळोबा।जमसत फदगम्फय बूऴा सवद्ध लटेळा भशा रक्ष्भी्॥३॥कय कभर जसनत ळोबा ऩद्मावन फद्ध लदना ि।जमसत कभण्डरु शस्ता नन्दा देली नतासता शया॥४॥फदग ् लवना त्रलकृ त भुखा पे तकायोद्दाभ ऩूरयत फदगौघा।जमसत त्रलकयार देशा षेभ कयी यौद्र बालस्था॥५॥षोसबत ब्रह्माण्डोदय स्ल भुख स्लय शुॊ कृ त सननादा।जमसत भशी भफशता वा सळल दूत्माख्मा प्रथभ ळत्रि्॥६॥भुिाट्टशाव बैयल दुस्वश यल िफकत वकर फदक् िक्रा।जमसत बुजगेन्द्र फन्धन ळोसबत कणाा भशा रुण्डा॥७॥ऩटु ऩटश भुयज भदार झल्ररय कायाल नसतातालमला।जमसत भधु लृत रुऩा दैन्म शयी भ्राभयी देली॥८॥ळान्ता प्रळान्त लदना सवॊश यथा ध्मान मोग वस्न्नष्ठा।जमसत ितुबुाज देशा िन्द्र करा िन्द्र भॊगरा देली॥९॥ऩष ऩुट िञ्िु घातै् वञ्िूस्णात त्रललुध ळिु वॊघाता।जमसत सळत ळूर शस्ता फशु रुऩा येलती यौद्रा॥१०॥ऩमाटसत ळत्रि शस्ता त्रऩतृ लन सनरमेऴु मोसगनी वफशता।जमसत शय सवत्रद्ध नाम्नो शरय सवत्रद्ध लस्न्दता सवद्धै्॥११॥नलदुगाा यषाभॊिॐ ळैरऩुिी भैमा यषा कयो।ॐ जगजनसन देली यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ ब्रह्मिारयणी भैमा यषा कयो।ॐ बलतारयणी देली यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ िॊद्रघणटा िॊडी यषा कयो।ॐ बमशारयणी भैमा यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ कु ऴभाणडा तुभ शी यषा कयो।ॐ ळत्रिरूऩा भैमा यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ स्कन्दभाता भाता भैमा यषा कयो।ॐ जगदम्फा जनसन यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ कात्मासमनी भैमा यषा कयो।ॐ ऩाऩनासळनी अॊफे यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ कारयात्रि कारी यषा कयो।ॐ वुखदाती भैमा यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ भशागौयी भैमा यषा कयो।ॐ बत्रिदाती यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।ॐ सवत्रद्धयात्रि भैमा यषा कयो।ॐ नल दुगाा देली यषा कयो।ॐ नल दुगाा नभ्।ॐ जगजननी नभ्।
    • 44 अप्रेर 2013देली उऩावना भं उऩमुि एलॊ सनत्रऴद्ध ऩि ऩुष्ऩ सिॊतन जोळीदेली के सरमे उऩमुि ऩि-ऩुष्ऩ का िमन त्रलद्रानं के भतानुळाय जो ऩि-ऩुष्ऩ बगलान सळलजी को त्रप्रम शं मा जो सळलजी को अऩाण फकमे जाते शं ले वबी ऩि-ऩुष्ऩ देली बगलती को बी त्रप्रम शं । देली बगलती को अऩाभागा असधक त्रप्रम शं, इव सरए असधकतय देली ऩूजन भं अऩाभागा त्रलळेऴ रुऩ वे िढा़मा जाता शं। इव के अराला त्रलद्रानो का कथन शं क जो ऩि-ऩुष्ऩ ळास्त्रोोि त्रलधान वे बगलान सळल क ऩूजा भं सनऴेध शं उवे बीदेली ऩूजन भं िढ़ामे जा वकते शं। देली बगलती को वबी प्रकाय के रार पू र िढा़एॊ जा वकते शं क्मोफक रार यॊग के वबी पू र बगलतीको त्रप्रम शंतथा वुगस्न्धत वभस्त श्वेत पू र बी बगलतीको असधक त्रप्रम शं। देली बगलती के ऩूजन भं िभेरी, भदाय, के वय, फेरा, श्वेत औय रार पू र, श्वेत कभर, ऩराळ, तगय, अळोक, िॊऩा,भौरसवयी, कुॊ द, रोध, कनेय, आक, ळीळभ औय अऩयास्जत ( अथाात ळॊखऩुष्ऩी) आफदका उऩमोग फकमा जा वकता शं। कु छ जानकायं का कथन शं क देली बगलती के ऩूजन भं आक औय भदाय मश दो पू रं को सनऴेध शं। मशीॊ कायण शं क उि दोनं पू र को त्रलसबन्न भत के कायण देली दुगाा के ऩूजन भे उऩमोग बी फकम जाते शं औयसनत्रऴद्ध बी भाने जाते शं। मफद फकवी कायण लळ जफ अन्म उऩमुि पू र न सभरे तफ इन दोनंका उऩमोग फकमा जा वकता शं । देली दुगाा को छोिकय देत्रलमं ऩय इन दोनं को नशीॊ िढा़ना िाफशए। रेफकन देली दुगाा ऩय िढ़ामा जा वकता शं।क्मंफक कु छ जानकायं का भत शं क दुगााक ऩूजाभं इन दोनंका त्रलधान ळास्त्रोोि शं। ळभी, अळोक, कस्णाकाय (कसनमाय मा अभरताव), गूभा, दोऩशरयमा, अगस्त्म, भदन, सवन्दुलाय, ळल्रक , भाधलआफद रताऍ, कु ळक भॊजरयमॉॊ, त्रफल्लऩि, के लिा, कदम्फ, बटकटैमा, कभर मे पू र देली बगलती को त्रप्रम शं। आक औय भदायक तयश दूलाा, सतरक, भारती, तुरवी, बॊगयैमा औय तभार उऩमुि एलॊ प्रसतत्रऴद्ध शं अथाात मेळास्त्रोंवे त्रलफशत बी शं औय सनत्रऴद्ध बी शं।* त्रलफशत-प्रसतसळद्धके वम्फन्धके तत्त्लवागयवॊफशताक भं उल्रेख शं फक जफ ळास्त्रोंवे त्रलफशत पू र न सभर ऩामं तो त्रलफशत-प्रसतत्रऴद्ध पू रंवे ऩूजा फक जा वकती शं।ग्रश ळाॊसत शेतु त्रलळेऴ भॊि सवद्ध कलिकारवऩा ळाॊसत कलि 2800 भाॊगसरक मोग सनलायण कलि 1250 सवद्ध गुरु कलि 550ळसन वािेवाती औय ढ़ैमा कष्ट सनलायण कलि 1900 नलग्रश ळाॊसत 910 सवद्ध ळुक्र कलि 550श्रात्रऩत मोग सनलायण कलि 1900 सवद्ध वूमा कलि 550 सवद्ध ळसन कलि 550िॊडार मोग सनलायण कलि 1450 सवद्ध भॊगर कलि 550 सवद्ध याशु कलि 550ग्रशण मोग सनलायण कलि 1450 सवद्ध फुध कलि 550 >> Order NowGURUTVA KARYALAYCall Us - 9338213418, 9238328785, Email: gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.comWebsite: www.gurutvakaryalay.com www.gurutvajyotish.com
    • 45 अप्रेर 201318 अप्रेरफदन 03:30वे यात बयगुरु ऩुष्माभृत मोग सिॊतन जोळीशय फदन फदरने लारे नषि भे ऩुष्म नषि बी एक नषि शै, एलॊ अन्दाज वे शय २७लं फदन ऩुष्म नषि शोता शै।मश स्जव लाय को आता शै, इवका नाभ बी उवी प्रकाय यखा जाता शै।इवी प्रकाय गुरुलाय को ऩुष्म नषि शोने वे गुरु ऩुष्म मोग कशाजात शै।गुरु ऩुष्म मोग के फाये भं त्रलद्रान ज्मोसतत्रऴमो का कशना शं फक ऩुष्म नषि भं धन प्रासद्ऱ, िाॊदी, वोना, नमे लाशन,फशी-खातं क खयीदायी एलॊ गुरु ग्रश वे वॊफॊसधत लस्तुए अत्मासधक राब प्रदान कयती शै।शय व्मत्रि अऩने ळुब कामो भं वपरता शेतु इव ळुब भशूता का िमन कय वफवे उऩमुि राब प्राद्ऱ कय वकताशै औय अळुबता वे फि वकता शै।अऩने जीलन भं फदन-प्रसतफदन वपरता क प्रासद्ऱ के सरए इव अद्भुत भशूतालारे फदन फकवी बी नमे कामा को जेवे नौकयी, व्माऩाय मा ऩरयलाय वे जुिे कामा, फॊधशो िुके कामा ळुरू कयने के सरमे एलॊ जीलन के कोई बी अन्म भशत्लऩूणा षेि भंकामा कयने वे 99.9% सनस्श्चत वपरता क वॊबालना शोसत शै। गुरुऩुष्माभृत मोग फशोत कभ फनता शै जफ गुरुलाय के फदन ऩुष्म नषिशोता शै । तफ फनता शै गुरु ऩुष्म मोग। गुरुलाय के फदन ळुब कामो एलॊ आध्मात्भ वे वॊफॊसधत कामा कयना असत ळुबएलॊ भॊगरभम शोता शै। ऩुष्म नषि बी वबी प्रकाय के ळुब कामो एलॊ आध्मात्भ वे जुडे कामो के सरमे असत ळुब भाना गमा शै। जफ गुरुलाय के फदन ऩुष्म नषि शोता तफ मश मोग फन जाता शै अद्भुत एलॊ अत्मॊत ळुब पर प्रद अभृत मोग। एक वाधक के सरए फेशद पामदेभॊद शोता शं गुरुऩुष्माभृत मोग। इव फदन त्रलद्रान एलॊ गुढ यशस्मो के जानकाय भाॊ भशारक्ष्भी क वाधना कयने क वराश देते शै। मश मोग त्रलळेऴ वाधना के सरमे असत ळुब एलॊ ळीघ्र ऩयीणाभ देने लारा शोता शै। भाॊ भशारक्ष्भी का आह्वान कयके अत्मॊत वयरता वे उनक कृ ऩा द्रत्रष्ट वे वभृत्रद्ध औय ळाॊसत प्राद्ऱ फक जावकती शै।ऩुष्म नषि का भशत्ल क्मं शं?ळास्त्रोो भं ऩुष्म नषि को नषिं का याजा फतामा गमा शं। स्जवका स्लाभी ळसन ग्रश शं। ळसन को ज्मोसतऴ भंस्थासमत्ल का प्रतीक भाना गमा शं। अत् ऩुष्म नषि वफवे ळुब नषिो भं वे एक शं।मफद यत्रललाय को ऩुष्म नषि शो तो यत्रल ऩुष्म मोग औय गुरुलाय को शो तो औय गुरु ऩुष्म मोग कशराता शं।ळास्त्रों भं ऩुष्म मोग को 100 दोऴं को दूय कयने लारा, ळुब कामा उद्देश्मो भं सनस्श्चत वपरता प्रदान कयने लाराएलॊ फशुभूल्म लस्तुओॊ फक खयीदायी शेतु वफवे श्रेष्ठ एलॊ ळुब परदामी मोग भाना गमा शै।गुरुलाय के फदन ऩुष्म नषि के वॊमोग वे वलााथा अभृतसवत्रद्ध मोग फनता शै। ळसनलाय के फदन ऩुष्म नषि केवॊमोग वे वलााथासवत्रद्ध मोग शोता शै। ऩुष्म नषि को ब्रह्माजी का श्राऩ सभरा था। इवसरए ळास्त्रोोि त्रलधान वे ऩुष्म नषिभं त्रललाश लस्जात भाना गमा शै।3
    • 46 अप्रेर 2013वला कामा सवत्रद्ध कलिस्जव व्मत्रि को राख प्रमत्न औय ऩरयश्रभ कयने के फादबी उवे भनोलाॊसछत वपरतामे एलॊफकमे गमे कामा भं सवत्रद्ध (राब) प्राद्ऱ नशीॊ शोती, उव व्मत्रि को वला कामा सवत्रद्ध कलि अलश्मधायण कयना िाफशमे।कलि के प्रभुख राब: वला कामा सवत्रद्ध कलि के द्राया वुख वभृत्रद्ध औय नल ग्रशं केनकायात्भक प्रबाल को ळाॊत कय धायण कयता व्मत्रि के जीलन वे वला प्रकाय के दु:ख-दारयद्र कानाळ शो कय वुख-वौबाग्म एलॊ उन्नसत प्रासद्ऱ शोकय जीलन भे वसब प्रकाय के ळुब कामा सवद्ध शोतेशं। स्जवे धायण कयने वे व्मत्रि मफद व्मलवाम कयता शोतो कायोफाय भे लृत्रद्ध शोसत शं औय मफदनौकयी कयता शोतो उवभे उन्नसत शोती शं। वला कामा सवत्रद्ध कलि के वाथ भं वलाजन लळीकयण कलि के सभरे शोने क लजश वे धायणकताा क फात का दूवये व्मत्रिओ ऩय प्रबाल फना यशता शं। वला कामा सवत्रद्ध कलि के वाथ भं अष्ट रक्ष्भी कलि के सभरे शोने क लजश वे व्मत्रि ऩय वदाभाॊ भशा रक्ष्भी क कृ ऩा एलॊ आळीलााद फना यशता शं। स्जस्वे भाॊ रक्ष्भी के अष्ट रुऩ (१)-आफद रक्ष्भी, (२)-धान्म रक्ष्भी, (३)- धैमा रक्ष्भी, (४)-गज रक्ष्भी, (५)-वॊतान रक्ष्भी, (६)-त्रलजम रक्ष्भी, (७)-त्रलद्या रक्ष्भी औय (८)-धन रक्ष्भी इन वबी रुऩो का अळीलााद प्राद्ऱ शोता शं। वला कामा सवत्रद्ध कलि के वाथ भं तॊि यषा कलि के सभरे शोने क लजश वे ताॊत्रिक फाधाए दूयशोती शं, वाथ शी नकायात्भक ळत्रिमो का कोइ कु प्रबाल धायण कताा व्मत्रि ऩय नशीॊ शोता। इवकलि के प्रबाल वे इऴाा-द्रेऴ यखने लारे व्मत्रिओ द्राया शोने लारे दुष्ट प्रबालो वे यषा शोती शं। वला कामा सवत्रद्ध कलि के वाथ भं ळिु त्रलजम कलि के सभरे शोने क लजश वे ळिु वे वॊफॊसधतवभस्त ऩयेळासनओ वे स्लत् शी छु टकाया सभर जाता शं। कलि के प्रबाल वे ळिु धायण कतााव्मत्रि का िाशकय कु छ नशी त्रफगाि वकते।अन्म कलि के फाये भे असधक जानकायी के सरमे कामाारम भं वॊऩका कये:फकवी व्मत्रि त्रलळेऴ को वला कामा सवत्रद्ध कलि देने नशी देना का अॊसतभ सनणाम शभाये ऩाव वुयस्षत शं।>> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us - 9338213418, 9238328785Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com(ALL DISPUTES SUBJECT TO BHUBANESWAR JURISDICTION)
    • 47 अप्रेर 2013शभाये त्रलळेऴ मॊिव्माऩाय लृत्रद्ध मॊि: शभाये अनुबलं के अनुळाय मश मॊि व्माऩाय लृत्रद्ध एलॊ ऩरयलाय भं वुख वभृत्रद्ध शेतु त्रलळेऴ प्रबालळारी शं।बूसभराब मॊि: बूसभ, बलन, खेती वे वॊफॊसधत व्मलवाम वे जुिे रोगं के सरए बूसभराब मॊि त्रलळेऴ राबकायी सवद्धशुला शं।तॊि यषा मॊि: फकवी ळिु द्राया फकमे गमे भॊि-तॊि आफद के प्रबाल को दूय कयने एलॊ बूत, प्रेत नज़य आफद फुयी ळत्रिमंवे यषा शेतु त्रलळेऴ प्रबालळारी शं।आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ मॊि: अऩने नाभ के अनुळाय शी भनुष्म को आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ शेतु परप्रद शं इव मॊि केऩूजन वे वाधक को अप्रत्मासळत धन राब प्राद्ऱ शोता शं। िाशे लश धन राब व्मलवाम वे शो, नौकयी वे शो, धन-वॊऩत्रत्तइत्माफद फकवी बी भाध्मभ वे मश राब प्राद्ऱ शो वकता शं। शभाये लऴं के अनुवॊधान एलॊ अनुबलं वे शभने आकस्स्भकधन प्रासद्ऱ मॊि वे ळेमय ट्रेफडॊग, वोने-िाॊदी के व्माऩाय इत्माफद वॊफॊसधत षेि वे जुडे रोगो को त्रलळेऴ रुऩ वे आकस्स्भकधन राब प्राद्ऱ शोते देखा शं। आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ मॊि वे त्रलसबन्न स्रोोत वे धनराब बी सभर वकता शं।ऩदौन्नसत मॊि: ऩदौन्नसत मॊि नौकयी ऩैवा रोगो के सरए राबप्रद शं। स्जन रोगं को अत्मासधक ऩरयश्रभ एलॊ श्रेष्ठ कामाकयने ऩय बी नौकयी भं उन्नसत अथाात प्रभोळन नशीॊ सभर यशा शो उनके सरए मश त्रलळेऴ राबप्रद शो वकता शं।यत्नेश्वयी मॊि: यत्नेश्वयी मॊि शीये-जलाशयात, यत्न ऩत्थय, वोना-िाॊदी, ज्लैरयी वे वॊफॊसधत व्मलवाम वे जुडे रोगं के सरएअसधक प्रबाली शं। ळेय फाजाय भं वोने-िाॊदी जैवी फशुभूल्म धातुओॊ भं सनलेळ कयने लारे रोगं के सरए बी त्रलळेऴराबदाम शं।बूसभ प्रासद्ऱ मॊि: जो रोग खेती, व्मलवाम मा सनलाव स्थान शेतु उत्तभ बूसभ आफद प्राद्ऱ कयना िाशते शं, रेफकन उवकामा भं कोई ना कोई अििन मा फाधा-त्रलघ्न आते यशते शो स्जव कायण कामा ऩूणा नशीॊ शो यशा शो, तो उनके सरएबूसभ प्रासद्ऱ मॊि उत्तभ परप्रद शो वकता शं।गृश प्रासद्ऱ मॊि: जो रोग स्लमॊ का घय, दुकान, ओफपव, पै क्टयी आफद के सरए बलन प्राद्ऱ कयना िाशते शं। मथाथाप्रमावो के उऩयाॊत बी उनक असबराऴा ऩूणा नशीॊ शो ऩायशी शो उनके सरए गृश प्रासद्ऱ मॊि त्रलळेऴ उऩमोगी सवद्ध शो वकता शं।कै राव धन यषा मॊि: कै राव धन यषा मॊि धन लृत्रद्ध एलॊ वुख वभृत्रद्ध शेतु त्रलळेऴ परदाम शं।आसथाक राब एलॊ वुख वभृत्रद्ध शेतु 19 दुराब रक्ष्भी मॊि >> Order Nowत्रलसबन्न रक्ष्भी मॊिश्री मॊि (रक्ष्भी मॊि) भशारक्ष्भमै फीज मॊि कनक धाया मॊिश्री मॊि (भॊि यफशत) भशारक्ष्भी फीवा मॊि लैबल रक्ष्भी मॊि (भशान सवत्रद्ध दामक श्री भशारक्ष्भी मॊि)श्री मॊि (वॊऩूणा भॊि वफशत) रक्ष्भी दामक सवद्ध फीवा मॊि श्री श्री मॊि (रसरता भशात्रिऩुय वुन्दमै श्री भशारक्ष्भमं श्री भशामॊि)श्री मॊि (फीवा मॊि) रक्ष्भी दाता फीवा मॊि अॊकात्भक फीवा मॊिश्री मॊि श्री वूि मॊि रक्ष्भी फीवा मॊि ज्मेष्ठा रक्ष्भी भॊि ऩूजन मॊिश्री मॊि (कु भा ऩृष्ठीम) रक्ष्भी गणेळ मॊि धनदा मॊि >> Order NowGURUTVA KARYALAY :Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785
    • 48 अप्रेर 2013वलासवत्रद्धदामक भुफद्रकाइव भुफद्रका भं भूॊगे को ळुब भुशूता भं त्रिधातु (वुलणा+यजत+ताॊफं) भं जिला कय उवे ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे त्रलसळष्ट तेजस्ली भॊिो द्राया वलासवत्रद्धदामक फनाने शेतु प्राण-प्रसतत्रष्ठत एलॊ ऩूणा िैतन्म मुि फकमाजाता शं। इव भुफद्रका को फकवी बी लगा के व्मत्रि शाथ क फकवी बी उॊगरी भं धायण कय वकते शं।मशॊ भुफद्रका कबी फकवी बी स्स्थती भं अऩत्रलि नशीॊ शोती। इव सरए कबी भुफद्रका को उतायने कआलश्मिा नशीॊ शं। इवे धायण कयने वे व्मत्रि क वभस्माओॊ का वभाधान शोने रगता शं। धायणकतााको जीलन भं वपरता प्रासद्ऱ एलॊ उन्नसत के नमे भागा प्रवस्त शोते यशते शं औय जीलन भं वबी प्रकायक सवत्रद्धमाॊ बी ळीध्र प्राद्ऱ शोती शं। भूल्म भाि- 6400/- >> Order Now(नोट: इव भुफद्रका को धायण कयने वे भॊगर ग्रश का कोई फुया प्रबाल वाधक ऩय नशीॊ शोता शं।)वलासवत्रद्धदामक भुफद्रका के त्रलऴम भं असधक जानकायी के सरमे शेतु वम्ऩका कयं।ऩसत-ऩत्नी भं करश सनलायण शेतुमफद ऩरयलायं भं वुख-वुत्रलधा के वभस्त वाधान शोते शुए बी छोटी-छोटी फातो भं ऩसत-ऩत्नी के त्रफि भे करश शोता यशता शं,तो घय के स्जतने वदस्म शो उन वफके नाभ वे गुरुत्ल कामाारत द्राया ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे भॊि सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठतऩूणा िैतन्म मुि लळीकयण कलि एलॊ गृश करश नाळक फडब्फी फनलारे एलॊ उवे अऩने घय भं त्रफना फकवी ऩूजा, त्रलसध-त्रलधान वे आऩ त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ कय वकते शं। मफद आऩ भॊि सवद्ध ऩसत लळीकयण मा ऩत्नी लळीकयण एलॊ गृश करशनाळक फडब्फी फनलाना िाशते शं, तो वॊऩका आऩ कय वकते शं।100 वे असधक जैन मॊिशभाये मशाॊ जैन धभा के वबी प्रभुख, दुराब एलॊ ळीघ्र प्रबालळारी मॊि ताम्र ऩि,सवरलय (िाॊदी) ओय गोल्ड (वोने) भे उऩरब्ध शं।शभाये मशाॊ वबी प्रकाय के मॊि कोऩय ताम्र ऩि, सवरलय (िाॊदी) ओय गोल्ड (वोने) भे फनलाए जाते शै। इवकेअराला आऩक आलश्मकता अनुळाय आऩके द्राया प्राद्ऱ (सिि, मॊि, फिज़ाईन) के अनुरुऩ मॊि बी फनलाएजाते शै. गुरुत्ल कामाारम द्राया उऩरब्ध कयामे गमे वबी मॊि अखॊफडत एलॊ 22 गेज ळुद्ध कोऩय(ताम्रऩि)- 99.99 टि ळुद्ध सवरलय (िाॊदी) एलॊ 22 के येट गोल्ड (वोने) भे फनलाए जाते शै। मॊि के त्रलऴम भेअसधक जानकायी के सरमे शेतु वम्ऩका कयं।GURUTVA KARYALAYCall us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Visit Us: www.gurutvakaryalay.com www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 49 अप्रेर 2013द्रादळ भशा मॊिमॊि को असत प्रासिन एलॊ दुराब मॊिो के वॊकरन वे शभाये लऴो के अनुवॊधानद्राया फनामा गमा शं। ऩयभ दुराब लळीकयण मॊि, बाग्मोदम मॊि भनोलाॊसछत कामा सवत्रद्ध मॊि याज्म फाधा सनलृत्रत्त मॊि गृशस्थ वुख मॊि ळीघ्र त्रललाश वॊऩन्न गौयी अनॊग मॊि वशस्त्रोाषी रक्ष्भी आफद्ध मॊि आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ मॊि ऩूणा ऩौरुऴ प्रासद्ऱ काभदेल मॊि योग सनलृत्रत्त मॊि वाधना सवत्रद्ध मॊि ळिु दभन मॊिउऩयोि वबी मॊिो को द्रादळ भशा मॊि के रुऩ भं ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे भॊि सवद्ध ऩूणाप्राणप्रसतत्रष्ठत एलॊ िैतन्म मुि फकमे जाते शं। स्जवे स्थाऩीत कय त्रफना फकवी ऩूजा अिाना-त्रलसध त्रलधान त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ कय वकते शं। >> Order Now क्मा आऩके फच्िे कु वॊगती के सळकाय शं? क्मा आऩके फच्िे आऩका कशना नशीॊ भान यशे शं? क्मा आऩके फच्िे घय भं अळाॊसत ऩैदा कय यशे शं?घय ऩरयलाय भं ळाॊसत एलॊ फच्िे को कु वॊगती वे छु डाने शेतु फच्िे के नाभ वे गुरुत्ल कामाारतद्राया ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे भॊि सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्म मुि लळीकयण कलि एलॊएव.एन.फडब्फी फनलारे एलॊ उवे अऩने घय भं स्थात्रऩत कय अल्ऩ ऩूजा, त्रलसध-त्रलधान वे आऩत्रलळेऴ राब प्राद्ऱ कय वकते शं। मफद आऩ तो आऩ भॊि सवद्ध लळीकयण कलि एलॊ एव.एन.फडब्फीफनलाना िाशते शं, तो वॊऩका इव कय वकते शं।GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA,BHUBNESWAR-751018, (ORISSA), Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,
    • 50 अप्रेर 2013Buy and View Product OnlineVisit. www.gurutvakaryalay.com
    • 51 अप्रेर 2013Buy and View Product OnlineVisit. www.gurutvakaryalay.com
    • 52 अप्रेर 2013वॊऩूणा प्राणप्रसतत्रष्ठत 22 गेज ळुद्ध स्टीर भं सनसभात अखॊफडतऩुरुऴाकाय ळसन मॊिऩुरुऴाकाय ळसन मॊि (स्टीर भं) को तीव्र प्रबालळारी फनाने शेतु ळसन क कायक धातु ळुद्ध स्टीर(रोशे)भं फनामा गमा शं। स्जव के प्रबाल वे वाधक को तत्कार राब प्राद्ऱ शोता शं। मफद जन्भ कुॊ डरी भंळसन प्रसतकू र शोने ऩय व्मत्रि को अनेक कामं भं अवपरता प्राद्ऱ शोती शै, कबी व्मलवाम भं घटा,नौकयी भं ऩयेळानी, लाशन दुघाटना, गृश क्रेळ आफद ऩयेळानीमाॊ फढ़ती जाती शै ऐवी स्स्थसतमं भंप्राणप्रसतत्रष्ठत ग्रश ऩीिा सनलायक ळसन मॊि क अऩने को व्मऩाय स्थान मा घय भं स्थाऩना कयने वेअनेक राब सभरते शं। मफद ळसन क ढै़मा मा वाढ़ेवाती का वभम शो तो इवे अलश्म ऩूजना िाफशए।ळसनमॊि के ऩूजन भाि वे व्मत्रि को भृत्मु, कजा, कोटाके ळ, जोडो का ददा, फात योग तथा रम्फे वभमके वबी प्रकाय के योग वे ऩयेळान व्मत्रि के सरमे ळसन मॊि असधक राबकायी शोगा। नौकयी ऩेळा आफदके रोगं को ऩदौन्नसत बी ळसन द्राया शी सभरती शै अत् मश मॊि असत उऩमोगी मॊि शै स्जवके द्रायाळीघ्र शी राब ऩामा जा वकता शै। भूल्म: 1050 वे 8200 >> Order Nowवॊऩूणा प्राणप्रसतत्रष्ठत22 गेज ळुद्ध स्टीर भं सनसभात अखॊफडतळसन तैसतवा मॊिळसनग्रश वे वॊफॊसधत ऩीडा के सनलायण शेतु त्रलळेऴ राबकायी मॊि।भूल्म: 550 वे 8200 >> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 53 अप्रेर 2013नलयत्न जफित श्री मॊिळास्त्रो लिन के अनुवाय ळुद्ध वुलणा मा यजतभं सनसभात श्री मॊि के िायं औय मफद नलयत्नजिला ने ऩय मश नलयत्न जफित श्री मॊिकशराता शं। वबी यत्नो को उवके सनस्श्चतस्थान ऩय जि कय रॉके ट के रूऩ भं धायणकयने वे व्मत्रि को अनॊत एश्वमा एलॊ रक्ष्भीक प्रासद्ऱ शोती शं। व्मत्रि को एवा आबावशोता शं जैवे भाॊ रक्ष्भी उवके वाथ शं।नलग्रश को श्री मॊि के वाथ रगाने वे ग्रशंक अळुब दळा का धायणकयने लारे व्मत्रिऩय प्रबाल नशीॊ शोता शं।गरे भं शोने के कायण मॊि ऩत्रलि यशता शं एलॊ स्नान कयते वभम इव मॊि ऩय स्ऩळा कय जोजर त्रफॊदु ळयीय को रगते शं, लश गॊगा जर के वभान ऩत्रलि शोता शं। इव सरमे इवे वफवेतेजस्ली एलॊ परदासम कशजाता शं। जैवे अभृत वे उत्तभ कोई औऴसध नशीॊ, उवी प्रकाय रक्ष्भीप्रासद्ऱ के सरमे श्री मॊि वे उत्तभ कोई मॊि वॊवाय भं नशीॊ शं एवा ळास्त्रोोि लिन शं। इव प्रकाय केनलयत्न जफित श्री मॊि गुरूत्ल कामाारम द्राया ळुब भुशूता भं प्राण प्रसतत्रष्ठत कयके फनालाए जातेशं। Rs: 2350, 2800, 3250, 3700, 4600, 5500 वे 10,900 तक >> Order Nowअसधक जानकायी शेतु वॊऩका कयं।GURUTVA KARYALAY92/3BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,
    • 54 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध लाशन दुघाटना नाळक भारुसत मॊिऩौयास्णक ग्रॊथो भं उल्रेख शं क भशाबायत के मुद्ध के वभम अजुान के यथ के अग्रबाग ऩय भारुसत ध्लज एलॊभारुसत मन्ि रगा शुआ था। इवी मॊि के प्रबाल के कायण वॊऩूणा मुद्ध के दौयान शज़ायं-राखं प्रकाय के आग्नेम अस्त्रो-ळस्त्रों का प्रशाय शोने के फाद बी अजुान का यथ जया बी षसतग्रस्त नशीॊ शुआ। बगलान श्री कृ ष्ण भारुसत मॊि के इवअद्भुत यशस्म को जानते थे फक स्जव यथ मा लाशन क यषा स्लमॊ श्री भारुसत नॊदन कयते शं, लश दुघाटनाग्रस्त कै वे शोवकता शं। लश यथ मा लाशन तो लामुलेग वे, सनफाासधत रुऩ वे अऩने रक्ष्म ऩय त्रलजम ऩतका रशयाता शुआ ऩशुॊिेगा।इवी सरमे श्री कृ ष्ण नं अजुान के यथ ऩय श्री भारुसत मॊि को अॊफकत कयलामा था।स्जन रोगं के स्कू टय, काय, फव, ट्रक इत्माफद लाशन फाय-फाय दुघाटना ग्रस्त शो यशे शो!, अनालश्मक लाशन कोनुषान शो यशा शं! उन्शं शानी एलॊ दुघाटना वे यषा के उद्देश्म वे अऩने लाशन ऩय भॊि सवद्ध श्री भारुसत मॊि अलश्मरगाना िाफशए। जो रोग ट्रान्स्ऩोफटंग (ऩरयलशन) के व्मलवाम वे जुडे शं उनको श्रीभारुसत मॊि को अऩने लाशन भं अलश्मस्थात्रऩत कयना िाफशए, क्मोफक, इवी व्मलवाम वे जुडे वैकडं रोगं का अनुबल यशा शं क श्री भारुसत मॊि को स्थात्रऩतकयने वे उनके लाशन असधक फदन तक अनालश्मक खिो वे एलॊ दुघाटनाओॊ वे वुयस्षत यशे शं। शभाया स्लमॊका एलॊ अन्मत्रलद्रानो का अनुबल यशा शं, क स्जन रोगं ने श्री भारुसत मॊि अऩने लाशन ऩय रगामा शं, उन रोगं के लाशन फडी वेफडी दुघाटनाओॊ वे वुयस्षत यशते शं। उनके लाशनो को कोई त्रलळेऴ नुक्ळान इत्माफद नशीॊ शोता शं औय नाशीॊ अनालश्मकरुऩ वे उवभं खयाफी आसत शं।लास्तु प्रमोग भं भारुसत मॊि: मश भारुसत नॊदन श्री शनुभान जी का मॊि शै। मफद कोई जभीन त्रफक नशीॊ यशी शो, मा उवऩय कोई लाद-त्रललाद शो, तो इच्छा के अनुरूऩ लशॉ जभीन उसित भूल्म ऩय त्रफक जामे इव सरमे इव भारुसत मॊि काप्रमोग फकमा जा वकता शं। इव भारुसत मॊि के प्रमोग वे जभीन ळीघ्र त्रफक जाएगी मा त्रललादभुि शो जाएगी। इव सरमेमश मॊि दोशयी ळत्रि वे मुि शै।भारुसत मॊि के त्रलऴम भं असधक जानकायी के सरमे गुरुत्ल कामाारम भं वॊऩका कयं। भूल्म Rs- 255 वे 10900 तकश्री शनुभान मॊि ळास्त्रों भं उल्रेख शं क श्री शनुभान जी को बगलान वूमादेल ने ब्रह्मा जी के आदेळ ऩय शनुभानजी को अऩने तेज का वौलाॉ बाग प्रदान कयते शुए आळीलााद प्रदान फकमा था, फक भं शनुभान को वबी ळास्त्रो का ऩूणासान दूॉगा। स्जववे मश तीनोरोक भं वला श्रेष्ठ लिा शंगे तथा ळास्त्रो त्रलद्या भं इन्शं भशायत शासवर शोगी औय इनकेवभन फरळारी औय कोई नशीॊ शोगा। जानकायो ने भतानुळाय शनुभान मॊि क आयाधना वे ऩुरुऴं क त्रलसबन्न फीभारयमंदूय शोती शं, इव मॊि भं अद्भुत ळत्रि वभाफशत शोने के कायण व्मत्रि क स्लप्न दोऴ, धातु योग, यि दोऴ, लीमा दोऴ, भूछाा,नऩुॊवकता इत्माफद अनेक प्रकाय के दोऴो को दूय कयने भं अत्मन्त राबकायी शं। अथाात मश मॊि ऩौरुऴ को ऩुष्ट कयताशं। श्री शनुभान मॊि व्मत्रि को वॊकट, लाद-त्रललाद, बूत-प्रेत, द्यूत फक्रमा, त्रलऴबम, िोय बम, याज्म बम, भायण, वम्भोशनस्तॊबन इत्माफद वे वॊकटो वे यषा कयता शं औय सवत्रद्ध प्रदान कयने भं वषभ शं।श्री शनुभान मॊि के त्रलऴम भं असधक जानकायी के सरमे गुरुत्ल कामाारम भं वॊऩका कयं। भूल्म Rs- 730 वे 10900 तकGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA,BHUBNESWAR-751018, (ORISSA), Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in, >> Order Now
    • 55 अप्रेर 2013त्रलसबन्न देलताओॊ के मॊिगणेळ मॊि भशाभृत्मुॊजम मॊि याभ यषा मॊि याजगणेळ मॊि (वॊऩूणा फीज भॊि वफशत) भशाभृत्मुॊजम कलि मॊि याभ मॊिगणेळ सवद्ध मॊि भशाभृत्मुॊजम ऩूजन मॊि द्रादळाषय त्रलष्णु भॊि ऩूजन मॊिएकाषय गणऩसत मॊि भशाभृत्मुॊजम मुि सळल खप्ऩय भाशा सळल मॊि त्रलष्णु फीवा मॊिशरयद्रा गणेळ मॊि सळल ऩॊिाषयी मॊि गरुड ऩूजन मॊिकु फेय मॊि सळल मॊि सिॊताभणी मॊि याजश्री द्रादळाषयी रुद्र ऩूजन मॊि अफद्रतीम वलाकाम्म सवत्रद्ध सळल मॊि सिॊताभणी मॊिदत्तािम मॊि नृसवॊश ऩूजन मॊि स्लणााकऴाणा बैयल मॊिदत्त मॊि ऩॊिदेल मॊि शनुभान ऩूजन मॊिआऩदुद्धायण फटुक बैयल मॊि वॊतान गोऩार मॊि शनुभान मॊिफटुक मॊि श्री कृ ष्ण अष्टाषयी भॊि ऩूजन मॊि वॊकट भोिन मॊिव्मॊकटेळ मॊि कृ ष्ण फीवा मॊि लीय वाधन ऩूजन मॊिकातालीमााजुान ऩूजन मॊि वला काभ प्रद बैयल मॊि दस्षणाभूसता ध्मानभ ् मॊिभनोकाभना ऩूसता एलॊ कष्ट सनलायण शेतु त्रलळेऴ मॊिव्माऩाय लृत्रद्ध कायक मॊि अभृत तत्ल वॊजीलनी कामा कल्ऩ मॊि िम ताऩंवे भुत्रि दाता फीवा मॊिव्माऩाय लृत्रद्ध मॊि त्रलजमयाज ऩॊिदळी मॊि भधुभेश सनलायक मॊिव्माऩाय लधाक मॊि त्रलद्यामळ त्रलबूसत याज वम्भान प्रद सवद्ध फीवा मॊि ज्लय सनलायण मॊिव्माऩायोन्नसत कायी सवद्ध मॊि वम्भान दामक मॊि योग कष्ट दरयद्रता नाळक मॊिबाग्म लधाक मॊि वुख ळाॊसत दामक मॊि योग सनलायक मॊिस्लस्स्तक मॊि फारा मॊि तनाल भुि फीवा मॊिवला कामा फीवा मॊि फारा यषा मॊि त्रलद्युत भानव मॊिकामा सवत्रद्ध मॊि गबा स्तम्बन मॊि गृश करश नाळक मॊिवुख वभृत्रद्ध मॊि ऩुि प्रासद्ऱ मॊि करेळ शयण फत्रत्तवा मॊिवला रयत्रद्ध सवत्रद्ध प्रद मॊि प्रवूता बम नाळक मॊि लळीकयण मॊिवला वुख दामक ऩंवफठमा मॊि प्रवल-कष्टनाळक ऩॊिदळी मॊि भोफशसन लळीकयण मॊिऋत्रद्ध सवत्रद्ध दाता मॊि ळाॊसत गोऩार मॊि कणा त्रऩळािनी लळीकयण मॊिवला सवत्रद्ध मॊि त्रिळूर फीळा मॊि लाताारी स्तम्बन मॊिवाफय सवत्रद्ध मॊि ऩॊिदळी मॊि (फीवा मॊि मुि िायं प्रकायके ) लास्तु मॊिळाफयी मॊि फेकायी सनलायण मॊि श्री भत्स्म मॊिसवद्धाश्रभ मॊि ऴोडळी मॊि लाशन दुघाटना नाळक मॊिज्मोसतऴ तॊि सान त्रलसान प्रद सवद्ध फीवा मॊि अडवफठमा मॊि प्रेत-फाधा नाळक मॊिब्रह्माण्ड वाफय सवत्रद्ध मॊि अस्वीमा मॊि बूतादी व्मासधशयण मॊिकु ण्डसरनी सवत्रद्ध मॊि ऋत्रद्ध कायक मॊि कष्ट सनलायक सवत्रद्ध फीवा मॊिक्रास्न्त औय श्रीलधाक िंतीवा मॊि भन लाॊसछत कन्मा प्रासद्ऱ मॊि बम नाळक मॊिश्री षेभ कल्माणी सवत्रद्ध भशा मॊि त्रललाशकय मॊि स्लप्न बम सनलायक मॊि
    • 56 अप्रेर 2013सान दाता भशा मॊि रग्न त्रलघ्न सनलायक मॊि कु दृत्रष्ट नाळक मॊिकामा कल्ऩ मॊि रग्न मोग मॊि श्री ळिु ऩयाबल मॊिदीधाामु अभृत तत्ल वॊजीलनी मॊि दरयद्रता त्रलनाळक मॊि ळिु दभनाणाल ऩूजन मॊिभॊि सवद्ध त्रलळेऴ दैली मॊि वूसिआद्य ळत्रि दुगाा फीवा मॊि (अॊफाजी फीवा मॊि) वयस्लती मॊिभशान ळत्रि दुगाा मॊि (अॊफाजी मॊि) वद्ऱवती भशामॊि(वॊऩूणा फीज भॊि वफशत)नल दुगाा मॊि कारी मॊिनलाणा मॊि (िाभुॊडा मॊि) श्भळान कारी ऩूजन मॊिनलाणा फीवा मॊि दस्षण कारी ऩूजन मॊििाभुॊडा फीवा मॊि ( नलग्रश मुि) वॊकट भोसिनी कासरका सवत्रद्ध मॊित्रिळूर फीवा मॊि खोफडमाय मॊिफगरा भुखी मॊि खोफडमाय फीवा मॊिफगरा भुखी ऩूजन मॊि अन्नऩूणाा ऩूजा मॊियाज याजेश्वयी लाॊछा कल्ऩरता मॊि एकाॊषी श्रीपर मॊिभॊि सवद्ध त्रलळेऴ रक्ष्भी मॊि वूसिश्री मॊि (रक्ष्भी मॊि) भशारक्ष्भमै फीज मॊिश्री मॊि (भॊि यफशत) भशारक्ष्भी फीवा मॊिश्री मॊि (वॊऩूणा भॊि वफशत) रक्ष्भी दामक सवद्ध फीवा मॊिश्री मॊि (फीवा मॊि) रक्ष्भी दाता फीवा मॊिश्री मॊि श्री वूि मॊि रक्ष्भी गणेळ मॊिश्री मॊि (कु भा ऩृष्ठीम) ज्मेष्ठा रक्ष्भी भॊि ऩूजन मॊिरक्ष्भी फीवा मॊि कनक धाया मॊिश्री श्री मॊि (श्रीश्री रसरता भशात्रिऩुय वुन्दमै श्री भशारक्ष्भमं श्री भशामॊि) लैबल रक्ष्भी मॊि (भशान सवत्रद्ध दामक श्री भशारक्ष्भी मॊि)अॊकात्भक फीवा मॊिताम्र ऩि ऩय वुलणा ऩोरीव(Gold Plated)ताम्र ऩि ऩय यजत ऩोरीव(Silver Plated)ताम्र ऩि ऩय(Copper)वाईज भूल्म वाईज भूल्म वाईज भूल्म1” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”4608201650235036006400108001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”370640109016502800510082001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”2554607301090190032506400मॊि के त्रलऴम भं असधक जानकायी शेतु वॊऩका कयं। >> Order NowGURUTVA KARYALAYCall us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 57 अप्रेर 2013यासळ यत्नभेऴ यासळ: लृऴब यासळ: सभथुन यासळ: कका यासळ: सवॊश यासळ: कन्मा यासळ:भूॊगा शीया ऩन्ना भोती भाणेक ऩन्नाRed Coral(Special)Diamond(Special)Green Emerald(Special)Naturel Pearl(Special)Ruby(Old Berma)(Special)Green Emerald(Special)5.25" Rs. 1050 10 cent Rs. 4100 5.25" Rs. 9100 5.25" Rs. 910 2.25" Rs. 12500 5.25" Rs. 91006.25" Rs. 1250 20 cent Rs. 8200 6.25" Rs. 12500 6.25" Rs. 1250 3.25" Rs. 15500 6.25" Rs. 125007.25" Rs. 1450 30 cent Rs. 12500 7.25" Rs. 14500 7.25" Rs. 1450 4.25" Rs. 28000 7.25" Rs. 145008.25" Rs. 1800 40 cent Rs. 18500 8.25" Rs. 19000 8.25" Rs. 1900 5.25" Rs. 46000 8.25" Rs. 190009.25" Rs. 2100 50 cent Rs. 23500 9.25" Rs. 23000 9.25" Rs. 2300 6.25" Rs. 82000 9.25" Rs. 2300010.25" Rs. 2800 10.25" Rs. 28000 10.25" Rs. 2800 10.25" Rs. 28000** All Weight In RatiAll Diamond are FullWhite Colour.** All Weight In Rati ** All Weight In Rati ** All Weight In Rati ** All Weight In Ratiतुरा यासळ: लृस्श्चक यासळ: धनु यासळ: भकय यासळ: कुॊ ब यासळ: भीन यासळ:शीया भूॊगा ऩुखयाज नीरभ नीरभ ऩुखयाजDiamond(Special)Red Coral(Special)Y.Sapphire(Special)B.Sapphire(Special)B.Sapphire(Special)Y.Sapphire(Special)10 cent Rs. 4100 5.25" Rs. 1050 5.25" Rs. 30000 5.25" Rs. 30000 5.25" Rs. 30000 5.25" Rs. 3000020 cent Rs. 8200 6.25" Rs. 1250 6.25" Rs. 37000 6.25" Rs. 37000 6.25" Rs. 37000 6.25" Rs. 3700030 cent Rs. 12500 7.25" Rs. 1450 7.25" Rs. 55000 7.25" Rs. 55000 7.25" Rs. 55000 7.25" Rs. 5500040 cent Rs. 18500 8.25" Rs. 1800 8.25" Rs. 73000 8.25" Rs. 73000 8.25" Rs. 73000 8.25" Rs. 7300050 cent Rs. 23500 9.25" Rs. 2100 9.25" Rs. 91000 9.25" Rs. 91000 9.25" Rs. 91000 9.25" Rs. 9100010.25" Rs. 2800 10.25" Rs.108000 10.25" Rs.108000 10.25" Rs.108000 10.25" Rs.108000All Diamond are FullWhite Colour.** All Weight In Rati ** All Weight In Rati ** All Weight In Rati ** All Weight In Rati ** All Weight In Rati* उऩमोि लजन औय भूल्म वे असधक औय कभ लजन औय भूल्म के यत्न एलॊ उऩयत्न बी शभाये मशा व्माऩायी भूल्म ऩय उप्रब्धशं। >> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,
    • 58 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध दुराब वाभग्रीशत्था जोडी- Rs- 370 घोडे क नार- Rs.351 भामा जार- Rs- 251सवमाय सवॊगी- Rs- 370 दस्षणालतॉ ळॊख- Rs- 550 इन्द्र जार- Rs- 251त्रफल्री नार- Rs- 370 भोसत ळॊख- Rs- 550 धन लृत्रद्ध शक क वेट Rs-251GURUTVA KARYALAYCall Us: 91 + 9338213418, 91 + 9238328785,Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com >> Order Nowभॊि सवद्ध रूद्राषRudraksh ListRate InIndian RupeeRudraksh ListRate InIndian Rupeeएकभुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) 2800, 5500 आठ भुखी रूद्राष (नेऩार) 1250, 1450एकभुखी रूद्राष (नेऩार)1050, 1250,1450आठ भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -दो भुखी रूद्राष (शरयद्राय, याभेश्वय) 30,50,75 नौ भुखी रूद्राष (नेऩार) 1250, 1450दो भुखी रूद्राष (नेऩार) 50,100, नौ भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -दो भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) 450,1250 दव भुखी रूद्राष (नेऩार) 1450, 1900तीन भुखी रूद्राष (शरयद्राय, याभेश्वय) 30,50,75, दव भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -तीन भुखी रूद्राष (नेऩार) 50,100, ग्मायश भुखी रूद्राष (नेऩार) 1900,तीन भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) 450,1250, ग्मायश भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -िाय भुखी रूद्राष (शरयद्राय, याभेश्वय) 25,55,75, फायश भुखी रूद्राष (नेऩार) 2350, 2800िाय भुखी रूद्राष (नेऩार) 50,100, फायश भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -ऩॊि भुखी रूद्राष (नेऩार) 25,55, तेयश भुखी रूद्राष (नेऩार) 5500, 6400ऩॊि भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) 225, 550, तेयश भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -छश भुखी रूद्राष (शरयद्राय, याभेश्वय) 25,55,75, िौदश भुखी रूद्राष (नेऩार) 12500, 14500छश भुखी रूद्राष (नेऩार) 50,100, िौदश भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -वात भुखी रूद्राष (शरयद्राय, याभेश्वय) 125, 190, 280 गौयीळॊकय रूद्राष 2350, 2800वात भुखी रूद्राष (नेऩार) 225, 450, गणेळ रुद्राष (नेऩार) 730वात भुखी रूद्राष (इन्डोनेसळमा) - गणेळ रूद्राष (इन्डोनेसळमा) -रुद्राष के त्रलऴम भं असधक जानकायी शेतु वॊऩका कयं। >> Order NowGURUTVA KARYALAY,92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA),Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,
    • 59 अप्रेर 2013श्रीकृ ष्ण फीवा मॊिफकवी बी व्मत्रि का जीलन तफ आवान फन जाता शं जफ उवके िायं औय का भाशोर उवके अनुरुऩ उवके लळभं शं। जफ कोई व्मत्रि का आकऴाण दुवयो के उऩय एक िुम्फक म प्रबाल डारता शं, तफ रोग उवक वशामता एलॊवेला शेतु तत्ऩय शोते शै औय उवके प्राम् वबी कामा त्रफना असधक कष्ट ल ऩयेळानी वे वॊऩन्न शो जाते शं। आज केबौसतकता लाफद मुग भं शय व्मत्रि के सरमे दूवयो को अऩनी औय खीिने शेतु एक प्रबालळासर िुॊफकत्ल को कामभयखना असत आलश्मक शो जाता शं। आऩका आकऴाण औय व्मत्रित्ल आऩके िायो ओय वे रोगं को आकत्रऴात कये इवसरमे वयर उऩाम शं, श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि। क्मोफक बगलान श्री कृ ष्ण एक अरौफकल एलॊ फदलम िुॊफक म व्मत्रित्ल केधनी थे। इवी कायण वे श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि के ऩूजन एलॊ दळान वे आकऴाक व्मत्रित्ल प्राद्ऱ शोता शं।श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि के वाथ व्मत्रिको दृढ़ इच्छा ळत्रि एलॊ उजाा प्राद्ऱशोती शं, स्जस्वे व्मत्रि शभेळा एक बीड भं शभेळा आकऴाण का कं द्र यशता शं।मफद फकवी व्मत्रि को अऩनी प्रसतबा ल आत्भत्रलश्वाव के स्तय भं लृत्रद्ध,अऩने सभिो ल ऩरयलायजनो के त्रफि भं रयश्तो भं वुधाय कयने क ईच्छा शोतीशं उनके सरमे श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि का ऩूजन एक वयर ल वुरब भाध्मभवात्रफत शो वकता शं।श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि ऩय अॊफकत ळत्रिळारी त्रलळेऴ येखाएॊ, फीज भॊि एलॊअॊको वे व्मत्रि को अद्द्भुत आॊतरयक ळत्रिमाॊ प्राद्ऱ शोती शं जो व्मत्रि कोवफवे आगे एलॊ वबी षेिो भं अग्रस्णम फनाने भं वशामक सवद्ध शोती शं।श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि के ऩूजन ल सनमसभत दळान के भाध्मभ वे बगलानश्रीकृ ष्ण का आळीलााद प्राद्ऱ कय वभाज भं स्लमॊ का अफद्रतीम स्थान स्थात्रऩत कयं।श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि अरौफकक ब्रह्माॊडीम उजाा का वॊिाय कयता शं, जोएक प्राकृ त्रत्त भाध्मभ वे व्मत्रि के बीतय वद्दबालना, वभृत्रद्ध, वपरता, उत्तभस्लास््म, मोग औय ध्मान के सरमे एक ळत्रिळारी भाध्मभ शं! श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि के ऩूजन वे व्मत्रि के वाभास्जक भान-वम्भान लऩद-प्रसतष्ठा भं लृत्रद्ध शोती शं। त्रलद्रानो के भतानुळाय श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि के भध्मबाग ऩय ध्मान मोगकं फद्रत कयने वे व्मत्रि फक िेतना ळत्रि जाग्रत शोकय ळीघ्र उच्ि स्तयको प्राद्ऱशोती शं। जो ऩुरुऴं औय भफशरा अऩने वाथी ऩय अऩना प्रबाल डारना िाशते शं औय उन्शं अऩनी औय आकत्रऴात कयनािाशते शं। उनके सरमे श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि उत्तभ उऩाम सवद्ध शो वकता शं। ऩसत-ऩत्नी भं आऩवी प्रभ क लृत्रद्ध औय वुखी दाम्ऩत्म जीलन के सरमे श्रीकृ ष्ण फीवा मॊि राबदामी शोता शं।भूल्म:- Rs. 730 वे Rs. 10900 तक उप्रब्द्ध >> Order Nowश्रीकृ ष्ण फीवा कलिश्रीकृ ष्ण फीवा कलि को के लरत्रलळेऴ ळुब भुशुता भं सनभााण फकमाजाता शं। कलि को त्रलद्रान कभाकाॊडीब्राशभणं द्राया ळुब भुशुता भं ळास्त्रोोित्रलसध-त्रलधान वे त्रलसळष्ट तेजस्ली भॊिोद्राया सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्ममुि कयके सनभााण फकमा जाता शं।स्जव के पर स्लरुऩ धायण कयताव्मत्रि को ळीघ्र ऩूणा राब प्राद्ऱ शोताशं। कलि को गरे भं धायण कयनेवे लशॊ अत्मॊत प्रबाल ळारी शोताशं। गरे भं धायण कयने वे कलिशभेळा रृदम के ऩाव यशता शं स्जस्वेव्मत्रि ऩय उवका राब असत तीव्रएलॊ ळीघ्र सात शोने रगता शं।भूरम भाि: 1900 >>Order NowGURUTVA KARYALAYCall Us – 91 + 9338213418, 91 + 9238328785Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com
    • 60 अप्रेर 2013याभ यषा मॊियाभ यषा मॊि वबी बम, फाधाओॊ वे भुत्रि ल कामो भं वपरता प्रासद्ऱ शेतु उत्तभ मॊि शं। स्जवके प्रमोगवे धन राब शोता शं ल व्मत्रि का वलांगी त्रलकाय शोकय उवे वुख-वभृत्रद्ध, भानवम्भान क प्रासद्ऱ शोतीशं। याभ यषा मॊि वबी प्रकाय के अळुब प्रबाल को दूय कय व्मत्रि को जीलन क वबी प्रकाय ककफठनाइमं वे यषा कयता शं। त्रलद्रानो के भत वे जो व्मत्रि बगलान याभ के बि शं मा श्रीशनुभानजी के बि शं उन्शं अऩने सनलाव स्थान, व्मलवामीक स्थान ऩय याभ यषा मॊि को अलश्मस्थाऩीत कयना िाफशमे स्जववे आने लारे वॊकटो वे यषा शो उनका जीलन वुखभम व्मतीत शो वकेएलॊ उनक वभस्त आफद बौसतक ल आध्मास्त्भक भनोकाभनाएॊ ऩूणा शो वके । >> Order Nowताम्र ऩि ऩय वुलणा ऩोरीव(Gold Plated)ताम्र ऩि ऩय यजत ऩोरीव(Silver Plated)ताम्र ऩि ऩय(Copper)वाईज भूल्म वाईज भूल्म वाईज भूल्म1” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”4608201650235036006400108001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”370640109016502800510082001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”2554607301090190032506400GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us – 91 + 9338213418, 91 + 9238328785Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.comOur Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 61 अप्रेर 2013जैन धभाके त्रलसळष्ट मॊिो क वूिीश्री िौफीव तीथंकयका भशान प्रबात्रलत िभत्कायी मॊि श्री एकाषी नारयमेय मॊिश्री िोफीव तीथंकय मॊि वलातो बद्र मॊिकल्ऩलृष मॊि वला वॊऩत्रत्तकय मॊिसिॊताभणी ऩाश्वानाथ मॊि वलाकामा-वला भनोकाभना सवत्रद्धअ मॊि (१३० वलातोबद्र मॊि)सिॊताभणी मॊि (ऩंवफठमा मॊि) ऋत्रऴ भॊडर मॊिसिॊताभणी िक्र मॊि जगदलल्रब कय मॊिश्री िक्रे श्वयी मॊि ऋत्रद्ध सवत्रद्ध भनोकाभना भान वम्भान प्रासद्ऱ मॊिश्री घॊटाकणा भशालीय मॊि ऋत्रद्ध सवत्रद्ध वभृत्रद्ध दामक श्री भशारक्ष्भी मॊिश्री घॊटाकणा भशालीय वला सवत्रद्ध भशामॊि(अनुबल सवद्ध वॊऩूणा श्री घॊटाकणा भशालीय ऩतका मॊि)त्रलऴभ त्रलऴ सनग्रश कय मॊिश्री ऩद्मालती मॊि षुद्रो ऩद्रल सननााळन मॊिश्री ऩद्मालती फीवा मॊि फृशच्िक्र मॊिश्री ऩाश्वाऩद्मालती ह्रंकाय मॊि लॊध्मा ळब्दाऩश मॊिऩद्मालती व्माऩाय लृत्रद्ध मॊि भृतलत्वा दोऴ सनलायण मॊिश्री धयणेन्द्र ऩद्मालती मॊि काॊक लॊध्मादोऴ सनलायण मॊिश्री ऩाश्वानाथ ध्मान मॊि फारग्रश ऩीडा सनलायण मॊिश्री ऩाश्वानाथ प्रबुका मॊि रधुदेल कु र मॊिबिाभय मॊि (गाथा नॊफय १ वे ४४ तक) नलगाथात्भक उलवग्गशयॊ स्तोिका त्रलसळष्ट मॊिभस्णबद्र मॊि उलवग्गशयॊ मॊिश्री मॊि श्री ऩॊि भॊगर भशाश्रृत स्कॊ ध मॊिश्री रक्ष्भी प्रासद्ऱ औय व्माऩाय लधाक मॊि ह्रीॊकाय भम फीज भॊिश्री रक्ष्भीकय मॊि लधाभान त्रलद्या ऩट्ट मॊिरक्ष्भी प्रासद्ऱ मॊि त्रलद्या मॊिभशात्रलजम मॊि वौबाग्मकय मॊित्रलजमयाज मॊि डाफकनी, ळाफकनी, बम सनलायक मॊित्रलजम ऩतका मॊि बूताफद सनग्रश कय मॊित्रलजम मॊि ज्लय सनग्रश कय मॊिसवद्धिक्र भशामॊि ळाफकनी सनग्रश कय मॊिदस्षण भुखाम ळॊख मॊि आऩत्रत्त सनलायण मॊिदस्षण भुखाम मॊि ळिुभुख स्तॊबन मॊिमॊि के त्रलऴम भं असधक जानकायी शेतु वॊऩका कयं। >> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,
    • 62 अप्रेर 2013घॊटाकणा भशालीय वला सवत्रद्ध भशामॊि को स्थाऩीतकयने वे वाधक क वला भनोकाभनाएॊ ऩूणा शोती शं। वलाप्रकाय के योग बूत-प्रेत आफद उऩद्रल वे यषण शोता शं।जशयीरे औय फशॊवक प्राणीॊ वे वॊफॊसधत बम दूय शोते शं।अस्ग्न बम, िोयबम आफद दूय शोते शं।दुष्ट ल अवुयी ळत्रिमं वे उत्ऩन्न शोने लारे बमवे मॊि के प्रबाल वे दूय शो जाते शं।मॊि के ऩूजन वे वाधक को धन, वुख, वभृत्रद्ध,ऎश्वमा, वॊतत्रत्त-वॊऩत्रत्त आफद क प्रासद्ऱ शोती शं। वाधक कवबी प्रकाय क वास्त्लक इच्छाओॊ क ऩूसता शोती शं।मफद फकवी ऩरयलाय मा ऩरयलाय के वदस्मो ऩयलळीकयण, भायण, उच्िाटन इत्माफद जादू-टोने लारेप्रमोग फकमे गमं शोतो इव मॊि के प्रबाल वे स्लत् नष्टशो जाते शं औय बत्रलष्म भं मफद कोई प्रमोग कयता शं तोयषण शोता शं।कु छ जानकायो के श्री घॊटाकणा भशालीय ऩतकामॊि वे जुडे अद्द्भुत अनुबल यशे शं। मफद घय भं श्रीघॊटाकणा भशालीय ऩतका मॊि स्थात्रऩत फकमा शं औय मफदकोई इऴाा, रोब, भोश मा ळिुतालळ मफद अनुसित कभाकयके फकवी बी उद्देश्म वे वाधक को ऩयेळान कयने का प्रमाव कयता शं तो मॊि के प्रबाल वे वॊऩूणाऩरयलाय का यषण तो शोता शी शं, कबी-कबी ळिु के द्राया फकमा गमा अनुसित कभा ळिु ऩय शी उऩयउरट लाय शोते देखा शं। भूल्म:- Rs. 1650 वे Rs. 10900 तक उप्रब्द्ध >> Order Nowवॊऩका कयं। GURUTVA KARYALAYCall Us – 91 + 9338213418, 91 + 923832878592/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.comOur Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 63 अप्रेर 2013अभोघ भशाभृत्मुॊजम कलिअभोद्य् भशाभृत्मुॊजम कलि ल उल्रेस्खत अन्म वाभग्रीमं को ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे त्रलद्रानब्राह्मणो द्राया वला राख भशाभृत्मुॊजम भॊि जऩ एलॊ दळाॊळ शलन द्राया सनसभात फकमा जाता शं इवसरए कलि अत्मॊत प्रबालळारी शोता शं। >> Order Nowअभोद्य् भशाभृत्मुॊजम कलिकलि फनलाने शेतु:अऩना नाभ, त्रऩता-भाता का नाभ,गोि, एक नमा पोटो बेजेयाळी यत्न एलॊ उऩयत्नत्रलळेऴ मॊिशभायं मशाॊ वबी प्रकाय के मॊि वोने-िाॊफद-ताम्फे भं आऩक आलश्मिा के अनुळायफकवी बी बाऴा/धभा के मॊिो को आऩकआलश्मक फडजाईन के अनुळाय २२ गेजळुद्ध ताम्फे भं अखॊफडत फनाने क त्रलळेऴवुत्रलधाएॊ उऩरब्ध शं।वबी वाईज एलॊ भूल्म ल क्लासरफट केअवरी नलयत्न एलॊ उऩयत्न बी उऩरब्ध शं।शभाये मशाॊ वबी प्रकाय के यत्न एलॊ उऩयत्न व्माऩायी भूल्म ऩय उऩरब्ध शं। ज्मोसतऴ कामा वे जुडे़फधु/फशन ल यत्न व्मलवाम वे जुडे रोगो के सरमे त्रलळेऴ भूल्म ऩय यत्न ल अन्म वाभग्रीमा ल अन्मवुत्रलधाएॊ उऩरब्ध शं।GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,अभोद्य् भशाभृत्मुॊजमकलिदस्षणा भाि: 10900
    • 64 अप्रेर 2013भासवक यासळ पर सिॊतन जोळीभेऴ: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : अऩने प्रमावं वे आऩ कामो को कु ळरता वे ऩूया कयंगे। त्रलसबन्न भाध्मभ वे धन राबक प्रासद्ऱ शो वकती शं। आऩके वभास्जक भान-प्रसतष्ठा भं लृत्रद्ध शोगी इव दौयान आऩकावाभास्जक जीलन उच्ि स्तय का शो वकता शं। स्लास््म वुख भं लृत्रद्ध शोगी फपय बीखाने- ऩीने का त्रलळेऴ ध्मान यखना फशतकायी यशेगा। जीलन वाथी का वे ऩूणा वशमोगएलॊ आनॊद प्राद्ऱ शोगा।16 वे 30 अप्रैर 2013 : कामा भं वपरता क प्रासद्ऱ वे आऩका आत्भत्रलश्वाव फढेगा।नौकयी-व्मलवाम भं उन्नसत शोगी औय ऩूला कार भं फकमे गमे कामा एलॊ रुके शुले कामावे आकस्स्भक धन राब प्राद्ऱ शोगा। िर-अिर वॊऩत्रत्त मा फकवी घयेरू भाभरं भंफदराल शो वकता शं। ऩरयलाय भं कोई भाॊगसरक कामा वॊऩन्न शो वकता शं। नमे रोगो क सभिता वे राब प्राद्ऱ कयवकते शं।लृऴब: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : नौकयी-व्मलवाम भं फदराल का त्रलिाय कय वकते शं। फकमे गमे ऩूॊस्ज सनलेळ द्रायाआकस्स्भक धन प्रासद्ऱ के मोग शं। अऩनी लाणी एलॊ क्रोध ऩय सनमॊिण यखे अन्मथा आऩके फने फनामे कामा त्रफगड वकतेशं। खिा आलश्मिा वे असधक शो वकता शं खिा ऩय सनमॊिण कयने का प्रमाव कयं। ऩरयलाय औय रयश्तेदायं वेआस्त्भमता का अनुबल शोगा। जीलन वाथी का वशमोग प्राद्ऱ शोगा।16 वे 30 अप्रैर 2013 : नमा व्मलवाम मा नौकयी प्राद्ऱ शो वकती शं मा आऩके कामा षेि भं नमे फदराल शो वकते शं।िर-अिर वॊऩत्रत्त मा फकवी घयेरू भाभरं भं फदराल शो वकता शं। ळिुओॊ ऩय आऩका प्रबाल यशेगा। आऩके त्रलयोसध एलॊळिु ऩष ऩयास्त शंगे। दूयस्थ स्थानं क व्मलवासमक मािा राबदामक सवद्ध शो वकती शं। अऩने खाने-ऩीने का त्रलळेऴध्मान यखे अन्मथा आऩका का स्लास््म नयभ शो वकता शं।सभथुन: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : एक वे सधक स्त्रोोत वे अऩनी मोग्मता वे आसथाक राबकयंगे। कामा क व्मस्तता, अत्मसधक बागदौि वे आऩको थकालट शो वकती शं। प्रेभवॊफॊसधत भाभरो भं बी वपरता प्राद्ऱ कय वकते शं। ळिु ऩष वे आऩको कष्ट शो वकताशं। ऩरयलाय भं बी करेळ फढ़ वकता शं। ऩारयलारयक भतबेदो को दूय कयने शेतु असधकवे असधक वभम अऩने ऩरयलाय के वाथ त्रफतामे।16 वे 30 अप्रैर 2013 : इष्ट सभि एलॊ ऩरयलाय के वशमोग वे आसथाक राब वॊबल शं।नौकयी-व्मलवाम भं आऩको इच्छा वे असधक प्रगसत प्राद्ऱ शोगी। भानसवक प्रन्नताफढेगी। नमे रोगो वे सभिता शोगी। त्रलऩयीत सरॊग के प्रसत आऩका आकऴाण असधकयशेगा। दूयस्थ स्थानं वे नए व्मालवासमक राब प्राद्ऱ शो वकते शं। जीलनवाथी का स्लास््म सिॊताजनक शो वकता शं।अऩने त्रप्रमजनो वे लाद-त्रललाद भं उरझने वे फिने का प्रमाव कये।
    • 65 अप्रेर 2013कका : 1 वे 15 अप्रैर 2013 : वभम के अनुकू र शोने वे आऩक भानसवक प्रन्नता फढेगी। आऩके वाथाक प्रमावो वेआसथाक स्स्थसत प्रफर शोगी। िर-अिर वॊऩत्रत्त वे वॊफॊसधत कामं भं राब प्राद्ऱ शोवकता शं। कामा क व्मस्तता, अत्मसधक बागदौि के कायण आऩको थकालट शो वकती।मश वभम गुद्ऱ त्रलयोधी-ळिुओॊ ऩय त्रलजम प्राद्ऱ कयने के सरए श्रेष्ठ वात्रफत शोगा। व्ममऩय सनमन्िण यखने वे राब प्राद्ऱ शोगा।16 वे 30 अप्रैर 2013 : आकस्स्भक धन प्राद्ऱ शोने के मोग शं। वाभास्जक भान-वम्भानऔय ऩद-प्रसतष्ठा भं लृत्रद्ध शोगी। बूसभ-बलन वे वॊफॊसधत कामं भे वपरता प्राद्ऱ शोगी।उत्तभ लाशन वुख के मोग फन यशे शं। दूयस्थानो क व्मलास्मीक मािाएॊ राबप्रद यशेगी।प्रेभ वॊफॊधो भं वपरता प्राद्ऱ शोगी। अत्रललाफशत शं तो त्रललाश वॊबल शं। ऩरयलाय औय रयश्तेदायं वे आस्त्भमता के अनुबलभं कभी यश वकती शं।सवॊश: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : आऩको नमा व्मलवाम मा नौकयी प्राद्ऱ शो वकती शं मा आऩके कामा षेि के त्रलस्ताय मानमे फदराल शो वकते शं। आऩको ळिु एलॊ त्रलयोधी ऩष वे ऩयेळानी के कायण अऩनेभशत्लऩूणा कामं भं त्रलरॊफ शो वकता शं। वॊतान ऩष वुख के सरए वभम ळुब शं।आऩके वाभास्जत ऩद-प्रसतष्ठा भं लृत्रद्ध शोगी। त्रलदेळ मा दूयस्थ स्थानो वे धन प्रासद्ऱ केमोग शं। आऩका स्लास््म भं उताय-िढाल शो वकता शं।16 वे 30 अप्रैर 2013 : आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ शोगी स्जस्वे आसथाक स्स्थसत भं वुधायशोगा। आऩके दैसनक वुख-वाधनो भं लृत्रद्ध शोगी।छोटी-छोटी वभस्माओॊ के कायण दाॊऩत्मजीलन वुखभम यशने के वॊके त शं। इष्ट सभिं क वशमोग वे नए रोगो वं सभिता शोनेके मोग शं। आऩको अत्मसधक बागदौि के कायण आऩको थकालट शो वकती शं। मफद आऩ अत्रललाफशत शं तो आऩकात्रललाश तम शो वकता शं।कन्मा: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : आसथाक स्स्थसत थोडी कभजोय शो वकती शं। स्जवकायण आऩको भशत्लऩूणा कामो के सरए कजा रेना ऩड वकता शं। ळिुओॊ ऩय आऩकाप्रबाल यशेगा। आऩके त्रलयोधी एलॊ ळिु ऩष ऩयास्त शंगे। जीलनवाथी वे अऩने वॊफॊधभधुय यखने का प्रमाव कयं। त्रलऩयीत सरॊग के प्रसत आऩका असधक आकऴाण ऩयेळासनमाॊखडी कय वकता शं।16 वे 30 अप्रैर 2013 : नौकयी व्मलवाम वे वॊफॊसधत वभस्माओॊ का सनलायण शोगा।आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ के वाधन प्राद्ऱ शो वकते शं। बूसभ-बलन वे वाॊफॊसधत कामो वेराब प्राद्ऱ शो वकते शं। ऋण रेने वे फिे औय ऩुयाने ऋणं का बुगतान कयने का प्रमाव कये। आऩके त्रलयोधी एलॊ ळिुऩष ऩयास्त शंगे। अऩने स्लास््म का त्रलळेऴ ख्मार यखे। प्रेभ वॊफॊधं भं वपरता प्राद्ऱ शो वकती शं।
    • 66 अप्रेर 2013तुरा: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : नौकयी के षेि भं उच्िासधकायी का वशमोग प्राद्ऱ शोगा। व्मलवाम भं शं तो ऩरयलाय केरोगं एलॊ इष्टसभतं वे राब प्राद्ऱ शोगा। भशत्ल के कामो के सरमे आऩको कजा रेना ऩडवकता शं। जल्दफाजी भं कोई सनणाम रेने वे फिे अन्मथा आऩको रॊफे वभम तक उवकेसरए ऩछताना ऩिवकता शं। जीलन वाथी वे रयश्तं भं वुधाय शोगा।16 वे 30 अप्रैर 2013 : नौकयी भं शं तो ऩदौन्नसत के मोग फन यशे शं। मफद व्मलावामवे जुडे शं औय वाझेदायी क मोजना फना यशे शं तो वभम प्रसतकू र वात्रफत शो वकताशं। बूसभ-बलन-लाशन वे वॊफॊसधत कामो वे राब प्रासद्ऱ वॊबल शं। दूयस्थ स्थान क मािाएॊवॊबल शं। प्रकृ सत भं फदराल वे ऩरयलाय के फकवी वदस्मा को स्लास््म वॊफॊसधत कष्टवॊबल शं। प्रेभ वॊफॊसधत भाभरं भं वपरता प्राद्ऱ शोगी।लृस्श्चक: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : आऩके रुके शुए भशत्लऩूणा कामा ऩूये शो वकते शं। धनवॊफॊधी ऩूयानी वभस्माओॊ का वभाधान वॊबल शं। आऩक कामा ळैरी असधक वफक्रम शोजाएगी। अत्रललाश शं तो त्रललाश शोने के मोग फन यशे शं। लाणी ऩय सनमॊिण यखे अऩनेत्रप्रम ऩाि वे रयश्ते त्रफगि वकते शं। व्मम ऩय सनमन्िण यखने वे राब प्राद्ऱ शोगा।आऩके त्रलयोधी एलॊ ळिु ऩष ऩयास्त शंगे16 वे 30 अप्रैर 2013 : नौकयी, व्माऩाय, ऩूॊजी सनलेळ इत्माफद वे आकस्स्भक रुऩ वेधन प्रासद्ऱ शो वकती शं । प्रसतमोसगता के कामो भं फुत्रद्धभानी ल ितुयता वे ळीघ्र राबऔय वपरता प्राद्ऱ कयंगे। भनोनुकू र जीलन वाथी क प्रासद्ऱ शेतु वभम उत्तभ वात्रफत शो वकता शं। ळिुओॊ ऩय आऩकाप्रबाल यशेगा। । त्रलऩयीत सरॊग के प्रसत आऩका असधक आकऴाण यशेगा।धनु: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : व्मलवाम वे वॊफॊसधत का कामं वे कफठन ऩरयश्रभ के उऩयाॊत वपता प्रासद्ऱ के वॊके त शं। बूसभ-बलनवॊफॊसधत कामा एलॊ सनणामं को थोडे वभम के सरए स्थसगत कयना ऩड वकता शं। अऩने त्रप्रमजनोवे लाद-त्रललाद भं उरझने वे फिने का प्रमाव कये। खाने- ऩीने का ध्मान यखे नशीॊ तो स्लास््मनयभ शो वकता शं। प्रेभ वॊफॊसधत भाभरो भं बी वपरता प्राद्ऱ कय वकते शं।16 वे 30 अप्रैर 2013 : नौकयी-व्मलवाम भं फदराल का त्रलिाय कय वकते शं। धनराब केउत्तभ मोग फन यशे शं वाथ शी अनालश्मक खिा बी फढ़ वकता शं। ऩरयलाय के वदस्मं कास्लास््म आऩको सिॊसतत कय वकता शं। अत्रललाश शं तो त्रललाश शोने के मोग फन यशे शं। जीलनवाथी के वाथ व्मलशाय अच्छा यखे अन्मथा वभस्माओॊ का वाभना कय वकते शं।
    • 67 अप्रेर 2013भकय: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : ऩूला कार वे रुके शुले कामा के ऩूणा शोने वे आऩको आकस्स्भक धन राब प्राद्ऱ शो वकता शं। बूसभ-बलन-लाशन वे वॊफॊसधत कामं वे राब प्राद्ऱ शो वकता शं। ऩरयलाय के वाथ धासभाक मािा ऩय जानाउत्तभ सवद्ध यशेगा। ऩरयलाय के फकवी वदस्म का स्लास््म कभजोय शो वकता शं। जीलनवाथी काऩूणा वशमोग प्राद्ऱ शोगा। प्रेभप्रवॊगो भं वपरता के मोग फन यशे शं।16 वे 30 अप्रैर 2013 : इव अलसध भं आऩको प्रमावो के अनुरुऩ धनराब प्राद्ऱ शो वकते शं। ळिुएलॊ त्रलयोधी ऩष के कायण आसथाक ऩष कभजोय शो वकता शं। मफद आऩ नौकयी भं शं तोऩदौन्नसत के मोग फन यशे शं। व्मलवाम भं भशत्लऩूणा ऩद प्राद्ऱ कय वकते शं। आऩका कोईऩरयजन स्लास््म वॊफॊसधत ऩयेळानी वे ग्रस्त शो वकता शं।कुॊ ब: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : मफद आऩ नौकयी भं शं तो अऩने कामा का अच्छा प्रदळान कयने भंवभथा शंगे। एकासधक स्त्रोोत वे धन प्रासद्ऱ के मोग फन यशे शं। बूसभ-बलन-लाशन वे वॊफॊसध कामोभं त्रलळेऴ राब प्रासद्ऱ के मोग उत्तभ यशंगे। सभि एलॊ ऩरयलाय के रोगो का वशमोग प्राद्ऱ शोगा।अऩने खाने- ऩीने का ध्मान यखे अन्मथा आऩका का स्लास््म नयभ शो वकता शं।16 वे 30 अप्रैर 2013 : मफद आऩ नौकयी भं शं तो ऩदौन्नसत शो वकती शं मा नई नौकयी प्राद्ऱ शोवकती शं, व्मलवाम भं शं तो उन्नती क भागा प्रवस्त शंगे। इव अलसध भं िर-अिर वॊऩत्रत्त भंऩूॊस्ज सनलेळ कयना आऩके सरए त्रलळेऴ रुऩ वे पामदेभॊद शो वकता शं। ऩरयलाय भं भाता-त्रऩता के स्लास््म के प्रसत त्रलळेऴ ध्मानयखना ऩि वकता शं। जीलन वाथी का ऩूणा वशमोग प्राद्ऱ शोगा।भीन: 1 वे 15 अप्रैर 2013 : नौकयी-व्मलवाम भं उन्नसत ल आमके नए स्त्रोोत सभरने के मोग शं।आऩक आसथाक भं वुधाय शोगा। दूयस्थानो क व्मलास्मीक मािाएॊ राबप्रद यशेगी। शं। बूसभ-बलन-लाशन क प्राद्ऱी शो वकती शं। स्लास््म वुख भं लृत्रद्ध शोगी फपय बी खाने- ऩीने का त्रलळेऴ ध्मानयखना फशतकायी यशेगा। प्रेभ वॊफॊधो भं वपरता प्राद्ऱ शोगी।16 वे 30 अप्रैर 2013 : आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ के मोग फनेगं स्जस्वे आसथाक स्स्थसत भं वुधायशोगा। कोटा-किशयी के कामो भं वपरता प्राद्ऱ शो वकती शं। अऩनी असधक खिा कयने क प्रलृत्रत्तऩय सनमॊिण कयने का प्रमाव कयं। ऩरयलाय के रोग एलॊ सभि लगा का ऩूणा वशमोग प्राद्ऱ शोगा।ऩरयलाय के फकवी वदस्म का स्लस््म कभजोय शो वकता शं। जीलन वाथी वे आस्त्भमता क कभी भशवूव कय वकते शं।
    • 68 अप्रेर 2013अप्रैर 2013 भासवक ऩॊिाॊगफद लाय भाश ऩष सतसथ वभासद्ऱ नषि वभासद्ऱ मोग वभासद्ऱ कयण वभासद्ऱिॊद्रयासळवभासद्ऱ1 वोभ िैि कृ ष्ण ऴष्ठी25:22:34जेष्ठा 25:03:49व्मसतऩात 22:39:27गय 14:32:53लृस्श्चक 25:03:002 भॊगर िैि कृ ष्ण वद्ऱभी23:09:14भूर 23:34:33लरयमान 19:42:59त्रलत्रष्ट 12:15:48धनु -3 फुध िैि कृ ष्ण अष्टभी21:06:13ऩूलााऴाढ़ 22:16:32ऩरयग्रश 16:53:06फारल 10:06:13धनु 27:58:004 गुरु िैि कृ ष्ण नलभी19:16:20उत्तयाऴाढ़ 21:10:42सळल 14:13:31तैसतर 08:10:42भकय -5 ळुक्र िैि कृ ष्ण दळभी17:41:27श्रलण 20:18:57सवद्ध 11:46:08लस्णज 06:27:23भकय -6 ळसन िैि कृ ष्ण एकादळी16:23:27धसनष्ठा 19:45:57वाध्म 09:30:57फारल 16:23:27भकय 08:00:007 यत्रल िैि कृ ष्ण द्रादळी15:25:08ळतसबऴा 19:33:34ळुब 07:32:38तैसतर 15:25:08कुॊ ब -8 वोभ िैि कृ ष्ण िमोदळी14:51:12ऩूलााबाद्रऩद 19:44:39ब्रह्म 28:30:35लस्णज 14:51:12कुॊ ब 13:39:009 भॊगर िैि कृ ष्ण ितुदाळी14:43:32उत्तयाबाद्रऩद 20:21:58इन्द्र 27:32:17ळकु सन 14:43:32भीन -10 फुध िैि कृ ष्ण अभालस्मा 15:05:52येलसत 21:29:18लैधृसत 26:58:22नाग 15:05:52भीन 21:29:0011 गुरु िैि ळुक्र प्रसतऩदा 15:59:09अस्श्वनी 23:07:35त्रलऴकुॊ ब 26:49:47फल 15:59:09भेऴ -12 ळुक्र िैि ळुक्र फद्रतीमा17:24:19बयणी 25:15:53प्रीसत 27:03:41कौरल 17:24:19भेऴ -13 ळसन िैि ळुक्र तृतीमा19:18:33कृ सतका 27:49:29आमुष्भान 27:38:14तैसतर 06:18:33भेऴ 07:51:0014 यत्रल िैि ळुक्र ितुथॉ21:35:18योफशस्ण 30:43:44वौबाग्म 28:29:40लस्णज 08:24:03लृऴ -15 वोभ िैि ळुक्र ऩॊिभी24:06:07योफशस्ण 06:43:37ळोबन 29:28:37फल 10:49:14लृऴ 20:14:0016 भॊगर िैि ळुक्र ऴष्ठी26:37:52भृगसळया 09:46:19असतगॊड 30:26:37कौरल 13:22:52सभथुन -17 फुध िैि ळुक्र वद्ऱभी28:59:20आद्रा 12:47:09असतगॊड 06:26:31गय 15:50:54सभथुन -18 गुरु िैि ळुक्र अष्टभी30:55:29ऩुनलावु 15:31:07वुकभाा 07:15:11त्रलत्रष्ट 18:01:07सभथुन 08:53:0019 ळुक्र िैि ळुक्र अष्टभी 06:55:24ऩुष्म 17:46:58धृसत 07:43:13फल 06:55:24कका -20 ळसन िैि ळुक्र नलभी08:15:02आश्लेऴा 19:26:17ळूर 07:44:05कौरल 08:15:02कका 19:26:00
    • 69 अप्रेर 201321 यत्रल िैि ळुक्र दळभी08:52:28भघा 20:21:32गॊड 07:13:05गय 08:52:28सवॊश -22 वोभ िैि ळुक्र एकादळी08:43:59ऩूलाापाल्गुनी 20:29:55लृत्रद्ध 06:05:33त्रलत्रष्ट 08:43:59सवॊश 26:26:0023 भॊगर िैि ळुक्र द्रादळी07:50:31उत्तयापाल्गुनी 19:58:01व्माघात 26:05:31फारल 07:50:31कन्मा -24 फुध िैि ळुक्र िमोदळी06:13:56शस्त 18:46:44शऴाण 23:18:37तैसतर 06:13:56कन्मा -25 गुरु िैि ळुक्र ऩूस्णाभा 25:27:03सििा 17:06:25लज्र 20:09:14त्रलत्रष्ट 14:49:33कन्मा 06:00:0026 ळुक्र लैळाख कृ ष्ण प्रसतऩदा 22:31:44स्लाती 15:03:37सवत्रद्ध 16:41:07फारल 12:01:44तुरा -27 ळसन लैळाख कृ ष्ण फद्रतीमा19:24:16त्रलळाखा 12:46:46व्मसतऩात 13:03:38तैसतर 08:58:01तुरा 07:22:0028 यत्रल लैळाख कृ ष्ण तृतीमा16:15:51अनुयाधा 10:25:14लरयमान 09:22:25लस्णज 05:49:36लृस्श्चक -29 वोभ लैळाख कृ ष्ण ितुथॉ13:11:13जेष्ठा 08:07:28सळल 26:12:09फारल 13:11:13लृस्श्चक 08:07:0030 भॊगर लैळाख कृ ष्ण ऩॊिभी10:20:40भूर 06:00:02सवद्ध 22:54:25तैसतर 10:20:40धनु -ळसन ऩीिा सनलायकवॊऩूणा प्राणप्रसतत्रष्ठत 22 गेज ळुद्ध स्टीर भं सनसभात अखॊफडत ऩौरुऴाकाय ळसन मॊिऩुरुऴाकाय ळसन मॊि (स्टीर भं) को तीव्र प्रबालळारी फनाने शेतु ळसन क कायक धातु ळुद्ध स्टीर(रोशे) भं फनामा गमाशं। स्जव के प्रबाल वे वाधक को तत्कार राब प्राद्ऱ शोता शं। मफद जन्भ कुॊ डरी भं ळसन प्रसतकू र शोने ऩय व्मत्रि कोअनेक कामं भं अवपरता प्राद्ऱ शोती शै, कबी व्मलवाम भं घटा, नौकयी भं ऩयेळानी, लाशन दुघाटना, गृश क्रेळ आफदऩयेळानीमाॊ फढ़ती जाती शै ऐवी स्स्थसतमं भं प्राणप्रसतत्रष्ठत ग्रश ऩीिा सनलायक ळसन मॊि क अऩने को व्मऩाय स्थान माघय भं स्थाऩना कयने वे अनेक राब सभरते शं। मफद ळसन क ढै़मा मा वाढ़ेवाती का वभम शो तो इवे अलश्म ऩूजनािाफशए। ळसनमॊि के ऩूजन भाि वे व्मत्रि को भृत्मु, कजा, कोटाके ळ, जोडो का ददा, फात योग तथा रम्फे वभम के वबीप्रकाय के योग वे ऩयेळान व्मत्रि के सरमे ळसन मॊि असधक राबकायी शोगा। नौकयी ऩेळा आफद के रोगं को ऩदौन्नसतबी ळसन द्राया शी सभरती शै अत् मश मॊि असत उऩमोगी मॊि शै स्जवके द्राया ळीघ्र शी राब ऩामा जा वकता शै।भूल्म: 1050 वे 8200 >> Order NowGURUTVA KARYALAYBHUBNESWAR-751018, (ORISSA), Call Us – 91 + 9338213418, 91 + 9238328785Our Website : www.gurutvakaryalay.comEmail Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com
    • 70 अप्रेर 2013अप्रेर-2013 भासवक व्रत-ऩला-त्मौशायफद लाय भाश ऩष सतसथ वभासद्ऱ प्रभुख व्रत-त्मोशाय1वोभ िैि कृ ष्ण ऴष्ठी 25:22:34 श्री एकनाथ ऴष्ठी2भॊगर िैि कृ ष्ण वद्ऱभी 23:09:14ळीतरा वद्ऱभी, यात्रिकार भं ळीतरा भाता का ऩूजन, सवराशं कवद्ऱभी3फुध िैि कृ ष्ण अष्टभी 21:06:13ळीतराष्टभी, काराष्टभी व्रत, वन्तानाष्टभी, अष्टका श्राद्ध, श्रीऋऴबदेलजन्भोत्वल एलॊ दीषाफदलव तथा लऴॉ तऩ प्रायॊब (जैन), फुधाष्टभी,िैि के प्रत्मेक फुधलाय को श्रीसिन्ताभस्ण गणेळ दळान एलॊ मािा(उज्जसमनी)4गुरु िैि कृ ष्ण नलभी 19:16:20लायाश नलभी, अन्लष्टका श्राद्ध,5ळुक्र िैि कृ ष्ण दळभी 17:41:27 दळभाता व्रत एलॊ ऩूजा,6ळसन िैि कृ ष्ण एकादळी 16:23:27ऩाऩभोिनी एकादळी व्रत, लैधृसत भशाऩात वामॊ 4.13 वे यात्रि9.32 फजे तक,7यत्रल िैि कृ ष्ण द्रादळी 15:25:08प्रदोऴ व्रत, लारुणी ऩला- ऩलाकार फदन 3.25 वे वूमाास्त तक,गॊगा-लरुणा वॊगभ भं स्नान, त्रलश्व स्लास््म फदलव,8वोभ िैि कृ ष्ण िमोदळी 14:51:12भासवक सळलयात्रि व्रत, भधुकृ ष्ण िमोदळी, श्रीआफदके ळल दळान एलॊऩूजन (काळी), यॊगतेयव, भाॉ फशॊगराज भशाऩूजा9भॊगर िैि कृ ष्ण ितुदाळी 14:43:32के दाय ितुदाळी (काळी), रुद्रतीथा-स्नान, सिि ितुदाळी (जम्भू-कश्भीय), ळौमा फदलव,10फुध िैि कृ ष्ण अभालस्मा 15:05:52स्नान-दान-श्राद्ध शेतु उत्तभ िैिी अभालस्मा, त्रलक्रभ वम्लत ् 2069ऩूणा(िान्द्र लऴा),11गुरु िैि ळुक्र प्रसतऩदा 15:59:09ऩयाबाल नाभक त्रलक्रभ वम्लत्वय 2070 प्रायॊब, नलवॊलत्वयोत्वल,धभा-ध्लजायोशण, नल ऩॊिाॊगपर-श्रलण, ऩॊिाॊग-दान भशाऩुण्मदामकवलाारयष्टळाभक, लावस्न्तक नलयाि प्रायॊब, करळ (घट) स्थाऩना,सतरक व्रत, त्रलद्याव्रत, आयोग्मव्रत, गुडी ऩिला (भशायाष्ड), गौतभऋत्रऴ जमन्ती, आमा वभाज-स्थाऩना फदलव, नलीन िन्द्र-दळान,
    • 71 अप्रेर 2013िैती िाॉद (सवन्धी), झूरेरार जमॊती, फारेन्दु-ऩूजन12ळुक्र िैि ळुक्र फद्रतीमा 17:24:19सवन्धाया दूज, अक्करकोट के श्रीस्लाभी वभथा का जन्भोत्वल (भशा.)येभन्त-ऩूजन (सभसथ.),13ळसन िैि ळुक्र तृतीमा 19:18:33गणगौयी तीज व्रतोत्वल, वौबाग्म वुन्दयी व्रत, भनोयथ तृतीमा व्रत,गौयी दोरोत्वल, अरुॊधती व्रत, वयशुर (त्रफशा.-झाय.), जॊगिम (जम्भू-कश्भीय), भत्स्म अलताय जमॊती, आन्दोरन तृतीमा, वूमा क भेऴवॊक्रास्न्त यात्रि 1.29 फजे, लैळाखी (ऩॊजा.), जसरमाॉलारा फाग फदलव, भीन(खय) भाव ऩूणा14यत्रल िैि ळुक्र ितुथॉ 21:35:18भेऴ वॊक्रास्न्त भं स्नान-दान का त्रलळेऴ ऩुण्मकार प्रात: 7.53 फजे तक,सियोफा (भस्ण.), फॊग (वौय) लऴा 1420 ळुरु, त्रलऴु (के य.), त्रफशाग त्रफशु(अव.), दभनक ितुथॉ, लयदत्रलनामक ितुथॉ व्रत (िॊ.अ.या.10.40),योफशणी व्रत (जैन), डा. अम्फेडकय जमन्ती, आमाबट्ट जमॊती, कल्ऩलावप्रायम्ब (शरयद्राय)15वोभ िैि ळुक्र ऩॊिभी 24:06:07श्रीऩॊिभी, शमव्रत ऩॊिभी, रक्ष्भी-भशाऩूजा, श्रीयाभयाज्मासबऴेक फदलव,अनन्तनाग ऩॊिभी (जम्भू-क.), ऩळुऩतीश्वय-दळान (काळी),16भॊगर िैि ळुक्र ऴष्ठी 26:37:52स्कन्दऴष्ठी व्रत, वूमाऴष्ठी व्रत (िैती छठ-सभसथ.), लावन्ती दुगााऩूजा भंत्रफल्लासबभॊिण ऴष्ठी, अळोका ऴष्ठी (ऩ.फॊ.), मभुना जमॊती17फुध िैि ळुक्र वद्ऱभी 28:59:20लावन्ती दुगााऩूजा भं ऩत्रिका प्रलेळ (सभसथ., ऩ.फॊ.), श्रीदुगाा-भशावद्ऱभीव्रत, बास्कय वद्ऱभी, कभरा वद्ऱभी, वूमादभनक ऩूजन, कारयात्रि वद्ऱभी,डा. याधाकृ ष्णन स्भृसतफदलव18गुरु िैि ळुक्र अष्टभी 30:55:29श्रीदुगाा-भशाष्टभी व्रत, अळोकाष्टभी (ऩ.फॊ.), श्रीअन्नऩूणााष्टभी व्रत एलॊअन्नऩूणाा भाता क ऩरयक्रभा (काळी), ब्रह्मऩुि-स्नान, बलानी अष्टभी,वाॊईफाफा उत्वल प्रायॊब (सळयडी), भेरा भनवादेली (शरयद्राय), भेरा फशुपोटा(जम्भू), श्रीगुरु अॊगददेल एलॊ तेगफशादुय जमन्ती (सवख), तात्मा टोऩेस्भृसतफदलव19ळुक्र िैि ळुक्र अष्टभी 06:55:24श्रीदुगाा-भशानलभी व्रत, भध्माह्नकारीन नलभी भं श्रीयाभनलभी व्रतोत्वल,श्रीयाभजन्भबूसभ-दळान एलॊ ऩरयक्रभा (अमोध्मा), ताया भशात्रलद्याजमन्ती, वूमा वामन लृऴ भं देययात 3.34 फजे-वौय ग्रीष्भ ऋतु प्राॊयब,व्मसतऩात भशाऩात यात्रि 9.57 वे ळेऴयात्रि 4.17 फजे तक
    • 72 अप्रेर 201320ळसन िैि ळुक्र नलभी 08:15:02िैि-नलयाि व्रत का ऩायण प्रात: 8.14 फजे तक, श्रीस्लाभी नायामणजमन्ती (अषयधाभ गुज.)21यत्रल िैि ळुक्र दळभी 08:52:28धभायाज दळभी, त्रििूय ऩोयभ (के य.), िैिी त्रलजमादळभी (भारला, सभसथ.),वाईंफाफा उत्वल ऩूणा (सळयडी)22वोभ िैि ळुक्र एकादळी 08:43:59काभदा एकादळी व्रत, श्रीरक्ष्भी नायामण दोरोत्वल, पू रडोरग्मायव, श्रीफाॉके त्रफशायी का पू रफॊगरा फनना ळुरू (लृॊदा.), लवुन्धयाफदलव23भॊगर िैि ळुक्र द्रादळी 07:50:31बौभ-प्रदोऴ व्रत, एकादळी व्रत का ऩायण प्रात: 7.48 फजे तक,श्माभफाफा द्रादळी, श्रीत्रलष्णु द्रादळी, श्रीशरय-दभनकोत्वल,अनॊगिमोदळी, भीनाषी कल्माणभ् (द.बा),24फुध िैि ळुक्र िमोदळी 06:13:56सळलदभनक ितुदाळी, श्रीशाटके श्वय जमॊती, श्रीनृसवॊश-दोरोत्वल,एकसरॊग सतथीळ-ऩूजन प्रायॊब (भेलाि, याज.),25गुरु िैि ळुक्र ऩूस्णाभा 25:27:03व्रत-स्नान-दान शेतु उत्तभ िैिी ऩूस्णाभा, श्रीशनुभान जमॊतीभशोत्वल (काळी, भंशदीऩुय फाराजी तथा वारावय फाराजी),वलादेलदभनकोत्वल, श्रीर श्माभानन्द प्रबु का आत्रलबाालोत्वल,छिऩसत सळलाजी क ऩुण्मसतसथ, लैळाख-स्नान सनमभ प्रायॊब, बायतभं दृश्म िन्द्रग्रशण देययात 1.22 वे 1.53 फजे तक, ग्रशण कावूतक वामॊ 4.22 फजे वे यात्रि 1.53 फजे तक26ळुक्र लैळाख कृ ष्ण प्रसतऩदा 22:31:44कच्छऩालताय जमन्ती, लैळाख भं भावऩमान्त तुरवीदर वे श्रीशरयका ऩूजन, धभाळास्त्रों के अनुळाय लैळाख एलॊ ज्मेष्ठ भाव भंसळलसरॊग ऩय जर वे बया अघाा यखकय अनलयत जरधाया कव्मलस्था कयना तथा प्मावं के सरमे प्माऊ रगलाना राबप्रद..27ळसन लैळाख कृ ष्ण फद्रतीमा 19:24:16 आळा फद्रतीमा व्रत (आवोदूज)28यत्रल लैळाख कृ ष्ण तृतीमा 16:15:51वॊकष्टी श्रीगणेळितुथॉ व्रत, ळसन ऩृ्ली वे सनकटतभ(िॊ.उ.या.9.22)29वोभ लैळाख कृ ष्ण ितुथॉ 13:11:13 वती अनुवूमा जमॊती, अगस्त्मास्त प्रात: 9.12 फजे30भॊगर लैळाख कृ ष्ण ऩॊिभी 10:20:40 तुकिोजी भशायाज जमॊती, श्री ऩॊिभी (जम्भू-क.)
    • 73 अप्रेर 2013गणेळ रक्ष्भी मॊिप्राण-प्रसतत्रष्ठत गणेळ रक्ष्भी मॊि को अऩने घय-दुकान-ओफपव-पै क्टयी भं ऩूजन स्थान, गल्रा मा अरभायी भं स्थात्रऩतकयने व्माऩाय भं त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शं। मॊि के प्रबाल वे बाग्म भं उन्नसत, भान-प्रसतष्ठा एलॊ व्माऩाय भं लृत्रद्ध शोतीशं एलॊ आसथाक स्स्थभं वुधाय शोता शं। गणेळ रक्ष्भी मॊि को स्थात्रऩत कयने वे बगलान गणेळ औय देली रक्ष्भी कावॊमुि आळीलााद प्राद्ऱ शोता शं। Rs.730 वे Rs.10900 तकभॊगर मॊि वे ऋण भुत्रिभॊगर मॊि को जभीन-जामदाद के त्रललादो को शर कयने के काभ भं राब देता शं, इव के असतरयि व्मत्रि को ऋणभुत्रि शेतु भॊगर वाधना वे असत ळीध्र राब प्राद्ऱ शोता शं। त्रललाश आफद भं भॊगरी जातकं के कल्माण के सरए भॊगरमॊि क ऩूजा कयने वे त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शं। प्राण प्रसतत्रष्ठत भॊगर मॊि के ऩूजन वे बाग्मोदम, ळयीय भं खून ककभी, गबाऩात वे फिाल, फुखाय, िेिक, ऩागरऩन, वूजन औय घाल, मौन ळत्रि भं लृत्रद्ध, ळिु त्रलजम, तॊि भॊि के दुष्ट प्रबा,बूत-प्रेत बम, लाशन दुघाटनाओॊ, शभरा, िोयी इत्मादी वे फिाल शोता शं। भूल्म भाि Rs- 730कु फेय मॊिकु फेय मॊि के ऩूजन वे स्लणा राब, यत्न राब, ऩैतृक वम्ऩत्ती एलॊ गिे शुए धन वे राब प्रासद्ऱ फक काभना कयने लारेव्मत्रि के सरमे कु फेय मॊि अत्मन्त वपरता दामक शोता शं। एवा ळास्त्रोोि लिन शं। कु फेय मॊि के ऩूजन वे एकासधकस्त्रोोि वे धन का प्राद्ऱ शोकय धन वॊिम शोता शं।ताम्र ऩि ऩय वुलणा ऩोरीव(Gold Plated)ताम्र ऩि ऩय यजत ऩोरीव(Silver Plated)ताम्र ऩि ऩय(Copper)वाईज भूल्म वाईज भूल्म वाईज भूल्म1” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”4608201650235036006400108001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”370640109016502800510082001” X 1”2” X 2”3” X 3”4” X 4”6” X 6”9” X 9”12” X12”2554607301090190032506400GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us – 91 + 9338213418, 91 + 9238328785Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com >> Order Now
    • 74 अप्रेर 2013नलयत्न जफित श्री मॊिळास्त्रो लिन के अनुवाय ळुद्ध वुलणा मा यजत भं सनसभात श्री मॊि के िायं औय मफद नलयत्न जिला ने ऩय मश नलयत्नजफित श्री मॊि कशराता शं। वबी यत्नो को उवके सनस्श्चत स्थान ऩय जि कय रॉके ट के रूऩ भं धायण कयने वे व्मत्रि कोअनॊत एश्वमा एलॊ रक्ष्भी क प्रासद्ऱ शोती शं। व्मत्रि को एवा आबाव शोता शं जैवे भाॊ रक्ष्भी उवके वाथ शं। नलग्रश कोश्री मॊि के वाथ रगाने वे ग्रशं क अळुब दळा का धायण कयने लारे व्मत्रि ऩय प्रबाल नशीॊ शोता शं। गरे भं शोने केकायण मॊि ऩत्रलि यशता शं एलॊ स्नान कयते वभम इव मॊि ऩय स्ऩळा कय जो जर त्रफॊदु ळयीय को रगते शं, लश गॊगाजर के वभान ऩत्रलि शोता शं। इव सरमे इवे वफवे तेजस्ली एलॊ परदासम कशजाता शं। जैवे अभृत वे उत्तभ कोईऔऴसध नशीॊ, उवी प्रकाय रक्ष्भी प्रासद्ऱ के सरमे श्री मॊि वे उत्तभ कोई मॊि वॊवाय भं नशीॊ शं एवा ळास्त्रोोि लिन शं। इवप्रकाय के नलयत्न जफित श्री मॊि गुरूत्ल कामाारम द्राया ळुब भुशूता भं प्राण प्रसतत्रष्ठत कयके फनालाए जाते शं।अष्ट रक्ष्भी कलिअष्ट रक्ष्भी कलि को धायण कयने वे व्मत्रि ऩय वदा भाॊ भशा रक्ष्भी क कृ ऩा एलॊ आळीलााद फनायशता शं। स्जस्वे भाॊ रक्ष्भी के अष्ट रुऩ (१)-आफद रक्ष्भी, (२)-धान्म रक्ष्भी, (३)-धैयीम रक्ष्भी, (४)-गज रक्ष्भी, (५)-वॊतान रक्ष्भी, (६)-त्रलजम रक्ष्भी, (७)-त्रलद्या रक्ष्भी औय (८)-धन रक्ष्भी इन वबीरुऩो का स्लत् अळीलााद प्राद्ऱ शोता शं। भूल्म भाि: Rs-1250भॊि सवद्ध व्माऩाय लृत्रद्ध कलिव्माऩाय लृत्रद्ध कलि व्माऩाय भं ळीघ्र उन्नसत के सरए उत्तभ शं। िाशं कोई बी व्माऩाय शो अगय उवभं राब के स्थान ऩयफाय-फाय शासन शो यशी शं। फकवी प्रकाय वे व्माऩाय भं फाय-फाय फाधाएॊ उत्ऩन्न शो यशी शो! तो वॊऩूणा प्राण प्रसतत्रष्ठतभॊि सवद्ध ऩूणा िैतन्म मुि व्माऩाय लृत्रद्ध मॊि को व्मऩाय स्थान मा घय भं स्थात्रऩत कयने वे ळीघ्र शी व्माऩाय भं लृत्रद्धएलॊ सनतन्तय राब प्राद्ऱ शोता शं। भूल्म भाि: Rs.730 & 1050भॊगर मॊि(त्रिकोण) भॊगर मॊि को जभीन-जामदाद के त्रललादो को शर कयने के काभ भं राब देता शं, इव के असतरयि व्मत्रि कोऋण भुत्रि शेतु भॊगर वाधना वे असत ळीध्र राब प्राद्ऱ शोता शं। त्रललाश आफद भं भॊगरी जातकं के कल्माण के सरएभॊगर मॊि क ऩूजा कयने वे त्रलळेऴ राब प्राद्ऱ शोता शं। भूल्म भाि Rs- 730>> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call us: 91 + 9338213418, 91+ 9238328785Mail Us: gurutva.karyalay@gmail.com, gurutva_karyalay@yahoo.in,Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 75 अप्रेर 2013त्रललाश वॊफॊसधत वभस्माक्मा आऩके रडके -रडक फक आऩक ळादी भं अनालश्मक रूऩ वे त्रलरम्फ शो यशा शं मा उनके लैलाफशक जीलन भं खुसळमाॊ कभशोती जायशी शं औय वभस्मा असधक फढती जायशी शं। एवी स्स्थती शोने ऩय अऩने रडके -रडक फक कुॊ डरी का अध्ममनअलश्म कयलारे औय उनके लैलाफशक वुख को कभ कयने लारे दोऴं के सनलायण के उऩामो के फाय भं त्रलस्ताय वे जनकायी प्राद्ऱकयं।सळषा वे वॊफॊसधत वभस्माक्मा आऩके रडके -रडक क ऩढाई भं अनालश्मक रूऩ वे फाधा-त्रलघ्न मा रुकालटे शो यशी शं? फच्िो को अऩने ऩूणा ऩरयश्रभएलॊ भेशनत का उसित पर नशीॊ सभर यशा? अऩने रडके -रडक क कुॊ डरी का त्रलस्तृत अध्ममन अलश्म कयलारे औयउनके त्रलद्या अध्ममन भं आनेलारी रुकालट एलॊ दोऴो के कायण एलॊ उन दोऴं के सनलायण के उऩामो के फाय भं त्रलस्ताय वेजनकायी प्राद्ऱ कयं।क्मा आऩ फकवी वभस्मा वे ग्रस्त शं?आऩके ऩाव अऩनी वभस्माओॊ वे छु टकाया ऩाने शेतु ऩूजा-अिाना, वाधना, भॊि जाऩ इत्माफद कयने का वभम नशीॊ शं?अफ आऩ अऩनी वभस्माओॊ वे फीना फकवी त्रलळेऴ ऩूजा-अिाना, त्रलसध-त्रलधान के आऩको अऩने कामा भं वपरता प्राद्ऱकय वके एलॊ आऩको अऩने जीलन के वभस्त वुखो को प्राद्ऱ कयने का भागा प्राद्ऱ शो वके इव सरमे गुरुत्ल कामाारतद्राया शभाया उद्देश्म ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे त्रलसळष्ट तेजस्ली भॊिो द्राया सवद्ध प्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्म मुि त्रलसबन्न प्रकाय केमन्ि- कलि एलॊ ळुब परदामी ग्रश यत्न एलॊ उऩयत्न आऩके घय तक ऩशोिाने का शं।ज्मोसतऴ वॊफॊसधत त्रलळेऴ ऩयाभळाज्मोसत त्रलसान, अॊक ज्मोसतऴ, लास्तु एलॊ आध्मास्त्भक सान वं वॊफॊसधत त्रलऴमं भं शभाये 30 लऴो वे असधक लऴा केअनुबलं के वाथ ज्मोसतव वे जुडे नमे-नमे वॊळोधन के आधाय ऩय आऩ अऩनी शय वभस्मा के वयर वभाधान प्राद्ऱ कयवकते शं। >> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us - 9338213418, 9238328785Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.comओनेक्वजो व्मत्रि ऩन्ना धायण कयने भे अवभथा शो उन्शं फुध ग्रश के उऩयत्न ओनेक्व को धायण कयना िाफशए।उच्ि सळषा प्रासद्ऱ शेतु औय स्भयण ळत्रि के त्रलकाव शेतु ओनेक्व यत्न क अॊगूठी को दामं शाथ क वफवे छोटीउॊगरी मा रॉके ट फनला कय गरे भं धायण कयं। ओनेक्व यत्न धायण कयने वे त्रलद्या-फुत्रद्ध क प्रासद्ऱ शो शोकय स्भयणळत्रि का त्रलकाव शोता शं। >> Order Now
    • 76 अप्रेर 2013अप्रैर 2013 -त्रलळेऴ मोगकामा सवत्रद्ध मोग5 वूमोदम वे यात्रि 8.18 तक 15 वूमोदम वे प्रात: 6.42 तक9 वूमोदम वे यात्रि 8.21 तक 18 वूमोदम वे फदन 3.30 तक11 वूमोदम वे यात्रि 11.06 तक 24 प्रात: 6.13 वे वामॊ 6.47 तक13/14 यात्रि 3.48 वे वूमोदम तकगुरु-ऩुष्माभृत मोग18 फदन 3.30 वे यात बयफद्रऩुष्कय (दोगुना पर) मोग6 वामॊ 4.22 वे 7.45 तकत्रिऩुष्कय (तीनगुना पर) मोग23 वूमोदम वे प्रात: 7.48 तक 27 वूमोदम वे फदन 12.46 तकत्रलघ्नकायक बद्रा1 यात 1.22 वे 2 अप्रैर को फदन 11.43 तक 18 प्रात: 4.58 वे वामॊ 5.56 तक5 प्रात: 6.27 वे वामॊ 5.40 तक 21 यात्रि 8.46 वे 22 अप्रैर को प्रात: 8.42 तक8 फदन 2.50 वे यात्रि 2.46 तक 25 प्रात: 4.03 वे फदन 2.44 तक14 प्रात: 8.25 वे यात्रि 9.34 तक 28 प्रात: 5.48 वे वामॊ 4.14 तकमोग पर : कामा सवत्रद्ध मोग भे फकमे गमे ळुब कामा भे सनस्श्चत वपरता प्राद्ऱ शोती शं, एवा ळास्त्रोोि लिन शं। गुरु ऩुष्माभृत मोग भं फकमे गमे फकमे गमे ळुब कामा भे ळुब परो क प्रासद्ऱ शोती शं, एवा ळास्त्रोोि लिन शं। फद्रऩुष्कय मोग भं फकमे गमे ळुब कामो का राब दोगुना शोता शं। एवा ळास्त्रोोि लिन शं। त्रिऩुष्कय मोग भं फकमे गमे ळुब कामो का राब तीन गुना शोता शं। एवा ळास्त्रोोि लिन शं। ळास्त्रोोि भत वे त्रलघ्नकायक बद्रा मा बद्रा मोग भं ळुब कामा कयना लस्जात शं।दैसनक ळुब एलॊ अळुब वभम सान तासरकागुसरक कार (ळुब) मभ कार (अळुब) याशु कार (अळुब)लाय वभम अलसध वभम अलसध वभम अलसधयत्रललाय 03:00 वे 04:30 12:00 वे 01:30 04:30 वे 06:00वोभलाय 01:30 वे 03:00 10:30 वे 12:00 07:30 वे 09:00भॊगरलाय 12:00 वे 01:30 09:00 वे 10:30 03:00 वे 04:30फुधलाय 10:30 वे 12:00 07:30 वे 09:00 12:00 वे 01:30गुरुलाय 09:00 वे 10:30 06:00 वे 07:30 01:30 वे 03:00ळुक्रलाय 07:30 वे 09:00 03:00 वे 04:30 10:30 वे 12:00ळसनलाय 06:00 वे 07:30 01:30 वे 03:00 09:00 वे 10:30
    • 77 अप्रेर 2013फदन के िौघफडमेवभम यत्रललाय वोभलाय भॊगरलाय फुधलाय गुरुलाय ळुक्रलाय ळसनलाय06:00 वे 07:30 उद्रेग अभृत योग राब ळुब िर कार07:30 वे 09:00 िर कार उद्रेग अभृत योग राब ळुब09:00 वे 10:30 राब ळुब िर कार उद्रेग अभृत योग10:30 वे 12:00 अभृत योग राब ळुब िर कार उद्रेग12:00 वे 01:30 कार उद्रेग अभृत योग राब ळुब िर01:30 वे 03:00 ळुब िर कार उद्रेग अभृत योग राब03:00 वे 04:30 योग राब ळुब िर कार उद्रेग अभृत04:30 वे 06:00 उद्रेग अभृत योग राब ळुब िर कारयात के िौघफडमेवभम यत्रललाय वोभलाय भॊगरलाय फुधलाय गुरुलाय ळुक्रलाय ळसनलाय06:00 वे 07:30 ळुब िर कार उद्रेग अभृत योग राब07:30 वे 09:00 अभृत योग राब ळुब िर कार उद्रेग09:00 वे 10:30 िर कार उद्रेग अभृत योग राब ळुब10:30 वे 12:00 योग राब ळुब िर कार उद्रेग अभृत12:00 वे 01:30 कार उद्रेग अभृत योग राब ळुब िर01:30 वे 03:00 राब ळुब िर कार उद्रेग अभृत योग03:00 वे 04:30 उद्रेग अभृत योग राब ळुब िर कार04:30 वे 06:00 ळुब िर कार उद्रेग अभृत योग राबळास्त्रोोि भत के अनुळाय मफद फकवी बी कामा का प्रायॊब ळुब भुशूता मा ळुब वभम ऩय फकमा जामे तो कामा भं वपरताप्राद्ऱ शोने फक वॊबालना ज्मादा प्रफर शो जाती शं। इव सरमे दैसनक ळुब वभम िौघफिमा देखकय प्राद्ऱ फकमा जा वकता शं।नोट: प्राम् फदन औय यात्रि के िौघफिमे फक सगनती क्रभळ् वूमोदम औय वूमाास्त वे फक जाती शं। प्रत्मेक िौघफिमे फक अलसध 1घॊटा 30 सभसनट अथाात डेढ़ घॊटा शोती शं। वभम के अनुवाय िौघफिमे को ळुबाळुब तीन बागं भं फाॊटा जाता शं, जो क्रभळ् ळुब,भध्मभ औय अळुब शं।िौघफडमे के स्लाभी ग्रश * शय कामा के सरमे ळुब/अभृत/राब कािौघफिमा उत्तभ भाना जाता शं।* शय कामा के सरमे िर/कार/योग/उद्रेगका िौघफिमा उसित नशीॊ भाना जाता।ळुब िौघफडमा भध्मभ िौघफडमा अळुब िौघफिमािौघफडमा स्लाभी ग्रश िौघफडमा स्लाभी ग्रश िौघफडमा स्लाभी ग्रशळुब गुरु िय ळुक्र उद्बेग वूमाअभृत िॊद्रभा कार ळसनराब फुध योग भॊगर
    • 78 अप्रेर 2013फदन फक शोया - वूमोदम वे वूमाास्त तकलाय 1.घॊ 2.घॊ 3.घॊ 4.घॊ 5.घॊ 6.घॊ 7.घॊ 8.घॊ 9.घॊ 10.घॊ 11.घॊ 12.घॊयत्रललाय वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसनवोभलाय िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमाभॊगरलाय भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्रफुधलाय फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगरगुरुलाय गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुधळुक्रलाय ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरुळसनलाय ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्रयात फक शोया – वूमाास्त वे वूमोदम तकयत्रललाय गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुधवोभलाय ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरुभॊगरलाय ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्रफुधलाय वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसनगुरुलाय िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमाळुक्रलाय भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्रळसनलाय फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगर वूमा ळुक्र फुध िॊद्र ळसन गुरु भॊगरशोया भुशूता को कामा सवत्रद्ध के सरए ऩूणा परदामक एलॊ अिूक भाना जाता शं, फदन-यात के २४ घॊटं भं ळुब-अळुब वभमको वभम वे ऩूला सात कय अऩने कामा सवत्रद्ध के सरए प्रमोग कयना िाफशमे।त्रलद्रानो के भत वे इस्च्छत कामा सवत्रद्ध के सरए ग्रश वे वॊफॊसधत शोया का िुनाल कयने वे त्रलळेऴ राबप्राद्ऱ शोता शं। वूमा फक शोया वयकायी कामो के सरमे उत्तभ शोती शं। िॊद्रभा फक शोया वबी कामं के सरमे उत्तभ शोती शं। भॊगर फक शोया कोटा-किेयी के कामं के सरमे उत्तभ शोती शं। फुध फक शोया त्रलद्या-फुत्रद्ध अथाात ऩढाई के सरमे उत्तभ शोती शं। गुरु फक शोया धासभाक कामा एलॊ त्रललाश के सरमे उत्तभ शोती शं। ळुक्र फक शोया मािा के सरमे उत्तभ शोती शं। ळसन फक शोया धन-द्रव्म वॊफॊसधत कामा के सरमे उत्तभ शोती शं।
    • 79 अप्रेर 2013ग्रश िरन अप्रेर -2013Day Sun Mon Ma Me Jup Ven Sat Rah Ket Ua Nep Plu1 11:17:22 07:18:21 11:21:10 10:19:35 01:17:48 11:18:12 06:16:06 06:23:15 00:23:15 11:14:36 10:10:10 08:17:302 11:18:21 08:02:38 11:21:56 10:20:36 01:17:58 11:19:27 06:16:02 06:23:16 00:23:16 11:14:40 10:10:12 08:17:303 11:19:21 08:16:49 11:22:42 10:21:40 01:18:08 11:20:41 06:15:59 06:23:17 00:23:17 11:14:43 10:10:13 08:17:304 11:20:20 09:00:53 11:23:28 10:22:47 01:18:18 11:21:56 06:15:55 06:23:16 00:23:16 11:14:46 10:10:15 08:17:315 11:21:19 09:14:49 11:24:14 10:23:55 01:18:28 11:23:10 06:15:51 06:23:14 00:23:14 11:14:50 10:10:17 08:17:316 11:22:18 09:28:34 11:24:59 10:25:06 01:18:39 11:24:25 06:15:47 06:23:11 00:23:11 11:14:53 10:10:19 08:17:317 11:23:17 10:12:08 11:25:45 10:26:19 01:18:49 11:25:39 06:15:43 06:23:07 00:23:07 11:14:57 10:10:21 08:17:318 11:24:16 10:25:30 11:26:31 10:27:35 01:19:00 11:26:54 06:15:39 06:23:02 00:23:02 11:15:00 10:10:23 08:17:329 11:25:15 11:08:39 11:27:16 10:28:52 01:19:10 11:28:08 06:15:35 06:22:58 00:22:58 11:15:03 10:10:24 08:17:3210 11:26:14 11:21:32 11:28:02 11:00:11 01:19:21 11:29:22 06:15:31 06:22:54 00:22:54 11:15:07 10:10:26 08:17:3211 11:27:13 00:04:12 11:28:47 11:01:33 01:19:32 00:00:37 06:15:27 06:22:51 00:22:51 11:15:10 10:10:28 08:17:3212 11:28:12 00:16:36 11:29:33 11:02:56 01:19:43 00:01:51 06:15:22 06:22:50 00:22:50 11:15:14 10:10:29 08:17:3213 11:29:11 00:28:49 00:00:18 11:04:21 01:19:54 00:03:05 06:15:18 06:22:50 00:22:50 11:15:17 10:10:31 08:17:3214 00:00:09 01:10:50 00:01:04 11:05:47 01:20:05 00:04:20 06:15:14 06:22:51 00:22:51 11:15:20 10:10:33 08:17:3215 00:01:08 01:22:44 00:01:49 11:07:16 01:20:16 00:05:34 06:15:09 06:22:53 00:22:53 11:15:24 10:10:34 08:17:3216 00:02:07 02:04:33 00:02:34 11:08:46 01:20:28 00:06:48 06:15:05 06:22:54 00:22:54 11:15:27 10:10:36 08:17:3217 00:03:06 02:16:23 00:03:19 11:10:18 01:20:39 00:08:02 06:15:01 06:22:56 00:22:56 11:15:30 10:10:37 08:17:3218 00:04:04 02:28:18 00:04:04 11:11:51 01:20:50 00:09:16 06:14:56 06:22:56 00:22:56 11:15:34 10:10:39 08:17:3219 00:05:03 03:10:23 00:04:50 11:13:26 01:21:02 00:10:31 06:14:52 06:22:57 00:22:57 11:15:37 10:10:41 08:17:3120 00:06:01 03:22:42 00:05:35 11:15:03 01:21:14 00:11:45 06:14:47 06:22:56 00:22:56 11:15:40 10:10:42 08:17:3121 00:07:00 04:05:20 00:06:20 11:16:42 01:21:25 00:12:59 06:14:43 06:22:54 00:22:54 11:15:43 10:10:43 08:17:3122 00:07:59 04:18:20 00:07:05 11:18:22 01:21:37 00:14:13 06:14:38 06:22:52 00:22:52 11:15:47 10:10:45 08:17:3123 00:08:57 05:01:44 00:07:49 11:20:04 01:21:49 00:15:27 06:14:34 06:22:50 00:22:50 11:15:50 10:10:46 08:17:3024 00:09:56 05:15:32 00:08:34 11:21:48 01:22:01 00:16:41 06:14:29 06:22:49 00:22:49 11:15:53 10:10:48 08:17:3025 00:10:54 05:29:42 00:09:19 11:23:33 01:22:13 00:17:55 06:14:25 06:22:48 00:22:48 11:15:56 10:10:49 08:17:3026 00:11:52 06:14:10 00:10:04 11:25:20 01:22:25 00:19:09 06:14:20 06:22:47 00:22:47 11:15:59 10:10:50 08:17:2927 00:12:51 06:28:51 00:10:49 11:27:09 01:22:37 00:20:23 06:14:16 06:22:47 00:22:47 11:16:03 10:10:52 08:17:2928 00:13:49 07:13:38 00:11:33 11:28:59 01:22:49 00:21:37 06:14:11 06:22:47 00:22:47 11:16:06 10:10:53 08:17:2829 00:14:47 07:28:23 00:12:18 00:00:51 01:23:01 00:22:51 06:14:07 06:22:48 00:22:48 11:16:09 10:10:54 08:17:2830 00:15:46 08:13:02 00:13:02 00:02:45 01:23:14 00:24:05 06:14:02 06:22:49 00:22:49 11:16:12 10:10:55 08:17:27
    • 80 अप्रेर 2013वला योगनाळक मॊि/कलिभनुष्म अऩने जीलन के त्रलसबन्न वभम ऩय फकवी ना फकवी वाध्म मा अवाध्म योग वे ग्रस्त शोता शं।उसित उऩिाय वे ज्मादातय वाध्म योगो वे तो भुत्रि सभर जाती शं, रेफकन कबी-कबी वाध्म योग शोकय बीअवाध्म शोजाते शं, मा कोइ अवाध्म योग वे ग्रसवत शोजाते शं। शजायो राखो रुऩमे खिा कयने ऩय बी असधकराब प्राद्ऱ नशीॊ शो ऩाता। डॉक्टय द्राया फदजाने लारी दलाईमा अल्ऩ वभम के सरमे कायगय वात्रफत शोती शं, एवीस्स्थती भं राब प्रासद्ऱ के सरमे व्मत्रि एक डॉक्टय वे दूवये डॉक्टय के िक्कय रगाने को फाध्म शो जाता शं।बायतीम ऋऴीमोने अऩने मोग वाधना के प्रताऩ वे योग ळाॊसत शेतु त्रलसबन्न आमुलेय औऴधो के असतरयिमॊि, भॊि एलॊ तॊि का उल्रेख अऩने ग्रॊथो भं कय भानल जीलन को राब प्रदान कयने का वाथाक प्रमाव शजायोलऴा ऩूला फकमा था। फुत्रद्धजीलो के भत वे जो व्मत्रि जीलनबय अऩनी फदनिमाा ऩय सनमभ, वॊमभ यख कय आशायग्रशण कयता शं, एवे व्मत्रि को त्रलसबन्न योग वे ग्रसवत शोने क वॊबालना कभ शोती शं। रेफकन आज केफदरते मुग भं एवे व्मत्रि बी बमॊकय योग वे ग्रस्त शोते फदख जाते शं। क्मोफक वभग्र वॊवाय कार के अधीनशं। एलॊ भृत्मु सनस्श्चत शं स्जवे त्रलधाता के अराला औय कोई टार नशीॊ वकता, रेफकन योग शोने फक स्स्थती भंव्मत्रि योग दूय कयने का प्रमाव तो अलश्म कय वकता शं। इव सरमे मॊि भॊि एलॊ तॊि के कु ळर जानकाय वेमोग्म भागादळान रेकय व्मत्रि योगो वे भुत्रि ऩाने का मा उवके प्रबालो को कभ कयने का प्रमाव बी अलश्मकय वकता शं।ज्मोसतऴ त्रलद्या के कु ळर जानकय बी कार ऩुरुऴक गणना कय अनेक योगो के अनेको यशस्म कोउजागय कय वकते शं। ज्मोसतऴ ळास्त्रो के भाध्मभ वे योग के भूरको ऩकडने भे वशमोग सभरता शं, जशाआधुसनक सिफकत्वा ळास्त्रो अषभ शोजाता शं लशा ज्मोसतऴ ळास्त्रो द्राया योग के भूर(जि) को ऩकड कय उवकासनदान कयना राबदामक एलॊ उऩामोगी सवद्ध शोता शं।शय व्मत्रि भं रार यॊगक कोसळकाए ऩाइ जाती शं, स्जवका सनमभीत त्रलकाव क्रभ फद्ध तयीके वे शोतायशता शं। जफ इन कोसळकाओ के क्रभ भं ऩरयलतान शोता शै मा त्रलखॊफडन शोता शं तफ व्मत्रि के ळयीय भंस्लास््म वॊफॊधी त्रलकायो उत्ऩन्न शोते शं। एलॊ इन कोसळकाओ का वॊफॊध नल ग्रशो के वाथ शोता शं। स्जस्वे योगोके शोने के कायण व्मत्रि के जन्भाॊग वे दळा-भशादळा एलॊ ग्रशो फक गोिय स्स्थती वे प्राद्ऱ शोता शं।वला योग सनलायण कलि एलॊ भशाभृत्मुॊजम मॊि के भाध्मभ वे व्मत्रि के जन्भाॊग भं स्स्थत कभजोय एलॊऩीफडत ग्रशो के अळुब प्रबाल को कभ कयने का कामा वयरता ऩूलाक फकमा जावकता शं। जेवे शय व्मत्रि कोब्रह्माॊड फक उजाा एलॊ ऩृ्ली का गुरुत्लाकऴाण फर प्रबालीत कताा शं फठक उवी प्रकाय कलि एलॊ मॊि के भाध्मभवे ब्रह्माॊड फक उजाा के वकायात्भक प्रबाल वे व्मत्रि को वकायात्भक उजाा प्राद्ऱ शोती शं स्जस्वे योग के प्रबालको कभ कय योग भुि कयने शेतु वशामता सभरती शं।योग सनलायण शेतु भशाभृत्मुॊजम भॊि एलॊ मॊि का फडा भशत्ल शं। स्जस्वे फशन्दू वॊस्कृ सत का प्राम् शयव्मत्रि भशाभृत्मुॊजम भॊि वे ऩरयसित शं।
    • 81 अप्रेर 2013कलि के राब : एवा ळास्त्रोोि लिन शं स्जव घय भं भशाभृत्मुॊजम मॊि स्थात्रऩत शोता शं लशा सनलाव कताा शो नाना प्रकायफक आसध-व्मासध-उऩासध वे यषा शोती शं। ऩूणा प्राण प्रसतत्रष्ठत एलॊ ऩूणा िैतन्म मुि वला योग सनलायण कलि फकवी बी उम्र एलॊ जासत धभा के रोगिाशे स्त्रोी शो मा ऩुरुऴ धायण कय वकते शं। जन्भाॊगभं अनेक प्रकायके खयाफ मोगो औय खयाफ ग्रशो फक प्रसतकू रता वे योग उतऩन्न शोते शं। कु छ योग वॊक्रभण वे शोते शं एलॊ कु छ योग खान-ऩान फक असनमसभतता औय अळुद्धतावे उत्ऩन्न शोते शं।कलि एलॊ मॊि द्राया एवे अनेक प्रकाय के खयाफ मोगो को नष्ट कय, स्लास््म राब औय ळायीरयक यषण प्राद्ऱकयने शेतु वला योगनाळक कलि एलॊ मॊि वला उऩमोगी शोता शं। आज के बौसतकता लादी आधुसनक मुगभे अनेक एवे योग शोते शं, स्जवका उऩिाय ओऩयेळन औय दलावे बीकफठन शो जाता शं। कु छ योग एवे शोते शं स्जवे फताने भं रोग फशिफकिाते शं ळयभ अनुबल कयते शं एवेयोगो को योकने शेतु एलॊ उवके उऩिाय शेतु वला योगनाळक कलि एलॊ मॊि राबादासम सवद्ध शोता शं। प्रत्मेक व्मत्रि फक जेवे-जेवे आमु फढती शं लैवे-लवै उवके ळयीय फक ऊजाा कभ शोती जाती शं। स्जवके वाथअनेक प्रकाय के त्रलकाय ऩैदा शोने रगते शं एवी स्स्थती भं उऩिाय शेतु वलायोगनाळक कलि एलॊ मॊि परप्रदशोता शं। स्जव घय भं त्रऩता-ऩुि, भाता-ऩुि, भाता-ऩुिी, मा दो बाई एक फश नषिभे जन्भ रेते शं, तफ उवक भाताके सरमे असधक कष्टदामक स्स्थती शोती शं। उऩिाय शेतु भशाभृत्मुॊजम मॊि परप्रद शोता शं। स्जव व्मत्रि का जन्भ ऩरयसध मोगभे शोता शं उन्शे शोने लारे भृत्मु तुल्म कष्ट एलॊ शोने लारे योग, सिॊता भंउऩिाय शेतु वला योगनाळक कलि एलॊ मॊि ळुब परप्रद शोता शं।नोट:- ऩूणा प्राण प्रसतत्रष्ठत एलॊ ऩूणा िैतन्म मुि वला योग सनलायण कलि एलॊ मॊि के फाये भं असधकजानकायी शेतु वॊऩका कयं। >> Order NowDeclaration Notice We do not accept liability for any out of date or incorrect information. We will not be liable for your any indirect consequential loss, loss of profit, If you will cancel your order for any article we can not any amount will be refunded or Exchange. We are keepers of secrets. We honour our clients rights to privacy and will release no information about ourany other clients transactions with us. Our ability lies in having learned to read the subtle spiritual energy, Yantra, mantra and promptings of thenatural and spiritual world. Our skill lies in communicating clearly and honestly with each client. Our all kawach, yantra and any other article are prepared on the Principle of Positiv energy, our Article dosenot produce any bad energy.Our Goal Here Our goal has The classical Method-Legislation with Proved by specific with fiery chants prestigious fullconsciousness (Puarn Praan Pratisthit) Give miraculous powers & Good effect All types of Yantra, Kavach,Rudraksh, preciouse and semi preciouse Gems stone deliver on your door step.
    • 82 अप्रेर 2013भॊि सवद्ध कलिभॊि सवद्ध कलि को त्रलळेऴ प्रमोजन भं उऩमोग के सरए औय ळीघ्र प्रबाल ळारी फनाने के सरए तेजस्ली भॊिो द्राया ळुब भशूता भं ळुबफदन को तैमाय फकमे जाते शै । अरग-अरग कलि तैमाय कयने के सरए अरग-अरग तयश के भॊिो का प्रमोग फकमा जाता शै । क्मं िुने भॊि सवद्ध कलि?  उऩमोग भं आवान कोई प्रसतफन्ध नशीॊ  कोई त्रलळेऴ सनसत-सनमभ नशीॊ  कोई फुया प्रबाल नशीॊभॊि सवद्ध कलि वूसिअभोघ भशाभृत्मुॊजम कलि 10900 श्रात्रऩत मोग सनलायण कलि 1900 तॊि यषा 730याज याजेश्वयी कलि 11000 * वला जन लळीकयण 1450 ळिु त्रलजम 730वला कामा सवत्रद्ध कलि 4600 सवत्रद्ध त्रलनामक कलि 1450 त्रललाश फाधा सनलायण 730श्रीघॊटाकणा भशालीय वला सवत्रद्धप्रद कलि 6400 वकर वम्भान प्रासद्ऱ कलि 1450 व्माऩय लृत्रद्ध 730वकर सवत्रद्ध प्रद गामिी कलि 6400 आकऴाण लृत्रद्ध कलि 1450 वला योग सनलायण 730दव भशा त्रलद्या कलि 6400 लळीकयण नाळक कलि 1450 योजगाय लृत्रद्ध 730नलदुगाा ळत्रि कलि 6400 प्रीसत नाळक कलि 1450 भस्स्तष्क ऩृत्रष्ट लधाक 640यवामन सवत्रद्ध कलि 6400 िॊडार मोग सनलायण कलि 1450 काभना ऩूसता 640ऩॊिदेल ळत्रि कलि 6400 ग्रशण मोग सनलायण कलि 1450 त्रलयोध नाळक 640वुलणा रक्ष्भी कलि 4600 अष्ट रक्ष्भी 1250 त्रलघ्न फाधा सनलायण 550स्लणााकऴाण बैयल कलि 4600 भाॊगसरक मोग सनलायण कलि 1250 नज़य यषा 550*त्रलरषण वकर याज लळीकयण कलि 3250 वॊतान प्रासद्ऱ 1250 योजगाय प्रासद्ऱ 550कारवऩा ळाॊसत कलि 2800 स्ऩे- व्माऩय लृत्रद्ध 1050 दुबााग्म नाळक 460इष्ट सवत्रद्ध कलि 2800 कामा सवत्रद्ध 1050 * लळीकयण (2-3 व्मत्रिके सरए) 1050ऩयदेळ गभन औय राब प्रासद्ऱ कलि 2350 आकस्स्भक धन प्रासद्ऱ 1050 * ऩत्नी लळीकयण 640श्रीदुगाा फीवा कलि 1900 स्लस्स्तक फीवा कलि 1050 * ऩसत लळीकयण 640अष्ट त्रलनामक कलि 1900 शॊव फीवा कलि 1050 वयस्लती (कषा +10 के सरए) 550त्रलष्णु फीवा कलि 1900 स्लप्न बम सनलायण कलि 1050 वयस्लती (कषा 10 तकके सरए) 460याभबद्र फीवा कलि 1900 नलग्रश ळाॊसत 910 * लळीकयण ( 1 व्मत्रि के सरए) 640कु फेय फीवा कलि 1900 बूसभ राब 910 सवद्ध वूमा कलि 550गरुड फीवा कलि 1900 काभ देल 910 सवद्ध िॊद्र कलि 550सवॊश फीवा कलि 1900 ऩदं उन्नसत 910 सवद्ध भॊगर कलि 550नलााण फीवा कलि 1900 ऋण भुत्रि 910 सवद्ध फुध कलि 550वॊकट भोसिनी कासरका सवत्रद्ध कलि 1900 वुदळान फीवा कलि 910 सवद्ध गुरु कलि 550याभ यषा कलि 1900 भशा वुदळान कलि 910 सवद्ध ळुक्र कलि 550शनुभान कलि 1900 त्रिळूर फीवा कलि 910 सवद्ध ळसन कलि 550बैयल यषा कलि 1900 धन प्रासद्ऱ 820 सवद्ध याशु कलि 550ळसन वािेवाती औय ढ़ैमा कष्ट सनलायण कलि 1900 सवद्ध के तु कलि 550उऩयोि कलि के अराला अन्म वभस्मा त्रलळेऴ के वभाधान शेतु एलॊ उद्देश्म ऩूसता शेतु कलि का सनभााण फकमा जाता शं। कलि के त्रलऴम भं असधक जानकायी शेतुवॊऩका कयं। *कलि भाि ळुब कामा मा उद्देश्म के सरमे >> Order NowGURUTVA KARYALAYCall Us - 9338213418, 9238328785, Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and www.gurutvajyotish.comEmail Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com(ALL DISPUTES SUBJECT TO BHUBANESWAR JURISDICTION)
    • 83 अप्रेर 2013GURUTVA KARYALAYYANTRA LIST EFFECTSOur Splecial Yantra1 12 – YANTRA SET For all Family Troubles2 VYAPAR VRUDDHI YANTRA For Business Development3 BHOOMI LABHA YANTRA For Farming Benefits4 TANTRA RAKSHA YANTRA For Protection Evil Sprite5 AAKASMIK DHAN PRAPTI YANTRA For Unexpected Wealth Benefits6 PADOUNNATI YANTRA For Getting Promotion7 RATNE SHWARI YANTRA For Benefits of Gems & Jewellery8 BHUMI PRAPTI YANTRA For Land Obtained9 GRUH PRAPTI YANTRA For Ready Made House10 KAILASH DHAN RAKSHA YANTRA -Shastrokt Yantra11 AADHYA SHAKTI AMBAJEE(DURGA) YANTRA Blessing of Durga12 BAGALA MUKHI YANTRA (PITTAL) Win over Enemies13 BAGALA MUKHI POOJAN YANTRA (PITTAL) Blessing of Bagala Mukhi14 BHAGYA VARDHAK YANTRA For Good Luck15 BHAY NASHAK YANTRA For Fear Ending16 CHAMUNDA BISHA YANTRA (Navgraha Yukta) Blessing of Chamunda & Navgraha17 CHHINNAMASTA POOJAN YANTRA Blessing of Chhinnamasta18 DARIDRA VINASHAK YANTRA For Poverty Ending19 DHANDA POOJAN YANTRA For Good Wealth20 DHANDA YAKSHANI YANTRA For Good Wealth21 GANESH YANTRA (Sampurna Beej Mantra) Blessing of Lord Ganesh22 GARBHA STAMBHAN YANTRA For Pregnancy Protection23 GAYATRI BISHA YANTRA Blessing of Gayatri24 HANUMAN YANTRA Blessing of Lord Hanuman25 JWAR NIVARAN YANTRA For Fewer Ending26JYOTISH TANTRA GYAN VIGYAN PRAD SHIDDHA BISHAYANTRAFor Astrology & Spritual Knowlage27 KALI YANTRA Blessing of Kali28 KALPVRUKSHA YANTRA For Fullfill your all Ambition29 KALSARP YANTRA (NAGPASH YANTRA) Destroyed negative effect of Kalsarp Yoga30 KANAK DHARA YANTRA Blessing of Maha Lakshami31 KARTVIRYAJUN POOJAN YANTRA -32 KARYA SHIDDHI YANTRA For Successes in work33  SARVA KARYA SHIDDHI YANTRA For Successes in all work34 KRISHNA BISHA YANTRA Blessing of Lord Krishna35 KUBER YANTRA Blessing of Kuber (Good wealth)36 LAGNA BADHA NIVARAN YANTRA For Obstaele Of marriage37 LAKSHAMI GANESH YANTRA Blessing of Lakshami & Ganesh38 MAHA MRUTYUNJAY YANTRA For Good Health39 MAHA MRUTYUNJAY POOJAN YANTRA Blessing of Shiva40 MANGAL YANTRA ( TRIKON 21 BEEJ MANTRA) For Fullfill your all Ambition41 MANO VANCHHIT KANYA PRAPTI YANTRA For Marriage with choice able Girl42 NAVDURGA YANTRA Blessing of Durga
    • 84 अप्रेर 2013YANTRA LIST EFFECTS43 NAVGRAHA SHANTI YANTRA For good effect of 9 Planets44 NAVGRAHA YUKTA BISHA YANTRA For good effect of 9 Planets45  SURYA YANTRA Good effect of Sun46  CHANDRA YANTRA Good effect of Moon47  MANGAL YANTRA Good effect of Mars48  BUDHA YANTRA Good effect of Mercury49  GURU YANTRA (BRUHASPATI YANTRA) Good effect of Jyupiter50  SUKRA YANTRA Good effect of Venus51  SHANI YANTRA (COPER & STEEL) Good effect of Saturn52  RAHU YANTRA Good effect of Rahu53  KETU YANTRA Good effect of Ketu54 PITRU DOSH NIVARAN YANTRA For Ancestor Fault Ending55 PRASAW KASHT NIVARAN YANTRA For Pregnancy Pain Ending56 RAJ RAJESHWARI VANCHA KALPLATA YANTRA For Benefits of State & Central Gov57 RAM YANTRA Blessing of Ram58 RIDDHI SHIDDHI DATA YANTRA Blessing of Riddhi-Siddhi59 ROG-KASHT DARIDRATA NASHAK YANTRA For Disease- Pain- Poverty Ending60 SANKAT MOCHAN YANTRA For Trouble Ending61 SANTAN GOPAL YANTRA Blessing Lorg Krishana For child acquisition62 SANTAN PRAPTI YANTRA For child acquisition63 SARASWATI YANTRA Blessing of Sawaswati (For Study & Education)64 SHIV YANTRA Blessing of Shiv65 SHREE YANTRA (SAMPURNA BEEJ MANTRA)Blessing of Maa Lakshami for Good Wealth &Peace66 SHREE YANTRA SHREE SUKTA YANTRA Blessing of Maa Lakshami for Good Wealth67 SWAPNA BHAY NIVARAN YANTRA For Bad Dreams Ending68 VAHAN DURGHATNA NASHAK YANTRA For Vehicle Accident Ending69VAIBHAV LAKSHMI YANTRA (MAHA SHIDDHI DAYAK SHREEMAHALAKSHAMI YANTRA)Blessing of Maa Lakshami for Good Wealth & AllSuccesses70 VASTU YANTRA For Bulding Defect Ending71 VIDHYA YASH VIBHUTI RAJ SAMMAN PRAD BISHA YANTRA For Education- Fame- state Award Winning72 VISHNU BISHA YANTRA Blessing of Lord Vishnu (Narayan)73 VASI KARAN YANTRA Attraction For office Purpose74  MOHINI VASI KARAN YANTRA Attraction For Female75  PATI VASI KARAN YANTRA Attraction For Husband76  PATNI VASI KARAN YANTRA Attraction For Wife77  VIVAH VASHI KARAN YANTRA Attraction For Marriage PurposeYantra Available @:- Rs- 255, 370, 460, 550, 640, 730, 820, 910, 1250, 1850, 2300, 2800 and Above…..>> Order NowGURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us - 09338213418, 09238328785Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/Email Us:- chintan_n_joshi@yahoo.co.in, gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com(ALL DISPUTES SUBJECT TO BHUBANESWAR JURISDICTION)
    • 85 अप्रेर 2013GURUTVA KARYALAYNAME OF GEM STONE GENERAL MEDIUM FINE FINE SUPER FINE SPECIALEmerald (ऩन्ना) 200.00 500.00 1200.00 1900.00 2800.00 & aboveYellow Sapphire (ऩुखयाज) 550.00 1200.00 1900.00 2800.00 4600.00 & aboveBlue Sapphire (नीरभ) 550.00 1200.00 1900.00 2800.00 4600.00 & aboveWhite Sapphire (वफ़े द ऩुखयाज) 550.00 1200.00 1900.00 2800.00 4600.00 & aboveBangkok Black Blue(फंकोक नीरभ) 100.00 150.00 200.00 500.00 1000.00 & aboveRuby (भास्णक) 100.00 190.00 370.00 730.00 1900.00 & aboveRuby Berma (फभाा भास्णक) 5500.00 6400.00 8200.00 10000.00 21000.00 & aboveSpeenal (नयभ भास्णक/रारडी) 300.00 600.00 1200.00 2100.00 3200.00 & abovePearl (भोसत) 30.00 60.00 90.00 120.00 280.00 & aboveRed Coral (4 यसत तक) (रार भूॊगा) 75.00 90.00 12.00 180.00 280.00 & aboveRed Coral (4 यसत वे उऩय)(रार भूॊगा) 120.00 150.00 190.00 280.00 550.00 & aboveWhite Coral (वफ़े द भूॊगा) 20.00 28.00 42.00 51.00 90.00 & aboveCat’s Eye (रशवुसनमा) 25.00 45.00 90.00 120.00 190.00 & aboveCat’s Eye Orissa (उफडवा रशवुसनमा) 460.00 640.00 1050.00 2800.00 5500.00 & aboveGomed (गोभेद) 15.00 27.00 60.00 90.00 120.00 & aboveGomed CLN (सवरोनी गोभेद) 300.00 410.00 640.00 1800.00 2800.00 & aboveZarakan (जयकन) 350.00 450.00 550.00 640.00 910.00 & aboveAquamarine (फेरुज) 210.00 320.00 410.00 550.00 730.00 & aboveLolite (नीरी) 50.00 120.00 230.00 390.00 500.00 & aboveTurquoise (फफ़योजा) 15.00 30.00 45.00 60.00 90.00 & aboveGolden Topaz (वुनशरा) 15.00 30.00 45.00 60.00 90.00 & aboveReal Topaz (उफडवा ऩुखयाज/टोऩज) 60.00 120.00 280.00 460.00 640.00 & aboveBlue Topaz (नीरा टोऩज) 60.00 90.00 120.00 280.00 460.00 & aboveWhite Topaz (वफ़े द टोऩज) 60.00 90.00 120.00 240.00 410.00& aboveAmethyst (कटेरा) 20.00 30.00 45.00 60.00 120.00 & aboveOpal (उऩर) 30.00 45.00 90.00 120.00 190.00 & aboveGarnet (गायनेट) 30.00 45.00 90.00 120.00 190.00 & aboveTourmaline (तुभारीन) 120.00 140.00 190.00 300.00 730.00 & aboveStar Ruby (वुमाकान्त भस्ण) 45.00 75.00 90.00 120.00 190.00 & aboveBlack Star (कारा स्टाय) 15.00 30.00 45.00 60.00 100.00 & aboveGreen Onyx (ओनेक्व) 09.00 12.00 15.00 19.00 25.00 & aboveReal Onyx (ओनेक्व) 60.00 90.00 120.00 190.00 280.00 & aboveLapis (राजलात) 15.00 25.00 30.00 45.00 55.00 & aboveMoon Stone (िन्द्रकान्त भस्ण) 12.00 21.00 30.00 45.00 100.00 & aboveRock Crystal (स्फ़फटक) 09.00 12.00 15.00 30.00 45.00 & aboveKidney Stone (दाना फफ़यॊगी) 09.00 11.00 15.00 19.00 21.00 & aboveTiger Eye (टाइगय स्टोन) 03.00 05.00 10.00 15.00 21.00 & aboveJade (भयगि) 12.00 19.00 23.00 27.00 45.00 & aboveSun Stone (वन सवताया) 12.00 19.00 23.00 27.00 45.00 & aboveDiamond (शीया)(.05 to .20 Cent )50.00(Per Cent )100.00(Per Cent )200.00(PerCent )370.00(Per Cent)460.00 & above(Per Cent )>> Order NowNote : Bangkok (Black) Blue for Shani, not good in looking but mor effective, Blue Topaz not Sapphire This Color of Sky Blue, For Venus
    • 86 अप्रेर 2013BOOK PHONE/ CHAT CONSULTATIONWe are mostly engaged in spreading the ancient knowledge of Astrology, Numerology, Vastu and SpiritualScience in the modern context, across the world.Our research and experiments on the basic principals of various ancient sciences for the use of common man.exhaustive guide lines exhibited in the original Sanskrit textsBOOK APPOINTMENT PHONE/ CHAT CONSULTATIONPlease book an appointment with Our expert Astrologers for an internet chart . We would require your birthdetails and basic area of questions so that our expert can be ready and give you rapid replied. You can indicate thearea of question in the special comments box. In case you want more than one person reading, then please mentionin the special comment box . We shall confirm before we set the appointment. Please choose from :PHONE/ CHAT CONSULTATIONConsultation 30 Min.: RS. 1250/-*Consultation 45 Min.: RS. 1900/-*Consultation 60 Min.: RS. 2500/-**While booking the appointment in AddvanceHow Does it work Phone/Chat ConsultationThis is a unique service of GURUATVA KARYALAY where we offer you the option of having a personalizeddiscussion with our expert astrologers. There is no limit on the number of question although time is ofconsideration.Once you request for the consultation, with a suggestion as to your convenient time we get back with aconfirmation whether the time is available for consultation or not. We send you a Phone Number at the designated time of the appointment We send you a Chat URL / ID to visit at the designated time of the appointment You would need to refer your Booking number before the chat is initiated Please remember it takes about 1-2 minutes before the chat process is initiated. Once the chat is initiated you can commence asking your questions and clarifications We recommend 25 minutes when you need to consult for one persona Only and usually the time issufficient for 3-5 questions depending on the timing questions that are put. For more than these questions or one birth charts we would recommend 60/45 minutes Phone/chatis recommended Our expert is assisted by our technician and so chatting & typing is not a bottle neckIn special cases we dont have the time available about your Specific Questions We will taken some time forproperly Analysis your birth chart and we get back with an alternate or ask you for an alternate.All the time mentioned is Indian Standard Time which is + 5.30 hr ahead of G.M.T.Many clients prefer the chat so that many questions that come up during a personal discussion can beanswered right away.BOOKING FOR PHONE/ CHAT CONSULTATION PLEASE CONTECT >> Order NowGURUTVA KARYALAYCall Us:- 91+9338213418, 91+9238328785.Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com, chintan_n_joshi@yahoo.co.in,
    • 87 अप्रेर 2013वूिना ऩत्रिका भं प्रकासळत वबी रेख ऩत्रिका के असधकायं के वाथ शी आयस्षत शं। रेख प्रकासळत शोना का भतरफ मश कतई नशीॊ फक कामाारम मा वॊऩादक बी इन त्रलिायो वे वशभत शं। नास्स्तक/ अत्रलश्वावु व्मत्रि भाि ऩठन वाभग्री वभझ वकते शं। ऩत्रिका भं प्रकासळत फकवी बी नाभ, स्थान मा घटना का उल्रेख मशाॊ फकवी बी व्मत्रि त्रलळेऴ मा फकवी बी स्थान माघटना वे कोई वॊफॊध नशीॊ शं। प्रकासळत रेख ज्मोसतऴ, अॊक ज्मोसतऴ, लास्तु, भॊि, मॊि, तॊि, आध्मास्त्भक सान ऩय आधारयत शोने के कायणमफद फकवी के रेख, फकवी बी नाभ, स्थान मा घटना का फकवी के लास्तत्रलक जीलन वे भेर शोता शं तो मश भािएक वॊमोग शं। प्रकासळत वबी रेख बायसतम आध्मास्त्भक ळास्त्रों वे प्रेरयत शोकय सरमे जाते शं। इव कायण इन त्रलऴमो फकवत्मता अथला प्राभास्णकता ऩय फकवी बी प्रकाय फक स्जन्भेदायी कामाारम मा वॊऩादक फक नशीॊ शं। अन्म रेखको द्राया प्रदान फकमे गमे रेख/प्रमोग फक प्राभास्णकता एलॊ प्रबाल फक स्जन्भेदायी कामाारम मा वॊऩादकफक नशीॊ शं। औय नाशीॊ रेखक के ऩते फठकाने के फाये भं जानकायी देने शेतु कामाारम मा वॊऩादक फकवी बीप्रकाय वे फाध्म शं। ज्मोसतऴ, अॊक ज्मोसतऴ, लास्तु, भॊि, मॊि, तॊि, आध्मास्त्भक सान ऩय आधारयत रेखो भं ऩाठक का अऩनात्रलश्वाव शोना आलश्मक शं। फकवी बी व्मत्रि त्रलळेऴ को फकवी बी प्रकाय वे इन त्रलऴमो भं त्रलश्वाव कयने ना कयनेका अॊसतभ सनणाम स्लमॊ का शोगा। ऩाठक द्राया फकवी बी प्रकाय फक आऩत्ती स्लीकामा नशीॊ शोगी। शभाये द्राया ऩोस्ट फकमे गमे वबी रेख शभाये लऴो के अनुबल एलॊ अनुळॊधान के आधाय ऩय सरखे शोते शं। शभ फकवी बी व्मत्रित्रलळेऴ द्राया प्रमोग फकमे जाने लारे भॊि- मॊि मा अन्म प्रमोग मा उऩामोक स्जन्भेदायी नफशॊ रेते शं। मश स्जन्भेदायी भॊि-मॊि मा अन्म प्रमोग मा उऩामोको कयने लारे व्मत्रि फक स्लमॊ फक शोगी। क्मोफक इन त्रलऴमो भं नैसतकभानदॊडं, वाभास्जक, कानूनी सनमभं के स्खराप कोई व्मत्रि मफद नीजी स्लाथा ऩूसता शेतु प्रमोग कताा शं अथला प्रमोगके कयने भे िुफट शोने ऩय प्रसतकू र ऩरयणाभ वॊबल शं। शभाये द्राया ऩोस्ट फकमे गमे वबी भॊि-मॊि मा उऩाम शभने वैकडोफाय स्लमॊ ऩय एलॊ अन्म शभाये फॊधुगण ऩय प्रमोग फकमे शंस्जस्वे शभे शय प्रमोग मा भॊि-मॊि मा उऩामो द्राया सनस्श्चत वपरता प्राद्ऱ शुई शं। ऩाठकं फक भाॊग ऩय एक फश रेखका ऩून् प्रकाळन कयने का असधकाय यखता शं। ऩाठकं को एक रेख के ऩून्प्रकाळन वे राब प्राद्ऱ शो वकता शं। असधक जानकायी शेतु आऩ कामाारम भं वॊऩका कय वकते शं।(वबी त्रललादो के सरमे के लर बुलनेश्वय न्मामारम शी भान्म शोगा।)
    • 88 अप्रेर 2013FREEE CIRCULARगुरुत्ल ज्मोसतऴ ऩत्रिका अप्रेर -2013वॊऩादकसिॊतन जोळीवॊऩकागुरुत्ल ज्मोसतऴ त्रलबागगुरुत्ल कामाारम92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)INDIAपोन91+9338213418, 91+9238328785ईभेरgurutva.karyalay@gmail.com,gurutva_karyalay@yahoo.in,लेफwww.gurutvakaryalay.comhttp://gk.yolasite.com/http://www.gurutvakaryalay.blogspot.com/
    • 89 अप्रेर 2013शभाया उद्देश्मत्रप्रम आस्त्भमफॊधु/ फफशनजम गुरुदेलजशाॉ आधुसनक त्रलसान वभाद्ऱ शो जाता शं। लशाॊ आध्मास्त्भक सान प्रायॊब शो जाता शं, बौसतकता का आलयण ओढे व्मत्रिजीलन भं शताळा औय सनयाळा भं फॊध जाता शं, औय उवे अऩने जीलन भं गसतळीर शोने के सरए भागा प्राद्ऱ नशीॊ शो ऩाता क्मोफकबालनाए फश बलवागय शं, स्जवभे भनुष्म क वपरता औय अवपरता सनफशत शं। उवे ऩाने औय वभजने का वाथाक प्रमाव शी श्रेष्ठकयवपरता शं। वपरता को प्राद्ऱ कयना आऩ का बाग्म शी नशीॊ असधकाय शं। ईवी सरमे शभायी ळुब काभना वदैल आऩ के वाथ शं। आऩअऩने कामा-उद्देश्म एलॊ अनुकू रता शेतु मॊि, ग्रश यत्न एलॊ उऩयत्न औय दुराब भॊि ळत्रि वे ऩूणा प्राण-प्रसतत्रष्ठत सिज लस्तु का शभंळाप्रमोग कये जो १००% परदामक शो। ईवी सरमे शभाया उद्देश्म मशीॊ शे क ळास्त्रोोि त्रलसध-त्रलधान वे त्रलसळष्ट तेजस्ली भॊिो द्राया सवद्धप्राण-प्रसतत्रष्ठत ऩूणा िैतन्म मुि वबी प्रकाय के मन्ि- कलि एलॊ ळुब परदामी ग्रश यत्न एलॊ उऩयत्न आऩके घय तक ऩशोिाने का शं।वूमा क फकयणे उव घय भं प्रलेळ कयाऩाती शं।जीव घय के स्खिक दयलाजे खुरे शं।GURUTVA KARYALAY92/3. BANK COLONY, BRAHMESHWAR PATNA, BHUBNESWAR-751018, (ORISSA)Call Us - 9338213418, 9238328785Our Website:- www.gurutvakaryalay.com and http://gurutvakaryalay.blogspot.com/Email Us:- gurutva_karyalay@yahoo.in, gurutva.karyalay@gmail.com(ALL DISPUTES SUBJECT TO BHUBANESWAR JURISDICTION)(ALL DISPUTES SUBJECT TO BHUBANESWAR JURISDICTION)
    • 90 अप्रेर 2013Apr2013